शुरुआत में पुलिस उदयनिधि को पूछताछ के लिए तंजावुर ईस्ट टाउन पुलिस स्टेशन ले जाने वाली थी. हालांकि, तंजावुर शहर में भारी संख्या में DMK कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट जाने के कारण पुलिस ने सुरक्षा कारणों से अपना मार्ग बदल दिया. कई बार रास्ता बदलने के बाद पुलिस उन्हें तंजावुर से लगभग 27 किलोमीटर दूर स्थित सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन लेकर पहुंची.
थाने के बाहर जुटी समर्थकों की भीड़
उदयनिधि स्टालिन को सेंगीपट्टी थाने लाए जाने की समाचार मिलते ही वहां भी बड़ी संख्या में DMK कार्यकर्ता इकट्ठा हो गए. समर्थकों ने टीवीके प्रशासन के विरोध में और उदयनिधि के समर्थन में जमकर नारे लगाए. पुलिस वाहन से उतरने के बाद उदयनिधि ने हाथ हिलाकर कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया और पैदल थाने के भीतर गए, जहां पुलिस अधिकारियों ने उनसे मामले से जुड़े सवाल पूछे.
साथ मौजूद रहे वरिष्ठ नेता
हिरासत के दौरान पूर्व मंत्री पी के शेखरबाबू और एम सुब्रमणियन पुलिस वाहन में उदयनिधि स्टालिन के साथ ही मौजूद थे. इसके अलावा घटना की जानकारी मिलते ही ईवी वेलु, के एन नेहरू और टीआरबी राजा समेत कई अन्य वरिष्ठ द्रमुक नेता भी सेंगीपट्टी थाने पहुंचे.
क्या है पूरा मामला?
तंजावुर में कावेरी मुद्दे पर आयोजित द्रमुक (DMK) के विरोध प्रदर्शन में उदयनिधि स्टालिन मुख्यमंत्री (विजय) और प्रशासन पर निशाना साध रहे थे. भाषण के दौरान भीड़ में से कुछ लोगों ने प्रसिद्ध अभिनेत्री तृषा का नाम लेकर तृषा, तृषा के नारे लगाने शुरू कर दिए. तब उदयनिधि ने मुस्कुराते हुए कथित रूप से एक द्विअर्थी टिप्पणी की. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह टिप्पणी स्त्री गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली और अश्लील थी.
उदयनिधि का आरोप, उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया
उदयनिधि का कहना है कि उन्होंने किसी अभिनेत्री का नाम नहीं लिया और न ही कोई गलत बात कही. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल कावेरी नदी के पानी की बात कर रहे थे और उनके बयान को “कट, कॉपी, पेस्ट” करके तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है.
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