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March 2, 2026

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CBSE Class 12th History Paper: कैसा रहा हिस्ट्री का पेपर? यहां जानिए 

CBSE Class 12th History Paper: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से आज क्लास 12वीं की हिंदी परीक्षा आयोजित की गई. परीक्षा एक ही शिफ्ट में 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक हुई. स्टूडेंट्स और टीचर्स से मिली शुरुआती फीडबैक को देखें अगर तो कहा जा सकता है कि पेपर की कठिनाई का स्तर मध्यम था. आइए, विस्तार से जानते हैं कि एक्सपर्ट का क्या कहना है. CBSE 12वीं क्लास का अगला पेपर कब है? आज हिस्ट्री का पेपर था. वहीं अब अगला पेपर 9 मार्च 2026 को मैथ्स का है. इसके बाद 12 मार्च को इंग्लिश का है. 25 मार्च 2026 को कंप्यूटर साइंस का है और 27 मार्च को बायोलॉजी का पेपर है. स्टूडेंट्स परीक्षा के लिए तैयारी पक्की रखें. समाचार अपडेट हो रही है.. यह भी पढ़ें- बिहार बोर्ड ने जारी की आंसर की, 6 मार्च तक दर्ज करें आपत्ति   The post CBSE Class 12th History Paper: कैसा रहा हिस्ट्री का पेपर? यहां जानिए  appeared first on Naya Vichar.

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न न्यूक्लियर, न मिसाइल और न टेररिज्म, US-इजरायल क्यों ईरान पर हमला कर रहे? एक्सपर्ट ने बताई ये वजह

