Hot News

April 15, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

RCB vs LSG, IPL 2026: आरसीबी ने लखनऊ को 5 विकेट से रौंदा, गेंदबाजों के बाद कहर बनकर टूटे कोहली

RCB vs LSG, IPL 2026: आरसीबी ने लखनऊ को पहले 146 के स्कोर पर ढेर किया, फिर 15.1 ओवर में 5 विकेट खोकर 149 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया. गेंदबाजों के बाद आरसीबी के बल्लेबाजों ने भी लखनऊ पर कहर बरपाया. विराट कोहली ने स्पोर्ट्सी 49 रनों की तूफानी पारी इंपैक्ट प्लेयर के रूप में टीम में शामिल विराट कोहली ने 49 रनों की तूफानी पारी स्पोर्ट्सी. उन्होंने 34 गेंदों का सामना किया, जिसमें 6 चौके और एक छक्का जमाया. हालांकि वो अपना अर्धशतक पूरा नहीं कर पाए और अवेश खान की गेंद पर आउट हो गए. आरसीबी की ओर से रजत पाटीदार 27, जितेश शर्मा 23, टिम डेविड 14 और रोमारियो शेफर्ड ने भी 14 रन बनाया. डेविड और शेफर्ड आखिर तक आउट नहीं हुए. भुवनेश्वर कुमार और रासिख सलाम डार की घातक गेंदबाजी आरसीबी की ओर से भुवनेश्वर कुमार और रासिख सलाम डार ने घातक गेंदबाजी की. डार ने 4 ओवर में 24 रन देकर चार विकेट चटकाया. जबकि भुवी ने 4 ओवर में 27 रन देकर तीन बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया. जोश हेजलवुड ने एक और क्रुणाल पंड्या ने दो विकेट लिए. लखनऊ की ओर से मिशेल मार्श, आयुष बडोनी और मुकुल चौधरी ने स्पोर्ट्सी अच्छी पारी लखनऊ की ओर से मिशेल मार्श, आयुष बडोनी और मुकुल चौधरी ने स्पोर्ट्सी अच्छी पारी स्पोर्ट्सी. मार्श ने 40, बडोनी ने 38 और मुकुल ने 39 रन की पारी स्पोर्ट्सी. इसके अलावा एडेन मार्कराम केवल 12 रन बनकार आउट हुए. कप्तान ऋषभ पंत एक रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हो गए. जोश हेजलवुड की गेंद पंत के बाईं कोहनी पर लगी और दर्द से झटपटाने लगे. पंत ने 6 गेंदों का सामना किया. लखनऊ से राजकुमार यादव ने तीन और आवेश खान ने दो विकेट चटकाए. The post RCB vs LSG, IPL 2026: आरसीबी ने लखनऊ को 5 विकेट से रौंदा, गेंदबाजों के बाद कहर बनकर टूटे कोहली appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

दर्द से छटपटा उठे ऋषभ पंत, जोश हेजलवुड की गेंद बाईं कोहनी पर लगी, कराहते हुए छोड़ा मैदान

Rishabh Pant Retire Hurt: RCB के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड की गेंद पंत के बाएं हाथ की कोहनी पर लगी. गेंद शॉर्ट थी और ऑफ-स्टंप के बाहर थी. पंत ने जोरदार शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के अंदरूनी किनारे से लगकर कीपर की तरफ चली गई. पंत गेंद को ठीक से कनेक्ट नहीं कर पाए. रीप्ले में दिखा कि गेंद उनकी बाईं कोहनी पर लगी थी. दर्द से कराहने लगे पंत, हेजलवुड ने पंत की थपथपाई पीठ चोट लगने के बाद ऋषभ पंत मैदान से बाहर चले गए. पंत अपना खाता भी नहीं खोल पाए थे. पंत को जोरदार चोट लगी थी. वो दर्द से कराह रहे थे. पंत जब मैदान से बाहर जा रहे थे, उस वक्त हेजलवुड ने उनकी पीठ थपथपाई. उसपर पंत ने उनकी ओर देखा, उस समय पंत की आंखों में आंसू आ गए. पट्टी बांधकर मैदान पर उतरे पंत चोटिल होकर ऋषभ पंत मैदान से बाहर तो गए, लेकिन 16वें ओवर में अपनी बाईं कोहनी पर पट्टी बांधकर फिर से मैदान में उतर गए. हालांकि वो बहुत देर तक क्रीज पर नहीं रह पाए. भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर केवल एक रन बनाकर आउट हो गए. उन्होंने 6 गेंदों का सामना किया. The post दर्द से छटपटा उठे ऋषभ पंत, जोश हेजलवुड की गेंद बाईं कोहनी पर लगी, कराहते हुए छोड़ा मैदान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सम्राट चौधरी के सर ‘कांटों का ताज’, केवल ‘3C’ नहीं! इन्‍हें कैसे साधेंगे मुख्‍यमंत्री बिहार?

