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April 22, 2026

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देर रात प्रशांत किशोर से मिले तेज प्रताप यादव, एक्स पर राहुल-तेजस्वी-सम्राट को किया टैग

Bihar Politics: लालू प्रसाद के बड़े बेटे और जेजेडी सुप्रीमो तेज प्रताप यादव और प्रशांत किशोर की मुलाकात के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. नेतृत्वक गलियारे में यह चर्चा होनी भी शुरू हो गई है कि क्या कोई नया सियासी समीकरण बनने वाला है. इस मुलाकात से जुड़े वीडियो को तेज प्रताप ने एक्स अकाउंट के जरिए शेयर किया. नहीं थी सिर्फ औपचारिक मुलाकात एक्स पोस्ट में गौर करने वाली बात यह रही कि तेज प्रताप यादव ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव, बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को टैग किया है. साथ ही प्रशांत किशोर के साथ मुलाकात को बेहद खास बताया. यह भी जानकारी दी कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं थी. एक्स पोस्ट में क्या-क्या लिखा? तेज प्रताप यादव ने एक्स पर लिखा, ‘आज का दिन नेतृत्वक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहा. मेरी मुलाकात Prashant Kishor जी से हुई, जहां हमने जनहित और भविष्य की नेतृत्व को लेकर गहन चर्चा की. इस दौरान जनता की अपेक्षाओं और बदलते नेतृत्वक समीकरणों पर विस्तार से बात हुई. यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें कई ऐसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ जो आने वाले समय में नेतृत्व की दिशा तय कर सकते हैं.’ आगे तेज प्रताप यादव ने यह भी लिखा, ‘मैं तेज प्रताप यादव, इस संवाद को अपने नेतृत्वक जीवन के एक महत्वपूर्ण अनुभव के रूप में देखता हूं. जहां सकारात्मक सोच और जनसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने का संकल्प और भी मजबूत हुआ.’ JJD के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव और प्रशांत किशोर की मुलाकात का वीडियो सामने आया. जनहित और भविष्य की नेतृत्व पर चर्चा हुई. तेजप्रताप ने इसे अहम बताया और तेजस्वी यादव,सीएम सम्राट चौधरी और राहुल गांधी को पोस्ट में किया टैग.#BiharPolitics #tejpratapyadav #prashantkishor… pic.twitter.com/D96lZZYGJL — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 22, 2026 सियासी उलटफेर की संभावना बिहार की नेतृत्व में कई बार ऐसा देखा गया है कि जब दो नेताओं की मुलाकात होती है तो उसे नेता औपचारिक या फिर शिष्टाचार मुलाकात ही बताते हैं. लेकिन एक्स अकाउंट पर पोस्ट शेयर करते हुए तेज प्रताप यादव ने यह क्लियर कर दिया कि सिर्फ औपचारिक मुलाकात नहीं थी. साथ ही जिस तरह से तेज प्रताप यादव ने तेजस्वी यादव यादव, सीएम सम्राट चौधरी और राहुल गांधी को टैग किया है, उसके बाद अब बिहार की सियासत में नए सियासी उलटफेर की संभावना जताई जा रही है. Also Read: बिहार के 26 जिलों में लू की चेतावनी, 44 डिग्री तक पहुंचा पारा, कब होगी बारिश? The post देर रात प्रशांत किशोर से मिले तेज प्रताप यादव, एक्स पर राहुल-तेजस्वी-सम्राट को किया टैग appeared first on Naya Vichar.

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SRH vs DC: हालात देख बदली प्लानिंग, अभिषेक ने बताई जीत की कहानी

SRH vs DC: दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ नाबाद 135 रन की पारी के साथ सनराइजर्स हैदराबाद की बड़ी जीत के हीरो रहे अभिषेक शर्मा ने मंगलवार (21 अप्रैल) को कहा कि पिच पर गेंद थोड़ी धीमी आ रही थी जिससे पावरप्ले में टीम को अपनी प्लानिंग बदलनी पड़ी. सनराइजर्स ने दो विकेट पर 242 रन बनाने के बाद दिल्ली कैपिटल्स को नौ विकेट पर 195 रन पर रोक दिया. अभिषेक ने 68 गेंद की नाबाद पारी में 10 चौके और इतने ही छक्के लगाये. ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अभिषेक ने मैच के बाद कहा कि टीम ने शुरुआत में पावरप्ले का पूरा फायदा उठाने की योजना बनाई थी, लेकिन पिच धीमी होने के कारण उन्हें अपना प्लान बदलना पड़ा. उन्होंने कहा कि हालात देखकर रणनीति बदलना जरूरी था और उसी हिसाब से बल्लेबाजी की. अभिषेक ने टीम मैनेजमेंट को क्यों कहा शुक्रिया? अभिषेक ने टीम मैनेजमेंट का शुक्रिया जताते हुए कहा कि उन्हें अपने तरीके से स्पोर्ट्सने की पूरी आजादी मिलती है. उन्होंने कहा कि यहां स्पोर्ट्सना और फैंस का मनोरंजन करना उन्हें बहुत पसंद है. साथ ही कोच और कप्तान को खास धन्यवाद दिया, जो खिलाड़ियों को खुलकर स्पोर्ट्सने का मौका देते हैं. यह भी पढ़ें : SRH vs DC: सनराइजर्स ने दिल्ली को 47 रनों से हराया, अभिषेक शर्मा रहे हीरो उन्होंने कहा कि 2024 से सनराइजर्स हैदराबाद में मिला माहौल टीम के लिए गेमचेंजर रहा है. यही माहौल उन्हें खुलकर स्पोर्ट्सने का आत्मविश्वास देता है. अभिषेक बोले कि वे हमेशा ऐसे ही स्पोर्ट्सना चाहते थे, पंजाब के लिए भी यही अंदाज रखना चाहते हैं और SRH के लिए स्पोर्ट्सना खास एहसास देता है. ‘एल सेलिब्रेशन’ सिर्फ फैंस के लिए शतक के बाद जश्न पर अभिषेक ने कहा कि वह ‘एल सेलिब्रेशन’ काफी समय से करते आ रहे हैं. यह सिर्फ फैंस के लिए है, जो उन्हें स्टेडियम में खूब प्यार और सपोर्ट देते हैं. The post SRH vs DC: हालात देख बदली प्लानिंग, अभिषेक ने बताई जीत की कहानी appeared first on Naya Vichar.

