Hot News

भारतीय खेल जगत में 12 अगस्त क्यों है खास? जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी

Gold Medal In Hockey: हिंदुस्तानीय हॉकी के लिए कैलेंडर की तारीखें सिर्फ दिन और महीने का हिसाब नहीं हैं. कुछ तारीखें ऐसी हैं, जिनसे मैदान पर मिली जीत, देश की भावनाएं और खिलाड़ियों की मेहनत की कहानी जुड़ी हुई है. 12 अगस्त भी ऐसी ही तारीख है. इस दिन हिंदुस्तानीय हॉकी ने ओलंपिक में ऐसे मुकाम हासिल किए, जिनकी चर्चा आज भी होती है. खास बात यह है कि 12 अगस्त को हिंदुस्तान ने ओलंपिक में दो बार गोल्ड मेडल जीतकर इस दिन को हॉकी के लिए खास बना दिया.

आजाद हिंदुस्तान का पहला ओलंपिक गोल्ड

View on Instagram

12 अगस्त 1948 को लंदन ओलंपिक में हिंदुस्तानीय हॉकी टीम मैदान पर उतरी. देश को आजाद हुए अभी सिर्फ एक साल हुआ था. इससे पहले हिंदुस्तान ओलंपिक में हिस्सा लेता रहा था, लेकिन यह पहला मौका था जब हिंदुस्तानीय खिलाड़ी तिरंगे के नीचे मैदान में उतर रहे थे. फाइनल में हिंदुस्तान के सामने वही ब्रिटेन था, जिसने करीब दो शताब्दियों तक हिंदुस्तान पर शासन किया था.

फेमस वेम्बली में स्पोर्ट्सा गया मैच

मुकाबला लंदन के मशहूर वेम्बली स्टेडियम में स्पोर्ट्सा गया. करीब 10 हजार दर्शकों के सामने हिंदुस्तानीय टीम ने शानदार स्पोर्ट्स दिखाते हुए ब्रिटेन को 4-0 से हरा दिया. बारिश से मैदान गीला था और परिस्थितियां आसान नहीं थीं, लेकिन हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों के पास बेहतरीन गेंद नियंत्रण, सटीक पासिंग और शानदार तालमेल था. ब्रिटेन के खिलाफ जीत के साथ हिंदुस्तानीय टीम ने स्वतंत्र हिंदुस्तान के लिए पहला ओलंपिक गोल्ड मेडल जीत लिया.

Also Read: टीम इंडिया के टी20 कप्तान बाली में मना रहे छुट्टियां, शर्टलेस फोटो देखकर फैंस ऐसे कर रहे रिएक्ट

बंटवारे के बाद बदली थी टीम की तस्वीर

View on Instagram

1947 में देश आजाद हुआ, लेकिन साथ ही विभाजन का दर्द भी मिला. इसका असर हिंदुस्तानीय हॉकी टीम पर भी पड़ा. पंजाब के कई बेहतरीन खिलाड़ी पाकिस्तान चले गए. इनमें नियाज खान, शाह रुख मोहम्मद, अजीज मलिक और अली शाह दारा जैसे नाम शामिल थे. इसके बावजूद हिंदुस्तानीय टीम ने अपनी तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ी. तत्कालीन इंडियन हॉकी फेडरेशन के प्रमुख नवल टाटा ने खिलाड़ियों के लिए मुंबई में कैंप और अभ्यास मैच आयोजित करवाए. टीम को बेहतर तैयारी का समय मिले, इसके लिए खिलाड़ियों को जहाज की जगह हवाई यात्रा से लंदन भेजा गया. कप्तान किशन लाल के नेतृत्व वाली टीम में केडी सिंह बाबू, लेस्ली क्लॉडियस, केशव दत्त, रणधीर सिंह जेंटल और गोलकीपर आर. फ्रांसिस जैसे खिलाड़ी शामिल थे.

Also Read: प्रैक्टिस सेशन के बाद रवींद्र जडेजा ने किया ‘पुष्पा’ वाला मूव, वीडियो देख फैंस को आई अल्लू अर्जुन की याद

फिर 8 साल बाद 12 अगस्त को ही आया गोल्ड

12 अगस्त की तारीख ने हिंदुस्तानीय हॉकी को एक और यादगार पल दिया. 1956 मेलबर्न ओलंपिक में हिंदुस्तानीय टीम ने लगातार तीसरा ओलंपिक स्वर्ण जीतने का लक्ष्य लेकर मैदान में कदम रखा. इस बार फाइनल में सामने पाकिस्तान था. मुकाबला बेहद कड़ा रहा, लेकिन 38वें मिनट में फुलबैक रणधीर सिंह जेंटल ने गोल कर हिंदुस्तान को बढ़त दिलाई. यही गोल निर्णायक साबित हुआ और हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को हराकर लगातार तीसरा ओलंपिक स्वर्ण अपने नाम कर लिया.

Also Read: हिंदुस्तान-अफगानिस्तान T20 सीरीज की तारीखें तय, 13 सितंबर से दिल्ली में भिड़ेंगी दोनों टीमें

The post हिंदुस्तानीय स्पोर्ट्स जगत में 12 अगस्त क्यों है खास? जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top