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झारखंड में 65वीं सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता 2026-27 का शेड्यूल जारी

सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट Subroto Cup : झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची द्वारा 65वीं सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता (2026-27) के आयोजन हेतु तारीख तय कर दी है. इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है. जारी पत्र के अनुसार प्रतियोगिता का आयोजन विद्यालय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक चरणबद्ध रूप से किया जाएगा. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में स्पोर्ट्स भावना का विकास करना और उनकी प्रतिभा को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करना है. परियोजना परिषद ने स्पष्ट किया है कि सभी स्तरों पर प्रतियोगिताएं निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ही कराई जाएगी. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि आयोजन में पारदर्शिता और सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए. शिक्षा विभाग के इस निर्णय से विद्यार्थियों को स्पोर्ट्स एवं अन्य गतिविधियों में आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर तक पहचान मिल सकेगी. प्रतियोगिता में इन विद्यालयों के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे इस प्रतियोगिता में राज्य के सभी कोटी के प्रशासनी विद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, अल्पसंख्यक विद्यालय, प्रशासनी सहायता प्राप्त विद्यालय, मॉडल विद्यालय, उत्कृष्ठ विद्यालय, प्रखंड स्तरीय आदर्श विद्यालय और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय के विद्यार्थी 65वीं सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में भाग ले सकेंगे. प्रतियोगिता के बालिका वर्ग (अंडर-17 व 19) और बालक वर्ग (अंडर-14, 17 व 19) के मैच स्पोर्ट्से जाएंगे.  65वीं सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता का निर्धारित कार्यक्रम  विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता : 16 जून से 20 जून 2026 प्रखण्ड स्तरीय प्रतियोगिता : 23 जून से 30 जून 2026 जिला स्तरीय प्रतियोगिता : 01 जुलाई से 05 जुलाई 2026 प्रमंडल स्तरीय प्रतियोगिता : 08 जुलाई से 12 जुलाई 2026 राज्य स्तरीय प्रतियोगिता : 17 जुलाई से 21 जुलाई 2026 राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर : 25 जुलाई से 14 अगस्त 2026 राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता : 18 अगस्त से 25 सितंबर 2026 ये भी पढ़ें: गढ़वा में सरस्वतिया नदी पुनर्जीवन मुहिम को मिला नया बल, मेदिनीनगर से बढ़े सहयोग के हाथ  ये भी पढ़ें: ई-वेस्ट पर झारखंड हाइकोर्ट सख्त: राज्य प्रशासन से मांगा जवाब, 2 जुलाई को अगली सुनवाई The post झारखंड में 65वीं सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता 2026-27 का शेड्यूल जारी appeared first on Naya Vichar.

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IIT Jodhpur CSE vs AI: कंप्यूटर साइंस या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस? देखें कटऑफ और प्लेसमेंट ट्रेंड