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अक्षय कुमार के बेटे आरव ने चुनी अलग राह, फिल्मी दुनिया छोड़ इस फील्ड में कर रहे मेहनत

Akshay Kumar Son: बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार अक्षय कुमार जहां अपनी फिल्मों और करोड़ों की कमाई के लिए जाने जाते हैं, वहीं उनके बेटे आरव भाटिया अपनी सादगी और अलग सोच के कारण चर्चा में आ गए हैं. हाल ही में अक्षय कुमार ने एक पॉडकास्ट में अपने बेटे को लेकर कई अहम बातें साझा कीं, जिसके बाद आरव सुर्खियों में आ गए. विदेश में पढ़ाई और फैशन की ओर झुकाव अक्षय कुमार ने बताया कि आरव का फिल्मी दुनिया में आने का कोई इरादा नहीं है. वह अभिनय से दूरी बनाए हुए हैं और फैशन इंडस्ट्री में अपना करियर बनाना चाहते हैं. फिलहाल आरव विदेश में फैशन की पढ़ाई कर रहे हैं और इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं. 4500 रुपये की नौकरी से की शुरुआत सबसे खास बात यह है कि आरव ने अपने करियर की शुरुआत बेहद साधारण तरीके से की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह 4500 रुपये की सैलरी पर काम कर रहे हैं और बेसिक लेवल पर अनुभव हासिल कर रहे हैं. यह कदम उनकी सीखने की लगन और मेहनत को दर्शाता है. गांवों से सीख रहे हैं फैशन की बारीकियां अक्षय कुमार ने बताया कि आरव अक्सर छोटे गांवों और क्षेत्रों में जाकर फैशन से जुड़ी चीजें सीखते हैं. वहां के लोकल प्रिंट, डिजाइन और पारंपरिक कला को समझकर वह अपने काम में शामिल कर रहे हैं. यह अनुभव उन्हें फैशन की असली जड़ों से जोड़ रहा है. अक्षय कुमार का सादगी भरा पैरेंटिंग स्टाइल अक्षय कुमार ने अपने पेरेंटिंग स्टाइल पर बात करते हुए कहा कि वह अपने बेटे को ज्यादा लेक्चर नहीं देते. वह सिर्फ इतना कहते हैं कि किसी को नुकसान मत पहुंचाओ और अपनी जिंदगी खुद संभालो. उनका मानना है कि बच्चों को अपनी राह खुद चुनने की आजादी मिलनी चाहिए. लाइमलाइट से दूर रहते हैं आरव आरव भाटिया को अक्सर अपने परिवार के साथ देखा जाता है, लेकिन वह लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करते हैं. सोशल मीडिया पर भी वह ज्यादा एक्टिव नहीं हैं. फैंस का कहना है कि आरव अपने नाना राजेश खन्ना की तरह दिखते हैं और उनमें भी एक अलग स्टार पावर है, लेकिन वह सादगी को प्राथमिकता देते हैं. यह भी पढ़ें: रितेश–जेनिलिया के बेटे राहिल देशमुख ने किया एक्टिंग डेब्यू, राजा शिवाजी में आएंगे नजर The post अक्षय कुमार के बेटे आरव ने चुनी अलग राह, फिल्मी दुनिया छोड़ इस फील्ड में कर रहे मेहनत appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी के उत्तराधिकारी या बंगाल के नये ‘किंग’? 2026 का चुनाव अभिषेक बनर्जी की सबसे बड़ी ‘अग्निपरीक्षा’

