Hot News

March 2, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव, दुनिया भर में तेल का अकाल पड़ने की आशंका

Strait of Hormuz Oil Crisis: मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती सैन्य तकरार ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उपजे तनाव से कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में 10% का जोरदार उछाल आया है. फिलहाल तेल की कीमतें 78.52 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं. मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा के अनुसार, यह सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं है, बल्कि ग्लोबल इकोनॉमी के लिए एक बड़ा खतरा है. क्या तेल की कीमतें 150 डॉलर पार कर जाएंगी? ANI की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यह तनाव सीमित रहता है, तो कच्चा तेल 100-115 डॉलर तक जा सकता है. लेकिन अगर समुद्र के जरिए होने वाली सप्लाई रुकी, तो यह 140 डॉलर और यहां तक कि 150 डॉलर के पार भी पहुंच सकता है. सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर है, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है. अगर यह रास्ता बंद हुआ, तो दुनिया भर में तेल का अकाल पड़ सकता है. हिंदुस्तान की वित्तीय स्थिति पर क्या असर पड़ेगा? हिंदुस्तान अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है. अजय बग्गा के मुताबिक, तेल की कीमत में हर 10 डॉलर की बढ़ोतरी हिंदुस्तान के व्यापार घाटे को बढ़ाती है और महंगाई में 0.30% से 0.40% तक का इजाफा करती है. इससे न केवल पेट्रोल-डीजल महंगा होगा, बल्कि माल ढुलाई महंगी होने से खाने-पीने की चीजें भी महंगी हो सकती हैं. कौन से सेक्टर को होगा नुकसान और किसे फायदा? तेल महंगा होने से एविएशन (हवाई जहाज), पेंट, केमिकल और ऑटो सेक्टर पर बुरा असर पड़ेगा क्योंकि इनकी लागत बढ़ जाएगी. दूसरी ओर, तेल निकालने वाली कंपनियों, डिफेंस (रक्षा क्षेत्र) और आईटी सेक्टर को इससे कुछ हद तक फायदा मिल सकता है. निवेशकों को अब क्या करना चाहिए? 2026 में बदलती जियोपॉलिटिक्स को देखते हुए एक्सपर्ट्स की सलाह है कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो को स्ट्रेस-टेस्ट करें. यानी यह मानकर चलें कि तेल 120 डॉलर तक जा सकता है. ऐसे में गोल्ड और रियल एसेट में निवेश करना एक सुरक्षित ऑप्शन हो सकता है. ये भी पढ़ें: Share Market: ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ते ही सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम, करोड़ों की संपत्ति मिनटों में साफ The post स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव, दुनिया भर में तेल का अकाल पड़ने की आशंका appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

US मिलिट्री पावर: ईरान में 1000 ठिकाने तबाह, इन हथियारों से बरसाए बम-बारूद; पूरी लिस्ट