Why US Israel Attacked Iran: ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका ने महीनों की घेराबंदी के बाद आखिरकार 28 फरवरी को हमला कर ही दिया. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में इजरायल-अमेरिका ने ईरान के 31 प्रांतों में 1200 ठिकानों को निशाना बनाया गया. इस दौरान ईरान में सुप्रीम लीडर खामेनेई, रक्षा मंत्री और आईआरजीसी प्रमुख समेत तक कम से कम 201 लोगों की मौत हो गई, जबकि 747 लोग घायल हो गए. ईरान भले ही लहूलुहान है, लेकिन उसने भी अपनी क्षमता के हिसाब से करारा जवाब देने की कोशिश की है. मिडिल ईस्ट के देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों और इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले करके ईरान ने भी बराबर दहशत फैलाई है. लेकिन इस युद्ध की वजह क्या है? क्या अमेरिका सच में ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना चाहता है? हिंदुस्तानीय एक्सपर्ट ने इससे साफ इनकार किया है.  हिंदुस्तानीय सैन्य विशेषज्ञ डॉ ब्रह्मा चेलानी मानते हैं कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध वास्तव में न तो परमाणु या मिसाइल प्रसार से जुड़ा है और न ही राज्य-प्रायोजित आतंकवाद से. उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से एक पोस्ट शेयर की जिसमें उन्होंने तथ्य रखे. उन्होंने कहा, ‘अगर ये ही असली चिंताएँ होतीं, तो अमेरिका का सबसे स्वाभाविक निशाना पाकिस्तान होता. एक घोषित परमाणु संपन्न देश, जिसके पास अनुमानतः 170 से अधिक परमाणु हथियार हैं; ऐसा देश, जिसके बारे में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि वह अंतरमहाद्वीपीय दूरी तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताएं विकसित कर रहा है, जो अमेरिका तक पहुंच सकती हैं; और ऐसा देश, जिसके राज्य-समर्थित आतंकी नेटवर्कों का संबंध पश्चिम सहित कई बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी हमलों से जोड़ा गया है. 9/11 हमलों के मुख्य योजनाकारों का भी अंततः पाकिस्तान में पता चला था, जिनमें ओसामा बिन लादेन और खालिद शेख मोहम्मद शामिल थे.’ ईरान नियम मान रहा, फिर भी उसके खिलाफ कठोरता उन्होंने आगे कहा, ‘इसके विपरीत, ईरान आज भी परमाणु अप्रसार संधि का हस्ताक्षरकर्ता है और भले ही उसने यूरेनियम को 60 प्रतिशत तक समृद्ध किया हो, जो 90 प्रतिशत हथियार-ग्रेड स्तर से कम है, फिर भी व्यापक रूप से यह माना जाता है कि वह अभी कार्यशील परमाणु हथियार बनाने से काफी दूर है. इसके बावजूद वॉशिंगटन ने तेहरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने का रास्ता चुना है, जबकि पाकिस्तान के प्रति वह अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाए हुए है. अमेरिका अपने इस कदम को यह कहकर सही ठहराता है कि ईरान अमेरिका के अस्तित्व के लिए खतरा है.’ होर्मूज पर कंट्रोल है असली मकसद डॉ चेलानी ने आगे कहा, ‘इसलिए इस युद्ध का तर्क सुरक्षा नहीं, बल्कि भू-नेतृत्व है. इसका उद्देश्य क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को नया रूप देना, तेहरान में एक अनुकूल शासन स्थापित करना और ईरान के क्षेत्रीय प्रभाव के नेटवर्क को कमजोर करना है. होर्मूज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण करना, जिससे होकर दुनिया के कुल व्यापारिक तेल का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है.  ईरान की रणनीतिक पहुंच को पीछे धकेलने की व्यापक योजना, इस शासन-परिवर्तन एजेंडे के केंद्रीय हिस्से हैं.’ इस जलडमरूमध्य से पूरी दुनिया के लगभग 20% तेल और गैस का यातायात होता है. ईरान के पास इतनी क्षमता जरूर है कि वह इस पर कंट्रोल कर सकता है. डॉ चेलानी का मानना है कि अमेरिका और इजरायल इसे ही हथियाना चाहते हैं. The war on Iran has little to do with nuclear or missile proliferation or state-sponsored terrorism. If those were the real concerns, the more obvious U.S. target would be Pakistan: a declared nuclear-armed state with an estimated 170+ warheads; a country that U.S. intelligence… — Dr. Brahma Chellaney (@Chellaney) March 2, 2026 फिर से होने लगे एक दूसरे पर हमले सोमवार को इजरायली वायुसेना (IAF) ने बताया कि ईरान की ओर से इजरायली क्षेत्र को निशाना बनाकर मिसाइल लॉन्च की एक नई लहर शुरू की गई है, जिससे क्षेत्र में संघर्ष और तेज हो गया है. प्रभावित इलाकों में आपातकालीन अलर्ट जारी कर दिए गए हैं. टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार शाम यरुशलम के बाहरी इलाके में एक हाईवे पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल के गिरने से तीन लोग घायल हो गए. इस हमले से सड़क पर एक बड़ा गड्ढा बन गया, एक ट्रैफिक साइन टूट गया और कई कारों को भारी नुकसान पहुंचा. घायलों में 46 वर्षीय एक व्यक्ति शामिल है, जिसे छर्रों से मध्यम स्तर की चोटें आई हैं. ये भी पढ़ें:- ईरान ने ब्रिटिश सैन्य अड्डे पर किया हमला, दागीं दो बैलिस्टिक मिसाइलें गैर ईरान देशों में कितने लोग मरे, घायल हुए? ताजा गोलीबारी पश्चिम एशिया क्षेत्र में शत्रुता के बड़े स्तर पर बढ़ने का संकेत है, जहां कई देशों में अभूतपूर्व मात्रा में प्रोजेक्टाइल दागे गए हैं. यह घटनाक्रम अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों के बाद सामने आया है, जिनमें रविवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार की मौत हो गई थी. इन हमलों के बाद, इस्लामिक रिपब्लिक ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर ड्रोन और मिसाइलों के जरिए क्षेत्र के कई अरब देशों को निशाना बनाते हुए हमलों की एक श्रृंखला शुरू की. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी हमले में अब तक मौत और घायल लोगों की संख्या इस प्रकार है.  इजरायल में 9 मौतें, 121 घायल. अमेरिकी सैनिक: 3 मारे गए, 5 घायल. इराक में 2 मौतें, 5 घायल. कुवैत में 1 मौत, 32 घायल. यूएई में 3 मौतें, 58 घायल. बहरीन में 4 घायल. कतर में 16 घायल. ओमान में 5 घायल.  ये भी पढ़ें:- US मिलिट्री पावर: ईरान में 1000 ठिकाने तबाह, इन हथियारों से बरसाए बम-बारूद; पूरी लिस्ट इजरायल ने हिज्बुल्लाह पर किया हमला इससे अलावा आज सोमवार, 2 मार्च को पश्चिम एशिया में संघर्ष और फैल गया. इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत और देश के अन्य हिस्सों में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर हवाई हमले किए, इसमें 31 लोगों की मौत हो गई. यह कार्रवाई लेबनानी क्षेत्र से उत्तरी इजरा.ल की ओर दागे गए प्रोजेक्टाइल्स के बाद की गई. इजरायली एयर फोर्स ने कहा कि बेरूत क्षेत्र में हिज़्बुल्लाह आतंकवादी संगठन के वरिष्ठ आतंकियों पर लक्षित हमला किया. साथ ही, IDF ने दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह संगठन के एक केंद्रीय आतंकवादी को भी निशाना बनाया.  The post

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झारखंड में चांडिल के आरिफ टार्जन का कमाल, मारुति 800 को बना दिया लैंबॉर्गिनी एवेंटाडोर

