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October 10, 2025

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त्रिपुरा में तृणमूल कार्यालय पर हमले के खिलाफ दर्ज करायी गयी प्राथमिकी

त्रिपुरा के राज्यपाल से भी मामले में हस्तक्षेप व कार्रवाई की मांग की संवाददाता, कोलकाता त्रिपुरा में तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय पर हुए हमले के विरोध में पार्टी नेताओं ने गुरुवार ईस्ट अगरतला थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है. साथ ही मामले में त्रिपुरा के राज्यपाल इंद्रसेन रेड्डी से हस्तक्षेप व कार्रवाई की मांग की. तृणमूल नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात का वक्त मांगा था, लेकिन उनके त्रिपुरा में मौजूद नहीं होने के कारण मुलाकात नहीं हो पायी. इस बाबत तृणमूल नेताओं ने राजभवन स्थित उनके कार्यालय में अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा. तृणमूल नेताओं के प्रतिनिधिमंडल में पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के महासचिव कुणाल घोष, मंत्री बीरबाहा हांसदा, सांसद सायनी घोष, सांसद प्रतिमा मंडल, पार्टी प्रवक्ता सुदीप राहा और सांसद सुष्मिता देव शामिल थे. पत्रकारों से बातचीत में तृणमूल नेताओं ने अगरतला में पार्टी कार्यालय में हमले को लेकर कहा कि “त्रिपुरा में लोकतंत्र पर हमला हो रहा है और सत्तारूढ़ दल के समर्थक विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं. हमने राज्यपाल कार्यालय पहुंचकर एक लिखित ज्ञापन सौंपा है और राज्यपाल से अनुरोध किया कि इस हमले की निष्पक्ष जांच करायी जाये और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाये. ज्ञापन में कहा गया है कि इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं और राज्य प्रशासन को इसकी पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए.” तृणमूल नेताओं ने आरोप लगाया कि त्रिपुरा में विपक्षी दलों को निशाना बनाया जा रहा है और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है. उन्होंने कहा कि यह हमला केवल एक पार्टी कार्यालय पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र के मूल्यों पर हमला है. अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे पूरे राज्य में आंदोलन तेज करेंगे. तृणमूल नेता घोष ने कहा, “हम राज्यपाल से अनुरोध करते हैं कि इस घटना का संज्ञान लें और प्रशासन को निर्देश दें कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाये. अगर प्रशासन निष्पक्ष रहता है तो सच्चाई सामने आयेगी.” पार्टी ने यह भी बताया कि वह इस मामले को चुनाव आयोग के समक्ष भी रखेगी, ताकि चुनावी माहौल में हिंसा पर अंकुश लगाया जा सके. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post त्रिपुरा में तृणमूल कार्यालय पर हमले के खिलाफ दर्ज करायी गयी प्राथमिकी appeared first on Naya Vichar.

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दक्षिण बंगाल के नौ जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट

संवाददाता, कोलकाता उत्तर बंगाल में फिलहाल भारी बारिश की कोई आशंका नहीं है, लेकिन दक्षिण बंगाल में बारिश जारी रहेगी. दक्षिण बंगाल के नौ जिले में शुक्रवार को हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गयी है. शनिवार को भी कुछ जिलों में अलर्ट है. हालांकि भारी बारिश की आशंका नहीं है. अलीपुर मौसम कार्यालय ने गुरुवार को एक बुलेटिन जारी कर बताया कि दक्षिण बांग्लादेश व आसपास के इलाकों में चक्रवात बना है. उत्तरी ओडिशा में भी एक चक्रवात मौजूद है, जो कमजोर हो गया है. हालांकि इसके प्रभाव से दक्षिण बंगाल में हल्की से मध्यम बारिश कुछ और दिनों तक जारी रहेगी. शुक्रवार को कोलकाता, हावड़ा, हुगली, नदिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर व झाड़ग्राम में बारिश होने की अधिक संभावना है. हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. हालांकि जिले में सभी जगह बारिश नहीं होगी. शनिवार को उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर जिले में गरज के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है. बारिश के साथ तेज हवा भी चल सकती है. इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इसके बाद से हवा में जलवाष्प की मात्रा कम हो जायेगी. इससे दक्षिण बंगाल के जिलों में बारिश भी कम हो जायेगी. जिले के कुछ हिस्सों में अगले बुधवार तक हल्की बारिश हो सकती है. फिर मौसम धीरे-धीरे बदलेगा. अगले सप्ताह राज्य के उत्तर से दक्षिण तक के इलाकों में शुष्क मौसम रहेगा. उत्तर बंगाल के जिलों में अब भारी बारिश की संभावना नहीं है. किसी भी जिले में चेतावनी जारी करने की स्थिति नहीं है. अगले बुधवार तक उत्तर बंगाल के आठ जिलों के किसी हिस्से में स्थानीय स्तर पर गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post दक्षिण बंगाल के नौ जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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सरकारी अधिकारी का नाम वोटर लिस्ट से गायब होने का आरोप