US Weapons used to attack Iran: अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान पर किए गए सैन्य हमलों में कई तरह के आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया. 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान पर बड़ा हमला किया था, जिसे Operation Epic Fury और Operation Roaring Lion नाम दिया है. इसके तहत अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर अटैक किया, जिनमें सुप्रीम लीडर खामेनेई और आईआरजीसी के ऑफिस को निशाना बनाया गया.  इन हमलों में अमेरिका ने नई तकनीक का भी सहारा लिया गया, जिसमें खतरनाक हथियारों से लेकर एआई टेक्निक भी शामिल रही.  रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान पर हमले के दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने Anthropic नाम की कंपनी की कृत्रिम बुद्धिमत्ता सेवाओं का उपयोग किया. इनमें उसके ‘क्लॉड’ नाम के टूल भी शामिल थे. हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि इन तकनीकों का इस्तेमाल युद्ध में किस तरह किया गया. इस मामले में न तो पेंटागन और न ही कंपनी ने कोई आधिकारिक बयान दिया. दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में अमेरिका ने Anthropic को सप्लाई चेन के लिए जोखिम और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से संभावित खतरा बताया था, और इसके बावजूद उसी की तकनीक का इस्तेमाल सैन्य कार्रवाई में किया गया. हवाई हमले और लड़ाकू क्षमता हवाई हमलों के लिए अमेरिका ने अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों और बमवर्षकों की तैनाती की. इसमें B-2 स्टील्थ बॉम्बर जैसे लंबी दूरी के स्टील्थ बमवर्षक शामिल रहे, जो गहरे और सुरक्षित ठिकानों पर हमला करने में सक्षम हैं. इनके साथ F-35 स्टील्थ फाइटर, F-22 स्टील्थ फाइटर, F-18 फाइटर जेट और F-16 फाइटर जेट जैसे तेज़ और बहु-भूमिका वाले विमान भी शामिल थे. जमीन पर सीधे हमलों के लिए A-10 अटैक जेट का इस्तेमाल किया गया, जबकि दुश्मन की रडार और संचार क्षमताओं को कमजोर करने के लिए EA-18G इलेक्ट्रॉनिक अटैक एयरक्राफ्ट को तैनात किया गया. रॉयटर्स की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अमेरिका ने अपने B-2 स्टील्थ बॉम्बर विमानों को सीधे अमेरिका से उड़ाकर ईरान के बेहद सुरक्षित और ज़मीन के नीचे बने मिसाइल ठिकानों पर भारी बम गिराए. इन बमों का वजन करीब 2000 पाउंड था. इससे पहले भी जून में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के दौरान ऐसे विमानों का इस्तेमाल किया गया था. Last night, U.S. B-2 stealth bombers, armed with 2,000 lb. bombs, struck Iran’s hardened ballistic missile facilities. No nation should ever doubt America’s resolve. pic.twitter.com/6JpG73lHYW — U.S. Central Command (@CENTCOM) March 1, 2026 ड्रोन, निगरानी और रक्षा प्रणाली हमलों के दौरान निगरानी और सटीक स्ट्राइक के लिए ड्रोन और जासूसी प्लेटफॉर्म अहम भूमिका में रहे. इनमें MQ-9 रीपर ड्रोन और लुकास (LUCAS) ड्रोन शामिल थे, जिनसे लंबी अवधि तक निगरानी और सटीक हमला संभव हुआ. खुफिया जानकारी जुटाने के लिए RC-135 टोही विमान और समुद्री इलाकों की निगरानी के लिए P-8 मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया गया. हवाई क्षेत्र की निगरानी और कमांड के लिए AWACS तैनात रहे, जबकि सुरक्षा के लिहाज से THAAD, पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइल सिस्टम, M-142 HIMARS और काउंटर-ड्रोन सिस्टम का सहारा लिया गया. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ऐसे ड्रोन भी इस्तेमाल किए, जो खुद को निशाने पर टकराकर विस्फोट कर देते हैं. ये ड्रोन दिखने में ईरान के शाहेद ड्रोन जैसे बताए जा रहे हैं. पहली बार US Central Command ने इस तरह के एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन इस्तेमाल करने की पुष्टि की. साथ ही, ईरान पर हमलों में F/A-18 और F-35 लड़ाकू विमानों की तस्वीरें और वीडियो भी जारी किए गए. सेना ने कहा कि हमले अभी भी जारी हैं. नौसैनिक शक्ति और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट समुद्र से संचालन और क्षेत्रीय नियंत्रण के लिए नौसैनिक शक्ति को भी सक्रिय रखा गया. इसमें परमाणु ऊर्जा से चलने वाले विमान वाहक पोत और गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर शामिल थे, जिन्हें रिफ्यूलिंग शिप्स से लगातार समर्थन मिला. लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए C-17 ग्लोबमास्टर और C-130 कार्गो विमान का उपयोग किया गया. इसके अलावा, लंबी उड़ानों के दौरान लड़ाकू विमानों को हवा में ईंधन देने के लिए रिफ्यूलिंग टैंकर एयरक्राफ्ट और संपर्क बनाए रखने के लिए एयरबोर्न कम्युनिकेशन रिले तैनात रहे. अमेरिकी नौसेना के जहाज़ों पर लगे एजिस कॉम्बैट सिस्टम से लैस स्टैंडर्ड मिसाइलों का इस्तेमाल समुद्र से आने वाले खतरों को रोकने के लिए किया गया. इन मिसाइलों से खाड़ी क्षेत्र में हवाई सुरक्षा को और मजबूती मिली. USS Gerald R. Ford (CVN 78), the world’s largest aircraft carrier, is in the fight with U.S. forces supporting Operation Epic Fury – launching aircraft from the Eastern Mediterranean Sea. pic.twitter.com/olehL4htW4 — U.S. Central Command (@CENTCOM) March 2, 2026 ये भी पढ़ें:- ईरान के खिलाफ हुए ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी, देंगे US-इजरायल का साथ, यूके पीएम ने दिए अपने मिलिट्री बेस रॉकेट मिसाइल और प्रतिरक्षा Business Insider की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि इस ऑपरेशन में अमेरिका ने कई अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों का इस्तेमाल किया. इनमें प्रमुख रूप से अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों ने लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाली टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दागीं. ये मिसाइलें समुद्री जहाज़ों, पनडुब्बियों और जमीन से लॉन्च की जा सकती हैं और करीब 1,000 मील दूर तक लक्ष्य भेदने में सक्षम होती हैं, चाहे दुश्मन की हवाई सुरक्षा कितनी भी मजबूत क्यों न हो.  जमीन पर तैनात अमेरिकी बलों ने HIMARS रॉकेट सिस्टम का उपयोग किया. यह एक हल्का और तेजी से मूव करने वाला मल्टी-रॉकेट लॉन्चर है, जो कम समय में हमला कर तुरंत स्थान बदल सकता है, ताकि जवाबी हमले से बचा जा सके.  ईरान की ओर से आने वाली मिसाइलों को रोकने के लिए अमेरिका ने पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किया. यह प्रणाली लड़ाकू विमानों, बैलिस्टिक मिसाइलों और क्रूज मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने में सक्षम है.  टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस सिस्टम (THAAD) का इस्तेमाल बैलिस्टिक मिसाइलों को उनके अंतिम चरण में मार गिराने के लिए किया गया. यह छोटी, मध्यम और इंटरमीडिएट रेंज की मिसाइलों को रोकने के लिए बनाया गया है. U.S. forces are taking bold action to eliminate imminent threats posed by the Iranian regime. Strikes continue. pic.twitter.com/z1x07D7APl — U.S. Central Command (@CENTCOM) March 2, 2026 बातचीत की टेबल पर आ रहा

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Share Market: ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ते ही सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम, करोड़ों की संपत्ति मिनटों में साफ