Samrat Choudhary : सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. इसके साथ ही अब चुनौतियों का असली स्पोर्ट्स शुरू हो गया है. उनके सामने केवल पूर्व मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के विकास मॉडल की लकीर नहीं  बल्कि ‘3C’ मॉडल वाली चुनौती भी है. सम्राट चौधरी के कंधे पर इससे भी बड़ी जिम्‍मेदारी ‘परिवर्तन काल’ को पहचान देने की है. वर्ना यह ‘परिवर्तन काल’ केवल ‘पावर शिफ्ट’ बनकर रह जाएगा. Corruption : सिस्टम में गहराई तक जड़ें पूर्व मुख्‍यमंत्री Nitish Kumar ने 20 साल जबरदस्‍त काम किए. बिहार का विकास भी किया. लेकिन इस दौरान उनके शासनकाल की सबसे बड़ी कमजोरी यह रही कि यहां बेलगाम भ्रष्‍टाचार देखने को मिला. नतीजा ये रहा कि बिहार में जमीनों के रेट दिल्‍ली जैसे महानगरों से ज्‍यादा हैं. वहीं, दूसरी ओर जमीनों की खरीद फरोख्‍त मनमाने ढंग से की जा रही है. इधर, हाल के वर्षों में निगरानी एजेंसियों और छापेमारी में जो संपत्ति के जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने प्रशासनिक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. प्रशासनी कर्मचारियों बेतहाशा संपत्ति के खुलासे इस बात के प्रमाण हैं. भ्रष्‍ट सिस्‍टम से जनता परेशान एक तरफ अधिकारियों का भ्रष्‍टाचार तो वहीं, हर प्रशासनी दफ्तर में भ्रष्‍ट कार्य प्रणाली ने नीतीश कुमार की छवि को काफी नुकसान पहुंचाया है. बिहार की नेतृत्व को समझने वालों का मानना है कि नीतीश कुमार का विकल्‍प न होना बहुमत की एक बड़ी वजह है. वर्ना जनता भ्रष्‍टाचार से परेशान है. रमाकंत चंदन बताते हैं कि बिहार में कदम-कदम पर भ्रष्‍टाचार है. भ्रष्‍ट अधिकारियों से बहुत परेशान है. भ्रष्‍टाचारियों से नाराज जनता सीधे प्रशासन को दोषी मानती थी. ऐसे में सम्राट चौधरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रशासनी विभाग में हर कदम पर फैले भ्रष्‍टाचार, बाबूगिरी और अफसरशाही को समाप्‍त करना होगा. सिस्‍टम तोड़ने की चुनौती बिहार निगरानी विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई में लगातार बड़े केस सामने आए. इस दौरान ये पाया गया है साल 2023-25 के बीच डिसप्रोपोर्शनट एसेट (DA) केस में दर्ज मामलों की संख्या में विभागीय रिपोर्ट्स के अनुसार बढ़ोतरी हुई है. ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर टेंडर सिस्टम तक, सब में भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं. ऐसे में सम्राट चौधरी के सामने चुनौती सिर्फ कार्रवाई करने की नहीं, बल्कि उस ‘सिस्टम’ को तोड़ने की है, जो सालों से बना हुआ है. Crime : आंकड़े और सख्ती बिहार में अपराध का मुद्दा हमेशा हमेशा से नेतृत्वक बहस के केंद्र में रहा है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, हत्या, लूट और अपहरण जैसे मामलों में बिहार शीर्ष राज्यों में बना हुआ है. ये अलग बात है कि साल दर साल इसमें कमी जरूर आ रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनसंख्‍या के आधार पर बिहार में आपराधिक ग्राफ कम है लेकिन अक्‍सर ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जो Bihar Crime और Law And Order सवाल खड़े कर देता है. इनमें पटना में NEET Student की मौत मामला अब तक साफ नहीं हो सका है. खगड़ि‍या में सिर काटने वाले अपराधी की भीड़ ने हत्‍या कर दी. वहीं, अभी कल ही पटना के बिहटा में नाबालिग से रेप के बाद हत्‍या और पोस्टमार्टम में पुष्‍टी का न होना सवालों के घेरे में है. ‘Selected-Elected’ वाले तंज के साथ तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को दी बधाई. CM बनने पर दी शुभकामनाएं. साथ ही NDA प्रशासन के कामकाज पर उठाए सवाल. कहा- 21 साल के शासन के बाद भी कई मानकों पर बिहार पीछे. नई प्रशासन से सुधार की उम्मीद जताई.