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वायरल ऑडियो पर जयराम महतो बोले : एडिट कर बातचीत को किया गया वायरल, निजता हनन का केस करूंगा

बरवाअड्डा थाना प्रभारी और डुमरी विधायक जयराम महतो के बीच बातचीत के वायरल ऑडियो मामले में जयराम महतो ने अपना पक्ष रखा है. मंगलवार को धनबाद पहुंचे विधायक ने उक्त वायरल ऑडियो को पूरी तरह सही मानने से इनकार करते हुए कहा कि बातचीत के साथ छेड़छाड़ की गयी है. उन्होंने आरोप लगाया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के माध्यम से भी बातचीत के कई हिस्सों को एडिट किया गया है. सख्त लहजे में बात करने की बात स्वीकारी विधायक ने स्वीकार किया कि उन्होंने थाना प्रभारी से सख्त लहजे में बातचीत की थी. उनका कहना है कि जनहित से जुड़े मामलों में जनप्रतिनिधि होने के नाते कई बार अधिकारियों से कड़ाई से बात करनी पड़ती है. उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर वे पहले भी एसपी, डीएसपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को फटकार लगा चुके हैं. व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्डिंग पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी विधायक ने व्हाट्सएप कॉल की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक किये जाने को भी गंभीर मामला बताया. उन्होंने कहा कि निजी बातचीत को रिकॉर्ड कर सार्वजनिक करना निजता के अधिकार का उल्लंघन है. जयराम महतो ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने और निजता के हनन को लेकर केस दर्ज कराने की चेतावनी दी है. थानेदार पर लगाये कई गंभीर आरोप विधायक ने थानेदार पर कई गंभीर आरोप भी लगाये. उन्होंने कहा कि थानेदार बालू चोरी और अवैध वसूली कराते हैं. हालांकि उन्होंने इसका कोई सबूत जारी नहीं किया. उन्होंने कहा कि वो जल्द इन सबके खिलाफ आंदोलन करेंगे. The post वायरल ऑडियो पर जयराम महतो बोले : एडिट कर बातचीत को किया गया वायरल, निजता हनन का केस करूंगा appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO : पटना छात्र आंदोलन में छाया 6 साल का आदित्य, बस की छत पर तिरंगा लेकर ‘बोला- सत्ता बदलेगी तो…’

BPSC Student Protest : बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के बीच एक छह साल के शिशु ने सबका ध्यान खींच लिया. पहली कक्षा में पढ़ने वाला आदित्य कुमार अपने माता-पिता के साथ छात्र आंदोलन में पहुंचा था. प्रदर्शन के दौरान वह बस की छत पर तिरंगा लेकर खड़ा हो गया. उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बैरिकेडिंग तोड़कर डाकबंगला पहुंचे थे छात्र BPSC TRE-4 अभ्यर्थी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए गांधी मैदान के पास जुटे थे. पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर छात्रों को रोकने की कोशिश की. हालांकि, प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गये. यहां पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लिया. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार की गयी और लाठीचार्ज भी किया गया. इस दौरान कुछ छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आयी. View on Instagram बस की छत पर तिरंगा लेकर खड़ा हो गया आदित्य प्रदर्शन के दौरान पुलिस कुछ छात्रों को हिरासत में लेकर बस से ले जा रही थी. इसी दौरान कई प्रदर्शनकारी बस के सामने खड़े होकर विरोध करने लगे. कुछ छात्र बस की छत पर चढ़कर तिरंगा लेकर नारेबाजी करने लगे. इसी बीच छह साल का आदित्य भी तिरंगा लेकर बस की छत पर पहुंच गया. उसका अंदाज देखकर वहां मौजूद लोगों का ध्यान उसकी ओर चला गया. पूछा- क्यों आये हो, शिशु ने दिया बेबाक जवाब जब आदित्य से पूछा गया कि वह प्रदर्शन में क्यों आया है, तो उसने कहा, “भ्रष्टाचारी प्रशासन को उखाड़ फेंकने के लिए आए हैं.” डर लगने के सवाल पर उसने कहा कि वह डरने वाला नहीं है. उसने कहा कि देश के भविष्य का माथा फोड़ा गया है और उसके साथ भी ऐसा हो सकता है. इसी वजह से वह अपने माता-पिता को जिद करके प्रदर्शन में लेकर आया. पुलिस की वर्दी को लेकर भी कही बड़ी बात आदित्य ने पुलिसकर्मियों को लेकर भी तीखी टिप्पणी की. उसने कहा, “जिस दिन सत्ता बदलेगी तो वर्दी का भी ध्यान रखिएगा.” बाद में पुलिस आदित्य और उसकी मां को गाड़ी में बैठाकर वहां से ले गयी. पहले भी प्रदर्शन में पहुंच चुका है आदित्य आदित्य पहली बार किसी आंदोलन में नजर नहीं आया है. पेपर लीक और सिवान में AK-47 मामले को लेकर तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च में भी वह शामिल हुआ था. इसके अलावा गर्दनीबाग में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के बीच भी वह पहुंचा था. वहां उसने कहा था कि वह भी छात्र है और भविष्य में उसके साथ भी ऐसी समस्या हो सकती है. उसने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के इस्तीफे की मांग भी की थी. इसे भी पढ़ें : Patna BPSC Protest : प्रदर्शनकारियों की टीम मुख्य सचिव से मिलने गई, SSP बोले- पत्थराव करने वालों पर होगी कार्रवाई The post VIDEO : पटना छात्र आंदोलन में छाया 6 साल का आदित्य, बस की छत पर तिरंगा लेकर ‘बोला- सत्ता बदलेगी तो…’ appeared first on Naya Vichar.