खास बातें टीएमसी की रणनीति के केंद्र में अभिषेक, दक्षिण बंगाल की कमान नयी रणनीति से मैदान मारने की कोशिश में अभिषेक मुद्दों की लड़ाई : SIR और ध्रुवीकरण पर कड़ा रुख संदेशखाली और स्त्री सुरक्षा क्या शुभेंदु अधिकारी को दे पायेंगे मात? नेतृत्व पर ‘अपनों’ और ‘गैरों’ की नजर Abhishek Banerjee Political Future: बंगाल चुनाव 2026 केवल सत्ता की जंग नहीं है. यह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ‘युवराज’ अभिषेक बनर्जी के नेतृत्वक कद और भविष्य का भी फैसला करेगा. नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार के नतीजे तय कर देंगे कि अभिषेक अपनी बुआ ममता बनर्जी की विरासत को संभालने के लिए तैयार हैं या नहीं. पार्टी के भीतर ‘एक पद, एक व्यक्ति’ के नारे से लेकर चुनावी रणनीति तैयार करने तक, अभिषेक ने इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. 2026 का नतीजा उनके लिए केवल जीत-हार नहीं, बल्कि उनके नेतृत्व की स्वीकार्यता की परीक्षा है. टीएमसी की रणनीति के केंद्र में अभिषेक, दक्षिण बंगाल की कमान इस बार ममता बनर्जी ने उत्तर बंगाल पर ध्यान केंद्रित किया है, तो दक्षिण बंगाल की जिम्मेदारी अभिषेक बनर्जी के कंधों पर है. इसे टीएमसी का सबसे मजबूत किला माना जाता है. दक्षिण बंगाल में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) और वामपंथ के बढ़ते प्रभाव को रोकना अभिषेक बनर्जी के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. नयी रणनीति से मैदान मारने की कोशिश में अभिषेक अभिषेक बनर्जी इस बार नयी रणनीति से बंगाल में मैदान मारने की कोशिश में हैं. उन्होंने इस बार पार्टी में भारी बदलाव करते हुए पुराने दिग्गजों की जगह युवा और नये चेहरों को तरजीह दी है. अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो पार्टी पर उनकी पकड़ निर्विवाद हो जायेगी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मुद्दों की लड़ाई : SIR और ध्रुवीकरण पर कड़ा रुख अभिषेक बनर्जी ने इस बार रक्षात्मक होने की बजाय आक्रामक रुख अपनाया है. मतदाता सूची से 91 लाख नाम हटने के मुद्दे पर अभिषेक ने सबसे मुखर होकर विरोध दर्ज कराया है. उन्होंने दावा किया कि हटाये गये 63 प्रतिशत लोग बंगाली हिंदू हैं, जिससे उन्होंने भाजपा के ‘हिंदुत्व’ कार्ड को उसी की भाषा में जवाब देने की कोशिश की है. Abhishek Banerjee Political Future: संदेशखाली और स्त्री सुरक्षा संदेशखाली जैसी घटनाओं के बाद डैमेज कंट्रोल की जिम्मेदारी भी अभिषेक बनर्जी ने खुद उठायी. उन्होंने रैलियों के जरिये जनता को यह समझाने की कोशिश की कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ही पश्चिम बंगाल की अस्मिता की रक्षा कर सकती है. इसे भी पढ़ें : बंगाल में ममता का ‘चौका’ या भाजपा का ‘परिवर्तन’? 294 सीटों का पूरा गणित और 2 चरणों का चुनावी शेड्यूल, यहां जानें सब कुछ क्या शुभेंदु अधिकारी को दे पायेंगे मात? अभिषेक बनर्जी के लिए सबसे बड़ी व्यक्तिगत और नेतृत्वक चुनौती शुभेंदु अधिकारी हैं. नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी को घेरने के लिए अभिषेक ने खुद मोर्चा संभाला है. 2021 में ममता बनर्जी की हार का बदला लेने के लिए उन्होंने नंदीग्राम में पवित्र कर जैसे उम्मीदवार को उतारकर नंदीग्राम के बेटे की घेराबंदी की है. अगर वे शुभेंदु अधिकारी के प्रभाव को कम करने में सफल होते हैं, तो टीएमसी के भीतर उनका कद ममता बनर्जी के बाद सबसे ऊंचा हो जायेगा. नेतृत्व पर ‘अपनों’ और ‘गैरों’ की नजर पार्टी के भीतर पुराने गार्ड (Old Guard) बनाम नयी पीढ़ी के बीच चल रही खींचतान किसी से छिपी नहीं है. 2026 के नतीजे तय करेंगे कि अभिषेक बनर्जी केवल एक ‘वंशवादी उत्तराधिकारी’ हैं या स्वतंत्र और सशक्त राजनेता. अगर टीएमसी बहुमत हासिल करती है, तो मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए उनके नाम की दावेदारी और भी मजबूत हो जायेगी. नतीजों में गिरावट आयी, तो पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व पर सवाल उठ सकते हैं. इसे भी पढ़ें BJP के 3 एजेंट और संदेशखाली में स्त्रीओं का सौदा, क्या है अभिषेक बनर्जी की नयी थ्योरी? अभिषेक बनर्जी बोले- कांग्रेस को वोट दिया तो भाजपा जीतेगी, ममता बनर्जी ने अकेले लड़ी SIR की लड़ाई अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र, कहा- 2021 से भी बड़ी जीत दर्ज करेगी TMC डबल इंजन प्रशासन पर बरसे अभिषेक बनर्जी, कहा- बंगाल में नहीं चलेगा मोदी का बुलडोजर The post ममता बनर्जी के उत्तराधिकारी या बंगाल के नये ‘किंग’? 2026 का चुनाव अभिषेक बनर्जी की सबसे बड़ी ‘अग्निपरीक्षा’ appeared first on Naya Vichar.

