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February 4, 2026

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आज ही छोड़ दें दिन में सोने की आदत, वरना झेलनी होगी परेशानी

Sleeping in Daytime: आपने बहुत सारे लोगों को ऐसा कहते सुना होगा कि वे रात को काफी देर से सोते हैं और इस नींद की भरपाई वे दिन में सोकर करते हैं. दिन में सोने से आपकी रात की थकान तो दूर हो जाती है लेकिन सेहत के लिए यह बहुत हानिकारक होता है. दिन में सोने से होने वाले नुकसान के बारे में जान कर आपकी आंखों की नींद ही उड़ जाएगी. अगर आप दिन के वक्त थोड़ी की झपकी यानी 10-15 मिनट के लिए सोते हैं तो यह सेहत के लिए बढ़िया रहता है. जबकि इससे ज्यादा सोना आपको गंभीर बीमारियों का शिकार बना सकता है. तो चलिए जानते हैं दिन में सोने से होने वाले नुकसान के बारे में. दिन में सोने से होने वाली बीमारियां दिन में सोने से अनिद्रा या नींद न आने की बीमारी शुरू हो सकती है. वैसे तो सुनने में यह बीमारी सामान्य लगती है लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. धीरे-धीरे यह बीमारी आपको अस्पताल के चक्कर लगवा सकती है. दिन में सोने से आप डिप्रेशन, कन्फ्यूजन और याददाश्त कमजोर होने जैसी बीमारी के शिकार हो सकते हैं. इससे आप में चिड़चिड़ाहट और व्यवहार में बदलाव का आना संभव है. यह भी पढ़ें: Tulsi Ka Pani Pine Ke Fayde: कई समस्याओं का समाधान है तुलसी का पानी, जान लें इसके फायदे दिन के वक्त सोने से शरीर में थकान, शरीर का शांत पड़ना और आलस जैसी समस्या हो सकती है. किसी भी काम को करने में मन नहीं लगना भी दिन में सोने के साइड इफेक्ट हैं. अगर आप लंबे समय तक रात को जगते और दिन में सोते हैं तो आप ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हार्ट संबंधी बीमारियों के शिकार हो सकते हैं. इसके अलावा आपकी नजरें भी कमजोर हो सकती हैं. यह भी पढ़ें: Sendha Namak Khane Ke Fayde: सेहत के लिए कमाल है सेंधा नमक, जानिए इसके फायदे यह भी पढ़ें: Rice Soup Benefits: डाइट में शामिल करें सेहत से भरपूर राइस सूप, जानें इसके फायदे The post आज ही छोड़ दें दिन में सोने की आदत, वरना झेलनी होगी परेशानी appeared first on Naya Vichar.

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धोनी ने की भविष्यवाणी, बताया कौन सी चीज रोक सकती है भारत का रास्ता? जानिए क्या कहा

