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वन नेशन, वन इलेक्शन पर JPC से क्यों नहीं मिले CJI सूर्यकांत? बताई ये वजह

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि उनके और वरिष्ठ न्यायिक सहयोगियों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी. सभी की राय थी कि भविष्य में इस मामले की सुनवाई की स्थिति बन सकती है. ऐसे में पहले से इस पर चर्चा करने से बचना चाहिए, ताकि अदालत की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे. JPC मीटिंग से मना करने पर CJI ने क्या कहा, देखें वीडियो- क्यों रद्द हुआ JPC का दौरा? ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से जुड़े विधेयकों की जांच कर रही संसद की संयुक्त समिति का 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट जाने का कार्यक्रम था. समिति के एजेंडे में मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों के साथ चर्चा का प्रस्ताव था. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने इस बैठक से दूरी बना ली. वजह यह थी कि एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने से जुड़े प्रस्तावों को भविष्य में अदालत में चुनौती दी जा सकती है. ऐसे में इस विषय पर पहले से चर्चा करना उचित नहीं माना गया. वन नेशन, वन इलेक्शन से जुड़े विधेयकों की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का गठन 18 दिसंबर 2024 को घोषित किया गया था. शुरुआत में इसमें 31 सदस्य प्रस्तावित थे, लेकिन बाद में समिति में 39 सदस्य रखे गए, जिनमें लोकसभा के 27 और राज्यसभा के 12 सांसद शामिल हैं. राहुल गांधी और खरगे से नहीं मिलने की वजह बताने से किया इनकार लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हिंदुस्तान के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत से मुलाकात का अनुरोध किया था. CJI ने राहुल गांधी से नहीं मिलने के फैसले की वजह बताने से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने दोनों के बीच हुए पत्राचार की गोपनीयता बनाए रखी है. ये भी पढ़ें: बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास प्रदर्शन को लेकर क्यों घिरे केजरीवाल? AAP नेताओं के खिलाफ FIR सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद CJI सूर्यकांत ने मीडिया से बात की. इसी दौरान उन्होंने JPC से नहीं मिलने की वजह बताई. यह कार्यक्रम मानवाधिकार और पानी तक पहुंच जैसे मुद्दों पर केंद्रित था. The post वन नेशन, वन इलेक्शन पर JPC से क्यों नहीं मिले CJI सूर्यकांत? बताई ये वजह appeared first on Naya Vichar.

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रांची से चतरा तक: झारखंड के 3 खास मंदिर, कहीं 100 साल पुरानी पूजा की परंपरा तो कहीं मां की दुर्लभ प्रतिमा

झारखंड के अलग-अलग जिलों में कई प्रसिद्ध मंदिर हैं. इस स्टोरी में जानिए रांची के बड़ा तालाब चैती दुर्गा मंदिर और चतरा के लेबोईया भगवती मंदिर व भवानी मठ के बारे में. जानें इन मंदिरों की खासियत. The post रांची से चतरा तक: झारखंड के 3 खास मंदिर, कहीं 100 साल पुरानी पूजा की परंपरा तो कहीं मां की दुर्लभ प्रतिमा appeared first on Naya Vichar.

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Claude AI अब भारत में ही प्रोसेस करेगा डेटा, बैंकिंग से लेकर आपकी निजी जानकारी तक पर क्या होगा असर?