Share Market : सोमवार को देश के शेयर बाजारों की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों ने निवेशकों का भरोसा हिला दिया, जिसका सीधा असर बाजार पर दिखा. सेंसेक्स-निफ्टी में तेज गिरावट कारोबार की शुरुआत में Nifty 50 24,659 के स्तर पर खुला, जो 519 अंकों यानी करीब 2% की गिरावट थी. वहीं BSE Sensex 78,512 पर खुला और 2,775 अंक यानी 3.41% टूट गया. इससे साफ है कि बाजार में घबराहट का माहौल बना हुआ है. एक्सपर्ट की राय क्या है ? मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा के मुताबिक, दुनिया इस समय काफी अनिश्चित दौर से गुजर रही है और बाजार स्थिरता खोजने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर ईरान बातचीत फिर से शुरू करता है और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही जारी रहती है, तो बाजार में सुधार आ सकता है. उन्होंने तीन बड़े खतरे गिनाए. होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं. खाड़ी देशों में हिंदुस्तान के व्यापार पर असर पड़ सकता है. मिडिल ईस्ट में काम कर रहे करीब 90 लाख हिंदुस्तानीयों पर खतरा बढ़ सकता है. टेक्निकल संकेत क्या कहते हैं ? सेबी रजिस्टर्ड एनालिस्ट सुनील गुर्जर ने बताया कि इंडेक्स 200-EMA के नीचे चला गया है, जो लंबी अवधि की कमजोरी का संकेत है. अगर बाजार इसी स्तर के नीचे बंद होता रहा तो गिरावट और बढ़ सकती है. हालांकि, यहां से मजबूत रिकवरी भी संभव है. सभी सेक्टरों में बिकवाली एनएसई के बड़े इंडेक्स में भी गिरावट रही. निफ्टी 100: 2% से ज्यादा नीचे निफ्टी मिडकैप 100: 3.43% गिरा निफ्टी स्मॉलकैप 100: 3.78% टूटा सेक्टरों की बात करें तो ऑटो, FMCG और IT समेत लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में रहे. सोना-चांदी में तेजी जहां शेयर बाजार गिरा, वहीं सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने-चांदी में तेजी आई. 24 कैरेट सोना 3% बढ़कर ₹1,67,329 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया. चांदी भी करीब 3.89% बढ़कर ₹2,85,700 प्रति किलो हो गई. एशिया और अमेरिका के बाजार भी कमजोर एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली. जापान, सिंगापुर और हांगकांग के प्रमुख इंडेक्स नीचे रहे. वहीं अमेरिका में भी दबाव दिखा. S&P 500 और Nasdaq Composite में भी गिरावट दर्ज की गई. Also Read: ईरान-इजराइल युद्ध का असर, जानें क्या है आज सोना-चांदी के लेटेस्ट रेट्स The post Share Market: ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ते ही सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम, करोड़ों की संपत्ति मिनटों में साफ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पाकिस्तान धुआं–धुआं, अफगानिस्तान ने नूर खान एयरबेस को किया टारगेट

Afghanistan-Pakistan War: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है. पाकिस्तान पर हमले किए गए हैं, लेकिन पाक ने अभी तक अफगानिस्तान के इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है. अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को दावा किया कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए. इनमें रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस भी शामिल है. इससे पहले हिंदुस्तान के Operation Sindoor के दौरान इसे निशाना बनाया गया था. अफगानिस्तान के अनुसार, यह कार्रवाई काबुल और बगराम में हालिया पाकिस्तानी हवाई घुसपैठ के जवाब में की गई. अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है कि उसकी वायुसेना ने एक ही अभियान में पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيمِفَمَنِ اعْتَدَىٰ عَلَيْكُمْ فَاعْتَدُوا عَلَيْهِ بِمِثْلِ مَا اعْتَدَىٰ عَلَيْكُمْ Today, the Air Force of the Ministry of National Defense conducted precise and coordinated aerial operations against key military installations in Pakistan.. pic.twitter.com/i9ctZPxjgK — د ملي دفاع وزارت – وزارت دفاع ملی (@MoDAfghanistan2) March 1, 2026 अफगानिस्तान ने कहां किया टारगेट अफगानिस्तान ने कहा कि हमले के टारगेट में रावलपिंडी स्थित Nur Khan Airbase, बलूचिस्तान के क्वेटा में 12वीं डिवीजन मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मद एजेंसी में ख्वाजाई कैंप शामिल हैं. इसके अलावा, बयान में कहा गया कि पाकिस्तान के कई अन्य महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठानों और कमांड सेंटरों पर भी सटीक कार्रवाई की गई. بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيمِ فَمَنِ اعْتَدَىٰ عَلَيْكُمْ فَاعْتَدُوا عَلَيْهِ بِمِثْلِ مَا اعْتَدَىٰ عَلَيْكُمْ قوای هوایی وزارت دفاع ملی، امروز بار دیگر حملات هوایی مؤثری را بر پایگاه‌های مهم نظامی در پاکستان انجام دادند. این حملات پایگاه نورخان در راولپندی،… pic.twitter.com/KQJL4MJEhE — د ملي دفاع وزارت – وزارت دفاع ملی (@MoDAfghanistan2) March 1, 2026 यह भी पढ़ें : खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में बवाल, अमेरिकी दूतावास में घुसी भीड़, 9 की मौत अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों ने टारगेट किए गए ठिकानों को खासा नुकसान पहुंचा है. अफगानिस्तान ने उन बेस को अपने टारगेट में रखा जहां से हमले किए जा रहे थे. The post पाकिस्तान धुआं–धुआं, अफगानिस्तान ने नूर खान एयरबेस को किया टारगेट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ईरान के खिलाफ हुए ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी, देंगे US-इजरायल का साथ, यूके पीएम ने दिए अपने मिलिट्री बेस