IIT Jodhpur CSE vs AI: JoSAA काउंसलिंग के दौरान जब छात्रों की रैंक अच्छी आती है, तो उनके सामने सबसे बड़ा कन्फ्यूजन होता है ट्रेडिशनल कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग चुनें या तेजी से उभरती हुई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस ब्रांच.  IIT जोधपुर देश के उन चुनिंदा और अग्रणी संस्थानों में से एक है, जिसने AI ब्रांच में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है. अगर आप भी इस उलझन में हैं कि IIT जोधपुर में CSE बेहतर है या AI, तो आइए दोनों ब्रांचों का सिलेबस, कटऑफ ट्रेंड और प्लेसमेंट रिकॉर्ड के बारे में जानते हैं.  IIT Jodhpur CSE vs AI: सीएसई या एआई ब्रांच फैक्टर्स (Metrics) कंप्यूटर साइंस (BTech CSE) एआई और डेटा साइंस (BTech AI & DS) फोकस  सॉफ्टवेयर, कोडिंग, एल्गोरिदम और थ्योरी मशीन लर्निंग, डेटा एनालिसिस, डीप लर्निंग JoSAA ओपनिंग-क्लोजिंग रैंक लगभग 2000 से 2950 (General) लगभग 3000 से 4250 (General) औसत पैकेज (Average CTC) 21.26 लाख प्रति वर्ष 18.22 लाख प्रति वर्ष प्लेसमेंट रेट 98.8% 97.9% हाईएस्ट पैकेज 50 से 60 लाख प्रति वर्ष 53 लाख प्रति वर्ष CSE और AI ब्रांच में मुख्य अंतर क्या है? BTech CSE (कंप्यूटर साइंस): यह एक एवरग्रीन और ब्रॉड फील्ड है. इसमें आपको कंप्यूटर के बुनियादी सिद्धांतों से लेकर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, ऑपरेटिंग सिस्टम, नेटवर्किंग, डेटाबेस मैनेजमेंट (DBMS) और कोडिंग पूरी सिखाई जाती है.  BTech AI & DS (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस): यह पूरी तरह से फ्यूचर-ओरिएंटेड और स्पेशलाइज्ड ब्रांच है. इसमें शुरुआत के बाद आपका पूरा फोकस एडवांस मैथमेटिक्स, स्टैटिस्टिक्स, न्यूरल नेटवर्क, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) और रोबोटिक्स पर शिफ्ट हो जाता है. यहां आप कंप्यूटर को इंसानों की तरह सोचना सिखाते हैं.  कटऑफ ट्रेंड: IIT जोधपुर में छात्रों की पहली पसंद कौन सी है? IIT जोधपुर के पिछले कुछ सालों के JoSAA ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक के ट्रेंड को देखें तो आज भी टॉप रैंकर्स की पहली पसंद CSE ही बनी हुई है. जनरल कैटेगरी के लिए CSE की क्लोजिंग रैंक आमतौर पर 2900 के आसपास सिमट जाती है. वहीं, जो छात्र कुछ रैंक से चूक जाते हैं, उनके लिए AI & Data Science सबसे पसंदीदा विकल्प बनकर उभरा है, जिसकी क्लोजिंग रैंक 4200 से 4250 के बीच देखी जा रही है. इसका मतलब यह है कि दोनों ही ब्रांच में सीट पाने के लिए तगड़ा कॉम्पिटिशन है.  IIT Jodhpur CSE vs AI: प्लेसमेंट और सैलरी पैकेज प्लेसमेंट डेटा के अनुसार, CSE का औसत पैकेज 21.26 लाख रुपये रहा है, जबकि AI एंड डेटा साइंस का एवरेज पैकेज 18.22 लाख रुपये दर्ज किया गया है. टेक दिग्गज जैसे Google, Microsoft, Cisco और Flipkart कंपनी  दोनों ही ब्रांच (IIT Jodhpur CSE vs AI) के स्टूडेंट्स को समान रूप से हायर कर रही हैं.  IIT Jodhpur Placement Statistics (Official Website) यह भी पढ़ें: IIT कानपुर में कैसे बदलती है ब्रांच? जानें योग्यता, नियम और पूरा प्रोसेस The post IIT Jodhpur CSE vs AI: कंप्यूटर साइंस या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस? देखें कटऑफ और प्लेसमेंट ट्रेंड appeared first on Naya Vichar.

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SUV बाजार में बड़ा उलटफेर, स्कॉर्पियो ने छीनी क्रेटा की कुर्सी, बिक्री में निकली आगे

