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May 5, 2025

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CMF Phone 2 Pro की पहली सेल पर मिल रहा 2000 रुपये तक का डिस्काउंट, चेक करें डिटेल्स

CMF Phone 2 Pro Sale Starts: हाल ही में लॉन्च हुए Nothing के CMF Phone 2 Pro की पहली सेल आज 5 मई से स्टार्ट हो गई है. ई-कॉमर्स शॉपिंग साइट फ्लिपकार्ट (Flipkart) पर Nothing लवर्स इस नए मॉडल को खरीद सकते हैं. आज पहली सेल पर कई सारे ऑफर्स और डिस्काउंट के साथ इसे खरीदने का आपके पास बेहतरीन मौका है. बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए MediaTek Dimensity 7300 Pro चिपसेट प्रोसेसर से लैस CMF Phone 2 Pro में कई सारे फीचर्स दिए गए हैं. बढ़िया कैमरा क्वालिउटी से लेकर गेमर्स के लिए लंबी बैटरी लाइफ भी दी गई है. तो चलिए जानते हैं पहली सेल में मिल रहे ऑफर्स के बारे में. यह भी पढ़ें: 5 बेस्ट 5G स्मार्टफोन ₹25,000 के अंदर – गेमिंग, कैमरा और परफॉर्मेंस के बादशाह! मिल रहा ऑफर ई-कॉमर्स शॉपिंग साइट फ्लिपकार्ट (Flipkart) पर CMF Phone 2 Pro की पहली सेल शुरू हो गई है. इस मॉडल को कंपनी ने दो वेरिएंट 8GB+128GB और 8GB+256GB लॉन्च किया है. जिसमें 8GB+128GB वेरिएंट की कीमत 18,999 रुपये और 8GB+256GB वेरिएंट की कीमत 20,999 रुपये है. लेकिन आज पहली सेल पर Nothing लवर्स को 1000 रुपये का बैंक ऑफर और साथ में 1000 रुपये का एक्सचेंज ऑफर भी मिलेगा. जिससे आप बेस मॉडल को सिर्फ 16,999 रुपये और दूसरे वेरिएंट को 18,999 रुपये में खरीद सकते हैं. CMF Phone 2 Pro के स्पेसिफिकेशन डिस्पले: CMF Phone 2 Pro में यूजर्स को 120Hz रिफ्रेश रेट और 3000nits की पीक ब्राइटनेस स्पोर्ट के साथ 6.77 इंच का HDR10+ स्पोर्ट वाला AMOLED डिस्प्ले मिलेगा. कैमरा: CMF Phone 2 Pro के बैक पैनल में ट्रिपल कैमरा सेटअप है. जिसमें 50MP का प्राइमरी सेंसर, 50MP का टेलीफोटो सेकेंडरी लेंस और 8MP का Ultra Wide कैमरा दिया गया है. वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 16MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. प्रोसेसर: बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए गेमर्स व अन्य यूजर्स को CMF Phone 2 Pro में MediaTek Dimensity 7300 Pro चिपसेट दिया गया है, जो Android 15 पर बेस्ड Nothing OS 3 पर काम करेगा. बैटरी: 45W के फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ CMF Phone 2 Pro में 5000 mAh की बैटरी दी गई है. रैम और स्टोरेज: CMF Phone 2 Pro में दो वेरिएंट ऑप्शन दिए गए हैं. जिसमें पहला 8GB+128GB और दूसरा 8GB+256GB का ऑप्शन ग्राहकों को मिलेगा. कलर: ग्राहकों को CMF Phone 2 Pro में चार कलर ऑप्शन मिलेंगे. जिसमें ब्लैक(Black), व्हाइट(White), लाइट ग्रीन (Light Green) और ओरेंज (Orange) कलर का ऑप्शन दिया गया है. ऐसे में अगर आप गेम स्पोर्ट्सने या फिर फोटोग्राफी के शौकीन हैं तो फिर ये फोन आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है. यह भी पढ़ें: Insta360 X5 Review: अब 8K में दिखेगा हर ऐंगल, स्मार्ट AI फीचर्स और 360° वीडियो के साथ आया पावरफुल Action Camera टेक्नोलॉजी की अन्य समाचारें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें टेक टिप्स की अन्य समाचारें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें The post CMF Phone 2 Pro की पहली सेल पर मिल रहा 2000 रुपये तक का डिस्काउंट, चेक करें डिटेल्स appeared first on Naya Vichar.

