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May 19, 2025

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‘धोनी से भी…’ गुजरात टाइटंस के कोच को ही गिल पर नहीं भरोसा! कहा- टेस्ट कप्तानी में जम्मेदारी अभी…

GT Coach on Shubman Gill Indian Team Test Captaincy: गुजरात टाइटंस के सहायक कोच आशीष कपूर का मानना ​​है कि शुभमन गिल एक ‘सोच-समझकर स्पोर्ट्सने वाले क्रिकेटर’ हैं, लेकिन यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि अगर उन्हें हिंदुस्तानीय टीम की कमान सौंपी जाती है तो वह टेस्ट प्रारूप में अपनी टी20 कप्तानी की सफलता को दोहरा पाएंगे या नहीं. मौजूदा सत्र में गुजरात टाइटंस को अपनी कप्तानी में आईपीएल प्लेऑफ में पहुंचाने वाले गिल को रोहित शर्मा के हाल ही में संन्यास लेने के बाद टेस्ट क्रिकेट में उनके संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है. रविवार रात मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कपूर ने कहा, ‘‘अगर आप शुभमन को बल्लेबाज या मूल रूप से क्रिकेटर के तौर पर देखते हैं, वह सोच-समझकार काम करने वाला है या नहीं, मुझे लगता है कि वह अपने स्पोर्ट्स के बारे में काफी सोच-समझकर काम करता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उसे अंडर-16 के दिनों से देखा है. असल में मैंने उसके साथ एनसीए में दो शिविर किए हैं. उस समय भी उसने अपनी उम्र के कई अन्य खिलाड़ियों की तुलना में अपने दिमाग का बहुत अधिक उपयोग किया. यह एक कप्तान के लिए एक महत्वपूर्ण गुण है, उसे ना केवल अपने लिए बल्कि दस अन्य खिलाड़ियों के लिए भी सोचना है और मैच जीतने की योजना बनाना है.’’ सीमित अनुभव के आधार पर आकलन करना मुश्किल हिंदुस्तान 20 जून से लीड्स में इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैच की श्रृंखला की शुरुआत करने को तैयार है और इस सप्ताह नए टेस्ट कप्तान की घोषणा होने की उम्मीद है. यह पूछे जाने पर कि अगर अवसर दिया जाता है तो गिल लाल गेंद के कप्तान के रूप में कैसा प्रदर्शन कर सकते हैं, कपूर ने कहा कि सीमित अनुभव के आधार पर नेतृत्व क्षमताओं का आकलन करना मुश्किल है. हिंदुस्तान के इस पूर्व स्पिनर ने कहा, ‘‘मैं कोई ज्योतिषी नहीं हूं. हम उन्हें टी20 क्रिकेट में नेतृत्व करते हुए देख रहे हैं लेकिन जब धोनी को विश्व कप (2007 में) के लिए कप्तान बनाया गया था तब उन्होंने कहीं भी कप्तानी नहीं की थी. तब किसी को नहीं पता था कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में से एक बन जाएगा.’’ धोनी से भी पूछने पर कोई जवाब नहीं मिलता कपूर ने कहा, ‘‘अगर आप उस समय किसी से पूछते, यहां तक कि खुद धोनी से भी कि वह अपनी कप्तानी के बारे में क्या सोचते हैं, तो कोई जवाब नहीं मिलता. किसी भी तरह का निर्णय लेने से पहले आपको एक खिलाड़ी को काफी समय तक देखना होता है. शुभमन ने अभी शुरुआत भी नहीं की है इसलिए यह कहना बहुत मुश्किल है.’’ यानी टेस्ट कप्तानी में गिल की योग्यता का आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी. ‘साई सुदर्शन स्मार्ट क्रिकेटर हैं’- कपूर कपूर ने पारंपरिक क्रिकेट शॉट स्पोर्ट्सने के लिए साई सुदर्शन की भी प्रशंसा की. सुदर्शन ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ नाबाद 108 रन की पारी स्पोर्ट्सी और आईपीएल के मौजूदा सत्र में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए. कपूर ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वे खुद भी स्पोर्ट्स को अच्छी तरह समझते हैं. वे स्मार्ट क्रिकेटर हैं, स्मार्ट शिशु हैं. आपको उन्हें कभी-कभी बताते रहना चाहिए लेकिन वे अपने स्पोर्ट्स का विश्लेषण खुद करते हैं. वे आक्रमण करना चाहते हैं. अगर आप देखें तो उसके आक्रामक शॉट भी बाउंड्री हैं. अगर उसे कोई छोटी या कमजोर गेंद मिलती है तो वह छक्का जड़ देता है. लेकिन बाकी सभी उचित क्रिकेट है, जमीन से छूते हुए आक्रामक शॉट. वह अपनी पारी की शुरुआत में इन शॉट को स्पोर्ट्सने के लिए अधिक जागरूक है. पिछले साल यह प्रतिशत कम था जो इस साल बेहतर हो गया है.’’ श्रेयस को मिलना चाहिए था, लेकिन… सुनील गावस्कर ने कहा कुछ ऐसा  निशाना लगा गंभीर पर! BCCI का फैसला पाकिस्तान को पड़ेगा बहुत भारी, एशिया कप से बाहर हो रहा हिंदुस्तान, रिपोर्ट ‘बुमराह ने खुद…’ कप्तानी पर पूर्व खिलाड़ी ने BCCI को चेताया, कहा- टेस्ट क्रिकेट में योग्यता… The post ‘धोनी से भी…’ गुजरात टाइटंस के कोच को ही गिल पर नहीं भरोसा! कहा- टेस्ट कप्तानी में जम्मेदारी अभी… appeared first on Naya Vichar.

