Hot News

April 22, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

टीम इंडिया के पूर्व सेलेक्टर ने Rohit Sharma से मांगी माफी, जानें क्या है पूरा मामला

Rohit Sharma: वर्ल्ड कप स्पोर्ट्सना और जीतना किसी भी खिलाड़ी का सबसे बड़ा सपना होता है और वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाना किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ा क्षण होता है. हिंदुस्तान ने 2011 में दूसरी बार वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीती और 1983 में पहली बार खिताब जीतने के बाद से 28 वर्षों के सूखे को समाप्त किया. एमएस धोनी की अगुवाई वाली टीम ने घरेलू मैदान पर वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बनकर इतिहास रच दिया. इस जीत ने जहां देश भर के करोड़ों लोगों को खुशी से भर दिया, वहीं यह सफलता कुछ कठिन और विवादास्पद सेलेक्शन फैसलों के कारण भी चर्चा में रही. 2011 में रोहित शर्मा को किया गया था बाहर उस समय वनडे क्रिकेट में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद, रोहित शर्मा को इस प्रतिष्ठित मंच पर नेशनल टीम में मौका नहीं मिला. रोहित शर्मा को यह मौका नहीं मिला, लेकिन इस झटके के बावजूद वे सफेद गेंद क्रिकेट में हिंदुस्तान के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक बन गए. हालांकि, उन्हें टीम से बाहर रखने का कारण उनकी क्षमता पर संदेह नहीं था. उस समय बीसीसीआई के चयन समिति के अध्यक्ष, क्रिस श्रीकांत ने खुलासा किया कि यह निर्णय पूरी तरह से टीम की रणनीति और वर्ल्ड कप में ज्यादातर ऑलराउंडर्स को रखने पर केंद्रित था. उन्होंने बताया कि प्रबंधन ने 1983 की जीत के समान रणनीति अपनाई, जिसमें विशेषज्ञ खिलाड़ियों के बजाय ऑलराउंडर्स पर ध्यान केंद्रित किया गया था. चीफ सेलेक्टर श्रीकांत को अब भी होता है अफसोस क्रिस श्रीकांत ने इतने समय के बाद खुलासा करते हुए कहा, ‘मुझे आज भी उसके लिए बुरा लगता है. मैंने पिछले साल रोहित से कहा था, मुझे माफ कर दो, मुझे माफ कर दो. बीसीसीआई के पूर्व चयनकर्ता ने रोहित शर्मा से माफी मांगी. यह जानबूझकर नहीं था, बस हम उन आधे ऑलराउंडरों को लेना चाहते थे. हमारी सोच 1983 वर्ल्ड कप जैसी ही थी. श्रीकांत ने ‘द वीक’ को दिए एक साक्षात्कार में स्वीकार किया कि यह निर्णय आज भी उन्हें भारी पड़ता है. श्रीकांत की रणनीति बल्लेबाजी में गहराई लाने पर केंद्रित थी, साथ ही यह सुनिश्चित करना भी कि जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी के पर्याप्त विकल्प मौजूद हों. ऑलराउंडरों को दी गई थी प्राथमिकता यह रणनीति हिंदुस्तान की हालिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 की जीत में भी देखने को मिली थी. रोहित को टीम से बाहर रखे जाने के बावजूद, यह रणनीति कारगर साबित हुई और हिंदुस्तानीय ऑलराउंडरों ने 2011 के पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया. युवराज सिंह ने नौ मैचों में 362 रन बनाकर और 15 विकेट लेकर सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीता. उस समय कैंसर से जूझते हुए भी, उनके प्रदर्शन ने हिंदुस्तान को महत्वपूर्ण मौकों पर जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. टीम में सुरेश रैना, वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर और यहां तक ​​कि यूसुफ पठान सहित कई बल्लेबाज जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी करने के लिए उपलब्ध थे. सभी बैटरों ने जरूरत पर की बॉलिंग श्रीकांत ने आगे कहा, ‘आखिर में, टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी कौन था? युवराज सिंह, जिन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन किया. कुछ मैचों में सहवाग, सचिन और सुरेश रैना ने भी कुछ ओवर गेंदबाजी की. यहां तक ​​कि यूसुफ पठान भी आधे ऑलराउंडर हैं. इन सब बातों में, दुर्भाग्य से, जो हुआ, इस आधे ऑलराउंडर की अवधारणा के कारण, बेचारे रोहित शर्मा को जगह नहीं मिल पाई. वे वास्तव में 2011 विश्व कप में स्पोर्ट्सने के लिए काफी अच्छे थे, लेकिन बेचारे चूक गए.’ रोहित ने आयरलैंड के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था और 2011 में टीम से बाहर किए जाने से पहले लगभग 57 मैचों में 1,200 से अधिक रन बना चुके थे, जिनमें सात अर्धशतक शामिल थे. उनका सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन 2007-08 में ऑस्ट्रेलिया में हुई कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज में देखने को मिला, जहां उन्होंने 235 रन बनाए थे. ये भी पढ़ें… अभिषेक शर्मा 7वीं बार बने प्लेयर ऑफ द मैच, भुवनेश्वर कुमार का रिकाॅर्ड तोड़ा क्या जल्दी ही आईपीएल में वापसी करेंगे महेंद्र सिंह धोनी, प्रैक्टिस सेशन में आए नजर? The post टीम इंडिया के पूर्व सेलेक्टर ने Rohit Sharma से मांगी माफी, जानें क्या है पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