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Sonu Nigam: ‘यही तो वजह है पहलगाम वाली घटना’, सोनू निगम को ऐसा बोलना पड़ गया भारी, पुलिस ने भेजा नोटिस

Sonu Nigam: सोनू निगम पर बेंगलुरु में हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान कन्नड़ समुदाय की भावनाएं आहत करने का आरोप लगा था. FIR के बाद गायक सोनू निगम ने कहा था कि उन्हें कार्यक्रम के दौरान कुछ लड़कों ने कन्नड़ में गाना गाने के लिए धमकाया था. निगम ने लोगों से आग्रह किया कि वे कुछ लोगों की कृत्य की वजह से पूरे समुदाय को जिम्मेदार ना ठहराएं. सोनू निगम पर क्या है आरोप? बेंगलुरु के अवलहल्ली पुलिस थाने में शनिवार को मशहूर गायक सोनू निगम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. आरोप है कि एक दर्शक द्वारा कन्नड़ में गाने की मांग करने पर उन्होंने जवाब दिया, “कन्नड़, कन्नड़… यही तो वजह है पहलगाम वाली घटना की.” Karnataka | The Bengaluru District Police has issued a notice to singer Sonu Nigam, asking him to appear before the investigation officer within a week. This action follows an FIR registered against him at the Avalahalli Police Station in Bengaluru Rural District, based on a… pic.twitter.com/f3PAnwko8G — ANI (@ANI) May 5, 2025 सोनू निगम के खिलाफ दायर याचिका में क्या है? ‘कर्नाटक रक्षण वेदिके’ (केआरवी) के अध्यक्ष धर्मराज अनंतैया ने अपनी शिकायत में कहा कि निगम ने न केवल कन्नड़ लोगों का अपमान किया है, बल्कि कन्नड़ गीत के अनुरोध को आतंकवादी कृत्य से जोड़कर उनके सांस्कृतिक गौरव और भाषाई पहचान की तुलना हिंसा और असहिष्णुता से की है. सोनू निगम ने वीडियो पोस्ट कर अपने पक्ष रखा सोनू निगम ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करके अपना पक्ष रखा. निगम ने कहा, “वहां चार-पांच गुंडे किस्म के लोग थे जो जोर-जोर से ‘कन्नड़-कन्नड़’ चिल्ला रहे थे. कुछ लड़कियां उन्हें समझा रही थीं कि ऐसा मत करो, माहौल खराब हो रहा है. मैं उन चार-पांच लोगों को बस ये बताना चाहता था कि पहलगाम में जब आतंकवादियों ने हमला किया था, तब उन्होंने किसी से ये नहीं पूछा था कि वे कौन-सी भाषा बोलते हैं…” सोनू निगम ने दर्शकों पर धमकी देने का लगाया आरोप सोनू निगम ने कहा, “आपको उन्हें दर्शकों के रूप में एक कलाकार को गाने के लिए मजबूर करने की धमकी नहीं देनी चाहिए. एक कलाकार को दर्शकों के दबाव या डर के कारण गाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए. जो लोग दूसरों को भड़काते हैं, उन्हें उसी वक्त रोकना जरूरी है. अगर कोई नफरत के बीज उस जमीन पर बो रहा है, जहां हमेशा प्यार पनपा है, तो हमें उसे रोकना चाहिए.” कन्नड़ लोग बहुत अच्छे होते हैं : सोनू निगम सोनू निगम ने कहा, कन्नड़ लोग बहुत ही अच्छे होते हैं, इसलिए कुछ लोगों की हरकतों के आधार पर पूरे समुदाय को दोष देना ठीक नहीं. उन्होंने कहा, “वहां सिर्फ चार-पांच लड़के थे जो मेरे पहले गाने के बाद मुझे गुस्से के साथ घूर रहे थे. वे गाना गाने की मांग नहीं कर रहे थे, बल्कि धमका रहे थे. आप चाहें तो वहां मौजूद लोगों से इस बारे में पूछ सकते हैं.” The post Sonu Nigam: ‘यही तो वजह है पहलगाम वाली घटना’, सोनू निगम को ऐसा बोलना पड़ गया भारी, पुलिस ने भेजा नोटिस appeared first on Naya Vichar.

