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October 10, 2025

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NEET PG Result 2025 Cancelled: 22 छात्रों के लिए रद्द हुआ नीट पीजी रिजल्ट, देखें पूरी लिस्ट

NEET PG Result 2025 Cancelled: मेडिकल कॉलेज में मास्टर्स कोर्स में एडमिशन के लिए होने वाली NEET PG परीक्षा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) ने इस साल की परीक्षा में 22 उम्मीदवारों का रिजल्ट रद्द कर दिया है. NBE की ओर से जारी की गई लिस्ट में इन सभी उम्मीदवारों के नाम और रोल नंबर शामिल हैं. बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि इन उम्मीदवारों को जारी किए गए स्कोरकार्ड अब मान्य नहीं रहेंगे. कुल 22 उम्मीदवारों का रिजल्ट रद्द कर दिया गया है. NBE ने कहा है कि इन स्कोरकार्ड्स या रिजल्ट्स का इस्तेमाल किसी भी काम के लिए- जैसे नौकरी पाने, किसी कॉलेज या कोर्स में एडमिशन लेने, रजिस्ट्रेशन कराने या आगे की पढ़ाई के लिए- करना कानूनी तौर पर गलत होगा. NEET PG परीक्षा कब हुई थी? NEET PG 2025 की परीक्षा 3 अगस्त को पूरे देश के 301 शहरों और 1,052 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी. परीक्षा एक ही शिफ्ट में कंप्यूटर आधारित मोड में कराई गई थी. इस परीक्षा में देशभर से 2.42 लाख से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे. परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित ढंग से कराने के लिए NBEMS ने बड़े स्तर पर व्यवस्थाएं की थीं. NEET PG Result 2025 Cancelled Candidates List PDF देशभर के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों से करीब 2,200 फैकल्टी मेंबर्स को परीक्षा ड्यूटी पर लगाया गया था ताकि किसी भी प्रकार की नकल या अनुचित गतिविधि को रोका जा सके. इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा जांच, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और सीसीटीवी निगरानी जैसे सख्त इंतजाम किए गए थे. NEET PG के इन छात्रों का रिजल्ट रद्द क्रम संख्या रोल नंबर उम्मीदवार का नाम 1 25661017848 स्रुष्टि बोम्मनहल्ली राजन्ना 2 25661041600 इरम शाहीन 3 25661043156 प्रमोद कुमार निषाद 4 25661051004 अमित कुमार डांगी 5 25661123233 प्रवीण कुमार 6 25661126923 मयंक सिंघल 7 25661142216 मोहम्मद आतिफ 8 25661165022 मनीष कुमार 9 25661178808 बलबीर चंद 10 25661189166 मनाली कुमारी 11 25661192710 मृ्तुंजय कुमार 12 25661228261 चाँद बाबू 13 25661232627 हिमालय कुमार हिमांशु 14 24661035945 सुमीत पाटिल 15 24661199529 अभिषेक कुमार 16 24661211271 प्रियदर्शन वर्मा 17 23661025632 अभिषेक कुमार 18 23661189936 मोहम्मद आतिफ 19 23661190096 काकड़े अमित अविनाश 20 23661198904 सिद्धार्थ रमेश देसाई 21 2266196308 मनीष कुमार 22 2166109208 खुर्शीद आलम यह भी पढ़ें: बिहार में प्रशासनी नौकरियों की बहार, 10वीं पास से लेकर ग्रेजुएट तक के लिए वैकेंसी NEET PG 2025 का रिजल्ट कब घोषित हुआ था? NEET PG 2025 का रिजल्ट परीक्षा के कुछ हफ्तों बाद घोषित किया गया था. लेकिन अब NBE ने 22 उम्मीदवारों का रिजल्ट रद्द कर दिया है. इसका मतलब है कि इन उम्मीदवारों के स्कोरकार्ड अब किसी भी तरह के उपयोग के लिए मान्य नहीं रहेंगे. NEET PG रिजल्ट रद्द होने का कारण क्या बताया गया है? नीट पीजी परीक्षा में 22 कैंडिडेट्स का रिजल्ट रद्द कर दिया गया है. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) की तरफ से इसके लिए कारण नहीं बताया गया है क्या बाकी उम्मीदवारों के रिजल्ट पर कोई असर पड़ेगा? नहीं. NBE ने स्पष्ट किया है कि केवल 22 उम्मीदवारों का रिजल्ट रद्द किया गया है. बाकी सभी उम्मीदवारों के परिणाम और स्कोरकार्ड पहले की तरह मान्य हैं और उनका इस्तेमाल एडमिशन या अन्य प्रक्रियाओं में किया जा सकता है. नीट पीजी परीक्षा क्या होती है? नीट पीजी परीक्षा का आयोजन मेडिकल के मास्टर्स कोर्स में एडमिशन के लिए होता है. इस परीक्षा में पास होने के बाद MD या MS कोर्स में दाखिला ले सकते हैं. NEET PG 2025 परीक्षा कैसे कराई गई थी? यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित मोड में कराई गई थी. 3 अगस्त को देशभर के 301 शहरों और 1,052 परीक्षा केंद्रों पर एक ही शिफ्ट में परीक्षा हुई. 2.42 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने इसमें हिस्सा लिया और 2,200 से अधिक फैकल्टी मेंबर्स को निगरानी के लिए तैनात किया गया था. The post NEET PG Result 2025 Cancelled: 22 छात्रों के लिए रद्द हुआ नीट पीजी रिजल्ट, देखें पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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Ahoi Ashtami Vrat 2025: 13 अक्टूबर को है अहोई अष्टमी व्रत, जल्दी नोट कर लें पूजा की सभी सामग्री