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Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: गोगी की भूमिका निभाने पर समय शाह ने तोड़ी चुप्पी, कहा- सीनियर एक्टर्स हमारे…

Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: तारक मेहता का उल्टा चश्मा में गोगी का किरदार निभाने वाले समय शाह पिछले 17 सालों से शो का हिस्सा रहे हैं. टप्पू सेना के सदस्य के तौर पर वह सेट पर ही पले-बढ़े. उनकी एक्टिंग को दर्शक काफी ज्यादा पसंद करते हैं. अब एक्टर ने शो में काम करने के अपने एक्सपीरियंस को लेकर बात की. गोगी का किरदार निभाने पर क्या बोले समय शाह तारक मेहता का उल्टा चश्मा में काम करने पर बात करते हुए टाइम्स ऑफ इंडिया से समय शाह ने कहा, ”जब मैं शो में शामिल हुआ तो सभी जानते थे कि मैं बहुत छोटा था, मुझे अपने परफॉर्मेंस का ग्राफ सही से पता नहीं था, लेकिन आसपास के लोगों ने सिखाया कि दर्शक के रिव्यू से पता चलता है कि आप कैसा कर रहे हो. मेरे किरदार गोगी का मूल उसकी मासूमियत है. चाहे वह कितना भी बड़ा हो जाए, उसकी मासूमियत हमेशा बनी रहेगी. वह सरल और साफ दिल का है और यह कुछ ऐसा है, जो मैंने उसके बारे में गहराई से समझा है. टप्पू सेना संग काम करने पर क्या बोले समय शाह समय शाह ने आगे कहा, ”ईमानदारी से कहूं तो जब भी टप्पू सेना साथ होती है… काम ही नहीं हो पाता. हम इतना शोर मचाते हैं और साथ में मस्ती करते हैं कि सीनियर एक्टर्स हमारे साथ सख्त हो जाते हैं, लेकिन फिर कुछ समय बाद वे भी मस्ती में शामिल हो जाते हैं. हमारी वाइब इतनी जल्दी मैच हो जाती है कि जो भी सीन की डिमांड होती है, हम आराम से उसे कर लेते हैं. नितीश पिछले दो सालों से हमारे साथ हैं. उसने सुर पकड़ लिया है शो का, वे जल्दी से समझ जाते हैं.” असित कुमार मोदी संग काम करने पर क्या बोले समय शाह समय शाह ने कहा, जब मुझे शो के लिए साइन किया गया था, तो मुझे पंजाबी बोलने की जरूरत नहीं थी, क्योंकि मैं काफी छोटी था, लेकिन मुझे याद है कि असित सर के मन में एक बहुत ही दिलचस्प बात थी कि मैं पगड़ी पहनकर और पंजाबी होते हुए भी गुजराती बोली बोलता. हालांकि उस समय इतना छोटा था कि मैं ये सब नहीं बोल पाया. यह भी पढ़ें- श्रेयस को मिलना चाहिए था, लेकिन… सुनील गावस्कर ने कहा कुछ ऐसा निशाना लगा गंभीर पर! The post Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: गोगी की भूमिका निभाने पर समय शाह ने तोड़ी चुप्पी, कहा- सीनियर एक्टर्स हमारे… appeared first on Naya Vichar.