#Patna #TejashwiYadav #SamratChoudhary… pic.twitter.com/0DuK9k8jVk — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 15, 2026 पुलिस और प्रशासन का डर दिखाना जरूरी! नए मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने खुद को मजबूत मुख्‍यमंत्री साबित करने की चुनौती होगी. रमाकांत चंदन बताते हैं कि लगातार इस तरह की घटनाएं पुलिस और प्रशासन पर सवाल उठातीं हैं. ऐसे में जरूरी है कि अपराधियों में पुलिस का डर हो. ताकि अपराधियों के मन में ये संदेश साफ हो कि वो गलत कर बच नहीं सकते हैं. हालिया घटनाएं विपक्ष को बोलने का मौका देती हैं जो बिहार में फेल ‘लॉ एंड ऑर्डर फेल’ के नैरेटिव को सेट करती  हैं. Communalism : सबसे संवेदनशील तीसरा ‘C’ तीसरा ‘C’ यानी कम्युनलिज्म ये बिहार ही ने पूरे देश में सबसे संवेदनशील मामला है. इसी को लेकर पूरे देश में नेतृत्व नेरेटिव सेट किए जाते हैं. जो सबसे जटिल और नेतृत्वक रूप से संवेदनशील मामला है. बिहार में पिछले कुछ वर्षों में छिटपुट सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं सामने आईं हैं. लेकिन बीजेपी के लिए यह किसी चुनौती से कम नहीं होने वाली है. ‘C’ के साथ ‘समीकरण’ भी महत्‍वपूर्ण बात ये है कि नीतीश कुमार इसे नेतृत्वक रूप से इफ्तार पार्टी और टोपी के जरिए साधने में सफल रहे हैं. मगर, सम्राट चौधरी के हाथ में तीन धारी तलवार होगी. यानी इसकी मूठ में भी धार है. उन्‍हें एक तरफ साम्‍प्रदायिक सौहार्द्र कायम रखना होगा. वहीं, दूसरी ओर संघ और बीजेपी को भी संतुष्‍ट रखना होगा. तीसरी तरफ जेडीयू के सत्ता समीकरण को भी साधना बड़ी चुनौती होगी. पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई देने के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारी पटना पहुंचे.#BiharPolitics #samratchaudhry #Patna #prabhatkhabar @samrat4bjp @samrat4bjp pic.twitter.com/aSG2xybIdn — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 15, 2026 इन्‍हें कैसे साधेंगे सम्राट? सम्राट चौधरी के लिए बीजेपी के ‘हिंदुत्व बनाम विकास’ के बीच संतुलन स्‍थापित करना भी चुनौती से कम नहीं होने वाला. ऐसे में दूसरी ओर जरा सा झुकाव भी गठबंधन और समीकरण को प्रभावित कर सकता है. प्रशासन में नीतीश कुमार के 84 विधायक हैं. जो अहम भूमिका निभा रहे हैं. ऐसे में देखने वाली बात ये होगी कि सम्राट इसे कैसे साधते हैं. ‘बुलडोजर मॉडल’ बनाम ‘बिहार मॉडल’ बिहार के डिप्‍टी सीएम बनने के बाद सम्राट चौधरी का बुलडोजर एक्शन देखने को मिला था. अब वो मुख्‍यमंत्री हैं. इस बुल्‍डोजर ने सम्राट चौधरी की छवि को आक्रामक बनाया है. वहीं, अब देखने वाली बात ये होगी कि अब बिहार में बुल्‍डोजर एक्‍शन कैसा दिखाई देता है. पिछली बार ये एक्‍शन अवैध निर्माण पर दिखा था. अब ये बुल्‍डोजर दिल्‍ली, असम और उत्‍तर प्रदेश की तरह सीमावर्ती इलाकों के अवैध निर्माण पर भी नजर आता है? बड़ा सवाल ये है कि क्या बिहार ‘बुलडोजर मॉडल’ को अपनाता है या