Ahoi Ashtami Vrat 2025: अहोई अष्टमी का पर्व हिंदुस्तान में मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहारों में से एक है. यह पर्व हर साल कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन विवाहित स्त्रीएं संतान प्राप्ति की कामना और माताएं अपनी संतान की लंबी आयु एवं सुरक्षा के लिए व्रत रखती हैं. पर्व के दौरान स्त्रीएं व्रत रखकर माता अहोई की आराधना करती हैं. व्रत के समय कुछ आवश्यक नियमों का पालन करना जरूरी होता है ताकि पूजा बिना किसी गलती के पूर्ण और सफल हो. अहोई अष्टमी पूजा सामग्री: अहोई माता की तस्वीर शृंगार का सामान (माता को अर्पित करने के लिए) गंगाजल कलश करवा (छोटा घड़ा) फल अगरबत्ती फूल धूपबत्ती घी दिया रोली कलावा (मौली धागा) अक्षत (चावल) सूखा आटा (चौक बनाने के लिए) दूध साल 2025 में अहोई अष्टमी कब मनाई जाएगी? इस साल अहोई अष्टमी की शुरुआत 13 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12 बजकर 24 मिनट से हो रही है. इसका समापन 14 अक्टूबर 2025 को सुबह 11 बजकर 9 मिनट पर होगा. यही कारण है कि इस साल अहोई अष्टमी का पर्व 13 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा. अहोई व्रत का महत्व क्या है? धार्मिक मान्यता के अनुसार, अहोई अष्टमी व्रत करने से संतान को दीर्घायु और अच्छी सेहत का आशीर्वाद मिलता है. साथ ही जीवन में खुशहाली बनी रहती है, नकारात्मक विचार दूर होते हैं और सकारात्मकता आती है. Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. यह भी पढ़ें: Ahoi Ashtami Vrat 2025: पहली बार कर रही हैं संतान के लिए अहोई अष्टमी का व्रत? जानें उपवास के सभी नियम, तिथि और माता का प्रिय भोग The post Ahoi Ashtami Vrat 2025: 13 अक्टूबर को है अहोई अष्टमी व्रत, जल्दी नोट कर लें पूजा की सभी सामग्री appeared first on Naya Vichar.

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ट्रंप विरोधी देश वेनेजुएला को मिला नोबेल, जानें कौन हैं मारिया कोरिना मचाडो, जिन्हें कहा जाता है ‘आयरन लेडी’

