Sleeping Mantra: पर्याप्त नींद न लेने से शरीर और मस्तिष्क पर बुरा असर पड़ सकता है. लगातार कम सोने से थकान, एकाग्रता में कमी और सेहत से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं. काम के बोझ और तनाव की वजह से बिस्तर पर जाने के बाद भी नींद नहीं आती. कई बार, तो लोग करवट बदल-बदलकर पूरी रात गुजार देते हैं. अगर आप भी नींद न आने की समस्या से परेशान हैं, तो दुर्गा सप्तशती में दिया गया एक मंत्र आपके काम आ सकता है.
दुर्गा सप्तशती का मंत्र और अर्थ
“या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः”
देवी दुर्गा की स्तुति के लिए यह मंत्र गीता प्रेस गोरखपुर से प्रकाशित दुर्गा सप्तशती के पांचवें अध्याय में दिया गया है. इस मंत्र का अर्थ है- जो देवी सभी प्राणियों में निद्रा (नींद) रूप में स्थित हैं, उन्हें नमस्कार है, नमस्कार है और बारंबार नमस्कार है.
कब और कैसे करें इस स्तुति मंत्र का जाप?
सिद्धि प्राप्त साधक और भगवती दुर्गा के उपासक डॉ. बिमल नारायण ठाकुर ने बताया कि इस स्तुति मंत्र का जाप बिस्तर पर लेटकर भी किया जा सकता है. चूंकि यह एक स्तुति मंत्र है, इसलिए इसका जाप करने में विशेष नियम का ध्यान नहीं रखना पड़ता.
अगर किसी व्यक्ति को बिस्तर पर जाने के बाद एक-दो घंटे बाद भी नींद न आए, तो उसे इस मन ही मन इस मंत्र का लगातार जाप करते रहना चाहिए. देवी दुर्गा का ध्यान करते हुए अगर इस मंत्र का जाप किया जाए, तो कुछ समय में नींद आ जाती है.
कौन कर सकता है इस मंत्र का जाप?
देवी दुर्गा के इस स्तुति मंत्र का स्त्री और पुरुष दोनों वर्गों के लोग कर सकते हैं. इसके साथ ही, जिन लोगों को नींद न आने की समस्या है, वे भी इसका जाप कर सकते हैं.
क्या दिन में किया जा सकता है इस मंत्र का जाप?
इस मंत्र का जाप रात के अलावा दिन में भी किया जा सकता है. शास्त्रों में स्तुति मंत्र का पाठ या जाप करने के लिए समय निर्धारित नहीं किया गया है. देवी दुर्गा की स्तुति खाना खाकर भी किया जा सकता है.
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चिकित्सकीय सलाह (Medical Disclaimer): यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से अनिद्रा या गंभीर तनाव से जूझ रहा है, तो उसे डॉक्टरी परामर्श भी अवश्य लेना चाहिए.
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