भाई DSP, भाभी जज, कीर्ति ने जॉब के साथ क्रैक की UPSC

Kirti Success Story: हर किसी के जीवन में कोई ना कोई रोल मॉडल जरूर होत है, लेकिन कीर्ति पंवार का तो पूरा का पूरा घर “टैलेंट हब” ही है. भाई डीएसपी, भाभी जज, पापा रिटायर्ड प्रोफेसर, मम्मी टीचर और बहन MBBS कर रही हैं. ऐसे माहौल में बड़ा होना मतलब हर दिन खुद को बेहतर बनाने का प्रेशर भी और मोटिवेशन भी. आइए कीर्ति के UPSC क्रैक करने की जर्नी (Kirti Success Story) को करीब से देखते हैं. Kirti Success Story: कौन हैं कीर्ति? कीर्ति का जन्म 24 मार्च 1999 को पानीपत, हरियाणा में हुआ. कीर्ति ने अपनी स्कूली पढ़ाई Delhi Public School, Panipat से की और यहां भी उन्होंने जमकर परफॉर्म किया. 2017 में उन्हें Academic Excellence Award मिला और CBSE Class 10 में शानदार प्रदर्शन के लिए Ministry of Human Resource Development से Letter of Appreciation भी मिला. कीर्ति की कहानी सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं थी. कीर्ति स्टेट लेवल टेबल टेनिस और क्रिकेट प्लेयर भी रहीं. स्कूलिंग खत्म होने के बाद कीर्ति दिल्ली चली गईं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई स्कूल के बाद कीर्ति ने Hindu College, University of Delhi से BA (Programme) किया, जिसमें Economics और Political Science जैसे सब्जेक्ट थे. यहीं से उनका झुकाव पब्लिक पॉलिसी और गवर्नेंस की तरफ बढ़ा. इसके बाद उन्होंने Campus Law Centre, Faculty of Law, University of Delhi से LLB किया और 2023 में डिग्री पूरी की. इतना ही नहीं, CLAT PG 2024 में All India Rank 2 हासिल कर चुकी हैं. जॉब के साथ पढ़ाई वकालत पूरा होने के बाद कीर्ति ने एक लॉ फर्म ज्वाइन किया. PowerGrid में Officer Trainee (Law) के तौर पर जॉब शुरू की. हालांकि, उनका मन सिविल सर्विस में जाने का था. कीर्ति बताती हैं कि वो सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करती थीं. इसके बाद ऑफिस जाती थीं. UPSC की तैयारी कीर्ति बताती हैं कि उन्होंने सिविल सर्विस की परीक्षा सबसे पहले साल 2021 में दी थीं. पहले प्रयास में ही वो प्रीलिम्स परीक्षा पास कर ली. इसके बाद उन्होंने तीन बार प्रीलिम्स एग्जाम एग्जाम क्रैक किया. कीर्ति को चौथे प्रयास में सफलता हासिल हुई. यह भी पढ़ें: मजदूर की बेटी ने किया कमाल, UPSC में गुडेल्ली सृजना को मिली AIR 55 The post भाई DSP, भाभी जज, कीर्ति ने जॉब के साथ क्रैक की UPSC appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

गर्मियों में नहीं आती चैन की नींद? सोने से पहले करें ये 5 काम, सुबह उठेंगे एकदम फ्रेश और एनर्जेटिक

Summer Night Routine: गर्मियों की रातें अक्सर हमारा सुकून छीन लेती हैं. पंखे और कूलर चलने के बावजूद भी हमें पूरी रात पसीना आता रहता है, चिपचिपाहट सी महसूस होती है और बेचैनी की वजह से नींद भी सही तरीके से नहीं आती है. पूरी रात करवटें बदलते बीत जाती है और अगर आंख लग भी जाए तो बार-बार नींद खुल जाता है. जब बार-बार ऐसा होता है हमें थकान लगने लगती है और चिड़चिड़ापन भी महसूस होता है. अगर आपके साथ भी हर रात ऐसा हो रहा है, तो आज की यह आर्टिकल खास आपके लिए ही है. आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं जिन्हें रात को सोने से पहले अगर आप अपनाते हैं तो आपकी नींद की क्वालिटी पूरी तरह से सुधर जाती है. जब आप इन आदतों को अपनाने लगते हैं तो आपको एक गहरी और सुकून से भरी नींद आने लगती है. चलिए इनके बारे में जानते हैं विस्तार से. हल्का और सही समय पर डिनर करें गर्मियों की इन रातों में आपको हमेशा हल्का और सही समय पर डिनर करना चाहिए. जब आप रात के समय देर से भोजन करते हैं तो खाना आपके पेट में ठीक से डाइजेस्ट नहीं हो पाता है. ऐसा होना गैस, जलन और बेचैनी का कारण बन सकता है. आपको कोशिश करनी चाहिए कि आप सोने से करीबन 3 घंटे पहले डिनर जरूर कर लें. जब आप ऐसा करेंगे तो आपके शरीर को आराम मिलेगा और आपको नींद भी जल्दी ही आने लगेगी. ये भी पढ़ें: क्या हैं लू लगने के 5 शुरुआती लक्षण? जानें इससे बचने का सबसे आसान तरीका ठंडे पानी से शरीर को करें रिलैक्स रात को सोने से पहले आपको हमेशा नॉर्मल या फिर ठंडे पानी