Maria Corina Machado 2025 Nobel Peace Prize: अगर आप सोच रहे हैं कि नोबेल शांति पुरस्कार सिर्फ बड़े देशों के नेताओं या अंतरराष्ट्रीय संगठन के लिए ही आता है, तो वेनेजुएला की “आयरन लेडी” के नाम से मशहूर मारिया कोरिना मचाडो इस धारणा को झटका देती हैं. नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने 2025 का पुरस्कार मचाडो को दिया है. वेनेजुएला में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और तानाशाही से लोकतंत्र में शांतिपूर्ण बदलाव सुनिश्चित करने के उनके संघर्ष को समिति ने सम्मानित किया है. यह पुरस्कार ट्रंप के दुश्मन देश को मिलना और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ट्रंप वेनेजुएला को अपना दुश्मन मानते हैं. हाल ही में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है, ट्रंप बार-बार वेनेजुएला पर अमेरिका को ड्रग्स की आपूर्ति करने और अमेरिकी नागरिकों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते रहे हैं. कुछ समय से अटकलें लगाई जा रही थीं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी यह पुरस्कार मिल सकता है. गाजा पट्टी में उनकी युद्धविराम योजना और अंतरराष्ट्रीय सक्रियता ने इस संभावना को और बढ़ा दिया है. हालाँकि, नोबेल समिति हमेशा उन व्यक्तियों और संगठनों को प्राथमिकता देती है जिनके दीर्घकालिक योगदान और शांतिपूर्ण प्रयास स्थायी शांति को बढ़ावा देते हैं. नोबेल फाउंडेशन के अनुसार, मचाडो वेनेजुएला में एक स्वतंत्रता की आवाज बनकर उभरी हैं, और उनके साहस ने नागरिक समाज को लोकतंत्र की लौ जलाए रखने में मदद की है. समिति ने उन्हें “शांति की साहसी और प्रतिबद्ध समर्थक” बताया, जो अंधकार के बीच भी लोकतंत्र की मशाल को थामे रखती हैं. Maria Corina Machado 2025 Nobel Peace Prize: प्रारंभिक जीवन और शिक्षा मारिया कोरिना मचाडो का जन्म 1967 में वेनेजुएला में एक ऐसे परिवार में हुआ जो सामाजिक और बौद्धिक रूप से सक्रिय था. इस पृष्ठभूमि ने उनके सत्तावादी शासन के खिलाफ विद्रोह की नींव रखी. उन्होंने आंद्रेस बेलो कैथोलिक विश्वविद्यालय से औद्योगिक इंजीनियरिंग में पढ़ाई की और IESA, कराकस से वित्त में स्नातकोत्तर किया. 2009 में उन्होंने येल विश्वविद्यालय के वर्ल्ड फेलो प्रोग्राम में हिस्सा लिया, जिससे उनका वैश्विक दृष्टिकोण और लोकतांत्रिक सुधार के प्रति समर्पण मजबूत हुआ. नेतृत्व में कदम रखने से पहले मचाडो ने 1992 में फंडासिओन एटेनिया की सह-स्थापना की, जिसका उद्देश्य अनाथ और जोखिमग्रस्त बच्चों की मदद करना था. बाद में उन्होंने ऑपर्चुनिटास फाउंडेशन में अध्यक्ष के रूप में सामाजिक विकास का काम जारी रखा. नेतृत्वकरण से बचने के लिए, उन्होंने फंडासिओन एटेनिया से दूरी बनाई और सुमाते आंदोलन में नेतृत्व करना शुरू किया, यही मंच उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला बना. विपक्ष को एकजुट करना मचाडो पिछले दो दशकों से वेनेजुएला के विखंडित विपक्ष को जोड़ने के लिए काम कर रही हैं. उन्होंने हमेशा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और शांतिपूर्ण भागीदारी का समर्थन किया. उनका कहना है, “यह गोलियों की बजाय मतपत्रों का चुनाव था.” सुमाते मंच के माध्यम से उन्होंने चुनावी पारदर्शिता, न्यायिक स्वतंत्रता, मानवाधिकार और प्रतिनिधित्व के लिए लगातार संघर्ष किया. इस दौरान उन्हें कई बार व्यक्तिगत जोखिम और सुरक्षा संकट का सामना करना पड़ा, फिर भी वे देश में बनी रहीं और लाखों लोगों को प्रेरित किया. सत्तावादी शासन और लोकतंत्र का संघर्ष पिछले दो दशकों में वेनेजुएला का नेतृत्वक परिदृश्य नाटकीय रूप से बदल गया है. कभी समृद्ध और लोकतांत्रिक देश अब सत्तावादी शासन के अधीन है. लाखों लोग गरीबी में जीवन यापन कर रहे हैं, जबकि शीर्ष पर बैठे कुछ लोग शक्ति और धन बढ़ा रहे हैं. विपक्षी नेताओं को चुनावी धांधली, कानूनी उत्पीड़न और जेल का सामना करना पड़ता है. लगभग 80 लाख लोग देश छोड़ चुके हैं. 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में मचाडो को सीधे चुनाव लड़ने से रोका गया. उन्होंने एडमंडो गोंजालेज उरुतिया का समर्थन किया और लाखों स्वयंसेवकों को संगठित किया. नागरिकों ने उत्पीड़न और गिरफ्तारी के खतरे के बावजूद मतदान केंद्रों पर पारदर्शिता सुनिश्चित की. चुनाव परिणामों में विपक्ष की जीत स्पष्ट थी, लेकिन शासन ने इसे स्वीकार नहीं किया. लोकतंत्र और शांति का प्रतिरूप नोबेल समिति के अनुसार, “स्थायी शांति के लिए लोकतंत्र आवश्यक है.” मचाडो का संघर्ष इसी सिद्धांत की जीवंत मिसाल है. वेनेजुएला का संघर्ष उन देशों के लिए भी सीख है जहां सत्तावादी शासन कानून, स्वतंत्र मीडिया और नागरिक स्वतंत्रता को कमजोर करता है. इतिहास में नोबेल शांति पुरस्कार हमेशा उन लोगों को सम्मानित करता आया है जो दमन का विरोध करते हैं और स्वतंत्रता की आशा रखते हैं.  जेल की कोठरियों, सड़कों या सार्वजनिक चौकों से मचाडो ने इस परंपरा में अपनी जगह बनाई. उन्होंने विपक्ष को एकजुट किया, सैन्यीकरण का विरोध किया और लोकतांत्रिक बदलाव में शांतिपूर्ण मार्ग अपनाया. मचाडो के लिए लोकतंत्र और शांति अलग नहीं हैं. उनका मानना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करना ही स्थायी शांति की नींव है. नोबेल समिति ने उनके इस प्रयास को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मान्यता दी है, और वेनेजुएला में उनके साहस और नेतृत्व को विश्व स्तर पर सराहा गया. ये भी पढ़ें:- इजरायल-हमास समझौता के पीछे डोनाल्ड ट्रंप की चतुर चाल या गलतफहमी, क्या धोखे से लग गया अमेरिका का तुक्का?  अब ताइवान करेगा इजरायल वाला काम, चीन के खिलाफ इस हथियार का करेगा निर्माण The post ट्रंप विरोधी देश वेनेजुएला को मिला नोबेल, जानें कौन हैं मारिया कोरिना मचाडो, जिन्हें कहा जाता है ‘आयरन लेडी’ appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Election 2025: बिहार चुनाव से पहले JDU को बड़ा झटका, दो बार एमपी रहे संतोष कुशवाहा RJD में शामिल

