Hot News

July 7, 2025

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Birsa Zoological Garden: बिरसा जैविक उद्यान में आया क्यूट मेहमान, जू में चहलकदमी कर रहा नन्हा हिप्पो

Birsa Zoological Garden: ओरमांझी के चकला स्थित भगवान बिरसा जैविक उद्यान में एक नया और क्यूट मेहमान आया है. उद्यान की हिप्पो लिली ने दो जुलाई को एक शिशु को जन्म दिया है. बच्चा बिल्कुल स्वस्थ है. इससे पहले लिली ने तीन अक्टूबर 2016 को विजयदशमी के दिन अपने पहले शिशु को जन्म दिया था. हिप्पो का बर्थडे सेलिब्रेशन बता दें कि लिली के पहले शिशु के एक साल के होने पर तत्कालीन निर्देशक एके पात्रा के नेतृत्व में उद्यान परिसर में एक भव्य समारोह आयोजित कर उसका जन्मदिन मनाया गया था. उस दिन उसका नामकरण भी किया गया था. उद्यान प्रबंधन ने उसका नाम विजय रखा था. इसके दो साल बाद लिली ने दिसंबर 2018 में दूसरे, 14 अगस्त 2020 को तीसरे और 11 मई 2023 को चौथे शिशु को जन्म दिया. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 2008 में मैसूर से लाये गये थे दो हिप्पो मालूम हो कि बिरसा जू में पहली बार साल 2008 में मैसूर से दो हिप्पो लाये गये थे. हालांकि, एक हिप्पो की कुछ ही दिनों बाद जहरीले सांप के डंसने से मौत हो गयी थी. उसके बाद से अकेला लालू नामक नर हिप्पो उद्यान में था. लिली नाम की मादा हिप्पो को सितंबर 2014 में ओडिशा के नंदन कानन चिड़ियाघर से उद्यान में लाया गया था. इसे भी पढ़ें यारों के यार महेंद्र सिंह धोनी : 43वें जन्मदिन पर जानें माही के बारे में खास बातें मां के साथ दिखा नन्हा हिप्पो मां के साथ जू में घूमता बेबी हिप्पो फिलहाल, मादा हिप्पो लिली और नैना के अलावा नर हिप्पो लालू, विजय, अजय, छोटू और नवजात शिशु को मिलाकर कुल नौ हिप्पो उद्यान में हैं. उद्यान में आने वाले पर्यटक जल्द ही नवजात हिप्पो का दीदार कर सकेंगे. जो काफी क्यूट है. उद्यान प्रबंधन के अनुसार, हिप्पो का नन्हा बच्चा बिल्कुल स्वस्थ है. वह अपनी मां के साथ चहलकदमी कर रहा है, जैविक उद्यान के पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ ओम प्रकाश साहू ने बताया लीली को मल्टी विटामिन दिये जा रहे हैं. इससे नन्हे शिशु को ज्यादा दूध मिलेगा और ग्रोथ जल्दी होगी. इसे भी पढ़ें Happy Birthday Dhoni: कैप्टन कूल के संघर्ष और मुकाम की कहानी कहता है रांची का यह डायग्नोस्टिक सेंटर समाचार का असर: पहाड़ी मंदिर का जीर्णोद्धार, 2 दिनों तक आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा मंदिर Happy Birthday MS Dhoni: शेन वार्न के सपने में आते थे सचिन तेंदुलकर, एमएस धोनी के शॉट्स से हैरान रह गये विस्टन The post Birsa Zoological Garden: बिरसा जैविक उद्यान में आया क्यूट मेहमान, जू में चहलकदमी कर रहा नन्हा हिप्पो appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Trending Quiz 2025: पहले BRIC के नाम से जाना जाता था BRICS, 3 बार भारत कर चुका है मेजबानी, जानें पूरी कहानी

Trending Quiz 2025 in Hindi: क्या आप जानते हैं कि आज जिस समूह को हम BRICS के नाम से जानते हैं, वह शुरुआत में BRIC था? जी हां, एक ऐसा समूह जिसने दुनिया की सबसे बड़ी उभरती हुई वित्तीय स्थितिओं को एक मंच पर लाकर वैश्विक नेतृत्व और व्यापार में बड़ा बदलाव किया. यह टॉपिक अक्सर क्विज, प्रतियोगी परीक्षाओं और करेंट अफेयर्स में पूछा जाता है. आइए जानते हैं BRICS (BRICS in Hindi) से जुड़ी पूरी कहानी और हिंदुस्तान की भूमिका के बार में. Trending Quiz 2025: BRICS क्या है? BRICS पांच देशों – Brazil, Russia, India, China, South Africa – का एक समूह है जो दुनिया की उभरती हुई वित्तीय स्थितिओं का प्रतिनिधित्व करता है. शुरुआत: 2006 में (BRIC के रूप में) South