संवाददाता, कोलकाता पश्चिम बंगाल में एसआइआर की तैयारियों के बीच चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर अब सवाल उठने लगे हैं. दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर निवासी और कोलकाता नगर निगम के उच्च पदस्थ कर्मचारी उत्पल सरदार, जो खुद दो बार फर्स्ट पोलिंग ऑफिसर और दो बार प्रिसाइडिंग ऑफिसर रह चुके हैं, अब खुद वोटर लिस्ट से बाहर हो गये हैं. उनके 1995 से बने वोटर कार्ड और आधार कार्ड दोनों को रद्द किये जाने का मामला सामने आयी है. सरदार ने बताया कि उनका वोटर कार्ड 1995 में बना था और तब से वह हर चुनाव में मतदान करते आये हैं. उन्होंने 2023 के पंचायत चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रिसाइडिंग ऑफिसर की भूमिका निभायी थी, लेकिन कुछ दिन पहले जब उन्होंने एक निजी कार्य के दौरान अपने दस्तावेज जांचे, तो पाया कि उनका वोटर कार्ड रद्द हो चुका है और नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है. बाद में उन्हें मोबाइल फोन पर आधार कार्ड निरस्त होने का संदेश मिला. बैंक से भी केवाइसी लिंक करने का नोटिफिकेशन आने के बाद अब वह उलझन में हैं कि जब आधार ही रद्द हो गया है, तो वह केवाइसी कैसे करें. सरदार का कहना है कि उन्हें चिंता है कि यदि उनके बैंक खाते से जुड़ी जानकारी रद्द हो गयी, तो उनकी सैलरी उनके अकाउंट में पहुंचेगी या नहीं, और अगर पहुंची भी तो क्या वह उसे निकाल पायेंगे. उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उनकी पत्नी रेनु सरदार का भी नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया था. उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन आवेदन खारिज हो गया और अब उनका खुद का नाम भी सूची से हटा दिया गया है. उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की है कि न केवल उनका मामला देखा जाये, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाये कि पश्चिम बंगाल में कोई भी वैध मतदाता भविष्य में इस तरह की गलती का शिकार न हो. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post प्रशासनी अधिकारी का नाम वोटर लिस्ट से गायब होने का आरोप appeared first on Naya Vichar.

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ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के लिए केंद्र सरकार ने जारी किये “681 करोड़