कुछ महीनों पहले तक जिस मुकाबले में हुंडई क्रेटा को आगे माना जा रहा था, वहां अब तस्वीर बदलती दिख रही है. मई 2026 की बिक्री के आंकड़ों में महिंद्रा स्कॉर्पियो ने क्रेटा को पीछे छोड़ते हुए बड़ा उलटफेर कर दिया है. दिलचस्प बात यह है कि दोनों एसयूवी अलग-अलग तरह के ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं, फिर भी स्कॉर्पियो की बढ़ती मांग यह दिखाती है कि हिंदुस्तानीय खरीदार अब भी बड़ी, दमदार और रोड प्रेजेंस वाली एसयूवी को पसंद कर रहे हैं. ऐसे समय में जब शहरी एसयूवी का दबदबा बढ़ रहा है, स्कॉर्पियो की यह वापसी ऑटो बाजार के लिए अहम संकेत मानी जा रही है. मई में स्कॉर्पियो ने मारी बाजी मई 2026 में महिंद्रा स्कॉर्पियो रेंज, जिसमें स्कॉर्पियो एन और स्कॉर्पियो क्लासिक दोनों शामिल हैं, की कुल 15,774 यूनिट बिकीं. वहीं हुंडई क्रेटा की बिक्री 15,235 यूनिट रही. यानी स्कॉर्पियो ने 539 यूनिट के अंतर से क्रेटा को पीछे छोड़ दिया. यह आंकड़ा इसलिए भी खास है क्योंकि अप्रैल 2026 में स्थिति बिल्कुल उलट थी. उस समय क्रेटा की बिक्री स्कॉर्पियो से अधिक रही थी, लेकिन महिंद्रा ने अगले ही महीने वापसी करते हुए बढ़त हासिल कर ली. आखिर क्यों पसंद आ रही है स्कॉर्पियो? स्कॉर्पियो की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण इसकी मजबूत रोड प्रेजेंस, तीन पंक्तियों वाली सीटिंग और दमदार डीजल इंजन विकल्प माने जाते हैं. यह एसयूवी उन ग्राहकों को आकर्षित करती है जो लंबी यात्राएं, खराब सड़कें और बड़े परिवार की जरूरतों को प्राथमिकता देते हैं. दूसरी ओर, क्रेटा एक अधिक शहरी और प्रीमियम अनुभव देने वाली एसयूवी है. इसमें आधुनिक फीचर्स, कई इंजन विकल्प और शहरों के लिए बेहतर ड्राइविंग अनुभव मिलता है. इसके बावजूद स्कॉर्पियो की बिक्री यह साबित कर रही है कि हिंदुस्तानीय बाजार में बड़ी एसयूवी की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है. क्रेटा के लिए क्यों अहम है यह चुनौती? हुंडई क्रेटा लंबे समय से मिडसाइज एसयूवी सेगमेंट की सबसे लोकप्रिय गाड़ियों में गिनी जाती रही है. पेट्रोल, डीजल, टर्बो पेट्रोल और इलेक्ट्रिक विकल्पों के साथ यह ग्राहकों की बड़ी पसंद रही है. ऐसे में स्कॉर्पियो का इसे पीछे छोड़ना केवल एक महीने का बिक्री आंकड़ा नहीं, बल्कि बाजार में बदलती प्राथमिकताओं का संकेत भी माना जा रहा है. इससे यह साफ होता है कि हर ग्राहक केवल कॉम्पैक्ट और सिटी-फ्रेंडली एसयूवी की तरफ नहीं जा रहा है. स्कॉर्पियो एन और क्लासिक का डबल फायदा महिंद्रा को सबसे बड़ा फायदा उसकी दोहरी रणनीति से मिल रहा है. एक तरफ स्कॉर्पियो एन आधुनिक फीचर्स और नए डिजाइन के साथ ग्राहकों को आकर्षित करती है, तो दूसरी तरफ स्कॉर्पियो क्लासिक अपनी पारंपरिक पहचान और मजबूत इमेज के कारण लोकप्रिय बनी हुई है. यही वजह है कि कंपनी एक साथ अलग-अलग तरह के ग्राहकों को टारगेट कर पा रही है, जिसका असर बिक्री के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है. आने वाले महीनों में और बढ़ेगी टक्कर मई के आंकड़ों ने एसयूवी बाजार की प्रतिस्पर्धा को और दिलचस्प बना दिया है. अगर स्कॉर्पियो की रफ्तार इसी तरह बनी रहती है तो महिंद्रा इस सेगमेंट में अपनी पकड़ और मजबूत कर सकती है. वहीं हुंडई भी क्रेटा को लेकर नए अपडेट, ऑफर्स और फीचर अपग्रेड के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर सकती है. फिलहाल इतना तय है कि हिंदुस्तानीय एसयूवी बाजार में क्रेटा और स्कॉर्पियो के बीच यह मुकाबला आने वाले महीनों में और रोमांचक होने वाला है. यह भी पढ़ें: 12 लाख से ज्यादा बिकी, रीसेल वैल्यू भी कमाल, 20 साल पहले आई ये कार MPV सेगमेंट में अब भी कर रही राज The post SUV बाजार में बड़ा उलटफेर, स्कॉर्पियो ने छीनी क्रेटा की कुर्सी, बिक्री में निकली आगे appeared first on Naya Vichar.

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ED Raid : पंजाब में ईडी की छापेमारी, बोले अरविंद केजरीवाल- हिंदू व्यापारियों को घबराने की जरूरत नहीं

ED Raid : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बताया कि पंजाब में ईडी की ओर से छापेमारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है. केजरीवाल ने व्यापारियों से कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरा पंजाब और राज्य प्रशासन उनके साथ खड़ी है. केजरीवाल ने कहा कि सभी लोग मिलकर इस स्थिति का सामना करेंगे. ED पार्टी आज फिर पंजाब के हिंदू व्यापारियों पर ED की रेड कर रही है। ED पार्टी पंजाब के छोटे छोटे हिंदू व्यापारियों को तंग कर रही है। मेरी सभी व्यापारियों से अपील है – घबराने की कोई बात नहीं है, पूरा पंजाब और पंजाब प्रशासन आपके साथ है, हम सब मिलकर ED पार्टी का मुकाबला करेंगे। — Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 9, 2026 The post ED Raid : पंजाब में ईडी की छापेमारी, बोले अरविंद केजरीवाल- हिंदू व्यापारियों को घबराने की जरूरत नहीं appeared first on Naya Vichar.

