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February 6, 2026

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बंगाल चुनाव से पहले ममता सरकार का बड़ा एलान, मुर्शिदाबाद में खुलेगा एक और विश्वविद्यालय

मुख्य बातें असंतोष को कम करने का प्रयास विकास की नेतृत्व Murshidabad: मुर्शिदाबाद: विधानसभा चुनाव से पहले मुर्शिदाबाद जिले को बड़ा तोहफा मिला है. ममता प्रशासन ने इस जिले में एक और विश्वविद्यालय खोलने का फैसला किया है. इस विश्वविद्यालय का नाम ‘मुर्शिदाबाद हजारदुआरी विश्वविद्यालय होगा. मुर्शिदाबाद जिले में पहले से ही एक विश्वविद्यालय है. राज्य प्रशासन ने एक और विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है. गुरुवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस निर्णय को मंजूरी दी गई. इस विधेयक को मौजूदा विधानसभा सत्र में ही पेश किया जा सकता है. असंतोष को कम करने का प्रयास अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद इलाके में विश्वविद्यालय की मांग लंबे समय से चली आ रही थी. हाल के दिनों में मुर्शिदाबाद धार्मिक उन्मादों के कारण चर्चा में हैं. वहां हुमायूं कबीर दल का गठन हुआ है. बाबरी मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. अन्य राज्यों में यहां के प्रवासी श्रमिकों पर हमले जारी हैं. कुछ लोग इसके लिए भी तृणमूल प्रशासन को दोषी ठहरा रहे हैं. नेतृत्वक विश्लेषकों का कहना ​​है कि हाल के दिनों में यहां तृणमूल कांग्रेस के प्रति लोगों में असंतोष बढ़ा है. ऐसे में चुनाव के दौरान तृणमूल को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. विकास की नेतृत्व कुल मिलाकर, बंगाल में सत्ताधारी पार्टी नवाब के इस जिले में अपना जनाधार को मजबूत कर रही है. वैसे यह कह पाना अभी मुश्किल है कि मुर्शिदाबाद में एक अलग विश्वविद्यालय बनाने का राज्य प्रशासन का निर्णय विकास का संदेश है या नेतृत्वक. संयोगवश, मुर्शिदाबाद राज्य का सबसे बड़ा जिला है और देश के सबसे बड़े जिलों में से एक है. यदि वहां एक और विश्वविद्यालय का निर्माण होता है, तो इससे आम लोगों को लाभ होगा. गुरुवार को, राज्य का बजट पेश किया गया. राज्य प्रशासन ने अपने बजट में भी कई लोकलुभावन योजनाएं पेश की हैं. चुनाव से पहले एक के बाद एक बड़ी घोषणाएं की जा रही हैं. Also Read: अभिषेक बनर्जी का भाजपा व चुनाव आयोग पर निशाना, बोले- अब SIR का स्पोर्ट्स खत्म The post बंगाल चुनाव से पहले ममता प्रशासन का बड़ा एलान, मुर्शिदाबाद में खुलेगा एक और विश्वविद्यालय appeared first on Naya Vichar.

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बच्चों के साथ मोमेंट को PM ने बनाया खास, असम के ट्रेडिशनल गमछे से किया स्वागत