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11 की उम्र में जीजा से शादी, पिटाई के बाद देवर को दिया दिल… इश्क की उलझी कहानी

Churu Love Story: राजस्थान के चुरू जिले से एक चौंकाने वाली और दर्दभरी कहानी सामने आई है. जहां रिश्तों की जटिलता और सामाजिक दबावों ने एक युवती की ज़िंदगी को मोड़ दिया. यहां 23 साल की एक लड़की ने अपने देवर के साथ लिव-इन में रहने का फैसला किया है. जबकि उसका बाल विवाह महज 11 साल की उम्र में उसके जीजा से करा दिया गया था. बचपन में जीजा से हुई जबरन शादी लड़की के मुताबिक, उसकी बड़ी बहन की मौत के बाद परिवार ने महज 11 साल की उम्र में उसकी शादी उसी के जीजा से कर दी थी. शादी का उद्देश्य था कि वह अपनी बहन के बच्चों की परवरिश कर सके. लेकिन यह रिश्ता कभी भी उसे स्वीकार नहीं था. उसका पति शराबी था, अक्सर मारपीट करता और कभी प्रेम या सम्मान नहीं दिया. देवर बना सहारा, प्यार में बदला रिश्ता पति और ससुराल में मिले अपमान और अत्याचार से तंग आकर लड़की को अपने देवर में सहारा मिला. धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हुई जो प्यार में बदल गई.13 फरवरी को दोनों घर से भाग निकले और करीब ढाई महीने तक देश के कई राज्यों में भटकते रहे. मंदिरों में शरण ली और गुरुग्राम जैसे शहरों में अस्थायी रूप से रुके. अब जान का खतरा पुलिस से लगाई गुहार लड़की ने बताया कि परिवारवाले उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं. चूरू पुलिस अधीक्षक के सामने पहुंचकर उसने सुरक्षा की गुहार लगाई है. उसका कहना है कि शादी उसके ऊपर थोपी गई थी और उसने कभी पति को पति की तरह स्वीकार नहीं किया. अब वह अपनी मर्जी से जीवन जीना चाहती है लेकिन उसे अपने परिवार से ही खतरा है. यह भी पढ़ें.. हिंदुस्तान में कौन सी जाति है सबसे बड़ी? जनगणना से पहले जानें अहम आंकड़े यह भी पढ़ें.. आधा हिंदुस्तान नहीं जानता कहां से निकलती है सिंधु नदी The post 11 की उम्र में जीजा से शादी, पिटाई के बाद देवर को दिया दिल… इश्क की उलझी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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रांची में मां बगलामुखी महोत्सव पर भंडारा और सहस्रार्चन

Maa Baglamukhi Mahotsav Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में मां बगलामुखी महोत्सव मनाया गया. इस अवसर पर भंडारा और मां बगलामुखी का सहस्रार्चन किया गया. आयोजन रांची के बरियातु स्थित श्री राम जानकी मंदिर हाउसिंग कॉलोनी में हुआ. इसी कॉलोनी में मां बगलामुखी, महादेव, कच्छप भगवान और सिद्धिविनायक गणेशजी की षोडषोपचार पूजा हुई. पंडित रामदेव पांडेय के पौरोहित्य में हुआ मंत्रोच्चार आचार्य पंडित रामदेव पांडेय के पौरोहित्य में पं रजनीश पाठक, पं राजेश पांडेय, पं मंगलम कुमार के मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न हुआ. इसके बाद खिचड़ी के महाप्रसाद का भंडारा हुआ. मंगलवार को मां बगुलामुखी पीतांबरा देवी के दर्शन-पूजन के लिए यहां भक्तगण हल्दी की माला, बेसन के लड्डू, इत्र आदि से पूजन करते हैं. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें हजारों तुलसी दल से हुआ सहस्रार्चन महोत्सव में पीला कनेर, बेलपत्र, अकवन, बादाम और हजारों तुलसी दल से सहस्रार्चन किया गया. यजमान विभा सिंह, जय सिंह, जया सिंह, वैभवी जयपुरियार, उमेश कुमार, अमरेंद्र कुमार सिंह सहित अनेक लोगों ने इसमें भाग लिया. इसे भी पढ़ें 5 मई को रांची, धनबाद, जमशेदपुर समेत झारखंड के 24 जिलों में क्या है एलपीजी सिलेंडर का रेट 6 मई तक उत्तर-पश्चिमी भागों को छोड़ पूरे झारखंड में वज्रपात का येलो अलर्ट बिशप निर्मल मिंज ने 1971 में रांची में की थी गोस्सनर कॉलेज की स्थापना Vishu Sendra Festival: ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ दलमा पहुंचे 2-3 हजार सेंदरा वीर, घने जंगलों में कूच करेंगे The post रांची में मां बगलामुखी महोत्सव पर भंडारा और सहस्रार्चन appeared first on Naya Vichar.