15वें वित्त आयोग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मूलभूत अनुदान की पहली किस्त हुई जारी पिछले वित्तीय वर्ष और चालू वर्ष के दौरान बंगाल को कुल 4,181.23 करोड़ रुपये जारी किये गये संवाददाता, कोलकाता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्री व सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेता अक्सर केंद्र की मोदी प्रशासन पर फंड रोकने और विभिन्न केंद्रीय योजना की राशि नहीं देने के आरोप लगाते रहते हैं. इस बीच, केंद्र प्रशासन ने बंगाल के ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) और पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआइ) के लिए 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मूलभूत अनुदान की पहली किस्त के रूप में 680.71 करोड़ रुपये की राशि जारी की है. केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में यह जानकारी दी. बयान में कहा गया कि यह राशि राज्य भर की पात्र 3,224 ग्राम पंचायतों, 335 ब्लाॅक पंचायतों और 21 जिला परिषदों के लिए छह अक्तूबर, 2025 को जारी की गयी. मंत्रालय ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 और चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, बंगाल को कुल 4,181.23 करोड़ रुपये की सिफारिश की गयी और जारी की गयी. इसमें 2,082.13 करोड़ रुपये अनटाइड अनुदान के रूप में, यह एक प्रकार का ऐसा प्रशासनी अनुदान है, जिसका उपयोग किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए बाध्य नहीं होता है, बल्कि यह स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर विभिन्न प्रकार के विकासात्मक कार्यों के लिए किया जा सकता है. वहीं, 2,099.10 करोड़ रुपये टाइड अनुदान के रूप में, जो आवश्यक सेवाओं के लिए समर्पित हैं, जिनमें स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) स्थिति का रखरखाव, पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन, जल पुनर्चक्रण, वर्षा जल निकासी, जलभराव प्रबंधन आदि के लिए उपयोग किया जा सकता है. 15वें वित्त आयोग से मिले अनटाइड अनुदान, ग्रामीण स्थानीय निकायों को वेतन और स्थापना लागतों को छोड़कर, संविधान की 11वीं अनुसूची के 29 विषयों में स्थान-विशिष्ट विकास आवश्यकताओं को पूरा करने का लचीलापन प्रदान करते हैं. ये निधियां सड़क और फुटपाथ निर्माण एवं रखरखाव, एलईडी और सौर स्ट्रीट लाइटिंग, गांव के स्पोर्ट्स के मैदान, पर्यावरण संरक्षण, आय-उत्पादक गतिविधियां, डिजिटल कनेक्टिविटी, श्मशान घाट के रखरखाव आदि जैसी पहलों का समर्थन करती हैं. यह सहभागी योजना के माध्यम से पहचानी गयी स्थानीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के लिए केंद्र प्रशासन ने जारी किये “681 करोड़ appeared first on Naya Vichar.

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नेता के निर्णय का विरोध करने पर रॉड से हमला

बैरकपुर. खड़दह के रहड़ा थाना क्षेत्र में माकपा के एक वाट्सएप ग्रुप में पार्टी नेता के निर्णय का विरोध करने पर माकपा के ही एक कार्यकर्ता को बुरी तरह से पीटा गया. पीड़ित कार्यकर्ता का नाम सौमित्र आचार्य है. पीड़ित ने रहड़ा थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी है. पार्टी के भी उच्च नेतृत्व को सूचित किया है. जानकारी के मुताबिक, माकपा कार्यकर्ता का सिर फोड़ दिया गया. आरोप है कि माकपा नेता उत्तम बानिक के साथ उसका विवाद हुआ था. सौमित्र आचार्य ने पार्टी के वाट्सएप ग्रुप में उत्तम बनिक के किसी फैसले का विरोध किया. आरोप है कि इसे लेकर ही उत्तम ने बदला लिया. सौमित्र को उसके घर के सामने ही रॉड से बुरी तरह पीटा गया. आरोप है कि माकपा नेता और उसके लोगों ने ही हमला किया. घटना के बाद से ही आरोपी नेता फरार है. किसी तरह से माकपा कार्यकर्ता की दोनों आंखें बच गयीं. घटना के बाद सौमित्र व उसके परिजन आतंकित हैं. आरोपी माकपा नेता के खिलाफ रहड़ा थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है. घटना के बाद से आरोपी माकपा नेता उत्तम बानिक और उसका करीबी ननीगोपाल फरार हैं. पुलिस का कहना है कि दोनों की तलाश में जगह-जगह छापेमारी की जा रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post नेता के निर्णय का विरोध करने पर रॉड से हमला appeared first on Naya Vichar.