Claude AI अब हिंदुस्तान में ही डेटा प्रोसेस करेगा। बैंकिंग से लेकर आपकी निजी जानकारी तक, जानिए इस बदलाव का आप पर क्या असर पड़ सकता है. Anthropic ने Amazon Bedrock के जरिए Claude AI के अनुरोधों को हिंदुस्तान में प्रोसेस करने की सुविधा शुरू की है. इससे बैंक, प्रशासनी संस्थान और दूसरी कंपनियां अपने काम में AI का इस्तेमाल करते समय डेटा की सुरक्षा और नियमों के पालन पर ज्यादा नियंत्रण रख सकेंगी. Claude AI में क्या बदला है? Claude AI, Anthropic का AI असिस्टेंट है, जो सवालों के जवाब देने, डॉक्यूमेंट समझने, लिखने और दूसरे कामों में मदद करता है. अब Amazon Bedrock के जरिए कंपनियां Claude के ऐसे मॉडल इस्तेमाल कर सकती हैं, जिनके अनुरोध हिंदुस्तान के भीतर प्रोसेस किए जा सकते हैं. इस सुविधा में Claude Opus 5, Claude Sonnet 5 और Claude Haiku 4.5 शामिल हैं. यह व्यवस्था Amazon Web Services के मुंबई और हैदराबाद क्षेत्रों के बीच काम करती है. डेटा प्रोसेसिंग क्या है? जब कोई यूजर AI से सवाल पूछता है, तो AI उस सवाल को समझकर जवाब तैयार करता है। इस दौरान जानकारी पर जो काम होता है, उसे डेटा प्रोसेसिंग या AI इंफरेंस कहा जाता है। उदाहरण के लिए, कोई कंपनी Claude AI से लंबे डॉक्यूमेंट का सार तैयार करने को कहती है। AI उस डॉक्यूमेंट को प्रोसेस करके उसका छोटा और आसान जवाब देता है। अब हिंदुस्तान के क्षेत्रीय एंडपॉइंट के जरिए भेजे गए अनुरोधों की प्रोसेसिंग हिंदुस्तान में हो सकती है। हालांकि, डेटा प्रोसेसिंग और डेटा स्टोरेज अलग-अलग चीजें हैं। प्रोसेसिंग का मतलब जानकारी पर काम करके जवाब तैयार करना है, जबकि स्टोरेज का मतलब जानकारी को सहेजकर रखना है। इसलिए यह सुविधा मिलने का मतलब यह नहीं है कि हर तरह का डेटा हमेशा हिंदुस्तान में ही स्टोर होगा। बैंकिंग में AI कैसे देगा ग्राहकों को जवाब? बैंकिंग सेक्टर में AI का इस्तेमाल ग्राहक सेवा, डॉक्यूमेंट समझने और कर्मचारियों के काम को आसान बनाने में किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, कोई ग्राहक पूछता है कि बैंक स्टेटमेंट कैसे डाउनलोड करें, चेकबुक के लिए आवेदन कैसे करें या किसी सेवा का इस्तेमाल कैसे करें। अगर बैंक Claude AI को अपने ग्राहक सेवा सिस्टम से जोड़ता है, तो AI ऐसे सामान्य सवालों के जवाब देने में मदद कर सकता है। इससे ग्राहकों को जानकारी जल्दी मिल सकती है और बैंक कर्मचारियों का काम भी आसान हो सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अब सभी बैंकों के ग्राहकों को Claude AI ही जवाब देगा। इसके लिए बैंकों को अपने सिस्टम में AI जोड़ना होगा। संवेदनशील मामलों में बैंक कर्मचारियों की मदद और जवाबों की जांच भी जरूरी