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May 1, 2026

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मई के महीने में कब-कब रखा जाएगा एकादशी का व्रत, जानें सही तिथि

May 2026 Ekadashi Calendar: एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित एक विशेष व्रत है. प्रत्येक मास में दो एकादशी तिथियां आती हैं एक कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में. प्रत्येक एकादशी व्रत का नाम और महत्व अलग-अलग होता है. मई 2026 में दो महत्वपूर्ण एकादशी अपरा और पद्मिनी मनाई जाएंगी. अपरा एकादशी (13 मई, बुधवार) मई महीने की पहली एकादशी कृष्ण पक्ष में आएगी, जिसे अपरा एकादशी के नाम से जाना जाता है. इसे ‘अचला एकादशी’ भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को अपार पुण्य की प्राप्ति होती है और अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है. तिथि: 13 मई 2026, बुधवार एकादशी तिथि प्रारंभ: 12 मई 2026 को दोपहर 02:52 बजे से एकादशी तिथि समाप्त: 13 मई 2026 को दोपहर 01:30 बजे तक पारण का समय: 14 मई को सुबह सूर्योदय के बाद पद्मिनी एकादशी (27 मई, बुधवार) मई की दूसरी एकादशी शुक्ल पक्ष में पद्मिनी एकादशी के रूप में मनाई जाएगी. इसे कमला एकादशी भी कहा जाता है. यह तिथि भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए सर्वोत्तम मानी गई है. तिथि: 27 मई 2026, बुधवार एकादशी तिथि प्रारंभ: 26 मई 2026 को सुबह 05:10 बजे से एकादशी तिथि समाप्त: 27 मई 2026 को सुबह 06:21 बजे तक पारण का समय: 28 मई को सुबह शुभ मुहूर्त में कैलेंडर गणना के अनुसार कुछ स्थानों पर तिथियों में आंशिक बदलाव हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग या मंदिर के पुजारी से व्रत को लेकर सलाह लेना उचित रहता है. एकादशी व्रत के नियम व्रत का पालन दशमी तिथि की रात्रि से ही शुरू हो जाता है. एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें. भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं और उन्हें पीले फूल, फल व तुलसी दल अर्पित करें. भगवान विष्णु को बिना तुलसी के भोग अधूरा माना जाता है, लेकिन ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. इस दिन चावल खाना पूरी तरह वर्जित होता है. साथ ही क्रोध और झूठ बोलने से बचना चाहिए. व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है जब उसका पारण (व्रत खोलना) अगले दिन द्वादशी तिथि के शुभ मुहूर्त में किया जाए. यह भी पढ़ें: Vaishakh Buddha Purnima 2026: आज है वैशाख पूर्णिमा, करें व्रत कथा का पाठ, मिलेगा शुभ फल The post मई के महीने में कब-कब रखा जाएगा एकादशी का व्रत, जानें सही तिथि appeared first on Naya Vichar.

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मोबाइल पर आयेगा इमरजेंसी अलर्ट, जानिए कैसे एक मैसेज से जान बचा सकता है नया सिस्टम