Africa: 2010 में शामिल हुआ, जिसके बाद नाम बना BRICS उद्देश्य: आर्थिक सहयोग, बहुपक्षीय व्यापार, वैश्विक चुनौतियों पर संयुक्त समाधान. इसे भी पढ़ें- Most Popular BTech Branches 2025: बीटेक की ये ब्रांच हैं सबसे बेस्ट, किसी एक में मिला Admission तो बदल जाएगी दुनिया! Trending Quiz 2025: हिंदुस्तान की मेजबानी कब-कब? हिंदुस्तान अब तक तीन बार BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर चुका है- वर्ष मेजबानी शहर विषय 2012 नई दिल्ली Global Stability 2016 गोवा Building Responsive Economy 2021 वर्चुअल (COVID के कारण) Intra-BRICS Cooperation यह भी पढ़ें- Sleep Champion of the Year: 9 घंटे की नींद से कमाए 9 लाख! पढ़ाई की नहीं, इस वजह से चर्चा में आई UPSC स्टूडेंट Trending Quiz 2025: क्यों बना था BRIC? 2001 में अर्थशास्त्री Jim O’Neill ने यह शब्द दिया था, जिसमें उन्होंने कहा कि ये चार देश (BRIC) दुनिया की वित्तीय स्थिति को अगले दशकों में तेजी से आगे बढ़ाएंगे. BRICS in Hindi: रोचक तथ्य BRICS का बैंक New Development Bank (NDB) है. BRICS की पहली बैठक 2006 (Russia में) हुई थी. सभी सदस्य G20 का हिस्सा हैं. 2010 में South Africa जुड़ा. The post Trending Quiz 2025: पहले BRIC के नाम से जाना जाता था BRICS, 3 बार हिंदुस्तान कर चुका है मेजबानी, जानें पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Viral Video : मां तो आखिर मां होती है, बरसात में 14 सेकंड का वीडियो देखकर आप भी कहेंगे ये बात

Viral Video : यह कहना बिलकुल सही होगा कि इस दुनिया में मां के प्यार से बढ़कर कुछ नहीं होता. दरअसल, बरसात के दिनों में एक मां और बेटी का वीडियो वायरल हो रहा है. इसको यूजर ढेर सारा प्यार दे रहे हैं. यूजर कहते नजर आ रहे हैं कि मां हमेशा अपने बच्चों के लिए सबसे अच्छा चाहती हैं और उन्हें हर मुश्किल से बचाना चाहती हैं. दिल छू लेने वाले इस वीडियो में एक स्त्री बारिश में अपनी बेटी को अपने कंधों पर उठाकर ले जा रही है. आप भी देखें ये वायरल वीडियो. महारानी बनाकर रखना उसे जिसने तुझे सारा उम्र राजा बनाकर पाला है। pic.twitter.com/wzQdvDQaJ9 — सत्य सनातन ‘मोदी का परिवार’ (@REAL___HINDUVT) July 5, 2025 यह दिल छू लेने वाला वीडियो एक्स पर एक यूजर ने शेयर किया. वीडियो शेयर करते हुए लिखा–महारानी बनाकर रखना उसे जिसने तुझे सारा उम्र राजा बनाकर पाला है. 14 सेकंड के इस क्लिप में एक स्त्री बारिश में अपनी बेटी को कंधों पर उठाकर चलते हुए दिखाई देती है. खास बात यह है कि वह एक हाथ में छाता भी पकड़े हुए है, ताकि उसकी बेटी बारिश में भीग न जाए. यह दृश्य मां के निस्वार्थ प्रेम को खूबसूरती से दिखाता है. वीडियो को देखकर लोग भावुक हो गए हैं. यह भी पढ़ें : Viral Video : नौकरी से निकाल दूंगी, काम नहीं करते…सेल्स हेड का वीडियो देखकर आपको भी आ सकता है गुस्सा The post Viral Video : मां तो आखिर मां होती है, बरसात में 14 सेकंड का वीडियो देखकर आप भी कहेंगे ये बात appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Kitchen Tips: फंगस मेहमान बनकर रसोई में बना रहे हैं घर, तो इन तरीकों से करें खात्मा 

Kitchen Tips: रसोई किसी भी घर में सबसे महत्वपूर्ण जगहों में से एक है, जहाँ रोज़ाना खाना बनाया जाता है.  हालाँकि, अगर सफ़ाई की थोड़ी भी अनदेखी की जाए, तो फफूंद (मोल्ड या फफूंदी) आसानी से विकसित हो सकती है, खासकर नमी या बारिश के मौसम में.  रसोई की अलमारियाँ नमी के निर्माण के लिए विशेष रूप से संवेदनशील होती हैं, जो फफूंद के विकास के लिए एकदम सही वातावरण बनाती हैं.  यह न केवल देखने में अप्रिय लगता है, बल्कि इससे स्वास्थ्य को भी गंभीर खतरा हो सकता है.  