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वंदे भारत ट्रेन पर पथराव: अंदर सवार थीं यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जिस मुंबई-अहमदाबाद वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस में यात्रा कर रही थीं, उस पर मंगलवार शाम सूरत के पास पथराव किया गया. घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने घटना के तुरंत बाद एक व्यक्ति को पकड़ लिया. पुलिस के मुताबिक, घटना सूरत जिले के उत्राण थाना क्षेत्र में हुई. आनंदीबेन पटेल दमन में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वापी स्टेशन से वंदे हिंदुस्तान ट्रेन में सवार हुई थीं. बैग में मिले पत्थर, आरोपी ने बताई अलग वजह वडोदरा मंडल के पुलिस अधीक्षक अभय सोनी ने बताया कि RPF की पैदल गश्ती टीम ने व्यक्ति को पकड़ लिया. उसके बैग की तलाशी लेने पर उसमें पत्थर मिले. पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि वह एक कुत्ते पर पत्थर फेंक रहा था. पुलिस के अनुसार, उसने इससे पहले गुजर रही एक मालगाड़ी पर भी कथित तौर पर पथराव किया था. अधिकारी ने कहा कि व्यक्ति थोड़ा मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होता है और शुरुआती जांच में घटना के पीछे किसी साजिश या जानबूझकर निशाना बनाने का संकेत नहीं मिला है. जिस कोच में राज्यपाल थीं, उससे दूर लगा पत्थर अधिकारी ने बताया कि पत्थर ट्रेन के उस डिब्बे पर नहीं लगा, जिसमें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बैठी थीं. जिस कोच पर पत्थर लगा, वह उनके कोच से काफी दूर था. घटना में शीशे पर केवल मामूली खरोंच आई है और किसी को चोट नहीं लगी. उत्राण पुलिस और रेलवे अधिकारी मामले में आगे की कार्रवाई कर रहे हैं. Also read : ट्रंप का दावा: हॉर्मुज में बिछाई गई सभी बारूदी सुरंगें हटाई गई, ईरान को दी चेतावनी The post वंदे हिंदुस्तान ट्रेन पर पथराव: अंदर सवार थीं यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल appeared first on Naya Vichar.

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धोनी और CSK के रिश्ते में आई दरार? क्या 18 साल बाद टूटेगा माही का साथ!

