जयराम रमेश ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा, “सबको गले लगाओ, दिखाओ कि विदेशी नेता तुम्हारे अच्छे दोस्त हैं, और छोटे देशों से अवॉर्ड और मेडल मांगो. मेरा मानना है कि यह हमारी विदेश नीति के हित में नहीं है; इसने हमें कमजोर किया है. यही सवाल उठाए जा रहे हैं.”
पीएम मोदी पीड़ित होने का नाटक करते हैं : जयराम रमेश
जयराम रमेश ने आगे कहा, “जब लोगों की छवि खराब करने की बात आती है, तो प्रधानमंत्री का कोई मुकाबला नहीं है. जब भी प्रधानमंत्री से सवाल पूछा जाता है या उनकी आलोचना की जाती है, तो वे खुद को पीड़ित बताते हैं और विक्टिम पॉलिटिक्स करते हैं. वे दूसरों से सवाल कर सकते हैं, मजाक उड़ा सकते हैं और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन जब कोई उनसे सवाल पूछता है, तो दोहरे मापदंड अपनाए जाते हैं.”
राहुल गांधी ने पीएम मोदी की विदेश नीति पर क्या कहा था, जिससे मचा है हंगामा
राहुल गांधी ने 13 अगस्त को भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें जोकरों का समूह करार दिया था. प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर कटाक्ष करते हुए राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को प्रतीकात्मक रूप से गले लगाया था. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दिमाग में पता नहीं कहां से यह बात घर कर गई कि गले मिलना ही विदेश नीति है. जब राहुल गांधी ने दीक्षित को गले लगाया तो पूर्व सांसद ने मजाकिया लहजे में सवाल किया कि आपने मुझे (जॉर्जिया) मेलोनी समझकर तो नहीं पकड़ा था? इस पर राहुल गांधी ने कहा कि वह अभी तक यहां नहीं पहुंचे हैं. दीक्षित की टिप्पणी को सोशल मीडिया में कई लोगों ने स्त्री विरोधी करार दिया.
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