इसलिए अपने रसोई की अलमारियों को नियमित रूप से साफ करना और फफूंद को जड़ से खत्म करना ज़रूरी है.  इस गाइड में, हम रसोई की अलमारियों से फफूंद को साफ करने और इसे वापस आने से रोकने के सुरक्षित, प्रभावी और आसान तरीकों के बारे में जानेंगे.  रसोई की अलमारियों से फंगस साफ करने के टिप्स: 1. दस्ताने और मास्क पहनें हमेशा पहले खुद को सुरक्षित रखें.  मोल्ड के बीजाणु आपकी त्वचा या श्वसन तंत्र को परेशान कर सकते हैं.  2. अलमारियों को पूरी तरह से खाली करें सफाई करने से पहले सभी सामान हटा दें.  उनका भी निरीक्षण करें – मोल्ड कंटेनर, जार और यहां तक ​​कि खाद्य पैकेजिंग पर भी बढ़ सकता है.  3. सिरका घोल (प्राकृतिक क्लीनर) का उपयोग करें एक स्प्रे बोतल में सफेद सिरका और पानी के बराबर भागों को मिलाएं.  प्रभावित क्षेत्रों पर उदारतापूर्वक स्प्रे करें.  इसे 15-20 मिनट तक लगा रहने दें.  स्पंज या स्क्रब ब्रश से साफ़ करें.  4. बेकिंग सोडा का उपयोग करें (कठिन धब्बों के लिए) बेकिंग सोडा और पानी का पेस्ट बनाएं.  काले धब्बों या दागों पर लगाएं.  ब्रश से धीरे से साफ़ करें.  5. हाइड्रोजन पेरोक्साइड या ब्लीच से कीटाणुरहित करें ज़्यादा सख्त फफूंद के लिए, 3% हाइड्रोजन पेरोक्साइड या पतला ब्लीच घोल (1 भाग ब्लीच और 10 भाग पानी) का उपयोग करें.  इसे 10 मिनट तक लगा रहने दें, फिर रगड़ें और पोंछकर सुखा लें.  ब्लीच और सिरका कभी न मिलाएँ – इससे ज़हरीला धुआँ निकल सकता है! 6. अच्छी तरह सुखाएँ सफाई के बाद, शेल्फ़ को पूरी तरह पोंछकर सुखा लें.  हवा के संचार के लिए शेल्फ़ को खुला छोड़ दें, या तेज़ी से सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल करें.  भविष्य में फंगस के विकास को रोकने के लिए सुझाव: रसोई को अच्छी तरह हवादार रखें.  खाना बनाते समय एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करें.   गीले बर्तन या सामान को कैबिनेट में रखने से बचें.  नमी को सोखने के लिए कोनों में सिलिका जेल या बेकिंग सोडा रखें.  लीक या नमी की नियमित जांच करें.  यह भी पढ़ें: Kitchen Tips: बिना फ्रिज के नहीं सड़ेगा अब खाना, इस आसान टिप्स का करें इस्तेमाल   यह भी पढ़ें: Kitchen Cleaning Tips: जिद्दी काले तवे की सफाई अब चुटकियों का स्पोर्ट्स, बस अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय यह भी पढ़ें: Cleaning Tips: जंग लगे बर्तनों को फिर से चमकाएं इन आसान तरीकों से The post Kitchen Tips: फंगस मेहमान बनकर रसोई में बना रहे हैं घर, तो इन तरीकों से करें खात्मा  appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Gita Updesh: गीता उपदेश से जानें जीवन में सफलता और शांति पाने के 5 अमूल्य सूत्र

Gita Updesh: जीवन में सफलता और मन की शांति पाने के लिए सही दिशा बहुत जरूरी है. भगवद गीता हमें ऐसे ही महत्वपूर्ण उपदेश देती है, जो हर परिस्थिति में हमारा मार्गदर्शन करते हैं. गीता के ये उपदेश हमें न केवल आध्यात्मिक ज्ञान देते हैं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में भी सही फैसले लेने में मदद करते हैं. यदि हम गीता के बताए हुए सरल और प्रभावी सूत्रों को अपनाएं तो जीवन में सुख, समृद्धि और संतोष बना रहता है. इस आर्टिकल में हम गीता के पांच खास उपदेश जानेंगे, जो आपकी जिंदगी को बेहतर और सफल बनाने में सहायक होंगे. Gita Updesh: कर्म करते रहो, फल की चिंता मत करो गीता में कहा गया है कि हमें अपना काम पूरी मेहनत और ईमानदारी से करना चाहिए. हमें इसके फल के बारे में ज्यादा सोचकर परेशान नहीं होना चाहिए. इससे हमारा मन शांत रहता है और हम अच्छे से काम कर पाते हैं. Gita Updesh: अपने धर्म का पालन करो हमेशा अपने कर्तव्य और धर्म का पालन करना चाहिए. इससे हमें आत्मविश्वास और संतोष मिलता है. धर्म का पालन करने से जीवन में सही