खास बातें
Lyari of Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम चरण के मतदान के बीच डायमंड हार्बर एक बार फिर विवादों के केंद्र में है. हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के इस निर्वाचन क्षेत्र को ‘बंगाल का ल्यारी’ (Lyari of Bengal) करार दिया है.
बंगाल चुनाव के विमर्श में कैसे आया ‘ल्यारी’
मुख्य विपक्षी दल भाजपा के इस तीखे हमले ने बंगाल की नेतृत्व में भूचाल ला दिया है. लेकिन सवाल है कि आखिर पाकिस्तान के कराची का एक इलाका ‘ल्यारी’ बंगाल के चुनावी विमर्श में कैसे आ गया और भाजपा इसके जरिये क्या संदेश देना चाहती है?
क्या है ‘ल्यारी’ कनेक्शन? क्यों हो रही तुलना?
‘ल्यारी’ पाकिस्तान के कराची का वह इलाका है, जो अपनी संगठित हिंसा, गैंगवार और समानांतर प्रशासन के लिए दुनिया भर में बदनाम है. भाजपा का आरोप है कि डायमंड हार्बर में भी कुछ वैसा ही माहौल है. भाजपा का दावा है कि डायमंड हार्बर में पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था नहीं, बल्कि ‘अभिषेक बनर्जी का अपना कानून’ चलता है.
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विपक्ष के लिए नो-एंट्री, डराने-धमकाने की नेतृत्व
भाजपा का आरोप है कि जिस तरह ल्यारी में बाहरी दखल मुमकिन नहीं था, उसी तरह डायमंड हार्बर में विपक्षी उम्मीदवारों को डराया जाता है. उनके एजेंटों को बूथों से बाहर निकाल दिया जाता है. भाजपा का यह भी कहना है कि यहां ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ के नाम पर डराने-धमकाने की नेतृत्व को संस्थागत रूप दे दिया गया है.
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अजय पाल शर्मा और ‘सिंघम’ फैक्टर
इस तुलना के बीच आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा की तैनाती ने आग में घी का काम किया. निर्वाचन आयोग ने ‘सिंघम’ के नाम से मशहूर शर्मा को विशेष रूप से इस इलाके में तैनात किया, ताकि ‘ल्यारी’ जैसे हालात न बनें.
तृणमूल कांग्रेस ने किया पलटवार
तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के इस उपनाम (ल्यारी) पर कड़ी आपत्ति जतायी है. टीएमसी का कहना है कि डायमंड हार्बर विकास का मॉडल है, जिसे भाजपा अपनी हार के डर से बदनाम कर रही है. अभिषेक बनर्जी ने इसे बंगाल की जनता का अपमान बताया है.
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Lyari of Bengal: क्यों अहम है डायमंड हार्बर की जंग?
नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ‘ल्यारी’ शब्द का इस्तेमाल कर दो निशाना साध रही है. पहला, यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल है. इसलिए ध्रुवीकरण की कोशिश. दूसरा, अभिषेक बनर्जी की छवि को एक ‘बाहुबली’ नेता के तौर पर पेश करना. टीएमसी का तर्क है कि डायमंड हार्बर में हुए विकास कार्यों और चुनावी मार्जिन ने भाजपा को मानसिक रूप से हरा दिया है.
वोटिंग के दिन दिखा तनाव
29 अप्रैल को मतदान के दौरान भी फालता और डायमंड हार्बर के अन्य क्षेत्रों में जबर्दस्त खींचतान देखी गयी. भाजपा ने ईवीएम पर टेप चिपकाने के आरोप लगाये, तो टीएमसी ने केंद्रीय बलों की ज्यादती का मुद्दा उठाया. ‘ल्यारी’ के इस टैग ने जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है.
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