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महीने में एक फिल्म देखना, दोस्तों के साथ बात करना, IAS बनने के लिए जरूर करें ये 3 काम

UPSC Preparation Guide By Vikas Divyakirti: यूपीएससी सीएसई परीक्षा काफी कठिन होती है और उसमें भी IAS बनने के लिए टॉप रैंक लानी होती है. सिर्फ पढ़ाई के दम पर IAS नहीं बन सकते हैं, इसके लिए कई स्किल्स और सही स्ट्रैटजी चाहिए. फेमस शिक्षक डॉ विकास दिव्यकीर्ति कहते हैं कि IAS बनने के लिए प्रीलिम्स में पढ़ाई करने से लेकर इंटरव्यू की तैयारी, तीन बातें हर स्टूडेंट को फॉलो करनी चाहिए. पढ़ना, लिखने की प्रैक्टिस करना और खूब बोलना. UPSC Prelims Exam Tips: ध्यान से पढ़ाई और स्पष्ट समझ जरूरी प्रीलिम्स की तैयारी के लिए सबसे जरूरी है मिनट-टू-मिनट रीडिंग और कॉन्सेप्ट क्लैरिटी. विकास दिव्यकीर्ति ने कहा कि जो भी पढ़ें, उसे बहुत ध्यान से और गहराई से पढ़ें. क्रिस्टल क्लियर समझ बनाना जरूरी है. नियमित रूप से चर्चा और अभ्यास करें ताकि टॉपिक मजबूत हो जाएं. UPSC Mains Exam Tips: लिखने की प्रैक्टिस करना विकास दिव्यकीर्ति ने कहा कि मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए बहुत जरूरी है लिखने की प्रैक्टिस करना. हर दिन लिखें. 1000 शब्दों की जानकारी को बिना क्वालिटी कम किए 200 शब्दों में लिखने की प्रैक्टिस करें. यह आधे घंट की एक्सरसाइज है जो आपको बाकी लोगों से बहुत आगे रखेगा. UPSC Interview Tips: कम्युनिकेशन और सोशल स्किल्स पर फोकस इंटरव्यू में सफलता के लिए सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि सोशल और कम्युनिकेशन स्किल्स जरूरी हैं. पब्लिक स्पीकिंग और ग्रुप डिस्कशन में हिस्सा लें, दोस्तों के साथ रोज 1-2 घंटे बातचीत करें और खुलकर बोलें. घूमने जाएं, नए लोगों से मिलें और अनुभव बढ़ाएं. महीने में कम से कम एक फिल्म दोस्तों के साथ देखें. बस, मेट्रो या भीड़ वाली जगहों पर जाएं. पैदल चलने और आउटडोर एक्टिविटी को अपनाएं. कॉलेज की डिबेट, सिंगिंग या ड्रामा जैसी गतिविधियों में भाग लें. विकास दिव्यकीर्ति ने कहा कि ये सभी आदत अगर आप अपने में डेवलप कर लें तो UPSC की परीक्षा आसानी से क्रैक कर लेंगे. यूपीएससी ही नहीं और भी किसी फील्ड में हैं तो आप सक्सेसफुल हो जाएंगे. यह भी पढ़ें- यूपीएससी प्रीलिम्स का रिजल्ट इस तरह होगा जारी, देखें चेक करने के आसान स्टेप्स  The post महीने में एक फिल्म देखना, दोस्तों के साथ बात करना, IAS बनने के लिए जरूर करें ये 3 काम appeared first on Naya Vichar.

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अफगानिस्तान में नरसंहार, भारत के खिलाफ ‘नफरत की फैक्ट्री’ चला रहा… भारत ने दुनिया के सामने पाकिस्तान को लताड़ा