Pariksha Pe Charcha 2026: ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का कार्यक्रम शुरू हो चुका है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने देशभर के छात्रों से संवाद किया और उन्हें एग्जाम स्ट्रेस और पढ़ने को लेकर टिप्स दिए. सबसे पहले पीएम मोदी ने सभी स्टूडेंट्स को उनकी ही भाषा में वेलकम किया. इसी के साथ असम का पारंपरिक गमछा पहनाकर स्वागत किया. #WATCH | PM Narendra Modi interacts with students during the 9th edition of ‘Pariksha pe Charcha’. Source: DD pic.twitter.com/A63CgDL0sO — ANI (@ANI) February 6, 2026 PPC 2026 स्टूडेंट ने पूछा माता पिता कुछ कहते हैं, शिक्षक कुछ, किसकी सुनें कार्यक्रम के दौरान एक सटूडेंट ने सवाल किया कि माता-पिता और शिक्षक अलग-अलग तरीके से सलाह देते हैं और छात्रों का अपना अलग ट्रेंड होता है. ऐसे में क्या करें. इस कंफ्यूजन को दूर करते हुए पीएम ने समझाया कि जीवनभर ऐसा होगा. खुद पीएम होने के बाद भी उन्हें कई तरह के सलाह मिलते हैं. मैं प्रधानमंत्री हूं, फिर भी मुझे रोज अलग-अलग लोग अलग तरह की सलाह देते हैं, कोई कहता है ऐसे करो, कोई कहता है वैसे करो. पढ़ाई में अपना पैटर्न बनाएं पीएम ने घर के खाने का उदाहरण देते हुए कहा कि हर इंसान खाने का अपना पैटर्न बनाता है. कोई सब्जी से शुरू करता है, कोई दाल से, कोई सब कुछ मिलाकर खाता है. लेकिन क्या हम किसी और का पैटर्न कॉपी करते हैं? नहीं, हम अपने हिसाब से खाते हैं. ठीक वैसे ही पढ़ाई का भी अपना पैटर्न बनाना चाहिए. बेईमानी न करें, अपने पढ़ने का समय चुनें प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ बच्चों को रात में पढ़ना अच्छा लगता है, कुछ को सुबह चार बजे उठकर पढ़ना. लेकिन कुछ लोग खुद से भी बेईमानी करते हैं. रात को कहते हैं सुबह पढ़ेंगे और सुबह उठते ही नहीं. उन्होंने छात्रों से कहा कि हर सलाह को सुनो, लेकिन अपनी जिंदगी और पढ़ाई का तरीका खुद तय करो. पीएम मोदी ने यह भी बताया कि जब परीक्षा पे चर्चा की शुरुआत हुई थी, तब इसका एक पैटर्न था, लेकिन समय के साथ इसमें नए-नए तरीके और विचार जुड़ते गए. हालांकि, इसका मूल उद्देश्य कभी नहीं बदला जोकि छात्रों को तनाव से मुक्त करना और उन्हें आत्मविश्वास देना. यह भी पढ़ें- Pariksha Pe Charcha 2025: परीक्षा पे चर्चा में ये क्या बोले PM, कहा- छोड़ो एग्जाम, नींद पूरी लो The post बच्चों के साथ मोमेंट को PM ने बनाया खास, असम के ट्रेडिशनल गमछे से किया स्वागत appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा- ‘तुरंत ईरान छोड़ें’, बॉर्डर पार करने के लिए दी यह सलाह