से नहाना चाहिए. यह आपके शरीर के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होता है. जब आप नहा लेते हैं तो आपके शरीर का तापमान कम होता है और दिमाग को भी आराम मिलता है. अगर आपके लिए नहाना संभव नहीं है तो आपको सोने से पहले अपने हाथों और पैरों के साथ-साथ चेहरे को भी ठंडे पानी से धोना चाहिए. जब आप ऐसा करते हैं तो आपके शरीर को अंदर से ठंडक का एहसास होता है. ऐसा होने से नींद भी बेहतर आती है. सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करें रात को सोने से पहले स्मार्टफोन और लैपटॉप का इस्तेमाल करना एक आम बात बन गयी है. अगर आपकी यह आदत है तो आपको इसे जल्द से जल्द सुधार लेना चाहिए. आपकी यह गलती आपकी नींद को खराब कर सकती है. स्क्रीन से निकलने वाली रोशनी आपके दिमाग को पूरी रात के लिए एक्टिव कर देती है और आपको रात के समय नींद देर से आती है. रात को सोने से कम से कम 30 मिनट पहले सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से दूरी बना लेनी चाहिए. बेहतर होगा कि आप कोई किताब पढ़ें या फिर कोई सॉफ्ट म्यूजिक सुनें. ये भी पढ़ें: क्या आप भी खाना खाने के तुरंत बाद करते हैं ये गलतियां? जानिए इसके खतरनाक नुकसान कमरे को बनाएं ठंडा और आरामदायक अगर आप चाहते हैं कि आपको अच्छी नींद आये तो आपको अपने सोने वाली जगह के माहौल का खास ख्याल रखना चाहिए. गर्मियों के इन दिनों में आपको अपने कमरे को जितना हो सके ठंडा और हवादार रखने की कोशिश करंसी चाहिए. जब आप ऐसा करेंगे तो आपको बेहतर नींद आएगी. इसके अलावा कॉटन की चादर का इस्तेमाल करें और ढीले-वाले कपड़े पहनना शुरू कर दें. कमरे को ठंडा बनाये रखने के लिए पंखे, कूलर या फिर एयर कंडीशनर का इस्तेमाल करें. दिमाग को भी दें आराम दिनभर की भागदौड़ और स्ट्रेस का सीधा असर रात को आने वाली नींद पर पड़ता है. ऐसे में आपको रात को सोने से पहले न ज्यादा सोचना चाहिए और न ही चिंता करनी चाहिए. अगर आप चिंता करेंगे या चीजों को ज्यादा सोचेंगे तो आपकी नींद खराब हो जाएगी. आपको कोशिश करनी चाहिए कि रात को सोने से पहले अपने मन को पूरी तरह से शांत जरूर कर लें. सोने से पहले 5 से 10 मिनट डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें या फिर मेडिटेशन करें. जब आप ऐसा करेंगे तो आपका मन शांत होगा और नींद जल्दी आएगी. ये भी पढ़ें: सिर्फ 1 महीने में बदल जाएगा आपका शरीर, रोज 20 मिनट वॉक करें और देखें ये 5 कमाल के बदलाव The post गर्मियों में नहीं आती चैन की नींद? सोने से पहले करें ये 5 काम, सुबह उठेंगे एकदम फ्रेश और एनर्जेटिक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पटना लौटते ही नीतीश कुमार से मिले सीएम सम्राट चौधरी, पहली कैबिनेट मीटिंग में लिए जा सकते हैं कई बड़े फैसले

Samrat Choudhary: दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीधे नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे. दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई हैं. तस्वीरों में नीतीश कुमार सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखे नजर आ रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री सिर झुकाकर उनका अभिवादन करते दिखे. इस मुलाकात को सियासी तौर पर काफी अहम माना जा रहा है. आज पहली कैबिनेट बैठक बिहार में नई सम्राट प्रशासन की पहली कैबिनेट बैठक आज यानी बुधवार शाम 6 बजे बुलाई गई है. इस बैठक में रोजगार और युवाओं से जुड़े बड़े फैसले लिए जाने की संभावना जताई जा रही है. माना जा रहा है कि प्रशासन शुरुआती फैसलों के जरिए बड़ा संदेश देने की तैयारी में है. PM मोदी से भी मिले सम्राट 21 अप्रैल को मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की. मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि राज्य के विकास और जनकल्याण को लेकर प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन मिला. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सहयोग बिहार की प्रगति को नई दिशा देगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली में कई वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की. उन्होंने राधामोहन सिंह और गिरिराज सिंह से मुलाकात कर राज्य के कई मुद्दों पर चर्चा की. RSS दफ्तर और BJP मुख्यालय भी गए प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दफ्तर भी पहुंचे, जहां उन्होंने संघ के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की. इसके पहले वे हिंदुस्तानीय जनता पार्टी मुख्यालय भी गए थे, जहां उनकी मुलाकात नितिन नवीन से हुई. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान मंत्रिमंडल के नामों पर अंतिम चर्चा की गई और लिस्ट को फाइनल रूप दिया गया. अब सबकी नजर आज होने वाली कैबिनेट बैठक पर टिकी है, जहां से प्रशासन के एजेंडे की स्पष्ट झलक मिल सकती है. Also Read: अनंत सिंह बोले- पप्पू यादव पागल हो गए हैं, पहले ये बताएं, पत्नी MP कैसे बनीं? सांसद ने कहा- नोटिस फाड़कर फेंक दिया The post पटना लौटते ही नीतीश कुमार से मिले सीएम सम्राट चौधरी, पहली कैबिनेट मीटिंग में लिए जा सकते हैं कई बड़े फैसले appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बच्चे की जिद के आगे घुटने टेकना पड़ सकता है भारी, आज ही सुधारें उसकी खाने-पीने की ये आदतें

Parenting Tips: आज के समय में आप किसी भी घर जिसमें छोटे शिशु हैं, उसमें यह समस्या देखने को मिलती ही है कि वे हेल्दी खाना नहीं, बल्कि अपनी पसंद की चीजों को ज्यादा खाना चाहते हैं. कभी अचानक से चिप्स खाने की जिद, तो कभी सुबह उठते ही चॉकलेट की डिमांड. इस तरह के चीजों के प्रति ज्यादा झुकाव होने की वजह से अक्सर शिशु घर पर बनी हेल्दी चीजों को देखते ही मुंह बनाने लग जाते हैं. अगर बार-बार ऐसा होता रहे तो यह एक समय के बाद पैरेंट्स के लिए परेशानी की वजह बन जाता है. कई बार पैरेंट्स प्यार में आकर या फिर समय की कमी होने की वजह से बच्चों की उनकी पसंद की चीजें दे देते हैं, बिना इस बात को सोचे कि आगे चलकर इसका बच्चों की सेहत पर क्या असर पड़ेगा. आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो पैरेंट्स शिशु को खाना खिलाते समय अनजाने में कर देते हैं. अगर आप इन गलतियों को समय रहते सुधारते नहीं हैं तो आपके शिशु की सेहत पर इसका काफी बुरा असर पड़ सकता है. जंक फूड पर ज्यादा डिपेंड करना आज के बच्चों को घर पर बनी चीजें नहीं बल्कि पिज्जा, बर्गर, चिप्स और पैक्ड चीजें ज्यादा पसंद आते हैं. यह एक बड़ी वजह है कि पैरेंट्स आसानी से बच्चों को ये चीजें खाने के लिए दे देते हैं. अगर आप भी अपने शिशु को खाने में इस तरह की चीजें देते हैं तो आपको जान लेना चाहिए कि इनमें न्यूट्रिशन कम और नुकसान ज्यादा होता है. जब शिशु ज्यादा जंक फूड्स खाने लगते हैं तो उनमें मोटापा, कमजोरी और डाइजेशन से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं. यह भी पढ़ें: क्या बिना ट्यूशन आपका बच्चा नहीं कर सकता क्लास में टॉप? यह आर्टिकल बदल देगा आपकी सोच सब्जियों और फलों को नजरअंदाज करना कई शिशु ऐसे भी होते हैं जिन्हें सब्जियां और फलों का सेवन करना अच्छा नहीं लगता है. ऐसे में माता-पिता बच्चों के इस जिद के सामने अपने घुटने टेक देते हैं. किसी भी माता-पिता के लिए यह सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है. फलों और सब्जियों में आपको भरपूर मात्रा में विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर मिल जाते हैं. अगर आप अपने शिशु को फल और सब्जियां नहीं खिलाते हैं तो शिशु की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है. बच्चों को जबरदस्ती खाना खिलाना कुछ माता-पिता ऐसे भी होते हैं जो बच्चों को ज्यादा खिलाने के चक्कर में उनसे जबरदस्ती करते हैं. जब आप ऐसा करते हैं तो आपके शिशु खाने की चीजों से दूर भागने लग जाते हैं और खाने की चीजों के प्रति उनका एक निगेटिव नजरिया भी बन जाता है. आपको हमेशा अपने शिशु को उनकी भूख को देखते हुए खाने की चीजें देनी चाहिए. इसके अलावा आपको अपने शिशु में हेल्दी चीजें खाने की आदतों को भी बढ़ावा देना चाहिए. यह भी पढ़ें: पढ़ाई करते समय बार-बार भटक जाता है शिशु का ध्यान? स्टडी टेबल से तुरंत हटाएं ये 4 चीजें बच्चों को पानी कम पिलाना अक्सर माता-पिता अपने शिशु के खाने-पीने का ख्याल तो सही तरीके से रख लेते हैं, लेकिन उन्हें पानी पिलाने की जरूरत को नजरअंदाज कर देते हैं. अगर आप अपने शिशु को सही मात्रा में पानी नहीं मिलाते हैं तो उन्हें डिहाइड्रेशन, थकान और डाइजेशन से जुड़ी प्रॉब्लम्स हो सकती है. आपको अपने शिशु को हर थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पिलाते रहना चाहिए. मीठी चीजों का हद से ज्यादा सेवन जब शिशु छोटे होते हैं तो पैरेंट्स अक्सर उन्हें चॉकलेट, कैंडीज, कोल्ड ड्रिंक या इस तरह की मीठी चीजें खिलाने की गलती कर देते हैं. इस तरह की चीजें बच्चों के दांतों को खराब कर देती हैं और उन्हें मीठी चीजें खाने की आदत लग जाती है. अगर शिशु छोटे हैं तो आपको उन्हें काफी सीमित मात्रा में मीठी चीजें खिलानी चाहिए. हद से ज्यादा मीठी चीजों की जगह पर आप उन्हें फलों या फिर घर पर बनी चीजों का सेवन करवा सकते हैं. यह भी पढ़ें: क्या आप भी शिशु की हर जिद पर कहते हैं ‘हां’? जानिए कब जरूरी है ‘ना’ कहना The post शिशु की जिद के आगे घुटने टेकना पड़ सकता है भारी, आज ही सुधारें उसकी खाने-पीने की ये आदतें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नेपाल में फिर बवाल, बालेन शाह को झटका, 26 दिन के अंदर गृह मंत्री ने दिया इस्तीफा