Highlights सूर्यकुमार की टीम के पास सब कुछ मौजूद अनुभव और रोल बनाता है खास  ओस बन सकती है बड़ा फैक्टर  ज्यादातर मैच जीतेगा हिंदुस्तान  इतिहास रचने की दहलीज पर टीम इंडिया  MS Dhoni on team India: महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. साल 2007 में हिंदुस्तान को पहला टी20 वर्ल्ड कप जिताने वाले माही को पूरा भरोसा है कि टीम इंडिया अपना खिताब बचाने में सफल रहेगी. एक कार्यक्रम में स्पोर्ट्स प्रेजेंटर जतिन सप्रू से बात करते हुए धोनी ने सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की कप्तानी वाली इस टीम की जमकर तारीफ की. उन्होंने माना कि यह टीम टूर्नामेंट की सबसे कम्प्लीट यानी पूरी टीम है. हालांकि, हिंदुस्तान की जीत के दावों के बीच धोनी ने एक ऐसी चीज के बारे में भी चेतावनी दी है, जो मैच का पासा पलट सकती है. सूर्यकुमार की टीम के पास सब कुछ मौजूद एमएस धोनी का मानना है कि मौजूदा हिंदुस्तानीय टीम के पास वो हर संसाधन मौजूद है जो एक चैंपियन टीम को चाहिए होता है. उन्होंने टीम की ताकत पर बात करते हुए साफ कहा कि हिंदुस्तान इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है. धोनी के मुताबिक एक अच्छी टीम के लिए जो कुछ भी चाहिए, वो सब इस टीम के पास है. उनका यह भरोसा दिखाता है कि सूर्यकुमार यादव की अगुआई में टीम का बैलेंस बहुत शानदार बन गया है. अनुभव और रोल बनाता है खास  टी20 क्रिकेट बहुत तेज होता है और इसमें दबाव भी बहुत ज्यादा होता है. धोनी ने इस बात पर जोर दिया कि हिंदुस्तानीय टीम का अनुभव उन्हें बाकी टीमों से अलग बनाता है. उन्होंने कहा कि इस टीम के खिलाड़ियों ने लंबे समय तक दबाव में स्पोर्ट्सा है, इसलिए वे जानते हैं कि मुश्किल समय में कैसे स्पोर्ट्सना है. सबसे अच्छी बात यह है कि हर खिलाड़ी को अपना रोल पता है. जब खिलाड़ियों को पता होता है कि उनसे क्या उम्मीद की जा रही है, तो उनका प्रदर्शन अपने आप निखर जाता है. ओस बन सकती है बड़ा फैक्टर  जहां एक तरफ धोनी ने हिंदुस्तान को जीत का दावेदार बताया, वहीं उन्होंने ‘ओस’ (Dew) को लेकर चिंता भी जाहिर की. धोनी ने साफ शब्दों में कहा कि जो चीज मुझे परेशान करती है, वह है ओस. मुझे ओस बिल्कुल पसंद नहीं है. माही का मानना है कि ओस स्पोर्ट्स का पूरा नक्शा बदल देती है. जब मैदान पर ओस गिरती है तो टॉस बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है और फिर मैच में नतीजा किसी भी तरफ जा सकता है. उनके स्पोर्ट्सने के समय भी ओस एक डराने वाला फैक्टर हुआ करती थी. View this post on Instagram A post shared by Jatin Sapru (@jatin_sapru) ज्यादातर मैच जीतेगा हिंदुस्तान  धोनी हिंदुस्तानीय टीम की क्षमता को लेकर इतने आश्वस्त हैं कि उन्होंने एक बड़ा दावा कर दिया. उनका कहना है कि अगर हालात सामान्य (न्यूट्रल) रहें और ओस का असर न हो, तो हिंदुस्तान दुनिया की किसी भी टीम को हरा सकता है. धोनी ने कहा अगर हम दुनिया की बेहतरीन टीमों के खिलाफ 10 मैच स्पोर्ट्सें और परिस्थितियां न्यूट्रल रहें, तो हिंदुस्तान उनमें से ज्यादातर मैच जीतेगा. बस डर इस बात का है कि टी20 में नॉकआउट स्टेज में किसी दूसरी टीम के खिलाड़ी का दिन बहुत अच्छा न हो जाए, जो अकेले मैच पलट दे. इतिहास रचने की दहलीज पर टीम इंडिया  टीम इंडिया का हालिया प्रदर्शन भी धोनी के भरोसे को सही साबित करता है. 2024 का वर्ल्ड कप जीतने के बाद से हिंदुस्तान ने कोई भी सीरीज नहीं हारी है और 32 में से 27 मैच जीते हैं. हिंदुस्तान रैंकिंग में भी नंबर वन है. 2026 का टी20 वर्ल्ड कप हिंदुस्तान में ही होना है. ऐसे में टीम के पास इतिहास रचने का मौका है. आज तक कोई भी मेजबान देश टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीता है और न ही किसी टीम ने अपना खिताब डिफेंड किया है. सूर्यकुमार की सेना के पास यह दोनों रिकॉर्ड तोड़ने का सुनहरा मौका है.  ये भी पढ़ें- 30 लाख कमाना चाहता… रांची में रहने के लिए धोनी को लेकर पूर्व क्रिकेटर का बड़ा खुलासा हरारे में होगी हिंदुस्तान और अफगानिस्तान की टक्कर, जानें कैसा है हेड-टू-हेड रिकॉर्ड MCC New Rules: आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर नहीं रुकेगा स्पोर्ट्स, टेस्ट क्रिकेट में बदले नियम The post धोनी ने की भविष्यवाणी, बताया कौन सी चीज रोक सकती है हिंदुस्तान का रास्ता? जानिए क्या कहा appeared first on Naya Vichar.

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वड़ा पाव गर्ल ने बदला धर्म? हिजाब पहने मिस्ट्री मैन के साथ दिखीं बेहद करीब, पति पर धोखे का आरोप