होगी। दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को क्या फायदा? छोटे कारोबारी AI की मदद से ग्राहकों के सवालों के जवाब तैयार कर सकते हैं, प्रोडक्ट की जानकारी लिख सकते हैं और ऑफर से जुड़े मैसेज बना सकते हैं। अगर कोई दुकानदार Claude AI को अपने ऑनलाइन स्टोर या ग्राहक सेवा सिस्टम से जोड़ता है, तो वह ग्राहकों के सामान्य सवालों के जवाब देने वाला सिस्टम तैयार कर सकता है। हालांकि, यह सुविधा अपने आप हर दुकानदार को नहीं मिलेगी। इसके लिए तकनीकी व्यवस्था और खर्च की जरूरत हो सकती है। Amazon Bedrock के जरिए Claude का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनियों और संस्थानों के लिए है। इसे Claude के सामान्य ऐप में मिलने वाला कोई नया मुफ्त फीचर नहीं समझना चाहिए। क्या आपकी निजी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी? हिंदुस्तान में डेटा प्रोसेसिंग की सुविधा उन कंपनियों के लिए मददगार हो सकती है, जिन्हें डेटा देश के भीतर प्रोसेस कराने की जरूरत है। बैंक, बीमा कंपनियां और प्रशासनी संस्थान डेटा से जुड़े नियमों का पालन करने के लिए ऐसे विकल्पों को महत्व दे सकते हैं। Anthropic के मुताबिक, हिंदुस्तान Claude.ai का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। ऐसे में यह सुविधा देश में AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच महत्वपूर्ण हो सकती है। फिर भी, डेटा हिंदुस्तान में प्रोसेस होने से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती। डेटा कहां स्टोर होता है, कितने समय तक रखा जाता है और किसे उसकी पहुंच मिलती है, यह भी मायने रखता है। आम यूजर्स को AI टूल में पासवर्ड, OTP, बैंकिंग PIN या संवेदनशील डॉक्यूमेंट साझा करने से बचना चाहिए। किसी भी AI सेवा का इस्तेमाल करने से पहले उसकी प्राइवेसी पॉलिसी और डेटा इस्तेमाल से जुड़ी शर्तें पढ़ना बेहतर है। कुल मिलाकर, Claude AI की यह सुविधा कंपनियों को हिंदुस्तान में AI अनुरोधों की प्रोसेसिंग का विकल्प देती है। इससे बैंकिंग, ग्राहक सेवा और कारोबार में AI का इस्तेमाल बढ़ सकता है, लेकिन आम लोगों को इसका सीधा फायदा तभी मिलेगा, जब संबंधित कंपनियां अपने सिस्टम में AI को शामिल करेंगी। आपको यह समाचार कैसी लगी? कृपया अपनी राय और सुझाव हमें ईमेल (amisharma1820@gmail.com) पर साझा करें. आपके फीडबैक हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं. ये भी पढ़ें: Anthropic Claude Haiku 5.5 लॉन्च: 75% कम कीमत में कंपनी का सबसे तेज AI मॉडल, जानें खासियतें The post Claude AI अब हिंदुस्तान में ही प्रोसेस करेगा डेटा, बैंकिंग से लेकर आपकी निजी जानकारी तक पर क्या होगा असर? appeared first on Naya Vichar.