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ये 5 किचन ट्रिक्स बदल देंगे आपकी दाल का पूरा स्वाद और खुशबू, घर पर ही मिलेगा रेस्टोरेंट जैसा फील

Cooking Tips: दाल की अगर बात करें तो इसे हिंदुस्तानीय खाने की जान भी कहा जा सकता है. यह दिखने में भले ही एकदम साधारण सी लगे, लेकिन इसका स्वाद ऐसा होता है जो हर किसी को अपना फैन बना सकता है. बस जरूरत है इसे सही तरीके से तैयार करने की. अगर आप अपनी रोज की दाल को एक टेस्टी और मजेदार ट्विस्ट देना चाहते हैं, तो आज का यह आर्टिकल आपके काफी काम आने वाला है. आज हम आपको कुछ ऐसे छोटे-छोटे सीक्रेट टिप्स बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको हर दिन दाल बनाते समय जरूर अपनाना चाहिए. जब आप इन टिप्स को फॉलो करना शुरू करेंगे, तो न सिर्फ दाल का स्वाद बदल जाएगा, बल्कि उसकी खुशबू और टेक्सचर भी पहले से कहीं बेहतर हो जाएगा. तो चलिए इन टिप्स के बारे में विस्तार से जानते हैं. दाल को सही तरीके से धोना और भिगोना अगर आप ज्यादा टेस्टी दाल बनाना चाहते हैं तो इसकी शुरुआत हमेशा तरीके से सफाई करने से होती है. अक्सर हम हड़बड़ी के चक्कर में इसे जल्दबाजी में धोकर ही पकाने के लिए चढ़ा देते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो दाल का असली स्वाद निखरकर सामने नहीं आ पाता. दाल को पकाने से पहले उसे कम से कम 2 से 3 मिनट तक अच्छे से जरूर धो लें. जब आप ऐसा करते हैं तो दाल में मौजूद गंदगी और स्टार्च बाहर निकल जाते हैं. इसके अलावा अगर आपके पास समय है तो दाल को 15 मिनट के लिए भिगोकर रख देना चाहिए. ऐसा करने से दाल सॉफ्ट और ज्यादा टेस्टी बनता है. इसके अलावा दाल का टेक्सचर भी बेहतर आता है. यह भी पढ़ें: अब नहीं होगा खाना बर्बाद, बासी खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए अपनाएं ये बेहतरीन कुकिंग हैक्स सही मसालों का सही समय पर इस्तेमाल दाल का स्वाद कैसा होगा यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि उसमें किन मसालों का इस्तेमाल किया गया है. कई लोगों की यह आदत होती है कि वे एक साथ ही सारे मसालों को डाल देते हैं, जो कि बिलकुल ही गलत तरीका है. जीरा, हींग और हल्दी जैसी चीजों को शुरुआत में तड़के में डालना चाहिए ताकि इन सभी चीजों का पूरा फ्लेवर दाल में घुल जाए. वहीं, गरम मसाले और अमचूर को हमेशा ही लास्ट में डालना चाहिए. जब आप ऐसा करते हैं तो यह और भी ज्यादा फ्रेश और टेस्टी लगने लगता है. तड़का ही है असली गेम चेंजर दाल का स्वाद बढ़ाने में एक काफी अहम भूमिका तड़के का होता है. घी में जीरा, लहसुन, प्याज और लाल मिर्च डालकर बनाया गया तड़का दाल को अलग ही लेवल पर ले जाता है. अगर आप चाहें तो इसमें करी पत्ते और राई को भी डाल सकते हैं. आपको सिर्फ इस बात का ख्याल रखना है कि तड़का हमेशा दाल पर गर्मागर्म ही डालें ताकि सारे फ्लेवर्स अच्छे से मिक्स हो जाएं. यह भी पढ़ें: सिर्फ 2 मिनट में बढ़ जाएगा फीके खाने का स्वाद, ये आसान हैक्स आएंगे आपके काम टमाटर और नींबू का भी करें इस्तेमाल अगर आपको दाल में हल्की खटास पसंद है तो इसे लाने के लिए आप टमाटर या फिर नींबू का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. जब आप टमाटर का इस्तेमाल करते हैं तो दाल को गाढ़ापन और हल्की सी मिठास मिलती है. जबकि नींबू का इस्तेमाल करने से यह और भी फ्रेश और टेस्टी लगने लगता है. आपको सिर्फ इस बात का ख्याल रखना है कि आप दाल में नींबू हमेशा पकने के बाद ही डालें. हरे धनिये और गार्निशिंग से आएगा फर्क दाल जब पक जाए तो लास्ट में आपको फ्रेश धनिया के पत्तों की उसमें डालना चाहिए. जब आप ऐसा करते हैं, तो दाल का स्वाद और भी ज्यादा बेहतर हो जाता है. यह सिर्फ स्वाद को निखारता नहीं है, इसकी वजह से यह दिखने में भी ज्यादा अट्रैक्टिव लगने लगती है. आप अगर चाहें तो ऊपर से थोड़ा सा भुना हुआ जीरा पाउडर भी इसमें डाल सकते हैं. यह भी पढ़ें: सब्जी में पड़ गया ज्यादा मसाला? इन आसान तरीकों से करें स्वाद को बैलेंस The post ये 5 किचन ट्रिक्स बदल देंगे आपकी दाल का पूरा स्वाद और खुशबू, घर पर ही मिलेगा रेस्टोरेंट जैसा फील appeared first on Naya Vichar.