सरायकेला से शचींद्र कुमार दाश और हिमांशु गोप की रिपोर्ट Modified Car: सरायकेला खरसावां जिला के चांडिल के दो नंबर रेलवे फाटक के पास टार्जन गैरेज में एक अनोखी पहल देखने को मिल रही है. यहां मारुति आल्टो 800 कार को मॉडिफाई कर नया लुक दिया है. चांडिल के मो आरिफ ने पिछले दो वर्षों में इसे तैयार किया है. लगातार मेहनत और लगन से कार को आकर्षक और अलग डिजाइन में बदला है. अब तक इस प्रोजेक्ट पर अब तक करीब-करीब चार लाख रुपये खर्च हो चुके हैं. उन्होंने एक साधारण सी मारुति 800 को सुपरकार लैंबॉर्गिनी एवेंटाडोर का लुक देकर सबको हैरान कर दिया है. फिल्म टार्जन से जागा था जुनून 90 के दशक और 2000 की शुरुआत में पली-बढ़ी पीढ़ी के लिए ‘टार्जन: द वंडर कार’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि सपना थी. आरिफ भी उन्हीं बच्चों में से एक थे. बीते 10 सालों से गैराज लाइन में कार मैकेनिक के रूप में काम कर रहे आरिफ के मन में हमेशा से खुद की एक टार्जन कार बनाने की तड़प थी. इसी दीवानगी के चलते उन्होंने अपना नाम भी टार्जन रख लिया. दो साल की कड़ी मेहतन के बाद तैयार की गई कार आरिफ ने अपने छोटे से गैराज में 2 साल की कड़ी मेहनत के बाद इस मास्टरपीस को तैयार किया. आरिफ बताते हैं कि वे खुद मैकेनिक हैं. इसलिए, डिजाइन की कटिंग से लेकर बॉडी की वेल्डिंग और डिटेलिंग तक का सारा काम उन्होंने अपने हाथों से किया. सिर्फ म्यूजिक सिस्टम, एलईडी लाइट्स और फ्रंट ग्लास जैसी कुछ चीजें ही बाहर से खरीदी गईं. इसे भी पढ़ें: आदिवासी दिशोम जाहेरगाढ़ सीनी में मनाया गया बाहा पर्व, डॉ मीरा मुंडा मुख्य अतिथि खूबसूरती देख चौंक जाते हैं लोग यह कार जब सड़क पर निकलती है, तो लोग अपनी गाड़ियां रोककर इसे देखने लगते हैं. इसकी लुक हूबहू लैंबॉर्गिनी एवेंटाडोर जैसी शार्प बॉडी और स्टाइलिश डिजाइन है. सीटिंग स्पोर्टी लुक वाली 2-सीटर कॉन्फिगरेशन है. इसमें दमदार ग्रिप के लिए 16 इंच के चौड़े एलॉय व्हील्स लगाए गए हैं. एग्जॉस्ट स्टार्ट होते ही यह कार सुपरकार जैसी दहाड़ पैदा करती है. एडवांस फीचर्स में सनरूफ, रिमोट लॉक सिस्टम और हाई-फाई म्यूजिक सिस्टम है. इसकी रील्स और वीडियो सोशल मीडिया पर मिलियन व्यूज बटोर रहे हैं. इसे भी पढ़ें: सरायकेला में नगर परिषद अध्यक्ष का निकला आशीर्वाद जुलूस, जीत के बाद शहर में घूमे मनोज चौधरी The post झारखंड में चांडिल के आरिफ टार्जन का कमाल, मारुति 800 को बना दिया लैंबॉर्गिनी एवेंटाडोर appeared first on Naya Vichar.

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कुवैत में अमेरिकी F-15 मार गिराने का दावा ईरान ने किया, देखें वीडियो

Kuwait : पश्चिम एशिया में शनिवार को इजरायल-अमेरिका के हमलों में खामेनेई की मौत के बाद तनाव और बढ़ गया है. इसी बीच सोमवार को Islamic Republic News Agency (IRNA) ने दावा किया कि कुवैत में सोमवार सुबह एक अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान मार गिराया गया. आईआरएनए ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से एक वीडियो क्लिप भी शेयर किया. इसमें कथित तौर पर अमेरिकी F-15 के गिराए जाने का वीडियो नजर आ रहा है. हालांकि, इस दावे की पुष्टि अमेरिका की ओर से नहीं की गई है. सोशल मीडिया पर भी क्लिप वायरल हो रहा है. देखें वीडियो. An F-15 has been shot down over Kuwait. Reported to be friendly fire, but details unclear. F-15 operators in the region include the US, Israel, Saudi & Qatar. pic.twitter.com/uvw1O0Cf4I — Shiv Aroor (@ShivAroor) March 2, 2026 इस बीच एसोसिएटेड प्रेस ने समाचार दी कि कुवैत के उस इलाके में धुआं देखा गया जहां अमेरिकी दूतावास स्थित है. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इलाके में सोमवार को धुआं उठता देखा गया. इससे पहले इलाके में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को दूतावास से दूर रहने की सलाह दी गई थी. कुवैत में अमेरिकी दूतावास के पास रहने वाले मिस्र के श्रमिक अयमान मोआद ने बताया कि उसकी नजर इलाके में उठते धुएं पर गई. हालांकि, अयमान को यह जानकारी नहीं थी कि क्या यह हमला दूतावास को निशाना बनाकर किया गया था या नहीं. US F-15 Fighter Jet Downed in Kuwait According to local sources, a US F-15 fighter jet was shot down in the skies above Kuwait earlier on Monday morning. pic.twitter.com/UIyTkZllEX — IRNA News Agency ☫ (@IrnaEnglish) March 2, 2026 यह भी पढ़ें : कौन हैं अयातुल्ला अलीरेजा अराफी, जिन्हें बनाया गया है ईरान का कार्यवाहक सुप्रीम लीडर अमेरिका ने जारी किया था अलर्ट इससे पहले, अमेरिका ने कुवैत में मौजूद अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने और घरों के भीतर रहने का अलर्ट जारी किया था. अलर्ट में बिना विस्तार से जानकारी दिए कहा गया था कि दूतावास न आएं. यह भी पढ़ें : US मिलिट्री पावर: ईरान में 1000 ठिकाने तबाह, इन हथियारों से बरसाए बम-बारूद; पूरी लिस्ट The post कुवैत में अमेरिकी F-15 मार गिराने का दावा ईरान ने किया, देखें वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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होली स्पेशल एपिसोड में पास आएंगे अरमान-अभिरा, रोमांटिक तस्वीरों में बेहद करीब दिखे दोनों