US Warning Leave Iran: ईरान में तनाव के बीच हालात बिगड़ते देख अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया है. शुक्रवार को ईरान में मौजूद वर्चुअल अमेरिकी दूतावास (US Embassy) ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिकी नागरिक ‘तुरंत ईरान छोड़ दें’. दूतावास के मुताबिक, वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सड़कों की बंदी, ट्रांसपोर्ट में दिक्कतें और इंटरनेट पर पाबंदी जैसे हालात बने हुए हैं. प्रशासन ने इंटरनेट पर लगाया ताला एडवाइजरी में बताया गया है कि ईरान प्रशासन मोबाइल और लैंडलाइन इंटरनेट नेटवर्क को लगातार ब्लॉक कर रही है. एयरलाइंस ने भी ईरान आने-जाने वाली फ्लाइट्स को या तो कम कर दिया है या पूरी तरह कैंसिल कर दिया है. अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे इंटरनेट बंद होने के लिए तैयार रहें और बातचीत के लिए दूसरे रास्ते ढूंढें. अगर सुरक्षित हो, तो वे सड़क के रास्ते आर्मेनिया या तुर्की की तरफ निकल जाएं. ‘प्रशासन की मदद का इंतजार न करें, खुद का प्लान बनाएं’ अमेरिकी दूतावास ने साफ-साफ कहा है कि ईरान अभी छोड़ें. देश से बाहर निकलने के लिए ऐसा प्लान बनाएं जिसमें अमेरिकी प्रशासन की मदद पर निर्भर न रहना पड़े. साथ ही ये भी कहा गया है: फ्लाइट्स कभी भी कैंसिल हो सकती हैं, इसलिए अपनी एयरलाइन से लगातार संपर्क में रहें. अगर बाहर निकलना मुमकिन न हो, तो अपने घर या किसी सुरक्षित बिल्डिंग के अंदर ही रहें. खाने-पीने का सामान, पानी और दवाइयों का स्टॉक अपने पास रखें. प्रदर्शनों (demonstrations) से दूर रहें, लो-प्रोफाइल रहें और अपने फोन को हमेशा चार्ज रखें. “Leave Iran now”: US issues warning for its citizens Read @ANI Story | https://t.co/IPVz0YwcFU#US #Iran #Advisory pic.twitter.com/4of1MWXLHJ — ANI Digital (@ani_digital) February 6, 2026 दोहरी नागरिकता वालों के लिए बड़ी मुश्किल एडवाइजरी में एक जरूरी बात यह भी कही गई है कि जिन लोगों के पास अमेरिका और ईरान दोनों की नागरिकता है, उन्हें ईरानी पासपोर्ट पर ही बाहर निकलना होगा. ईरान प्रशासन दोहरी नागरिकता को नहीं मानती और उनके साथ ईरानी नागरिकों जैसा ही बर्ताव करेगी. अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी पासपोर्ट दिखाना या अमेरिका से कनेक्शन होना ही वहां गिरफ्तारी की वजह बन सकता है. कौन से बॉर्डर खुले हैं और कहां है एंट्री? अगर आप सड़क के रास्ते निकलना चाहते हैं, तो दूतावास ने इन रूट्स की जानकारी दी है: आर्मेनिया: 5 फरवरी (गुरुवार) तक आगरक/नोरदुज (Agarak/Norduz) बॉर्डर खुला है. अमेरिकी नागरिकों को वहां 180 दिनों तक बिना वीजा रहने की अनुमति है. तुर्की: गुरबुलक, कापिकोय और एसेंदेरे बॉर्डर खुले हैं. यहां 90 दिनों तक वीजा-फ्री एंट्री मिल सकती है. तुर्कमेनिस्तान: यहां के बॉर्डर खुले तो हैं, लेकिन वहां जाने से पहले तुर्कमेनिस्तान प्रशासन से स्पेशल परमिशन लेनी होगी. इसके लिए अश्गाबात में मौजूद अमेरिकी दूतावास को ईमेल करना होगा. अजरबैजान: यहां के जमीनी बॉर्डर आम ट्रैफिक के लिए बंद हैं. अगर कोई और रास्ता न बचे, तभी यहां का विकल्प चुनें, क्योंकि इसमें काफी समय लग सकता है. ओमान में ‘फेस-टू-फेस’ बातचीत एक तरफ तनाव है, तो दूसरी तरफ बातचीत की मेज भी सजी है. तेहरान टाइम्स और जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ओमान की राजधानी मस्कट पहुंच चुके हैं. शुक्रवार को दोनों देशों के बीच न्यूक्लियर डील (Nuclear Talks) को लेकर सीधी बातचीत होनी है. जून में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों के बाद यह पहला मौका है जब दोनों देशों के बड़े अधिकारी आमने-सामने होंगे. बातचीत कहां अटक रही है? रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच एजेंडे को लेकर काफी मतभेद हैं: अमेरिका चाहता है: न्यूक्लियर प्रोग्राम के साथ-साथ ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और क्षेत्रीय गुटों को दिए जा रहे समर्थन पर भी बात हो. ईरान की जिद: ईरान चाहता है कि बातचीत सिर्फ परमाणु गतिविधियों तक ही सीमित रहे. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि ईरान पूरी ताकत के साथ अपनी बात रखेगा, ताकि एक सम्मानजनक समझौता हो सके. वहीं, अमेरिका ने साफ कर दिया है कि उसके पास ‘सारे विकल्प खुले’ हैं. यह मीटिंग ऐसे समय में हो रही है जब ईरान में घरेलू विरोध प्रदर्शन और सैन्य तनाव चरम पर है. पश्चिमी देशों को चिंता है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन (enrichment) को उस लेवल तक ले जा रहा है, जिससे परमाणु हथियार बनाना आसान हो जाए. ओमान, जो 1979 से दोनों देशों के बीच मध्यस्थ (mediator) रहा है, एक बार फिर इस बातचीत की मेजबानी कर रहा है. ये भी पढ़ें: मस्कट में आज आमने-सामने होंगे अमेरिका-ईरान: ‘परमाणु जंग’ टालने पर महामंथन, क्या सुधरेंगे हालात? ये भी पढ़ें : ‘प्लेन में नींद नहीं आती, खिड़की से मिसाइलें ढूंढता हूं’: ट्रंप का अजीबोगरीब दावा The post अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा- ‘तुरंत ईरान छोड़ें’, बॉर्डर पार करने के लिए दी यह सलाह appeared first on Naya Vichar.

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देवघर की रीता चौरसिया के पास अफरात पैसा, डॉ गौरव सबसे अमीर