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मौसम : लू का अलर्ट जारी, पारा जाएगा 40 के पार, IMD ने दी जानकारी

Weather Forecast :  मौसम विभाग ने प्रेस रिलीज जारी करके बताया कि जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 24-25 अप्रैल को और हिमाचल प्रदेश में 25-26 अप्रैल को 30-50 किमी/घंटा की तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी की संभावना है. पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड और ओडिशा में 22 से 27 अप्रैल के बीच मौसम बदलता रहेगा. कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. साथ ही बिजली गिरने और 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है. केरल और माहे में 22-23 अप्रैल के बीच, कर्नाटक (आंतरिक व तटीय), तेलंगाना, आंध्र प्रदेश (तटीय व यनम) में 22-25 अप्रैल के दौरान तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. Up weather उत्तर प्रदेश का मौसम कैसा रहेगा? उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम ज्यादातर शुष्क और गर्म रहने वाला है. दिन में तेज धूप के साथ कई जगहों पर लू चलने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी काफी परेशान करेगी. 22 से 25 अप्रैल के बीच खासकर दिन के समय लू का असर ज्यादा रहेगा. हालांकि 27 अप्रैल के आसपास कुछ इलाकों में हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं. Delhi weather दिल्ली का मौसम कैसा रहेगा? दिल्ली में अगले सात दिनों तक मौसम ज्यादातर साफ और गर्म रहने वाला है. 22 से 24 अप्रैल के बीच कई जगहों पर लू चलने की संभावना है और तापमान 42-44 डिग्री तक पहुंच सकता है. दिन में तेज गर्म हवाएं भी चलेंगी. 25 अप्रैल के बाद हल्के बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन गर्मी से खास राहत नहीं मिलेगी और तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रहेगा. यह भी पढ़ें : असम में भारी बारिश और तूफान से तबाही: बाढ़ जैसे हालात, एक की मौत राजस्थान का मौसम कैसा रहेगा राजस्थान में अगले 4–5 दिनों तक मौसम ज्यादातर शुष्क रहेगा और तापमान 1–2 डिग्री तक बढ़ सकता है. अधिकतर इलाकों में दिन का तापमान 41 से 43 डिग्री के बीच रहने की संभावना है. खासकर 23–25 अप्रैल के दौरान उत्तरी राजस्थान में कहीं-कहीं लू चल सकती है. वहीं पश्चिमी हिस्सों, खासकर जोधपुर संभाग में 22–23 अप्रैल को 20–30 किमी/घंटा की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने की भी संभावना है. राजस्थान मौसम अपडेट 21 अप्रैल pic.twitter.com/YZuHDmoIm8 — मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर (@IMDJaipur) April 21, 2026 पूरा प्रेस रिलीज देखने के लिए यहां क्लिक करें The post मौसम : लू का अलर्ट जारी, पारा जाएगा 40 के पार, IMD ने दी जानकारी appeared first on Naya Vichar.

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अमित शाह का मिशन बंगाल और बूथ विजय का मास्टरप्लान : 2021 की गलतियों से लिया सबक, अब ‘दीदी ओ दीदी’ नहीं, पन्ना प्रमुखों पर भरोसा