YRKKH Holi Special: टीवी का पॉपुलर शो ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ एक बार फिर चर्चा में है. होली के खास मौके पर मेकर्स ऐसा ट्विस्ट लाने वाले हैं, जो फैंस का दिल खुश कर देगा. हाल ही में शो का प्रोमो सामने आया था, जिसमें पोद्दार परिवार की होली पार्टी के बीच अभिरा की एंट्री और मेहर संग उसकी तीखी बहस दिखाई गई. लेकिन अब सेट से आई कुछ बीटीएस तस्वीरों ने कहानी में नया रोमांच जोड़ दिया है. होली पर बदलेंगे रिश्तों के रंग शो में इस वक्त अरमान और अभिरा के बीच दूरियां दिख रही हैं. दोनों एक-दूसरे से नाराज हैं और हालात बिल्कुल ठीक नहीं हैं. मगर होली स्पेशल एपिसोड में कहानी अचानक करवट लेने वाली है. तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि अरमान और अभिरा एक-दूसरे के बेहद करीब नजर आ रहे हैं. दोनों रंगों में सराबोर हैं और माहौल में रोमांस झलक रहा है. बीटीएस फोटोज से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बार अरमान और अभिरा साथ में होली स्पोर्ट्सने वाले हैं. दोनों एक-दूसरे को रंग लगाते दिख रहे हैं. उनके चेहरे की मुस्कान और आंखों की नजदीकियां फैंस को खूब पसंद आ रही हैं. रोमांस में खोए दिखे दोनों ये रिश्ता क्या कहलाता है में अरमान-अभिरा कुछ तस्वीरों में अरमान अभिरा के बेहद करीब खड़े हैं. दोनों की आंखें बंद हैं और ऐसा लग रहा है जैसे दोनों पल को महसूस कर रहे हों. सोशल मीडिया पर #AbhiMaan फैंस इन तस्वीरों को देखकर झूम उठे हैं. एक फोटो में अभिरा बेहद इमोशनल होकर अरमान को रंग लगाती दिख रही है. वहीं अरमान भी उस एहसास में पूरी तरह डूबा नजर आ रहा है. क्या ये सपना है? ये रिश्ता क्या कहलाता है में होली स्पेशल एपिसोड दिलचस्प बात ये है कि कहानी में फिलहाल दोनों के बीच कड़वाहट है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ये होली वाला रोमांस सच में होगा या फिर ये दोनों का कोई सपना है? माना जा रहा है कि ये एक ड्रीम सीक्वेंस भी हो सकता है, जो कुछ पलों के लिए फैंस को खुश कर देगा. TRP में आएगा उछाल? फिलहाल शो की टीआरपी उम्मीद के मुताबिक नहीं चल रही और रेटिंग में गिरावट आई है. लेकिन होली स्पेशल एपिसोड में अरमान-अभिरा की नजदीकियां शो की टीआरपी में नई जान डाल सकती हैं. यह भी पढ़ें: YRKKH Twist: अभिरा और अरमान के बीच टकराव से मचा बवाल, विद्या ने दी सख्त चेतावनी The post होली स्पेशल एपिसोड में पास आएंगे अरमान-अभिरा, रोमांटिक तस्वीरों में बेहद करीब दिखे दोनों appeared first on Naya Vichar.