दिशा मिलती है. ये भी पढ़ें: Gita Updesh: गीता के इन उपदेशों ने बदल दी लाखों लोगों की जिंदगी, अब आपकी बारी है ये भी पढ़ें: Gita Updesh: सफलता के राज गीता में छुपे हैं, पढ़िए ये 3 उपदेश जो आपको जिंदगी बदलने का रास्ता दिखाएंगे Gita Updesh: अहंकार छोड़ो और सबके साथ समान व्यवहार करो अपने मन से घमंड हटाना बहुत जरूरी है. जब हम सभी के साथ बराबरी और सम्मान से पेश आते हैं, तब हमारे रिश्ते मजबूत होते हैं. इससे मन में शांति और प्रेम बढ़ता है. Gita Updesh: ज्ञान और भक्ति दोनों जरूरी हैं गीता कहती है कि ज्ञान के साथ ईश्वर में भक्ति भी होनी चाहिए. जब हम अपने काम को भगवान को समर्पित भाव से करते हैं, तो मन को सुकून मिलता है. इससे तनाव कम होता है और हम सफल होते हैं. Gita Updesh: अपने मन को नियंत्रित करो मन को शांत और स्थिर रखना बहुत जरूरी है. योग और ध्यान से हम अपने मन को नियंत्रित कर सकते हैं. नियंत्रित मन से हम अच्छे निर्णय ले पाते हैं और जीवन में सुखी रहते हैं. ये भी पढ़ें: Gita Updesh: एक बार पढ़ें ये गीता के उपदेश, जो आपकी तकदीर ही बदल देंगे ये भी पढ़ें: Gita Updesh: हर बार फेल हो रहे हो? गीता के ये 5 उपदेश पढ़ लो, रास्ता खुद बन जाए ये भी पढ़ें: Chanakya Niti: इस नीति को नहीं जाना तो समझो बरबादी पक्की, चाणक्य ने पहले ही चेताया था Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Gita Updesh: गीता उपदेश से जानें जीवन में सफलता और शांति पाने के 5 अमूल्य सूत्र appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘वो दो मौके हमसे छूट गए’, बेन स्टोक्स ने बताया इंग्लैंड के लिए कहां से फिसला मैच, शुभमन गिल पर कही ये बात

Ben Stokes Statement after IND vs ENG 2nd Test: हिंदुस्तान ने बर्मिंघम में स्पोर्ट्से गए टेस्ट मैच में 336 रन से एकतरफा जीत दर्ज की. पहली पारी में 587 रन के बाद टीम इंडिया ने इंग्लैंड को उसकी फर्स्ट इनिंग में 407 रन पर ढेर किया, इसके बाद हिंदुस्तान ने दूसरी पारी में फिर से 427 रन बनाकर हिंदुस्तान ने अंग्रेजों के सामने 608 रन की जीत का पहाड़ जैसा लक्ष्य सेट कर दिया. इस भारी भरकम टारगेट के सामने बैजबॉल भी बौना साबित हुआ और इंग्लैंड 271 रन पर ढेर हो गया. इस मैच में कुल 430 रन बनाने वाले कैप्टन गिल को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया. इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने स्वीकार किया कि उनकी टीम को एक वर्ल्ड क्लास हिंदुस्तानीय टीम ने पूरी तरह मात दी. मैच के बाद स्टोक्स ने उन अहम मौकों के बारे में बात की, जहां से मैच में इंग्लैंड की पकड़ कमजोर होती चली गई, हालांकि उन्होंने दो ऐसे क्षणों का जिक्र किया जब इंग्लैंड को थोड़ी उम्मीद दिखाई दी. स्टोक्स ने कहा, “दो मौके थे. जब हमने उन्हें 200 पर 5 आउट कर दिया था, हम काफी खुश थे, लेकिन उसके बाद उन्हें तोड़ नहीं पाए. फिर हम खुद 80 पर 5 हो गए, तो वहां से वापसी करना काफी मुश्किल हो गया.” स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के अपने फैसले पर भी बात की, जो शुरुआत में सही लगता दिखा लेकिन मैच के आगे बढ़ने पर वह रणनीति उलटी पड़ गई. उन्होंने कहा, “यह एक कठिन फैसला था. जैसा कि मैंने कहा, जब हमने उन्हें 200/5 पर रोक दिया था तो लगा कि हम सही ट्रैक पर हैं, लेकिन जैसे-जैसे स्पोर्ट्स आगे बढ़ा, यह हिंदुस्तान के पक्ष में जाता चला गया.” शुभमन गिल और टीम इंडिया रहे वर्ल्ड क्लास हिंदुस्तान की इस जीत के नायक शुभमन गिल रहे, जिन्होंने पहली पारी में 269 और दूसरी पारी में 161 रन बनाकर कुल 430 रन बनाए और अपनी बल्लेबाजी से मुकाबले को पूरी तरह हिंदुस्तान के पक्ष में कर दिया. स्टोक्स ने हिंदुस्तानीय टीम के गेंदबाजों और शुभमन गिल की जमकर तारीफ की और