Vada Pav Girl: बिग बॉस से पहचान बना चुकीं और सोशल मीडिया पर वड़ा पाव गर्ल के नाम से मशहूर चंद्रिका दीक्षित एक बार फिर सुर्खियों में हैं. हाल ही में पति पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगाने के बाद अब उनका एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने फैंस की धड़कनें और तेज कर दी हैं. हिजाब में नजर आ रहीं चंद्रिका View this post on Instagram A post shared by Chandrika Gera (@chandrika.dixit) इस नए वीडियो में चंद्रिका हिजाब में नजर आ रही हैं. उन्होंने अपने एक करीबी दोस्त के साथ मिलकर शब-ए-बारात की दुआएं दी हैं. पति से चल रहे विवाद के बीच इस तरह का वीडियो सामने आने के बाद लोग तरह-तरह के कयास लगाने लगे हैं. वीडियो में दोनों की बॉन्डिंग ऐसी दिख रही है कि सोशल मीडिया पर नए रिश्ते की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, हालांकि सच्चाई क्या है, ये तो चंद्रिका ही बता सकती हैं. वीडियो पर कमेंट्स की बाढ़ वीडियो वायरल होते ही कमेंट्स की बाढ़ आ गई. कुछ लोग उनके इस अंदाज की तारीफ कर रहे हैं तो कुछ सवाल उठा रहे हैं कि क्या उन्होंने धर्म बदल लिया है. वहीं ट्रोल्स भी पीछे नहीं हैं और सीधे-सीधे तंज कस रहे हैं. सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती हैं चंद्रिका वैसे चंद्रिका सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और आए दिन नए वीडियो शेयर करती रहती हैं. इस शख्स के साथ भी वह पहले वीडियो बना चुकी हैं, लेकिन जैसी केमिस्ट्री इस बार दिखी है, वैसी पहले कभी नजर नहीं आई. यही वजह है कि मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है. यह भी पढ़ें: Chandrika Dixit: वड़ा पाव गर्ल चंद्रिका दीक्षित के पति ने दिया धोखा? रिश्ते में आया तूफान The post वड़ा पाव गर्ल ने बदला धर्म? हिजाब पहने मिस्ट्री मैन के साथ दिखीं बेहद करीब, पति पर धोखे का आरोप appeared first on Naya Vichar.

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बजट 2026 पर RJD का हमला, स्कूल-अस्पताल बदहाल, तो कैसे बनेगा विकसित भारत?

Budget 2026: केंद्र प्रशासन के Budget 2026 को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने हमला बोला है. आरजेडी का आरोप है कि यह बजट आम आदमी को राहत देने के बजाय उस पर और बोझ डालने वाला है. पार्टी ने सवाल उठाया है कि जब देश के स्कूल, अस्पताल और किसान ही उपेक्षित रहेंगे, तो ‘विकसित हिंदुस्तान’ का सपना आखिर कैसे साकार होगा. मध्यम वर्ग को मिला सिर्फ झुनझुना बुधवार, 4 फरवरी 2026 को आरजेडी प्रवक्ता शक्ति यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बजट को लेकर केंद्र प्रशासन की आलोचना की. उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स स्लैब में एक रुपये की भी राहत नहीं दी गई, जबकि शेयर बाजार में निवेश करने वालों पर एसटीटी बढ़ाकर अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया. उनका दावा है कि बजट के तुरंत बाद सेंसेक्स में करीब 2800 अंकों की गिरावट इसी असंतोष का संकेत है. बजट में मध्यम वर्ग को सिर्फ ‘झुनझुना’ थमाया गया है। इनकम टैक्स स्लैब में एक रुपये की भी राहत नहीं दी गई, उल्टे शेयर बाजार में निवेश करने वालों पर एसटीटी बढ़ाकर बोझ लाद दिया गया। नतीजा सामने है—बजट आते ही सेंसेक्स 2800 अंक गिर गया। यह प्रशासन सिर्फ आम जनता की जेब से पैसा निकालना… — Shakti Singh Yadav (@sshaktisinghydv) February 4, 2026 आरजेडी ने बजट में किसानों के लिए ठोस योजनाओं के अभाव को सबसे बड़ा मुद्दा बताया. शक्ति यादव ने तंज कसते हुए कहा कि यह देश के इतिहास का पहला ऐसा बजट है, जिसमें जानवरों के लिए योजनाएं तो हैं, लेकिन देश का पेट भरने वाले ‘अन्नदाता किसान’ के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं. एमएसपी, खाद की कीमतों और खेतिहर मजदूरों के सवाल पर प्रशासन की चुप्पी को उन्होंने किसान विरोधी रवैया बताया. जनता से वसूली, पूंजीपतियों को छूट आरजेडी प्रवक्ता का कहना है कि आंकड़े खुद प्रशासन की नीति की गवाही देते हैं. उनके मुताबिक आज प्रशासनी खजाने में आम जनता का योगदान इनकम टैक्स और जीएसटी के जरिए करीब 36 प्रतिशत है, जबकि कॉरपोरेट जगत का योगदान सिर्फ 18 प्रतिशत. पहले दोनों का योगदान लगभग बराबर था, लेकिन मौजूदा प्रशासन ने आम जनता को निचोड़कर अपने ‘सूट-बूट वाले दोस्तों’ को राहत देने का काम किया है. आरजेडी ने बजट बहस में कोठारी आयोग का जिक्र करते हुए कहा कि आयोग ने 60 साल पहले शिक्षा पर जीडीपी का 6 प्रतिशत खर्च करने की सिफारिश की थी, लेकिन आज भी शिक्षा बजट 3 प्रतिशत से नीचे है. स्वास्थ्य पर खर्च भी जीडीपी के 2 प्रतिशत के आसपास अटका हुआ है. पार्टी का सवाल है कि जब स्कूल और अस्पताल ही बदहाल रहेंगे, तो देश का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा. शहरी विकास और रोजगार पर भी सवाल आरजेडी ने शहरी विकास बजट में 11.6 प्रतिशत की कटौती और प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवंटित राशि के इस्तेमाल न होने पर भी सवाल उठाए. बेरोजगारी को देश की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए पार्टी ने कहा कि बजट में रोजगार सृजन का कोई सीधा और ठोस प्लान नजर नहीं आता Also Read: CM Nitish Kumar: बुलेट प्रूफ रेंज रोवर से सफर करेंगे सीएम नीतीश, एक या दो नहीं काफिले में 4 नई गाड़ियां होंगी शामिल The post बजट 2026 पर RJD का हमला, स्कूल-अस्पताल बदहाल, तो कैसे बनेगा विकसित हिंदुस्तान? appeared first on Naya Vichar.