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सावधान! NEET UG 2026 आवेदन में ये 5 गलतियां कर दीं तो रिजेक्ट हो सकता है फॉर्म

नीट यूजी परीक्षा के लिए अप्लाई करने की लास्ट डेट करीब है. NTA की ओर से NEET UG 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 8 मार्च 2026 को बंद कर दी जाएगी. परीक्षा में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स तय डेडलाइन तक आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें. अगर आप नीट का फॉर्म भर रहे हैं तो किसी भी तरह की गलती न करें. अप्लाई करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं. महत्वपूर्ण डेट्स यहां देखें NEET UG के लिए अप्लाई करने से पहले महत्वपूर्ण डेट्स यहां देखें- आवेदन शुरू- 8 फरवरी 2026 आवेदन की लास्ट डेट- 8 मार्च 2026 (रात 9: 00 बजे तक) शुल्क भुगतान की लास्ट डेट- 8 मार्च 2026 (रात 11:50 बजे तक) करेक्शन विंडो- 10 से 12 मार्च 2026 एग्जाम डेट- 3 मई 2026 परीक्षा डिटेल्स परीक्षा की टाइमिंग -180 मिनट (3 घंटे) समय- दोपहर 2:00 बजे से 5:00 बजे तक (IST) नीट यूजी परीक्षा इस बार पेन और पेपर मोड में होगी. वहीं ये परीक्षा कई भाषों में होगी, जैसे कि असमिया, बंगाली, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू. कैसे करें अप्लाई? ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं. NEET UG 2026 रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें. बेसिक जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें. आवेदन फॉर्म अच्छे से भरें.डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें. ऑनलाइन शुल्क का भुगतान करें. फॉर्म सबमिट कर कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड कर लें. आवेदन करते समय इन गलतियों से बचें व्यक्तिगत जानकारी को डबल चेक कर लें (नाम, DOB, कैटेगरी आदि को 10वीं के सर्टिफिकेट और आधार से मिलाएं). फोटो या साइन गलत आकार/फॉर्मेट में अपलोड करने से बचें. शुल्क भुगतान के दौरान पेज रिफ्रेश न करें. गलत कैटेगरी का चयन न करें. अंतिम समय पर आवेदन करने से बचें. सर्वर स्लो होने से आप परेशानी में फंस सकते हैं. NEET UG 2026 से मिलने वाले कोर्स NEET UG 2026 के स्कोर के आधार पर नीचे बताए गए कोर्स में एडमिशन मिलता है- एमबीबीएस (MBBS) बीडीएस (BDS) बीवीएससी और एएच (BVSc & AH) बीएएमएस (BAMS) बीयूएमएस (BUMS) बीएसएमएस (BSMS) बीएचएमएस (BHMS) इसके अलावा, मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) के तहत आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज अस्पतालों में बीएससी नर्सिंग कोर्स में प्रवेश के लिए भी यह परीक्षा अनिवार्य है. आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग- 1,700 रुपये सामान्य-EWS / OBC-NCL- 1,600 रुपये SC / ST / PwBD / थर्ड जेंडर- 1,000 रुपये NRI कैंडिडेट्स – 9,500 (अलग से प्रोसेसिंग अमाउंट लग सकता है) यह भी पढ़ें- NEET टॉपर्स की पहली पसंद! जानें इंडिया के टॉप 5 मेडिकल कॉलेज The post सावधान! NEET UG 2026 आवेदन में ये 5 गलतियां कर दीं तो रिजेक्ट हो सकता है फॉर्म appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका-ईरान तनाव से कांपा बाजार ! क्या फिर जेब पर पड़ेगी डबल मार ? जानिए एक्सपर्ट की राय