Iran Israel War: ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के साथ ही अब यूरोप भी जुड़ रहा है. ब्रिटेन समेत फ्रांस और जर्मनी ने रविवार को कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे खाड़ी क्षेत्र में अपने हितों और अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए ईरान के खिलाफ ‘रक्षात्मक कार्रवाई’ करने को तैयार हैं. हालांकि, पहले ब्रिटेन ने अमेरिका का इस युद्ध में किसी तरह की सहायता करने से इनकार किया था, लेकिन बदलती परिस्थिति में अब वह भी साथ आ गया है.  ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के नेताओं ने इस योजना पर एक साझा बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि वे ‘ईरान द्वारा क्षेत्र के देशों पर किए गए अंधाधुंध और असंगत मिसाइल हमलों से स्तब्ध हैं, जिनमें वे देश भी शामिल हैं जो अमेरिका और इजरायल की शुरुआती सैन्य कार्रवाइयों में शामिल नहीं थे. उन्होंने कहा कि ईरान के लापरवाह हमलों ने हमारे करीबी सहयोगियों को निशाना बनाया है और पूरे क्षेत्र में हमारे सैन्य कर्मियों तथा आम नागरिकों के लिए खतरा पैदा किया है.’ उन्होंने आगे कहा कि हम ईरान से अपील करते हैं कि वह तुरंत इन लापरवाह हमलों को रोके. बयान में आगे कहा गया कि हम क्षेत्र में अपने हितों और अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए कदम उठाएंगे,  ताकि ईरान की मिसाइलों और ड्रोन दागने की क्षमता को उनके स्रोत पर ही नष्ट किया जा सके.’ तीनों देशों ने कहा, ‘हमने इस मुद्दे पर अमेरिका और क्षेत्र के सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई है.’ ईरान के हमलों में उत्तरी इराक के एरबिल के पास स्थित एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अड्डा और जॉर्डन के पूर्वी हिस्से में जर्मन सेना का एक शिविर प्रभावित हुआ है. जर्मन सेना के एक प्रवक्ता ने मीडिया रिपोर्टों की पुष्टि करते हुए यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. ब्रिटिश ठिकानों का उपयोग वहीं, ब्रिटेन ने अमेरिका के उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया है, जिसके तहत अमेरिकी सेना को ब्रिटिश सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति दी जाएगी. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि अमेरिका को ब्रिटिश ठिकानों का उपयोग ईरान के मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाने के लिए करने दिया जाएगा, ताकि पूरे क्षेत्र में आगे होने वाले हमलों को रोका जा सके. उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान पर हुए शुरुआती अमेरिका-इजरायल हमलों में ब्रिटेन की कोई भूमिका नहीं थी और वह ‘अब किसी भी आक्रामक कार्रवाई में शामिल नहीं होगा.’ स्टारमर ने कहा कि यह कदम ‘सामूहिक आत्मरक्षा’ के सिद्धांत पर आधारित है और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप है. साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रशासन अपने कानूनी परामर्श का एक सार सार्वजनिक करेगी. My update on the situation in the Middle East. pic.twitter.com/DvsOVcTDMy — Keir Starmer (@Keir_Starmer) March 1, 2026 BBC की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका जिन ठिकानों का उपयोग कर सकता है, उनमें ग्लॉस्टरशायर स्थित आरएएफ फेयरफोर्ड और हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया शामिल हैं. इन दोनों ठिकानों का उपयोग पहले भी अमेरिका की लंबी दूरी की बमबारी अभियानों के लिए किया जा चुका है. ट्रंप ने पहले कहा था कि अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो अमेरिका को इन बेसेज की जरूरत पड़ सकती है.  ये भी पढ़ें:- ईरान में तबाही के बीच अमेरिका में गोलीबारी, 3 की मौत 14 घायल; हमलावर ने ‘पॉपर्टी ऑफ अल्लाह’ वाली हुडी पहनी थी अमेरिका-इजरायल हमले पर ईरान की प्रतिक्रिया अमेरिका और इजरायल ने शनिवार तड़के ईरान पर हमले शुरू किए थे. इसमें ईरान को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो चुकी है, साथ ही ईरान में अब तक मरने वालों की संख्या 200 से ज्यादा पहुंच चुकी है. इसके बाद से तेहरान ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत अमेरिकी ठिकानों और उन देशों पर हमले किए हैं, जहां अमेरिकी सेनाएं तैनात हैं.  इनमें बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और इराक शामिल हैं. इसके साथ ही यरुशलम और तेल अवीव में धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं. इजरायली बचाव सेवाओं के अनुसार, बेत शेमेश शहर में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई. इसके साथ ही अमेरिका के ऑपरेशन के जवाब में ईरान के हमले में 3 यूएस सैनिक मारे गए हैं, जबकि 5 गंभीर रूप से घायल हुए हैं. ये भी पढ़ें:- क्या खामेनेई को मार के ट्रंप ने बड़ी भूल कर दी? आ सकता है जलजला; 8 पॉइंट्स ईरान ने बदले की खाई है कसम ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने आयातुल्ला खामेनेई की हत्या को ‘मुसलमानों के खिलाफ युद्ध की घोषणा’ करार दिया और चेतावनी दी, ‘ईरान इस ऐतिहासिक अपराध के दोषियों और साजिशकर्ताओं से बदला लेना अपना वैध कर्तव्य और अधिकार मानता है.’ वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को अमेरिकी चैनल एबीसी न्यूज से कहा, ‘हम किसी भी कीमत पर अपनी रक्षा कर रहे हैं और अपने लोगों की सुरक्षा के लिए हमारे लिए कोई सीमा नहीं है.’ हालांकि, ट्रंप ने इसके बाद ईरान को फिर से चेतावनी दी कि अगर ईरान हमला बंद नहीं करता है, तो उसके खिलाफ ऐसा हमला किया जाएगा, जैसा दुनिया में किसी ने नहीं देखा होगा.  The post ईरान के खिलाफ हुए ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी, देंगे US-इजरायल का साथ, यूके पीएम ने दिए अपने मिलिट्री बेस appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Mahindra XEV 9e Cineluxe Edition: ₹29.35 लाख में मिलेगा स्टाइल और परफॉर्मेंस का पैकेज

इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए Mahindra ने XEV 9e का नया Cineluxe Edition पेश किया है. यह एडिशन सिर्फ एक नया वेरिएंट नहीं, बल्कि स्टाइल और प्रीमियम फील का खास पैकेज है, जो मौजूदा टॉप ट्रिम पर बेस्ड है. 29.35 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उतारा गया यह मॉडल उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर लाया गया है, जो दमदार रेंज के साथ एक्सक्लूसिव लुक भी चाहते हैं. इसकी बुकिंग 2 मार्च से शुरू होगी और डिलीवरी 10 मार्च 2026 से दी जाएगी. आइए जानते हैं कि यह एडिशन स्टैंडर्ड मॉडल से कितना अलग है. स्टाइलिंग में क्या नया? Cineluxe Edition में मैकेनिकल बदलाव नहीं किए गए हैं, लेकिन एक्सटीरियर और इंटीरियर में खास कॉस्मेटिक अपडेट्स दिए गए हैं. एक्सटीरियर में सबसे बड़ा बदलाव इसके दो नए मोनोटोन कलर Satin Black और Satin White ऑप्शन है. Satin Black शेड SUV को बोल्ड और स्टेल्थ लुक देता है, जबकि Satin White कलर के साथ ग्लॉस ब्लैक बॉडी क्लैडिंग इसे और ज्यादा प्रीमियम अपील देती है. इसके अलावा रियर पिलर पर दिया गया ‘Cineluxe’ बैज इस खास एडिशन की अलग पहचान बनाता है. बाकी डिजाइन एलिमेंट्स टॉप Pack Three ट्रिम जैसे ही रखे गए हैं. इसमें 19-इंच अलॉय व्हील्स, फुल-LED हेडलैंप और टेललैंप मिलते हैं, जो इसे मॉडर्न लुक देते हैं. साथ ही पावर्ड टेलगेट जैसी सुविधा रोजमर्रा के इस्तेमाल को और ज्यादा आसान बनाती है. वहीं, Cineluxe Edition के केबिन में प्रीमियम फील को और बेहतर बनाने के लिए Chestnut Brown और Nocturne Black का नया टू-टोन थीम दिया गया है. लेदरैट सीट्स पर ब्राउन स्टिचिंग और डैशबोर्ड व स्टीयरिंग पर कॉन्ट्रास्ट स्टिचिंग इसे एक क्लासी और अपमार्केट लुक देती है. यह कलर कॉम्बिनेशन केबिन को बाकी वेरिएंट्स से अलग पहचान देता है. इसके अलावा इसमें दो-स्पोक स्टीयरिंग व्हील और स्टबी गियर सेलेक्टर जैसे मॉडर्न डिजाइन एलिमेंट्स मिलते हैं, जो इंटीरियर को फ्यूचरिस्टिक टच देते हैं. फीचर्स के मामले में यह वेरिएंट Pack Three ट्रिम जैसा ही फुली-लोडेड है, यानी टेक्नोलॉजी और कम्फर्ट से कोई समझौता नहीं किया गया है. पावरट्रेन और रेंज Cineluxe Edition केवल 79kWh लिथियम-आयन बैटरी पैक के साथ अवेलेबल है, जो इस SUV को दमदार रेंज और परफॉर्मेंस दोनों देता है. कंपनी के मुताबिक यह वेरिएंट करीब 500km की मैक्सिमम रेंज देने में कैपेबल है. हालांकि एक्चुअल टेस्ट में इसकी रेंज लगभग 456km दर्ज की गई है. इसमें रियर-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर दी गई है, जो 286hp की पावर और 380Nm का टॉर्क जेनरेट करती है. परफॉर्मेंस के लिहाज से यह SUV 0 से 100km प्रति घंटा की रफ्तार सिर्फ 7.45 सेकेंड में पकड़ लेती है, जो इसे अपने सेगमेंट में काफी तेज बनाता है. कीमत 29.35 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर यह वेरिएंट 59kWh Pack Three Select (28.65 लाख रुपये) और 79kWh Pack Three (31.25 लाख रुपये) के बीच में आता है. चार्जर ऑपशंस ऑफिशियली कन्फर्म नहीं किए गए हैं, लेकिन स्टैंडर्ड मॉडल में 7.2kW AC (50,000 रुपये) और 11kW AC (75,000 रुपये) चार्जर का ऑप्शन मिलता है. यह भी पढ़ें: 160hp पावर और लेवल 2 ADAS के साथ आ रही है नई Renault Duster The post Mahindra XEV 9e Cineluxe Edition: ₹29.35 लाख में मिलेगा स्टाइल और परफॉर्मेंस का पैकेज appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

होलिका दहन की रात आज, जानिए आपकी राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव

Holika Dahan 2026: होलिका दहन का पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है. यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. होलिका दहन की शाम लोग होला या होलिका माता की पूजा करते हैं. इसके बाद शुभ मुहूर्त में उसमें अग्नि प्रज्वलित की जाती है. होलिका दहन हमेशा रात में की जाती है, दिन में नहीं. इस बार होलिका दहन आज 2 मार्च की रात को होगा. होलिका दहन के साथ बुराइयों का विनाश होता है और सच्चाई की विजय होती है. पौराणिक कथा के अनुसार, भक्त प्रह्लाद की भक्ति और भगवान विष्णु की कृपा से होलिका का अंत हुआ और सत्य की विजय हुई. यही कारण है कि इस रात को नकारात्मक ऊर्जा के दहन और सकारात्मक शुरुआत का समय माना जाता है. ज्योतिष के अनुसार, इस रात अग्नि, ग्रहों की स्थिति और चंद्रमा का विशेष प्रभाव राशियों पर पड़ता है. आइए जानते हैं, इस पावन रात का आपकी राशि पर क्या असर हो सकता है. अग्नि तत्व और ग्रहों की ऊर्जा होलिका दहन की अग्नि को शुद्धिकरण का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि इस अग्नि के दर्शन और परिक्रमा करने से ग्रह दोष शांत होते हैं. यदि आपकी कुंडली में राहु, केतु या शनि से संबंधित बाधाएं चल रही हैं, तो इस रात सच्चे मन से प्रार्थना करना लाभकारी हो सकता है. अग्नि में अर्पित की गई सामग्री नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने का संकेत देती है. मेष राशि (Aries) होलिका दहन की रात आपके लिए नई ऊर्जा लेकर आएगी. लंबे समय से रुके काम पूरे होने के संकेत हैं. करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं. हालांकि गुस्से और जल्दबाजी से बचें. अग्नि की परिक्रमा कर “ॐ नमः शिवाय” का जाप करना लाभकारी रहेगा. वृष राशि (Taurus) आर्थिक मामलों में सुधार के योग बन रहे हैं. यदि निवेश की योजना है तो सोच-समझकर निर्णय लें. पारिवारिक रिश्तों में मधुरता आएगी. होलिका की राख का तिलक लगाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ेगी. मिथुन राशि (Gemini) संचार और संबंधों के लिए यह समय शुभ है. नए संपर्क भविष्य में लाभ दे सकते हैं. मन में चल रही उलझन दूर होगी. इस रात नकारात्मक विचारों को त्यागने का संकल्प लें. कर्क राशि (Cancer) भावनात्मक रूप से यह रात आपको राहत दे सकती है. पुराने तनाव खत्म होने के संकेत हैं. परिवार के साथ समय बिताना अच्छा रहेगा. चंद्रमा को अर्घ्य देना शुभ फलदायी होगा. सिंह राशि (Leo) नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ेगा. समाज में मान-सम्मान मिल सकता है. करियर में नई जिम्मेदारी मिल सकती है. अग्नि में गुड़ और तिल अर्पित करना शुभ रहेगा. कन्या राशि (Virgo) कामकाज में स्थिरता आएगी. स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें. आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें. होलिका दहन के समय प्रार्थना करने से मन की शांति मिलेगी. तुला राशि (Libra) संबंधों में संतुलन बनाना जरूरी होगा. दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी. नई साझेदारी के योग हैं. इस रात दीपदान करना आपके लिए शुभ रहेगा. वृश्चिक राशि (Scorpio) गुप्त चिंताएं दूर हो सकती हैं. आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी. धन लाभ के छोटे अवसर मिल सकते हैं. अग्नि की परिक्रमा कर सकारात्मक संकल्प लें. धनु राशि (Sagittarius) भाग्य आपका साथ दे सकता है. यात्रा के योग बन रहे हैं. शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिल सकती है. गुरु मंत्र का जाप लाभ देगा. मकर राशि (Capricorn) कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. मेहनत का फल मिलने का समय है. परिवार में शांति बनाए रखें. होलिका की राख घर लाना शुभ रहेगा. कुंभ राशि (Aquarius) नवीन विचार और योजनाएं सफल हो सकती हैं. सामाजिक क्षेत्र में सक्रियता बढ़ेगी. मित्रों से सहयोग मिलेगा. जरूरतमंद को दान करना शुभ रहेगा. मीन राशि (Pisces) आध्यात्मिक उन्नति का समय है. मन की शांति और सकारात्मकता बढ़ेगी. आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें. होलिका दहन के समय भगवान का ध्यान करना लाभकारी रहेगा. होलिका दहन की पावन रात को नकारात्मकता छोड़कर नई शुरुआत का संकल्प लें. श्रद्धा और संयम से किए गए उपाय हर राशि के लिए शुभ फल दे सकते हैं. ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा25+ वर्षों का अनुभव | ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ The post होलिका दहन की रात आज, जानिए आपकी राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