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नये जमाने की कारों के फ्लश डोर हैंडल पर क्यों लग रहा बैन? क्या भारत में भी लगेगी रोक?

कारों की दुनिया में डिजाइन और तकनीक लगातार बदल रही है. इलेक्ट्रिक वाहनों में सबसे चर्चित फीचर रहा है फ्लश या हिडन डोर हैंडल, जो कार की बॉडी में समा जाते हैं और जरूरत पड़ने पर बाहर आते हैं. लेकिन अब चीन ने इस ट्रेंड पर रोक लगाने का बड़ा फैसला लिया है. चीन का नया नियम चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने घोषणा की है कि 1 जनवरी 2027 से देश में बिकने वाली सभी नई पैसेंजर कारों में मैकेनिकल डोर रिलीज मैकेनिज्म होना अनिवार्य होगा. यह नियम सभी दरवाजों पर लागू होगा, सिवाय टेलगेट के. जिन मॉडलों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, उन्हें 1 जनवरी 2029 तक बदलाव का समय दिया गया है. क्यों उठी चिंता? हाल के वर्षों में कई गंभीर हादसों में इलेक्ट्रिक कारों के फ्लश हैंडल काम नहीं कर पाए. बिजली सप्लाई बाधित होने पर दरवाजे नहीं खुले और यात्री अंदर फंसे रह गए. इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर पूरी तरह निर्भर हैंडल आपात स्थिति में खतरा बन सकते हैं बाहर से कार खोलना मुश्किल हो जाता है मोटर, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक्स पर आधारित ये हैंडल कार का वजन और लागत बढ़ाते हैं कुछ मामलों में यूजर्स को जानकारी न होने की वजह से प्रेस-टाइप हैंडल से हल्की चोटें भी आईं. हिंदुस्तान में क्या स्थिति है? हिंदुस्तान में फिलहाल फ्लश हैंडल ज्यादातर प्रीमियम कारों और इलेक्ट्रिक वाहनों तक सीमित हैं. अधिकांश कारें अभी भी मैकेनिकल हैंडल का इस्तेमाल करती हैं. हालांकि, नये EV मॉडल्स में इनका चलन बढ़ रहा है. कंपनियां इन्हें स्लीक डिजाइन और मामूली एयरोडायनामिक लाभ बताकर प्रमोट करती हैं लेकिन रोजमर्रा की ड्राइविंग में इनका कोई खास फायदा नहीं दिखता उल्टा, ये सिस्टम कार को जटिल बनाते हैं और कीमत बढ़ाते हैं. हिंदुस्तान को क्या करना चाहिए? विशेषज्ञ मानते हैं कि हिंदुस्तान में भी इन हैंडल्स की सुरक्षा और उपयोगिता पर नियामकों को गंभीरता से विचार करना चाहिए. अगर इनसे वास्तविक लाभ नहीं मिलता और सुरक्षा जोखिम बढ़ता है, तो नियम बनाना जरूरी है. हिंदुस्तान में EV मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में समय रहते कदम उठाना भविष्य के लिए सुरक्षित रहेगा. यह भी पढ़ें: Mercedes-Benz की नई इलेक्ट्रिक सेडान CLA EV करेगी हिंदुस्तान में एंट्री, EV टच के साथ मिलेगा स्टाइलिश लुक The post नये जमाने की कारों के फ्लश डोर हैंडल पर क्यों लग रहा बैन? क्या हिंदुस्तान में भी लगेगी रोक? appeared first on Naya Vichar.