Crude Oil Price: वैश्विक ऊर्जा बाजार एक बार फिर अनिश्चितता के दौर में प्रवेश कर चुका है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों में स्पष्ट रूप से एक “जियोपॉलिटिकल प्रीमियम” जोड़ दिया है. यानी कीमतों में वह अतिरिक्त बढ़ोतरी, जो वास्तविक मांग-आपूर्ति से ज्यादा युद्ध और भू-नेतृत्वक जोखिम के डर से आती है. यह स्थिति सिर्फ वैश्विक बाजार के लिए ही नहीं, बल्कि हिंदुस्तान जैसी उभरती और तेल आयात पर निर्भर वित्तीय स्थिति के लिए भी खतरे की घंटी है. तेल इतना महंगा क्यों हो रहा है? पूरा स्पोर्ट्स हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का है. यह समुद्र का एक बेहद संकरा लेकिन रणनीतिक रूप से अहम रास्ता है, जहाँ से दुनिया के कुल तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा जहाजों के जरिए गुजरता है. अगर किसी सैन्य टकराव या तनाव के कारण यह रास्ता बाधित होता है, तो वैश्विक स्तर पर तेल की भारी कमी हो सकती है. यही आशंका बाजार में डर पैदा कर रही है. इसी वजह से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छूने या पार करने की कोशिश कर रही हैं. भले ही अभी वास्तविक आपूर्ति बाधित नहीं हुई है, लेकिन “संभावित संकट” ही कीमतों को ऊपर धकेल रहा है. हिंदुस्तान के लिए चिंता क्यों ? हिंदुस्तान अपनी कुल जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हर उछाल सीधे देश की वित्तीय स्थिति को प्रभावित करता है. इसके तीन बड़े असर हो सकते हैं: महंगाई में तेजी: जब पेट्रोल और डीजल महंगे होते हैं, तो ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ती है. ट्रकों का किराया बढ़ता है, जिससे सब्जी, फल, दूध और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें भी ऊपर चली जाती हैं. यानी तेल की महंगाई सीधे आम आदमी की जेब पर असर डालती है. रुपये पर दबाव: तेल की खरीद डॉलर में होती है. अगर तेल महंगा होगा, तो हिंदुस्तान को ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ेंगे. इससे विदेशी मुद्रा की मांग बढ़ेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में रुपया कमजोर हो सकता है. कमजोर रुपया आयात को और महंगा बना देता है. यह एक तरह का दोहरा दबाव है. प्रशासनी बजट पर असर: तेल आयात बिल बढ़ने का मतलब है कि प्रशासन के संसाधनों का बड़ा हिस्सा ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में खर्च होगा. इससे विकास परियोजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक योजनाओं के लिए उपलब्ध फंड पर असर पड़ सकता है. सीए विकास सहाय (MD & CEO, VCap Money) का मानना है कि हिंदुस्तान जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह बढ़ता भू-नेतृत्वक जोखिम गंभीर चिंता का विषय है. यदि ब्रेंट क्रूड 90–100 डॉलर के दायरे में लंबे समय तक बना रहता है, तो चालू खाते के घाटे और महंगाई दोनों पर दबाव बढ़ सकता है. निवेशकों के लिए संकेत ऐसे अनिश्चित माहौल में निवेशकों की नजर सिर्फ शेयर बाजार पर नहीं, बल्कि सुरक्षित विकल्पों पर भी होती है. संकट के समय सोना (Gold) को पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है. जब वैश्विक तनाव बढ़ता है और बाजार में उतार-चढ़ाव तेज होता है, तो निवेशक जोखिम भरी संपत्तियों से पैसा निकालकर सोने में लगाते हैं. इससे सोने की कीमतों में मजबूती देखने को मिलती है. फिलहाल बाजार इस इंतजार में है कि क्या यह तनाव केवल कूटनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेगा या वास्तव में आपूर्ति मार्गों में बाधा उत्पन्न होगी. निवेशकों को क्या करना चाहिए? ऐसे समय में घबराहट में निर्णय लेने से बचना जरूरी है. अपने पोर्टफोलियो में विविधता (Diversification) बनाए रखें. कुल निवेश का एक संतुलित हिस्सा सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों में रखें. कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों और डॉलर-रुपया विनिमय दर पर नजर बनाए रखें. आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि हालात कूटनीतिक स्तर पर सुलझते हैं या वास्तविक आपूर्ति संकट में बदलते हैं. हिंदुस्तान के लिए सतर्कता, संतुलन और रणनीतिक तैयारी ही इस चुनौती का सबसे मजबूत जवाब होगा. Also Read : Share Market: ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ते ही सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम, करोड़ों की संपत्ति मिनटों में साफ The post अमेरिका-ईरान तनाव से कांपा बाजार ! क्या फिर जेब पर पड़ेगी डबल मार ? जानिए एक्सपर्ट की राय appeared first on Naya Vichar.

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यूएस‑इजरायल के ईरान पर हमले के बाद भारत में अलर्ट जारी, ऐसे लोगों पर रहेगी खास नजर

MHA Alert : केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्य प्रशासनों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं. इस संबंध में अलर्ट लेटर जारी किया गया है. इसमें हाल ही में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के बाद हिंदुस्तान में संभावित सांप्रदायिक हिंसा के प्रति चौकसी बरतने को कहा गया है. 28 फरवरी को जारी इस लेटर में बताया गया कि विदेश में हुई ये घटनाएं देश में भी प्रभाव डाल सकती हैं, खासकर धार्मिक आयोजनों के जरिए भड़काऊ भाषण दिए जा सकते हैं. एडवाइजरी में मंत्रालय ने राज्य प्रशासनों से कहा है कि ईरान‑पक्ष के कट्टर प्रवक्ता (pro‑Iran radical preachers) उत्तेजक भाषण दे सकते हैं. इससे स्थानीय समुदायों में अशांति या सांप्रदायिक तनाव फैल सकता है. ऐसे  लोगों पर सख्त नजर रखें और इनकी पहचान करें. मंत्रालय ने कहा है कि बड़े पैमाने पर खुफिया जानकारी शेयर करना और रोकथाम के उपाय करना जरूरी है, ताकि कानून‑व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को रोका जा सके. यह भी पढ़ें : US मिलिट्री पावर: ईरान में 1000 ठिकाने तबाह, इन हथियारों से बरसाए बम-बारूद; पूरी लिस्ट मध्य पूर्व में बढ़ गया है तनाव केंद्रीय गृह मंत्रालय की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान ने ईरानी शहरों और सैन्य ढ्रांचों को निशाना बनाया, जिससे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का खतरा बढ़ गया है. हिंदुस्तान ने सभी पक्षों से संयम बरतने का अनुरोध किया है. हिंदुस्तान ने अपने नागरिकों, विशेषकर खाड़ी देशों में रहने वाले हिंदुस्तानीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है. भाषण और उपदेशों पर भी खास नजर रखने के निर्देश नई दिल्ली के अधिकारी इस पूरे मामले पर ध्यान रख रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं की वजह से लोगों की भावनाएं बढ़ सकती हैं. कुछ चरमपंथी लोग इसे इस्तेमाल करके स्थानीय स्तर पर तनाव फैला सकते हैं. प्रशासन ने राज्यों को सलाह दी है कि वे सामान्य कानून-व्यवस्था संभालने के साथ-साथ ऐसे भाषण और उपदेशों पर भी खास नजर रखें, जो लोगों की सांप्रदायिक भावनाओं को भड़का सकते हैं. The post यूएस‑इजरायल के ईरान पर हमले के बाद हिंदुस्तान में अलर्ट जारी, ऐसे लोगों पर रहेगी खास नजर appeared first on Naya Vichar.

