उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र में संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया. इस बजट में राज्य के सर्वांगीण विकास, ऊर्जा सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया है. औद्योगिक विकास और भारी उद्योगों के लिए सबसे बड़ा पूंजीगत बजट स्वीकृत किया गया है. इसके साथ ही ऊर्जा क्षेत्र और समाज कल्याण योजनाओं के लिए भी भारी धनराशि प्रस्तावित की गई है, ताकि राज्य के विकास को एक नई रफ्तार मिल सके.
ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे पर ध्यान
ग्रामीण क्षेत्रों के कायाकल्प और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए ग्राम्य विकास विभाग को बड़ी वित्तीय मदद मिली है. इसके अंतर्गत राजस्व और पूंजीगत दोनों मदों में भारी बजट आवंटित किया गया है. पंचायती राज विभाग और स्थानीय निकायों के माध्यम से क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने की योजना है. इस आवंटन से गांवों में सड़कों, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा, जिससे ग्रामीण वित्तीय स्थिति को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा.
स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण और चिकित्सा बजट
प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एलोपैथी चिकित्सा प्रभाग को सबसे बड़ा हिस्सा दिया गया है. एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक, यूनानी और परिवार कल्याण प्रभागों के लिए भी पर्याप्त धन मंजूर हुआ है. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक और द्वितीयक चिकित्सा प्रणाली को मजबूत बनाना है. इस वित्तीय प्रोत्साहन से अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, नई दवाओं और बेहतर बुनियादी ढांचे का निर्माण संभव हो सकेगा, जिससे आम जनमानस को काफी राहत मिलेगी.
कृषि, दुग्ध विकास और सहयोगी क्षेत्रों को बढ़ावा
कृषि और उससे संबद्ध क्षेत्रों को मजबूती देने के लिए अनुपूरक बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं. उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, दुग्ध विकास तथा मत्स्य पालन विभाग के लिए पूंजीगत और राजस्व आवंटन तय किया गया है. इन वित्तीय संसाधनों का उपयोग किसानों की उत्पादकता बढ़ाने, दुग्ध उत्पादन श्रृंखला को मजबूत करने और जल संसाधनों के संरक्षण में होगा. इससे न केवल किसानों की आय में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले और एक्सप्रेसवे परियोजना
बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 21 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इसमें 74 किलोमीटर लंबे जेवर लिंक एक्सप्रेसवे जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना शामिल है, जो क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगी. इसके अलावा किसानों के लिए फसल बीमा योजना लागू करने और घुमंतू विकास बोर्ड के गठन का फैसला लिया गया. इन फैसलों से औद्योगिक क्षेत्र में नए निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा और राज्य की आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बल मिलेगा.
सदन में नेतृत्वक हंगामा और सत्ता पक्ष का जवाब
सदन की कार्यवाही के दौरान नेतृत्वक माहौल काफी गर्माया रहा. विपक्ष के सदस्यों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वेल में आकर हंगामा किया और बजट प्रावधानों पर सवाल उठाए. इसके जवाब में सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए नारेबाजी का करारा जवाब दिया. हंगामे के बीच मंत्रियों ने अपने विभागों के एजेंडे रखे. इस तीखी बहस और नेतृत्वक खींचतान के बीच प्रशासन अनुपूरक बजट की प्राथमिकताओं को सदन के सामने रखने में सफल रही.
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