Deoghar Mayor Election: देवघर नगर निगम चुनाव में मेयर पद के प्रत्याशियों ने नामांकन पत्रों के साथ अपनी चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा झारखंड निर्वाचन आयोग को सौंपा है. शपथ पत्र में प्रत्याशियों ने स्वयं के साथ-साथ पति या पत्नी की संपत्तियों का भी ब्योरा दिया है. चल संपत्तियों में बैंक बैलेंस, एफडी, गहने आदि को शामिल किया गया है, जबकि अचल संपत्तियों में जमीन, मकान और फ्लैट का विवरण दिया गया है. कुल छह प्रत्याशियों के संपत्ति विवरण में चल संपत्ति के मामले में रीता चौरसिया सबसे अमीर हैं, जबकि अचल संपत्ति में डॉ गौरव कुमार सिंह शीर्ष पर हैं. रीता चौरसिया के पास कितनी संपत्ति रीता चौरसिया के पास कुल 4,14,45,275 रुपये की चल संपत्ति है, जबकि उनके पति के पास 13,67,33,321 रुपये की चल संपत्ति दर्ज है. रीता चौरसिया की अचल संपत्ति 4,17,08,950 रुपये की है, वहीं उनके पति की अचल संपत्ति 2.54 करोड़ रुपये बतायी गयी है. डॉ गौरव कुमार कितने धनी डॉ गौरव कुमार सिंह की चल संपत्ति 53,47,000 रुपये है और उनकी पत्नी की चल संपत्ति 62,25,000 रुपये है. डॉ गौरव की पुश्तैनी जमीन और जसीडीह स्थित हॉस्पिटल की अचल संपत्ति का मूल्य 22.25 करोड़ रुपये आंका गया है. रवि राउत करोड़पति रवि कुमार केशरी की चल संपत्ति 1,62,42,649 रुपये है, जबकि उनकी पत्नी की चल संपत्ति 6,29,080 रुपये है. रवि कुमार केशरी की श्यामगंज मौजा में अचल संपत्ति 1.30 करोड़ रुपये की है, वहीं उनकी पत्नी की अचल संपत्ति 2.50 करोड़ रुपये बतायी गयी है. रवि राउत की चल संपत्ति 25,53,995 रुपये है और उनकी पत्नी की चल संपत्ति 9,49,275 रुपये है. रवि राउत की अचल संपत्ति का कुल मूल्य पांच करोड़ रुपये है. उमाशंकर सिंह के पास पुश्तैनी संपत्ति उमाशंकर सिंह की चल संपत्ति 10,75,000 रुपये है, जबकि उनकी पत्नी की चल संपत्ति 6,05,000 रुपये है. उमाशंकर सिंह की पुश्तैनी अचल संपत्ति एक करोड़ रुपये की बतायी गयी है. नागेंद्रनाथ के पास 5 से अधिक की संपत्ति नागेंद्रनाथ बलियासे की चल संपत्ति 60,66,601 रुपये है और उनकी पत्नी की चल संपत्ति 23,47,000 रुपये है. नागेंद्रनाथ की चार करोड़ रुपये की पैतृक अचल संपत्ति मड़वा मौजा में स्थित है, जबकि 5.50 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति बिलासी नीलकंठपुर में है. इसे भी पढ़ें: पांच साल से गायब है बोकारो की सेजल, सात महीने से पुष्पा सूरज झा के पास 29 लाख नकदी सूरज कुमार झा की चल संपत्ति 29,15,500 रुपये है, वहीं उनकी पत्नी की चल संपत्ति 20,20,500 रुपये है. सूरज कुमार झा की अचल संपत्ति 1.02 करोड़ रुपये की है, जबकि उनकी पत्नी की अचल संपत्ति 1.53 करोड़ रुपये बतायी गयी है. इसे भी पढ़ें: होली में रांची से चलेंगी तीन स्पेशल ट्रेन, यात्रियों की बढ़ी आवाजाही The post देवघर की रीता चौरसिया के पास अफरात पैसा, डॉ गौरव सबसे अमीर appeared first on Naya Vichar.

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मुक्ति और अभीरा के रिश्ते में आएगा नया मोड़, अरमान की एंट्री से बढ़ेगा तनाव

Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: टीवी सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में दर्शकों को एक बड़ा ट्विस्ट देखने को मिलेगा. शो में अभीरा और अरमान की कहानी 8 साल आगे बढ़ गई है. दोनों अपनी-अपनी बेटियों के साथ खुश रहने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आने वाले एपिसोड में पुरानी यादें और नए ड्रामे दोनों की जिंदगी हिला देंगे. अभीरा की अकेली जिंदगी अभीरा अब पोद्दार हाउस को छोड़ चुकी है और अकेली रह रही है. उसके जीवन में परेशानियां खत्म नहीं हुई हैं. अपने और मुक्ति की जिंदगी संभालने के लिए वह संघर्ष करती नजर आएंगी. मुक्ति के लिए अभीरा की लड़ाई अभीरा अपनी बेटी मुक्ति की अच्छी परवरिश के लिए हर संभव कोशिश कर रही है. वह मुक्ति का एडमिशन उसके ड्रीम स्कूल में करवाने के लिए आने वाले एपिसोड में हर संभव रास्ता अपनाएंगी. वहीं मुक्ति भी अपनी मां को खुश करने के लिए झूठ बोलने और टेड़े रास्ते अपनाने से पीछे नहीं हटेगी. कहानी में नया मोड़ यह आएगा कि अभीरा मुक्ति को पढ़ाई के लिए बाहर भेजना चाहेंगी, जिससे मुक्ति उदास नजर आएगी. आने वाले एपिसोड में दोनों के बीच दूरी और भावनाओं का स्पोर्ट्स देखने को मिलेगा. अभीरा की जिंदगी में अरमान की एंट्री 8 साल बाद अरमान अभिरा की जिंदगी में वापस आने वाले हैं. वह उस चॉल को खाली करवाने आएंगे, जहां अभिरा अब रहती हैं. सेट पर मिली तस्वीरों में दिख रहा है कि अभिरा और अरमान के बीच टकराव होने वाला है. आने वाले ट्विस्ट और ड्रामा अरमान और अभीरा की टक्कर के साथ ही मुक्ति का सच भी सामने आ सकता है. अभीरा से मिलने के बाद अरमान को पता चलेगा कि मुक्ति वही वाणी है. इसके साथ ही परिवार और रिश्तों के नए ड्रामे देखने को मिलेंगे, जो दर्शकों को पूरी तरह बांधकर रखेंगे. ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ का नया ट्विस्ट दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक और भावनात्मक होने वाला है. यह भी पढ़ें: क्या एल्विश यादव को मिल गई अपनी दुल्हनिया? रिंग वाली पोस्ट ने बढ़ाया सस्पेंस The post मुक्ति और अभीरा के रिश्ते में आएगा नया मोड़, अरमान की एंट्री से बढ़ेगा तनाव appeared first on Naya Vichar.

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सेंसेक्स-निफ्टी की सुस्त शुरुआत, क्या RBI का फैसला आज बदलेगा बाजार की चाल?

Indian Stock Market 6 February 2026: हिंदुस्तानीय शेयर बाजार में आज हफ्ते के आखिरी दिन यानी शुक्रवार को सुस्ती का माहौल दिख रहा है. बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान (गिरावट) पर ट्रेड करते दिखे है. बाजार में इस मंदी की सबसे बड़ी वजह आज सुबह 10 बजे आने वाला RBI (हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक) का फैसला है. निवेशक डरे हुए हैं और कोई भी बड़ा कदम उठाने से पहले रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) के फैसले का इंतजार कर रहे हैं. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल मार्केट से मिल रहे खराब संकेतों ने भी बाजार का मूड बिगाड़ दिया है. बाजार की शुरुआत कैसी रही? शुक्रवार सुबह निफ्टी 50 इंडेक्स 37 अंक गिरकर 25,605.80 पर खुला, वहीं BSE सेंसेक्स में भी 64 अंकों की मामूली गिरावट देखी गई है. छोटे और मझोले शेयरों (Midcap and Smallcap) में गिरावट और भी ज्यादा रही है. RBI के फैसले से क्या उम्मीदें हैं? बैंकिंग एक्सपर्ट अजय बग्गा ने ANI को बताया कि रिजर्व बैंक आज ब्याज दरों (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं करेगा. यानी आपकी EMI फिलहाल स्थिर रह सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन इस महीने GDP और महंगाई के आंकड़ों का आधार वर्ष (Base Year) बदल रही है, इसलिए RBI अभी अपनी पुरानी भविष्यवाणियों पर ही टिका रहेगा. टेक शेयरों में क्यों मची है हलचल? दुनियाभर में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को लेकर निवेशकों का भरोसा थोड़ा डगमगाया है. अमेरिका से लेकर एशिया तक, टेक कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हो रही है. इसी वजह से आज हिंदुस्तान में IT सेक्टर 1% से ज्यादा टूट गया है. सोने और चांदी के दाम गिरे या बढ़े? निवेशकों के लिए एक बड़ी समाचार कमोडिटी बाजार से भी है. आज सोने की कीमतों में करीब 1% की गिरावट आई है. वहीं चांदी तो 3.4% तक सस्ती हो गई है. ये भी पढ़ें: सोने-चांदी के दाम गिरे, देखें 6 फरवरी का ताजा भाव The post सेंसेक्स-निफ्टी की सुस्त शुरुआत, क्या RBI का फैसला आज बदलेगा बाजार की चाल? appeared first on Naya Vichar.