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Holika Dahan 2026: आज है होलिका दहन, जानें पूजा का शुभ मुर्हूत, विधि और सामग्री

Holika Dahan 2026: होलिका दहन हिंदुस्तान में मनाया जाने वाला एक विशेष पर्व है. यह होली के पर्व से एक दिन पहले मनाया जाता है. यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है. हर वर्ष यह पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. मान्यता है कि होलिका की अग्नि वातावरण की नकारात्मकता और बुराइयों को जलाकर भस्म कर देती है तथा सकारात्मकता का संचार करती है. होलिका दहन 2026: शुभ मुहूर्त और तिथियां होलिका दहन: 02 मार्च 2026, दिन सोमवार फाल्गुन पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 02 मार्च 2026, सोमवार को सुबह 05 बजकर 19 मिनट पर फाल्गुन पूर्णिमा तिथि समाप्त: 03 मार्च 2026, मंगलवार को सुबह 04 बजकर 33 मिनट पर होलिका दहन मुहूर्त: 02 मार्च 2026, सोमवार को शाम 05 बजकर 52 मिनट से रात 08 बजकर 20 मिनट तक पूजन सामग्री की सूची (Samagri List) एक लोटा गंगाजल या शुद्ध जल कच्चा सूत (मोली) रोली और अक्षत पीली सरसों हल्दी की गांठ अगरबत्ती दीपक गोबर के कंडों (बड़कुल्ले) की माला बताशे गुड़ फल गेहूं की नई बालियां नारियल पूजन की सरल विधि (Puja Vidhi) होलिका दहन के दिन शाम के समय सार्वजनिक होलिका स्थल पर जाकर पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. इस दिन सबसे पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. पूजा स्थल पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें. इसके बाद भगवान विष्णु और भक्त प्रह्लाद का ध्यान करें तथा पूजा का संकल्प लें. फिर लकड़ी से बनाई गई होलिका के सामने जल अर्पित करें. इसके बाद रोली, अक्षत, फूल, हल्दी की गांठ, मूंग की दाल, बताशे और कच्चा सूत अर्पित करें. होलिका के चारों ओर कच्चे सूत को लपेटते हुए 3, 5 या 7 बार परिक्रमा करें. इसके बाद नई फसल की बालियां और नारियल अग्नि में अर्पित करें. अंत में हाथ जोड़कर परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्रार्थना करें. यह भी पढ़ें: आज होलिका दहन पर भेजें शुभकामनाएं और फैलाएं खुशियों की रोशनी The post Holika Dahan 2026: आज है होलिका दहन, जानें पूजा का शुभ मुर्हूत, विधि और सामग्री appeared first on Naya Vichar.

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होली से पहले 3 मार्च को लगेगा खग्रास चंद्रग्रहण, सूतककाल में बचाव जरूरी

