Trump Announces Israel-Lebanon Meeting: पिछले 34 सालों में यह पहली बार है जब दोनों देशों के बड़े लीडर्स के बीच इस लेवल पर बातचीत होगी. ट्रंप ने अपनी पोस्ट में खुशी जताते हुए लिखा कि वह इजरायल और लेबनान के बीच चल रहे तनाव को कम करके उन्हें थोड़ी राहत देना चाहते हैं.
पहली बार आमने-सामने बैठे दोनों देश
अमेरिकी विदेश विभाग (US Department of State) के एक बयान के अनुसार, मंगलवार को अमेरिका की मेजबानी में इजरायल और लेबनान के बीच एक हाई-लेवल मीटिंग हुई. साल 1993 के बाद यह पहला मौका था जब दोनों देश इस तरह एक साथ बैठे. इस मीटिंग का असली मकसद सीधे बातचीत शुरू करना और एक ऐसा फ्रेमवर्क तैयार करना है जिससे इलाके में शांति बनी रहे और सुरक्षा को लेकर आपसी तालमेल बैठ सके.

ये बड़े चेहरे मीटिंग में हुए शामिल
अमेरिकी विदेश विभाग की रिपोर्ट बताती है कि इस मीटिंग में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, काउंसलर माइकल नीधम और लेबनान में अमेरिकी राजदूत लीसा ए जॉनसन शामिल थीं. वहीं इजरायल की तरफ से अमेरिका में उनके राजदूत येचिएल लीटर और लेबनान की तरफ से उनकी राजदूत नादा हमदेह मोआवाद ने हिस्सा लिया. अमेरिका ने इस मुलाकात को एक बड़ी उपलब्धि बताया है और लेबनान प्रशासन की इस बात में मदद करने का वादा किया है कि वहां सिर्फ प्रशासनी सेना का ही कंट्रोल रहे और बाहरी दखल खत्म हो.
शांति के साथ लेबनान की आर्थिक रिकवरी पर जोर
अमेरिका चाहता है कि यह बातचीत 2024 के समझौते से भी आगे बढ़कर एक पक्के शांति समझौते में बदले. अमेरिका ने साफ किया है कि कोई भी समझौता दोनों प्रशासनों के बीच ही होगा और इसमें अमेरिका मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा. अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, अगर यह बातचीत सफल रहती है तो लेबनान में फिर से कंस्ट्रक्शन और इकोनॉमी को पटरी पर लाने के लिए बड़ी मदद दी जाएगी, जिससे दोनों देशों में इन्वेस्टमेंट के नए रास्ते खुलेंगे.ये
ये भी पढ़ें: अमेरिका ने घेरे ईरानी बंदरगाह; अराघची की चेतावनी- ‘खतरनाक होंगे अंजाम’, खाड़ी में बढ़ा तनाव
इजरायल और लेबनान की अपनी-अपनी शर्तें
इजरायल ने मीटिंग में अपनी बात दोहराते हुए कहा कि लेबनान में मौजूद सभी प्राइवेट हथियारबंद ग्रुप्स को खत्म करना होगा और आतंकी नेटवर्क को जड़ से मिटाना होगा. इजरायल ने शांति के लिए डायरेक्ट बातचीत करने की इच्छा जताई है. दूसरी ओर, लेबनान ने नवंबर 2024 के युद्धविराम को पूरी तरह लागू करने की मांग की है. लेबनान ने अपनी जमीन की सुरक्षा और संप्रभुता (Sovereignty) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि युद्ध की वजह से वहां जो मानवीय संकट पैदा हुआ है, उसे तुरंत दूर करने की जरूरत है.
ये भी पढ़ें: ईरान की पड़ोसी देशों से अपील; कहा- अमेरिका और इजरायल का साथ न दें, इन्हें क्षेत्र की शांति से मतलब नहीं
The post ट्रंप की ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट: इजरायल-लेबनान के बीच 34 साल बाद कल होगी ऐतिहासिक बातचीत appeared first on Naya Vichar.

