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April 15, 2026

समस्तीपुर

उमावि सरायरंजन में विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति गठित 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड अंतर्गत आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय सरायरंजन में बुधवार को विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति गठित की गई। सात सदस्यीय नवगठित विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति में दिनेश कुमार साहू अध्यक्ष बनाए गए। वहीं बीडीओ सुनील कुमार, शिक्षाप्रेमी राम दयाल राय, दाता सदस्य रामचंद्र साहू, प्रधानाध्यापक सह सचिव रवीन्द्र कुमार ठाकुर, वरीय शिक्षक मदन कुमार भगत तथा अनुसूचित स्त्री मंजू पासवान सदस्य के रूप में मनोनीत किए गए। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक रवींद्र कुमार ठाकुर ने नवगठित विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सभी सदस्यों को चादर, माला एवं पाग भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने विद्यालय के विकास, शैक्षिक व्यवस्था एवं अनुशासन को बनाए रखने में सबसे सहयोग देने की अपील की। मौके पर शिक्षक– शिक्षिकाओं में रवींद्रनाथ झा, तौशिक आलम, धनंजय कुमार सिंह, बालेश्वर प्रसाद सिंह, सुनील कुमार, रवि शंकर कुमार, शरत कुमार,आरती कुमारी आदि मौजूद रहे।

समस्तीपुर

बिहार के अर्थशास्त्र पर पहली पुस्तक डॉ. सुवंश ने लिखी: डॉ. नवल किशोर

स्व. डॉ. अरविंद कुमार के स्मृति में “बिहार का अर्थशास्त्र” पुस्तक लोकार्पण समारोह नया विचार न्यूज़ सरायरंजन: बिहार के अर्थशास्त्र पर सबसे पहली बार अपनी पुस्तक प्रकाशित की है , डॉ. सुवंश कुमार चौधरी ने। उक्त बातें समारोह के मुख्य अतिथि सह पटना विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं प्राचार्य डॉ.नवल किशोर चौधरी ने प्रखंड अंतर्गत केएसआर महाविद्यालय सरायरंजन में पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ.अरविंद कुमार की स्मृति के अवसर पर ” बिहार का अर्थशास्त्र” पुस्तक के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए कहीं ।डॉ. नवल किशोर चौधरी ने डा.सुवंश कुमार चौधरी की इस उपलब्धि पर उनके अवकाश ग्रहण करने के अवसर पर उन्हें सम्मानित करने की घोषणा की। इस अवसर पर डॉ. चौधरी ने स्पष्ट किया कि बिहार की प्रशासन खुद बिहार की वित्तीय स्थिति की ओर ध्यान नहीं दे रही है। जब तक समाज की स्थानीय वित्तीय स्थिति पर बिहार की प्रशासन ध्यान नहीं देगी, बिहार के वित्तीय स्थिति सुदृढ़ नहीं हो सकेगी। प्राचार्य डॉ. विपिन कुमार झा की अध्यक्षता में आयोजित समारोह को विशिष्ट अतिथि सह बिहार विश्वविद्यालय के डीन डॉ. रवींद्र कुमार चौधरी, डॉ. रमेश चंद्र चौधरी, डॉ.सुधीर कुमार, डॉ.उमेश कांत चौधरी, दिलीप कुमार चौधरी, डॉ. बैद्यनाथ चौधरी आदि ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने डॉ. सुभाष कुमार चौधरी द्वारा लिखित पुस्तक की सराहना करते हुए बिहार की वित्तीय स्थिति एवं अर्थशास्त्र के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके पूर्व अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया गया। आयोजक संयोजक डॉ. सुवंश कुमार चौधरी, डॉ. वाल्मीकि चौधरी, डॉ.सुशील कुमार चौधरी, एवं डॉ.राम कुबेर सिंह तथा प्राचार्य डॉ.विपिन कुमार झा के द्वारा आगत अतिथियों को चादर ,माला, पाग से सम्मानित किया गया। मौके पर महाविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं वर्तमान सभी महाविद्यालय कर्मी प्राध्यापक एवं प्राध्यापिकाएं मौजूद थी। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन किया गया।