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सरकार देगी उच्च शिक्षा के लिये 15 लाख तक का लोन, ऐसे करें अप्लाई

Hemant Soren Gift: झारखंड प्रशासन बच्चों को उच्च शिक्षा देने के लिये कई योजनाएं चलाती हैं. इन्हीं योजनाओं में शामिल है गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (GSCC) योजना, जिसे उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने बच्चों को पढ़ाई में आर्थिक सहायता प्रदान के लिये शुरू किया है. इस योजना का उद्देश्य है कि कोई भी विद्यार्थी पैसों की तंगी के कारण अपनी पढ़ाई नहीं छोड़े. इसके तहत प्रशासन पात्र स्टूडेंट्स को 4% की कम ब्याज दर पर 15 लाख रूपये तक का लोन देती है. इसमें स्त्रीओं को अतिरिक्त लाभ दिया जाता है. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें कौन कर सकते हैं आवेदन गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लेने वाले स्टूडेंट्स झारखंड राज्य का स्थानीय निवासी होने चाहिए. साथ ही उनके पास झारखंड के किसी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान का 10वीं, 12वीं या डिप्लोमा का प्रमाण पत्र होना आवश्यक है. इसके अलावा योजना के लिये अप्लाई करने वाले आवेदक का पहले किसी राज्य सहकारी बैंक, केंद्रीय सहकारी बैंक, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक या किसी सार्वजनिक या निजी क्षेत्र के बैंक से शिक्षा ऋण नहीं लिया होना चाहिए. आवेदक की उम्र 18 साल से अधिक होना जरूरी है. साथ ही आवेदक की पारिवारिक आय सालाना 6 लाख रूपये से कम होनी चाहिए. क्या मिलेगा योजना से लाभ इस योजना के तहत आवेदकों को 4% की सब्सिडी वाली ब्याज दर पर ₹15,00,000/- तक का एजुकेशन लोन दिया जायेगा. इसे चुकाने के लिये उन्हें 15 साल तक का समय दिया जायेगा. साथ ही आवेदकों को ऋण प्रसंस्करण, स्वीकृति या संवितरण के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं देना होगा. इस योजना से संबंधित अधिक जानकारी आप झारखंड प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट https://gscc.jharkhand.gov.in/ पर जाकर देख सकते हैं. ये हैं आवश्यक दस्तावेज इस योजना के लिये अप्लाई करने के लिये आवेदकों को कुछ आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करना होगा. इन दस्तावेजों में आधार कार्ड, रंगीन पासपोर्ट साइज का फोटो, प्रवेश पत्र, राशन कार्ड, आवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और जन्म प्रमाण पत्र शामिल हैं. ऐसे करें अप्लाई गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लेने के लिये सबसे पहले प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट https://gscc.jharkhand.gov.in/ पर जाएं. ऐसे स्टूडेंट्स जो पहले से पंजीकृत नहीं हैं, वो “पंजीकरण” विकल्प पर क्लिक करें और अपनी जानकारी भरें. इसके बाद आप वेबसाइट पर ऑनलाइन फॉर्म आवेदन भरें. फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी ध्यानपूर्वक भरें. फिर आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, और कॉलेज/विश्वविद्यालय द्वारा जारी पहचान पत्र अपलोड करें. आवेदक फॉर्म में सभी जानकारी भरने के बाद, फॉर्म को सबमिट करें. आखिर में फॉर्म की प्रति डाउनलोड करके अपने पास रख लें. इसे भी पढ़ें साहिबगंज में नकाबपोश अपराधियों ने की दुकानदार की हत्या, दुकान में घुसकर मारी गोली हिज्ब उत-तहरीर के संदिग्धों ने पूछताछ में दी कई अहम जानकारी, एटीएस कर रहा सत्यापन गिरिडीह में फेंकी मिली मरीजों को दी जाने वाली लाखों रूपये की दवाइयां, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप खूबसूरत टेराकोटा मंदिरों से सजा है झारखंड के इस गांव का इतिहास The post प्रशासन देगी उच्च शिक्षा के लिये 15 लाख तक का लोन, ऐसे करें अप्लाई appeared first on Naya Vichar.

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Muzaffarpur Litchi: शाही लीची पर इस बार मौसम की मार, किसान हुए मायूस, कर रहे इंतजार