कहा, ” हमने हरसंभव कोशिश की, लेकिन जब सामने वाली टीम हावी हो तो लय पाना मुश्किल है. हिंदुस्तानीय टीम वर्ल्ड क्लास है और शुभमन का प्रदर्शन वाकई शानदार रहा.” इंग्लिश बल्लेबाजों ने किया शानदार प्रदर्शन हालांकि हार के बावजूद स्टोक्स ने कुछ व्यक्तिगत प्रदर्शन की तारीफ की, जिन्होंने इंग्लैंड को कुछ पल उम्मीद दी. खासकर युवा बल्लेबाज जेमी स्मिथ जिन्होंने पहली पारी में नाबाद 184 और दूसरी में 88 रन की आक्रामक पारी स्पोर्ट्सी, कुल मिलाकर 272 रन बनाए. हैरी ब्रूक ने भी पहली पारी में शानदार 158 रन बनाए.स्टोक्स ने कहा, “जेमी जब से टीम में आए हैं, बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं. वह बल्ले से जबरदस्त रहे और विकेटकीपिंग में भी उनका योगदान अक्सर नजरअंदाज हो जाता है. उन्होंने अपने नैचुरल स्पोर्ट्स पर भरोसा रखा, और जिस तरह उन्होंने और हैरी ने थोड़ा-बहुत मैच का मोमेंटम वापस लाने की कोशिश की, वह काबिल-ए-तारीफ था, भले ही नतीजा हमारे पक्ष में न आया हो.” अब लॉर्ड्स में होगा घमासान आगे लॉर्ड्स में होने वाले तीसरे टेस्ट की तैयारी पर बात करते हुए स्टोक्स ने कहा, “हमें कुछ दिन सोचने का समय मिलेगा, यह हफ्ता काफी कठिन रहा है, अब देखते हैं कि लॉर्ड्स में हम कैसे उतरते हैं.” हिंदुस्तान ने इंग्लैंड में 58 साल में पहली बार जीत दर्ज की. इस जीत के साथ हिंदुस्तान-इंग्लैंड मौजूदा सीरीज 1-1 से बराबरी पर आ गई है. सीरीज का तीसरा मैच अब 10 जुलाई से लॉर्ड्स में स्पोर्ट्सा जाएगा, जहां हिंदुस्तानीय टीम में जसप्रीत बुमराह की वापसी तय है.  हिंदुस्तानीय क्रिकेट के लिए कैप्टन कूल कैसे हैं सर्वश्रेष्ठ? आंकड़ों में समझिए धोनी की उपलब्धियां जीत से गदगद शुभमन गिल ने दो खिलाड़ियों को दिया क्रेडिट, कहा- उन्होंने ही सारा काम आसान कर दिया शरीर पर चोट, लाल निशान और दर्द, शुभमन गिल दूसरा टेस्ट इसी तरह स्पोर्ट्से, खुद बताया; कैसे मिला ये जख्म? The post ‘वो दो मौके हमसे छूट गए’, बेन स्टोक्स ने बताया इंग्लैंड के लिए कहां से फिसला मैच, शुभमन गिल पर कही ये बात appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सिंधी समाज छोड़ बनी नसरीन, जानिए कौन है छांगुर बाबा की साथी नीतू

UP News: धर्म परिवर्तन का रैकेट चला रहे जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को यूपी एटीएस ने शनिवार को लखनऊ में दबोचा. दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और पूछताछ की जा रही है. पीर बाबा की आड़ में जमालुद्दीन गरीबों और असहायों को आर्थिक मदद का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए जोर देता था. छांगुर बाबा धर्म परिवर्तन गिरोह का मास्टरमाइंड था, जो कि नीतू उर्फ नसरीन और  नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन मिलकर जो धर्मांतरण का धंधा चला रहा था. आइए नीतू उर्फ नसरीन और उसके परिवार के बारे में जानते हैं.   कौन है नसरीन उर्फ नीतू जांच में सामने आया है कि मुंबई निवासी नवीन रोहरा, उसकी पत्नी नीतू और बेटी समाले बीते 3-4 साल से बलरामपुर के रेहरा माफी गांव में रह रहे थे. इस परिवार का संबंध सिंधी समाज से है. लेकिन छांगुर बाबा ने पूरे परिवार का ब्रेनवॉश कर इस्लाम धर्म कबूल करवा दिया. धर्म परिवर्तन के बाद नवीन रोहरा ने अपना नाम जमालुद्दीन, नीतू ने नसरीन और समाले ने सबीहा रख लिया. यह भी पढ़ें- अंगूठी बेचने वाला बना धर्मांतरण का सौदागर… जानिए जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की हकीकत धर्मांतरण के धंधे में शामिल हुआ पूरा परिवार इसके बाद यह पूरा परिवार छांगुर बाबा के धर्मांतरण रैकेट का हिस्सा बन गया. नीतू उर्फ नसरीन ने हिंदू लड़कियों को जाल में फंसाने और ब्रेन वॉश कर धर्म परिवर्तन कराने में अहम भूमिका निभाई. गिरोह