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मृत्यु से पहले गौ दान क्यों है जरूरी? क्या सच में मोक्ष का द्वार खोलता है गौ दान

Gau Daan Ka Mahatva: हिंदू धर्म में गाय को माता कहा जाता हैं, इसके साथ ही गौ दान को महादान की श्रेणी में माना गया है. गरुड़ पुराण के अनुसार अगर मृत्यु से पहले इंसान गाय का दान करता है, तो यमलोक की यातनाएं नहीं सहनी पड़ती, जो व्यक्ति जीवन में गौ दान करता है. वह गाय की पूंछ पकड़कर वैतरणी नदी को आसानी से पार कर लेता है. मृत्यु के अंतिम समय में गौ दान किया जाता है, ‘गौ दान’ नरक की यातनाओं से मुक्ति दिलाकर बैकुंठ धाम का मार्ग खोलता है. मृत्यु के अंतिम समय में गौ दान का महत्व आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिषाचार्य श्रीपति त्रिपाठी ने बताया कि जीवन के अंतिम समय में यदि व्यक्ति श्रद्धा से गौ दान करता है, तो उसे यमलोक की कठोर यातनाओं से राहत मिलती है. यह दान केवल धार्मिक कर्म नहीं, बल्कि आत्मा की शांति और मोक्ष की दिशा में एक महत्वपूर्ण साधन माना जाता है. शास्त्रों में कहा गया है कि गौ माता में समस्त देवी-देवताओं का वास होता है, इसलिए उनका दान करने से अनेक जन्मों के पापों का नाश होता है और व्यक्ति को  33 कोटि देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है. मृत्यु के बाद आत्मा को करना पड़ता है वैतरणी पार मृत्यु के बाद आत्मा को वैतरणी नदी को पार करना पड़ता है, जिसका वर्णन अत्यंत भयावह रूप में किया गया है. यह नदी रक्त, मवाद और भयानक जीवों से भरी होती है, जिसे पार करना सामान्य आत्मा के लिए कठिन होता है, लेकिन जो व्यक्ति जीवन में गौ दान करता है, उसे इस कठिन मार्ग में विशेष सहायता प्राप्त होती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसी आत्मा गाय की पूंछ पकड़कर इस नदी को सहजता से पार कर लेती है, जिससे उसे कष्टों का सामना नहीं करना पड़ता हैं. गौ दान से 33 कोटि देवी-देवताओं का मिलता हैं आशीर्वाद मृत्यु से पहले किया गया गौ दान आत्मा को नरक के दुखों से मुक्ति दिलाने और दिव्य लोक की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है, इसे मोक्ष की ओर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण धार्मिक कर्म माना गया है. इसके साथ ही, यह भी विश्वास है कि गौ दान करने से 33 कोटि देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और मां लक्ष्मी की कृपा पूरे परिवार पर बनी रहती है,  इससे जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खुलता है, जिससे व्यक्ति का जीवन और परलोक दोनों सफल माने जाते हैं. ​शास्त्रों से प्रमाण … ​गौ दान की महिमा को स्पष्ट करने के लिए शास्त्रों का वचन है-वैतरणी पार करने के लिए.. ​धेनुके त्वं प्रदीक्षास्व यमद्वारे महापथः।वैतरण्या महाघोरात् तारयस्व नमोऽस्तु ते॥ ​अर्थ: हे माता! यमराज के द्वार पर जो महाभयानक वैतरणी नदी है, उससे आप मेरी रक्षा करें और मुझे पार उतारें। आपको मेरा नमस्कार है। ​गौ की दिव्यता पर यह श्लोक मिलता है.. ​गावो विश्वस्य मातरः। ​अर्थात गाय विश्व की माता है, इसकी सेवा और दान से संपूर्ण जगत की तृप्ति होती है. ​दान के फल पर.. ​सर्वकामदुघा धेनुः सर्वपापप्रणाशिनी।नयते स्वर्गलोकं सा दानशीलं न संशयः॥ ​अर्थ: सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाली और समस्त पापों का नाश करने वाली गाय, दान करने वाले व्यक्ति को निस्संदेह स्वर्गलोक ले जाती है. आध्यात्मिक दृष्टि से, ‘मोक्ष’ का अर्थ है आसक्तियों का त्याग. दान करना इस बात का प्रतीक है कि व्यक्ति सांसारिक मोह छोड़ रहा है। जब मनुष्य पूर्ण श्रद्धा और निष्काम भाव से दान करता है, तो यह समर्पण उसके भीतर शुद्धि लाता है, जो अंततः मोक्ष का आधार बनती है. ​अतः गौ दान को एक ऐसी ‘नौका’ माना गया है जो संसार रूपी सागर से पार उतारने में सहायक होती है. Also Read: अक्षय तृतीया पर शुक्र ग्रह करेंगे गोचर, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत The post मृत्यु से पहले गौ दान क्यों है जरूरी? क्या सच में मोक्ष का द्वार खोलता है गौ दान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंगाल चुनाव 2026: ओवैसी ने ममता बनर्जी और कांग्रेस को घेरा, कहा- अपनी बदहाली के लिए मुसलमान खुद जिम्मेदार