पटना, बिहार, समस्तीपुर

संघर्ष, हार-जीत और विकास के दम पर मिली बड़ी जिम्मेदारी, क्षेत्र में खुशी

रोजगार बढ़ाने, वित्तीय स्थिति मजबूत करने और शिक्षा-स्वास्थ्य सुधार की बड़ी चुनौतियां होंगी नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर – भाजपा की सम्राट प्रशासन में सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के विधायक विजय कुमार चौधरी काे उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया। जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता चौधरी को यह जिम्मेदारी उनके चार दशक लंबे नेतृत्वक अनुभव और प्रशासनिक दक्षता के आधार पर मिली है। विजय कुमार चाैधरी की इस उपलब्धि पर विस क्षेत्र में खुशी का माहाैल है। 69 वर्षीय विजय चौधरी का नेतृत्वक जीवन संघर्ष और अनुशासन का उदाहरण रहा है। उनके पिता जगदीश चौधरी कांग्रेस के विधायक थे। पिता के निधन के बाद 1982 में उन्होंने बैंक की पीओ नौकरी छोड़ नेतृत्व में कदम रखा और पहली बार विधायक बने। उन्हाेंने ने अपने नेतृत्वक करियर की शुरुआत हिंदुस्तानीय राष्ट्रीय कांग्रेस से की। 1985 से 1990 तक विधायक रहे और विधानसभा में सचेतक भी बने। हालांकि 1995 और 2000 में हार का सामना करना पड़ा। 2005 में उन्होंने जेडीयू जॉइन किया, जो उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इसके बाद वे लगातार चुनाव जीतते रहे और संगठन में भी मजबूत पकड़ बनाई। मंत्री और स्पीकर के रूप में निभाई अहम भूमिका विजय चाैधरी ने वित्त, ग्रामीण विकास, शिक्षा, ऊर्जा और जल संसाधन जैसे अहम विभाग संभाले। वे बिहार विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे और उनके कार्यकाल को संतुलित व निष्पक्ष माना गया। समस्तीपुर के सरायरंजन क्षेत्र में इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, सड़कों और बिजली-पानी जैसी सुविधाओं का विस्तार उनकी बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। उपमुख्यमंत्री बनने के बाद उनके सामने रोजगार बढ़ाने, वित्तीय स्थिति मजबूत करने और शिक्षा-स्वास्थ्य सुधार की बड़ी चुनौतियां होंगी।

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RCB vs LSG, IPL 2026: बेंगलुरु ने टॉस जीता, लखनऊ की पहले बल्लेबाजी, अर्जुन को आज भी नहीं मिला मौका

RCB vs LSG, IPL 2026: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने एक बदलाव किया है. जैकब डफी की जगह जोश हेजलवुड को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया है. जबकि लखनऊ सुपर जाइंट्स की टीम में कोई बदलाव नहीं किया है. विराट कोहली आज प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं हैं, हालांकि इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में उन्हें जगह दी गई है. टीमें इस प्रकार हैं लखनऊ सुपर जाइंट्स (प्लेइंग इलेवन): एडेन मार्कराम, मिशेल मार्श, ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), निकोलस पूरन, आयुष बदोनी, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, मोहम्मद शमी, अवेश खान, दिग्वेश सिंह राठी, प्रिंस यादव. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (प्लेइंग इलेवन): फिलिप साल्ट, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेज़लवुड, सुयश शर्मा, रसिख सलाम डार. 🚨Toss update from Bengaluru 🚨@rcbtweets won the toss and elected to bowl first against @lucknowipl Updates ▶️ https://t.co/UztAZM9l0q#TATAIPL | #KhelBindaas | #RCBvLSG pic.twitter.com/LMwpmzRk02 — IndianPremierLeague (@IPL) April 15, 2026 दोनों टीमों के इम्पैक्ट प्लेयर लखनऊ सुपर जायंट्स: मणिमारन सिद्धार्थ, जॉर्ज लिंडे, मैथ्यू ब्रीत्ज़के, हिम्मत सिंह, मयंक यादव. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: विराट कोहली, वेंकटेश अय्यर, जॉर्डन कॉक्स, कनिष्क चौहान, मंगेश यादव लखनऊ की टीम में अर्जुन तेंदुलकर को आज भी मौका नहीं दिया गया लखनऊ सुपर जाइंट्स ने अर्जुन तेंदुलकर को आज भी मौका नहीं दिया. जबकि अर्जुन नेट पर जमकर पसीना बहा रहे हैं. घातक गेंदबाजी और बल्लेबाजी करते अर्जुन के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. जिससे साफ पता चलता है कि अर्जुन लखनऊ की ओर से मैदान में उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. The post RCB vs LSG, IPL 2026: बेंगलुरु ने टॉस जीता, लखनऊ की पहले बल्लेबाजी, अर्जुन को आज भी नहीं मिला मौका appeared first on Naya Vichar.