द्वारा जाति के हिसाब से लड़कियों की ‘रेट लिस्ट’ भी तय की जाती थी. इस पूरे नेटवर्क को विदेशों से करोड़ों रुपये की फंडिंग मिलती थी. कई देशों की यात्रा और बड़ा नेटवर्क एटीएस की जांच में यह भी सामने आया है कि इस गैंग के सदस्य अब तक करीब 40 बार इस्लामिक देशों की यात्रा कर चुके हैं. गिरोह के निशाने पर गरीब, असहाय परिवार और उनकी बेटियां रहती थीं. गिरोह के मुख्य सदस्य जानकारी के मुताबिक, इस गिरोह में छांगुर बाबा के अलावा महबूब, पिंकी हरिजन, हाजिरा शंकर, एमेन रिजवी सगीर, नीतू रोहरा उर्फ नसरीन समेत कई लोग शामिल हैं. पुलिस और एटीएस की टीमें पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं. The post सिंधी समाज छोड़ बनी नसरीन, जानिए कौन है छांगुर बाबा की साथी नीतू appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Most Popular BTech Branches 2025: बीटेक की ये ब्रांच हैं सबसे बेस्ट, किसी एक में लिया Admission तो बदल जाएगी दुनिया!

Most Popular BTech Branches 2025 in Hindi: अगर आप 12वीं के बाद इंजीनियरिंग करने का सपना देख रहे हैं तो BTech आपके लिए सबसे बेहतर विकल्पों में से एक है. लेकिन सवाल ये उठता है कि BTech की कौन सी ब्रांच चुननी चाहिए? क्योंकि सही ब्रांच न केवल आपकी पढ़ाई को रोचक बनाएगी, बल्कि आगे चलकर करियर और सैलरी के मौके भी बढ़ा देगी. इस लेख में जानते हैं कि 2025 में सबसे ज्यादा डिमांड में कौन-कौन सी BTech ब्रांच हैं. Most Popular BTech Branches 2025: CSE क्यों पॉपुलर है: कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE) IT सेक्टर में बूम और स्टार्टअप कल्चर के चलते सबसे ज्यादा डिमांड में है. फोकस एरिया: Programming, AI, ML, Data Science प्लेसमेंट: Google, Amazon, Infosys, TCS, Microsoft सैलरी: 8 लाख से 1 करोड़ तक (टॉप MNCs में). Artificial Intelligence & Data Science – फ्यूचर की ब्रांच क्यों पॉपुलर है: AI और Big Data का तेजी से बढ़ता उपयोग फोकस: Machine Learning, Neural Networks, Predictive Analytics कहां से करें: IIT Hyderabad, IIIT Hyderabad, VIT, SRM सैलरी: 10 लाख तक शुरुआती पैकेज मिलना संभव. Mechanical Engineering – एवरग्रीन चॉइस फोकस: Design, Manufacturing, Thermodynamics सेक्टर्स: Automobiles, Aerospace, Defence कहां से करें: IIT Madras, BITS Pilani, NIT Trichy. Electrical & Electronics Engineering (EEE) – टेक्निकल बैकबोन फोकस: Circuit Design, Power Systems, Control Engineering सेक्टर्स: Energy, Robotics, Railways, PSU Jobs कहां से करें: IIT Delhi, NIT Warangal. Civil Engineering – इंफ्रास्ट्रक्चर का राजा फोकस: Structural Design, Construction, Surveying डिमांड: Smart Cities, Metro Projects, Government Projects जॉब्स: PWD, NHAI, CPWD, L&T Chemical Engineering – रिसर्च और इंडस्ट्री में मौके सेक्टर: Pharma, Oil & Gas, FMCG, Research Labs कहां से करें: ICT Mumbai, IIT Bombay, NIT Durgapur. Most Popular BTech Branches 2025: क्यो चुने बेस्ट ब्रांच? BTech में ब्रांच चुनना सिर्फ पढ़ाई का विषय नहीं, बल्कि भविष्य का रास्ता है. अगर आप CSE, AI या Core Branches जैसे Mechanical, Civil या EEE में से किसी एक में एडमिशन लेते हैं तो करियर में तेजी से ग्रोथ और शानदार सैलरी मिलने की पूरी संभावना है. ब्रांच सेलेक्ट करते समय अपना इंट्रेस्ट और स्किल्स का ध्यान जरूर रखें. यह भी पढ़ें- Sleep Champion of the Year: 9 घंटे की नींद से कमाए 9 लाख! पढ़ाई की नहीं, इस वजह से चर्चा में आई UPSC स्टूडेंट The post Most Popular BTech Branches 2025: बीटेक की ये ब्रांच हैं सबसे बेस्ट, किसी एक में लिया Admission तो बदल जाएगी दुनिया! appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bihar Expressway: पटना-सासाराम ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के निर्माण में आ रही थी ये बाधा… डीएम ने निकाला समाधान

