India Advisory Iran Travel: पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच हिंदुस्तान ने अपने नागरिकों के लिए अहम चेतावनी जारी की है. तेहरान स्थित हिंदुस्तानीय दूतावास ने सोमवार को एक नई और उच्च प्राथमिकता वाली एडवाइजरी जारी करते हुए हिंदुस्तानीय नागरिकों से ईरान की यात्रा पूरी तरह टालने की अपील की है. साथ ही जो हिंदुस्तानीय फिलहाल ईरान में मौजूद हैं, उन्हें उपलब्ध साधनों से जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी गई है.
दूतावास की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं. क्षेत्र के कई शहरों में हमले, जवाबी हमले, हवाई कार्रवाई और मिसाइल हमलों की घटनाएं सामने आई हैं. हिंदुस्तानीय दूतावास ने अपने बयान में कहा, ‘क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए दूतावास अपनी पहले जारी सलाह को दोहराता है कि सभी हिंदुस्तानीय नागरिक ईरान की यात्रा से बचें. जो हिंदुस्तानीय वर्तमान में ईरान में हैं, वे उपलब्ध परिवहन साधनों का उपयोग कर जल्द से जल्द देश से बाहर निकल जाएं.’
— India in Iran (@India_in_Iran) June 8, 2026
24 घंटे में तेजी से बदले हालात
सोमवार को इजरायल और ईरान के बीच एक बार फिर सीधा सैन्य टकराव देखने को मिला. दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले किए, जिससे पहले से लागू युद्धविराम पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है. यह संघर्ष ऐसे समय भड़का है जब दोनों देशों के बीच जारी तनाव के 100 दिन पूरे हुए हैं.
बेरूत पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
मौजूदा संकट की शुरुआत रविवार को हुई, जब इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हवाई हमले किए. इसके बाद ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमला कर जवाब दिया. स्थिति तब और गंभीर हो गई जब सोमवार को दोनों देशों के बीच फिर से हमले और जवाबी हमले शुरू हो गए. रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायल ने एक ईरानी पेट्रोकेमिकल परिसर को निशाना बनाया, जबकि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उसने इजरायल के दो सैन्य ठिकानों पर हमला किया है.
लाल सागर में भी बढ़ा खतरा
क्षेत्रीय तनाव सिर्फ जमीनी और हवाई मोर्चों तक सीमित नहीं रहा. ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में इजरायली जहाजों के प्रवेश पर रोक लगाने की घोषणा कर दी है. ‘द जेरूसलम पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार यह कदम दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक पर सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा सकता है. इसका असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है.
ट्रंप की शांति कोशिशों को झटका
बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोनों पक्षों को संयम बरतने की सलाह दे रहे हैं. ट्रंप की कोशिश है कि ईरान के साथ एक व्यापक परमाणु समझौते के जरिए क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित की जा सके. हालांकि, हालिया हमलों ने उनकी कूटनीतिक कोशिशों को बड़ा झटका दिया है. ट्रंप ने पहले दावा किया था कि क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर अंतिम फैसला वही लेते हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘फैसले मैं करता हूं. अंतिम निर्णय मेरा होता है.’
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नेतन्याहू से फोन पर की बातचीत
रिपोर्टों के मुताबिक, ईरानी मिसाइल हमलों के बाद ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से तुरंत फोन पर बातचीत की. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट एक्सियोस ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि ट्रंप ने नेतन्याहू से आगे सैन्य कार्रवाई से बचने को कहा. बताया गया कि ट्रंप का मानना था कि दोनों पक्ष समझौते के बेहद करीब हैं और इस समय कोई भी बड़ा हमला शांति प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा सकता है.
‘अब काफी हो गया, बातचीत की मेज पर लौटिए’
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने हमलों के समय को लेकर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, ‘हम समझौते के बहुत करीब थे. मेरा मानना है कि सोमवार, मंगलवार या बुधवार तक समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते थे, लेकिन तभी यह सब हो गया.’ ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व से सीधे अपील करते हुए कहा, ‘आपने अपनी मिसाइलें दाग दीं, अब इतना काफी है. बातचीत की मेज पर लौटिए और समझौता कीजिए.’
ANI के इनुपुट के साथ.
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