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महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक से मिलते हैं अद्भुत फल

Mahashivratri 2026: फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है. इस वर्ष महाशिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 5 बजकर 04 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 16 फरवरी को शाम 5 बजकर 34 मिनट पर होगा। चूंकि तिथि की शुरुआत 15 फरवरी की शाम से हो रही है, इसलिए महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी 2026 को ही मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. इस दिन रुद्राभिषेक का विशेष महत्व माना गया है. रुद्राभिषेक क्या है? अभिषेक शब्द का अर्थ होता है स्नान कराना. रुद्राभिषेक का मतलब है भगवान रुद्र यानी भगवान शिव का पवित्र वस्तुओं से अभिषेक करना. इसमें जल, दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल आदि से शिवलिंग का स्नान कराया जाता है. क्यों करते हैं रुद्राभिषेक? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक करने से भक्तों को सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है. इससे मन शांत रहता है और आत्मविश्वास बढ़ता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन किया गया रुद्राभिषेक भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होता है और वे भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. साथ ही व्यक्ति का आध्यात्मिक विकास भी होता है. रुद्राभिषेक का धार्मिक महत्व शास्त्रों में कहा गया है –“रुतम् दुखम् द्रावयति इति रुद्र:”अर्थात भगवान शिव सभी दुखों को नष्ट करने वाले हैं. मान्यता है कि हमारे दुखों का कारण हमारे पिछले कर्म होते हैं. रुद्राभिषेक और रुद्रार्चन करने से पाप कर्मों का नाश होता है और साधक में शिव तत्व का विकास होता है. रुद्रहृदयोपनिषद में कहा गया है कि भगवान रुद्र सभी देवताओं की आत्मा हैं और सभी देवताओं में शिव का ही स्वरूप विद्यमान है. रुद्राभिषेक का फल शीघ्र प्राप्त होता है. कालसर्प दोष, गृहक्लेश, व्यापार में नुकसान, शिक्षा में बाधा जैसी समस्याओं से मुक्ति के लिए यह पूजा बहुत फलदायी मानी जाती है. रुद्राभिषेक करने से मिलने वाले प्रमुख लाभ नकारात्मकता और पुराने कर्मों से मुक्ति रुद्राभिषेक से जीवन की नकारात्मक ऊर्जा कम होती है. बार-बार आ रही रुकावटें और परेशानियां दूर होने लगती हैं. धन और करियर में स्थिरता आर्थिक समस्याएं, नौकरी में रुकावट या व्यापार में नुकसान हो रहा हो, तो रुद्राभिषेक से शुभ परिणाम मिलने की मान्यता है. स्वास्थ्य सुधार और ग्रह दोष शांति ग्रह दोषों के कारण होने वाली मानसिक और शारीरिक समस्याओं में राहत मिलती है. रिश्तों में मधुरता और शांति वैवाहिक जीवन और पारिवारिक संबंधों में प्रेम और समझ बढ़ती है. ये भी पढ़ें:  महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का है विशेष महत्व, जानें सही तिथि आध्यात्मिक उन्नति और शिव कृपा महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन की कठिनाइयों से रक्षा होती है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा15+ वर्षों का अनुभव | ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञConsultation: 8080426594 / 9545290847 The post महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक से मिलते हैं अद्भुत फल appeared first on Naya Vichar.

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Glowing Skin Tips: शादी के फंक्शन में फीकी न पड़ जाए चमक, डल स्किन के लिए अपनाएं ये 5 जादुई टिप्स

Glowing Skin Tips: वेडिंग सीजन में हर किसी की नजर आपके लुक पर होती है, लेकिन भागदौड़ और थकान अक्सर चेहरे का निखार छीन लेती है. अगर आप भी डल स्किन की वजह से अपनी खूबसूरती को लेकर परेशान हैं, तो अब टेंशन छोड़िए. अब आपको महंगे ब्यूटी ट्रीटमेंट पर हजारों खर्च करने की जरूरत नहीं है. हम आपके लिए लाए हैं कुछ ऐसे आसान और जादुई घरेलू नुस्खे, जो आपके चेहरे को रातों-रात चमकदार और फ्रेश बना देंगे. चाहे हल्दी हो या संगीत, इन टिप्स को अपनाकर आप हर फंक्शन में सबसे अलग और खास नजर आएंगी. आइए जानते हैं वो सीक्रेट्स जो आपकी स्किन को देंगे एक परफेक्ट और नेचुरल वेडिंग ग्लो. शादी के फंक्शन के लिए 5 असरदार स्किनकेयर टिप्स कॉफी और शहद का इंस्टेंट स्क्रब डेड स्किन सेल्स की वजह से चेहरा डल दिखने लगता है. इसके लिए 1 चम्मच कॉफी पाउडर में आधा चम्मच शहद मिलाएं और हल्के हाथों से चेहरे पर मसाज करें. यह स्क्रब ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और तुरंत चेहरे पर चमक लाता है. कच्चा दूध और हल्दी (Cleansing) रात को सोने से पहले कच्चे दूध में एक चुटकी हल्दी मिलाकर चेहरे को साफ करें. कच्चा दूध एक बेहतरीन क्लींजर है जो गहराई से गंदगी निकालता है, जबकि हल्दी एंटी-सेप्टिक होने के साथ स्किन टोन को निखारती है. एलोवेरा जेल और विटामिन-E चेहरे की थकान मिटाने के लिए एलोवेरा जेल में एक विटामिन-E कैप्सूल का तेल मिलाएं. इसे रात में सोने से पहले लगाएं. सुबह उठते ही आपका चेहरा सॉफ्ट और हाइड्रेटेड नजर आएगा. बेसन और दही का फेस पैक हल्दी या मेहंदी जैसे फंक्शन से पहले बेसन और दही का पैक सबसे बेस्ट है. यह एक्स्ट्रा ऑयल हटाता है और स्किन को टाइट करता है. इसमें थोड़ा गुलाब जल मिलाने से फ्रेशनेस दोगुनी हो जाती है. भरपूर पानी और अच्छी नींद बाहरी निखार के साथ अंदरूनी चमक भी जरूरी है. शादी की भागदौड़ के बीच दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं और कम से कम 7 घंटे की नींद लें. इससे डार्क सर्कल्स नहीं होंगे और चेहरा खिला-खिला रहेगा. ये भी पढ़ें: Glowing Skin Secrets: 40 की उम्र में दिखें 20 के! चेहरे पर लगाएं ये 1 चीज, पार्लर जाना भूल जाएंगे ये भी पढ़ें: Face Cleanup at Home: संडे को घर पर ही करें ये फेस क्लीनअप, मिनटों में दूर होगा चेहरे का कालापन और आएगा पार्लर जैसा निखार ये भी पढ़ें: Skincare Tips: क्या आप भी फेंक देते हैं चावल का पानी? चमकते चेहरे के लिए आज ही जान लें इस्तेमाल का सही तरीका Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Glowing Skin Tips: शादी के फंक्शन में फीकी न पड़ जाए चमक, डल स्किन के लिए अपनाएं ये 5 जादुई टिप्स appeared first on Naya Vichar.