Bihar Expressway: बिहार में बड़े ही तेजी से कई जिलों में पुल-पुलियों से लेकर सड़क का निर्माण कार्य जारी है. ऐसे में समाचार पटना-सासाराम ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से जुड़ी सामने आ गई है. दरअसल, जमीन अधिग्रहण को लेकर भोजपुर में छह राजस्व ग्राम में तकनीकी गड़बड़ी के कारण इस प्रोजेक्ट पर बड़ा असर पड़ सकता था. समाचार की माने तो, तकनीकी गड़बड़ी के कारण जमीन अधिग्रहण को लेकर जिले के छह राजस्व ग्राम में भुगतान में देरी हो रही थी. ज्यादातर मामलों को देखा जाए तो, जमीन के कागज और दखल कब्जा में अलग-अलग नाम दर्ज होने के कारण दिक्कत हो रही थी, जिसको लेकर निदेशालय से मार्गदर्शन मांगा गया. 120 किलोमीटर लंबी होगी ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे जानकारी के मुताबिक, छह राजस्व ग्राम में चरपोखरी अंचल के मधुरी, तरारी अंचल के डुमरिया, महेश डीह और किरतपुर. तो वहीं, उदवंतनगर अंचल के एरौड़ा और असनी शामिल है. जमीन का मुआवजा नहीं मिलने के कारण परेशानी सामने आई है. बता दें कि, यह सड़क 120 किलोमीटर लंबी ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे होगी, जो पटना के सदिसोपुर से शुरू होकर भोजपुर जिले के पांच अंचल से होते हुए सासाराम के सुअरा तक पहुंचेगी. ऐसे में भोजपुर जिले में जमीन अधिग्रहण को लेकर भू अर्जन कार्यालय ने 54 में से 48 राजस्व ग्राम में प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों के खाते में मुआवजा की राशि भेजने को लेकर भूमि राशि पोर्टल पर अपलोड किया गया. इसके बाद अब किसानों के खातों में मुआवजा मिलने लगा है. 6 करोड़ की राशि हो चुकी है वितरित वहीं, किसानों के खाते में पैसे पहुंचने के बाद सरपट ही जमीन अधिग्रहण के बाद निर्माण कार्य शुरू जाएगा. फोरलेन के निर्माण की लागत करीब 3712 करोड़ रुपए बताई जा रही है. इधर, डीएम तनय सुल्तानिया के मुताबिक, जिला प्रशासन के की ओर से सभी रैयतों को समय पर नोटिस भेजा जा चुका है. बिहार प्रशासन की ओर से जो रेट तय हुआ है, उसे लेकर नोटिस जारी कर दी गई है. अब तक की बात करें तो, 6 करोड़ की राशि वितरित हो चुकी है. ऐसे में अगर जमीन मालिकों को किसी भी तरह की परेशानी है तो, अथॉरिटी में अपील कर सकते हैं. इस तरह से देखा जा सकता है कि, पटना-सासाराम ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के निर्माण में कोई बाधा नहीं आए, उसे लेकर जरूरी उपाय जल्द ही किए जा रहे हैं. इन नेशनल हाईवे से जुड़ेगा फोरलेन… वहीं, यह एक्सप्रेस-वे कहां-कहां से गुजरेगी, इसकी बात करें तो, सासाराम में यह तरारी में एंट्री करने के बाद चरपोखरी, गड़हनी, उदवंतनगर होते हुए कोईलवर अंचल के रास्ते से होते हुए सोन नदी को पार करेगी और पटना में एंट्री कर लेगी. खास बात यह है कि, यह फोरलेन नेशनल हाईवे 19, नेशनल हाईवे 319, नेशनल हाईवे 922, नेशनल हाईवे 120, नेशनल हाईवे 131 जी और स्टेट हाईवे 12, स्टेट हाईवे 102, स्टेट हाईवे 2 और स्टेट हाईवे 81 से जुड़ेगी. इससे पटना, सासाराम, रोहतास, भोजपुर, और अरवल के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी. साथ ही इस फोरलेन को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के मुताबिक बनाया जाएगा. जिसके बनने से उत्तर प्रदेश और झारखंड तक का सफर बिना परेशानी के लोग कर सकेंगे. Also Read: बिहार में दहेज के लिए युवती की हत्या, आरोपी पति की करतूत जान उड़ जायेंगे होश… सिर्फ 2 महीने पहले हुई थी शादी The post Bihar Expressway: पटना-सासाराम ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के निर्माण में आ रही थी ये बाधा… डीएम ने निकाला समाधान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