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पितृ दोष दूर करने के लिए वैशाख अमावस्या के खास उपाय, इस दिन करें तिल और जल से तर्पण

Vaishakh Amavasya 2026: हिंदू धर्म में वैशाख अमावस्या का विशेष महत्व है, इसे पितरों की शांति और तृप्ति के लिए सबसे शुभ तिथियों में से एक माना जाता है. अमावस्या तिथि 17 अप्रैल को पड़ रही है. इस दिन तर्पण, श्राद्ध और दान करने से पितृ प्रसन्न होकर सुख, समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद देते हैं. जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष होता है, उनके लिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना गया है. अगर आपकी कुंडली में पितृ दोष है, तो इस अमावस्या पर किए गए कुछ विशेष उपाय आपके जीवन की दिशा बदल सकते हैं. वैशाख अमावस्या पर पितरों को प्रसन्न करने के उपाय वैशाख अमावस्या पर तर्पण विधि वैशाख अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त तर्पण करने से पितृ दोष शांत होता है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है. इस दिन सुबह स्नान करने के बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख करके कुशा (घास), काले तिल, जौ, चावल और गंगाजल मिले जल से पितरों को अर्घ्य अर्पित करें. तर्पण करते समय अपने पूर्वजों का स्मरण अवश्य करें. तर्पण करते समय हाथ के अंगूठे का प्रयोग करते हुए 3 या 11 बार जल अर्पित करना शुभ माना जाता है. वैशाख अमावस्या पर पीपल वृक्ष की पूजा अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष की पूजा का बहुत अधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है. पीपल के वृक्ष को देववृक्ष माना जाता है, जिसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश का निवास बताया गया है. अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की जड़ में कच्चा दूध, जल, गुड़ और तिल अर्पित करें. शाम के समय सरसों के तेल का दीपक जलाएं. वैशाख अमावस्या पर ब्राह्मण भोज और दान वैशाख अमावस्या के दिन कौवे, गाय, कुत्ते और जरूरतमंदों को भोजन कराएं. इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराना और दान देना पितरों की आत्मा की शांति तथा सुख-समृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मणों को भोजन कराएं और उन्हें वस्त्र, जल से भरा घड़ा, सत्तू, छाता, चप्पल, गुड़-ककड़ी तथा दक्षिणा अर्पित करें. सतुवाई अमावस्या का महत्व वैशाख अमावस्या को सतुवाई अमावस्या भी कहा जाता हैं. हिंदू धर्म में पितरों की तृप्ति, पुण्य प्राप्ति और दान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, इस दिन विशेष रूप से सत्तू का दान और सेवन किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए उत्तम है. यह वैशाख की गर्मी में शीतलता, पितृ दोष से मुक्ति और सुख-समृद्धि के लिए समर्पित है. Also Read: कर्क राशि वाले क्यों होते हैं सबसे अलग? जानिए इनके स्वभाव और सफलता के 15 राज The post पितृ दोष दूर करने के लिए वैशाख अमावस्या के खास उपाय, इस दिन करें तिल और जल से तर्पण appeared first on Naya Vichar.