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तेजस्वी यादव बोले- अंग्रेजों के सामने जिनकी पैंट गीली हो जाती थी, वे आज हमारी बहन-बेटियों को पीट रहे हैं, RSS पर साधा निशाना

Tejashwi Yadav On RSS: दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर बिहार की नेतृत्व गरमा गई है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले में केंद्र प्रशासन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के सहयोग से प्रदर्शनकारियों को पीटा जा रहा है. तेजस्वी ने इसे RSS की गुंडागर्दी बताया. साथ ही सवाल किया कि इस घटना पर संघ प्रमुख मोहन भागवत क्या कहेंगे. तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर केंद्र प्रशासन पर भी निशाना साधा. उन्होंने देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति होने का आरोप लगाया. साथ ही कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए वे हर कुर्बानी देने को तैयार हैं. ‘पूरा देश RSS की गुंडागर्दी देख रहा है’ तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा, “पूरा देश RSS की गुंडागर्दी देख रहा है. अंग्रेजों के सामने जिनकी पैंट गीली हो जाती थी, वो RSS के गुंडे पुलिस के सहयोग से अब सरेआम हमारी बहन-बेटियों को पीट रहे हैं.” उन्होंने आगे लिखा, “ये संघी हमेशा स्त्री विरोधी रहे हैं. इस गुंडागर्दी पर मोहन भागवत क्या कहेंगे?” तेजस्वी ने केंद्र प्रशासन पर एक व्यक्ति को बचाने के लिए पूरे देश में अघोषित आपातकाल लागू करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “ये बेईमानी भी कर रहे हैं, सीनाजोरी भी कर रहे हैं, राष्ट्रद्रोह भी कर रहे हैं. फिर भी निडरता से लोकतंत्र को कुचल रहे हैं.” तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि उन्हें ऐसा करने के लिए किन अदृश्य शक्तियों का समर्थन हासिल है. ‘लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर कुर्बानी को तैयार’ तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट के अंत में कहा कि वे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हैं. उन्होंने केंद्र प्रशासन पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन और लोगों के अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया. इससे पहले भी तेजस्वी यादव ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के मौके पर केंद्र प्रशासन को घेरा था. उन्होंने आरोप लगाया था कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है. उनके मुताबिक, अपने अधिकारों की आवाज उठाने दिल्ली आ रहे लोगों को प्रशासनी मशीनरी और पुलिस बल के सहारे रोका गया. ‘प्रशासन को जड़ से उखाड़ फेंकने तक चैन से नहीं बैठेंगे’ तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर वे संकल्प लेते हैं कि अहंकारी, तानाशाही और अलोकतांत्रिक प्रशासन को जड़ से उखाड़ फेंकने तक शांत नहीं बैठेंगे. उन्होंने कहा, “हम न तो गोली से डरते हैं और न ही गाली से.” तेजस्वी ने दावा किया कि प्रशासनी मशीनरी और नेतृत्वक प्रपंच भी उनके संघर्ष को नहीं रोक सकते. दिनकर की कविता का जिक्र कर प्रशासन को दी चुनौती तेजस्वी यादव ने अपने बयान में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की उन पंक्तियों का भी उल्लेख किया, जो उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के सम्मान में लिखी थीं. उन्होंने कहा कि दिनकर की कविता की भावना अब सड़कों पर दिखाई देगी. तेजस्वी ने दावा किया कि देश का बच्चा-बच्चा जयप्रकाश नारायण बनकर प्रशासन की कथित असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक नेतृत्व के खिलाफ उतर चुका है. उन्होंने वोट चोरी की नींव पर खड़ी सियासत को मिट्टी में मिलाने की बात भी कही. दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर तेजस्वी यादव के इन बयानों से बिहार में सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार हैं. Also Read: दिवाली-छठ पर बिहार आने वालों को इन स्पेशल ट्रेनों में अभी मिलेगी सीट, राजधानी-संपूर्ण क्रांति समेत कई ट्रेनों में AC टिकट फुल The post तेजस्वी यादव बोले- अंग्रेजों के सामने जिनकी पैंट गीली हो जाती थी, वे आज हमारी बहन-बेटियों को पीट रहे हैं, RSS पर साधा निशाना appeared first on Naya Vichar.

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Brahmacharini Mata Ki Aarti: नवरात्र के दूसरे दिन जरूर करें मां ब्रह्मचारिणी की ये आरती

Brahmacharini Mata Ki Aarti: नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से भक्तों को ज्ञान, तप, त्याग और संयम की प्रेरणा मिलती है. मां ब्रह्मचारिणी को तपस्या और साधना की देवी माना जाता है. नवरात्र के दूसरे दिन भक्त विधि विधान से मां की पूजा करते हैं और उनके मंत्रों का जाप करते हैं. मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की आरती करने से मन को शांति मिलती है और भक्तों को माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त होता है. अगर आप भी नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा कर रहे हैं, तो पूजा के बाद उनकी आरती जरूर करें. यहां पढ़ें मां ब्रह्मचारिणी की पूरी आरती. आरती देवी ब्रह्मचारिणी जी की जय अम्बे ब्रह्मचारिणी माता जय चतुरानन प्रिय सुख दाता ब्रह्मा जी के मन भाती हो ज्ञान सभी को सिखलाती हो ब्रह्म मन्त्र है जाप तुम्हारा जिसको जपे सरल संसारा जय गायत्री वेद की माता जो जन जिस दिन तुम्हें ध्याता कमी कोई रहने ना पाये कोई भी दुख सहने न पाये उसकी विरति रहे ठिकाने जो तेरी महिमा को जाने रद्रक्षा की माला ले कर जपे जो मन्त्र श्रद्धा दे कर आलस छोड़ करे गुणगाना मां तुम उसको सुख पहुंचाना ब्रह्मचारिणी तेरो नाम पूर्ण करो सब मेरे काम भक्त तेरे चरणों का पुजारी रखना लाज मेरी महतारी मां ब्रह्मचारिणी की आरती का महत्व नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आरती करने से भक्तों को तप, संयम और धैर्य का महत्व समझने की प्रेरणा मिलती है. भक्त माता रानी से सुख, शांति और अपने परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, सच्चे मन से मां की आराधना करने से भक्तों को मानसिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है. पूजा के बाद मां ब्रह्मचारिणी से अपनी मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करें और माता रानी का आशीर्वाद लें. ये भी पढ़ें: नवरात्रि का दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा आज, जानें विधि, मंत्र और भोग The post Brahmacharini Mata Ki Aarti: नवरात्र के दूसरे दिन जरूर करें मां ब्रह्मचारिणी की ये आरती appeared first on Naya Vichar.