MS Dhoni-CSK Relationship In Trouble: महेंद्र सिंह धोनी और चेन्नई सुपर किंग्स का रिश्ता IPL के सबसे चर्चित रिश्तों में से एक रहा है. 2008 में शुरू हुआ यह साथ पांच IPL खिताब तक पहुंचा और धोनी धीरे-धीरे सिर्फ टीम के कप्तान नहीं, बल्कि CSK की पहचान बन गए. लेकिन अब एक रिपोर्ट ने इस रिश्ते को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. दावा है कि CSK में हिस्सेदारी खरीदने को लेकर महेंद्र सिंह धोनी और फ्रेंचाइजी के बीच बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी. इसके बाद दोनों के रिश्तों में खटास की समाचारें सामने आई हैं. 18 साल पुराने रिश्ते में आखिर हुआ क्या? रिपोर्ट के मुताबिक, अपने स्पोर्ट्स करियर के आखिरी दौर में पहुंच चुके धोनी CSK के साथ अपने जुड़ाव को एक नए स्तर पर ले जाना चाहते थे. इसी के तहत उन्होंने फ्रेंचाइजी में हिस्सेदारी खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी. लेकिन दोनों पक्ष हिस्सेदारी के प्रतिशत पर सहमत नहीं हो सके. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि बातचीत के दौरान कोई औपचारिक लिखित प्रस्ताव या समझौता नहीं हुआ और ज्यादातर बातचीत मौखिक रूप से हुई. 25% से 5.5% पर अटक गई धोनी और CSK के बीच कथित बातचीत का सबसे दिलचस्प हिस्सा हिस्सेदारी का आंकड़ा है. क्रिकब्लॉगर की रिपोर्ट के अनुसार, धोनी ने शुरुआत में 25% हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा जताई थी. इसके जवाब में CSK की ओर से कथित तौर पर सिर्फ 3% हिस्सेदारी की पेशकश की गई. इसके बाद धोनी ने अपनी मांग घटाकर 20% की, लेकिन फ्रेंचाइजी की पेशकश केवल 4% तक पहुंची. बातचीत के अगले दौर में धोनी कथित तौर पर 18% हिस्सेदारी पर भी समझौता करने को तैयार हुए, लेकिन CSK की अंतिम पेशकश 5.5% की रही. ये भी पढ़ें: IND vs SL: ऋषभ पंत की चोट ने बढ़ाई धड़कनें, कंधे की हालत खराब; क्या चौथे दिन उतरेंगे मैदान पर? ‘धोनी मुफ्त में हिस्सेदारी नहीं मांग रहे थे’ रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि धोनी हिस्सेदारी मुफ्त में हासिल करना नहीं चाहते थे, बल्कि इसके लिए भुगतान करने को तैयार थे. सूत्र के मुताबिक, “धोनी हिस्सेदारी चाहते थे. वह इसे मुफ्त में नहीं मांग रहे थे, लेकिन CSK प्रबंधन ने इसे अलग तरीके से देखा.” क्या CSK के लिए फिर स्पोर्ट्सेंगे माही? धोनी और स्टीफन फ्लेमिंग (फोटो-सोशल मीडिया) स्टेक डील का फेल होना सिर्फ कारोबारी बातचीत के खत्म होने तक सीमित नहीं माना जा रहा. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस घटनाक्रम के बाद धोनी और CSK के रिश्तों में खटास आई है और अब उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है. धोनी को CSK ने IPL 2025 की मेगा नीलामी से पहले 4 करोड़ रुपये में रिटेन किया था. लेकिन चोट के कारण वह IPL 2026 में टीम के लिए एक भी मैच नहीं स्पोर्ट्स सके. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या माही अगले सीजन में फिर पीली जर्सी में नजर आएंगे. CSK और धोनी का रिश्ता क्यों है इतना खास? धोनी 2008 से CSK के साथ जुड़े हुए हैं और फ्रेंचाइजी के सबसे सफल कप्तान रहे हैं. उनकी कप्तानी में CSK ने पांच बार IPL का खिताब जीता. वह टीम के सबसे ज्यादा मैच स्पोर्ट्सने वाले खिलाड़ियों में हैं और CSK के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं. इसी वजह से धोनी और CSK का रिश्ता सामान्य खिलाड़ी और फ्रेंचाइजी के रिश्ते से कहीं आगे माना जाता है. चेन्नई के फैंस के लिए ‘माही’ सिर्फ टीम के खिलाड़ी नहीं, बल्कि फ्रेंचाइजी की पहचान का हिस्सा हैं. ये भी पढ़ें: Prasidh Krishna: टीम इंडिया को मिला तीनों फॉर्मेट का हथियार! मोर्कल ने बताया क्यों खास है ये तेज गेंदबाज The post धोनी और CSK के रिश्ते में आई दरार? क्या 18 साल बाद टूटेगा माही का साथ! appeared first on Naya Vichar.

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बेंगलुरु ट्रैफिक से परेशान यात्री को जब दिखा DigiYatra का जादू, मिनटों में पूरी हुई बोर्डिंग