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ईरान में 47 दिनों से इंटरनेट ब्लैकआउट, 1104 हजार घंटे का रिकॉर्ड, करोड़ों लोग डिजिटल अंधेरे में

Iran Internet Blackout: ईरान लगातार डिजिटल रूप से दुनिया से कटा हुआ है. इंटरनेट निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स (NetBlocks) के आंकड़ों के अनुसार वहां करीब 47 दिनों से इंटरनेट लगभग पूरी तरह बंद है. लोगों को अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी नहीं मिल रही. ईरान में जनवरी 2026 में शुरू हुए प्रदर्शनों के बाद हालात बिगड़े, नेट बंद कर दिया गया. फरवरी में अमेरिका-इजराइल के हमले के बाद इंटरनेट पर पाबंदियां और सख्त कर दी गईं. बीते 47 दिनों से यानी करीब 1104 घंटों से ईरान में इंटरनेट बंद पड़ा है. इंटनरेट बैन होने से देश के करीब 93 मिलियन (9 करोड़ 30 लाख) लोग पूरी दुनिया से कट गए हैं. 📵 #Iran‘s internet blackout is now entering its 47th day after 1104 hours without international connectivity for the general public. The measure continues to severely limit Iranians’ ability to check on the safety of friends and loved ones across borders. pic.twitter.com/wf9GeQKmXv — NetBlocks (@netblocks) April 15, 2026 ईरान ने तोड़ दिया सूडान का रिकॉर्ड ईरान के इंटरनेट ब्लैकआउट ने सूडान का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेटब्लॉक्स के आंकड़ों के अनुसार 2019 में सूडान में 37 दिनों तक इंटरनेट ब्लैकआउट किया गया था. ईरान से पहले यह किसी भी देश का अब तक का सबसे लंबा राष्ट्रव्यापी इंटरनेट शटडाउन था. संचार ठप, दुनिया से अलग-थलग पड़ा ईरान ईरान में लगातार इंटरनेट बाधा ने लाखों लोगों के संवाद के साधनों को लगभग ठप कर दिया है. इससे सूचना का बड़ा संकट पैदा हो गया है. देश के अंदर कुछ नेटवर्क आंशिक रूप से काम कर रहे हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म तक पहुंच बंद होने से हालिया संघर्ष और आंतरिक अशांति के बीच देश काफी हद तक अलग-थलग पड़ गया है. सेंसरशिप का सबसे लंबा दौर ईरान के अंदर इतना लंबा इंटरनेट शटडाउन हाल के समय में प्रशासनी डिजिटल सेंसरशिप का सबसे बड़ा उदाहरण बन गया है. 1104 घंटे तक कनेक्टिविटी बाधित रहना आंतरिक खराब हालत को दर्शा रहा है. वहीं, देश के भीतर डिजिटल सन्नाटा ऐसे समय में पसरा हुआ है जब कूटनीतिक और सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है. इस्लामाबाद में शांति वार्ता फेल, नये दौर की बातचीत की उम्मीद ईरान और अमेरिका के बीच 14 दिनों का सीजफायर हुआ है, जो 22 अप्रैल को खत्म हो रहा है. 11 और 12 अप्रैल को दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शांति वार्ता की थी, लेकिन वो सफल नहीं रहा. अब एक और दौर की बातचीत की संभावना बन रही है. अगर हालात अनुकूल रहे, तो दोनों देश फिर से वार्ता की मेज पर बैठ सकते हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी अखबार न्यूयार्क पोस्ट से बातचीत में मंगलवार (14 अप्रैल) को संकेत दिया था कि पाकिस्तान में एक बार फिर ईरान-अमेरिका की बातचीत हो सकती है. The post ईरान में 47 दिनों से इंटरनेट ब्लैकआउट, 1104 हजार घंटे का रिकॉर्ड, करोड़ों लोग डिजिटल अंधेरे में appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में ट्रेजरी घोटाले पर बड़ी कार्रवाई: IAS कमेटी और CID करेगी जांच, सभी 33 कोषागार खंगालेगी सरकार