10 घंटे की पढ़ाई में 100% दिया! कौन हैं दीक्षा गोयल? AIR 1 लाकर रचा इतिहास

CA Final Topper 2026: दि इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने जनवरी में हुई सीए फाइनल परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है. रिजल्ट देखने के लिए कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट icai.nic.in पर जाएं. इस बार के रिजल्ट में लड़कियों ने अच्छा परफॉर्म किया है. हरियाणा से आने वाले दीक्षा गोयल ने ऑल इंडिया रैंक-1 लाकर इतिहास रच दिया. 10 घंटे से ज्यादा नहीं पढ़ती थी दीक्षा हरियाणा के करनाल जिले की रहने वाली है. दीक्षा ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि वे कभी भी 10 घंटे से ज्यादा पढ़ाती नहीं करती थीं. उन्होंने कहा कि जरूरी ये है कि 10 घंटे की पढ़ाई में अपना 100 प्रतिशत दें. पढ़ाई के दौरान मन को भटकने न दें और कोई दूसरा काम न करें, सिर्फ अपनी पढ़ाई पर फोकस रखें. कड़ी मेहनत के साथ-साथ स्मार्ट वर्क भी करें. अगर आप उन 10 घंटों में पूरी लगन से पढ़ेंगे, तो आपको 14 घंटे या उससे ज्यादा पढ़ाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. एक महीने में दो दिन का ब्रेक लेती थीं उन्होंने यह भी बताया कि दिमाग को तरोताजा रखने के लिए वह हर महीने खुद को दो दिन का ब्रेक देती थीं. इन दो दिनों में वे परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताती थीं, बाहर घूमने जाती थीं, शॉपिंग करती थीं या स्पोर्ट्सती थीं. ये दो दिन खुद को रिफ्रेश करने के लिए होते थे. मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस ने की मदद दीक्षा ने परीक्षा से पहले कई सारे मॉक टेस्ट दिए, जिसने उन्हें स्कोर करने में मदद की. उन्होंने बताया कि उन्हें खुद पर डाउट बहुत था. लेकिन रिवीजन और मॉक टेस्ट ने उन्हें AIR – 1 लाने में मदद की. देखें सीए परीक्षा का टोटल पास प्रतिशत CA परीक्षा के ग्रुप I का कुल पास प्रतिशत 21.03% (53,652 में से 11,282 अभ्यर्थी) दर्ज किया गया है, जबकि ग्रुप II का पास प्रतिशत 9.76% (38,169 में से 3,726 अभ्यर्थी) रहा. दोनों ग्रुप को मिलाकर कुल पास प्रतिशत 10.97% (22,293 में से 2,446 अभ्यर्थी) है. देखें टॉपर्स के नाम AIR 1: दीक्षा गोयल – 486 अंक (81%) AIR 2: अनिरुद्ध गर्ग – 452 अंक (75.33%) AIR 3 (संयुक्त): ऋषभ जैन – 451 अंक (75.17%) AIR 3 (संयुक्त): ध्रुव डेंबला – 451 अंक (75.17%) कब हुई थी सीए फाइनल परीक्षा? आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, ICAI ने सीए फाइनल जनवरी सत्र 2026 की परीक्षाएं 5 जनवरी से 16 जनवरी 2026 के बीच आयोजित की थीं. ग्रुप 1 की परीक्षाएं 5, 7 और 9 जनवरी को हुईं, जबकि ग्रुप 2 की परीक्षाएं 11, 13 और 16 जनवरी 2026 को आयोजित की गईं. यह भी पढ़ें- इस IRS अफसर ने बदल दी पीरियड्स की सोच, 15000 लड़कियों तक पहुंचाए री-यूजेबल पैड्स The post 10 घंटे की पढ़ाई में 100% दिया! कौन हैं दीक्षा गोयल? AIR 1 लाकर रचा इतिहास appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पीएम मोदी ने बेंजामिन नेतन्याहू से की बात, कहा- शांति बहाली के प्रयास तेज किए जाने चाहिए

Israel Iran War : पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोन पर बातचीत की. उनसे वर्तमान क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की. हालिया घटनाक्रम को लेकर हिंदुस्तान ने अपनी चिंताएं व्यक्त कीं और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया. शांति बहाली के प्रयास तेज किए जाने चाहिए. Had a telephone call with PM Benjamin Netanyahu to discuss the current regional situation. Conveyed India’s concerns over recent developments and emphasised the safety of civilians as a priority. India reiterates the need for an early cessation of hostilities.@netanyahu — Narendra Modi (@narendramodi) March 1, 2026 प्रधानमंत्री मोदी ने नेतन्याहू से कहा कि हिंदुस्तान चाहता है कि शत्रुता रुके और हालात सामान्य करने की दिशा में तुरंत कदम उठाए जाएं. यह भी पढ़ें : कौन हैं अयातुल्ला अलीरेजा अराफी, जिन्हें बनाया गया है ईरान का कार्यवाहक सुप्रीम लीडर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की हुई बैठक प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में रविवार शाम कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक हुई. इसमें पश्चिम एशिया की बिगड़ती स्थिति की समीक्षा की गई. समिति को 28 फरवरी को ईरान पर हुए हवाई हमलों और उसके बाद कई खाड़ी देशों में बढ़े तनाव की जानकारी दी गई. क्षेत्र में रह रहे बड़ी संख्या में हिंदुस्तानीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई. The Cabinet Committee on Security (CCS) met last evening under the chairmanship of Prime Minister Narendra Modi to review the evolving situation in West Asia. The Committee was briefed on the air strikes in Iran on 28 February and the subsequent escalation, including attacks in… pic.twitter.com/ViKb3he9EJ — ANI (@ANI) March 2, 2026 मोदी के राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु और पुडुचेरी के दो दिवसीय दौरे के बाद रात लगभग साढ़े नौ बजे दिल्ली पहुंचने के तुरंत बाद सीसीएस की बैठक आयोजित की गई. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत समिति के सदस्य उपस्थित थे. The post पीएम मोदी ने बेंजामिन नेतन्याहू से की बात, कहा- शांति बहाली के प्रयास तेज किए जाने चाहिए appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सावधान! झारखंड के शहर बन रहे हीट आईलैंड, पैदा हो रहा स्वास्थ्य संबंधी खतरा