Nepal Home Minister Resigns: सुदन गुरुंग ने फेसबुक पर अपने इस्तीफे की घोषणा की. गुरुंग ने कहा- उन्होंने जनता की आलोचना को गंभीरता से लिया है. सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए पद छोड़ने का फैसला किया है. उन्होंने इस्तीफा देते हुए लिखा- मैं, सुदन गुरुंग, चैत्र 13, 2082 (26 मार्च, 2026) से गृह मंत्री के रूप में पूरी ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन कर रहा हूं. हाल ही में, मैंने अपने शेयरों और संबंधित मामलों को लेकर नागरिकों द्वारा उठाए गए सवालों, टिप्पणियों और सार्वजनिक चिंताओं को बहुत गंभीरता से लिया है. मेरे लिए किसी भी पद से ज्यादा महत्व नैतिक मूल्यों का है : गुरुंग सुदन गुरुंग ने इस्तीफा पत्र में लिखा- मेरे लिए, किसी भी पद से ज्यादा महत्व नैतिक मूल्यों का है, और जनता के विश्वास से बड़ी कोई शक्ति नहीं है. आज का Gen Z आंदोलन, जो सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करता है, वही संदेश देता है: सार्वजनिक जीवन स्वच्छ होना चाहिए और नेतृत्व जवाबदेह होना चाहिए. सुदन गुरुंग पर क्या है आरोप? सुदन गुरुंग पर गृह मंत्री रहते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. उनपर आय से अधिक संपत्ति और शेयर बाजार में संदिग्ध कारोबार करने का आरोप है. दावा किया गया है कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद कारोबारी दीपक भट्ट के साथ उन्होंने आर्थिक लेनदेन की है. आरोप ये भी है कि गुरुंग ने अपनी आधिकारिक संपत्ति की घोषणा में स्टार माइक्रो इंश्योरेंस और लिबर्टी माइक्रो लाइफ में निवेश की जानकारी नहीं दी थी. 9 अप्रैल को पीएम बालेंद्र शाह ने मंत्री दीपक कुमार साह को पद से हटाया था इससे पहले 9 अप्रैल को, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने अपनी पार्टी की सिफारिश पर, श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार साह को अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते पद से हटा दिया था. दीपक कुमार साह पर क्या था आरोप? दीपक कुमार साह पर आरोप था कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी पत्नी, जूनू श्रेष्ठ को स्वास्थ्य बीमा बोर्ड के सदस्य के तौर पर बनाए रखा. यह एक ऐसा पद था जो लंबे समय से लगभग निष्क्रिय पड़ा था. आयोग ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट पार्टी को सौंपी थी, जिसमें साह के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई थी. ये भी पढ़ें: नेपाल में बवाल: कुर्सी संभालते ही मुश्किल में बालेन शाह, विरोध तेज The post नेपाल में फिर बवाल, बालेन शाह को झटका, 26 दिन के अंदर गृह मंत्री ने दिया इस्तीफा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अनंत सिंह बोले- पप्पू यादव पागल हो गए हैं, पहले ये बताएं, पत्नी MP कैसे बनीं? सांसद ने कहा- नोटिस फाड़कर फेंक दिया

Anant Singh On Pappu Yadav: बिहार की नेतृत्व में इन दिनों स्त्रीओं को लेकर दिए गए एक बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव अपने बयान पर अड़े हुए हैं, जबकि मोकामा विधायक अनंत सिंह ने उन्हें घेरते हुए तीखा पलटवार किया है. इस पूरे मामले ने नेतृत्वक माहौल को और गर्म कर दिया है. ‘मैंने कुछ गलत नहीं कहा’- पप्पू यादव दरअसल, पप्पू यादव ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि स्त्रीओं की नेतृत्व में एंट्री बिना समझौते के आसान नहीं होती. इस बयान को लेकर विरोध शुरू हुआ, लेकिन बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने साफ कर दिया कि वे अपने शब्दों से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने कहा कि उन्होंने वही कहा जो समाज में हो रहा है और यह कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं थी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि समाज में स्त्रीओं को देवी का दर्जा तो दिया गया, लेकिन असल सम्मान आज भी नहीं मिला है और उनके साथ शोषण जारी है. स्त्री आयोग के नोटिस पर तीखी प्रतिक्रिया स्त्री आयोग द्वारा भेजे गए नोटिस पर भी पप्पू यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि उन्होंने उस नोटिस