रघोत्तम शुक्लपूर्व पीसीएस, लखनऊ khagras Chandra Grahan 2026: इस वर्ष मंगलवार, 3 मार्च को खग्रास अर्थात पूर्ण चंद्र ग्रहण पड़ रहा है. यह ग्रहण अपराह्न 3:21 बजे से प्रारंभ होकर संध्या 6:46 बजे तक रहेगा. ज्योतिषीय गणना के अनुसार उस समय पूर्णिमा का चंद्र सिंह राशि पर गोचर करेगा और केतु द्वारा ग्रसित होगा. ग्रहण का सूतक उसी दिन प्रातः 6:20 बजे से प्रभावी हो जाएगा. शास्त्रों के मतानुसार ग्रहण काल केवल कुछ घंटों का नहीं होता, बल्कि इसका प्रभाव लगभग 15 दिन पहले से 15 दिन बाद तक माना जाता है. इस अवधि में होलाष्टक, अग्नि पंचक और भद्रा जैसे अशुभ योग भी सक्रिय बताए गए हैं. उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 17 फरवरी को सूर्य ग्रहण पड़ चुका है, अर्थात एक पखवारे में दो ग्रहण की स्थिति बन रही है. समुद्र मंथन की कथा और राहु-केतु का रहस्य धर्म शास्त्रों में ग्रहण की उत्पत्ति का संबंध पौराणिक समुद्र मंथन से जोड़ा गया है. कथा के अनुसार देवताओं और दानवों ने अमृत प्राप्ति के लिए मंथन किया. जब धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए, तो देव-दानवों में छीना-झपटी होने लगी. उसी समय स्वर्भानु नामक दैत्य ने छलपूर्वक सूर्य और चंद्रमा के बीच बैठकर अमृत की कुछ बूंदें पी लीं. सूर्य और चंद्र ने इसकी सूचना भगवान विष्णु को दी. विष्णु ने सुदर्शन चक्र से उसका मस्तक धड़ से अलग कर दिया. किंतु अमृत का स्पर्श हो जाने के कारण वह मरा नहीं, बल्कि दो भागों—राहु और केतु—के रूप में जीवित रहा. तब से यह दोनों सूर्य और चंद्र को अपना शत्रु मानकर अवसर मिलने पर उन्हें ग्रसते हैं. यही घटना ग्रहण के रूप में देखी जाती है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण: एक सामान्य खगोलीय घटना विज्ञान के अनुसार चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता. चंद्रमा स्वयं प्रकाशमान नहीं है, वह सूर्य के प्रकाश से ही चमकता है. राहु और केतु भौतिक ग्रह नहीं, बल्कि सूर्य, चंद्र और पृथ्वी की कक्षाओं के प्रतिच्छेदन बिंदु (नोड्स) हैं. इन्हें छाया ग्रह कहा जाता है. हालांकि यह एक स्वाभाविक खगोलीय घटना है, फिर भी ज्योतिष में इसे विशेष महत्व दिया गया है. ग्रहण के समय अंतरिक्षीय विकिरणों का प्रभाव परिवर्तित माना जाता है और सूर्य-चंद्र-पृथ्वी के एक सीध में होने से गुरुत्वाकर्षण बल में विशेषता आती है. इसी कारण सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. सूतक काल में सावधानियां सूतक काल में भोजन ढककर रखना चाहिए. गर्भवती स्त्रीओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए—वे बाहर न निकलें और परंपरा के अनुसार कुक्षि पर गेरू (गैरिक) का लेप लगाएं. ग्रहण को नग्न आंखों से देखने से भी बचना चाहिए. ज्योतिष मत के अनुसार यह समय स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डाल सकता है. मंदाग्नि, अरुचि, जलदोष, रक्त विकार, कफ और वायु संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं. इसलिए इस दौरान नए कार्य, नई परियोजनाएं या महत्वपूर्ण निर्णय स्थगित रखना उचित माना गया है. किनके लिए शुभ और किनके लिए सावधानी? चूंकि यह ग्रहण सिंह राशि पर पड़ रहा है, इसलिए जिनकी सिंह लग्न या राशि है, उनके लिए यह विशेष सावधानी का संकेत देता है. उन्हें ग्रहण काल में संयम और सतर्कता रखनी चाहिए. वहीं कुछ जातकों के लिए यह लाभकारी भी सिद्ध हो सकता है. जिनका जन्मकालीन चंद्र नीच का है या छठे, आठवें अथवा बारहवें भाव का स्वामी है, उन्हें हानि के बजाय लाभ मिल सकता है. इसी प्रकार जिनका जन्म चंद्र पापग्रह से युक्त है या अकेला स्थित है, उनके लिए यह समय अनुकूल परिवर्तन ला सकता है. विशेष रूप से आध्यात्मिक साधना, मंत्र जाप और ध्यान के लिए ग्रहण काल को अत्यंत फलदायी माना गया है. होली और दीवाली की रात की भांति यह समय भी साधना सिद्धि के लिए श्रेष्ठ बताया गया है. ये भी पढ़ें: चंद्रमा का ज्योतिषीय रहस्य, कौन है मित्र, कौन है शत्रु? अशुभ प्रभाव के शमन के उपाय यद्यपि यह ग्रहण हिंदुस्तान में अल्प अवधि के लिए ही दृश्य होगा—दिल्ली में लगभग 25 मिनट—फिर भी शमन के उपाय करना हितकर है. कुप्रभावों से बचाव हेतु भगवान शिव के महामृत्युञ्जय मंत्र का जप अत्यंत प्रभावी माना गया है: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्द्धनंउर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्। इसके अतिरिक्त केतु की शांति के लिए यह मंत्र भी जपा जा सकता है: पलाल धूम संकाशं तारक ग्रह मस्तकम्।रौद्रं रौद्रतरं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहम्।। श्रद्धा और भक्ति से किया गया जप तथा दान-पुण्य अनेक अनिष्टों का निवारण कर सकता है. शास्त्रों में कहा गया है कि भक्तिपूर्वक किया गया एक प्रणाम भी बड़े से बड़े दोषों को समाप्त कर देता है. चंद्र ग्रहण एक ओर जहां खगोलीय घटना है, वहीं धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. सावधानी, संयम और श्रद्धा के साथ इस काल को व्यतीत करना ही श्रेयस्कर है. आस्था के साथ विवेक का संतुलन बनाए रखते हुए मंत्र-जप, ध्यान और दान से सकारात्मक ऊर्जा अर्जित की जा सकती है. The post होली से पहले 3 मार्च को लगेगा खग्रास चंद्रग्रहण, सूतककाल में बचाव जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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