Bihar Election 2025: पूर्णिया जिले की सियासत में शुक्रवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला. जदयू के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता संतोष कुशवाहा अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में शामिल हो गए हैं. पटना में आयोजित कार्यक्रम में तेजस्वी यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई. कई महीनों से चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है. माना जा रहा है कि कुशवाहा धमदाहा विधानसभा सीट से मंत्री लेसी सिंह के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगे. भाजपा से लेकर जदयू तक का सफर अब राजद पर खत्म संतोष कुशवाहा ने अपने नेतृत्वक जीवन की शुरुआत भाजपा से की थी और 2010 में बायसी सीट से विधायक बने थे. बाद में उन्होंने जदयू का रुख किया और पूर्णिया से सांसद चुने गए. अब उन्होंने तीसरी पारी राजद के साथ शुरू की है. नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि उनके आने से सीमांचल की नेतृत्व में नई ऊर्जा और समीकरणों में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा. पटना: बिहार चुनाव से पहले पूर्णिया में JDU को तगड़ा झटका. पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा RJD में शामिल, तेजस्वी यादव ने खुद दिलाई सदस्यता. जहानाबाद से पूर्व विधायक राहुल शर्मा और बांका से जेडीयू सांसद गिरधारी यादव के बेटे चाणक्य प्रकाश भी RJD में शामिल. #santoshkushwaha #TejashwiYadav… pic.twitter.com/WXw6WbvX1I — Naya Vichar (@prabhatkhabar) October 10, 2025 लालू प्रसाद से मुलाकात के बाद लिया फैसला पार्टी सूत्रों ने बताया कि गुरुवार रात संतोष कुशवाहा ने लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से बंद कमरे में लंबी बातचीत की थी. उसी बैठक में RJD ज्वाइन करने का फैसला तय हुआ. शुक्रवार दोपहर उन्होंने सैकड़ों समर्थकों के साथ पटना में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. संतोष कुशवाहा ने JDU छोड़ने की बताई वजह RJD में शामिल होते ही संतोष कुशवाहा ने कहा कि वे लंबे समय से जदयू में उपेक्षित महसूस कर रहे थे. उन्होंने कहा, “अब मैं उस संगठन का हिस्सा बन गया हूं, जहां कार्यकर्ता को सम्मान और भूमिका दोनों मिलती है.” उनके साथ JDU के कई स्थानीय नेता जैसे प्रदीप मेहता और अविनाश कुमार ने भी पार्टी छोड़ी और RJD में शामिल हो गए. Also Read: सदी का सबसे बड़ा झूठ बोल रहे तेजस्वी, हर घर नौकरी के वादे पर जदयू के इस नेता का तंज The post Bihar Election 2025: बिहार चुनाव से पहले JDU को बड़ा झटका, दो बार एमपी रहे संतोष कुशवाहा RJD में शामिल appeared first on Naya Vichar.

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Jharkhand Cabinet Date: कैबिनेट की बैठक 16 अक्टूबर को, कई अहम फैसलों को मिल सकती है मंजूरी

Jharkhand Cabinet Date: झारखंड प्रशासन की कैबनेट की बैठक 16 अक्टूबर को होने जा रही है. इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे. मंत्रिपरिषद् की बैठक राजधानी के धुर्वा स्थित झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) के मंत्रिपरिषद् कक्ष में होगी. मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) की ओर से शुक्रवार को यह जानकारी दी गयी है. कहा गया है कि गुरुवार दिनांक 16 अक्टूबर को अपराह्न 3:00 बजे से झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी. बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी जा सकती है. झारखंड मंत्रिपरिषद् की बैठक 16 अक्टूबर को 3:00 बजे से हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल की बैठक 16 अक्टूबर को अपराह्न 3:00 बजे से होगी. बैठक झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) के मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी.#JharkhandCabinet #HemantSoren #CabinetMeeting #RanchiNews #JharkhandGovt… pic.twitter.com/OGf1UIQfD4 — Naya Vichar (@prabhatkhabar) October 10, 2025 The post Jharkhand Cabinet Date: कैबिनेट की बैठक 16 अक्टूबर को, कई अहम फैसलों को मिल सकती है मंजूरी appeared first on Naya Vichar.

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Soan Papdi Recipe: मिनटों में सीखें हलवाई स्टाइल सोनपापड़ी बनाने का आसान तरीका

Soan Papdi Recipe: फेस्टीव सीजन हो या फिर कुछ मीठा खाने का मन सोनपापड़ी से टेस्टी स्वीट और क्या हो सकता है. रेशेदार परतों और मुंह में घुल जाने वाले स्वाद के कारण यह हमेशा से सबका फेवरेट रहा है.दिवाली के टाईम में सोनपापड़ी की डिमांड थोड़ी बढ़ जाती है.अक्सर लोगों को लगता है कि हलवाई जैसी परफेक्ट सोनपापड़ी बनाना बहुत मुश्किल है लेकिन ऐसा नहीं है.हम आपके लिये लाये हैं कुछ ऐसे ट्रिक्स जिससे आप घर में भी आसानी से सोनपापड़ी बना सकती है. तो चलिए अपनी रसोई को मिठाई की सुगंध से भर दीजिए और इस दिवाली अपनी हाथों से बनी सोनपापड़ी से सबका दिल जीत लीजिए. सामग्री बेसन – 1 कप मैदा – 1 कप चीनी – 2 कप पानी – 1 कप घी – 1 कप इलायची पाउडर – ½ छोटी चम्मच बादाम या पिस्ता (बारीक कटे हुए) – 2 टेबल स्पून बनाने की विधि बेसन और मैदा भूनें: एक भारी तले की कड़ाही में घी गर्म करें.उसमें बेसन और मैदा डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए सुनहरा होने तक भूनें.जब हल्की खुशबू आने लगे तो गैस बंद कर दें और मिश्रण को ठंडा होने दें. चाशनी तैयार करें: एक पैन में चीनी और पानी डालें और मध्यम आंच पर पकाएं.जब दो तार की चाशनी बन जाए यानी थोड़ा गाढ़ा हो जाए तो गैस बंद कर दें. मिश्रण तैयार करें: अब भुने हुए बेसन-मैदा में धीरे-धीरे चाशनी डालें. लगातार चलाते रहें ताकि कोई गांठ न बने.इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं सेट करें: एक प्लेट या ट्रे में घी लगाएं और तैयार मिश्रण को उसमें डालकर समान रूप से फैला दें.ऊपर से कटे हुए बादाम या पिस्ता डालें और हल्के हाथों से दबा दें.15–20 मिनट के लिए ठंडा होने दें. काटें और परोसें: मिश्रण जम जाने पर चाकू से चौकोर या डायमंड आकार में काट लें.आपकी हलवाई स्टाइल सोनपापड़ी तैयार है. Also Read : Karwa Chauth Sargi Special: सासू मां की सीक्रेट फेनी रेसिपी,जो देगी दिनभर एनर्जी और मीठा स्वाद Also Read : 5 Minute Rasmalai Laddu: बिना गैस जलाए, सिर्फ 5 मिनट में बनाएं सबसे ट्रेंडी मिठाई Also Read : Moong Dal Khichdi Recipe: झटपट बनने वाली खिली-खिली मूंग दाल खिचड़ी की सीक्रेट रेसिपी The post Soan Papdi Recipe: मिनटों में सीखें हलवाई स्टाइल सोनपापड़ी बनाने का आसान तरीका appeared first on Naya Vichar.