देश में आपदा के समय लोगों तक सूचना पहुंचाने का तरीका अब पूरी तरह बदलने वाला है. 2 मई 2026 को केंद्र प्रशासन एक ऐसी मोबाइल आधारित चेतावनी प्रणाली शुरू करने जा रही है, जो भूकंप, चक्रवात या बिजली गिरने जैसे खतरों की जानकारी सीधे आपके फोन पर तुरंत पहुंचाएगी. खास बात यह है कि इस सिस्टम के जरिए अलर्ट किसी एक इलाके के सभी मोबाइल यूजर्स तक एक साथ भेजा जाएगा. इससे समय रहते लोगों को सतर्क किया जा सकेगा और नुकसान कम करने में मदद मिलेगी. SACHET सिस्टम से तेज और सटीक अलर्ट यह नई प्रणाली National Disaster Management Authority और Department of Telecommunications के सहयोग से तैयार की गई है. इसमें C-DOT द्वारा विकसित ‘SACHET’ प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया है. यह सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल पर आधारित है, जिससे अलग-अलग एजेंसियां एक ही प्लेटफॉर्म से अलर्ट जारी कर सकती हैं. इससे सूचना में देरी कम होगी और संदेश ज्यादा सटीक तरीके से लोगों तक पहुंचेगा. अब SMS नहीं, Cell Broadcast से मिलेगा रियल टाइम मैसेज अब तक आपदा से जुड़ी जानकारी ज्यादातर SMS के जरिए भेजी जाती थी. लेकिन नई व्यवस्था में Cell Broadcast तकनीक जोड़ी गई है. इस तकनीक की मदद से किसी खास इलाके के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट पहुंचाया जा सकता है. इसका मतलब यह है कि नेटवर्क व्यस्त होने पर भी मैसेज डिले नहीं होगा और लगभग रियल टाइम में चेतावनी मिलेगी. 134 अरब से ज्यादा अलर्ट पहले ही भेजे जा चुके इस सिस्टम का बेसिक वर्जन पहले से इस्तेमाल में है और अब तक 19 से ज्यादा भाषाओं में 134 अरब से अधिक अलर्ट भेजे जा चुके हैं. इन अलर्ट का इस्तेमाल मौसम चेतावनी, चक्रवात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किया गया है. नई तकनीक जुड़ने के बाद इसकी क्षमता और भी मजबूत हो जाएगी. लॉन्च के साथ देशभर में होगा टेस्ट लॉन्च के दिन देश के सभी राज्यों की राजधानियों, दिल्ली और NCR में टेस्ट मैसेज भेजा जाएगा. यह मैसेज हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में होगा. प्रशासन ने साफ किया है कि यह सिर्फ परीक्षण है, इसलिए लोगों को घबराने या किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं है. आपदा प्रबंधन में बड़ा बदलाव नई प्रणाली का मकसद समय रहते लोगों को अलर्ट देना है. भूकंप, सुनामी, बिजली गिरने या केमिकल हादसों जैसी स्थितियों में कुछ सेकंड की चेतावनी भी जान बचा सकती है. यह पहल हिंदुस्तान के आपदा प्रबंधन सिस्टम को और मजबूत करेगी और भविष्य में बड़े हादसों के प्रभाव को कम करने में मददगार साबित हो सकती है. यह भी पढ़ें: लिफ्ट में फंस जाएं तो क्या करें? छोटी सी गलती बन सकती है बड़ा खतरा, जान बचाने के ये आसान तरीके याद रखें The post मोबाइल पर आयेगा इमरजेंसी अलर्ट, जानिए कैसे एक मैसेज से जान बचा सकता है नया सिस्टम appeared first on Naya Vichar.

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भारत में मुस्लिम, उर्दू और कश्मीर की पहचान मिट रही, RSS-हिंदुत्व फैल रहा… फिर बिलबिलाया पाकिस्तान