Jharkhand Treasury Scam, रांची (सुनील चौधरी की रिपोर्ट): झारखंड में ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले की वजह से नेतृत्वक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. प्रशासन इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की तैयारी में है. वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने प्रोजेक्ट भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि इस घोटाले की जड़ तक पहुंचने के लिए दो स्तरों पर जांच कराई जाएगी. वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया जा रहा है, जिसकी फाइल मुख्यमंत्री को भेज दी गई है. इसके साथ ही मामले के आपराधिक पहलुओं को उजागर करने की जिम्मेदारी सीआईडी (CID) को सौंपी गई है. वेतन के नाम पर हुई गड़बड़ियों की होगी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ वित्त मंत्री ने विशेष रूप से हजारीबाग, बोकारो और रांची में वेतन मद में हुई अवैध निकासी का जिक्र किया है. उन्होंने कहा है ”शुरुआती जांच में सामने आया है कि नियमों को ताक पर रखकर मोटी रकम निकाली गई है”. आईएएस अधिकारियों की कमेटी यह जांच करेगी कि तकनीकी स्तर पर चूक कहां हुई और किन अधिकारियों की मिलीभगत से ट्रेजरी के सुरक्षा तंत्र को तोड़ा गया. वहीं, सीआईडी उन चेहरों को बेनकाब करेगी जिन्होंने साजिश रचकर प्रशासनी राशि का गबन किया है. Also Read: अनगड़ा-गेतलसूद डाकघर पहुंचे चीफ पोस्टमास्टर जनरल और डायरेक्टर, कार्यप्रणाली का लिया जायजा राज्य के सभी 33 कोषागारों की ऑनलाइन निगरानी प्रशासन ने केवल तीन जिलों तक ही अपनी जांच सीमित नहीं रखी है. वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि राज्य के सभी 33 कोषागारों (Treasuries) का विस्तृत ऑडिट और जांच कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि विभाग के वेब पोर्टल के माध्यम से सभी कोषागारों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है. यदि कहीं भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन या डाटा में हेरफेर पाया जाता है, तो वहां तत्काल विशेष टीम भेजकर कार्रवाई की जाएगी. दोषियों के लिए कोई रियायत नहीं प्रशासन के कड़े रुख से यह स्पष्ट है कि इस बार दोषियों को बचाने का कोई रास्ता नहीं छोड़ा जाएगा. वित्त मंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि रिपोर्ट आने के बाद संलिप्त अधिकारियों और कर्मियों पर न केवल विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि उन पर सख्त कानूनी मुकदमा भी चलाया जाएगा. प्रशासन का लक्ष्य इस कार्रवाई के जरिये एक ऐसी उदाहरण पेश करना है जिससे भविष्य में प्रशासनी सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके. Also Read: सरायकेला में भीषण सड़क हादसा: बेकाबू ट्रक ने बाइक को रौंदने के बाद बस को मारी टक्कर, आधा दर्जन घायल The post झारखंड में ट्रेजरी घोटाले पर बड़ी कार्रवाई: IAS कमेटी और CID करेगी जांच, सभी 33 कोषागार खंगालेगी प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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माछ-भात पर घमासान, पोइला बैसाख पर TMC की चेतावनी- भाजपा जीती तो नहीं खा पायेंगे मछली, शुभेंदु का पलटवार