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जालंधर में आप नेता लक्की ओबेरॉय की गोली मारकर हत्या, गुरुद्वारे के बाहर फायरिंग

पंजाब के जालंधर में शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबेराय की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस के अनुसार, मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा साहिब के बाहर ओबेरॉय पर हमला किया गया. उनपर एक के बाद एक कई गोलियां चलाई गईं. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है. VIDEO | Punjab: Aam Aadmi Party (AAP) leader Lucky Oberoi was shot dead outside a Gurdwara in Model Town, Jalandhar; probe underway. Visuals from the spot. (Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7)#Punjab #Jalandhar pic.twitter.com/laqDgjTU90 — Press Trust of India (@PTI_News) February 6, 2026 ओबेरॉय अपनी गाड़ी से गुरुद्वारा पहुंचे थे. ठीक उसी वक्त बाइक पर सवार हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं. पुलिस ने बताया कि उन्हें जालंधर के एक अस्पताल ले जाया गया लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया. The post जालंधर में आप नेता लक्की ओबेरॉय की गोली मारकर हत्या, गुरुद्वारे के बाहर फायरिंग appeared first on Naya Vichar.

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पांच साल से गायब है बोकारो की सेजल, सात महीने से पुष्पा

बोकारो से रंजीत कुमार की रिपोर्ट Bokaro Missing Girls: झारखंड के बोकारो जिले से लड़कियों के गायब होने का मामला सामने आया है. समाचार है कि बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र से सेजल झा पिछले पांच साल से गायब है. वहीं, इसी थाना क्षेत्र के खुटाडीह गांव की पुष्पा कुमारी भी पिछले सात महीने से लापता है. हालांकि, सेजल झा के मामले में स्वयं संज्ञान लेते हुए सीआईडी ने उसकी तलाश करने की जिम्मेदारी ली है. वहीं, बोकारो पुलिस पुष्पा कुमारी को जल्द ही खोज निकालने का दावा कर रही है. सेजल झा केस में सीआईडी की एंट्री पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के गिरधरटांड गांव की रहने वाली सेजल झा 16 अक्तूबर 2020 को उस वक्त लापता हो गई थी, जब वह सुबह पौने ग्यारह बजे साइकिल से बगल के गांव कुरमा ट्यूशन पढ़ने निकली थी. महज 15 मिनट बाद मुख्य सड़क पर एक ट्रैक्टर चालक को सड़क किनारे साइकिल, चप्पल और किताबें गिरी हुई मिलीं. चालक ने सेजल के घर जाकर इसकी सूचना दी. जब परिजन मौके पर पहुंचे, तो वहां बिखरा सारा सामान सेजल का ही निकला. इसके बाद परिजनों ने पिंड्राजोरा थाना में सूचना दी और पुलिस जांच में जुट गई. एसआईटी से लेकर कई एसपी बदले, नतीजा शून्य घटना के एक सप्ताह के भीतर तत्कालीन एसपी चंदन झा ने एसआईटी का गठन किया. इसके बाद भी सेजल का कोई पता नहीं चल सका. मामला डीजीपी स्तर तक पहुंचा. अलग-अलग समय पर तत्कालीन एसपी प्रियदर्शी आलोक, पूज्य प्रकाश, मनोज स्वर्गियारी और वर्तमान एसपी हरविंदर सिंह की टीमों ने कई राज्यों में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की. दर्जनों लोगों से पूछताछ हुई, लेकिन हर बार जांच बेनतीजा रही. सेजल के आने का परिजनों को इंतजार सेजल की मां उषा झा और पिता राम कृष्ण झा पिछले पांच सालों से न्याय और अपनी बेटी की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से लेकर सांसद, विधायक और राज्य के लगभग हर बड़े अधिकारी तक गुहार लगाई गई, लेकिन हर जगह सिर्फ आश्वासन ही मिले. परिजन स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग करते रहे. मां उषा झा का कहना है कि हर दिन इस उम्मीद में मोबाइल ऑन रखती हूं कि शायद कहीं से सेजल की कोई समाचार आ जाए. अब अदालत और सीआइडी जांच ही आखिरी आस बची है. सीआईडी जांच से जगी नई उम्मीद सेजल के मामले में बोकारो के वर्तमान एसपी हरविंदर सिंह का कहना है कि मुख्यालय से सेजल झा केस को रिकॉल किया गया है और परिजनों की संतुष्टि के लिए सीआईडी जांच कराई जा रही है. सीआईडी टीम ने पिंड्राजोरा थाना से केस से जुड़े सभी रिकॉर्ड और पिछले वर्षों में हुई जांच की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है, ताकि जांच को नई दिशा मिल सके. पुष्पा कुमारी मामले में भी अनिश्चितता बरकरार पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र की सरदाहा पंचायत के खुटाडीह गांव की रहने वाली 18 वर्षीय पुष्पा कुमारी 21 जुलाई 2025 को कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी. उसने पड़ोसी से साइकिल ली थी, लेकिन देर शाम तक वह घर नहीं लौटी. खोजबीन के दौरान उसकी साइकिल बेडानी मोड़ पर मिली. अनहोनी की आशंका को लेकर परिजन तुरंत थाना पहुंचे और मामला दर्ज कराया. सात महीने बीत जाने के बावजूद पुष्पा का कोई सुराग नहीं मिल पाया है. पुष्पा के परिजनों को गांव के आदमी पर शक पुष्पा की मां रेखा देवी ने थाने में दिए आवेदन में गांव के ही दिनेश कुमार महतो पर संदेह जताया. पुलिस ने कई बार दिनेश से पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दुर्गापुर गांव के एक युवक से पुष्पा की दोस्ती थी. इस एंगल से भी जांच की जा रही है. पुष्पा के पिता अनंत महतो मजदूरी के सिलसिले में झारखंड से बाहर रहते थे. सूचना मिलते ही वे वापस लौट आए और एसपी से लेकर डीसी तक गुहार लगाई. थाने का चक्कर लगा रहे परिजन पुष्पा की बरामदगी को लेकर माता-पिता रोज पिंड्राजोरा थाना का चक्कर लगा रहे हैं. बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा चुके हैं और टेक्निकल सेल को भी जांच में लगाया गया है. इसके बावजूद अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी है. इसे भी पढ़ें: गुरुजी के इर्द-गिर्द घूमता रहा झामुमो स्थापना दिवस, आधी आबादी बनी ताकत बोकारो में लड़कियां असुरक्षित सेजल और पुष्पा के मामलों ने बोकारो जिले में बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते सेजल केस का खुलासा हो गया होता, तो शायद पुष्पा के मामले में इतनी अनिश्चितता नहीं होती. समाजसेवी विजेता शेखर ने डीजीपी को चिट्ठी लिखकर दोनों मामलों में सीआईडी जांच और पुलिस को स्पष्ट दिशा-निर्देश देने की मांग की है. इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर के आदित्यपुर स्टेशन से खुलेंगी आठ एक्सप्रेस ट्रेनें, आज से शुरुआत The post पांच साल से गायब है बोकारो की सेजल, सात महीने से पुष्पा appeared first on Naya Vichar.