रांची के मनोज सिंह की रिपोर्ट Climate Changing: अगर आप झारखंड के किसी शहर में रहते हैं, तो आपके लिए एक खतरनाक समाचार है. वह यह है कि राज्य के कई शहरों में अर्बन हीट आईलैंड का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. एक हालिया अध्ययन में सामने आया है कि शहरी क्षेत्रों का तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य सहित कई तरह के जोखिम पैदा हो सकते हैं. यह अध्ययन झारखंड प्रशासन के वन विभाग ने केंद्र प्रशासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से कराया है. इसमें राज्य के पांच प्रमुख शहरों और उनके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के तापमान अंतर का विश्लेषण किया गया है. अध्ययन में पाया गया है कि शहरों और गांवों के तापमान में 1.5 से 2 डिग्री सेल्सियस तक का अंतर हो चुका है. इससे शहरी इलाकों में हीट आईलैंड बनने का खतरा बढ़ गया है. अध्ययन में 1984 से 2024 तक का आंकड़ा अध्ययन में इससे निपटने के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाने की सिफारिश की गयी है. रिसर्च में 1984 से 2024 तक के आंकड़ों को शामिल किया गया है. वन विभाग ने रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और हजारीबाग का अध्ययन कराया है. यह राज्य में अपनी तरह का पहला व्यवस्थित अध्ययन है, जिसमें सरफेस अर्बन हीट आईलैंड की घटना का विस्तृत विश्लेषण किया गया है. रिपोर्ट में हाई-रिजॉल्यूशन रिमोट सेंसिंग डेटा का उपयोग कर लैंड सरफेस टेंपरेचर (एलएसटी) मापा गया है. रांची-जमशेदपुर में सबसे अधिक तापमान अध्ययन के अनुसार जमशेदपुर में शहरी और ग्रामीण एलएसटी के बीच सबसे अधिक अंतर, लगभग 1.5 से 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. रांची में भी यह अंतर लगभग 1.5 से 2 डिग्री सेल्सियस है. हालांकि मानव स्वास्थ्य पर बढ़ते खतरे के मामले में जमशेदपुर सबसे अधिक प्रभावित पाया गया है. हजारीबाग और धनबाद जैसे शहरों में शहरी और ग्रामीण तापमान का अंतर सबसे कम, लगभग 0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. मानव स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा रिपोर्ट में वेट-बल्ब ग्लोब टेंपरेचर (डब्ल्यूबीजीटी) के बढ़ते स्तर पर विशेष जोर दिया गया है. डब्ल्यूबीजीटी का आकलन तापमान, आर्द्रता, हवा की गति और सौर विकिरण को ध्यान में रखकर किया जाता है. अध्ययन से पता चलता है कि सभी शहरों में डब्ल्यूबीजीटी के स्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और खुले में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर और बढ़ता जोखिम है. क्या हैं मुख्य कारण रिपोर्ट के अनुसार, शहरीकरण की तेज रफ्तार, वनस्पति आवरण में कमी, जल निकायों का खत्म होना और कंक्रीट संरचनाओं के बढ़ते विस्तार ने शहरी परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है. इसके कारण शहरी क्षेत्र आसपास के ग्रामीण इलाकों की तुलना में कहीं अधिक गर्म हो रहे हैं. अध्ययन में यह स्पष्ट किया गया है कि बिल्ट-अप क्षेत्र में वृद्धि और हरित आवरण में कमी ही एलएसटी में स्थानिक भिन्नता का मुख्य कारण है. प्रशासन से सिफारिश शहरी ताप की चुनौती से निपटने के लिए नगर प्रशासन, टाउन प्लानर और नीति-निर्माताओं को मिलकर काम करना होगा. गर्मी अनुकूलन रणनीतियों के लिए वैज्ञानिक जानकारी का व्यापक प्रसार जरूरी है. अर्बन फॉरेस्ट्री कार्यक्रम शुरू करने की जरूरत है. शहरी क्षेत्रों में ग्रीन बिल्डिंग को अनिवार्य बनाने की सिफारिश की गई है. ग्रीन बिल्डिंग के लिए मैनुअल तैयार कर उसकी सख्त मॉनिटरिंग करनी होगी. इको-होम जैसी अवधारणाओं को बढ़ावा देने और प्रोत्साहन देने की जरूरत है. सिफारिश में क्लीन ट्रांसपोर्ट पॉलिसी लागू करने पर जोर दिया गया है. इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की सिफारिश की गई है. इसे भी पढ़ें: झारखंड मेयर चुनाव परिणामों ने नेतृत्वक चाणक्यों को चौंकाया, हिल गए दलों के पारंपरिक गढ़ क्या कहते हैं अधिकारी कैंपा के एपीसीसीएफ रवि रंजन ने कहा कि यह अध्ययन केंद्र प्रशासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जलवायु परिवर्तन पर रणनीतिक ज्ञान के लिए राष्ट्रीय मिशन के तहत किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य नीति-निर्माताओं, नगर निगमों, शहरी योजनाकारों और आम नागरिकों के बीच ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन से जुड़े अहम तथ्यों का प्रसार करना है, ताकि इससे होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावी नीतिगत निर्णय लिए जा सकें. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग के प्रशासनी रेजिडेंशियल गर्ल्स स्कूलों में निर्धारित डेडलाइन में होगा एडमिशन, समीक्षा बैठक The post सावधान! झारखंड के शहर बन रहे हीट आईलैंड, पैदा हो रहा स्वास्थ्य संबंधी खतरा appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top