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बीपीएससी 70वीं परीक्षा का फाइनल रिजल्ट कब होगा जारी?

BPSC 70th Final Result 2026: बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) का नया कैलेंडर जारी होते ही कई बड़ी परीक्षाओं की तारीख और रिजल्ट की डेट सामने आ गई है. बिहार में 70वीं कंबाइंड परीक्षा के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया चल रही है. ऐसे में इस परीक्षा के लिए फाइनल रिजल्ट (BPSC 70th Final Result 2026) जारी होने की टेंटेटिव डेट घोषित कर दी गई है. ऑफिशियल वेबसाइट- bpsc.bihar.gov.in पर नया कैलेंडर चेक कर सकते हैं. बिहार में 70वीं कंबाइंड परीक्षा के लिए प्रीलिम्स परीक्षाएं 13 दिसंबर 2024 और 4 जनवरी 2025 को आयोजित हुई थी. इसका रिजल्ट 23 जनवरी 2025 को जारी हुआ था. इसके बाद मेन्स परीक्षा का आयोजन 25 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 तक हुआ था, जिसका रिजल्ट दिसंबर 2025 में जारी हुआ. अब परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी होने वाला है. BPSC 70th Final Result 2026 कब होगा जारी? बीपीएससी 70वीं कंबाइंड परीक्षा के माध्यम से कुल 2035 पदों पर भर्तियां होनी हैं. इसके रिजल्ट का इंतजार बेसब्री से किया जा रहा है. जारी कैलेंडर के अनुसार, फाइनल रिजल्ट (BPSC 70th Final Result 2026) की घोषणा अप्रैल या मई महीने में हो सकती है. BPSC Calendar 2026 जारी BPSC (Bihar Public Service Commission) Exam Calendar #BPSC #BPSCExamCalendar #BPSCExam #ExamCalendar pic.twitter.com/Ml4FQrhjJy — Bihar Public Service Commission (@BPSCOffice) February 2, 2026 बिहार में 70वीं कंबाइंड मेन्स परीक्षा में पास होने वाले कैंडिडेट्स के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू हो गई है. 21 जनवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक इंटरव्यू होगा. पटना में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के ऑफिस में इंटरव्यू का आयोजन हो रहा है. इंटरव्यू के बाद फाइनल रिजल्ट तैयार किया जाएगा. अन्य परीक्षाओं की डेट जारी बीपीएससी की तरफ से 70वीं कंबाइंड परीक्षा के अलावा 71वीं कंबाइंड एग्जाम के लिए मेन्स परीक्षा की टेंटेटिव डेट जारी की गई है. कैलेंडर के अनुसार, 71वीं कंबाइंड के लिए मेन्स का आयोजन अप्रैल महीने में हो सकता है. इस परीक्षा के माध्यम से 1298 खाली पदों पर भर्तियां होंगी. वहीं, 72वीं कंबाइंड परीक्षा इस साल जुलाई महीने में आयोजित की जा सकती है. यह भी पढ़ें: बिहार में 72वीं कंबाइंड परीक्षा जुलाई में, TRE 4 पर सस्पेंस बरकरार, देखें नया कैलेंडर The post बीपीएससी 70वीं परीक्षा का फाइनल रिजल्ट कब होगा जारी? appeared first on Naya Vichar.