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करंट की चपेट में आने से ग्रामीण की मौत

हावड़ा. जेबीपुर थाना अंतर्गत ढालीपाड़ा में जंगली सुअरों से फसल बचाने के लिए धान के खेत में बिजली का तार लगाने से एक ग्रामीण की मौत हो गयी. मृतक का नाम नवकुमार दास था. इस घटना के बाद पुलिस ने खेत के मालिक अशोक दास को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के अनुसार, अशोक दास का धान का खेत है. रात को जंगली सुअर आकर खेत में हुड़दंग करते थे. इसी से तंग आकर अशोक दास ने बुधवार की रात को खेत में बिजली का तार बिछा दिया. गुरुवार सुबह नवकुमार दास घास काटने के लिए खेत जा रहे थे कि इसी समय वह तार के संपर्क में आ गये और करंट लगने से उनकी मौत हो गयी. घटना की समाचार पाकर पुलिस मौके पर पहुंची. खेत मालिक के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने खेत से बिजली का तार बरामद किया है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post करंट की चपेट में आने से ग्रामीण की मौत appeared first on Naya Vichar.

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झूठे मामलों में फंसाने का डर दिखा कर लूटने की आरोपी चार महिलाएं अरेस्ट

धोखाधड़ी. यौनकर्मियों पर ब्लैकमेल कर दो युवकों से रुपये ऐंठने का आरोप पुलिस ने सोनागाछी से किया गिरफ्तार एक युवक से 55 हजार तो दूसरे से 44 हजार रुपये लूटपाट करने का आरोप संवाददाता, कोलकाताउत्तर कोलकाता के सोनागाछी इलाके में हुई दो अलग-अलग घटनाओं में झूठे मामलों में फंसा देने का डर दिखाकर गिरफ्तार करवाने की बात कहकर दोनों से मोटी रकम लूटने की घटना में बड़तला थाने की पुलिस ने चार स्त्रीओं को गिरफ्तार किया है. चारों यौन कर्मी बतायी जा रही हैं. इनके नाम ईशा देव, स्वीटी बेगम, सर्बानी धर और मोयना हाल्दार बताये गये हैं. इन पर एक युवक के पास से 55 हजार तो दूसरे युवक के पास से 44 हजार रुपये लूटने का आरोप लगा है. चारों स्त्री आरोपियों को गुरुवार को बैंकशाल कोर्ट में पेश करने पर आरोपी स्त्रीओं को 14 अक्तूबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया है. कैसे हुआ खुलासा : थाने में पीड़ितों ने शिकायत दर्ज करायी है. शिकायत में दोनों युवकों में से एक ने बताया कि वह पुणे का व्यापारी है. गत बुधवार को सोनागाछी इलाके के निकट रास्ते से वह गुजर रहा था. इसी दौरान बातचीत कर दो स्त्रीएं उसे सोनागाछी इलाके में ले गयीं. वहां दो आरोपी स्त्रीएं ईशा देव और स्वीटी बेगम ने कथित तौर पर उसे गिरफ्तार करवा देने का डर दिखाया. इतना ही नहीं, उन्होंने उसे यह कहकर ब्लैकमेल भी किया कि उनके घर पर फोन कर बता देंगे? आरोप है कि गिरफ्तार की गयीं दोनों स्त्रीओं ने पहले उसे नकद रुपये भुगतान करने के लिए मजबूर किया. इसके बाद उसका मोबाइल फोन छीनकर उनकी मर्जी के बिना स्त्रीओं ने अपने अकाउंट में कुल 55 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिये. पीड़ित व्यापारी का आरोप है कि इस घटना से वह काफी डर गया. अन्य युवक से भी छीन लिये गये 44 हजार रुपये पीड़ित दूसरे युवक ने एक लिखित शिकायत में बड़तला थाने की पुलिस को बताया कि एक अन्य घटना में उस व्यक्ति से कथित तौर पर दो स्त्रीओं ने लगभग 44 हजार रुपये लूट लिये. इसके बाद शिकायत पर गिरफ्तार स्त्री आरोपी सर्बानी धर और मोयना धर के खिलाफ बड़तला थाने में लिखित शिकायत दर्ज की गयी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने घटना शुरू कर दोनों मामलों में कुल चार स्त्री यौन कर्मियों को गिरफ्तार किया. आरोपी स्त्रीओं को पुलिस हिरासत में भेजे जाने के बाद थाने की स्त्री जांच अधिकारी चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही है. इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या यह घटना केवल डरा-धमका कर की गयी या इसके पीछे कोई और गिरोह काम कर रहा है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post झूठे मामलों में फंसाने का डर दिखा कर लूटने की आरोपी चार स्त्रीएं अरेस्ट appeared first on Naya Vichar.