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Indian Biosphere Reserves in UNESCO list : ये हैं यूनेस्को की सूची में शामिल 13 भारतीय बायोस्फीयर रिजर्व

Indian Biosphere Reserves in UNESCO list  : विश्व बायोस्फीयर रिजर्व नेटवर्क (World Network of Biosphere Reserves) यूनेस्को की ओर से स्थापित एक वैश्विक नेटवर्क है, जिसमें दुनिया भर के उन प्राकृतिक और सांस्कृतिक परिदृश्यों को शामिल किया जाता है, जहां संरक्षण और सतत विकास के बीच एक संतुलित संबंध स्थापित हो. इसे यूनेस्को के ‘मैन एंड द बायोस्फीयर प्रोग्राम’ के तहत संचालित किया जाता है. यूनेस्को ने बीते 27 सितंबर को विश्व जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र नेटवर्क में 26 नये स्थलों को शामिल किया, जिसमें हिंदुस्तान के हिमाचल में स्थित शीत मरुस्थल बायोस्फीयर भी है. चीन के हांग्जाऊ में आयोजित विश्व बायोस्फीयर रिजर्व कांग्रेस में यूनेस्को की ओर से की गयी घोषणा के बाद हिंदुस्तान में कुल 13 जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र हो गये हैं, जो यूनेस्को के विश्व बायोस्फीयर रिजर्व नेटवर्क के 785 स्थलों के वैश्विक नेटवर्क में शामिल हो गये हैं. कोल्ड डेजर्ट बायोस्फीयर रिजर्व यूनेस्को ने हिंदुस्तान के इस बायोस्फीयर रिजर्व को 27 सितंबर,  2025 को विश्व नेटवर्क ऑफ बायोस्फीयर रिजर्व में शामिल करने की घोषणा की. यह बायोस्फीयर रिजर्व हिंदुस्तान के पश्चिमी हिमालय में लगभग  3,300 से 6,600 मीटर की ऊंचाई पर 7,770 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. यह उच्च-ऊंचाई वाला रिजर्व हिमनद घाटियों, अल्पाइन घास के मैदानों, झीलों और ऊबड़-खाबड़ उच्च-ऊंचाई वाले रेगिस्तानों को अपने में समेटे हुए है और इसे दुर्लभ वन्यजीवों जैसे हिम तेंदुआ तथा हिमालयी आइबेक्स के लिए भी जाना जाता है. वर्ष 2009 में इसे पहली बार राष्ट्रीय बायोस्फीयर रिजर्व घोषित किया गया था और अब यह शीत मरुस्थल वैश्विक नेटवर्क में हिंदुस्तान का 13वां स्थल है. इसमें पिन वैली राष्ट्रीय उद्यान और उसके आसपास के क्षेत्र, चंद्रताल और सरचू एवं किब्बर वन्यजीव अभयारण्य जैसे संरक्षित क्षेत्र शामिल हैं और यह लगभग 12 हजार लोगों का घर है, जो यहां दूर-दूर बसे छोटे-छोटे गांव में रहते हैं. नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व इस बायोस्फीयर रिजर्व को वर्ष 2000 में यूनेस्को के संरक्षित जैवमंडलों के विश्व नेटवर्क में शामिल किया गया था. यह रिजर्व 1986 में स्थापित हुआ था और यूनेस्को सूची में शामिल होने वाला हिंदुस्तान का पहला बायोस्फीयर रिजर्व है. पश्चिमी घाट क्षेत्र में स्थित यह रिजर्व में तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक राज्यों के कुछ हिस्सों को कवर करता है. यह  4 बाघ अभयारण्यों, 2 राष्ट्रीय उद्यानों और 1 वन्यजीव अभयारण्य को समेटे हुए है, जो 3 राज्यों में 5,500 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है. नीलगिरि बायोस्फीयर में दुनिया में जंगली बाघों और एशियाई हाथियों की सबसे बड़ी आबादी है. मन्नार की खाड़ी बायोस्फीयर रिजर्व हिंदुस्तान के सबसे महत्वपूर्ण और जैविक रूप