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महाराष्ट्र की राजनीति में फिर बीस साबित हुई भाजपा

Maharashtra Politics :नेतृत्व जज्बात से नहीं, हालात के हिसाब से चलती है. महाराष्ट्र में सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण इसका उदाहरण है. सुनेत्रा के आंसू अभी सूखे भी नहीं, पति अजित पवार के निधन के शोक से उबरना तो दूर की बात है. फिर भी उन्होंने सियासी तकाजे को ही प्राथमिकता दी और महाराष्ट्र की पहली स्त्री उप मुख्यमंत्री बनकर इतिहास रच दिया. पर प्रश्न यह है कि सुनेत्रा की ताजपोशी से महाराष्ट्र की नेतृत्व पर क्या प्रभाव पड़ने जा रहा है? आखिर क्या वजह रही कि सुनेत्रा ने आनन-फानन में शपथ ले ली. महाराष्ट्र के राजभवन में जनवरी महीने के आखिरी दिन जो नेतृत्वक इतिहास रचा गया, उसकी कहानी किसने लिखी थी. महाराष्ट्र में भले ही शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को पिछले विधानसभा चुनाव में सफलता नहीं मिली हो, पर राज्य की नेतृत्व के सबसे मंजे हुए खिलाड़ी शरद पवार ही हैं. यह बात छुपी हुई नहीं है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों धड़ों के बीच सुलह और एकीकरण की बात चल रही थी. पर अजित के न रहने से समीकरण बदल गये. अजित के साथ गये अहम नेताओं- प्रफुल्ल पटेल, आरआर पाटिल और सुनील तटकरे जैसे नेताओं की आशंकाएं बढ़ गयीं. उन्हें डर था कि यदि विलय हुआ, तो शरद पवार का पार्टी पर नियंत्रण बढ़ जायेगा. इसके चलते सुप्रिया सुले की पार्टी पर पकड़ बढ़ जायेगी. सुप्रिया के नियंत्रण में इन नेताओं का काम करना असहज होता. प्रफुल्ल कभी शरद पवार के बेहद नजदीकी होते थे. अजित के साथ जाकर एक तरह से उन्होंने शरद पवार के साथ दगाबाजी ही की है. उन्हें ज्यादा आशंका थी कि विलय के बाद पार्टी पर पकड़ होने के चलते शरद के बहाने सुप्रिया का चाबुक उन पर चल सकता है. पर यदि पार्टी अलग रहती है और सुनेत्रा के हाथ कमान रहती है, तो इन नेताओं की सियासी सेहत बनी और बची रह सकती है. इसी कारण अजित के निधन के चलते हुए आधिकारिक शोक की मियाद खत्म होते ही प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे जैसे नेता सक्रिय हो गये. विधायक दल की बैठक बुलायी गयी और सुनेत्रा को तत्काल उसका नेता चुनकर उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए तैयार कर लिया गया. शरद पवार भले ही इस सियासी पटकथा का लेखक सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल को मानते हों, पर महाराष्ट्र के सियासी हलकों में कहा जा रहा है कि असल में यह पटकथा राज्य की बीजेपी ने लिखी है. पटेल और तटकरे जैसे नेताओं ने सिर्फ इसे अमल में लाने में भूमिका निभायी है. यदि सुनेत्रा शपथ नहीं लेतीं, तो क्या बीजेपी की सियासी सेहत गड़बड़ा सकती थी? क्योंकि राज्य में बीजेपी के 132 और एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के 57 विधायक हैं. राज्य में बहुमत के लिए महज 145 सीटें चाहिए होती हैं. इस लिहाज से देखें, तो बीजेपी की अगुवाई वाली प्रशासन को कोई खतरा नहीं होने जा रहा था. अजित समेत एनसीपी के 41 विधायक पिछले चुनाव में चुने गये हैं. पर बीजेपी की चिंता दूसरी है. शरद पवार की नेतृत्वक स्थिति भले ही ठीक न हो, पर जैसे ही दोनों एनसीपी का विलय होता, शरद ताकतवर हो जाते और बीजेपी के लिए नयी सिरदर्दी खड़ी हो जाती. वे शिवसेना के गुटों को भी एक करने की कोशिश कर सकते थे. भले ही यह सोच कल्पना लग रही हो, पर एकबार स्वीकार कर लें कि ऐसा होता, तो महाराष्ट्र की नेतृत्व कैसी होती. महाराष्ट्र में जिला परिषदों के चुनाव हो रहे हैं. पहले विधानसभा और बाद में स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस की अगुवाई वाली महाविकास अघाड़ी को सफलता नहीं मिली. अजित पवार के न रहने के चलते कांग्रेस को सक्रिय होना चाहिए था. अजित बेशक सत्ता में थे, लेकिन उन्हें विपक्षी खेमे के लिए अब भी हसरत भरी निगाह से ताकतवर नेता के रूप में देखा जा रहा था. अजित के न रहने से विपक्षी नेतृत्व के लिए आसमान खुल गया है. शरद के बाहर जाने के बाद से ही कांग्रेस राज्य में कमजोर हुई है. सुप्रिया सुले का नेतृत्व ऐसा नहीं है कि वह राज्यव्यापी प्रभाव हासिल कर पायें. ऐसे माहौल में कांग्रेस को अपने ताकतवर नेतृत्व को स्थानीय स्तर पर आगे लाना चाहिए था. पर वह ऐसा करती नहीं दिख रही. रणनीतिक लिहाज से देखें, तो महाराष्ट्र में बीजेपी सभी दलों पर एक बार फिर बीस पड़ती नजर आ रही है. उसने सुनेत्रा पवार को अपने खेमे में लाकर एक तीर से दो निशाने साध लिये हैं. एनसीपी की ओर से निश्चिंतता हासिल कर ली है, शरद पवार को एक बार फिर किनारे रखने में सफल हुई है और अपने लिए खतरा बनने की शरद की आशंकाओं को एक तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है. मुंबई देश की आर्थिक राजधानी भी है. इसी कारण केंद्रीय सत्ता के बाद सबसे प्रभावशाली महाराष्ट्र की सत्ता मानी जाती है. महाराष्ट्र की सत्ता पर पकड़ देश की आर्थिक ताकतों की नब्ज पर पकड़ बनाती है. बीजेपी अपनी इस पकड़ को कमजोर होते नहीं देखना चाहती. इसलिए उसने सुनेत्रा को साधने में देर नहीं लगायी. सुनेत्रा के साथ से एकनाथ शिंदे के लिए महायुति से बाहर निकलने की सोचना या बीजेपी पर दबाव बढ़ाने का मौका खत्म हो जाता है. कुछ ऐसी ही स्थिति शिंदे के साथ के चलते सुनेत्रा की भी रहेगी. बीजेपी सुनेत्रा के जरिये शिंदे को संतुलित करेगी, तो शिंदे के जरिये सुनेत्रा को काबू में रखेगी. (ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post महाराष्ट्र की नेतृत्व में फिर बीस साबित हुई भाजपा appeared first on Naya Vichar.