Asaduddin Owaisi in Bengal| आसनसोल, संतोष विश्वकर्मा : बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के हाई-वोल्टेज प्रचार के बीच एआईएमआईएम (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी बुधवार को आसनसोल पहुंचे. रेलपार स्थित इज्तेमा मैदान में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने बंगाल की नेतृत्व में मुसलमानों की स्थिति का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस, वामपंथी और अब टीएमसी ने मुस्लिम समुदाय का इस्तेमाल केवल वोट बैंक की तरह किया है. ओवैसी ने आत्ममंथन की अपील करते हुए कहा कि अपनी मौजूदा बदहाली के लिए कुछ हद तक मुसलमान खुद जिम्मेदार है, क्योंकि वह जागरूक होने की बजाय केवल पार्टियों का मोहरा बनकर रह गया है. जागरूक बनें, तभी मिलेगा हक और रोजगार : ओवैसी असदुद्दीन ओवैसी ने आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र से अपनी पार्टी के प्रत्याशी दानिश अजीज के पक्ष में माहौल बनाते हुए समुदाय को आईना दिखाया. कहा कि बंगाल के मुसलमानों ने दशकों तक हर बड़ी पार्टी पर भरोसा किया. किसी ने उन्हें न्याय, बेहतर शिक्षा या रोजगार नहीं दिया. ओवैसी ने अपील की कि मुसलमान खुद को जागरूक करें. अगर समाज अब भी नहीं जागा, तो नेतृत्वक दल उनके साथ पुराना व्यवहार ही जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि आसनसोल उत्तर को विकल्प की जरूरत है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ममता बनर्जी से पूछा- कौन था वाजपेयी प्रशासन में मंत्री? अपनी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) पर ‘भाजपा की बी-टीम’ होने के आरोपों पर ओवैसी ने तीखा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम कभी भाजपा के साथ नहीं गयी, लेकिन ममता बनर्जी खुद केंद्र की अटल बिहारी वाजपेयी प्रशासन में मंत्री रह चुकी हैं. ओवैसी ने कहा कि टीएमसी डर गयी है. इसलिए ऐसे आरोप लगाती है, ताकि अल्पसंख्यक मतों का ध्रुवीकरण किया जा सके. इसे भी पढ़ें : दरक रहा ममता बनर्जी का अल्पसंख्यक दुर्ग? ओवैसी, हुमायूं और नौशाद ने बढ़ायी तृणमूल की टेंशन Asaduddin Owaisi in Bengal: हेलीकॉप्टर से पहुंचे ओवैसी, समर्थकों में दिखा भारी जोश जैसे ही ओवैसी का हेलीकॉप्टर इज्तेमा मैदान में उतरा, समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. इस दौरान दानिश अजीज समेत कई स्थानीय नेता मंच पर मौजूद रहे. आसनसोल की गलियों में ओवैसी की इस रैली के बाद सियासी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं, खासकर उन इलाकों में, जहां अल्पसंख्यक मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं. इसे भी पढ़ें बंगाल में ओवैसी की दहाड़- ममता दीदी को लगेगा करारा झटका, मुसलमानों को वोट बैंक समझा, इंसान नहीं बंगाल चुनाव: हुमायूं कबीर के सवाल पर मुस्कुराए असदुद्दीन ओवैसी, बोले- ‘छोड़ दिया’ बंगाल चुनाव 2026: ओवैसी-हुमायूं गठबंधन से सियासी भूचाल, क्या बिगड़ेगा ममता बनर्जी का समीकरण? ‘रजिया गुंडों में फंस गयी…’, कोलकाता में ममता बनर्जी पर बरसे ओवैसी, बोले- TMC ने मुस्लिमों को सिर्फ वोट बैंक समझा The post बंगाल चुनाव 2026: ओवैसी ने ममता बनर्जी और कांग्रेस को घेरा, कहा- अपनी बदहाली के लिए मुसलमान खुद जिम्मेदार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का ट्रंप ने दिया संकेत, कहा- शी जिनपिंग खुशी से लगा लेंगे गले

US Iran Ceasefire: अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बुधवार को कहा कि होर्मुज (Strait of Hormuz) को अब स्थायी रूप से खोल दिया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि इस फैसले से दुनिया के साथ-साथ चीन भी काफी खुश है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर कहा कि यह कदम दुनिया के हित में उठाया गया है और इससे भविष्य में ऐसे हालात दोबारा पैदा नहीं होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि जब वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलेंगे तो दोनों के बीच पॉजीटिव और फ्रेंडली माहौल होगा. चीन ने दिया हथियार सप्लाई नहीं करने का भरोसा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि चीन ईरान को हथियारों की सप्लाई नहीं कर रहा है. अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा कि खुद राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें पत्र लिखकर कहा है कि चीन ईरान को हथियारों की सप्लाई नहीं कर रहा है. ट्रंप ने कहा- शी मुझे लगा लेंगे गले ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा- होर्मुज स्ट्रेट को स्थायी रूप से खोलने से चीन बहुत खुश है. अपनी आगामी चीन यात्रा का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा- कुछ हफ्तों में जब मैं वहां पहुंचूंगा तो राष्ट्रपति शी मुझे गले लगाएंगे. हम मिलकर समझदारी से और बहुत अच्छे से काम कर रहे हैं! क्या यह लड़ाई से बेहतर नहीं है?” इस दौरान ट्रंप ने चेतावनी भी दी कि लेकिन याद रखें कि अगर जरूरत पड़ी तो हम लड़ने में बहुत माहिर हैं… और किसी औरों से कहीं बेहतर. ट्रंप ने शी जिनपिंग को लिखा था पत्र ट्रंप ने बुधवार (15 अप्रैल) को अमेरिकी न्यूज चैनल फॉक्स बिजनेस को दिए इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें पता चला है कि चीन ईरान की हथियारों से मदद कर रहा है. ट्रंप ने बताया कि इसके बाद उन्होंने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए चीनी राष्ट्रपति से संपर्क किया. ट्रंप ने कहा- मैंने शी को पत्र लिखकर ऐसा न करने का अनुरोध किया, और उन्होंने मुझे एक पत्र लिखकर कहा कि वे ऐसा नहीं कर रहे हैं. ईरान की मदद करने वाले पर आर्थिक प्रतिबंध की धमकी दे चुके हैं ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले ही चेतावनी दी थी कि तेहरान को हथियार मुहैया कराने वाले देशों पर वो गंभीर आर्थिक प्रतिबंध लगा सकते हैं. इनमें 50 प्रतिशत तक के टैरिफ भी शामिल हैं. ईरान पर की गई सैन्य कार्रवाई पर ट्रंप ने कहा कि विनाशकारी तनाव को रोकने के लिए ईरानी परमाणु स्थलों पर हमले बहुत जरूरी थे. Also Read: ईरान में 47 दिनों से इंटरनेट ब्लैकआउट, 1104 हजार घंटे का रिकॉर्ड, करोड़ों लोग डिजिटल अंधेरे में The post होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का ट्रंप ने दिया संकेत, कहा- शी जिनपिंग खुशी से लगा लेंगे गले appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