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Early Signs Of Heart Attack: हार्ट अटैक आने से पहले शरीर देता है ये संकेत, समय रहते पहचानना है जरूरी 

Early Signs Of Heart Attack: हम हर बार सोचते हैं कि हार्ट अटैक अचानक आता है, लकें क्या आपने कभी ये सोचा है कि इसकी चेतावनी भी मिलती होगी. हार्ट अटैक आने से पहले कई सारे संकेत हमारे शरीर को मिलते हैं लेकिन हम उनको समझ नहीं पाते है और देर हो जाती है. उन सभी संकेतों को हम हल्के में लेकर दरकिनार करते चले जाते हैं और एक दिन वे सभी संकेत ही काफी नुकसान पहुंचते हैं, तो आइए जानते हैं कि हार्ट अटैक से पहले वो कौन से संकेत है जो हमार शरीर में दिखने लगते है.  हार्ट अटैक से पहले शरीर के कौन से हिस्सों में होता है दर्द?  हार्ट अटैक का सबसे सामान्य और प्रमुख संकेत होता है साइन में दबाव, या जलन अजीब महसूस होना. यह दर्द बाएं तरफ या बीचों बीच भी हो सकता है. लेकिन कई बार लोग इसे गैर का दर्द समझ कर इग्नोर कर देते हैं.  अगर कभी भी आपको बाएं हाथ में बिना किसी वजह के दर्द या झनझनाहट हो रही है, तो यह हार्ट अटैक से जुड़ा इशारा हो सकता है. यह दर्द सीने से शुरू होकर बाएं कंधे, हाथ और यहां तक कि उंगलियों तक जा सकता है.   इन हिस्सों में होने वाला रह-रहकर दर्द, खासकर जब वह किसी विशेष शारीरिक गतिविधि से जुड़ा न हो, तो यह हृदय संबंधी परेशानी का संकेत हो सकता है.  कई बार हार्ट  अटैक से पहले पेट में भारीपन, अपच या गैस जैसा महसूस होता है. इस एलोग सामान्य गैस की तरह समझ कर इसपर ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन कई बार यह नहीं समझ पाते हैं कि ये हार्ट अटैक की चेतावनी होती है.  अगर बिना ज्यादा मेहनत के भी आपकी संस फूलने लगे, या फिर थकान जैसी लगे  तो इसे दरकिनार नहीं करना चाहिए. यह साफ तौर पर संकेत है कि आपके दिल में कोई समस्या है.  इन संकेतों को नहीं करें नजरअंदाज   अगर साइन में दर्द की समस्या बार-बार लौट कर आरही है तो ऐसे में सबसे पहले आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए.  40 के बाद रेगुलर डॉक्टर के पास जाते रहना चाहिए.  अगर परिवार में पहले से किसी को हार्ट अटैक की बीमारी है तो ऐसे में बाकि घरवालों को सतर्क रहना चाहिए.  हार्ट अटैक कभी भी अचानक से नहीं से आता है. ये हमेशा अपने आने से पहले शरीर में कई सारे संकेत देता है. ऐसे में जरूरी है कि हम इन सभी संकेतों को समय रहते पहचान ले और अपना इलाज करवाना शुरू कर दें. The post Early Signs Of Heart Attack: हार्ट अटैक आने से पहले शरीर देता है ये संकेत, समय रहते पहचानना है जरूरी  appeared first on Naya Vichar.