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कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ की खरीद-बिक्री पर लगी रोक

पश्चिम बंगाल राज्य औषधि नियंत्रण बोर्ड ने जारी की निर्देशिका संवाददाता, कोलकातामध्य प्रदेश में कफ सिरप कोल्ड्रिफ पीने से कई बच्चों की मौत के बाद बंगाल में भी इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. वेस्ट बंगाल केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने सभी खुदरा और थोक विक्रेताओं को निर्देश भेजकर सूचित किया है कि वे किसी भी तरह से कफ सिरप ””””कोल्ड्रिफ”””” की खरीद-बिक्री न करें. उधर, पश्चिम बंगाल राज्य औषधि नियंत्रण बोर्ड ने भी निर्देशिका जारी कर दवा विक्रेताओं को सचेत किया है. संगठन के सचिव पृथ्वी बसु ने बताया कि जिस बैच नंबर के कोल्ड्रिफ कफ सिरप से यह घटना हुई है, वह बंगाल में नहीं आया है. हालांकि एहतियात के तौर पर हमने सभी थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं को सूचित कर दिया है कि इस जानलेवा कफ सिरप की खरीद-बिक्री किसी भी तरह से नहीं की जाये. इस मामले में एसोसिएशन ने 11 अक्तूबर को विक्रेताओं के साथ एक बैठक बुलायी है, जहां विस्तार के साथ चर्चा की जायेगी. ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश की घटना के सिलसिले में तमिलनाडु में दवा निर्माता कंपनी के मालिक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जहां हुए एक शिशु की मौत से बंगाल में भी दहशत फैल गयी है. कफ सिरप में प्रोपलीन ग्लाइकॉल, ग्लिसरीन, सोर्बिटोल जैसे तत्व मौजूद थे. क्या कहते हैं बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक : इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ के प्रिंसिपल प्रो डॉ जयदेव राय ने कहा कि आंतरिक जानकारी के अनुसार कफ सिरप में निश्चित रूप से डाइ-एथिलीन ग्लाइकॉल, एथिलीन ग्लाइकॉल था, जो किडनी को नुकसान पहुंचाता है. यह घटना पहले भी हो चुकी है. इसे लेकर सावधानी बरतनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कफ सिरप मूल रूप से चार प्रकार के होते हैं. एक कफ सप्रेसेंट है, जो खांसी को दबाता है. यह मस्तिष्क में काम करता है. दूसरा कफ निस्सारक है. इससे कफ को पतला करके मुंह या नाक के रास्ते बाहर निकाला जाता है और तीसरा ब्रोंकोडायलेटर म्यूकोलिटिक होता है, जो फेफड़ों में वायुमार्ग को चौड़ा करता है, जबकि चौथा डिकंजेस्टेंट होता है, जो बंद नाक को खोलने में मदद करता है. डॉ राय सलाह देते हैं कि अगर कफ पतला भी हो जाये, तो भी शिशु उसे मुंह से अपने आप बाहर नहीं निकाल सकते. इसलिए बहुत छोटे बच्चों को कफ सिरप न देना ही बेहतर है. अब बोर्ड ने भी जारी की निर्देशिका पश्चिम बंगाल राज्य औषधि नियंत्रण बोर्ड ने एक निर्देशिका जारी कर कहा है कि कफ सिरप, प्रोपलीन ग्लाइकॉल, ग्लिसरीन, सोर्बिटोल किसी अधिकृत दुकान से ही खरीदना चाहिए. इतना ही नहीं, बोर्ड ने प्रत्येक दवा निर्माता कंपनिायों को निर्देश दिया है कि वे इन सामग्रियों का प्रयोगशाला में कई बार परीक्षण करें, ताकि यह पता चल सके कि कोई समस्या तो नहीं है. इसकी रिपोर्ट बोर्ड के लाइसेंसिंग प्राधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ की खरीद-बिक्री पर लगी रोक appeared first on Naya Vichar.