बेंगलुरु के भीषण ट्रैफिक को लेकर अक्सर नए-नए किस्से सामने आते रहते हैं, लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट ने शहर की बुनियादी सुविधाओं का एक ऐसा विरोधाभास उजागर किया है जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया है. इंदिरा नगर से केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए निकले नितिन शर्मा नाम के एक यात्री को बारिश के कारण जलभराव और भीषण जाम से जूझना पड़ा. सवा दो घंटे तक सड़क पर गाड़ियों के लंबे काफिले में फंसे रहने के बाद जब वह किसी तरह एयरपोर्ट पहुंचे, तो उन्हें लगा कि उनकी फ्लाइट छूट चुकी होगी. हालांकि, एयरपोर्ट परिसर में कदम रखते ही कुछ ऐसा चमत्कारिक मोड़ आया जिसने नितिन समेत सोशल मीडिया के लाखों यूजर्स को हैरत में डाल दिया. सड़क पर 135 मिनट की जंग और छूटने की कगार पर फ्लाइट नितिन शर्मा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस वाकये को साझा करते हुए बताया कि बारिश की वजह से सड़कें पूरी तरह ठप हो चुकी थीं. आमतौर पर तय समय में पूरी होने वाली दूरी को तय करने में उन्हें 2 घंटे और 15 मिनट (135 मिनट) का लंबा वक्त लग गया. एक वक्त ऐसा आया जब उन्हें पूरा यकीन हो गया था कि इस भारी ट्रैफिक के चलते उनकी फ्लाइट मिस होना तय है और उनका सफर यहीं थम जाएगा. देखें वायरल पोस्ट:- DigiYatra का जादू: टर्मिनल से गेट तक केवल 9 मिनट निराशा के बीच जब नितिन आखिरकार केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एंट्री गेट पर पहुंचे, तो असली ट्विस्ट सामने आया. एयरपोर्ट में एंट्री करने के बाद बोर्डिंग गेट तक पहुंचने में उन्हें महज 9 मिनट का समय लगा. इतनी तेज प्रक्रिया देखकर वे खुद हैरान रह गए. इस त्वरित क्लीयरेंस और सुचारू अनुभव के लिए उन्होंने हिंदुस्तान प्रशासन के आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म DigiYatra और एयरपोर्ट के कुशल ऑपरेशन्स टीम की जमकर तारीफ की. ‘तीसरे दर्जे का फिजिकल इंफ्रा, वर्ल्ड-क्लास डिजिटल नेटवर्क’ अपनी पोस्ट में नितिन शर्मा ने बेंगलुरु की ट्रैफिक व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए एक विचारणीय टिप्पणी लिखी. उन्होंने लिखा कि एक ऐसे शहर में जहां की भौतिक बुनियादी ढांचागत स्थिति बेहद निराशाजनक है, वहां विश्वस्तरीय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण जीवन कुछ हद तक सहन करने योग्य बन पाता है. उनकी यह पोस्ट देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गई और इसे 70,000 से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं. बेंगलुरु की दो अलग तस्वीरों को दर्शाती वायरल घटना यह पूरा मामला बेंगलुरु शहर के दो बिल्कुल विपरीत पहलुओं को बेहद स्पष्ट रूप से उजागर करता है. एक तरफ शहर की खस्ताहाल सड़कें और बारिश में चरमराती ट्रैफिक व्यवस्था है जो यात्रियों का घंटों समय बर्बाद करती है, तो दूसरी तरफ आधुनिक तकनीक से लैस केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट का तेज-तर्रार मैनेजमेंट है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बेंगलुरु में अब फ्लाइट में सफर करना कठिन नहीं रहा, बल्कि एयरपोर्ट तक पहुंचना असली चुनौती बन चुका है. ये भी पढ़ें: क्या आपने देखा Uber का नया फीचर? अब कैब ही नहीं, ट्रेन टिकट भी होगा चुटकियों में बुक ये भी पढ़ें: Google का नया Fitbit Air लॉन्च से पहले ही हिंदुस्तान में बिकने लगा? स्क्रीनलेस फिटनेस ट्रैकर की कीमत आई सामने The post बेंगलुरु ट्रैफिक से परेशान यात्री को जब दिखा DigiYatra का जादू, मिनटों में पूरी हुई बोर्डिंग appeared first on Naya Vichar.

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पटना में दो जगह छात्रों का बवाल: डाकबंगला पर SDPO पर बांस से हमला,पुलिस को लात घूंसों से पीटा; आधा दर्जन घायल

Patna Students Protest : राजधानी पटना में मंगलवार को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान दो अलग-अलग जगहों पर जमकर बवाल हुआ. एक तरफ BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा से जुड़ी मांगों को लेकर डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की पुलिस से भिड़ंत हो गयी, तो वहीं दूसरी ओर रिजल्ट में गड़बड़ी के विरोध में आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी के पास नर्सिंग छात्रों और पुलिस के बीच टकराव हो गया. दोनों घटनाओं में SDPO समेत आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों के घायल हो गये.आर्यभट्ट के पास छात्रों द्वारा पुलिस की लात घूंसे से पिटाई की. इस दौरान पुलिसकर्मी जान बचाने के लिए भागते, छिपते नजर आए. View on Instagram डाकबंगला पर SDPO पर बांस से हमला BPSC शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान डाकबंगला चौराहे पर स्थिति अचानक बिगड़ गयी. छात्रों को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प हो गयी. इसी दौरान SDPO पर बांस से हमला कर दिया गया. हमले में पुलिस अधिकारी घायल हो गये. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया . इस दौरान पानी की बौछार भी की गयी. पुलिस द्वारा हलका बल का प्रयोग किया गया, जिसमें कुछ छात्र घायल हो गये. प्रदर्शन के दौरान दो छात्राएं बेहोश भी हो गयी. इधर, आर्यभट्ट यूनिवर्सिटी के पास पुलिस से भिड़े छात्र दूसरी घटना आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी के पास हुई. रिजल्ट में गड़बड़ी समेत विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्र प्रदर्शन कर रहे थे. छात्रों के उग्र होने पर पुलिस मौके पर पहुंची. इस दौरान छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई शुरू हो गयी. एक थानेदार समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गये. छात्रों का प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया. पुलिसकर्मियों पर बेरहमी से लात-घूंसे चलाये गये. इस दौरान पुलिसकर्मी भागते छिपते नजर आए. भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस का लाठीचार्ज प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया और लात-घूंसों से पिटाई की. पुलिस पर पथराव और हमला भी किया गया. घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. दो प्रदर्शनों से राजधानी में मचा हड़कंप एक ही दिन पटना में दो अलग-अलग छात्र प्रदर्शनों के हिंसक होने से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया. डाकबंगला और आर्यभट्ट यूनिवर्सिटी इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही. पुलिस ने दोनों स्थानों पर स्थिति को नियंत्रित किया. प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. छात्रों की मांगों और पुलिस कार्रवाई को लेकर दोनों घटनाओं में अलग-अलग पक्ष सामने आ रहे हैं. प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. Also Read : Patna BPSC Protest : मुख्य सचिव से मिले प्रदर्शनकारी, 15 सूत्री मांगों पर दो दिन में जवाब मिलने की उम्मीद The post पटना में दो जगह छात्रों का बवाल: डाकबंगला पर SDPO पर बांस से हमला,पुलिस को लात घूंसों से पीटा; आधा दर्जन घायल appeared first on Naya Vichar.