खास बातें हर बूथ पर 10-15 नये वोटर जोड़ने का प्लान शाह का वार-रूम : 294 सीटों का डेटा और 40-50 सीटों का स्पोर्ट्स बदला हुआ अंदाज : व्यक्तिगत हमलों पर पूरी तरह रोक क्षेत्रीय रणनीति : उत्तर बंगाल से दक्षिण बंगाल तक घेराबंदी सफारी रेनबो और अल्पसंख्यक फैक्टर BJP West Bengal Strategy 2026: बंगाल चुनाव 2026 के लिए हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी रणनीति पूरी तरह बदल दी है. 2021 की हार और व्यक्तिगत हमलों के ‘बैकफायर’ होने के बाद, इस बार अमित शाह ने खुद कमान संभालते हुए बंगाल के सियासी समर को ‘बूथ लेवल’ तक तोड़ दिया है. हर बूथ पर 10-15 नये वोटर जोड़ने का प्लान शोर-शराबे वाली रैलियों से ज्यादा ध्यान अब एक-एक बूथ पर 10-15 नये वोटर जोड़ने पर है. इस बार भाजपा का लक्ष्य केवल भाषण देना नहीं, बल्कि उन 60 सीटों को जीतना है, जहां पिछले चुनाव में हार का अंतर 5,000 से 10,000 वोटों से कम था. शाह का वार-रूम : 294 सीटों का डेटा और 40-50 सीटों का स्पोर्ट्स अमित शाह पिछले कुछ दिनों से लगातार बंगाल आ रहे हैं. वह यहां एक आधुनिक ‘वार-रूम’ चला रहे हैं. माइक्रो मैनेजमेंट : हर विधानसभा में 250-300 बूथ होते हैं. शाह का स्पष्ट निर्देश है कि अगर हर बूथ पर 10 अतिरिक्त वोटर जुड़ते हैं, तो प्रति सीट 3,000 वोटों का इजाफा होगा. यही वो जादुई आंकड़ा है, जो बंगाल की सत्ता की चाबी भाजपा को दिला सकता है. टारगेट सीटें : भाजपा ने 100-120 ‘जीतने वाली’ और 80-100 ‘मुकाबले वाली’ सीटों की पहचान की है. लक्ष्य 135-160 सीटों तक पहुंचना है, जबकि बहुमत के लिए 148 का आंकड़ा चाहिए. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बदला हुआ अंदाज : व्यक्तिगत हमलों पर पूरी तरह रोक वर्ष 2021 के बंगाल चुनाव में ‘दीदी ओ दीदी’ जैसे नारों ने ममता बनर्जी को सहानुभूति बटोरने का मौका दिया था. इस बार भाजपा ने अपनी भाषा बदल ली है. मुद्दों पर फोकस : अब हमला सीधे तौर पर भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और प्रशासनी योजनाओं की विफलताओं पर है. स्थानीय चेहरे : इस बार फिल्मी सितारों और दलबदलुओं की बजाय उन स्थानीय नेताओं को टिकट दिया गया है, जिनकी जमीनी पकड़ मजबूत है. आरजी कर मुद्दा : कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना को भाजपा ने बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया है. यहां तक कि पीड़ित डॉक्टर की मां को उत्तर 24 परगना के पानीहाटी से मैदान में उतार दिया है. इसे भी पढ़ें : बंगाल में ‘दलबदल’ से खुलती है जीत की राह? चौंकाने वाले संकेत दे रहे 3 चुनावों के आंकड़े क्षेत्रीय रणनीति : उत्तर बंगाल से दक्षिण बंगाल तक घेराबंदी भाजपा ने बंगाल को अलग-अलग जोन में बांटकर बड़े नेताओं को तैनात किया है. उत्तर बंगाल और जंगलमहल : राजबंशी समाज, चाय बागान श्रमिक और आदिवासी वोट बैंक पर नजर है. भाजपा को उम्मीद है कि 2-3 प्रतिशत का वोट स्विंग यहां की सीटों के नतीजों को पूरी तरह बदल देगा. बॉर्डर और मतुआ समाज : सीमावर्ती जिलों में नागरिकता और अधिकारों के मुद्दे पर मतुआ समुदाय के बीच ‘सॉफ्ट मैसेजिंग’ की जा रही है. दक्षिण बंगाल की चुनौती : भाजपा को 2021 में वोट तो मिले थे, पर सीटें नहीं मिलीं. अब व्यापारियों और मध्यम वर्ग के बीच ‘डोर टू डोर’ कैंपेन चलाया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी बनाम शुभेंदु अधिकारी राउंड-2, नंदीग्राम के बाद भवानीपुर बना जंग का मैदान, दीदी के गढ़ में बदली सियासत BJP West Bengal Strategy 2026: सफारी रेनबो और अल्पसंख्यक फैक्टर भाजपा का गेमप्लान दोतरफा है. पहला- हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण (OBC, SC, ST को जोड़कर) और दूसरा- अल्पसंख्यक वोटों का बिखराव. भाजपा को उम्मीद है कि कांग्रेस, वामपंथी दल और आईएसएफ मिलकर टीएमसी के अल्पसंख्यक वोट बैंक में सेंध लगायेंगे, जिसका सीधा फायदा भगवा खेमे को होगा. कुल मिलाकर, भाजपा 2026 में 2021 वाली आक्रामकता के बजाय एक ‘साइलेंट किलर’ की तरह काम कर रही है, जहां जीत का रास्ता बड़ी रैलियों से नहीं, बल्कि पन्ना प्रमुखों के जरिये बूथों से होकर गुजरता है. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव : थम गया पहले चरण का शोर, 23 को 3.60 करोड़ मतदाता चुनेंगे 152 विधायक, दांव पर शुभेंदु और अधीर की साख ममता बनर्जी बनाम शुभेंदु अधिकारी राउंड-2, नंदीग्राम के बाद भवानीपुर बना जंग का मैदान, दीदी के गढ़ में बदली सियासत बंगाल में अमित शाह का वादा- भाजपा प्रशासन बनने के 180 दिन में सुलझेगा गोरखा मुद्दा, मतदाता सूची से कटे नाम होंगे वापस बंगाल में गरजे अमित शाह- 4 मई के बाद गुंडों को उल्टा टांगकर सीधा करेगी भाजपा, लागू होगा UCC, घुसपैठियों की खैर नहीं The post अमित शाह का मिशन बंगाल और बूथ विजय का मास्टरप्लान : 2021 की गलतियों से लिया सबक, अब ‘दीदी ओ दीदी’ नहीं, पन्ना प्रमुखों पर भरोसा appeared first on Naya Vichar.