India Slams Pakistan at UNSC: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान की स्थिति पर हुई बैठक के दौरान हिंदुस्तान ने एकबार फिर, पाकिस्तान को लताड़ा है. हिंदुस्तान ने कहा कि उसने हमेशा अफगानिस्तान की मदद की है, जबकि पाकिस्तान न केवल अफगानिस्तान के साथ व्यापार और पारगमन के रास्ते बंद कर रहा है, बल्कि उसके सैन्य अभियानों के कारण बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिकों की जान भी जा रही है.  हिंदुस्तान ने कहा कि पाकिस्तान पर राज्य प्रायोजित दुष्प्रचार फैलाता है. वह अपने ही देश में सक्रिय आतंकी संगठनों को ‘फितना अल हिंदुस्तान’ बताकर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश करता है. अफगानिस्तान की स्थिति पर आयोजित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में हिंदुस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत परवथानेनी हरीश ने पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने यहां सक्रिय उग्रवादी संगठनों की जिम्मेदारी लेने के बजाय हिंदुस्तान पर आरोप लगाकर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है. परवथानेनी ने कहा कि धार्मिक शब्दावली का इस्तेमाल कर प्रायोजित गलत सूचना और दुष्प्रचार फैलाने के अलावा कुछ नहीं है. उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल पाकिस्तान के नागरिकों ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी गुमराह करने की कोशिश है. पाकिस्तान ने पहले अपने देश में सक्रिय कई आतंकी और उग्रवादी संगठनों को ‘फितना अल हिंदुस्तान’ की श्रेणी में रखा था. इस्लामाबाद का दावा था कि ये संगठन हिंदुस्तान के इशारे पर काम कर रहे हैं. हालांकि पाकिस्तान इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका. हिंदुस्तानीय राजदूत ने कहा कि पाकिस्तान का सत्ता प्रतिष्ठान लगातार हिंदुस्तान विरोधी माहौल बनाए रखने की कोशिश करता रहा है. ‘नफरत की फैक्ट्री’ चला रहा पाकिस्तान परवथानेनी ने कहा, ‘यह एक संगठित नफरत की फैक्ट्री है, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान की जनता का ध्यान देश के नेतृत्वक और आर्थिक संकटों से हटाकर बाहरी खतरों की ओर मोड़ना है.’ उन्होंने पाकिस्तान की नेतृत्वक व्यवस्था और शासन में सेना की भूमिका पर भी सवाल उठाए. हिंदुस्तान ने कहा कि हाल के संवैधानिक बदलाव इस बात का संकेत हैं कि पाकिस्तान में नागरिक संस्थाओं पर सैन्य प्रभाव लगातार बढ़ रहा है. अफगानिस्तान में पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई पर निशाना हिंदुस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर पाकिस्तान द्वारा की गई सैन्य कार्रवाइयों को लेकर भी कड़ी आपत्ति जताई. हरीश परवथानेनी ने कहा, ‘मैं दोहराना चाहता हूं कि किसी नरसंहार को सैन्य अभियान का नाम दे देने से जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती. नागरिकों की हत्या करना, उन्हें घायल करना और बच्चों को अनाथ बनाना आतंकवाद विरोधी कार्रवाई नहीं कहलाता.’ उन्होंने आगे कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी एकजुटता की बातें करना, लेकिन रमजान जैसे पवित्र महीने में बेरहमी से हवाई हमले करना पाखंड का सबसे बड़ा उदाहरण है.’ अब तक 372 लोगों की मौत हुई पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संबंध पिछले कुछ महीनों से बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. राजदूत हरीश ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान (यूएनएएमए) की रिपोर्टें बताती हैं कि पाकिस्तान के हवाई हमलों की वजह से अफगान नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. सुरक्षा परिषद में प्रस्तुत यूएनएएमए के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी हमलों में 372 नागरिकों की मौत हुई, जबकि 397 लोग घायल हुए. पाकिस्तान पर काबुल स्थित एक नशामुक्ति अस्पताल पर हवाई हमला करने का आरोप लगा था.अफगान पक्ष का दावा था कि इस हमले में 400 से अधिक लोगों की जान गई. वहीं संयुक्त राष्ट्र ने कम से कम 269 मौतों की पुष्टि की थी. Today I delivered India’s statement at the UNSC meeting on the situation in Afghanistan. I made the following 🔟 points: 1️⃣ Highlighted that India’s capacity building and Humanitarian Assistance initiatives for the Afghan people can be seen in all 34 provinces and in more than… https://t.co/fFnGbEhPk3 — Parvathaneni Harish (@AmbHarishP) June 9, 2026 आतंकवाद पर हिंदुस्तान का स्पष्ट संदेश; लश्कर और जैश का नाम लेकर उठाया मुद्दा क्षेत्रीय सुरक्षा के सवाल पर हिंदुस्तान ने दोहराया कि वह हर प्रकार के आतंकवाद का विरोध करता है. राजदूत हरीश ने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और द रेजिस्टेंस फ्रंट जैसे संगठनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुट कार्रवाई जरूरी है. उन्होंने इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएल), अल-कायदा और उनसे जुड़े संगठनों के खिलाफ भी सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया. ये भी पढ़ें:- क्यूबा में 150 साल बाद आया सबसे शक्तिशाली भूकंप, ईरान में भी देर रात कांपी धरती, अचानक क्यों मच रहा तांडव? अफगानिस्तान की भौगोलिक मजबूरी को हथियार बना रहा है पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हिंदुस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत परवथानेनी हरीश ने पाकिस्तान पर अफगानिस्तान के खिलाफ आर्थिक और रणनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि समुद्र तक सीधी पहुंच न रखने वाले अफगानिस्तान के लिए व्यापार और आवागमन के रास्ते बंद करना अंतरराष्ट्रीय नियमों की भावना के खिलाफ है. राजदूत हरीश ने कहा कि पाकिस्तान का यह कदम ‘अभूतपूर्व ट्रेड एंड ट्रांजिट टेररिज्म’ की श्रेणी में आता है. उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान ऐसे कठिन समय में अफगान व्यापारियों की मदद के लिए सैकड़ों दीर्घकालिक व्यावसायिक वीजा मुफ्त में जारी कर रहा है. हरीश ने कहा, ‘भूमिबद्ध (लैंडलॉक्ड) देश के लिए पहुंच के रास्ते बंद करना संयुक्त राष्ट्र की लैंडलॉक्ड डेवलपिंग कंट्रीज संबंधी घोषणाओं का खुला उल्लंघन है. यह उनकी व्यापार और परिवहन संबंधी कमजोरियों का हथियारीकरण करने जैसा है.’ हिंदुस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर खुलकर आवाज उठाने की अपील की. हिंदुस्तानीय प्रतिनिधि ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून की भावना के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया को ऐसे कदमों की स्पष्ट रूप से निंदा करनी चाहिए. ये भी पढ़ें:- US कोर्ट से ट्रंप को एक और झटका, हिंदुस्तानीयों को बड़ी राहत; H-1बी वीजा पर 1 लाख डॉलर की फीस रद्द ये भी पढ़ें:- जिस ऑयल टैंकर पर थे 24 हिंदुस्तानीय, अमेरिका ने किया अटैक, नाकेबंदी तोड़ने का लगाया आरोप; हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू अफगानिस्तान के लिए हिंदुस्तान की मदद; गेहूं, दवाइयों से लेकर बच्चों के इलाज तक सहायता हिंदुस्तान ने अपने संबोधन में अफगानिस्तान को दी जा रही मानवीय सहायता का भी उल्लेख किया. राजदूत हरीश ने बताया कि हिंदुस्तान अब तक 50 हजार टन