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सुशांत केस में जेल जाने के डर से रचा मौत का ड्रामा… नाना पाटेकर पर तनुश्री दत्ता का सबसे गंभीर आरोप

“सुशांत सिंह राजपूत के मामले में अगर नाना पाटेकर का कोई झोल है, तो उसको पहले भागना पड़ेगा… अपनी ही मौत का ड्रामा करके भागना पड़ेगा.” 8 अक्टूबर को नाना पाटेकर के जाने के बाद जहां सब गम में हैं, वहीं तनुश्री दत्ता का गुस्सा ठंडा होने का नाम ही नहीं ले रहा. पहले तो उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पूरी भड़ास निकाली और अब तो सीधे कैमरे के सामने आकर ऐसी बात बोल दी है जिसे सुनकर कोई भी दंग रह जाए. तनुश्री ने नाना पाटेकर के निधन को सीधे-सीधे सुशांत सिंह राजपूत केस से जोड़ दिया है. उनका कहना है कि उन्हें इस मौत पर बिल्कुल भी यकीन नहीं हो रहा. तनुश्री के मुताबिक, सुशांत और दिशा सालियान केस में अब इतने तगड़े सबूत मिल चुके हैं कि बहुत से बड़े-बड़े लोग सीधे जेल जाने वाले हैं. ऐसे में अगर नाना का इस चक्कर में कोई भी लेना-देना था, तो वो बाद में पुलिस से नहीं बच पाते, इसीलिए उन्होंने बचने के लिए पहले ही अपनी मौत का झूठा ड्रामा रचा और चुपचाप रफूचक्कर हो गए. ‘सुशांत की मौत पर नाना सुबह 10 बजे पटना कैसे पहुंच गए?’ तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर, फोटो- इंस्टाग्राम बात समेटते हुए तनुश्री बोलीं कि जो समझदार हैं, वो जरा सा लॉजिक लगाकर सोचेंगे तो उनको भी समझ आ जाएगा. वो साफ कह रही हैं कि उन्हें तो इस पूरी मौत की समाचार पर ही पक्का शक है. हालांकि, नाना पाटेकर का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हो चुका है, लेकिन तनुश्री की इन बातों ने लोगों के बीच एक नई चर्चा छेड़ दी है. ये भी पढ़ें: नाना पाटेकर के निधन के बाद बवाल: बॉलीवुड सिंगर सोना महापात्रा बोली – ‘मौत किसी को संत नहीं बना देती’ The post सुशांत केस में जेल जाने के डर से रचा मौत का ड्रामा… नाना पाटेकर पर तनुश्री दत्ता का सबसे गंभीर आरोप appeared first on Naya Vichar.