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अनुकंपा नियुक्ति में देरी पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त: रांची DC को अवमानना का नोटिस

Jharkhand High Court, रांची (राणा प्रताप की रिपोर्ट): झारखंड हाईकोर्ट ने श्रम विभाग में अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक अवमानना मामले की सुनवाई करते हुए राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर कड़ी टिप्पणी की है. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने रांची के उपायुक्त (DC) की कार्यशैली पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की. अदालत ने तल्ख लहजे में पूछा कि क्या रांची का उपायुक्त विभाग के प्रधान सचिव से भी ऊपर है, जिसने उनके स्पष्ट आदेशों का पालन करना उचित नहीं समझा. उपायुक्त को अवमानना का नोटिस और सशरीर उपस्थिति का आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए खंडपीठ ने रांची के उपायुक्त सह जिला अनुकंपा नियुक्ति समिति के अध्यक्ष मंजूनाथ भजंत्री को ‘हाईकोर्ट रूल्स’ के तहत अवमानना का नोटिस जारी किया है. अदालत ने उन्हें अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित (सशरीर) होने का कड़ा निर्देश दिया है. इसके साथ ही, श्रम विभाग के प्रधान सचिव को भी अदालत में हाजिर होकर यह स्पष्ट करना होगा कि वर्ष 2019 में नियुक्ति का आदेश जारी होने के बावजूद अब तक उस पर अमल क्यों नहीं किया गया. Also Read: हजारीबाग ट्रेजरी घोटाला: 28 करोड़ के गबन के आरोपी धीरेंद्र सिंह की जमानत खारिज, कोर्ट ने माना गंभीर अपराध क्या है राजकुमार राम की नियुक्ति का विवाद? यह पूरा मामला दिवंगत कर्मचारी राजकुमार राम के पुत्र की अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ा है. राजकुमार राम की मृत्यु के पश्चात पहले उनके बड़े पुत्र अनिल कुमार ने आवेदन दिया था, जिसे उम्र की अधिकता के आधार पर खारिज कर दिया गया था. इसके बाद छोटे पुत्र रूपेश रंजन ने नियुक्ति का दावा पेश किया. पूर्व में अदालत ने प्रधान सचिव के आदेश के आलोक में नियुक्ति पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से इस पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, जिसके बाद प्रार्थी ने अवमानना याचिका दायर की. उपायुक्त के शपथ पत्र पर भड़का कोर्ट सुनवाई के दौरान उपायुक्त की ओर से दाखिल शपथ पत्र (Affidavit) ने आग में घी डालने का काम किया. शपथ पत्र में तर्क दिया गया कि बड़े भाई द्वारा ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ (NOC) नहीं दिए जाने के कारण नियुक्ति संभव नहीं है. इस दलील पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि इस तरह के तकनीकी बहानों से न्यायिक आदेशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अदालत ने प्रधान सचिव से यह भी पूछा है कि आदेश की अवहेलना करने पर संबंधित उपायुक्त के खिलाफ विभाग ने अब तक क्या दंडात्मक कार्रवाई की है. 5 मई को होगी अगली सुनवाई खंडपीठ ने इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 मई की तिथि निर्धारित की है. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता प्रेम पुजारी राय ने दलीलें पेश कीं. अब सभी की नजरें 5 मई की सुनवाई पर टिकी हैं, जब राज्य के दो बड़े अधिकारियों को अदालत के तीखे सवालों का सामना करना पड़ेगा. Also Read: सिमडेगा में हाहाकार: 10 दिनों से प्यासा है शहर, 40 साल पुराने मोटर ने दिया जवाब The post अनुकंपा नियुक्ति में देरी पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त: रांची DC को अवमानना का नोटिस appeared first on Naya Vichar.

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22 अप्रैल की टॉप 20 खबरें: ईरान को ट्रंप की धमकी- फेल हुई वार्ता तो बरसेंगे बम, असम में भारी बारिश और तूफान से तबाही