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Operation Sindoor : हमने कितने विमान खो दिए? राहुल गांधी ने फिर पूछा विदेश मंत्री से

Operation Sindoor : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपने पुराने पोस्ट को री–पोस्ट करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर से सवाल किया है. उन्होंने लिखा– विदेश मंत्री जयशंकर की चुप्पी केवल बयानबाजी नहीं है. यह निंदनीय है. इसलिए मैं फिर से पूछूंगा… हमने कितने हिंदुस्तानीय विमान खो दिए क्योंकि पाकिस्तान को पता था? यह कोई चूक नहीं थी. यह एक अपराध था और देश को सच्चाई जानने का हक है. Operation sindoor : हमने कितने विमान खो दिए? राहुल गांधी ने फिर पूछा विदेश मंत्री से 2 The post Operation Sindoor : हमने कितने विमान खो दिए? राहुल गांधी ने फिर पूछा विदेश मंत्री से appeared first on Naya Vichar.

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सूटकेस में बंद मिला महिला का शव,पति हिरासत में, हत्या या आत्महत्या? पुलिस की जांच जारी

SHAHJAHANPUR: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया. तिलहर कस्बे के पक्का कटरा मोहल्ले में एक स्त्री का शव उसके ही घर में एक बड़े लाल रंग के सूटकेस से बरामद हुआ. मृतका की पहचान 32 वर्षीय सविता के रूप में हुई है, जो अपने पति अशोक कुमार कनौजिया के साथ उस घर में रहती थीं. इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने पति को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है. भाई की सूचना से खुला राज यह रहस्य तब सामने आया जब अशोक का छोटा भाई कई दिनों तक सविता को न देखकर परेशान हो गया. उसने घर में कुछ अजीब सा माहौल महसूस किया और संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी. पुलिस जब घर पहुंची, तो घर के अंदर एक बड़ा लाल रंग का सूटकेस रखा मिला. जब उसे खोला गया, तो उसमें सविता का शव देखकर हर कोई दंग रह गया. शव की स्थिति देखकर स्पष्ट हुआ कि मौत हाल ही में हुई थी. हालांकि, शरीर पर कुछ निशान मौजूद थे, खासकर गले के पास, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है. फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने घर से साक्ष्य जुटाए हैं. पति का अजीब बयान: ‘डर गया था इसलिए छिपाया शव’ जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो पति अशोक कुमार ने जो कहानी बताई, उसने इस रहस्य को और भी गहरा बना दिया. अशोक ने बताया कि उसकी पत्नी ने दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. उसने यह भी कहा कि वह घटना से घबरा गया था और समाज व कानून के डर से शव को सूटकेस में रखकर छिपा दिया. हालांकि पुलिस इस कहानी से संतुष्ट नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि यदि वाकई आत्महत्या थी, तो शव को छिपाने की कोई तुक नहीं बनती. यह व्यवहार स्वाभाविक नहीं है और इसी वजह से पुलिस हत्या की संभावना को खारिज नहीं कर रही. पड़ोसियों की गवाही: अक्सर होते थे झगड़े स्थानीय लोगों ने बताया कि अशोक और सविता के बीच अकसर घरेलू विवाद होते रहते थे. कई बार लड़ाई-झगड़े की आवाजें सुनाई देती थीं, लेकिन किसी ने कभी यह नहीं सोचा था कि बात इतनी गंभीर हो जाएगी. मोहल्ले वालों का कहना है कि सविता एक शांत स्वभाव की स्त्री थीं, लेकिन उनका वैवाहिक जीवन तनावपूर्ण था. पुलिस की कार्रवाई और अगली प्रक्रिया शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने मीडिया को बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा. साथ ही, उन्होंने कहा कि घटनास्थल से फॉरेंसिक टीम ने जो सबूत इकट्ठा किए हैं, वे जांच में काफी मदद करेंगे. पुलिस अब सविता के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स, सोशल मीडिया एक्टिविटी और परिवार वालों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. सविता के मायके वालों को सूचना दे दी गई है और उनके आने पर आगे की कार्रवाई होगी. मामले ने उठाए कई गंभीर सवाल इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा, स्त्री सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को केंद्र में ला दिया है. सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर आत्महत्या भी थी, तो क्या पति को शव छिपाने का अधिकार था? क्या यह अपराध को छिपाने की कोशिश थी? या फिर ये एक सुनियोजित हत्या थी जिसकी साजिश पहले से रची गई थी? फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और अशोक हिरासत में है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि सविता की मौत आत्महत्या थी या हत्या. लेकिन इस घटना ने पूरे मोहल्ले और शहर को भयभीत कर दिया है. हर कोई यही कह रहा है कि ऐसे मामलों में तत्काल और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि स्त्रीएं अपने ही घर में सुरक्षित महसूस कर सकें. The post सूटकेस में बंद मिला स्त्री का शव,पति हिरासत में, हत्या या आत्महत्या? पुलिस की जांच जारी appeared first on Naya Vichar.