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अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी कब है? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

Adhik Ram Lakshman Dwadashi 2026: सनातन धर्म में अधिक मास का विशेष महत्व है, जो हर तीन साल में एक बार आता है. ज्येष्ठ अधिक मास के इस पावन महीने के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को ‘अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी’ के रूप में मनाया जाएगा . इस बार इस तिथि पर रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ-साथ ‘उन्मीलिनी महाद्वादशी’ का बेहद दुर्लभ संयोग बना है. यह दिन भगवान श्री राम, शेषनाग के अवतार लक्ष्मण जी और माता सीता की विशेष पूजा-अर्चना की जाती  है. आइए जानते हैं इसकी सही तारीख, शुभ मुहूर्त और इसका क्या महत्व है. ‘चंपक द्वादशी’ पूजा विधि इस पावन दिन को ‘चंपक द्वादशी’ भी कहा जाता है. मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु, श्री राम या श्री कृष्ण का चंपा के फूलों से श्रृंगार और पूजन करने का विधान है. पूजा के दिन सूबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें और व्रत व पूजा का संकल्प लें. इसके बाद एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. गवान को पीले या सफेद वस्त्र, चंदन और मुख्य रूप से चंपा के फूलों की माला अर्पित करें. मौसमी फल और घर पर बनी सात्विक मिठाई का भोग लगाएं. फिर दिपक और धुप-बाती जलाए, फिर व्रत कथा का पाठ करें और प्रभु श्री राम के मंत्रो का जाप करें. अंत में आरती करें.   रामलक्ष्मण द्वादशी का धार्मिक महत्व  लंबे समय से रुके कार्य होते हैं सिद्ध: मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन पूरी श्रद्धा से श्री राम और लक्ष्मण जी की पूजा करता है, उसके जीवन में लंबे समय से अटके या बाधित कार्य बिना किसी विघ्न के पूरे हो जाते हैं. भाइयों के बीच बढ़ता है प्रेम: चूंकि यह दिन राम-लक्ष्मण के आदर्श भाईचारे को समर्पित है, इसलिए इस दिन पूजा करने से परिवार में सुख-शांति आती है और भाइयों के बीच आपसी प्रेम और सौहार्द मजबूत होता है. अक्षय पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति: पुरुषोत्तम मास में की गई पूजा, जप-तप और दान का फल कभी समाप्त नहीं होता (अक्षय रहता है). इस दिन अन्न, वस्त्र या धन का दान करने से साधक को घोर दरिद्रता से मुक्ति मिलती है और अंत में मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है. यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी समाचारें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Naya Vichar The post अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी कब है? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और धार्मिक महत्व appeared first on Naya Vichar.

