कोलकाता. माकपा ने गुरुवार को कहा कि राज्य प्रशासन को उच्चतम न्यायालय द्वारा लगभग 26,000 शिक्षकों की नियुक्ति को अमान्य करार दिये जाने के बाद पैदा हुईं रिक्तियों को भरने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए अन्यथा इससे राज्य की शिक्षा प्रणाली प्रभावित होगी. इससे पहले दिन में उच्चतम न्यायालय ने एक फैसले में राज्य प्रशासन द्वारा संचालित और राज्य से सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति को अवैध करार दिया था और पूरी चयन प्रक्रिया को ”त्रुटिपूर्ण” करार दिया था. माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा कि राज्य के स्कूलों में शिक्षा प्रणाली प्रभावित होगी, क्योंकि बड़ी संख्या में शिक्षकों की नौकरी चली गयी है. सलीम ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुरूप राज्य प्रशासन को फैसले के बाद रिक्त हुए पदों को भरने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए.
माकपा नेता ने दावा किया कि ममता बनर्जी प्रशासन ने नियुक्ति प्रक्रिया में अवैधता के कारण राज्य की शिक्षा प्रणाली को भ्रष्ट कर दिया है. सलीम ने दावा किया कि लगभग 26,000 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नौकरियां जाने से लगभग एक लाख लोग प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा : यह पता लगाया जाना चाहिए कि किसकी गलती से इतनी बड़ी संख्या में नौकरियां गयीं.
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