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अब मसाले वाली सब्जी नहीं, फटाफट बना लें स्वादिष्ट लौकी फ्राई

Lauki Fry Recipe: रोजाना अधिक तेल मसाले वाली सब्जी खाना सेहत के लिए हानिकारक होता है. अगर आप भी अधिक मसालों वाली सब्जी खाना पसंद नहीं करते हैं तो यहां हम बहुत कम मसालों में बनने वाली स्वादिष्ट डिश की रेसिपी लेकर आए हैं. जी हां, आज हम आपको लौकी फ्राई बनाने की रेसिपी बताएंगे. यह लौकी फ्राई खाने में तो मजेदार होता ही है, इसे बनाना भी बहुत सिंपल है. यह डिश मात्र कुछ मिनटों में बनकर तैयार हो जाती है. तेल मसाले कम होने की वजह से यह लौकी फ्राई पचने में भी आसान होता है. आइए अब आपको इसे बनाने की रेसिपी बताते हैं. लौकी फ्राई बनाने की सामग्री लौकी – 1 कद्दू – 1/4 हल्दी पाउडर – 1 बड़ा चम्मच वड़ी – 1 कप हरी मिर्च – 1 छोटा चम्मच कलौंजी – 1 छोटा चम्मच नमक और चीनी – स्वादानुसार तेल और धनिया पत्ता – आवश्यकतानुसार यह भी पढ़ें: Peanut Rice Recipe: बचे हुए चावल से बनाएं टेस्टी पीनट राइस, नोट कर लें सिंपल रेसिपी लौकी फ्राई बनाने की विधि लौकी फ्राई बनाने के लिए पहले लौकी और कद्दू के टुकड़े करके रख लें. अब तेल गरम करके उसमें वड़ी को तल लें. फिर इसमें आप हरी मिर्च और कलौंजी को डालें. अब कड़ाही में लौकी, कद्दू, नमक और हल्दी पाउडर डालकर अच्छे से भूनें. अब इन्हें आप नरम होने तक ढक कर पकाएं.   अंत में इसमें चीनी मिलाकर गैस बंद कर दें. अब इन्हें धनिया पत्ती से सजाकर आप सर्व कर सकते हैं.   यह भी पढ़ें: Hare Matar ka Paratha Recipe: ब्रेकफास्ट में बनाएं हरे मटर के पराठे, स्वाद ऐसा कि बार-बार खाने का करेगा दिल यह भी पढ़ें: Peanut Curry Recipe: खाने में चाहिए कुछ नया, तो फटाफट बना लें स्वादिष्ट पीनट करी यह भी पढ़ें: Batkar Curry Recipe: स्वाद में बेमिसाल है छत्तीसगढ़ की बटकर करी, बार-बार खाने का करेगा दिल The post अब मसाले वाली सब्जी नहीं, फटाफट बना लें स्वादिष्ट लौकी फ्राई appeared first on Naya Vichar.

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