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हत्या के प्रयास के आरोपी खान सर को राहत, कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

Khan Sir News: आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास के आरोपी खान सर को राहत मिल गई है. मंगलवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. पटना सिविल कोर्ट की ओर से उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई है. सोमवार को ही अग्रिम जमानत याचिका खान सर की ओर से दायर की गई थी. उन्होंने याचिका में उनके ऊपर लगे आरोप को निराधार बताया था. कोर्ट से मिला ये आदेश जानकारी के मुताबिक, पटना सिविल कोर्ट से ‘No Coercive Action’ का आदेश दिया गया है. इसका मतलब यह होता है कि अदालत के अगले आदेश या अगली सुनवाई तक संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कोई कठोर या दबावपूर्ण कार्रवाई नहीं की जाए. इस तरह से कोर्ट की तरफ से खान सर के लिए राहत भरा फैसला बताया जा रहा है. कोर्ट में सुनवाई के दौरान और क्या हुआ? जानकारी के मुताबिक, सुनवाई के दौरान पुलिस को यह आदेश दिया गया कि वे खान सर का आपराधिक इतिहास और केस डायरी उपलब्ध कराएं. इस मामले में कोर्ट अब अगली सुनवाई 30 जून को करेगा. खान सर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस खान सर के कोचिंग सेंटर पर पहुंची थी. लेकिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगे थे. इसके साथ ही खान सर की गिरफ्तारी भी नहीं हो सकी थी. ऐसे में अब कोर्ट ने पुलिस को भी केस डायरी तैयार करने का आदेश दिया है. याचिका में खान सर ने क्या बताया था? फायरिंग मामले में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पटना सिविल कोर्ट में सोमवार को दायर की गई थी. खान सर ने अपनी जमानत याचिका में कहा था कि हम पर लगे आरोप निराधार हैं. गोली चलने के मामले से मेरा कोई संबंध नहीं है. खान सर के अलावा उनके फायरिंग करने वाले दोनों गार्ड्स की बेल के लिए भी अप्लाई किया गया था. सोमवार को इस मामले में कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. खान सर के वकील ने क्या बताया? आज की सुनवाई को लेकर खान सर के वकील अरविंद कुमार मऊआर ने बताया कि खान सर को इंट्रीम प्रोटेक्शन मिल गया है. कोर्ट ने केस डायरी और एंटीसीडेंट की मांग की है. खान सर अब जहां चाहे आ और जा सकते हैं. खान सर की गिरफ्तारी पर कोर्ट ने रोक लगा दी है. उन्होंने यह भी बताया कि कल 10 जून को खान सर के दोनों गार्ड्स पर सुनवाई होनी हैं. Also Read: खान सर ने दायर की जमानत याचिका, बोले- हम पर लगे आरोप निराधार हैं, जानिए कब होगी सुनवाई The post हत्या के प्रयास के आरोपी खान सर को राहत, कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक appeared first on Naya Vichar.

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बॉबी देओल की ‘बंदर’ का निकला दम, मंडे टेस्ट में हुआ बुरा हाल