खबर का असर: पहाड़ी मंदिर का जीर्णोद्धार, 2 दिनों तक आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा मंदिर

Pahari Mandir: रांची स्थित पहाड़ी मंदिर के मुख्य मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य होने के कारण सोमवार और मंगलवार (सात व आठ जुलाई) को मंदिर आम भक्तों के लिए बंद रहेगा. यह निर्णय सुरक्षा की दृष्टिकोण से लिया गया है. इस दौरान पहाड़ी बाबा पर जल चढ़ाने वाले भक्तों के लिए बाहर ड्रम रखा जायेगा, भक्त इसी ड्रम में जल रख देंगे. इसे बाद में पहाड़ी बाबा को जलार्पण कर दिया जायेगा. नया विचार में छपी रिपोर्ट का असर बता दें कि मंदिर कमेटी के सचिव सह एसडीओ उत्कर्ष कुमार ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे सहयोग करते हुए ड्रम में जलार्पण करें. वहीं, महाकाल मंदिर, विश्वनाथ मंदिर में पूजा कर ड्रम में जल अर्पित करें. मालूम हो कि पहाड़ी मंदिर को चूहे कैसे क्षति पहुंचा रहे हैं. इससे संबंधित समाचार नया विचार में छपी थी. इसके बाद मंदिर प्रबंधन ने मंदिर के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया. साथ ही चूहे के बिलों को भरने का निर्णय लिया. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें रांची डीसी और एनजीटी को लिखा पत्र इधर, पहाड़ी मंदिर की मौजूदा स्थिति और इस ऐतिहासिक पहाड़ी को संरक्षित करने की मांग करते हुए राजधानी के जागरूक युवक ज्योति कुमार ने रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को पत्र लिखा है. अपने पत्र में ज्योति ने लिखा है कि ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर की संरचना को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है. चूहों के बिल खोदने की वजह से रांची पहाड़ी पर स्थित मुख्य मंदिर (शिवालय) की दीवारों, नींव और फर्श को अंदर नुकसान पहुंच रहा है. मंदिर परिसर में अव्यवस्था ज्योति ने पत्र में आगे लिखा है कि पहाड़ी मंदिर का निरीक्षण करने वाली तकनीकी दलों ने भी स्पष्ट किया गया है कि पहाड़ी पर किसी भी प्रकार के नये निर्माण कार्य की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. इससे पहाड़ी और भी कमजोर हो सकती है. मंदिर परिसर में जगह-जगह अव्यवस्था है. इसे भी पढ़ें Pahari Mandir: संकट में रांची का पहाड़ी मंदिर, चूहे कर रहे नींव को खोखला , तकनीकी दल ने किया बड़ा खुलासा चार बिंदुओं पर रखी मांग ज्योति ने कहा कि पहाड़ी मंदिर में टूटी हुई सीढ़ियां, गाड़ियों की अवैध पार्किंग और पौधारोपण के नाम पर केवल औपचारिकता निभायी जा रही है. यह गलत है. इस तरह की गतिविधियां मंदिर की गरिमा और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे का संकेत हैं. पत्र के माध्यम से ज्योति ने चार बिंदुओं पर अपनी मांग रखी है. गौरतलब है कि पहाड़ी मंदिर की दुर्दशा पर ‘नया विचार ने छह जुलाई के रांची संस्करण में ‘पहाड़ी मंदिर संकट में नींव हिला रहे चूहे’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित की थी. इसे भी पढ़ें Happy Birthday Dhoni: कैप्टन कूल के संघर्ष और मुकाम की कहानी कहता है रांची का यह डायग्नोस्टिक सेंटर Happy Birthday MS Dhoni: शेन वार्न के सपने में आते थे सचिन तेंदुलकर, एमएस धोनी के शॉट्स से हैरान रह गये विस्टन यारों के यार महेंद्र सिंह धोनी : 43वें जन्मदिन पर जानें माही के बारे में खास बातें The post समाचार का असर: पहाड़ी मंदिर का जीर्णोद्धार, 2 दिनों तक आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा मंदिर appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top