1. ट्रंप की धमकी, फेल हुई बातचीत तो ईरान पर बरसेंगे बम, शांति वार्ता से पहले बढ़ी तकरार! Iran US Ceasefire:अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर 22 अप्रैल को खत्म हो रहा है. लेकिन दोनों देशों में बातचीत की शुरुआत होती नजर नहीं आ रही है. ट्रंप ने बमबारी की धमकी दी है और ईरान भी सख्त रुख अपनाया हुआ है. ऐसे में वार्ता से पहले ही दोनों देशों की तकरार चरम पर पहुंच गई है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 2. ट्रंप की धमकी बेअसर: ईरान ने दूसरे दौर की वार्ता का किया बहिष्कार? नहीं भेजा डेलिगेशन US Iran Peace Talk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी का ईरान पर कोई असर होता नजर नहीं आ रहा है. अमेरिका के साथ दूसरे दौर की वार्ता का ईरान ने बहिष्कार कर दिया है. इससे पहले अमेरिका और ईरान के बीच 11 और 12 अप्रैल को पहले की दौर की वार्ता हुई थी, जो बेनतीजा रहा. अब दूसरे दौर को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 3. 22 अप्रैल को समाप्त हो रहा है युद्धविराम, क्या फिर शुरू होगा ईरान युद्ध? US-Iran ceasefire 2026 : ईरान युद्ध का भविष्य क्या होगा और इसका कितना प्रभाव हिंदुस्तान और अन्य देशों पर पड़ेगा, इसे लेकर पूरी दुनिया में चिंता है. 22 अप्रैल को युद्धविराम की अवधि समाप्त हो रही है, लेकिन दोनों पक्ष अपने-अपने मुद्दे पर अड़े हैं. होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान अपना नियंत्रण चाहता है, तो अमेरिका उसके परमाणु कार्यक्रम को रोकना चाहता है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 4. ईरान का होर्मुज स्ट्रेट पर नया दांव, टोल वसूली वाले नये प्रस्ताव को संसद की समिति ने दी मंजूरी Iran Hormuz Strait: अमेरिका और इजराइल के साथ जारी तनाव के बीच ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर नया दांव चला है. अगर संसद से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो ईरान को होर्मुज पार करने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूलने का अधिकार मिल जाएगा. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 5. असम में भारी बारिश और तूफान से तबाही: बाढ़ जैसे हालात, एक की मौत Assam Heavy Rains And Storm: असम के कई हिस्सों में तूफान ने भारी तबाही मचाई है. तूफान की वजह से कामरूप जिले में एक व्यक्ति की मौत हो गई. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 6. पीएम मोदी पर खरगे का विवादित बयान: अमित शाह का अटैक, कहा- कांग्रेस को जनता देगी जवाब Mallikarjun Kharge vs PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादित टिप्पणी कर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बीजेपी के टारगेट में आ गए हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खरगे पर अटैक करते हुए- बयान की निंदा की. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 7. केरलम: पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, 13 लोगों की मौत, 5 की हालत गंभीर, देखें वीडियो Firecracker Factory Blast: केरलम के मुंडाथिकोड में एक पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार (21 अप्रैल) को विस्फोट हो गया. हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई और 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये हैं. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 8. दांतन में खूनी संघर्ष, भाजपा उम्मीदवार पर जानलेवा हमला, गाड़ियों में लगायी आग, एक की हालत नाजुक Election Violence West Bengal: पश्चिम मेदिनीपुर जिले के दांतन में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन भारी हिंसा हुई है. भाजपा उम्मीदवार अजीत जाना की रैली पर हमले का आरोप तृणमूल समर्थकों पर लगा है. आगजनी और तोड़फोड़ के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात. पढ़ें पूरी रिपोर्ट. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 9. बंगाल में ‘दलबदल’ से खुलती है जीत की राह? चौंकाने वाले संकेत दे रहे 3 चुनावों के आंकड़े West Bengal Defection Success Rate: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 से पहले एक बार फि दलबदल का स्पोर्ट्स चला. टिकट बंटवारे के बाद भी पाला बदलने का दौर जारी है. ऐसा क्यों हो रहा है? आंकड़े बताते हैं कि बंगाल में दलबदल करने वाले 36 फीसदी उम्मीदवार चुनाव जीत जाते हैं. जानें टीएमसी और भाजपा का गणित. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 10. निशांत कुमार 3 मई से बिहार यात्रा पर निकलेंगे, संजय झा बोले- आगे की रणनीति पार्टी तय करेगी Bihar Politics: निशांत कुमार 3 मई से बिहार यात्रा पर निकलेंगे. उन्होंने JDU दफ्तर में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद यह ऐलान किया. इस यात्रा के दौरान पार्टी कार्यकर्ता भी उनके साथ रहेंगे. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 11. सम्राट चौधरी के सीएम बनते ही बिहार में तेज हुआ बुलडोजर एक्शन, छपरा और मुंगेर में अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई Bihar Bulldozer Action: बिहार में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है. छपरा और मुंगेर में प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जे हटाए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 12. गोपालगंज में भू-माफियाओं पर एक्शन की तैयारी, 60 अपराधियों की लिस्ट तैयार, IPS विनय तिवारी का क्या है प्लान? Bihar News: गोपालगंज में भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी है. पुलिस ने 60 अपराधियों की लिस्ट बनाई है. उनकी अवैध संपत्ति जब्त करने के लिए मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भेजा जाएगा. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 13. रामगढ़ में बड़ी लूट: पिस्टल तानकर लूटे 1 करोड़ से अधिक के आभूषण, भाग रहे दो अपराधियों को पब्लिक ने पकड़ा Ramgarh Crime News: रामगढ़ जिले के चितरपुर रजरप्पा मोड़ पर मंगलवार को हथियारबंद अपराधियों ने भारी डकैती की घटना को अंजाम दिया. ‘शिव शंकर ज्वेलर्स’ को निशाना बनाकर अपराधियों ने करीब एक करोड़ रुपये के जेवर और नगदी लूट ली. हालांकि, ग्रामीणों की तत्परता और साहस की वजह से भाग रहे दो अपराधी पकड़े गए, जिनकी भीड़ ने जमकर पिटाई कर दी. पढ़ें, कैसे अपराधियों ने तीन दुकानों में रेकी करने के बाद इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 14. CM हेमंत सोरेन ने 299 CDPO और स्त्री पर्यवेक्षकों को दिया नियुक्ति पत्र, कहा- ‘बेहतर काम पर मिलेगा इनाम’ Hemant Soren: झारखंड में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को 299 नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपा. प्रोजेक्ट भवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में 62 सीडीपीओ और 237 स्त्री पर्यवेक्षकों को नियुक्ति दी गई. मुख्यमंत्री ने न केवल इन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की, बल्कि बेहतर प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत करने का भी ऐलान किया. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट SRH vs DC: सनराइजर्स ने दिल्ली को

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