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श्रावणी मेला में भी नहीं रूकेगा देवघर-बासुकीनाथ फोरलेन का काम, जानिये कब तक बनकर होगा तैयार

Deoghar Basukinath Four Lane: झारखंड वासियों के लिए एक बड़ी खुशसमाचारी है. इस साल दिसंबर माह तक देवघर-बासुकीनाथ फोरलेन का काम पूरा हो जायेगा. फोरलेन की लंबाई 45.16 किलोमीटर होगी. इस बार श्रावणी मेले के अवसर पर भी फोरलेन का काम बंद नहीं किया जायेगा. पिछले साल 2024 में श्रावणी मेला के दौरान देवघर-बासुकिनाथ फोरलेन का काम बंद करना पड़ा था. बताया जा रहा है कि इस साल श्रावणी मेला में देवघर से बासुकिनाथ मार्ग में टू लेन को चालू करने की तैयारी है. ऐसे में टू लेन से कांवरियों के वाहनों का आवागमन होता रहेगा. बाकि टू लेन में श्रावणी मेला के दौरान भी निर्माण कार्य चलेगा. श्रावणी मेला से पहले टू लेन का काम पूरा करने के निर्देश जानकारी के अनुसार, एनएचएआइ ने कंस्ट्रक्शन कंपनी को श्रावणी मेला से पहले टू लेन का काम पूरा करने के निर्देश दिया है. ऐसे में जिन जगहों पर भूमि अधिग्रहण की वजह से काम रुका है, उसे छोड़कर बाकि सभी भाग में टू लेन का काम पूरा कर लिया जायेगा. मालूम हो कि घोरमारा के पहले बांझी जंगल में फोरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलने की वजह से इस इलाके में काम अभी शुरू नहीं हो पाया है. यही कारण है कि इस साल भी श्रावणी मेला में घोरमारा बाजार के बाइपास का प्रयोग नहीं हो पायेगा. घोरमारा बाजार से ही वाहनों का आवागमन होगा. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बाइपास का होगा निर्माण बता दें कि पिछले दिनों देवघर से बासुकिनाथ फोरलेन में 175 मकान नहीं तोड़े जाने पर एनएचएआइ द्वारा भू-अर्जन पदाधिकारी को पत्र लिखकर उन मकानों की मुआवजा राशि जल्द भुगतान करने का आग्रह किया गया था. इसके बाद भू-अर्जन कार्यालय से भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लायी गयी है. देवघर-बासुकिनाथ मार्ग में घोरमारा, तालझारी, सहारा व जरमुंडी में बाइपास निर्माण किया जाना है. अप्रैल 2023 में फाइनल हुआ था टेंडर बताया जाता है कि एनएच-114 ए पर कुल 1444 करोड़ रुपये की लागत से देवघर-बासुकिनाथ फोरलेन का टेंडर अप्रैल 2023 में फाइनल हुआ था. दिसंबर 2025 तक देवघर-बासुकिनाथ फोरलेन का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इस फोरलेन की लंबाई 45.16 किलोमीटर होगी. इसमें 50 फीसदी सड़क का काम ग्रीन फील्ड एरिया में किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें Dalma Wildlife Sanctuary: दलमा में जल्द बनेंगे ग्लास ब्रिज, रोपवे और कॉटेज, पर्यटन को मिलेगा नया आयाम यात्रीगण ध्यान दें! झारखंड से गुजरने वाली 14 ट्रेनें 19 से 25 मई तक रद्द, कई के रूट बदले Maiya Samman Yojana: एक गलती से रूक सकती है मंईयां योजना की राशि, इन दस्तावेजों से न करें छेड़छाड़ Jharkhand Tiger Safari: झारखंड टूरिज्म को मिलेंगे पंख, पलामू में जल्द बनेगा राज्य का पहला टाइगर सफारी पार्क The post श्रावणी मेला में भी नहीं रूकेगा देवघर-बासुकीनाथ फोरलेन का काम, जानिये कब तक बनकर होगा तैयार appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Rain Alert: गोपालगंज-औरंगाबाद में तेज आंधी बारिश से मौसम हुआ खुशनुमा, 22 मई तक के लिए IMD का अलर्ट   