INDIA ब्लॉक का ऐलान, महिला आरक्षण को समर्थन, परिसीमन का विरोध; BJD ने भी रखी शर्तें

Delimitation: कांग्रेस की अगुआई में विपक्षी पार्टियों ने कहा- स्त्रीओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के पक्ष में हैं, लेकिन परिसीमन के प्रावधानों का पुरजोर विरोध करेंगे क्योंकि ये खतरनाक है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई बैठक में नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन और परिसीमन संबंधी विधेयक पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया कि वे परिसीमन के प्रावधानों के खिलाफ एकजुट होकर वोट करेंगे. विपक्ष की मांग, लोकसभा सीटों में बढ़ोतरी किए बिना स्त्री आरक्षण लागू करे विपक्षी पार्टियों ने कहा कि लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों के आधार पर वर्ष 2029 से स्त्री आरक्षण लागू किया जाए. बैठक के बाद खरगे ने कहा, हम सभी स्त्री आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं. हालांकि, जिस तरह से इसे लाया गया है वह संदिग्ध है और हमें इस पर गंभीर आपत्ति है. यह नेतृत्व से प्रेरित है. मोदी प्रशासन विपक्षी दलों को निशाना बनाने और दबाने के लिए इस तरह से काम कर रही है. हमने स्त्री आरक्षण विधेयक का लगातार समर्थन किया है और इस बात पर जोर दिया है कि इसे पहले पारित संशोधन के आधार पर लागू किया जाना चाहिए. परिसीमन पर प्रशासन गलत मंशा के साथ कदम बढ़ा रही : खरगे खरगे ने आरोप लगाया- परिसीमन पर प्रशासन कुछ गलत मंशा के साथ कदम बढ़ा रही है. उन्होंने कहा, इसलिए सभी विपक्षी दल एकजुट होकर संसद में संघर्ष करने जा रहे हैं. मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि हम स्त्री आरक्षण विधेयक के खिलाफ नहीं हैं. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, साल 2023 में अनुच्छेद 334(ए) को संविधान में शामिल किया गया था. इसमें सर्वसम्मति से स्त्रीओं को एक तिहाई आरक्षण देने की बात की गई थी. हम चाहते हैं कि उस प्रावधान को तुरंत लागू किया जाए. बीजेडी ने समर्थन के लिए रख दी शर्तें ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक ने परिसीमन विधेयक और स्त्री आरक्षण विधेयक का स्वागत किया. उन्होंने कहा- उनकी पार्टी परिसीमन विधेयक का स्वागत तभी करेगी, जब ओडिशा के नेतृत्वक अधिकार बरकरार रहेंगे. यह सिर्फ संख्या का मामला नहीं है. यह विधेयक संविधान में निहित सहकारी संघवाद की भावना पर सीधा प्रहार करता है. बैठक में इन पार्टियों के नेताओं ने लिया हिस्सा बैठक में खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल और जयराम रमेश, समाजवादी पार्टी के रमाशंकर राजभर और सनातन पांडेय, द्रमुक नेता टी. आर. बालू, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला, तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (उबाठा) के संजय राउत एवं अरविंद सावंत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले, आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह सहित अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए. समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव, शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने डिजिटल माध्यम से बैठक में भाग लिया. ये भी पढ़ें: कैसे दिया जाए स्त्रीओं को आरक्षण, 16 से 18 तक संसद में चर्चा; समझिए क्यों उबल रहे दक्षिण के राज्य? परिसीमन पर रार: यूपी में 140 तो तमिलनाडु में 58 सीटें; चिदंबरम ने आंकड़ों से प्रशासन को घेरा The post INDIA ब्लॉक का ऐलान, स्त्री आरक्षण को समर्थन, परिसीमन का विरोध; BJD ने भी रखी शर्तें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

गुरुवार को भूलकर भी न करें ये 5 काम, एक दिन की गलती आपकी जिंदगी पर पड़ सकती है भारी