खास बातें TMC की माछे-भाते बांगाली थीम वाली शोभायात्रा भाजपा का जवाब : हाथ में मछली लेकर किया प्रचार टीएमसी के आरोपों पर भाजपा का पलटवार शुभेंदु अधिकारी का ‘परिवर्तन’ के लिए 5 साल का आह्वान Machh Bhat Politics: बंगाल में लड़ाई सिर्फ विकास की नहीं Machh Bhat Politics West Bengal: पश्चिम बंगाल में बांग्ला नववर्ष ‘पोइला बैसाख’ पर बुधवार को नया नेतृत्वक घमासान छिड़ गया. पूरा राज्य उत्सव में डूबा था. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच ‘सांस्कृतिक पहचान’ और ‘खान-पान’ पर जुबानी जंग छिड़ गयी. टीएमसी ने भाजपा पर बंगालियों की थाली से मछली छीनने का आरोप लगाया, तो भाजपा ने इसे बेबुनियाद बताते हुए पलटवार किया कि ममता प्रशासन के राज में बंगाल को अब दूसरे राज्यों से मछली मंगवानी पड़ रही है. TMC की माछ-भात थीम वाली शोभायात्रा दक्षिण कोलकाता के गरिया ब्रह्मपुर में राज्य के मंत्री और तृणमूल नेता अरूप विश्वास ने एक विशाल शोभायात्रा का नेतृत्व किया. अनोखी थीम : इस शोभायात्रा की थीम ‘माछ-भात-ए बांगाली’ रखी गयी थी. बड़ा आरोप : विश्वास ने दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों में मछली विक्रेताओं को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने डर जताया कि अगर बंगाल में भाजपा सत्ता में आयी, तो वह लोगों के मांस-मछली खाने पर रोक लगा सकती है. सांस्कृतिक झलक : शोभायात्रा में समर्थक बाघ और उल्लू के मुखौटे पहने नजर आये, जबकि स्त्रीएं पारंपरिक लाल बॉर्डर वाली सफेद साड़ियों में दिखीं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें भाजपा का जवाब : हाथ में मछली लेकर किया प्रचार टीएमसी के इस नैरेटिव को काटने के लिए बैरकपुर से भाजपा उम्मीदवार कौस्तुभ बागची ने एक अनोखा तरीका अपनाया. वे हाथ में मछली लेकर चुनाव प्रचार करने निकले. उन्होंने नारा दिया- बंगाली माछ-भात के साथ और अब भाजपा के साथ भी. इसे भी पढ़ें : पोइला बोइशाख पर ममता बनर्जी की अपील- दिल्ली के जमींदारों को दें मुंहतोड़ जवाब, वोट की चोट से भाजपा को हरायें टीएमसी के आरोपों पर भाजपा का पलटवार भाजपा के मुख्य प्रवक्ता देबजीत प्रशासन ने टीएमसी के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया. उन्होंने कहा कि बंगाल में मत्स्य पालन में गिरावट आयी है. गुजरात और आंध्रप्रदेश से मछली आयात हो रहे हैं. मत्स्य पालन में गिरावट : देबजीत प्रशासन ने आरोप लगाया कि तृणमूल शासन में तालाबों को अवैध रूप से भरकर रियल एस्टेट को बढ़ावा दिया गया, जिससे बंगाल में मछली उत्पादन गिर गया है. आयात की मजबूरी : भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आज बंगाल को गुजरात और आंध्रप्रदेश से मछली मंगवानी पड़ रही है. भाजपा राज्यों में मांस-मछली का सेवन बढ़ा है, टीएमसी सिर्फ झूठ फैला रही है. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026 से पहले अमित शाह का बड़ा वादा- सत्ता में आते ही वापस होंगे गोरखा समाज पर दर्ज सभी पुलिस केस शुभेंदु अधिकारी का ‘परिवर्तन’ के लिए 5 साल का आह्वान हाई-प्रोफाइल भवानीपुर विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनौती दे रहे विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी नववर्ष पर जोरदार प्रचार किया. शुभेंदु ने ठनठनिया फिरंगी कालीबाड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की और शोभायात्रा का नेतृत्व किया. उन्होंने मतदाताओं से अपील की- आपने वामपंथियों को 34 साल और तृणमूल को 15 साल दिये हैं. राज्य के वास्तविक परिवर्तन के लिए भाजपा को सिर्फ 5 साल का मौका दें. Machh Bhat Politics: बंगाल में लड़ाई सिर्फ विकास की नहीं पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले ‘पोइला बैसाख’ के इस प्रचार ने साफ कर दिया है कि इस बार लड़ाई सिर्फ विकास की नहीं, बल्कि बंगाल की ‘थाली’ और ‘संस्कृति’ की भी है. इसे भी पढ़ें कहीं मछली लेकर प्रचार, तो कहीं प्रत्याशी ने बना दी रोटी, बाली में बजरंगबली के दर पर दिखा अनोखा भाईचारा बंगाल में मांस पर तृणमूल-भाजपा में तकरार, शमिक भट्टाचार्य ने कही ये बात बंगाल में मांस मछली पर नहीं गोहत्या पर लगायेंगे प्रतिबंध, गिरिराज सिंह का ममता बनर्जी पर पलटवार मछली चोरी के आरोप में भाजपा नेता की पिटाई, लोगों ने घंटों तक बनाये रखा बंधक The post माछ-भात पर घमासान, पोइला बैसाख पर TMC की चेतावनी- भाजपा जीती तो नहीं खा पायेंगे मछली, शुभेंदु का पलटवार appeared first on Naya Vichar.