Bihar Rain Alert: बिहार के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदल गया है. मौसम विभाग की ओर से आज कई जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया था. जिसके बाद अभी-अभी समाचार सामने आई है कि, गोपालगंज और औरंगाबाद में मौसम ने करवट ले ली. तेज आंधी-बारिश हुई, जिसके कारण मौसम खुशनुमा हो गया. इसके अलावा पटना मौसम विभाग की ओर से 22 मई तक के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है.  गोपालगंज में लुढ़का पारा बिहार के गोपालगंज जिले की बात करें तो, आंधी-बारिश के कारण पारा 25 डिग्री सेल्सियस के पास पहुंच गया है. इतना ही नहीं, अगले तीन घंटे के लिए अलर्ट जारी किया गया है. 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का पूर्वानुमान है. साथ ही गरज और ओलावृष्टि के साथ बारिश की भी संभावना जताई गई है.  औरंगाबाद में भी अचानक बदला मौसम इसके अलावा औरंगाबाद जिले की बात करें तो, वहां भी अचानक मौसम ने करवट ले लिया. तेज आंधी के साथ बारिश हुई. जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली. जिले का तापमान 43 डिग्री था, जो गिरकर 30 डिग्री सेल्सियस पर आ गया. हालांकि, मौसम विभाग की ओर से अलर्ट के बाद लोगों से सावधान रहने की अपील की गई है. 22 मई तक के लिए अलर्ट जारी इस बीच बता दें कि, पटना मौसम विभाग की ओर से 22 मई तक के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है. 22 मई तक बिहार के ज्यादातर जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है. बिहारवासियों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. साथ ही ठनका से बचने को लेकर अपील भी की जा रही है.  किसानों के खिले चेहरे बता दें कि, झमाझम बारिश के कारण किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. दरअसल, गर्मी से बड़ी राहत तो मिली ही लेकिन साथ में लीची और आम की फसलों को भी लाभ पहुंचा. आम, लीची और कई सब्जी की फसल को फायदा हुआ तो वहीं धान के बिचड़े लगाने की जो तैयारी थी, तो उन्हें भी बड़ी सहूलियत होगी. Also Read: Bihar Land Survey: मंत्री संजय सरावगी ने उठाया बड़ा कदम, बिहार भूमि सर्वे पर आया ये अपडेट…  The post Bihar Rain Alert: गोपालगंज-औरंगाबाद में तेज आंधी बारिश से मौसम हुआ खुशनुमा, 22 मई तक के लिए IMD का अलर्ट    appeared first on Naya Vichar.

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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सपा पर जुबानी हमला, कहा- ‘मुस्लिम तुष्टिकरण के साथ हुआ पार्टी का जन्म’