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क्या राजनीति छोड़ेंगे नितिन गडकरी? 2023 के बाद फिर चर्चा तेज, ऑफिस ने दी सफाई

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अपने बेबाक अंदाज और बयानों के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में नागपुर के काटोल में आयोजित ‘एकलव्य एकल विद्यालय शिक्षक-पर्यवेक्षक प्रशिक्षण वर्ग’ के एक कार्यक्रम में उनके दिए बयान के बाद एक बार फिर उनके नेतृत्व से संन्यास लेने की अटकलें तेज हो गईं. हालांकि गडकरी के ऑफिस ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है. लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा था. “सच कहूं तो, मैं कोई प्रेरणास्रोत नहीं हूं; आजकल मैं उतना काम नहीं कर पाता. जब मैं कर सकता था, तब मैंने ज्यादा काम किया. तब से मैंने ट्रस्ट के काम में अपनी भागीदारी कम कर दी है. मैंने सभी से कहा है कि अब यह काम नई पीढ़ी के हाथों में सौंप दिया जाना चाहिए.” गडकरी के कार्यालय ने संन्यास की अटकलों को किया खारिज सोशल मीडिया और मीडिया में संन्यास की समाचारें चलने के बाद नितिन गडकरी के कार्यालय ने स्थिति साफ की. कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि नितिन गडकरी की टिप्पणी का नेतृत्व से कोई लेना-देना नहीं था. वह केवल ‘लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट’ के कामकाज और उसके भविष्य के नेतृत्व को लेकर बात कर रहे थे. यह ट्रस्ट गडकरी द्वारा ही स्थापित किया गया है जो आदिवासी क्षेत्रों में एकल विद्यालय चलाता है. 2023 में भी गडकरी के बयान से संन्यास की अटकलें हुई थी तेज यह पहली बार नहीं है जब गडकरी के किसी बयान से संन्यास की चर्चा शुरू हुई हो. इससे पहले भी 2023 में उन्होंने कहा था, मैंने पोस्टर-बैनर न लगाने और चाय-पानी न कराने का फैसला किया है; जिन्हें वोट देना है दें, नहीं देना न दें. दरअसल गडकरी 30 सितंबर 2023 को महाराष्ट्र के वाशिम जिले में सीमेंट कांक्रीट से बनी सड़क का उद्घाटन करने पहुंचे थे और ऐसा बयान दिया था. उस समय भी उनके इस बयान को नेतृत्व से दूरी बनाने से जोड़कर देखा गया था, हालांकि बाद में उन्होंने खुद स्पष्ट किया था कि उनका नेतृत्व छोड़ने का कोई इरादा नहीं है. ये भी पढ़ें: कैबिनेट फेरबदल की चर्चा के बीच नितिन गडकरी बोले- अब ज्यादा काम नहीं कर सकता The post क्या नेतृत्व छोड़ेंगे नितिन गडकरी? 2023 के बाद फिर चर्चा तेज, ऑफिस ने दी सफाई appeared first on Naya Vichar.

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परिवार को भी नहीं पता होनी चाहिए आपकी ये 5 बातें, चाणक्य की इस सलाह में छिपा है खुशहाल जिंदगी का राज