Muzaffarpur Litchi: बिहार के कई जिलों में इन दिनों मौसम ने करवट ले लिया है. कहीं जमकर बारिश हो रही है तो कहीं लोगों को भीषण गर्मी का सितम झेलना पड़ रहा है. ऐसे में मौसम की मार लीची की पैदावार पर देखी जा रही है. मालूम हो कि, मुजफ्फरपुर की शाही लीची पूरे देशभर में मशहूर है. लोगों को यहां की लीची खूब भाती है. लेकिन, इस बार लीची की पैदावार करने वाले किसान मायूस नजर आ रहे हैं.     बढ़ते तापमान और बारिश की कमी दरअसल, लगातार बढ़ते तापमान और बारिश की कमी की वजह से कई लीची के फल खराब हो रहे हैं और कुछ फल फट भी रहे हैं. जिले में बारिश न होने के कारण लीची की अच्छी पैदावार नहीं हो पा रही है, जिससे किसान परेशान हैं और जल्द ही बारिश होने की आस लगाए बैठे हैं. जानकारी के मुताबिक, जिले में करीब बारह हजार एकड़ में लीची की खेती होती है. लेकिन, इस बार मौसम की मार और समय से पहले भीषण गर्मी ने किसानों को मायूस कर दिया है. पेड़ों पर लगे कई फल झुलसने लगे हैं, जिससे किसान बहुत परेशान हैं.  किसान खुद ही पेड़ों में डाल रहे पानी किसानों की माने तो, मौसम सही नहीं होने के कारण लीची फटने भी लगी है और तेज गर्मी से उसके छिलके सूखने लगे हैं. अनुमान भी यह लगाया जा रहा है कि, अगर अगले सात दिनों तक ऐसा ही मौसम रहा तो इस बार लीची की पैदावार कम होगी और बाजार में लीची कम दिखाई देगी. किसानों की माने तो, किसान खुद ही लीची के पेड़ में पानी डालकर उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं. ताकि पैदावार अच्छी हो सके और सही दाम पर बाजारों में बेच पाएं. Also Read: बिहार में आसमान से बरसी मौत! वज्रपात से दो स्त्रीओं की हुई दर्दनाक मौत The post Muzaffarpur Litchi: शाही लीची पर इस बार मौसम की मार, किसान हुए मायूस, कर रहे इंतजार appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल से सटे जिले में अवैध अतिक्रमण पर सीएम योगी सख्त, मदरसे-ईदगाह पर हुई कार्रवाई

Illegal Madrasas: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नेपाल सीमा से सटे जिलों में अवैध कब्जों और बिना स्वीकृति वाले धार्मिक संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई रविवार को भी जारी रही. पीलीभीत, श्रावस्ती, बलरामपुर, बहराइच, सिद्धार्थनगर और लखीमपुर खीरी में रविवार को स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया. इस दौरान श्रावस्ती में शासकीय भूमि पर बने अवैध मदरसे और ईदगाह को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई. अवैध मदरसों के खिलाफ की गई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई श्रावस्ती जिला प्रशासन ने जानकारी दी कि शासकीय भूमि पर बने अवैध और बिना मान्यता प्राप्त मदरसों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई. इसमें जमुनहा तहसील के मदरसा रिजविया गौसिया उलूम खलीफतपुर, मदरसा दारूल उलूम गरीब नवाज रजा ए मुस्तफा इमलिया करनपुर और मदरसा इस्लामिया अरबिया तलिमुल कुरआन कुंडा शामिल थे. इसके अलावा, भिनगा तहसील के मदरसा दारूल उलूम अहले सुन्नत गौसे आजम बन्ठिहवा, इकौना तहसील के मदरसा इस्लामिया चिन्तयो गरीब नवाज अलीनगर और अवैध ईदगाह खांवापोखर पर भी कार्रवाई की गई. सिद्धार्थनगर में मिले 21 अवैध निर्माण सिद्धार्थनगर के अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) और अपर पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि नेपाल सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में कुल 21 धार्मिक स्थलों (4 मस्जिद और 17 अवैध मदरसे) शामिल हैं. प्रशासन की तरफ से 19 अतिक्रमणों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं, जबकि दो मदरसों के खिलाफ अवैध कब्जा हटाने का काम किया गया. यह भी पढ़ें- नागालैंड के शैक्षणिक अनुभव से सुधरेगी यूपी की शिक्षा, SCERT प्रतिनिधिमंडल ने किया पांच दिवसीय दौरा यह भी पढ़ें- Video: सिर्फ 10 मिनट और बिछा देंगे लाशें… किसान नेता के बिगड़े बोल, देखें वीडियो बलरामपुर में 39 मदरसे मिले बलरामपुर के ADM ने बताया कि अब तक 39 अवैध मदरसे, धार्मिक स्थलों की पहचान हुई है, जिनमें से 24 अवैध इमारतों को सील कर दिया गया है. सार्वजनिक भूमि पर 19 अवैध कब्जे चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से सात से कब्जा हटा लिया गया है. बाकी 12 में से छह को नोटिस जारी की गई है और तय अवधि के बाद इन पर कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा, छह अन्य सार्वजनिक भूमि में से चार पर वन विभाग और दो पर लोक निर्माण विभाग कार्रवाई करेगा. अवैध कब्जा हटाने की हुई कार्रवाई पीलीभीत जिला प्रशासन ने जानकारी दी कि रविवार को सार्वजनिक भूमि पर स्थित एक मस्जिद की पहचान की गई. मस्जिद को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है. इस अवधि के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा, लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने बताया कि दो दिनों के भीतर सार्वजनिक भूमि पर तीन अवैध अतिक्रमण की पहचान की गई. रविवार को एक अवैध मजार की पहचान हुई है. प्रशासन और पुलिस ने यहां से एक मस्जिद, एक मजार और दो ईदगाहों से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की, जिनमें से एक ईदगाह को सील कर दिया गया है. बहराइच में 158 अवैध अतिक्रमण पर हुई कार्रवाई बहराइच के डीएम और एसपी ने बताया कि इंडो-नेपाल सीमा के 10 किलोमीटर क्षेत्र में प्रशासनी भूमि पर 158 अवैध अतिक्रमण से कब्जा हटा लिया गया है. रविवार को एक अवैध ईदगाह से अतिक्रमण हटाने का काम किया गया. कुल 24 स्थानों पर अवैध कब्जे की पहचान की गई और उन पर कार्रवाई की गई. 10 मदरसे सील कर दिए गए, जबकि तीन को हटा लिया गया है. यह भी पढ़ें- धर्म संसद में पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, हिन्दू राष्ट्र सहित 7 प्रस्ताव पारित The post नेपाल से सटे जिले में अवैध अतिक्रमण पर सीएम योगी सख्त, मदरसे-ईदगाह पर हुई कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