Pakistan Comment on India: हिंदुस्तान के कई  अंदरूनी मसलों पर पाकिस्तान ने भड़काऊ टिप्पणी की है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने अपने वीकली प्रेस ब्रीफिंग में ये बातें कीं. उन्होंने हिंदुस्तान की यूनिवर्सिटी में हुए कार्यक्रम और बीजेपी नेताओं के बयान पर आपत्ति जताई है. इसके साथ ही अंद्राबी ने कश्मीर और कश्मीर में उर्दू भाषा पर भी कमेंट किया है. इस प्रेस ब्रीफिंग के बहाने पाकिस्तान ने आरएसएस, बीजेपी पर हमला बोलते हुए हिंदुस्तान को नसीहत दी है.   राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के 100 पूरे होने पर शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम हो रहे हैं. इसी के तहत जामिया मिलिया इस्लामिया के FET ऑडिटोरियम में भी मगंलवार 28 अप्रैल को युवा कुंभ कार्यक्रम होना था. इसे लेकर हिंदुस्तान के कुछ छात्र संगठनों ने विरोध किया. अब इस मामले पर पाकिस्तान भी कूद पड़ा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने गुरुवार को इस्लामाबाद में प्रेस ब्रीफिंग की. अंद्राबी ने कहा कि उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए इसके बारे में पता चला, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुस्तान में कट्टर हिंदू विचारधारा अब शैक्षणिक संस्थानों तक भी पहुंच रही है. अंद्राबी के मुताबिक, जामिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की अपनी एक सुदृढ़ परंपरा और पहचान रही है, इसलिए वहां ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं. उन्होंने यह भी जोर दिया कि शिक्षा संस्थानों का इस्तेमाल किसी तरह के प्रचार या नफरत फैलाने के लिए नहीं होना चाहिए. अंद्राबी बोले- मुस्लिम समुदाय की पहचान खतरे में उन्होंने कहा कि यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जामिया हिंदुस्तानीय अल्पसंख्यकों का एक प्रमुख संस्थान रहा है, जिसका इतिहास काफी समृद्ध और गौरवशाली रहा है. ताहिर अंद्राबी ने जामिया में आरएसएस से जुड़े ऐसे किसी भी प्रयास की कड़ी निंदा की. उन्होंने आगे कहा कि हिंदुस्तान में मुस्लिम समुदाय की भाषा और पहचान की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगे आना चाहिए और इस मुद्दे पर चुप नहीं रहना चाहिए. उनके मुताबिक, जामिया मिलिया में आरएसएस से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन शिक्षा के हिंदूकरण की दिशा में एक कदम है और इसे हिंदुस्तानीय अल्पसंख्यक संस्थानों पर दबाव या हस्तक्षेप के रूप में देखा जाना चाहिए.  नेता के मुस्लिमों पर बयान हेट स्पीच: अंद्राबी पाकिस्तान के प्रवक्ता ने हिंदुस्तानीय नेता के एक कथित बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. एक पाकिस्तानी पत्रकार के हवाले से दावा किया गया कि एक राजनेता ने मुस्लिमों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी (मुस्लिम जिहाद करते हैं और सूअरों की तरह शिशु पदा करते हैं) की है. इस पर ताहिर अंद्राबी ने कहा कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल बेहद अनुचित और निंदनीय है. इस तरह के बयान पहले भी कुछ हिंदुस्तानीय नेताओं विशेषकर बीजेपी और हिंदुत्व से जुड़े लोगों द्वारा आते रहे हैं, ऐसे बयान उनके व्यक्तिगत विचारों को दर्शाते हैं.  