रांची से अभिषेक आनंद की रिपोर्ट
JSSC-CGL Scam: झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव ने मंगलवार को JSSC-CGL और JPSC भर्ती प्रक्रिया के साथ-साथ राज्यसभा चुनाव को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि JSSC-CGL में 500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है और इस मामले में CBI जांच ही एकमात्र विकल्प है. साथ ही उन्होंने राज्यसभा चुनाव में गठबंधन की हार पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भूमिका पर भी आरोप लगाए. हालांकि, ये सभी आरोप योगेंद्र साव के हैं और उन्होंने बातचीत के दौरान इनके समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया.
मंत्री की मौत को भी बताया जांच का विषय
बातचीत के दौरान योगेंद्र साव ने हाल ही में एक मंत्री के निधन का जिक्र करते हुए कहा कि वह भी जांच का विषय होना चाहिए. उन्होंने इस संबंध में कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किया, लेकिन कहा कि CBI जांच होने पर कई बातें सामने आ सकती हैं.
JSSC-CGL में 500 करोड़ के घोटाला
योगेंद्र साव ने कहा कि JSSC-CGL और JPSC भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्र लंबे समय से परेशान हैं. उन्होंने कहा कि मामला न्यायिक प्रक्रिया में पहुंच चुका है और सर्वोच्च न्यायालय तक चला गया है. उन्होंने दावा किया कि JSSC-CGL में 500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है और उनके पास इसके “पक्के सबूत” हैं. साव ने कहा कि कई लोग उन्हें फोन कर दस्तावेज और जानकारियां उपलब्ध करा रहे हैं, जिन्हें वह उचित मंच पर प्रस्तुत करेंगे.
CBI जांच की मांग दोहराई
पूर्व मंत्री ने कहा कि भर्ती घोटाले की निष्पक्ष जांच मौजूदा एजेंसियों से संभव नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच कर रहे अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल हैं. इसी वजह से उन्होंने JSSC-CGL मामले में CBI जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए.
JPSC भर्ती प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
योगेंद्र साव ने JPSC भर्ती प्रक्रिया का भी जिक्र करते हुए कहा कि भर्ती से जुड़े विवादों के कारण छात्र सड़क पर उतरने को मजबूर हुए. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे जरूरी है. उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवालों का स्पष्ट और निष्पक्ष जवाब मिलना चाहिए.
CBI जांच की मांग दोहराई
योगेंद्र साव ने CGL मामले में CBI जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि मौजूदा जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती. उन्होंने CID के तत्कालीन अधिकारियों पर भी आरोप लगाए और कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच जरूरी है. उन्होंने कहा कि वह मीडिया के माध्यम से भी CBI जांच की मांग कर रहे हैं.
MDO और आउटसोर्सिंग कंपनियों पर साधा निशाना
योगेंद्र साव ने कोयला परियोजनाओं का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि चट्टी बरियातू, केरेदारी और पकरी बरवाडीह जैसे क्षेत्रों में कारपोरेट लूट मची हुई है. उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन के नाम पर बनी प्रशासन में MDO और आउटसोर्सिंग कंपनियां भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक व्यवस्था आम लोगों की बजाय कंपनियों के प्रभाव में काम कर रही है, जिससे ग्रामीणों में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है.
राज्यसभा चुनाव की हार पर सवाल
योगेंद्र साव ने राज्यसभा चुनाव को लेकर भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि जब गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या में विधायक थे, तब चुनाव हार जाना कई सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री 58 विधायकों के नेता थे, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि वोट कहां गया. उन्होंने परिमल नाथवानी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनके मुख्यमंत्री आवास आने-जाने और उसके बाद हुई नेतृत्वक गतिविधियों की भी जांच होनी चाहिए.
58 विधायकों के बावजूद हार: योगेंद्र साव
कांग्रेस नेता योगेंद्र साव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के खिलाफ नहीं गए हैं और राहुल गांधी के सच्चे सिपाही हैं. साव ने दावा किया कि असम और पश्चिम बंगाल चुनाव में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई. उन्होंने राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री 58 विधायकों के नेता थे, तब चुनाव हार जाना सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा, “किसने वोट दिया और किसने नहीं दिया, यह उनके नियंत्रण में था.” यह सभी आरोप योगेंद्र साव के हैं, जिन पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है.
कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने का आरोप
साव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री लगातार कांग्रेस को नेतृत्वक नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश हुई. उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में हैं और राहुल गांधी के सच्चे सिपाही हैं. उनके अनुसार यदि कोई कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, तो वह उसका विरोध करेंगे.
खुद की सुरक्षा को लेकर जताई आशंका
योगेंद्र साव ने कहा कि हजारीबाग कांग्रेस जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया का वह सम्मान करते हैं, लेकिन उनके ऊपर “चोर” और “ब्लैकमेलर” जैसे आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि यदि उनके नेता के बारे में कोई गलत बात करेगा तो वह उसका विरोध करेंगे. साथ ही उन्होंने यह आशंका भी जताई कि उनके खिलाफ साजिश रची जा सकती है और उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है.
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