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अपनी ही सरकार पर भड़के शिवराज सिंह चौहान, आदिवासियों के घर उजाड़ने पर अफसरों को सख्त चेतावनी

“मैं उन घरों के मलबे के बीच खड़ा हूं, जहां आज सुबह तक जिंदगी गुलजार थी. आज इन गरीब आदिवासी किसानों की मेहनत की कमाई टूटे हुए छप्परों के नीचे दबी पड़ी है. JCB से उनके घर तोड़ दिए गए. उनके सपने चकनाचूर हो गए, सालों की मेहनत बर्बाद हो गई और वे बेघर हो गए. उनके पास कुछ भी नहीं बचा है. उनके पास जमीन का एक छोटा-सा टुकड़ा ही तो था’’, यह बात शिवराज सिंह चौहान ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कही. दरअसल, कोसमी गांव में हुई कार्रवाई की जानकारी मिलते ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे. उन्होंने पूरे मामले पर नाराजगी जताई. कोसमी गांव उनके संसदीय क्षेत्र विदिशा और विधानसभा क्षेत्र बुधनी में आता है. शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए बुधनी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते थे. अब उन्होंने अपने ही क्षेत्र में गरीब आदिवासी परिवारों के घर उजाड़ने की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा? वन विभाग और जिला प्रशासन ने कुछ महीने पहले भी गांव में ऐसी कार्रवाई करने की कोशिश की थी. तब शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से बात कर आदिवासी परिवारों के घर नहीं गिराने को कहा था. इसके बावजूद रविवार (11 अक्टूबर) को कार्रवाई की गई. शिवराज के कार्यालय के मुताबिक, उन्होंने मौके से ही मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन किया और पूरे मामले की जानकारी देकर अपनी नाराजगी जताई. शिवराज सिंह चौहान ने हेमंत खंडेलवाल को फोन किया शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी फोन कर गरीब परिवारों के घर तोड़े जाने की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव से बात करेंगे. शिवराज ने साफ कहा कि गरीब परिवारों को बेघर करने के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘‘जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाए जाएंगे. साथ ही, जब तक उनके रहने की स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उनके रहने और खाने-पीने की अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.’’ विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने मामले पर प्रतिक्रिया दी मध्यप्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने इस प्रकरण को शिवराज और मोहन यादव की आपसी खींचतान बताया और आरोप लगाया कि इस चक्कर में गांव के गरीब पिस रहे हैं. कांग्रेस नेता सिंघार ने कोसमी में की गई कार्रवाई का एक वीडियो शेयर करते हुए ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मोहन-मामा की आपसी खींचतान में उजड़ रहे आदिवासी परिवार.’’ उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री के गृह क्षेत्र सीहोर के ग्राम कोसमी में बरेला आदिवासी समुदाय के परिवारों की फसलें नष्ट की जा रही हैं और उनके मकान तोड़े जा रहे हैं.  सिंघार ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा प्रशासन की आपसी खींचतान के कारण गरीब आदिवासी परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है.’’ The post अपनी ही प्रशासन पर भड़के शिवराज सिंह चौहान, आदिवासियों के घर उजाड़ने पर अफसरों को सख्त चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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Bihar vs UP Ranji Trophy Day 2 Live: उत्तर प्रदेश का स्कोर 300 के पार, रिंकू सिंह 112 रन बनाकर आउट

Bihar vs UP Ranji Trophy Day 2 Live: उत्तर प्रदेश ने पहले दिन के स्पोर्ट्स खत्म होने तक 3 विकेट पर 287 रन बनाए थे. जिसमें ओपनर माधव कौशिक और स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह नाबाद शतकीय पारी स्पोर्ट्सकर क्रीज पर जमे है. The post Bihar vs UP Ranji Trophy Day 2 Live: उत्तर प्रदेश का स्कोर 300 के पार, रिंकू सिंह 112 रन बनाकर आउट appeared first on Naya Vichar.