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय के सबसे ज्ञानी और समझदार पुरुष के तौर पर जाना जाता है. कहा जाता है कि अगर किसी भी व्यक्ति को एक सफल, समृद्ध और सम्मानपूर्वक जिंदगी जीनी है, तो उसे चाणक्य की बताई गई बातों का पालन अपनी जिंदगी में जरूर शुरू कर देना चाहिए. आज से सदियों पहले चाणक्य ने जिन बातों का जिक्र किया था, उन्हें ही हम आज के समय में चाणक्य नीति के नाम से जानते हैं. जब आप उनकी नीतियों को पढ़ेंगे और समझेंगे, तो आपको यह समझ में आने लगेगा कि जीवन में आपको क्या करना चाहिए और किन गलतियों को करने से बचना चाहिए. आज का यह आर्टिकल हर उस इंसान के लिए है, जो अपनी जिंदगी की हर एक बात अपने परिवार वालों के साथ शेयर कर देता है. एक आम इंसान होने के नाते हम सोचते हैं कि परिवार से हर एक बात शेयर करनी चाहिए, क्योंकि वही हमारे अपने होते हैं. लेकिन चाणक्य की मानें तो कुछ ऐसी बातें भी होती हैं, जिन्हें हर इंसान को अपने परिवार से छिपाकर रखना चाहिए. उनके अनुसार, अगर आप इन बातों का जिक्र अपने परिवार के सामने भी करते हैं, तो नुकसान आपका ही होने का खतरा रहता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको बहुत ही आसान भाषा में यह समझाने वाले हैं कि आखिर वे कौन सी बातें हैं, जिन्हें आपको हमेशा अपने परिवार से छिपाकर और पर्सनल रखना चाहिए. chanakya niti for family पैसों का नुकसान या फिनांशियल प्रॉब्लम चाणक्य नीति के अनुसार अगर आपको बिजनेस में कोई बड़ा घाटा हुआ है, जॉब में सैलरी कट गयी है या फिर आप पर कर्ज का बोझ बढ़ गया है, यतो इस बात का रोना आपको कभी भी तुरंत अपने परिवार के पास नहीं रोना चाहिए. चाणक्य कहते हैं कि पैसों के नुकसान की बात सुनते ही परिवार के लोग बहुत ही जल्दी घबरा जाते हैं जिससे पूरे घर का माहौल बिगड़ जाता है. कई बार तो अपने ही लोग मन ही मन आपको बेवकूफ या नाकारा समझने लगते हैं. इसलिए पैसों की तंगी की बात घर में तभी बताएं जब आपको सच में उनकी मदद की बहुत ज्यादा जरुरत हो. वरना इसे अपने तक रखें और खुद ही इसका सॉल्यूशन निकालने की कोशिश करें. ये भी पढ़ें: स्त्रीओं को अपनी ये 5 बातें हर किसी से रखनी चाहिए छिपाकर, शेयर कीं तो लोग उठा सकते हैं फायदा घर के आपसी झगड़े और पर्सनल बातें न करें शेयर पति-पत्नी के बीच की लड़ाई या फिर आपके अपने पर्सनल रिश्तों से जुड़े झगड़ों को कभी भी घर के बाकी लोगों या फिर रिश्तेदारों के सामने आपको नहीं लाना चाहिए. चाणक्य के अनुसार, जब आप अपने घर के झगड़ों का जिक्र दूसरों के सामने करते हैं, तो यही लोग सामने से तो आपको झूठी हमदर्दी दिखाते हैं, लेकिन पीठ पीछे आपका मजाक उड़ाने से भी नहीं चूकते हैं. ऐसा होने की वजह से आपके बीच की कड़वाहट कम होने के बजाय और बढ़ जाती है. चाणक्य के अनुसार, अपने पर्सनल झगड़ों को आपस में बैठकर शांति से सुलझाना ही सबसे बड़ी समझदारी है. बाहर हुआ आपका अपमान या बेइज्जती चाणक्य नीति के अनुसार अगर आपके काम की जगह या फिर बाहर किसी बाहरी इंसान ने आपकी बेइज्जती की है, तो आपको इस बात को घर आकर बार-बार दोहराना नहीं चाहिए. जब आप अपने अपमान की कहानी सबको सुनाते हैं, तो धीरे-धीरे घर के लोगों की नजर में भी आपकी वैल्यू कम होने लगती है. इसके अलावा लोग आपको कमजोर भी समझने लगते हैं. इसलिए बाहर हुई बेइज्जती का गुस्सा घर वालों पर निकालने के बजाय उस बात से सबक लें और मेहनत करके खुद को साबित करके दिखाएं. ये भी पढ़ें: बच्चों की इन 5 गलतियों को छोटा समझने की न करें भूल, वरना आगे चलकर माता-पिता को पड़ सकता है पछताना आपकी सबसे बड़ी कमजोरी और डर आचार्य चाणक्य के अनुसार दुनिया में हर इंसान के अंदर कोई न कोई कमजोरी या फिर डर जरूर होता है. उनका हमेशा से यह मनना था कि आपको कभी भी अपनी सबसे बड़ी कमजोरी किसी को भी नहीं बतानी चाहिए, चाहे वह आपके घर और परिवार के लोग ही क्यों न हों. कभी-कभी गलती से या भविष्य में किसी बहस के दौरान, लोग आपकी उसी कमजोरी को पकड़कर आपको नीचा दिखा सकते हैं. जब लोगों को आपकी कमजोरी पता चल जाती है, तो वे आपके फैसलों पर हावी होने लगते हैं और आपको कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं. फ्यूचर के बड़े प्लान्स और सपने आचार्य चाणक्य के अनुसार, अगर आप जिंदगी में कोई बहुत बड़ा काम करने जा रहे हैं, जैसे कि कोई नया बिजनेस स्टार्ट करना, कोई महंगी या कीमती चीज खरीदना या फिर करियर में कोई बड़ा फैसला लेना, तो जब तक ये काम पूरे न हो जाएं, उनकी चर्चा परिवार के सामने करने की गलती कभी नहीं करनी चाहिए. कई बार परिवार के लोग आपकी भलाई के चक्कर में इतने ज्यादा डर जाते हैं कि वे आपको भी डरा देते हैं. इससे आपका कॉन्फिडेंस कम हो जाता है. इसलिए पहले काम को पूरा करके दिखाएं, फिर सबको बताएं. ये भी पढ़ें: इन 5 चीजों पर कंट्रोल करते ही बदल जाएगी आपकी जिंदगी, खुद पर जीत दिलाएंगी आचार्य चाणक्य की ये बातें The post परिवार को भी नहीं पता होनी चाहिए आपकी ये 5 बातें, चाणक्य की इस सलाह में छिपा है खुशहाल जिंदगी का राज appeared first on Naya Vichar.

