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Jharkhand Economic Survey 2025: झारखंड की अर्थव्यवस्था बढ़कर हो जाएगी 10 लाख करोड़ से अधिक, क्या है प्रति व्यक्ति आय?

Jharkhand Economic Survey 2025: रांची-झारखंड विधानसभा में शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया गया. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया. इसमें जीएसडीपी से लेकर प्रति व्यक्ति आय समेत विभिन्न तथ्यों का उल्लेख किया गया है. आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) और प्रति व्यक्ति आय में लगातार वृद्धि हो रही है. पिछले पांच वर्षों के दौरान झारखंड की विकास दर देश की तुलना में अधिक रही है. हालांकि प्रति व्यक्ति आय की रैंकिंग मामले में झारखंड आज भी देश के 28 राज्यों में 26 वें स्थान पर है. राज्य गठन के वक्त भी प्रति व्यक्ति आय की रैंकिंग में झारखंड 26वें स्थान पर ही था. वर्ष 2017-18 से 2023-24 के बीच बेरोजगारी दर में भारी गिरावट दर्ज की गयी है. राज्य में मलेरिया कुल बीमारी की तुलना में 37 प्रतिशत है.

पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्य के जीएसडीपी में हुआ सुधार

राज्य में विकास दर की चर्चा करते हुए कहा गया है कि वर्ष 2011-12 के मुकाबले स्थिर मूल्य पर राज्य का जीएसडीपी 2024-25 के दौरान दो गुना होने का अनुमान है. वर्ष 2024-25 में स्थिर मूल्य पर राज्य के जीएसडीपी में 6.7 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई, अगले वित्तीय वर्ष के दौरान इसमें 7.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि होने का अनुमान है. पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्य के जीएसडीपी में सुधार हुआ है. 2019-20 में स्थिर मूल्य पर राज्य का जीएसडीपी देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 1.59 प्रतिशत था, जो 2023-24 में यह बढ़ कर 1.64 प्रतिशत हो गया है. पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्य की विकास दर, देश की विकास दर से अधिक रही है.

राज्य में लगातार बढ़ रही प्रति व्यक्ति आय

रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय लगातार बढ़ रही है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्थिर मूल्य पर प्रति व्यक्ति आय 68,612 रहने का अनुमान है. अगले साल इसके 72,836 रुपये होने का अनुमान है. वर्ष 2000-2001 में झारखंड प्रति व्यक्ति आय के मामले में सिर्फ बिहार और उत्तर प्रदेश से आगे था. आज भी यही स्थिति कायम है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2017-18 के मुकाबले 2023-24 तक की अवधि में बेरोजगारी दर में भारी गिरावट दर्ज की गयी है. वर्ष 2017-18 में राज्य में बेरोजगारी दर 7.7 प्रतिशत थी. यह वर्ष 2023-24 में गिर कर 1.3 प्रतिशत तक पहुंच गयी है.

राज्य प्रशासन द्वारा किये जानेवाले खर्च में भी 10 प्रतिशत की दर से वृद्धि

रिपोर्ट में राज्य की आर्थिक स्थिति की चर्चा करते हुए कहा गया कि वर्ष 2018-19 से 2023-24 के दौरान राज्य के राजस्व में सालाना 9.4 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है. इस अवधि मे राज्य के अपने स्रोतों से होनेवाली आमदनी, केंद्रीय करों में हिस्सेदारी और अनुदान से मिलनेवाली राशि के मुकाबले तेजी से बढ़ी है. राज्य के अपने राजस्व स्रोतों में औसतन 12.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है. साथ ही राज्य प्रशासन द्वारा किये जानेवाले खर्च में भी 10 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है. 2018-19 में राज्य प्रशासन का कुल खर्च 65,888 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में 1.07 लाख करोड़ रुपये हो गया.

राज्य खाद्य सुरक्षा और पोषण के मामले में हो रहे लगातार मजबूत

रिपोर्ट के अनुसार, राज्य खाद्य सुरक्षा और पोषण के मामले में लगातार मजबूत हो रहा है. राज्य में प्रति व्यक्ति धान की उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. 2024-25 प्रति व्यक्ति धान की उपलब्धता 107 किलोग्राम से अधिक होने का अनुमान है. राज्य में मांस, मछली, दूध और अंडा इत्यादि की उपलब्धता बढ़ने से पोषण के मामले में पहले के मुकाबले काफी सुधार हुआ है. सर्वेक्षण रिपोर्ट में उद्योग, शिक्षा, नागरिक सुविधा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, आधारभूत संरचना सहित अन्य क्षेत्र में सुधार होने की बात कही गयी है. साथ प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं की वजह से एससी, प्रिमिटिव ट्राइब, एसटी,ओबीसी सहित अन्य के जीवन स्तर में सुधार का उल्लेख किया गया है.

वर्ष 2029-30 तक झारखंड की वित्तीय स्थिति 10 लाख करोड़ से अधिक होगी

राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में 2029-30 तक राज्य की वित्तीय स्थिति बढ़ कर 10 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में 2029-30 तक राज्य की वित्तीय स्थिति के 10 ट्रिलियन होने का अनुमान किया गया था. वर्तमान मूल्य पर राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 4,61,010 करोड़ रुपये होने का अनुमान है. अगर जीएसडीपी में 14.2 प्रतिशत की दर से वृद्धि होती रही, तो 2029-30 में राज्य की वित्तीय स्थिति 10 लाख करोड़ से अधिक हो जायेगी. पिछले कई वर्षों के दौरान राज्य के विकास दर में हुई प्रगति से इस बात का विश्वास है कि जीएसडीपी मे 14.2 प्रतिशत की दर से वृद्धि होगी. वर्ष 2012-13, 2014-15, 2016-17, 2017-18 और 2021-22 में जीएसडीपी में 14.2 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई. सिर्फ 2018-19 में इस वृद्धि दर में एक प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी थी.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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