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पुरानी कार पर मिलेगा 75% तक ‘रीसेल वैल्यू’, Kia लाई ‘अश्योर्ड बायबैक’ प्रोग्राम, 5 साल तक की गाड़ियों के लिए स्कीम

जब भी कोई ग्राहक नई कार खरीदता है, तो गाड़ी के फीचर्स के साथ-साथ उसकी रिसेल वैल्यू भी मायने रखती है. क्योंकि गाड़ी के शोरूम से निकलती ही, उसकी कीमत घटने लगती है. आपकी कार कितनी भी अच्छी कंडीशन में क्यों न हो, उसकी कीमत हमेशा उम्मीद से कम ही मिलती है. लेकिन Kia अब इस परेशानी को दूर करने के लिए Assured Buyback प्रोग्राम लेकर आई है. कंपनी का दावा है कि इस योजना में ग्राहकों को Kia की कार पर चुनिंदा पेट्रोल और डीजल कारों पर 3 साल बाद 75% तक रीसेल वैल्यू मिलेगी. वहीं इलेक्ट्रिक कार पर ये 70% होगी. Kia Assured Buyback: क्या है इस स्कीम की खासियत? Kia की योजना है कि ग्राहकों को कार बेचते समय कीमत की अश्योरिटी मिले. आमतौर पर कार की उम्र, किलोमीटर और कंडीशन के हिसाब से उसकी रिसेल वैल्यू तय होती है. लेकिन इस स्कीम के तहत ग्राहक समयसीमा और ड्राइविंग किलोमीटर के हिसाब से बायबैक प्लान चुन सकता है. इस स्कीम की मुख्य बातें: पेट्रोल और डीजल कारों पर 3 साल बाद 75% तक रीसेल वैल्यू का दावा. इलेक्ट्रिक कारों पर 3 साल बाद 70% तक रीसेल वैल्यू का दावा. पेट्रोल-डीजल कारों के लिए 3, 4 और 5 साल के विकल्प. इलेक्ट्रिक कारों के लिए 3 और 4 साल के विकल्प. सालाना 10,000, 15,000 या 20,000 किलोमीटर की ड्राइविंग सीमा वाले प्लान. यहां पर ध्यान रखना चाहिए कि रिसेल वैल्यू की अधिकतम सीमा 75% और 70% है. तो ऐसा जरूरी नहीं है कि हर मॉडल और हर प्लान पर इतनी रीसेल वैल्यू मिले. ये भी पढ़ें: नई कार से ज्यादा पुरानी कारों की बिक्री, आखिर क्यों बदल रही है हिंदुस्तानीय ग्राहकों की पसंद? एक्सपर्ट ने बताई वजह किन Kia कारों पर मिलेगा फायदा? कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस प्रोग्राम में Kia की कई लोकप्रिय कारों को शामिल किया गया है. Kia Sonet: सब-कॉम्पैक्ट SUV Kia Syros: कॉम्पैक्ट SUV New Kia Seltos: मिडसाइज SUV Kia Carens: फैमिली MPV Kia Carens Clavis: फैमिली के लिए MPV Kia की इलेक्ट्रिक कारें: संबंधित मॉडल और प्लान की पात्रता के अनुसार हालांकि, सभी मॉडल, वेरिएंट और पावरट्रेन पर योजना की उपलब्धता एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं है. कार खरीदने से पहले अधिकृत डीलरशिप से इसकी पुष्टि करना बेहतर रहेगा. 3, 4 या 5 साल का प्लान, कैसे चुन सकेंगे ग्राहक? इस प्रोग्राम में ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार कार रखने की अवधि चुन सकते हैं. पेट्रोल और डीजल कारों के लिए 3, 4 और 5 साल के विकल्प दिए गए हैं. वहीं, इलेक्ट्रिक कारों के लिए 3 और 4 साल का विकल्प बताया गया है. इसके अलावा, ग्राहक सालाना 10,000, 15,000 या 20,000 किलोमीटर की ड्राइविंग सीमा वाला प्लान चुन सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक रोज ऑफिस आने-जाने के लिए कार इस्तेमाल करता है, तो वह अपनी सालाना ड्राइविंग के हिसाब से प्लान चुन सकता है. वहीं, लंबी दूरी की यात्रा करने वाले