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RBSE Rajasthan Board 10th Result: बिग अपडेट! इस दिन जारी हो सकता है राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट

Rajasthan Board RBSE 10th Result: लाखों छात्रों के लिए बड़ी समाचार आ रही है. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 10वीं कक्षा का रिजल्ट 15 मई 2025 तक घोषित किया जा सकता है. आधिकारिक तारीख जल्द ही बोर्ड की वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जारी की जाएगी. हर साल की तरह इस बार भी राजस्थान में 10वीं बोर्ड रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है. यह रिजल्ट छात्रों के लिए करियर की पहली बड़ी सीढ़ी होती है. इस साल परीक्षा 7 मार्च से 30 मार्च 2025 के बीच आयोजित हुई थी. बोर्ड अधिकारियों के अनुसार कॉपियों की जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और तकनीकी तैयारी अंतिम चरण में है. ऐसे में यहां देखें रिजल्ट को लेकर लेटेस्ट अपडेट और डाउनलोड करने की प्रक्रिया. कैसे चेक करें RBSE राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट ? सबसे पहले राजस्थान बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं. “RBSE Secondary 10th Result 2025” के लिंक पर क्लिक करें. अपना रोल नंबर और जन्मतिथि भरें. ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करें, स्क्रीन पर आपका रिजल्ट दिख जाएगा. रिजल्ट को चेक करने के बाद डाउनलोड कर के रख लें. 20 लाख छात्रों को रिजल्ट का इंतजार इस साल राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के लिए करीब 20 लाख छात्रों ने आवेदन किया था. ये परीक्षाएं 6 मार्च से 4 अप्रैल 2025 के बीच पूरे राज्य में सफलतापूर्वक आयोजित की गईं. परीक्षा संचालन के लिए राजस्थान में कुल 6,187 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. अब परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं और छात्र बेसब्री से अपने परिणाम का इंतजार कर रहे हैं, जो मई 2025 में जारी होने की संभावना है. Also Read: RPSC Calendar 2025: राजस्थान में प्रशासनी परीक्षाओं का कैलेंडर जारी, लिस्ट में देखें कब होगा कौन सा एग्जाम Also Read: Ajit Doval Salary: किस पद पर तैनात हैं 80 साल के अजीत डोभाल, सैलरी जानकर उड़ जाएंगे होश The post RBSE Rajasthan Board 10th Result: बिग अपडेट! इस दिन जारी हो सकता है राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट appeared first on Naya Vichar.