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CM सम्राट चौधरी ने अपने पास रखे 29 विभाग, बाकी जिम्मेदारी विजय और बिजेंद्र में बांटी

Samrat Choudhary Cabinet: बिहार में नई प्रशासन बनने के बाद मंत्रालयों का बंटवारा हो गया है. फिलहाल मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम के बीच ही सभी विभाग बांटे गए हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पास कुल 29 विभाग रखे हैं. इनमें कई अहम विभाग शामिल हैं, जैसे गृह, सामान्य प्रशासन, स्वास्थ्य, नगर विकास, कृषि और उद्योग. इसके अलावा उन्होंने वे विभाग भी अपने पास रखे हैं, जो पहले भाजपा और अन्य सहयोगी दलों के मंत्रियों के पास थे. डिप्टी सीएम को मिली अहम जिम्मेदारी जेडीयू के दोनों डिप्टी सीएम के बीच 18 विभागों का बंटवारा किया गया है. विजय चौधरी को 10 विभाग दिए गए हैं, जबकि बिजेंद्र यादव को 8 विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. दोनों नेताओं को जेडीयू कोटे के पुराने विभाग दिए गए हैं. अभी अस्थायी है यह बंटवारा प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि यह विभागों का बंटवारा अभी अस्थायी है. मंत्रिमंडल का विस्तार होने के बाद नए मंत्रियों के बीच विभागों का अंतिम बंटवारा किया जाएगा. तब तक मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम ही पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे. सम्राट को इन विभागों की जिम्मेदारी सम्राट चौधरी के पास जो विभाग हैं, उनमें गृह, राजस्व, स्वास्थ्य, उद्योग, पथ निर्माण, कृषि, आपदा प्रबंधन, पर्यटन, कला-संस्कृति, श्रम संसाधन, सूचना प्रौद्योगिकी, स्पोर्ट्स, पर्यावरण और पंचायती राज जैसे बड़े विभाग शामिल हैं. इसके अलावा वे सभी विभाग भी उनके पास हैं, जो अभी किसी अन्य मंत्री को नहीं दिए गए हैं. नई प्रशासन ने संभाली कमान मंगलवार को नीतीश कुमार ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा. उसके बाद बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई जिसमें सम्राट चौधरी को नेता चुना गया. उसके बाद सम्राट ने राज्यपाल से मिलकर प्रशासन बनाने का दावा पेश किया. आज बुधवार को नई प्रशासन के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन लोक भवन में किया गया था. जिसमें सीएम और दो डिप्टी सीएम को राज्यपाल ने शपथ दिलाई. Also Read: ‘सुशासन बाबू’ अब बने पूर्व मुख्यमंत्री, नीतीश कुमार ने बदला बायो, सम्राट चौधरी के लिए क्या लिखा? The post CM सम्राट चौधरी ने अपने पास रखे 29 विभाग, बाकी जिम्मेदारी विजय और बिजेंद्र में बांटी appeared first on Naya Vichar.

