Ministry of External Affairs: विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के उस बयान पर सियासी विवाद बढ़ गया है, जिसमें कहा गया कि पासपोर्ट मुख्य रूप से यात्रा दस्तावेज है और यह नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता. इस मुद्दे पर विपक्ष ने केंद्र प्रशासन हमला बोलते हुए कई सवाल खड़े किए हैं. विपक्ष ने मोदी प्रशासन से सवाल किया है कि आखिर हिंदुस्तानीय नागरिकता साबित करने के लिए कौन-सा दस्तावेज मान्य है.
पासपोर्ट पर प्रशासन के बयान से बढ़ा विवाद
विदेश मंत्रालय की ओर से पासपोर्ट पासपोर्ट को एक बयान जारी किया है. जिसमें कहा गया कि पासपोर्ट सिर्फ अंतरराष्ट्रीय यात्रा की अनुमति देना है और इसे नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता है. विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह कानूनी स्थिति कोई नई नहीं है और कई दशकों से लागू है.
VIDEO | Hyderabad: On being asked about the MEA’s statement that “a passport is not proof of citizenship,” AIMIM chief Asaduddin Owaisi said, “The direction in which the country appears to be heading raises serious concerns. It increasingly seems that, in the coming days, BJP… pic.twitter.com/xoyzsmUmuh
— Press Trust of India (@PTI_News) June 25, 2026
कांग्रेस ने पूछा- फिर नागरिकता का सबूत क्या?
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी भी नागरिकता का प्रमाण नहीं हैं, तो आम नागरिक आखिर किस दस्तावेज के आधार पर अपनी नागरिकता साबित करेगा. उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रशासन की नीति पर सवाल उठाते हुए तीखी टिप्पणी भी की.
मोदी प्रशासन का कहना है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है
क्या हिंदुस्तान का पासपोर्ट ग़ैर हिंदुस्तानियों को भी दिया जाता है?
पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस क्या जाँच करने आती है?
• आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है
• पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है
• PAN नागरिकता… pic.twitter.com/KNVbQBviKB— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) June 25, 2026
ओवैसी बोले- लोगों में भ्रम पैदा हो रहा
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी प्रशासन पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि प्रशासन के इस बयान लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है. उन्होंने पासपोर्ट अधिनियम की धारा 6(2)(a) का हवाला देते हुए कहा कि कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल हिंदुस्तानीय नागरिक को ही जारी किया जा सकता है. ऐसे में प्रशासन के बयान को लेकर स्पष्टता जरूरी है.
एनसीपी (शरद पवार) ने भी उठाए सवाल
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने कहा कि पहले आधार कार्ड को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना गया, फिर वोटर आईडी को भी पर्याप्त नहीं बताया गया और अब पासपोर्ट पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं. उन्होंने प्रशासन से स्पष्ट जवाब देने की मांग की. उन्होंने कहा कि फिर नागरिकता साबित करने का मान्य आधार क्या है.क्रास्टो ने तंज कसते हुए कहा कि कहीं ऐसा न हो कि भविष्य में भाजपा की सदस्यता को ही नागरिकता का प्रमाण मान लिया जाए.
नेतृत्वक बहस तेज
पासपोर्ट विवाद को संसद से लेकर सोशल मीडिया तक बहस छिड़ गई है. विपक्ष प्रशासन से नागरिकता के प्रमाण को लेकर स्पष्ट नीति बताने की मांग कर रहा है, जबकि केंद्र का कहना है कि कानून में कोई बदलाव नहीं हुआ है और पुराने नियमों को ही दोहराया गया है.
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