से समृद्ध तटीय क्षेत्रों में से एक इस रिजर्व की स्थापना हिंदुस्तान प्रशासन और तमिलनाडु प्रशासन की एक संयुक्त घोषणा द्वारा 18 फरवरी 1989 को हुई थी. यह दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया का पहला समुद्री बायोस्फीयर रिजर्व है. तमिलनाडु के तूतूकुड़ी और रामनाथपुरम जिलों के बीच फैला हुआ यह रिजर्व प्रवाल की 117 प्रजातियों, मछली की 450 से अधिक प्रजातियों (जिनमें चार समुद्री घोड़े शामिल हैं), 160 पक्षियों, क्रस्टेशियन की 641 प्रजातियों (जिनमें 38 केकड़े और दो झींगा शामिल हैं), चार समुद्री कछुओं, और 11 मैंग्रोव को आश्रय प्रदान करता है. सुंदरबन बायोस्फीयर रिजर्व यह रिजर्व 9630 किमी के क्षेत्र में फैला है और उत्तर में बंगाल की खाड़ी में डैम्पियर-हॉजेस रेखा, पश्चिम में हुगली नदी के पूर्व में इच्छामती-कालिंदी-रायमंगल से घिरा है. इस रिजर्व को नवंबर 2001 में यूनेस्को के मानव और बायोस्फीयर (एमएबी) कार्यक्रम के तहत विश्व नेटवर्क में शामिल किया गया था. सुंदरबन दुनिया में बाघों का एकमात्र मैंग्रोव आवास है. यहां पाये जाने वाले बाघ जलीय परिस्थितियों के अनुकूल ढल गय हैं और तैरने की क्षमता रखते हैं. सुंदरबन तटीय पश्चिम बंगाल के लिए एक प्राकृतिक अवरोधक के रूप में कार्य करता है, जो चक्रवातों और ज्वार की लहरों के प्रभाव को कम करके स्थानीय समुदायों की रक्षा करता है.   नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में स्थित यह बायोस्फीयर रिजर्व नंदा देवी चोटी और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान को अपने मुख्य क्षेत्रों में शामिल करता है. नंदा देवी और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान असाधारण रूप से सुंदर, उच्च-ऊंचाई वाले पश्चिमी हिमालयी परिदृश्य हैं, जिनमें उत्कृष्ट जैव विविधता है. नंदा देवी नेशनल पार्क को वर्ष 1988 में यूनेस्को द्वारा ‘विश्व धरोहर स्थल’ के रूप में अंकित किया गया था.बाद में 2005 में फूलों की घाटी को भी शामिल करके इसे ‘नंदा देवी और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान’ नाम दिया गया.  यूनेस्को सूची में शामिल अन्य 8  बायोस्फीयर रिजर्व मानस बायोस्फीयर रिजर्व- हिंदुस्तान के पूर्वोत्तर के राज्य असम में स्थित है. पचमढ़ी बायोस्फीयर रिजर्व- यह मध्य प्रदेश के सतपुड़ा रेंज में है . सिमलीपाल बायोस्फीयर रिजर्व -ओडिशा के मयूरभंज जिले में है.दिहांग-दिबांग बायोस्फीयर रिजर्व – अरुणाचल प्रदेश में है.कंचनजंगा बायोस्फीयर रिजर्व- सिक्किम में स्थित है.अगस्त्यमलाई बायोस्फीयर रिजर्व- पश्चिमी घाट के सबसे दक्षिणी छोर पर स्थित है और तमिलनाडु तथा केरल राज्यों में फैला हुआ है. पन्ना बायोस्फीयर रिजर्व – मध्य प्रदेश में पन्ना और छतरपुर जिलों में फैला हुआ है. यह भी पढ़ें : World Highest Mountains In Nepal : नेपाल में हैं दुनिया के आठ सबसे ऊंचे पर्वत यह भी पढ़ें : Admission Alert 2025 : एमबीए एवं पीएचडी में दाखिले का मौका, जल्द करें आवेदन The post Indian Biosphere Reserves in UNESCO list : ये हैं यूनेस्को की सूची में शामिल 13 हिंदुस्तानीय बायोस्फीयर रिजर्व appeared first on Naya Vichar.