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Pahalgam Terror Attack: SC में पर्यटकों की सुरक्षा की मांग वाली याचिका खारिज, याचिकाकर्ता को लगाई फटकार

Pahalgam Terror Attack: सुप्रीम कोर्ट ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को लेकर दायर एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया. याचिका में पर्यटकों की सुरक्षा की मांग की गई थी. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने जनहित याचिका दायर करने के लिए अधिवक्ता विशाल तिवारी की जमकर खिंचाई की. कोर्ट ने कहा कि इसे बिना किसी सार्वजनिक हित के केवल प्रचार पाने के लिए दाखिल किया गया है. कोर्ट ने पूछा, आपने इस तरह की याचिका क्यों दायर की? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने तिवारी से कहा, “आपने इस तरह की जनहित याचिका क्यों दायर की है? आपका असली मकसद क्या है? क्या आप इस मुद्दे की संवेदनशीलता को नहीं समझते? मुझे लगता है कि इस जनहित याचिका को दायर करने के लिए आपके ऊपर भारी जुर्माना लगना चाहिए.” याचिकाकर्ता वकील ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों को निशाना बनाया गया है, इसलिए, वह उनकी सुरक्षा के लिए निर्देश जारी करने का अनुरोध कर रहे हैं. 22 अप्रैल को पहलगाम में हुआ था आतंकवादी हमला, 26 लोगों की गई थी जान 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने अनंतनाग जिले के पहलगाम के ऊपरी इलाकों में स्थित लोकप्रिय पर्यटन स्थल बैसरन में गोलीबारी की, जिसमें 26 लोग मारे गए. मृतकों में ज्यादातर पर्यटक थे. इस घटना ने हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच तनाव को बढ़ा दिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हत्यारों का पृथ्वी के आखिरी छोर तक पीछा किया जाएगा. The post Pahalgam Terror Attack: SC में पर्यटकों की सुरक्षा की मांग वाली याचिका खारिज, याचिकाकर्ता को लगाई फटकार appeared first on Naya Vichar.

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केतु का गोचर बदल सकता है आपकी किस्मत? जानें राशि अनुसार फल