Brajesh Pathak DNA Controversy: उत्तर प्रदेश में DNA विवाद गर्मा गया है. सोमवार को एक बार फिर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी और मुखिया अखिलेश यादव पर हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि सपा का जन्म ही मुस्लिम तुष्टीकरण के DNA के साथ हुआ है. यह भी कहा कि अखिलेश की पूरी नेतृत्व का मूल ही यही है. सपा की प्राथमिकता वोट बैंक की नेतृत्व दरअसल, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबी पोस्ट शेयर करते हुए सपा पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि डीएनए में खराबी से हमारा मतलब किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि आपकी पार्टी की नेतृत्वक सोच से है. डीएनए में खराबी का मतलब यह है कि आपकी पार्टी की नेतृत्व की बुनियाद ही जातिवाद और तुष्टीकरण पर टिकी रही है. समाजवादी पार्टी ने कभी सबका साथ-सबका विकास की बात की ही नहीं. आपकी प्राथमिकता हमेशा वोटबैंक की नेतृत्व रही है, नीतियों और आदर्शों से आपका दूर-दूर तक लेना देना नहीं रहा है. यह भी पढ़ें- Viral Video: भोले भाले लोगों को करते थे परेशान, अब पांव पर खड़े होने के लिए तरस रहे इनामी बदमाश यह भी पढ़ें- UP ATS ने ISI एजेंट शहजाद को दबोचा, पाकिस्तान भेजता था खूफिया जानकारी पार्टी का जन्म मुस्लिम तुष्टिकरण के साथ हुआ डिप्टी सीएम ने कहा कि दरअसल मुस्लिम तुष्टिकरण ही आपकी नेतृत्व का केन्द्रीय हिस्सा रहा है. आप किसी भी नेतृत्व विज्ञानी से बात कर लें. वह आपको समझाएगा कि आपकी पार्टी का जन्म ही मुस्लिम तुष्टीकरण के डीएनए के साथ हुआ है और आपकी पूरी की पूरी नेतृत्व की दाल-रोटी भी यही है. पाठक ने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए आतंकियों से जुड़े 14 मामले एक साथ वापस लिए हैं जिससे सपा के मुस्लिम तुष्टीकरण वाले डीएनए को खाद पानी मिलता रहे. उन्होंने कहा कि ऐसे में मैं अच्छी तरह समझा सकता हूं कि डीएनए पर सवाल उठाने से आप इतने तिलमिलाए क्यों हैं? आपको इतना दर्द क्यों हैं? “अखिलेश यादव जी, आप डीएनए के सवाल पर बहुत भड़के हुए हैं। मैने ये कह क्या दिया कि समाजवादी पार्टी के डीएनए में ख़राबी है, आप आपे से उसी तरह बाहर हो गए जैसे दस साल पहले यूपी की सत्ता से बाहर हो गए थे। आप इस बात को समझिए कि डीएनए में खराबी से हमारा मतलब किसी व्यक्ति विशेष से नहीं,… — Brajesh Pathak (@brajeshpathakup) May 19, 2025 डिप्टी सीएम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पर FIR दर्ज समाजवादी पार्टी के आधिकारिक X हैंडल पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को निशाना बनाकर कथित आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने के बाद पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार देर रात कहा था कि उन्होंने अपने लोगों से आश्वासन लिया है कि ऐसा दोबारा नहीं होगा और उम्मीद है कि पाठक भी इस तरह के बयान देना बंद कर देंगे. इस बीच उपमुख्यमंत्री ने रविवार को अखिलेश से कहा कि वह अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण जैसे नेताओं को पढ़ने और जनेश्वर मिश्र के भाषणों को सुनने के लिए कहें, जिससे उनके व्यवहार में समाजवाद झलके. फिलहाल, समाजवादी पार्टी के X हैंडल पर पाठक के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट किए जाने के बाद शनिवार को लखनऊ में एक FIR दर्ज की गई. यह भी पढ़ें- Sambhal Jama Masjid Case: मस्जिद में मंदिर की खोज पर लगेगी मुहर या लगेगा ब्रेक, हाई कोर्ट आज सुनाएगा फैसला The post डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सपा पर जुबानी हमला, कहा- ‘मुस्लिम तुष्टिकरण के साथ हुआ पार्टी का जन्म’ appeared first on Naya Vichar.

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Gold in Smartphone : पुराने स्मार्टफोन्स को मत फेंके, इसमें है सोना