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Viral Video: गैंडा और भैंस में कौन बड़ा बलवान? दोनों की लड़ाई छिड़ी को कांपने लगा जंगल, देखिए जंग का वायरल वीडियो

Viral Video: जंगल और जंगली जानवरों का वीडियो सोशल मीडिया पर इन दिनों खूब वायरल हो रहा है. लोगों को जानवरों की प्रकृति पर निर्भरता और उनके जीवन जीने का ढंग काफी आकर्षित करता है. जंगली जानवरों की लड़ाई का वीडियो में काफी ट्रेंड में रहता है. ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक गेंडा और भैंस में जोरदार लड़ाई को दिखाया गया है. जंगल के ये दो बड़े जानवर आपस में भिड़ गए हैं. पूरी ताकत से दोनों एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं. वीडियो कई यूजर्स को हैरान कर रहा है. इन दोनों की लड़ाई से पूरा जंगल थर्राने लगा है. भैंस और गैंडे की लड़ाई से थर्रा उठा जंगल भैंस और गैंडे की लड़ाई से पूरे जंगल में कोलाहल मच गया है. वीडियो की शुरुआत में दिख रहा है कि जंगल में एक खुली जगह पर भैंस और गैंडा आमने सामने हैं, मानो दोनों एक दूसरे की ताकत को तोल रहे हो. अचानक भैंस चार कदम आगे बढ़ते हुए गैंडा के सिर से अपनी सींग भिड़ाकर उसे पीछे धकेलने लगा, दो पल के लिए लगा की भैंस गैंडा से बाजी मार लेगा. वो पूरी ताकत लगाकर गैंडा को पीछे धकेलने में कामयाब रहा. लेकिन, इसके बाद लड़ाई में ट्विस्ट आ जाता है. राइनो अपने को संभालते हुए भैंस को पीछे धकेलने लगता है. उसका बड़ा शरीर और बेमिसाल ताकत के आगे भैंस का दम कम होने लगता है. देखते ही देखते गैंडे ने भैंस को उठाकर पटक दिया. The power of a rhino against a cape buffalo pic.twitter.com/boWiD8ogT2 — Nature is Amazing ☘️ (@AMAZlNGNATURE) October 8, 2025 भैंस पर भारी पड़ गैंडा जंगली भैंस और गैंडा दोनों की ताकत बेमिसाल है. एक वयस्त जंगली भैंस अपनी गर्दन की ताकत से बड़े-बड़े शेर को कई फीट ऊंचा उछाल सकता है. वहीं गैंडा की ताकत ऐसी है कि एक छोटी ट्रक को भी टक्कर मारकर गैंडा कई मीटर पीछे धकेल सकता है. ऐसे में जब दोनों खतरनाक जीवों की लड़ाई होती है तो कहानी सिर्फ ताकत पर खत्म होती है. इस मामले में बाजी हमेशा गैंडा मार लेता है. क्योंकि, उसके पास बड़ा आकार होने के कारण उसकी ताकत भैंस की अपेक्षा काफी ज्यादा होती है. उसपर से उसका मोटा चमड़ा उसे भैंस के सीगों से बचाए रखता है. लड़ाई के दौरान गैंडे ने भैंस को उठाकर पटक, इसके बाद भैंस ने भागने में ही भलाई समझी. भैंस रण छोड़कर भाग गया, इसी के साथ इस खतरनाक लड़ाई का अंत हो गया. सोशल मीडिया में वायरल हो रहा वीडियो गैंडा और भैंस की लड़ाई का यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. इसे एक्स के प्लेटफॉर्म पर @AMAZlNGNATURE के आईडी से शेयर किया गया है. वीडियो को अब तक करीब 4 लाख लोगों ने देख लिया है. 6 हजार से ज्यादा लोगों ने इस लाइक किया है. कई यूजर्स ने कमेंट भी किया है. कई यूजर्स ने दोनों की लड़ाई पर रनिंग कमेंट्री भी की है. एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा ‘एक सींग वाला बुलडोजर और एक अंधा टैंक, एक दिलचस्प मुकाबला.’ एक और यूजर ने लिखा कि कल्पना कीजिए ‘अगर गैंडे के सींग तीखे होते! RIP भैंस.’ एक अन्य यूजर ने लिखा ‘जैसे ही राइनो को एहसास होता है कि यह बंदा गंभीर है! लोल.’ इसी तरह कई और यूजर्स ने भी वीडियो पर अपने कमेंट किए हैं. The post Viral Video: गैंडा और भैंस में कौन बड़ा बलवान? दोनों की लड़ाई छिड़ी को कांपने लगा जंगल, देखिए जंग का वायरल वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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Bobby Deol ने अपनी सफलता का श्रेय इस एक्टर को दिया, नाम सुनकर होगी हैरानी

Bobby Deol: सलमान खान अपनी दमदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं. उनके विनम्र स्वभाव की वजह से सोशल मीडिया पर एक्टर की तगड़ी फैन-फॉलोइंग है. उन्होंने बॉलीवुड में कई लोगों की मदद की है और उन्हें लॉन्च करके उनकी किस्मत बनाई. उनमें से एक हैं बॉबी देओल, जिन्हें सलमान ने फिल्म रेस 3 से वापसी करने में काफी मदद की. इस मूवी ने बॉबी के करियर को बूस्ट किया. इसी वजह से एक्टर भाईजान को अपनी सफलता का श्रेय देते हैं. सलमान खान को अपनी सफलता का श्रेय देते हैं बॉबी देओल बॉबी देओल से एक इंटरव्यू में पूछा गया कि वह अपने परिवार के अलावा, अपनी सफलता का श्रेय किसे देंगे, तो उन्होंने झट से सलमान खान का नाम लिया. एक्टर ने कहा, “मैं बहुत से लोगों को अपनी सक्सेस का श्रेय देता हूं, जिन्होंने एक अभिनेता के रूप में मुझ पर विश्वास किया. खासकर मेरे दूसरे दौर में, जब चीजें सही दिशा में नहीं चल रही थीं. मुझे लगता है, सलमान पहले होंगे. उन्होंने मुझे अपनी फिल्म में काम करने का मौका दिया और इससे मुझे बहुत मदद मिली.” बॉबी देओल ने इस फिल्मों में किया काम बॉबी देओल ने साल 1995 में ‘बरसात’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने ‘गुप्त: द हिडन ट्रुथ’, ‘करीब’, ‘सोल्जर’, ‘बादल’, ‘हम तो मोहब्बत करेगा’, ‘बिच्छू’, ‘अजनबी’, ‘हमराज’ और ‘झूम बराबर झूम’ ‘अपने’, ‘यमला पगला दीवाना’ और ‘हाउसफुल 4’ जैसी कई फिल्मों में काम किया. हाल ही में, बॉबी देओल ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में नजर आए थे. उन्हें रेस 3 और एनिमल जैसी फिल्मों से काफी लोकप्रियता मिली. आर्यन खान की ओर से निर्देशित इस शो में लक्ष्य, राघव जुयाल और मोना सिंह भी प्रमुख भूमिकाओं में मौजूद थे. यहभी पढ़ें- Kriti Sanon: कृति सेनन बनीं मां की मेहंदी आर्टिस्ट, करवाचौथ पर दिखाया अपना स्पेशल टैलेंट The post Bobby Deol ने अपनी सफलता का श्रेय इस एक्टर को दिया, नाम सुनकर होगी हैरानी appeared first on Naya Vichar.