Bandar Box Office Collection Day 4: बॉबी देओल की फिल्म ‘बंदर’ 5 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. फिल्म को दर्शकों और फिल्म समीक्षकों से अच्छे रिव्यू मिले हैं. बॉबी देओल की एक्टिंग की भी काफी तारीफ हो रही है. इसके बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पा रही है. वीकेंड पर मिली थी अच्छी शुरुआत रिलीज के पहले तीन दिनों में फिल्म की कमाई में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली. पहले दिन फिल्म ने 50 लाख रुपये कमाए. दूसरे दिन इसकी कमाई 95 लाख रुपये रही. वहीं रविवार को फिल्म ने 1 करोड़ रुपये का कारोबार किया. इससे लग रहा था कि फिल्म आने वाले दिनों में और अच्छा प्रदर्शन करेगी. सोमवार को कमाई में आई बड़ी गिरावट लेकिन सोमवार आते ही फिल्म की कमाई में बड़ी गिरावट देखने को मिली. Sacnilk के रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘बंदर’ ने चौथे दिन यानी पहले सोमवार को सिर्फ 30 लाख रुपये का कलेक्शन किया. वीकेंड के मुकाबले यह आंकड़ा काफी कम है. चार दिनों में कितनी हुई कुल कमाई? फिल्म की अब तक की कमाई इस प्रकार है- पहला दिन: 0.50 करोड़ रुपये दूसरा दिन: 0.95 करोड़ रुपये तीसरा दिन: 1.00 करोड़ रुपये चौथा दिन: 0.30 करोड़ रुपये कुल नेट कलेक्शन: 2.75 करोड़ रुपयेकुल ग्रॉस कलेक्शन: 3.30 करोड़ रुपये 25 करोड़ के बजट की फिल्म मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘बंदर’ का बजट करीब 25 करोड़ रुपये है. ऐसे में फिल्म को अपना बजट निकालने के लिए अभी काफी ज्यादा कमाई करनी होगी. फिल्म में कौन-कौन हैं? अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी इस फिल्म में बॉबी देओल के अलावा सान्या मल्होत्रा, सपना पब्बी, सबा आजाद, इंद्रजीत सुकुमारन, राज बी. शेट्टी और जितेंद्र जोशी भी अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में फिल्म की कमाई बढ़ती है या नहीं. यह भी पढ़ें: 41 की हुईं सोनम कपूर, एक्टिंग में नहीं थी दिलचस्पी, फिर कैसे बनीं बॉलीवुड स्टार? The post बॉबी देओल की ‘बंदर’ का निकला दम, मंडे टेस्ट में हुआ बुरा हाल appeared first on Naya Vichar.

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तृणमूल की दरकती जमीन पर माकपा की नजर, पैठ जमाने के लिए शुरू की कवायद

कोलकाता से गोपाल की रिपोर्ट Bengal News: कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस में जारी बिखराव से विपक्षी मैदान में पैदा हुए खालीपन को भरने के लिए माकपा ने कमर कसना शुरू कर दिया है. पार्टी कैडरों का भरोसा जगाने और संगठन को फिर से मजबूत करने के लिए माकपा ने सभी जिला नेताओं को लगातार आंदोलन की तैयारी करने का निर्देश जारी किया है. हटाए जा रहे हॉकरों के साथ खड़ा होने से लेकर महंगाई और एसआइआर से नाम हटाने के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बनायी जा रही है. आगामी 23 और 24 जून को पार्टी की राज्य कमेटी की बैठक होगी, जिसमें हालिया विधानसभा चुनाव की समीक्षा के साथ आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की जायेगी. बूथ आधारित समीक्षा में सामने आए तथ्य विधानसभा चुनाव में एक सीट जीतकर अपनी शून्यता खत्म करने वाली माकपा ने हर जिले में बूथ आधारित समीक्षा शुरू की है. राज्य कमेटी के एक सदस्य के अनुसार, इस समीक्षा में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. पार्टी का मानना है कि भाजपा का यह दावा गलत है कि उसे हिंदुओं के वोट बड़ी संख्या में मिले, बल्कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में हिंदुओं की एक बड़ी आबादी ने तृणमूल को वोट दिया और कुछ हिस्सा माकपा को भी मिला. अब तृणमूल के कमजोर होते संगठन को देखते हुए माकपा अल्पसंख्यकों के साथ-साथ हिंदू वोटों को वापस अपने पाले में लाने का प्रयास करेगी. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें युवाओं को संगठन से जोड़ने पर जोर माकपा का मानना है कि सत्ता से बेदखल होने के 15 साल बाद भी बूथ स्तर पर संगठन को पूरी तरह मजबूत नहीं किया जा सका है. अब संगठन के पुनर्गठन के लिए कैडरों को सक्रिय किया जा रहा है. पार्टी जल्द ही बेरोजगारी, किसानों व मजदूरों के हित, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन शुरू करेगी. इसके लिए नयी पीढ़ी को संगठन में शामिल करने और युवाओं व छात्रों की सक्रियता बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति बनायी जा रही है. Also Read: तृणमूल नेता सब्यसाची दत्ता देर रात गिरफ्तार, जबरन वसूली और जान मारने की धमकी देने का आरोप The post तृणमूल की दरकती जमीन पर माकपा की नजर, पैठ जमाने के लिए शुरू की कवायद appeared first on Naya Vichar.

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