को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया है. उनके इस बयान ने विवाद को और तेज कर दिया है और इस पर नेतृत्वक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. अनंत सिंह का पलटवार, निजी सवाल से घेरा इस बयान पर मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पप्पू यादव पागल हो गया है. जब सांसद 90 प्रतिशत स्त्रीओं पर इस तरह का आरोप लगा रहे हैं, तो उन्हें पहले अपने घर से जवाब लेना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि वे बताएं कि पहले उनकी पत्नी कहां है. दूसरी स्त्रीओं पर आरोप लगाने से पहले पप्पू यादव अपनी पत्नी से तो पूछे कि वह कैसे नेतृत्व में गई थी. पटना: ”पहले अपनी पत्नी से पूछे…” JDU विधायक अनंत सिंह ने पप्पू यादव के दिए गए स्त्रीओं के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. कहा-जब उन्होंने कहा कि 90% स्त्रीएं नेतृत्व में आने के लिए बेड का सहारा लेती हैं तो पहले पप्पू यादव अपने पत्नी से तो पूछे वह कैसे गई थी. वह सभी स्त्रीओं को कह… pic.twitter.com/P8Y1UH2Bbm — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 22, 2026 निशांत कुमार के दौरे पर क्या बोले अनंत सिंह अनंत सिंह ने निशांत कुमार के बिहार दौरे को सही बताते हुए कहा कि जो नेता मैदान में उतरता है, वही असल स्थिति को समझ पाता है. उनके मुताबिक, घूमने से ही पता चलता है कि कहां क्या काम करना है. वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी उन्होंने हमला बोला. अनंत सिंह ने कहा कि विपक्ष के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है और वे सिर्फ बेवजह की बातें कर रहे हैं. पटना: JDU विधायक अनंत सिंह ने कहा कि निशांत कुमार का पूरे बिहार में घूमना अच्छी बात है, तभी काम की जानकारी मिलेगी. राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, सब फाजुल बात है श्रवण कुमार को नेता बनने पर बधाई दी.#BiharPolitics #JDU… pic.twitter.com/0SYFED9kMB — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 22, 2026 श्रवण कुमार को बताया मेहनती नेता जदयू में श्रवण कुमार को विधायक दल का नेता चुने जाने पर उन्होंने समर्थन जताया. अनंत सिंह ने कहा कि श्रवण कुमार पार्टी के पुराने और मेहनती नेता हैं और उनके नेतृत्व में संगठन आगे बढ़ेगा. अपराध और एनकाउंटर पर बयान अपराध के मुद्दे पर भी अनंत सिंह ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि जो लोग गलत काम करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होना तय है. उनके मुताबिक, अगर लोग सुधर जाएं तो एनकाउंटर की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. उन्होंने यह भी कहा कि आजकल कम उम्र के शिशु भी गलत रास्ते पर जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है. Also Read: गोपालगंज में भू-माफियाओं पर एक्शन की तैयारी, 60 अपराधियों की लिस्ट तैयार, IPS विनय तिवारी का क्या है प्लान? The post अनंत सिंह बोले- पप्पू यादव पागल हो गए हैं, पहले ये बताएं, पत्नी MP कैसे बनीं? सांसद ने कहा- नोटिस फाड़कर फेंक दिया appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अस्पताल का बिल बना देगा कंगाल! ऐसे चुनें सही हेल्थ इंश्योरेंस

Health Insurance: नोएडा के 36 साल के वैभव पांडेय ने सोचा था कि 5 लाख का हेल्थ कवर लेकर उन्होंने जंग जीत ली है. लेकिन जब पत्नी की हार्ट सर्जरी हुई और बिल 11 लाख आया, तो बीमा कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए. वैभव को अपनी मेहनत की कमाई खर्च करनी पड़ी और ऊपर से कर्ज भी लेना पड़ा. आज के दौर में इलाज इतना महंगा हो गया है कि पुरानी घिसी-पिटी पॉलिसियां अब काम नहीं आतीं. अब जमाना है ‘कस्टमाइज्ड हेल्थ इंश्योरेंस’ का. आइए जानते हैं कि यह क्या है और आपको इसे क्यों चुनना चाहिए. क्या है कस्टमाइज्ड हेल्थ इंश्योरेंस ? यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप अपनी पसंद की ‘थाली’ खुद सजाते हैं. इसमें बीमा कंपनी आपको यह मजबूर नहीं करती कि आप वो चीजें लें जिनकी आपको जरूरत नहीं है. इसके बजाय, आप अपनी उम्र, बीमारी के इतिहास और परिवार की जरूरत के हिसाब से अपना प्लान खुद डिजाइन करते हैं. एक्सपर्ट्स क्यों दे रहे हैं इसे चुनने की सलाह? बीमा एक्सपर्ट अमित भंडारी के मुताबिक, हर इंसान की लाइफस्टाइल अलग है, तो उसका बीमा एक जैसा क्यों हो? अगर आप युवा हैं, तो आप जिम इंजरी या एक्सीडेंट कवर पर ध्यान दे सकते हैं. आप सिर्फ उन्हीं फीचर्स के पैसे देते हैं जो आप चुनते हैं, जिससे फालतू का