उन्होंने इसे स्पष्ट रूप से हेट स्पीच बताया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसका संज्ञान लेना चाहिए. अंद्राबी ने कहा कि हिंदुस्तान को अपने अंतराष्ट्रीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए हिंदुस्तानीय अल्पसंख्यकों, खासकर मुस्लिमों के खिलाफ दिए जा रहे बयानों पर रोक लगानी चाहिए और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए. Weekly Press Briefing by the Spokesperson @TahirAndrabi On Ingress of RSS/Hindutva Extremist in Jamia Millia University in Delhi & Anti-Muslim Statements by BJP Leader pic.twitter.com/GIKdpaWk9p — Ministry of Foreign Affairs – Pakistan (@ForeignOfficePk) April 30, 2026 अंद्राबी का आरोप- बदला जा रहा कश्मीर का इतिहास एक पत्रकार ने प्रश्न पूछा कि कश्मीर में बाहरी हस्तक्षेप लगातार बढ़ रहा है और वहां के स्थानीय मुस्लिमों की पहचान को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. कश्मीर का इतिहास बदला जा रहा है, पाठ्यपुस्तकों में कश्मीर से जुड़ी सामग्री को हटाया या बदला जा रहा है. ईरान युद्ध की वजह से लोगों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है. हम इसके बारे में दुनिया को कैसे बता सकते हैं कि वहां क्या हो रहा है?  जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर ताहिर अंद्राबी ने अपने जवाब में कहा कि हिंदुस्तान प्रशासन पर जनसांख्यिकीय बदलाव करने के साथ-साथ उर्दू भाषा और मुस्लिम संस्कृति को खत्म करने के प्रयास के आरोप लगते रहे हैं. उनके अनुसार, उर्दू पूरे हिंदुस्तानीय उपमहाद्वीप, खासकर मुस्लिम समुदाय की साझा पहचान का हिस्सा रही है और इस पर किसी भी तरह का दबाव चिंता का विषय है. Weekly Press Briefing by the Spokesperson @TahirAndrabi On Indian efforts to Erase Muslim Identity & Urdu Language from Indian Illegally Occupied Jammu and Kashmir pic.twitter.com/74WfndzCzC — Ministry of Foreign Affairs – Pakistan (@ForeignOfficePk) April 30, 2026 उन्होंने आगे कहा कि कश्मीर में मुस्लिमों की पहचान, भाषा और परंपराओं को निशाना बनाया जाना गलत है और इस पर वैश्विक समुदाय को ध्यान देना चाहिए. ताहिर ने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान इस मुद्दे को उठाता रहेगा और दुनिया को भी इस पर चुप नहीं रहना चाहिए. साथ ही, उन्होंने दावा किया कि कश्मीर में हिंदुस्तान की मौजूदगी गैरकानूनी है. उनके मुताबिक, कश्मीर में हिंदुस्तान की पकड़ तेजी से मजबूत हुई है और वहां की स्थानीय संस्कृति पर बाहरी प्रभाव डालने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने फिर से दोहराया कि जनसांख्यिकीय बदलाव के साथ-साथ उर्दू भाषा और मुस्लिम संस्कृति पर भी असर डाला जा रहा है. Weekly Press Briefing by the Spokesperson @TahirAndrabi On Alteration in the Indian Occupied Ladakh Territory of the Indian Illegally Occupied Jammu & Kashmir pic.twitter.com/OCohAYbHzN — Ministry of Foreign Affairs – Pakistan (@ForeignOfficePk) April 30, 2026 ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान एक सिग्नेचर से रिलीज कर सकता है, लेकिन हम नहीं… पाकिस्तानी मंत्री ने तेल संकट पर खोली अपने देश की पोल  ये भी पढ़ें:- UAE में पाकिस्तानियों पर गिरी गाज: एतिहाद एयरवेज ने 15 कर्मचारियों को निकाला, 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश घर की मुश्किलों को भूलकर हिंदुस्तान को नसीहत पाकिस्तानी अथॉरिटी द्वारा यह बयान ऐसे समय आ रहे हैं, जब वहां के अल्पसंख्यक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. उन पर होने वाले हमले रूकने का नाम नहीं ले रहे. हिंदू, क्रिश्चियन ग्रुप अपनी धार्मिक पहचान के लिए लड़ रहे हैं. शिया, अहमदिया और बलोच मुस्लिम संगठन भी अपनी आवाज समय-समय पर उठाते रहते हैं. खुद के साथ भेदभाव की आवाज बुलंद करते हुए कई प्रांतों में अलगाववाद की