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Varalakshmi Vrat Katha: इस व्रत कथा के बिना अधूरा माना जाता है वरलक्ष्मी व्रत

Varalakshmi Vrat Katha: धर्म-शास्त्रों के अनुसार, वरलक्ष्मी माता लक्ष्मी के आठ स्वरूपों में से एक हैं. माता लक्ष्मी का यह स्वरूप वरदान देने वाला माना जाता है. पौराणिक मान्यता है कि माता लक्ष्मी के इस स्वरूप की पूजा करने से धन और समृद्धि का वरदान प्राप्त होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल वरलक्ष्मी व्रत शुक्रवार, 28 अगस्त को रखा जाएगा. इस दिन लोग माता लक्ष्मी के वरलक्ष्मी स्वरूप की पूजा करेंगे. साथ ही, उनकी कृपा प्राप्त करने और धन-समृद्धि का वरदान पाने के लिए व्रत कथा का पाठ भी करेंगे. मान्यता के अनुसार, वरलक्ष्मी व्रत तभी पूर्ण माना जाता है, जब पूजन के साथ-साथ सच्ची श्रद्धा से इस व्रत कथा का पाठ किया जाए. आइए जानते हैं वरलक्ष्मी व्रत से जुड़ी पौराणिक कथा. शिव भक्त चित्रनेमि ने क्यों बोला झूठ? पौराणिक कथा के अनुसार, एक समय भगवान शिव कैलाश पर्वत पर माता पार्वती के साथ चौसर स्पोर्ट्स रहे थे. उस दौरान माता पार्वती और भगवान शिव के बीच इस बात को लेकर विवाद होने लगा कि विजेता कौन हुआ. स्पोर्ट्स में दोनों ही स्वयं को विजेता घोषित करने लगे. तब दोनों ने वहां मौजूद चित्रनेमि, जो भगवान शिव के भक्त थे, से पूछा कि विजेता कौन हुआ. चित्रनेमि ने झूठ का सहारा लेते हुए भगवान शिव को विजेता बता दिया. माता पार्वती ने चित्रनेमि को क्या श्राप दिया? झूठ बोलने के कारण माता पार्वती ने चित्रनेमि को श्राप दे दिया. पार्वती ने श्राप देते हुए चित्रनेमि से कहा, “तुमने मेरे सामने झूठ बोलकर मेरा अपमान किया है, इसलिए तुम कुष्ठ रोग से ग्रसित हो जाओगे.” माता पार्वती के श्राप से चित्रनेमि बहुत डर गया. इसके बाद भगवान शिव ने अपने भक्त की रक्षा के लिए माता पार्वती से कहा, “देवि! मैंने झूठ बोलने से अधिक घोर और विकट पाप न तो देखा है और न ही सुना है. लेकिन चित्रनेमि विद्वान है और झूठ नहीं बोलता. इसलिए आप उस पर कृपा करें और उसका उद्धार करें.” ये भी पढ़ें: Varalakshmi Vrat 2026: कब है वरलक्ष्मी व्रत? जानें तारीख और महत्व देवी पार्वती ने बताया श्राप से मुक्ति का उपाय क्रोध शांत होने के बाद माता पार्वती ने चित्रनेमि को क्षमा करते हुए श्राप से मुक्ति का उपाय बताया. माता पार्वती ने चित्रनेमि से कहा, “जब सुंदर तालाब के किनारे अप्सराएं व्रत करेंगी और उसके बारे में बताएंगी, तब तुम श्राप से मुक्त हो जाओगे.” इसके बाद चित्रनेमि कैलाश पर्वत के नीचे स्थित एक तालाब के किनारे कुष्ठ रोगी के रूप में जीवन जीने लगा. ये भी पढ़ें: वरलक्ष्मी व्रत 2026: पहली बार रख रही हैं व्रत? अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि के लिए इस विधि से करें पूजा अप्सराओं ने चित्रनेमि को बताया वरलक्ष्मी व्रत का महत्व एक दिन चित्रनेमि ने तालाब के किनारे अप्सराओं को पूजा करते हुए देखा. उन्हें प्रणाम करते हुए उसने अप्सराओं से पूछा, “आप लोग किसका पूजन कर रही हैं और आपकी क्या मनोकामना है? कृपया मुझे ऐसे व्रत के बारे में बताएं, जिसका लाभ मुझे इस लोक के साथ-साथ परलोक में भी मिले. साथ ही, ऐसा उपाय भी बताएं, जिससे मुझे माता पार्वती के श्राप से मुक्ति मिल सके.” एक अप्सरा ने कहा, “सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला और जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला व्रत वरलक्ष्मी व्रत है. तुम भी अगर यह व्रत रखकर कथा का पाठ करोगे, तो तुम्हारी मनोकामना भी पूरी होगी.” The post Varalakshmi Vrat Katha: इस व्रत कथा के बिना अधूरा माना जाता है वरलक्ष्मी व्रत appeared first on Naya Vichar.