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Dhanbad News: अड्डाबाजी व नशाखोरी के आरोप में 117 लोग हिरासत में

धनबाद. जिले में गुरुवार की रात में पुलिस ने अड्डाबाजी, अवैध जमावड़ा और नशाखोरी करने वालों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया. वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देश पर जिले में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से चलाये गये इस अभियान पुलिस टीमों ने विभिन्न चौक-चौराहों, सार्वजनिक स्थलों, पार्कों और सुनसान इलाकों में अड्डाबाजी, अवैध जमावड़ा और नशाखोरी करने वालों के 117 लोगों को हिरासत में लिया. परिजनाें के आने के बाद छोड़े जायेंगे हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. शुक्रवार को परिजनों के आने के बाद हिदायत देकर छोड़ा जायेगा. इसके लिए सभी के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है. साथ ही पकड़ाने वालों का क्रिमनल रिकॉर्ड भी चेक किया जा रहा है. वाहनों को जब्त किया गया अभियान के दौरान पुलिस ने कई स्थानों पर वाहन जांच भी की और बिना कारण घूमने वालों से पूछताछ की. जब्त वाहनों को कोर्ट से आदेश मिलने पर छोड़ा जायेगा. पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोबारा पकड़े जाने वालों के खिलाफ विशेष कार्रवाई की जायेगी. शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चलाया जा रहा अभियान : एसएसपी वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है. कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर नशाखोरी, अवैध जमावड़ा या असामाजिक गतिविधियों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. ऐसे अभियानों को लगातार जारी रखा जाएगा ताकि आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस करे और समाज में शांति का वातावरण बना रहे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post Dhanbad News: अड्डाबाजी व नशाखोरी के आरोप में 117 लोग हिरासत में appeared first on Naya Vichar.

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बूथों पर शैडो जोन में नेटवर्क उपलब्ध कराने का टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश

संवाददाता,पटना बिहार विधानसभा आम चुनाव 2025 की तैयारियों के मद्देनजर गुरुवार को अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी प्रशांत कुमार सीएच की अध्यक्षता में टेलीकॉम कंपनियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. बैठक में चुनाव प्रक्रिया के दौरान नेटवर्क सुगमता, शैडो जोन में नेटवर्क की उपलब्धता और मतदाता जागरूकता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गयी. चुनाव के दौरान निर्बाध संचार व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य में चिह्नित शैडो जोन (नेटवर्क कमजोर क्षेत्रों) की सूची निर्वाचन विभाग द्वारा सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों को उपलब्ध करायी जायेगी. सूची प्राप्त होने के बाद टेलीकॉम कंपनियां इन क्षेत्रों में नेटवर्क उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई करेंगी. सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों ने इस संबंध में पूर्ण सहयोग और त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया. अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कंपनियों को जानकारी दी कि सभी बूथों से वेबकास्टिंग की जायेगी. इसके लिए नेटवर्क की निर्बाध उपलब्धता अनिवार्य है. निर्बाध नेटवर्क उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों ने सहमति जतायी. इस संबंध में आवश्यक तकनीकी समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने का निर्णय लिया गया. मतदाता जागरूकता के लिए एसएमएस और कॉलिंग सुविधा उपलब्ध कराने पर भी कंपनियों द्वारा सहमित दी गयी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बूथों पर शैडो जोन में नेटवर्क उपलब्ध कराने का टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश appeared first on Naya Vichar.

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