Hot News

Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत पर बन रहा ‘खर जितिया’ का दुर्लभ संयोग, जानें तारीख और महत्व

Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत आश्विन मास कृष्ण अष्टमी तिथि को रखा जाता है. इस व्रत में स्त्रीएं संतान की लंबी उम्र और उत्तम स्वास्थ्य के लिए 24 से 36 घंटे का निर्जल व्रत रखती हैं. व्रत के दौरान न तो अन्न का एक दाना ग्रहण किया जाता है और न ही एक बूंद जल का सेवन किया जाता है. जितिया व्रत बिहार-झारखंड और उत्तर प्रदेश समेत देश के कुछ राज्यों में रखा जाता है. जितिया को जीवितपुत्रिका व्रत भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से संतान को दीर्घायु जीवन और उत्तम स्वास्थ्य का वरदान प्राप्त होता है. इस साल जितिया व्रत कब रखा जाएगा, क्या खास संयोग बन रहा है? आइए जानते हैं.

जितिया व्रत पर ‘खर जितिया’ का दुर्लभ संयोग

ज्योतिषाचार्य डॉ. रतन कुमार मिश्रा ने बताया कि इस साल जितिया पर खर जितिया का दुर्लभ संयोग बनने वाला है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस साल जितिया व्रत शनिवार को पड़ रहा है. जितिया व्रत जब शनिवार को पड़ता है, तो इसका महत्व कई गुना अधिक बढ़ जाता है. खर जितिया व्रत उन स्त्रीओं के लिए बेहद खास होता है, जो पहली बार यह व्रत करना चाहती हैं. खर जितिया व्रत के प्रभाव से संतान की आयु लंबी होती है. साथ ही संतान स्वस्थ रहता है.

जितिया व्रत 2026 नहाय-खाय

शास्त्रों के अनुसार, जितिया व्रत की शुरुआत नहाय-खाय से होती है. मिथिला और महावीर पंचांग के अनुसार, इस साल जितिया व्रत का नहाय-खाय 2 अक्टूबर, शुक्रवार (आश्विन कृष्ण सप्तमी) को किया जाएगा. नहाय-खाय सप्तमी तिथि पर किया जाता है. सप्तमी तिथि 2 अक्टूबर को मान्य है.

ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: पूर्वज से पहले क्यों जरूरी है ऋषि तर्पण, नहीं करने पर क्या होगा; पहले जान लें तारीख और महत्व

जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत 2026 विवरण

व्रत का कार्यक्रम तारीख दिन विवरण
नहाय-खाय 02 अक्टूबर 2026 शुक्रवार नहाय-खाय के साथ व्रत की शुरुआत
जितिया व्रत (निर्जल) 03 अक्टूबर 2026 शनिवार अष्टमी तिथि पर मुख्य व्रत
व्रत का पारण 04 अक्टूबर 2026 रविवार नवमी तिथि को सूर्योदय के बाद

कब रखा जाएगा जितिया व्रत 2026?

मिथिला पंचांग के अनुसार, इस साल जितिया व्रत 3 अक्टूबर, शनिवार को रखा जाएगा. जितिया व्रत आश्विन कृष्ण अष्टमी तिथि को रखा जाता है. अष्टमी तिथि सुबह 7 बजकर 59 मिनट से शुरू होगी. अष्टमी तिथि की समाप्ति 4 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर होगी.

कब होगा जितिया व्रत का पारण?

मिथिला और महावीर पंचांग के अनुसार, जितिया व्रत का पारण मातृ नवमी (आश्विन कृष्ण नवमी) के दिन किया जाता है. इस साल जितिया व्रत का पारण 4 अक्टूबर, रविवार को किया जाएगा. नवमी को सूर्य उदय के बाद व्रत का पारण करना शुभ माना गया है.

ये भी पढ़ें: Shardiya Navratri 2026: कब से शुरू होगा शारदीय नवरात्र? जानें 9 दिनों का पूरा कैलेंडर और पूजन नियम

जितिया व्रत का महत्व

संतान की सुख-समृद्धि, लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए स्त्रीएं जितिया (जीवितपुत्रिका) व्रत रखती हैं. माताएं अपने संतान के खुशहाल और समृद्ध जीवन के लिए बिना जल और अन्न खाए 24-36 घंटे का कठिन व्रत रखती हैं. व्रत के दौरान जीमूतवाहन की कथा सुनी जाती है.

The post Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत पर बन रहा ‘खर जितिया’ का दुर्लभ संयोग, जानें तारीख और महत्व appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top