Gold in Smartphone : सोना कितना कीमती और खास है, यह किसी को बताने की जरूरत नहीं. इस धातु की ऊंची कीमत के कारण इसे लग्जरी माना जाता है, और कुछ मिलीग्राम सोने के लिए भी पैसे चुकाने की जरूरत होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुराने मोबाइल फोन में भी सोना होता है? जिन स्मार्टफोन्स को हम खराब या बेकार समझकर फेंक देते हैं, उनमें भी थोड़ी मात्रा में सोना मौजूद होता है. यह इलेक्ट्रॉनिक सर्किट्स और चिप्स में इस्तेमाल किया जाता है. इस संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर शेयर किया गया है. Dr. Sheetal yadav @Sheetal2242 ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा–पुराने मोबाइल फोन से सोना निकालना, एक ऐसी विधि जो इलेक्ट्रॉनिक कचरे में मौजूद सोने की महत्वपूर्ण मात्रा का लाभ उठाती है. देखें वीडियो. पुराने मोबाइल फोन से सोना निकालना, एक ऐसी विधि जो इलेक्ट्रॉनिक कचरे में मौजूद सोने की महत्वपूर्ण मात्रा का लाभ उठाती है। pic.twitter.com/QOWC8LXeKI — Dr. Sheetal yadav (@Sheetal2242) May 17, 2025 फोन में कितना होता है सोना? हर स्मार्टफोन में सोने की मात्रा अलग-अलग होती है, इसलिए तय नहीं कहा जा सकता कि एक फोन में कितना सोना होता है. एक यूएन रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 41 पुराने स्मार्टफोनों से 1 ग्राम सोना निकाला जा सकता है. स्मार्टफोन में सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि तांबा, चांदी जैसी कई कीमती धातुएं भी होती हैं. फोन के कंडक्टर्स अलग-अलग धातुओं से बने होते हैं. इसके अलावा, सर्किट में सोने की एक परत होती है, जो बेहतर कनेक्शन और लंबी उम्र के लिए जरूरी होती है. फोन से सोना निकाला जा सकता है क्या? फोन में बहुत कम मात्रा में सोना होता है और इसे निकालना आसान नहीं होता. यह काम केवल प्रोफेशनल्स खास मशीनों की मदद से कर सकते हैं. जैसा की ऊपर के वीडियो में दिखाया गया है. कई पुराने फोन इकट्ठा करने के बाद ही लगभग एक ग्राम सोना निकाला जा सकता है, जो समय और मेहनत भरा काम है. The post Gold in Smartphone : पुराने स्मार्टफोन्स को मत फेंके, इसमें है सोना appeared first on Naya Vichar.

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मैथिली साहित्यकार निरजा रेणु का निधन, साहित्य जगत में शोक

Maithili : पटना. मैथिली की प्रसिद्ध साहित्यकार निरजा रेणु का निधन हो गया है. 11 अक्टूबर 1945 में मधुबनी जिले के नवटोल में जन्मी निरजा रेणु का वास्तविक नाम कामाख्या देवी था. वो न्यायशास्त्र के प्रसिद्ध विद्वान डॉ किशोरनाथ झा की पत्नी थी. एक दर्जन से अधिक साहित्य पुस्तकों की रचना करनेवाली निरजा रेणु को 2003 में उनकी पुस्तक ऋतम्भरा के लिए मैथिली भाषा के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से पुरस्कृत किया जा चुका है. उन्हें मैथिली भाषा साहित्य का दूसरा सबसे बड़ा प्रबोध सम्मान से भी नवाजा जा चुका है. चार दशकों तक की साहितय सेवा मैथिली भाषा में एमए की डिग्री लेने से पहले ही निरजा की कलम से साहित्य लेखन शुरू हो चुका है. उनकी पहली रचना 1976 में प्रकाशित हुई थी. 1979 से 1983 तक वो साहित्य अकादमी की परामर्शदात्री समिति की सदस्य भी रहीं. उनका कथा संग्रहक धार पियासल सबसे लोकप्रिय रचना कही जाती है. यह किताब 1996 में प्रकाशित हुई थी. निरजा रेणु ने मैथिली के साथ साथ हिंदी भाषा में भी रचना की हैं. उनकी हिंदी कथा संग्रह प्रतिच्छवि काफी प्रसिद्ध है. साहित्य जगत में शोक निरजा रेणु के निधन से साहित्य जगत में शोक की लहर है. कथाकार अशोक ने निरजा रेणु के निधन को मैथिली साहित्य के लिए बड़ी क्षति बताया है. साहित्यकार रमानंद झा रमन ने निरजा रेणु के निधन पर श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि वो मैथिली भाषा में स्त्री विदूषी परंपरा की मजबूत हस्ताक्षर थी. मैथिली साहितय से जुड़े सुनील कुमार झा भानु ने निरजा रेणु के निधन को भाषा साहित्य के लिए बड़ी क्षति बताया है. साहित्यकार रंजना मिश्रा ने निरजा रेणु के निधन को मैथिली साहित्य में स्त्री लेखन की एक युग का समापन बताया है. Also Read: Folk Band: मिथिला का ‘फोक बैंड’ रसनचौकी, इन पांच वाद्ययंत्रों पर कभी नहीं बजता शोक धुन The post मैथिली साहित्यकार निरजा रेणु का निधन, साहित्य जगत में शोक appeared first on Naya Vichar.

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