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Exclusive: 15वां वर्ष भी चेंबर कार्यसमिति सदस्य व पदाधिकारी नहीं होगी एक भी महिला, जानें इसकी वजह

Exclusive: दीपक राव/ भागलपुर. एक ओर जहां पूरी दुनिया आधी आबादी का लोहा मान रही है, जहां स्त्रीएं कमजोर पड़ रही है, उन्हें प्रोत्साहित कर आगे किया जा रहा है. दूसरी ओर से इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज कार्यकारिणी से स्त्रीएं बाहर होती दिख रही है. 2010-13 सत्र में तत्कालीन अध्यक्ष रामगोपाल पोद्दार की टीम में प्रो पुष्पा दुबे उपाध्यक्ष थी. फिर 2013-16 सत्र में तत्कालीन अध्यक्ष शैलेंद्र सराफ की टीम में पूर्व मेयर डॉ वीणा यादव को मनोनीत कार्यकारिणी सदस्य रखी गई थीं, जो कि आधी आबादी को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक पहल थी. 2019-22 सत्र की कार्यकारिणी में सदस्य के रूप प्रीति शेखर शामिल थीं.

चेंबर से स्त्रीओं को जोड़ने में अहम भूमिका

डॉ पुष्पा दुबे चेंबर उपाध्यक्ष बनने के बाद चेंबर से स्त्रीओं को जोड़ने में अहम भूमिका निभायी. स्त्री उद्यमी और व्यवसायियों को चेंबर से जोड़ने का अभियान चलाया. कई स्त्री उद्यमी चेंबर से जुड़ीं. चेंबर से वैसी ही स्त्रीओं को जोड़ा जाता है, जो खुद से कोई उद्यम संचालित करती हैं या अपने व्यवसायिक फार्म का खुद संचालन करती हैं. 1954 में स्थापित ईस्टर्न चेंबर आफ कामर्स में स्त्री उद्यमी और व्यवसायियों को जोड़ने व स्त्री सशक्तीकरण की दिशा में काम करने की जरूरत है. संगठन में स्त्रीओं की भागीदारी के आंकड़े नगण्य हैं या संतोषजनक नहीं है.

उद्यमी बन रही स्त्रीएं

पूर्व मेयर डॉ वीणा यादव ने कहा कि खुद इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की आजीवन सदस्य हूं. जिस तरह शैलेंद्र सराफ ने अध्यक्ष रहते हुए स्त्रीओं को सम्मान दिया और समय-समय पर स्त्री सशक्तीकरण को लेकर कार्य किया, अब इस दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है. जबकि स्वरोजगार के क्षेत्र में युवाओं व स्त्रीओं का दखल बढ़ा है. खासकर उद्यम क्षेत्र में स्त्रीएं बड़ी संख्या में कदम बढ़ा रही है. व्यापार में भी स्त्रीएं कंधे से कंधा मिलाकर चलने का साहस कर रही हैं. उद्यमी बन स्त्रीएं सफलता की नई इबारत लिख रही हैं. ऐसे में स्त्रीओं को संगठन से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है.

2025-28 सत्र कार्यकारिणी के चुनाव मैदान में नहीं है कोई स्त्री उम्मीदवार

चुनाव उप समिति सदस्य हरि प्रसाद शर्मा ने बताया कि 2025-28 सत्र कार्यकारिणी के चुनाव को लेकर पहले 81 लोगों ने नामांकन पर्चा लिया था, जिसमें एक स्त्री भी शामिल थी, जब पर्चा दाखिल करने का समय आया, तो वो भी मैदान से हट गयी. उन्होंने बताया कि इस बार चुनाव को लेकर 1300 सामान्य वोटर में लगभग 50 स्त्री वोटर हैं. अब तक कोई स्त्री चेंबर की अध्यक्ष और महासचिव पद पर आसीन नहीं हो सकी हैं.

चार लोगों के नामांकन पर्चा में पायी गयी त्रुटि

चुनाव उप समिति सदस्य हरि शर्मा ने बताया कि 47 लोगों ने नामांकन पर्चा दाखिल किया था. चार लोगों के नामांकन पर्चा में त्रुटि पायी गयी. स्पष्टीकरण को लेकर पत्र लिखा गया. संबंधित प्रत्याशी तीन मार्च तक जवाब दे सकेंगे. वहीं बताया कि बिना फाइनल सूची जारी किये ही एक संभावित प्रत्याशी ने एक गुट की सूची सोशल मीडिया पर जारी कर दी, उन्हें भी स्पष्टीकरण के लिए पत्र भेजा गया है.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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