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रांची में राहुल दुबे गैंग से पुलिस की मुठभेड़, 2 अपराधियों को लगी गोली, 4 हथियारबंद गिरफ्तार

Table of Contents कोकड़े टांड़ के पास हुई मुठभेड़ 8 पस्तौल के साथ कई कारतूस हुए हैं बरामद Encounter in Ranchi: रांची एसएसपी को मिली थी गुप्त सूचना 2 बदमाशों ने पुलिस पर चलायी 25 गोलियां बोलेरो कार से हथियार के साथ 2 गिरफ्तार Encounter in Ranchi| रातू (रांची), चंद्रशेखर उपाध्याय : झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार तड़के पुलिस की राहुल दुबे गैंग से मुठभेड़ हो गयी. दोनों ओर से जमकर गोलीबारी हुई. मुठभेड़ में 2 अपराधी घायल हुए हैं. 4 हथियारबंद अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. रांची के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रवीन पुष्कर ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पुलिस की गोली से 2 बदमाश घायल हुए. बाद में पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया. कोकड़े टांड़ के पास हुई मुठभेड़ मुठभेड़ रातू थाना क्षेत्र में पार्क इम्बु रेस्टोरेंट के समीप रातू-ठाकुरगांव रोड पर कोकड़े टांड़ के पास शुक्रवार तड़के 3:30 बजे के करीब हुई. मुठभेड़ में घायल दोनों अपराधियों का इलाज रिम्स में कराया जा रहा है. घायल अपराधियों की पहचान भुरकुंडा के साजन अंसारी पिता मुस्ताक अंसारी एवं अमित कुमार पिता दिनेश कुमार के रूप में हुई है. रांची: रातू इलाके में शुक्रवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़. राहुल दूबे गैंग के 2 बदमाश घायल. दोनों घायलों समेत 4 अपराधी गिरफ्तार. मौके से कई हथियार बरामद. ग्रामीण एसपी प्रवीन पुष्कर ने दी जानकारी. #Ranchi #JharkhandPolice #encounternews #jharkhandnews #crimenews… pic.twitter.com/EutuLz0ojD — Naya Vichar (@prabhatkhabar) October 10, 2025 8 पस्तौल के साथ कई कारतूस हुए हैं बरामद एक कार में हथियार के साथ कोकड़े पुल के पास पकड़े गये एक अपराधी का नाम अतीश दास है और दूसरे की पहचान नहीं हो पायी थी. पुलिस ने घटनास्थल से भारी संख्या में हथियार भी बरामद किया है. गिरफ्तार लोगों के पास से 8 पिस्तौल के साथ कई कारतूस बरामद किये गये हैं. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Encounter in Ranchi: रांची एसएसपी को मिली थी गुप्त सूचना रांची के एसएसपी राकेश रंजन को सूचना मिली थी कि राहुल दुबे गैंग के कुछ अपराधी खलारी इलाके में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाले हैं. इस सूचना पर अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया. पुलिस की टीम कोकड़े टांड़ के पास मुस्तैद थी. तभी बाईक पर सवार 2 अपराधी तेजी से ठाकुरगांव की ओर आते दिखे. पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो उधर से पुलिस जिप पर फायरिंग शुरू कर दी गयी. अपराधियों की ओर से हुई गोलीबारी में क्षतिग्रस्त पुलिस की जीप. फोटो : नया विचार 2 बदमाशों ने पुलिस पर चलायी 25 गोलियां उन्होंने बताया कि मोटरसाइकल सवार 2 बदमाशों ने पुलिस पर पिस्तौल से 25 बार गोली चलायी और भागने की कोशिश की. इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए दोनों को खदेड़ना शुरू कर दिया. अपराधी बाईक से खेत की ओर जाने लगे, लेकिन रास्ता ब्लॉक होने के कारण खेत में ही मुठभेड़ शुरू हो गयी. जवाबी कार्रवाई में दो अपराधियों के पैर में गोली लगी. इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. मुठभेड़ के बाद जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंची पुलिस की टीम. फोटो : नया विचार बोलेरो कार से हथियार के साथ 2 गिरफ्तार अपराधियों ने बताया कि उनके कुछ साथी उनके इंतजार में आगे खड़े हैं. उनकी निशानदेही पर एक बोलेरो कार में हथियार के साथ 2 अन्य अपराधी भी धर दबोचे गये. घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी राजेश रंजन एवं एसपी ग्रामीण प्रवीण पुष्कर भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली. मौके पर फॉरेंसिक साइंस की टीम जांच में जुटी है. मुठभेड़ में शामिल पुलिस के अधिकारी और जवान. फोटो : नया विचार इसे भी पढ़ें हजारीबाग से 2 नवंबर को शुरू होगा कुड़मी आंदोलन, रांची के मोरहाबादी मैदान में महारैली 11 जनवरी को 43 साल रुका काम डेढ़ महीने में पूरा, 26 करोड़ के प्रोजेक्ट की लागत हो गयी 1800 करोड़ रुपए को-ऑपरेटिव कॉलेज में बनेगा इवीएम डिस्पैच व रिसीविंग सेंटर, डीसी-एसपी ने किया निरीक्षण अक्टूबर में जमकर हुई बारिश, अगले 15 दिन कैसा रहेगा झारखंड का मौसम The post रांची में राहुल दुबे गैंग से पुलिस की मुठभेड़, 2 अपराधियों को लगी गोली, 4 हथियारबंद गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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