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में गुरुवार के दिन को काफी ज्यादा खास माना गया है. यह दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित माना जाता है. आप इस दिन जो भी काम करते हैं उसका सीधा असर आपकी जिंदगी, सुख-समृद्धि और किस्मत पर पड़ता है. हमारे वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसे कामों और गलतियों का जिक्र भी मिलता है, जिन्हें आपको भूलकर भी गुरुवार के दिन नहीं करना चाहिए. अगर आप इन गलतियों को करते हैं, तो इसकी वजह से पूरे घर में निगेटिव एनर्जी का फ्लो बढ़ जाता है. इसके अलावा आपकी इन गलतियों की वजह से आप पर भगवान विष्णु की कृपा भी कम हो सकती है. आपके साथ ऐसा न हो, इसलिए इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं गलतियों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं. बाल और नाखून काटने से बचें वास्तु शास्त्र के अनुसार आपको गुरुवार के दिन कभी भी अपने बालों और नाखूनों को नहीं कटवाना चाहिए. इसे काफी ज्यादा अशुभ माना जाता है. आपकी इस गलती का काफी बुरा असर आपके घर की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है. अगर आप इस दिन बाल या नाखून कटवाते हैं, तो आपका बृहस्पति कमजोर हो जाता है, जिस वजह से आगे चलकर आपको जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है. यह भी पढ़ें: क्या आपको भी रात भर रहती है टेंशन और बेचैनी? आराम पाने के लिए सोने से पहले जरूर कर लें ये 5 काम कपड़े धोने की न करें गलती गुरुवार के सिन आपको कभी भी अपने कपड़ों को नहीं धोना चाहिए. इसे अच्छा नहीं माना जाता है. खासकर अगर आपके पास पीले रंग के कपड़े हैं, तो आपको भूलकर भी इन्हें धोने की गलती नहीं करनी चाहिए. इसके पीछे एक बड़ी वजह यह भी है कि पीला रंग भगवान विष्णु को काफी प्रिय होता है. अगर आप इस दिन कपड़े धोते हैं तो इसका काफी बुरा असर घर की खुशहाली और शांति पर पड़ता है. घर में पोछा लगाने से बचें कई लोगों की आदत होती है कि वे हर दिन अपने घर की साफ-सफाई करते हैं. अगर आप भी इन्हीं में से हैं, तो आपको गुरुवार के दिन कम से कम घर पर पोछा लगाने से बचना चाहिए. मान्यताओं के अनुसार अगर आप इस दिन घर पर पोछा लगाते हैं, तो पॉजिटिव एनर्जी बाहर चली जाती है. अगर आपको लग रहा है कि घर को सफाई की जरूरत है, तो हल्की सफाई कर सकते हैं, लेकिन पोछा लगाने से जरूर बचें. यह भी पढ़ें: झाड़ू-पोछा करते समय की ये 5 गलतियां बना सकती हैं आपको कंगाल, दरिद्रता से बचने के लिए जान लें सही तरीका उधार लेने-देने से बचें वास्तु शास्त्र के अनुसार आपको गुरुवार के दिन कभी भी पैसों का लेन-देन नहीं करना चाहिए. इसे शुभ नहीं माना जाता है. अगर आप इस दिन किसी को उधार देते हैं, तो आपको पैसों का नुकसान हो सकता है और वहीं, अगर आप उधार लेते हैं, तो आप पर कर्ज बढ़ने लगता है. आपको कोशिश करनी चाहिए कि आप इस दिन न किसी को पैसे दें और न ही किसी से पैसे लें. बालों या शरीर पर तेल लगाने से बचें गुरुवार के दिन आपको कभी भी अपने बालों या फिर शरीर में तेल नहीं लगाना चाहिए. ऐसा करना काफी काफी ज्यादा अशुभ माना जाता है. अगर आप इस दिन बालों में या फिर शरीर पर तेल लगाते हैं, तो आपका बृहस्पति कमजोर हो सकता है. इसकी वजह से आपके सम्मान और जीवन में होने वाली तरक्की पर काफी बुरा असर पड़ सकता है. यह भी पढ़ें: इन इशारों को भूलकर भी नजरअंदाज करने की न करें गलती, मां लक्ष्मी के आगमन के हो सकते हैं संकेत The post गुरुवार को भूलकर भी न करें ये 5 काम, एक दिन की गलती आपकी जिंदगी पर पड़ सकती है भारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

