नया विचार न्यूज़ सरायरंजन | पटना से लौटने के क्रम में बिहार विधानसभा के पूर्व मुख्य सचेतक एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता अख्तरुल इस्लाम शाहीन रविवार को सरायरंजन प्रखंड के उदापट्टी गांव स्थित युवा राजद प्रखंड अध्यक्ष मो. राजा के आवास पर कुछ देर के लिए रुके। उनके आगमन पर राजद कार्यकर्ताओं ने पाग, चादर एवं फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल रहा।
स्वागत समारोह के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने भोजपुरी भाषा को हिंदुस्तानीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने कहा कि भोजपुरी को संवैधानिक मान्यता दिलाने की मांग लंबे समय से उठती रही है और अब समय आ गया है कि केंद्र प्रशासन इस दिशा में ठोस पहल करे।
उन्होंने कहा कि भोजपुरी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की सांस्कृतिक पहचान और समृद्ध विरासत का प्रतीक है। बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड सहित देश के कई हिस्सों में बड़ी संख्या में लोग भोजपुरी बोलते और समझते हैं। इसके अलावा मॉरीशस, नेपाल, सूरीनाम, फिजी तथा अन्य देशों में बसे हिंदुस्तानीय मूल के लोग भी भोजपुरी भाषा और संस्कृति से जुड़े हुए हैं। इसकी समृद्ध साहित्यिक परंपरा, लोकगीत, लोकनाट्य और सांस्कृतिक विरासत इसे विशेष पहचान प्रदान करते हैं।
पूर्व मुख्य सचेतक ने कहा कि यदि भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाता है तो इसके संरक्षण, संवर्धन और विकास को नई गति मिलेगी। इससे भाषा के अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा मिलेगा, शैक्षणिक संस्थानों में इसके उपयोग का दायरा बढ़ेगा तथा प्रशासनी स्तर पर भी इसे आवश्यक संरक्षण और प्रोत्साहन प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि भाषा और संस्कृति किसी भी समाज की पहचान होती है, इसलिए भोजपुरी जैसी समृद्ध भाषा को उसका उचित सम्मान मिलना चाहिए।
इस अवसर पर मौजूद राजद कार्यकर्ताओं ने भी भोजपुरी भाषा को संवैधानिक दर्जा दिलाने की मांग का समर्थन किया और इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने संगठन की मजबूती और जनहित के मुद्दों पर भी चर्चा की।
इस मौके पर युवा राजद प्रखंड अध्यक्ष मो. राजा सहित बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
