लोकसभा की कार्यवाही जब दोपहर 12 बजे शुरू हुई, तो विपक्षी सांसद जोरदार हंगामा कर रहे थे. अखिलेश यादव सहित सपा के दूसरे सांसद भी अपनी बात रखना चाह रहे थे, लेकिन अध्यक्ष ने कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल को बोलने का मौका दिया. उसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू बोलने लगे. इस पर अखिलेश यादव नाराज होकर अपने सांसदों के साथ बाहर जाने के लिए मुड़े. इस पर अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें टोका और कहा, “अखिलेश जी, आपने भी बोलने के लिए कहा था, बोलिए.” इस पर अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, “क्या बोलें? आपने (वेणुगोपाल और रिजीजू) को बोलने का मौका दिया.”
समझौता कर लिया क्या आपने? : अखिलेश
नाराज अखिलेश ने आगे कहा, “समझौता कर लिया आपने क्या?” इस पर केसी वेणुगोपाल ने पलटवार करते हुए कहा, “आप ऐसा कैसे कह सकते हैं?” अखिलेश ने आगे कहा, “इस्तीफे का क्या है, जब चाहेंगे ले लेंगे. सदन के बाहर ले लेंगे. यह मुद्दा समाजवादी पार्टी, कांग्रेस या बीजेपी का नहीं है. यह युवाओं और छात्रों का मुद्दा है. क्या आप बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे? आप सदन में युवाओं के लिए आवाज क्यों नहीं उठा सकते?”
नीट पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सदन में भारी हंगामा
नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा की बैठक दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और इस मुद्दे पर विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग भी की. उन्होंने कहा कि सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन कर रहे “छात्रों के खिलाफ जिस तरह प्रशासन की ओर से बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की गई, उससे पूरा देश दुखी है.” उन्होंने कहा, “हमारी मांग बहुत स्पष्ट है कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए. अगर आप स्वीकार करते हैं तो हमारे कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराएं.”
प्रशासन नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार : रिजीजू
विपक्ष की मांग पर रिजीजू ने कहा, “प्रशासन नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है. हमने पहले दिन से यह बात कही है। लेकिन चर्चा नियम के तहत होती है. चर्चा कब होनी है, कितनी लंबी होनी है और किस नियम के तहत होनी है, इसका निर्णय अध्यक्ष (बिरला) सभी दलों के नेताओं से बात करके लेंगे.”
अखिलेश यादव ने कहा- पीएम मोदी को सदन में देना चाहिए जवाब
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सदन में बयान देना चाहिए.
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