ग्राहकों को ज्यादा किलोमीटर वाला विकल्प देखना चाहिए. बायबैक वैल्यू पाने के लिए किन बातों का रखें ध्यान? कार खरीदते समय केवल रीसेल वैल्यू के बड़े आंकड़े को देखकर फैसला करना सही नहीं होगा. ग्राहकों को योजना की शर्तें भी समझनी चाहिए. सालाना किलोमीटर की सीमा: आपने जितने किलोमीटर का प्लान चुना है, उसके मुकाबले कार कितनी चली है, इसका असर बायबैक राशि पर पड़ सकता है. सर्विस रिकॉर्ड: कार की सर्विस कहां और किस अंतराल पर करानी है, इसकी जानकारी अनुबंध में जरूर देखें. अधिकृत सर्विस सेंटर से सर्विस कराने की शर्त होने पर उसका पालन करना जरूरी होगा. कार की कंडीशन: दुर्घटना, बड़े नुकसान या बॉडी और स्ट्रक्चर में बदलाव से जुड़ी शर्तें पहले ही समझ लें. कार की जांच के बाद मिलने वाली राशि अनुबंध के नियमों पर निर्भर कर सकती है. अतिरिक्त शुल्क: बायबैक प्रोग्राम के लिए कोई अलग शुल्क, फाइनेंस से जुड़ी शर्त या अन्य भुगतान लागू होता है या नहीं, इसकी जानकारी डीलर से लिखित में लें. Kia Assured Buyback से जुड़े 3 जरूरी सवाल सवाल 1: क्या 3 साल बाद कार की कीमत का 75% मिलना तय है? नहीं, 75% तक की रीसेल वैल्यू का दावा किया गया है. वास्तविक रकम चुने गए प्लान, मॉडल और अनुबंध की शर्तों के अनुसार तय होगी. सवाल 2: क्या ग्राहक को नकद पैसे मिलेंगे या नई कार खरीदनी होगी? यह जानने के लिए बायबैक अनुबंध की शर्तें देखनी होंगी. डीलर से स्पष्ट करें कि रकम का भुगतान कैसे होगा, क्या उसे नई कार खरीदने में इस्तेमाल किया जा सकता है और अगर कार पर लोन बाकी है, तो उसका निपटारा कैसे होगा. सवाल 3: क्या पहले से खरीदी गई पुरानी Kia कार पर भी यह योजना लागू होगी? इसकी पात्रता की पुष्टि कंपनी या अधिकृत डीलरशिप से करनी चाहिए. नई कार खरीदते समय योजना में शामिल होने और पहले से इस्तेमाल हो रही कार पर इसे लागू करने के नियम अलग हो सकते हैं. ये भी पढ़ें: Tata की इलेक्ट्रिक कारों पर ₹3.35 लाख तक की छूट, पेट्रोल, डीजल और सीएनजी गाड़ियों पर बंपर डिस्काउंट, देखिए किस मॉडल पर कितनी बचत? The post पुरानी कार पर मिलेगा 75% तक ‘रीसेल वैल्यू’, Kia लाई ‘अश्योर्ड बायबैक’ प्रोग्राम, 5 साल तक की गाड़ियों के लिए स्कीम appeared first on Naya Vichar.

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Delhi Protest Latest Updates Hindi : दिल्ली मेट्रो के 6 स्टेशन बंद, ITO और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन

Delhi Protest Latest Updates Hindi : ‘वोट चोरी’ के आरोप को लेकर विपक्ष मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सोमवार (12 अक्टूबर) को प्रदर्शन करेगा. उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विपक्षी दल सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालेंगे. विपक्षी दलों के इस मार्च से जुड़ी हर बड़ी समाचार और ताजा अपडेट यहां पढ़ें. The post Delhi Protest Latest Updates Hindi : दिल्ली मेट्रो के 6 स्टेशन बंद, ITO और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन appeared first on Naya Vichar.

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