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धीमी आंच, ज्यादा स्वाद, अभी नोट कर लीजिए रणवीर बरार स्टाइल मूंग दाल हलवा रेसिपी

Ranveer Brar Style Moong Dal Halwa: मूंग दाल का हलवा हिंदुस्तानीय मिठाइयों में एक खास मुकाम रखता है, लेकिन जब इसे रणवीर बरार के अंदाज़ में बनाया जाता है तो इसका स्वाद और भी निखर जाता है. देसी घी में धीमी आंच पर भुनी मूंग दाल, इलायची की खुशबू और ड्राई फ्रूट्स की मिठास इस हलवे को शाही स्वाद देती है. यह रेसिपी धैर्य, प्यार और पारंपरिक तरीके का खूबसूरत मेल है, जो हर खास मौके को और भी यादगार बना देती है. हलवा बनाने के लिए जरूरी सामान  मूंग दाल (छिलके वाली पीली) – 1 कप देसी घी – 1 कप दूध – 1 कप पानी – 1 कप चीनी – 1 कप (स्वादानुसार) इलायची पाउडर – ½ टीस्पून काजू – 10–12 (कटे हुए) बादाम – 10–12 (कटे हुए) किशमिश – 1 टेबलस्पून केसर – 8–10 धागे (वैकल्पिक) कैसे करें मूंग दाल तैयार  मूंग दाल को 4–5 घंटे के लिए पानी में भिगो दें. भीगी हुई दाल को पानी निकालकर मिक्सर में दरदरा पीस लें.रणवीर बरार टिप: दाल को ज्यादा बारीक न पीसें, हलवे की असली टेक्सचर इसी से आती है. हलवा बनाने का तरीका  एक भारी तले की कड़ाही में देसी घी गरम करें. अब इसमें पिसी हुई मूंग दाल डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें. दाल को तब तक भूनें जब तक वह सुनहरी न हो जाए और घी अलग न दिखने लगे. यही स्टेप हलवे की जान है, इसमें 30–40 मिनट तक का समय लग सकता है. दूसरी ओर दूध और पानी को हल्का गर्म कर लें. भुनी दाल में धीरे-धीरे दूध और पानी डालें, लगातार चलाते रहें ताकि गुठलियां न बनें. मिश्रण गाढ़ा होने लगे तो इसमें चीनी डालें. चीनी डालते ही हलवा थोड़ा ढीला होगा, घबराएं नहीं. अब इलायची पाउडर, केसर और ड्राई फ्रूट्स डालें. हलवे को तब तक पकाएं जब तक वह कड़ाही छोड़ने न लगे और ऊपर से घी न चमकने लगे. गरमागरम मूंग दाल का हलवा ऊपर से कुछ ड्राई फ्रूट्स डालकर परोसें. इसे आप पूजा, त्योहार, या किसी खास मौके पर बना सकते हैं. यह भी पढ़ें: Ranveer Brar Gajar Ka Halwa: अब घर पर बनाएं मशहूर शेफ रणवीर बरार के स्टाइल में शानदार गाजर का हलवा, जानें बनाने की आसान रेसिपी यह भी पढ़ें: Village Style Masala Dudh Recipe: दादी-नानी की रसोई से जानिए गांव वाला मसाला दूध बनाने का आसान तरीका  The post धीमी आंच, ज्यादा स्वाद, अभी नोट कर लीजिए रणवीर बरार स्टाइल मूंग दाल हलवा रेसिपी appeared first on Naya Vichar.