प्रीमियम बचता है. कस्टमाइज्ड प्लान होने से अस्पताल में ‘आउट ऑफ पॉकेट’ यानी अपनी जेब से पैसा देने की नौबत कम आती है. आज के दौर में कितना कवर है जरूरी? अगर आप किसी बड़े शहर में रहते हैं, तो 15 से 20 लाख रुपये का कवर अब न्यूनतम जरूरत बन गया है. इसके पीछे दो बड़े कारण हैं: हिंदुस्तान में इलाज का खर्च हर साल 12-14% की रफ्तार से बढ़ रहा है. हार्ट, किडनी या कैंसर जैसी बीमारियों का खर्च आसानी से 10 लाख के पार निकल जाता है. पॉलिसी में क्या-क्या एक्स्ट्रा जोड़ सकते हैं ? कस्टमाइज्ड प्लान में आपको 15-20 तरह के विकल्प मिलते हैं, जैसे: मैटरनिटी कवर: अगर आप परिवार बढ़ाने की सोच रहे हैं. रिस्टोरेशन बेनिफिट: अगर एक बार पूरा पैसा खत्म हो जाए, तो कंपनी दोबारा उतना ही पैसा भर देती है. ओपीडी खर्च: डॉक्टर की फीस और दवाइयों का खर्च. वेटिंग पीरियड कम करना: पुरानी बीमारियों (जैसे BP, शुगर) का कवर जल्दी शुरू करवाना. बीमा लेने से पहले ये जरूर पूछें क्या मेरी पॉलिसी में ‘रूम रेंट’ (कमरे के किराए) की कोई सीमा है? क्या इसमें ‘रिस्टोरेशन’ का विकल्प है? क्या अस्पताल के बिल में मुझे अपनी तरफ से कुछ प्रतिशत पैसा देना होगा (Co-payment)? Also Read: KCC का लोन नहीं भरा तो क्या बिक जाएगी जमीन ? जानें पूरा सच The post अस्पताल का बिल बना देगा कंगाल! ऐसे चुनें सही हेल्थ इंश्योरेंस appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Yogi Adityanath: बंगाल की धरती काबा की नहीं, मां काली की रहेगी, ममता के गढ़ में योगी की ललकार

मुख्य बातें बंगाल को अब तक सब ने लूटा गया बंगाल की अस्मिता का अपमान बंगाल में 7000 उद्योग बंद Yogi Adityanath: कोलकाता. पश्चिम बंगाल के जोरासांको में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि टीएमसी के गुंडे बंगाल को कंगाल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. अपने अंदाज में गरजते हुए सीएम योगी ने कहा कि बंगाल को टीएमसी की गुलामी से मुक्त कराने का अवसर आपके सामने है. पहले पूरा देश रोजगार के लिए बंगाल आता था. शोध होते थे, ज्ञान की धरा थी..लेकिन आज बंगाल अपनी बदहाली से लड़ रहा है. बंगाल को अब तक सब ने लूटा गया सीएम योगी ने कहा कि पहले कांग्रेस ने लूटा, फिर कम्युनिस्टों ने नोचा और 15 साल से टीएमसी के गुंडे बंगाल को कंगाल बनाने के लिए सारे यत्न कर रहे हैं. योगी ने आगे आरोप लगाया कि बंगाल में धड़ल्ले से गोहत्या होती है. भगवान राम के नाम से ममता दीदी को चिढ़ है. शोभायात्रा पर बैन लगता है. दुर्गा पूजा के समय कर्फ्यू लगता है. व्यापारी सुरक्षित नहीं हैं. टीएमसी के गुंडे उनसे गुंडा टैक्स वसूलते हैं. बंगाल की अस्मिता का अपमान योगी ने रैली में TMC का मतलब- टेरर, माफिया राज और करप्शन बताया. उन्होंने कहा- बंगाल की धरती काबा की नहीं, मां काली की रहेगी, TMC के गुंडों का उपचार, डबल इंजन की भाजपा प्रशासन. जोरासांको में रैली करते हुए योगी ने कहा कि यह क्षेत्र गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर का ठाकुरबाड़ी है. साहित्य के लिए पहली बार किसी हिंदुस्तानीय को नोबेल प्राइज मिला था. पूरा हिंदुस्तान गौरव करता है. दुखद है कि गुरुदेव के उस हेरिटेज परिसर में, जहां उनकी तस्वीर लगनी चाहिए थी, जहां हिंदुस्तान माता की तस्वीर होनी चाहिए थी, वहां पर टीएमसी के गुंडों ने जबरन कब्जा करके ममता दीदी का फोटो लगा दिया. यह हिंदुस्तानीयता का अपमान है, बंगाल की अस्मिता का अपमान है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बंगाल में 7000 उद्योग बंद यूपी के सीएम ने कहा कि बंगाल आज बदहाल है, जो ज्ञान की धरा थी आज वो बेरोजगारी के अंधकार में भटकती हुई दिखाई दे रही है. 10 साल में ही 7,000 से ज्यादा बड़े उद्योग बंगाल में बंद हुए है. 30 लाख से अधिक नौजवान बेरोजगार हुए हैं, लेकिन TMC और ममता दीदी के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है. बुआ और भतीजे, दोनों बंगाल के अस्तित्व को पूरी तरह समाप्त करना चाहते हैं. कोलकाता का मेयर बोलता है कि उर्दू चलेगी. मैं कहता हूं कि बंगाली अस्मिता के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता है. टीएमसी के लोगों को बताने की आवश्यकता है कि काबा से नहीं, बंगाल की पहचान कालीबाड़ी से है. Also Read: बंगाल में भरे जा रहे अन्नपूर्णा योजना के फॉर्म, तृणमूल ने बीजेपी पर लगाया आचार संहिता तोड़ने का आरोप The post Yogi Adityanath: बंगाल की धरती काबा की नहीं, मां काली की रहेगी, ममता के गढ़ में योगी की ललकार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सरायकेला में हाहाकार: 7 करोड़ की योजना फेल, लो-वोल्टेज की वजह से 10 गांव प्यासे, 1274 घरों में नल सूखे

