Hot News

शादी के गहने या तिजोरी की शान, क्यों है सोना भारतीयों की जान?

Importance of Gold in Indian Economy: हिंदुस्तान में सोने का रखना सिर्फ चमक-धमक या शादी-ब्याह में पहनने के लिए नहीं है, बल्कि यह हर हिंदुस्तानीय परिवार का वह साइलेंट पार्टनर है जो बुरे वक्त में सबसे पहले ढाल बनकर खड़ा होता है. छोटे शहरों से लेकर बड़े शहरों तक, तिजोरियों में रखा यह सोना असल में पीढ़ियों का संचित विश्वास है. यही वजह है कि आज दुनिया के कुल गोल्ड मार्केट का एक बड़ा हिस्सा अकेले हिंदुस्तानीय घरों में मौजूद है.

हालिया आंकड़ों के मुताबिक, हिंदुस्तानीय परिवारों के पास करीब 34,600 टन सोना है, जिसकी कुल वैल्यू लगभग 3.7 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई है. यह आंकड़ा कितना बड़ा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह हिंदुस्तान की पूरी जीडीपी का करीब 88% हिस्सा है. 

क्या सोना वाकई एक स्मार्ट इन्वेस्टमेंट है?

NDTV Profit की रिपोर्ट के अनुसार, अक्सर लोग इसे पुरानी परंपरा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर मुनाफे की बात करें तो सोना बड़े-बड़े एसेट्स को पीछे छोड़ देता है. साल 2005 से 2025 के बीच सोने ने सालाना 10-15% का रिटर्न दिया है. अगर किसी ने दो दशक पहले इसमें 1 लाख रुपये लगाए थे, तो आज उसकी कीमत 18 लाख रुपये के करीब पहुंच चुकी है. महंगाई को मात देकर संपत्ति बढ़ाने का इससे सुरक्षित रास्ता शायद ही कोई दूसरा हो. 

मुश्किल समय का सबसे भरोसेमंद साथी क्यों?

हिंदुस्तान में बैंक और क्रेडिट की पहुंच आज भले ही बढ़ गई हो, लेकिन सालों तक सोना ही एकमात्र ऐसा साधन था जिसे मिनटों में कैश कराया जा सकता था. आज भी हिंदुस्तानीय अपनी नॉन-प्रॉपर्टी वेल्थ का 65% हिस्सा सोने में ही रखते हैं. यह व्यवहार दिखाता है कि जब शेयर बाजार या वित्तीय स्थिति दबाव में होती है, तब सोना सबसे स्थिर प्रदर्शन करता है. यह एक ऐसा एसेट है जिसकी वैल्यू कभी शून्य नहीं होती. 

ये भी पढ़ें: कीमतों में फिर आई नरमी, चेक करें 23 अप्रैल के सोने-चांदी के लेटेस्ट रेट्स

डिजिटल गोल्ड और ETF की तरफ क्यों बढ़ रहा रुझान?

अब लोग सिर्फ गहने पहनने के लिए सोना नहीं खरीदते. कुल डिमांड का 40% हिस्सा अब सीधे निवेश के तौर पर खरीदा जा रहा है. 2025 में गोल्ड ETF में निवेश करने वालों की संख्या 1 करोड़ के पार पहुंच गई है. शहरी निवेशक अब फिजिकल गोल्ड के बजाय डिजिटल गोल्ड को तवज्जो दे रहे हैं क्योंकि इसमें मेकिंग चार्ज और सुरक्षा की चिंता नहीं होती. माध्यम भले ही बदल गया हो, पर सोने पर भरोसा वही पुराना है. 

रिजर्व बैंक क्यों जमा कर रहा है सोना?

भरोसे की यह कहानी सिर्फ आम आदमी तक सीमित नहीं है. हिंदुस्तान का केंद्रीय बैंक (RBI) भी तेजी से अपना गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहा है, जो अब 880 टन से ज्यादा हो चुका है. हमारे विदेशी मुद्रा भंडार का करीब 16% हिस्सा अब सोने में है. जब आम जनता और देश का सबसे बड़ा बैंक, दोनों एक ही संपत्ति पर दांव लगाएं, तो समझ लीजिए कि वह सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है. 

ये भी पढ़ें: दुकान के चक्कर छोड़िए, घर बैठे ऐसे इन ऐप्स से खरीदें डिजिटल गोल्ड

ये भी पढ़ें: मात्र ₹1 में घर लाएं डिजिटल गोल्ड की चमक, ऐसे शुरू करें सोने का इनवेस्टमेंट

The post शादी के गहने या तिजोरी की शान, क्यों है सोना हिंदुस्तानीयों की जान? appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top