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Shravana Purnima Vrat: क्या करें और क्या नहीं? जानें जरूरी नियम

Shravana Purnima Vrat: हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल सावन पूर्णिमा का व्रत शुक्रवार 28 अगस्त को रखा जाएगा. पूर्णिमा का व्रत धन और ऐश्वर्य की देवी मां लक्ष्मी, भगवान विष्णु और चंद्र देव से जुड़ा है. धार्मिक मान्यता और परंपरा के मुताबिक, श्रावण पूर्णिमा व्रत में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होता है, जैसे कि इस दिन क्या करने से शुभ फल प्राप्त होता है और किन कार्यों को नहीं करना चाहिए. शास्त्रों में पूर्णिमा व्रत को लेकर कुछ खास नियमों का उल्लेख किया गया है. ऐसे में पूर्णिमा व्रत रखने वालों के लिए जरूरी है कि वे व्रत से जुड़ी संबंधित जानकारियां पहले हासिल कर लें. श्रावण पूर्णिमा व्रत में क्या करें? स्नान व दान- सावन पूर्णिमा व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. संयोग बने तो पवित्र नदियों में स्नान करें. अगर इतना भी न कर पाएं, तो नहाने वाले पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें. पूर्णिमा के दिन दान करने की परंपरा है. इसलिए मंदिरों में या जरूरतमंद लोगों को सफेद वस्तुओं का दान करें. इस दिन मीठी वस्तुओं का दान करने से शुभ फल प्राप्त होता है. पूजा-पाठ- श्रावण पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु, सत्यनारायण भगवान, चंद्र देव और माता लक्ष्मी का पूजन करें. शाम के समय चंद्र देव की पूजा करें. इसके अलावा आप भगवान शिव का भी पूजन कर सकते हैं क्योंकि उनके माथे पर भी चंद्रमा विराजमान है. शाम को दें चंद्र देव को अर्घ्य- श्रावण पूर्णिमा को शाम के वक्त चंद्रमा 16 कलाओं से युक्त होता है. इसलिए चंद्र देव उदित हो जाएं, तो उन्हें दूध, फल, सफेद मिठाई, अक्षत और सफेद फूल से अर्घ्य दें. ये भी पढ़ें: सावन पूर्णिमा 2026 कब है? ज्योतिषाचार्य से जानें सही तारीख, व्रत, पूजा और स्नान-दान का शुभ समय व्रत के दौरान क्या करें- श्रावण पूर्णिमा का व्रत के दौरान सिर्फ सात्विक चीजें ग्रहण करें. भोजन में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल करें. फल, दूध और मेवा का सेवन किया जा सकता है. श्रावण पूर्णिमा व्रत में क्या न करें? तामसिक भोजन- श्रावण पूर्णिमा व्रत के दौरान तामसिक पदार्थ जैसे- लहसुन, प्याज और मांस इत्यादि का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से व्रत की पवित्रता नष्ट हो जाती है. इसके परिणामस्वरूप व्रत का शुभ फल प्राप्त नहीं होता. बाल-नाखून से जुड़े नियम- श्रावण पूर्णिमा व्रत के दिन बाल-नाखून काटने या कटवाने से बचना चाहिए. इस दिन व्रती स्त्रीओं को बाल नहीं धोना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार, ऐसा करना अशुभ है. दिन में न सोएं- जो लोग श्रावण पूर्णिमा का व्रत रखते हैं, उन्हें दिन में सोना नहीं चाहिए. शास्त्रों के अनुसार, व्रत के दौरान सोना निषेध है. ऐसे में व्रतियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए. ये भी पढ़ें: श्रावण पूर्णिमा पर मां गायत्री की साधना का महासंयोग, जानें किस मुहूर्त में पूजा करने से मिलेगा शुभ फल विवाद या लड़ाई-झगड़े- श्रावण पूर्णिमा के दिन किसी भी तरह का लड़ाई-झगड़ा नहीं करना चाहिए. इसके साथ ही इस दिन किसी के लिए अपशब्दों का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए. इस दिन दूसरों के प्रति मन में बुरे ख्याल लाने से व्रत का फल प्राप्त नहीं होता. The post Shravana Purnima Vrat: क्या करें और क्या नहीं? जानें जरूरी नियम appeared first on Naya Vichar.

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