सरायकेला-खरसावां, (शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट): कोल्हन प्रमंडल के सरायकेला-खरसावां जिले में बढ़ती गर्मी और चढ़ते पारे के बीच पेयजल समस्या ने विकराल रूप ले लिया है. क्षेत्र की महत्वपूर्ण ‘गोंडामारा-सामुरसाई’ जलापूर्ति योजना में आई तकनीकी खराबी के कारण पिछले तीन दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप है. इस योजना के बंद होने से जोरडीहा और तेलायडीह पंचायत के अंतर्गत आने वाले लगभग 1274 घरों में पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो गया है. सुबह और शाम के समय नल से पानी आने की उम्मीद में बैठे ग्रामीणों को अब दूर-दराज के चापाकलों और अन्य निजी स्रोतों का सहारा लेना पड़ रहा है. लो-वोल्टेज और खराब ट्रांसफॉर्मर बना मुख्य बाधा मिली जानकारी के अनुसार, जलापूर्ति बाधित होने का मुख्य कारण क्षेत्र में व्याप्त ‘लो-वोल्टेज’ की समस्या है. इस वजह से पंप हाउस में लगे शक्तिशाली मोटर सही गति से नहीं चल पा रहे हैं, जिसके चलते संजय नदी से आने वाला पानी जलमीनार तक नहीं पहुंच रहा है. बताया गया कि योजना की क्षमता लगभग 4.20 लाख लीटर है, लेकिन वोल्टेज की कमी के कारण जलमीनार में पर्याप्त जल भंडारण नहीं हो पा रहा है. इसके अतिरिक्त, योजना के संचालन के लिए लगे दो ट्रांसफॉर्मर में से एक में तकनीकी खराबी आ गई है. जलापूर्ति का जिम्मा संभाल रही कंपनी ‘एसकेएस प्राइवेट लिमिटेड’ ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पीएचइडी (PHED) विभाग को लिखित रूप से सूचित कर दिया है. इन 10 गांवों की आबादी पर टूटा संकट इस जलापूर्ति योजना के ठप होने से खरसावां की दो प्रमुख पंचायतों जोरडीहा और तेलायडीह के करीब दस गांव सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं. प्रभावित क्षेत्रों में सामुरसाही, गोंडामारा, छोटाबांबो, तेलांगजुडी, पिताकलांग, महादेवबुट्टा, छोटा सरगाडीह, बालियाटांड, फूचुडूंगरी, बेगनाडीह, जोरडीहा और गितीलता गांव के विभिन्न टोले शामिल हैं. इन इलाकों में रहने वाले 1274 परिवारों को पिछले 72 घंटों से एक बूंद पानी भी नल के जरिए नसीब नहीं हुआ है. Also Read: जामताड़ा के नारायणपुर में दो सड़क हादसे: एक युवक की मौत, कई घायल चापाकलों पर लंबी कतारें, व्यवस्था पर सवाल जलापूर्ति ठप होने के बाद ग्रामीण अब पारंपरिक जलस्रोतों जैसे चापाकल, कुआं और सोलर संचालित जल मीनारों पर निर्भर हो गए हैं. भीषण गर्मी में पानी भरने के लिए खासकर स्त्रीओं और बच्चों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है. सुबह होते ही चापाकलों पर बर्तनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई चापाकल पहले से ही खराब पड़े हैं, जिससे समस्या और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है. लोगों ने मांग की है कि जलापूर्ति बहाल होने तक खराब चापाकलों की तत्काल मरम्मत कराई जाए. 7 करोड़ का भारी-भरकम निवेश, फिर भी प्यासे ग्रामीण उल्लेखनीय है कि इस महत्वकांक्षी योजना का निर्माण करीब सात करोड़ रुपये की लागत से किया गया था. वर्ष 2024 की शुरुआत से ही इस योजना के जरिये संजय नदी का शुद्ध पानी ग्रामीणों के घरों तक पहुंचाने का दावा किया गया था. लेकिन बार-बार आती तकनीकी खामियों ने इस योजना की सफलता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं. वहीं, बड़ा सरगीडीह गांव के निवासी पिछले एक वर्ष से पाइपलाइन बिछने के बावजूद पानी का इंतजार कर रहे हैं, जहां अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है. अधिकारी का आश्वासन: जल्द बहाल होगी सप्लाई मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएचइडी (PHED) के कार्यपालक अभियंता ललित इंदूवार ने स्वीकार किया कि बिजली से संबंधित तकनीकी समस्या के कारण जलापूर्ति बाधित हुई है. उन्होंने कहा कि विभाग और संबंधित कंपनी ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत और वोल्टेज सुधारने की दिशा में काम कर रहे हैं. अभियंता ने आश्वासन दिया है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर समस्या का समाधान कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है. Also Read: चांडिल में सड़क हादसा, कार की टक्कर से साइकिल सवार की मौत The post सरायकेला में हाहाकार: 7 करोड़ की योजना फेल, लो-वोल्टेज की वजह से 10 गांव प्यासे, 1274 घरों में नल सूखे appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top