Ketu Gochar 2025: केतु राहु के समान एक अशुभ ग्रह है, जिसे छाया ग्रह के नाम से भी जाना जाता है. इसका कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं है और न ही इसका कोई विशेष राशि है; यह जिस राशि में स्थित होता है, उसी के अनुसार अपना प्रभाव उत्पन्न करता है. इसके प्रभाव से कुछ विषयों में अधिक लाभ प्राप्त होता है. केतु स्त्री कारक ग्रह है, इसलिए केतु से प्रभावित व्यक्तियों में स्त्री के समान गुण होते हैं, यही कारण है कि इन्हें स्त्रियों के साथ मित्रता अधिक होती है. केतु वृश्चिक और धनु राशि में उच्च स्थिति में होते हैं. केतु अश्विनी, मघा और मूल नक्षत्रों के स्वामी हैं. केतु रचनात्मक कार्यों में लाभ प्रदान करते हैं और उन्हें पूर्ण सफलता प्राप्त होती है. केतु के शुभ प्रभाव से जल संबंधी व्यापार में लाभ होता है. उन्हें यात्रा करना बहुत पसंद है. इसके अलावा, केतु व्यक्ति के जीवन में मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूती प्रदान करते हैं, जिससे वे अनुसंधान में अधिक ध्यान केंद्रित कर पाते हैं. यही कारण है कि केतु के प्रभाव से व्यक्ति को नेतृत्वक क्षेत्र में सफलता मिलती है. केतु मूलांक 7 का प्रतिनिधित्व करते हैं और धर्म के मामलों में रूढ़िवादी विचारों को मानते हैं. जन्म कुंडली में केतु के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में विभिन्न प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न होती हैं. कार्यक्षेत्र में हानि होती है, अधिकारियों के साथ विवाद की स्थिति बनती है, मन में अचानक परिवर्तन होता है जिससे व्यक्ति भ्रमित रहता है. मानसिक चिंता बढ़ जाती है और जीवन के कार्य सुगमता से नहीं हो पाते हैं, स्वास्थ्य में भी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं. केतु का सिंह राशि में गोचर का प्रभाव केतु 18 मई 2025 को बुध की राशि कन्या से निकलकर सिंह राशि में गोचर करेगे सिंह राशि में केतु 18 महीना संचरण करेंगे. सिंह राशि के स्वामी सूर्य है केतु छाया ग्रह है सूर्य और केतु एक दूसरे का शत्रु मानते है इस गोचर का प्रभाव नकारात्मक रहेगा जिसे व्यक्ति के जीवन में मानसिक तनाव, विवाद, कार्य में बाधा, नौकरी में परेशानी बनेगी, स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा. कब करेंगे केतु गोचर 18 मई 2025 संध्या 04:30 मिनट पर कन्या राशि से निकल सिंह राशि में गोचर करेंगे. केतु के गोचर से मेष से लेकर मीन राशि के लिए कैसा रहेगा मेष राशि मेष राशि के जातक के लिए पांचवे भाव में गोचर होने से मन में असंतोष की भावना उत्पन्न होगी, संतान की उन्नति में रुकावट आएगी, जबकि भाई से सुख की प्राप्ति होगी. कार्यक्षेत्र में मजबूती आएगी, विदेश यात्रा संभव है, लेकिन जानवरों से भय रहेगा और ऊपरी बाधाओं के कारण परेशानियां उत्पन्न होंगी. स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहेगा. वृष वृष राशि के जातकों के चौथे भाव में केतु का गोचर होने से उन्हें धन और संपत्ति का लाभ होगा, उनकी वाणी मधुर रहेगी. हालांकि, आलस्य बढ़ सकता है और मन में चंचलता बनी रहेगी. माता के स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है और पारिवारिक संपत्ति को लेकर विवाद उत्पन्न हो सकता है, जिससे कार्य क्षेत्र में बाधाएं आ सकती हैं. मिथुन मिथुन राशि के जातकों के लिए केतु का तीसरे भाव में गोचर धन में वृद्धि, शत्रुओं की पराजय, मान-सम्मान में कमी, यश में वृद्धि और विदेश यात्रा का संकेत देता है, हालांकि वे कुछ बाहरी बाधाओं से परेशान रह सकते हैं. कर्क कर्क राशि के जातकों के लिए केतु का दूसरे भाव में गोचर कुटुंब के सुख में कमी लाएगा, जबकि धन लाभ होगा. बातचीत के दौरान सावधानी बरतें, करियर में उन्नति होगी, और नौकरी करने वालों को अधिकारियों से मान-सम्मान प्राप्त होगा. स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा. सिंह सिंह राशि के जातकों के लिए केतु का पहला भाव में गोचर शुभ परिणाम लाएगा, हालांकि मेहनत करनी पड़ेगी. मन में चंचलता रहेगी, व्यापार में परिवर्तन आएगा, कार्य क्षेत्र में कठिनाइयाँ होंगी, और दांपत्य जीवन अनुकूल नहीं रहेगा. कन्या कन्या राशि के जातक केतु द्वादश भाव के स्वामी होते हैं. धर्म के कार्यों से लाभ प्राप्त होगा, लेकिन खर्च में वृद्धि होगी. शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी. स्वभाव में परिवर्तन आएगा, मित्रों का सहयोग नहीं मिलेगा. जो लोग विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें लाभ होगा, जबकि पेट से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. तुला तुला राशि के जातक के लिए केतु का एकादश भाव में गोचर होने से उनके व्यवहार में परिवर्तन आएगा, अचानक खर्च में वृद्धि होगी, समाज में प्रतिष्ठा और सम्मान प्राप्त होगा, अनुचित साधनों से धन की प्राप्ति होगी, प्रेम संबंधों में कमी आएगी और व्यापार में लाभ होगा. वृश्चिक वृश्चिक राशि के केतु का दशम भाव में गोचर होने से आपके समाज में प्रभाव बढ़ेगा, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, आय के कई नए स्रोत खुलेंगे, और व्यापार में प्रगति होगी. हालांकि, पिता के साथ संबंधों में तनाव उत्पन्न हो सकता है और नौकरी में समस्याएँ आ सकती हैं. धनु धनु राशि के जातक केतु के नवम भाव में गोचर कर रहे हैं. कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी. विरोधी धार्मिक यात्रा का रूप लेगा और मन तथा विचार धार्मिक होंगे. विदेश यात्रा की योजना बनाने वालों को सफलता मिलेगी. भाग्य का साथ मिलेगा और प्रशासनी कार्यों से लाभ होगा. मकर मकर राशि के जातकों के लिए केतु का आठवें भाव में गोचर उनके पराक्रम में वृद्धि करेगा, लेकिन धन लाभ में कमी आएगी. कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग नहीं मिलेगा, और उन्हें मूत्र रोग तथा गुप्त रोगों से परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. कुम्भ कुम्भ राशि के जातक केतु के सप्तम भाव में गोचर करने से रिश्तों में कमी आएगी, दांपत्य जीवन में तनाव उत्पन्न होगा, व्यापार में लाभ होगा, लेकिन मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहेगी और गलत संगत से समस्याएं उत्पन्न होंगी. आर्थिक स्थिति भी संतोषजनक नहीं रहेगी. मीन मीन राशि के जातक केतु के छठे भाव में गोचर करने से उनके पराक्रम में वृद्धि होगी, लेकिन विवाद उत्पन्न हो सकते हैं. उन्हें कोर्ट और कचहरी के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं, जिससे वित्तीय हानि हो सकती है. प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता प्राप्त होगी, लेकिन वे कुछ बाहरी बाधाओं से परेशान रहेंगे. जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके

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