झारखंड में बने अवैध मकान होंगे नियमित, चार जिलों में मेडिकल कॉलेज अपग्रेड

रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट Ranchi News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को हुई झारखंड कैबिनेट बैठक में कुल 53 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी साझा की. इन निर्णयों का सीधा असर राज्य के शहरी विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन व्यवस्था पर पड़ेगा. प्रशासन ने विकास और जनहित को ध्यान में रखते हुए कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए हैं. अवैध मकानों को मिलेगा नियमित होने का मौका कैबिनेट का सबसे बड़ा फैसला राज्य में अवैध रूप से बने मकानों को नियमित करने से जुड़ा है. नगर विकास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए प्रशासन ने यह तय किया है कि रांची सहित पूरे राज्य में 10 मीटर ऊंचाई तक के आवासीय भवन, यानी जी प्लस टू तक के मकानों को नियमित किया जाएगा. इस योजना के तहत अधिकतम 300 वर्गमीटर क्षेत्रफल तक के भवन शामिल होंगे. नियमितीकरण के लिए शुल्क भी तय किया गया है. आवासीय भवनों के लिए न्यूनतम 10,000 रुपये और गैर-आवासीय भवनों के लिए 20,000 रुपये शुल्क रखा गया है. इस फैसले से हजारों मकान मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो अब तक कानूनी अड़चनों का सामना कर रहे थे. रोबोटिक्स फेस्टिवल से नवाचार को मिलेगा बढ़ावा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के तहत राज्य में झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल आयोजित करने का निर्णय लिया गया है. यह फेस्टिवल छात्रों और तकनीकी क्षेत्र के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच देगा. प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार का रोबोट बनाने की स्वतंत्रता होगी. प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 5 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 3 लाख रुपये और तृतीय पुरस्कार 2 लाख रुपये निर्धारित किया गया है. इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाले फैकल्टी सदस्यों को भी सम्मानित किया जाएगा. यह पहल राज्य में तकनीकी शिक्षा और नवाचार को नई दिशा देगी. स्कूल से पॉलिटेक्निक तक होगी क्विज प्रतियोगिता तकनीकी शिक्षा विभाग ने छात्रों के लिए उभरती तकनीक और विज्ञान आधारित क्विज प्रतियोगिता आयोजित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी. यह प्रतियोगिता तीन चरणों में आयोजित होगी. पहले चरण में कक्षा 8 से 10 के छात्र, दूसरे चरण में कक्षा 11-12 और आईटीआई के छात्र, जबकि तीसरे चरण में पॉलिटेक्निक के छात्र भाग लेंगे. रोबोटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी जैसे विषयों पर आधारित इस प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 50 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 30 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 20 हजार रुपये रखा गया है. इस पहल का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच और शोध की भावना को बढ़ावा देना है. राष्ट्रीय विज्ञान और गणित दिवस मनाने का निर्णय कैबिनेट ने राज्य में राष्ट्रीय गणित दिवस और राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाने का भी निर्णय लिया है. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान और गणित के प्रति रुचि विकसित करना है. इससे छात्रों को इन विषयों के महत्व को समझने और नए प्रयोग करने की प्रेरणा मिलेगी. चार जिलों में मेडिकल कॉलेज अपग्रेड स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए प्रशासन ने खूंटी, जामताड़ा, गिरिडीह और धनबाद के जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में अपग्रेड करने की मंजूरी दी है. इस फैसले से इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर काफी बेहतर होगा. स्थानीय लोगों को अब बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा. साथ ही, मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलेंगे. यह निर्णय ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है. परिवहन नियमों में बदलाव, बढ़ेगा राजस्व परिवहन विभाग के प्रस्ताव के तहत मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है. इसके तहत व्यावसायिक कार्य में उपयोग होने वाले दोपहिया वाहनों पर एक्स-शोरूम कीमत का 7 प्रतिशत कर लगाया जाएगा, जो 15 वर्षों के लिए लागू होगा. इसके अलावा निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहनों पर भी कर लगाने का प्रावधान किया गया है. प्रशासन का मानना है कि इससे राजस्व में वृद्धि होगी और परिवहन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित बनेगी. महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला कैबिनेट ने राज्यकर्मियों और पेंशनधारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी है. छठा वेतनमान प्राप्त कर्मियों का महंगाई भत्ता 252 प्रतिशत से बढ़ाकर 257 प्रतिशत कर दिया गया है. इसी तरह अप्रशोधित वेतनमान प्राप्त कर्मियों को भी 257 प्रतिशत डीए मिलेगा. वहीं पंचम वेतनमान प्राप्त कर्मियों का महंगाई भत्ता 466 प्रतिशत से बढ़ाकर 474 प्रतिशत किया गया है. इस फैसले से लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आर्थिक राहत मिलेगी. इसे भी पढ़ें: गिरिडीह के गांडेय में धन्वंतरि होड़ोपैथिक इको पार्क का उद्घाटन, विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने किया शुभारंभ जनहित और विकास पर फोकस झारखंड कैबिनेट के ये फैसले राज्य के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. जहां एक ओर अवैध मकानों के नियमितीकरण से आम लोगों को राहत मिलेगी, वहीं शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में लिए गए निर्णय भविष्य को मजबूत करेंगे. रोबोटिक्स फेस्टिवल और क्विज प्रतियोगिता जैसे कदम युवाओं को नई दिशा देंगे, जबकि मेडिकल कॉलेज अपग्रेड से स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी. कुल मिलाकर, प्रशासन ने इस बैठक में जनहित, विकास और नवाचार को प्राथमिकता देते हुए कई अहम निर्णय लिए हैं. इसे भी पढ़ें: कभी आकाशवाणी से नागपुरी लोकगीत सुनाते थे नंदराम, आज पेंशन के लिए भटक रहे हैं दर-दर The post झारखंड में बने अवैध मकान होंगे नियमित, चार जिलों में मेडिकल कॉलेज अपग्रेड appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

जमीन धोखे से लिखवाने के बाद परेशान युवक ने की आ”त्मह”त्या, परिवार में मचा को”ह”राम

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के डगरूआ गांव में बुधवार शाम एक युवक ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान स्व. सेवक ठाकुर के पुत्र अनमोल कुमार ठाकुर (36) के रूप में हुई है। घटना के संबंध में मृतक के भाई ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व कुछ लोगों ने धोखे से अनमोल से जमीन लिखवा ली थी। तभी से वह मानसिक रूप से काफी परेशान चल रहा था। बुधवार शाम उसने घर में फंदे से लटककर जान दे दी। मृतक अपने पीछे पत्नी चंदा देवी और दो बेटे अविनाश व अभिमन्यु को छोड़ गया है। घटना के बाद उसके स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं गांव में मातम का माहौल था। सूचना पर पहुंची मुसरीघरारी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया। घटना के संबंध में थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। मृतक के स्वजनों के बयान के आधार पर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top