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यूपी में रजिस्ट्री के नियम बदले, अब बिना PAN कार्ड नहीं खरीद पाएंगे जमीन

UP Property Registry: यूपी में अब जमीन, मकान या कोई भी प्रॉपर्टी खरीदना पहले जैसा नहीं रहा. योगी प्रशासन ने रजिस्ट्री के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है. अब अगर आपके पास PAN कार्ड नहीं है, तो आप उत्तर प्रदेश में कोई भी अचल संपत्ति (Immovable Property) नहीं खरीद पाएंगे. रजिस्ट्री विभाग ने इस संबंध में नए आदेश जारी कर दिए हैं. अब फॉर्म 60 का स्पोर्ट्स खत्म, PAN कार्ड हुआ जरूरी पहले के नियमों के मुताबिक, अगर किसी के पास PAN कार्ड नहीं होता था, तो वह इनकम टैक्स विभाग का ‘फॉर्म 60’ भरकर रजिस्ट्री करवा लेता था. लेकिन प्रशासन ने अब इस सुविधा को खत्म कर दिया है. अधिकारियों के अनुसार, अब बिना PAN कार्ड के खरीद-बिक्री की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी. अब खरीदार और विक्रेता, दोनों का PAN नंबर ऑनलाइन पोर्टल पर डालना और उसे वेरिफाई करना अनिवार्य होगा. नेपाल बॉर्डर पर ‘ब्लैक मनी’ और अवैध निवेश पर लगाम प्रशासन का यह फैसला खास तौर पर हिंदुस्तान-नेपाल सीमा से सटे जिलों के लिए काफी अहम माना जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, इन इलाकों में विदेशी फंडिंग और अवैध निवेश की समाचारें आती रहती थीं. PAN अनिवार्य होने से अब हर ट्रांजैक्शन को ट्रैक किया जा सकेगा. इससे संदिग्ध लेन-देन और बेनामी संपत्ति खरीदने वालों की पहचान करना आसान हो जाएगा. सॉफ्टवेयर से तुरंत होगी ‘असली-नकली’ की पहचान रजिस्ट्री विभाग अपने सॉफ्टवेयर को भी अपडेट कर रहा है. अब जैसे ही रजिस्ट्री के समय PAN नंबर डाला जाएगा, सिस्टम उसे तुरंत ऑनलाइन वेरिफाई कर देगा. इससे फर्जी कागजात और गलत पहचान के जरिए होने वाली धोखाधड़ी पूरी तरह बंद हो जाएगी. विभाग का मानना है कि इससे न केवल टैक्स चोरी रुकेगी, बल्कि नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में भी मदद मिलेगी. जहां एक तरफ नए नियम लागू हो रहे हैं, वहीं जमीनी स्तर पर कुछ चुनौतियां भी दिख रही हैं. राज्य में आधार वेरिफिकेशन के दौरान सर्वर स्लो होने की वजह से कई जिलों में रजिस्ट्री का काम एक-दो घंटे तक प्रभावित भी रहा.  इस बदलाव से आपको क्या फायदा होगा? ट्रांसपेरेंसी: प्रॉपर्टी की पूरी डील पारदर्शी होगी, जिससे भविष्य में कोई कानूनी झंझट नहीं होगा. सुरक्षा: आपकी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री असली पहचान के साथ होगी, जिससे फर्जीवाड़े का डर खत्म हो जाएगा. ट्रैकिंग: अगर कोई अवैध तरीके से पैसे लगाकर आपके पड़ोस में जमीन लेता है, तो प्रशासन उसे आसानी से पकड़ सकेगी. ये भी पढ़ें: दिल्ली में मुठभेड़, पुलिस ने बदमाश को पैर में मारी गोली The post यूपी में रजिस्ट्री के नियम बदले, अब बिना PAN कार्ड नहीं खरीद पाएंगे जमीन appeared first on Naya Vichar.

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