Bhagwant Mann Viral Video: विवादित वीडियो में भगवंत मान को सिख गुरुओं की तस्वीरों का अपमान करते हुए दिखाया गया. जिसके बाद उनका विरोध शुरू हो गया है. बवाल बढ़ने के बाद CM भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. जिसमें उन्होंने कहा, कुछ दिन पहले एक फर्जी वीडियो फैलाया गया जिसमें दावा किया गया कि वह मैं हूं. मुझे फंसाने के लिए वह वीडियो वायरल किया गया था. बाद में हमने फोरेंसिक लैब में इसकी जांच करवाई, और अब लैब मालिकों पर भी BJP हमला कर रही है, क्योंकि पंजाब में SAD, BJP और कांग्रेस ने हाथ मिला लिया है. इस पूरे मामले को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है… सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ झूठे वीडियो फैलाए जाते हैं, लेकिन वे मुझे तोड़ नहीं सकते. मैं लोगों के लिए काम करता रहूंगा.
कांग्रेस ने मान का मांगा इस्तीफा
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा- मुख्यमंत्री भगवंत मान को इस्तीफा दे देना चाहिए और अकाल तख्त व पंजाब की जनता से माफी मांगनी चाहिए. जब नियमों का उल्लंघन करने वालों के ख़िलाफ कोई कार्रवाई ही नहीं हो रही है, तो बेअदबी-रोधी कानून बनाने की क्या जरूरत थी?
#WATCH | Chandigarh: Over purported video allegedly showing desecration of Sikh Guru photos by him, Punjab CM Bhagwant Mann says, “… A few days ago, a fake video was circulated claiming it was me. That video was made viral to frame me. We later had it checked in a forensic lab,… pic.twitter.com/eah0sPRr84
— ANI (@ANI) June 24, 2026
बीजेपी ने AAP पर अकाल तख्त को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया
बीजेपी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP पर अकाल तख्त को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया. बीजेपी ने इसको लेकर मान और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
वीडियो वायरल होने के बाद अकाल तख्त ने मान को बताया खालसा विरोधी
अकाल तख्त ने इस महीने की शुरुआत में एक वीडियो को लेकर मान को गुरु दोखी (गुरु-द्रोही) और खालसा पंथ विरोधी घोषित किया था. वीडियो में कथित तौर पर मान जैसा दिखने वाला एक व्यक्ति सिख गुरुओं और मारे गए आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त दिखाई दे रहा है.
AAP नेताओं ने अकाल तख्त के निष्कर्षों को गलत ठहराने की कोशिश की : सिरसा
दिल्ली प्रशासन में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोप लगाया कि AAP नेताओं ने पश्चाताप करने के बजाय सिखों की सर्वोच्च संस्था के निष्कर्षों को गलत ठहराने की कोशिश की. सिरसा ने कहा, उन्होंने जो पाप किया, उसके लिए पश्चाताप करने के बजाय उनके मंत्री हरपाल चीमा ने 18 जून को संवाददाता सम्मेलन करके कहा कि यह वीडियो फर्जी है. उन्होंने दावा किया कि चीमा ने वीडियो के 1,191 ‘फ्रेम’ की जांच पर आधारित एक फोरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि यह वीडियो असली नहीं है. सिरसा ने कहा कि अकाल तख्त के पांच सिंह साहिबान ने एक आदेश जारी कर निर्देश दिया था कि कोई भी सिख मान से किसी तरह का संबंध न रखे. उन्होंने कहा, अकाल तख्त साहिब ने 15 जून को भगवंत मान को गुरु-द्रोही और खालसा पंथ विरोधी घोषित किया, उन्हें सिख समुदाय से निष्कासित कर दिया और दुनियाभर के सिखों को आदेश दिया कि कोई भी सिख भगवंत मान से किसी तरह का संबंध न रखे.
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