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परिसीमन पर रार: यूपी में 140 तो तमिलनाडु में 58 सीटें; चिदंबरम ने आंकड़ों से सरकार को घेरा

Delimitation: पी चिदंबरम ने 16 अप्रैल से संसद सत्र आयोजित किए जाने को सुनियोजित साजिश करार दिया. कहा- इसका उद्देश्य चुनाव प्रचार में व्यस्त तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के सांसदों को सत्र में भाग लेने से रोकना है. उन्होंने पूछा, चुनावों के बाद संसद सत्र आयोजित करने में क्या खतरा है? चुनाव के कारण कुल 67 सदस्य सत्र में भाग नहीं ले पाएंगे. यूपी की सीट 80 से बढ़कर 140 हो जाएगी, जबकि तमिलनाडु को होगा घाटा: चिदंबरम पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने एक्स पर एक पोस्ट डाला जिसमें उन्होंने समझाया कि परिसीमन के बाद राज्यों में सीटों की स्थिति कितनी हो सकती है. उन्होंने अपने पोस्ट में कहा- परिसीमन विधेयक को लेकर पिछले एक हफ्ते से मैं जिस आशंका को जाहिर कर रहा था, आज वह सच साबित हो गई है. लोकसभा में तमिलनाडु का मौजूदा प्रतिनिधित्व 39 है. बढ़कर 58 हो जाएगा. मैंने कहा था कि यह महज एक भ्रम है. जब परिसीमन किया जाएगा, तो यह 58 से घटकर 46 रह जाएगा. वहीं दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश की मौजूदा संख्या 80 है. यह पहले बढ़कर 120 होगी, और परिसीमन के बाद यह और बढ़कर लगभग 140 तक पहुंच जाएगी. அரசியல் சாசன வரைவு திருத்தச் சட்டம் பற்றி நான் கடந்த ஒரு வாரமாகச் சொல்லி வரும் அச்சம் இன்று நிரூபணமாகியிருக்கிறது மக்களவையில் தமிழ்நாட்டின் எண்ணிக்கை தற்போது 39. இது 58 ஆக உயரும் என்று சொன்னார்கள். இது வெறும் மாயை என்று நான் சொன்னேன் தொகுதி மறுவரையறை செய்யும் போது 58 என்பது 46… — P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) April 15, 2026 5 दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व घटकर 20.7% रह जाएगा पी चिदंबरम ने अपने ट्वीट में बताया- जनसंख्या को स्थिर कर चुके 5 दक्षिणी राज्यों का मौजूदा प्रतिनिधित्व 24.3% है. यह घटकर 20.7% रह जाएगा. चिदंबरम ने परिसीमन विधेयक के खिलाफ विरोध करने का आह्वान किया चिदंबरम ने आरोप लगाया कि लोकसभा में दक्षिणी राज्यों की आवाज दबाई जाएगी. उन्होंने परिसीमन विधेयक को नाकाम करने और एकमत होकर इसका विरोध करने का आह्वान किया. चिदंबरम ने 50 प्रतिशत सीटों की वृद्धि और राज्य में परिसीमन के प्रतिकूल प्रभावों पर चिंता व्यक्त की. कांग्रेस नेता ने कहा, अन्नाद्रमुक के महासचिव पलानीस्वामी की परिसीमन पर प्रतिक्रिया चौंकाने वाली है, जिसमें उन्होंने अमित शाह के इस आश्वासन का हवाला दिया है कि इससे तमिलनाडु प्रभावित नहीं होगा. चिदंबरम ने लोगों से केंद्र द्वारा शुरू की गई परिसीमन प्रक्रिया का विरोध करने की भी अपील की. ये भी पढ़ें: परिसीमन विवाद: स्टालिन ने 16 अप्रैल को काले झंडे लगाकर प्रदर्शन की घोषणा की, कहा- केंद्र को भारी कीमत चुकानी होगी परिसीमन पर स्टालिन और रेवंत रेड्डी का हल्ला बोल, केंद्र को दी आंदोलन की चेतावनी The post परिसीमन पर रार: यूपी में 140 तो तमिलनाडु में 58 सीटें; चिदंबरम ने आंकड़ों से प्रशासन को घेरा appeared first on Naya Vichar.

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