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पवन खेड़ा को मिली सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत, कांग्रेस ने कहा- सच की जीत हुई

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को (1 मई) उन्हें अग्रिम जमानत दे दी. यह मामला असम पुलिस द्वारा दर्ज मानहानि और जालसाजी केस से जुड़ा है, जो असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान की शिकायत पर दर्ज हुआ था. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि इस मामले में दोनों पक्षों की तरफ से आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए हैं. कोर्ट ने साफ किया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाली व्यक्तिगत आजादी को खतरे में नहीं डाला जा सकता. इसे हर हाल में सुरक्षित रखा जाना चाहिए. #WATCH | Delhi | On Supreme Court granting anticipatory bail to Congress leader Pawan Khera, Congress leader Pawan Khera says, “The truth has won and justice prevailed…The Chief Minister (Himanta Biswa Sarma) should have kept the facts forward in connection with his wife, but… pic.twitter.com/ibtU8Lhiy6 — ANI (@ANI) May 1, 2026 सरमा को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई हक नहीं : कांग्रेस खेड़ा को अग्रिम जमानत मिलने के बाद कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि सच की जीत हुई है और न्याय मिला है. उन्होंने सीएम सरमा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपनी पत्नी से जुड़े मामले में तथ्य सामने रखने चाहिए थे, लेकिन कांग्रेस को बदनाम करने के लिए दिल्ली और हैदराबाद तक कार्रवाई करवाई गई. सरमा को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है. Supreme Court grants anticipatory bail to Congress leader Pawan Khera in forgery and defamation case linked to the allegedly making false allegations against the wife of Assam CM Himanta Biswa Sarma, Riniki Bhuyan Sharma. pic.twitter.com/tvqYgeGpEh — ANI (@ANI) May 1, 2026 इससे पहले 30 अप्रैल को खेड़ा ने सरमा की कथित टिप्पणियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में उनकी तुलना ‘‘संवैधानिक काउबॉय या रैम्बो’’ (बाहुबली) से की थी. कोर्ट ने खेड़ा की उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें उन्होंने सरमा की पत्नी पर कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां होने के आरोपों से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत मांगी थी. वकील अभिषेक सिंघवी ने कोर्ट में क्या कहा खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के गुवाहाटी हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए एस चंदुरकर की पीठ से वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने कहा था कि मुख्यमंत्री कांग्रेस नेता के खिलाफ कई आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं. सरमा की कथित अभद्र टिप्पणियों का जिक्र करते हुए, सिंघवी ने आशंका जताई कि अगर खेड़ा को इस मामले में गिरफ्तार होने दिया गया तो उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया जाएगा. यह भी पढ़ेंं : कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर पुलिस की दस्तक, असम सीएम की पत्नी पर लगाए थे गंभीर आरोप सिंघवी ने कहा कि डॉ. बी.आर. आंबेडकर ने यदि यह कल्पना की होती कि कोई संवैधानिक पदाधिकारी ‘‘संवैधानिक काउबॉय’’ या ‘‘संवैधानिक रैम्बो’’ की तरह बोलेगा, तो वे बेचैन हो उठते. उन्होंने असम के मुख्यमंत्री का जिक्र करते हुए इस मामले को ‘‘अभूतपूर्व’’ करार दिया. सिंघवी ने कहा कि सरमा ने धमकी दी है कि खेड़ा को अपना शेष जीवन असम की जेल में बिताना पड़ेगा, जबकि मामले का मूल आधार मानहानि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के आरोप से जुड़ा है. The post पवन खेड़ा को मिली सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत, कांग्रेस ने कहा- सच की जीत हुई appeared first on Naya Vichar.

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गढ़वा में नीट परीक्षा को लेकर धारा 163 लागू, केंद्रों पर रहेगी कड़ी चौकसी

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट Garhwa News: आगामी 3 मई (रविवार) को आयोजित होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) को लेकर गढ़वा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. परीक्षा को निष्पक्ष, कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए सदर अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने जिले के तीनों परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है. गढ़वा सदर अनुमंडल के अंतर्गत कुल तीन केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी प्लस टू गोविंद उच्च विद्यालय, नामधारी कॉलेज और केंद्रीय विद्यालय.  सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक लागू रहेगा आदेश  मिली जानकारी के अनुसार, हिंदुस्तानीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी यह आदेश रविवार सुबह 6 बजे से प्रभावी होगा और शाम 7 बजे तक लागू रहेगा. परीक्षा केंद्रों की चहारदीवारी से 200 मीटर की परिधि को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है.  अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई  एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि परीक्षा की शुचिता भंग करने या किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सभी केंद्रों पर दंडाधिकारियों और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी है. किसी भी तरह की अव्यवस्था या कदाचार की स्थिति से निपटने के लिए फ्लाइंग स्क्वाड भी सक्रिय रहेगा.  इन गतिविधियों पर पाबंदी प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, परीक्षा केंद्रों के आसपास निम्नलिखित कार्यों पर रोक रहेगी अनाधिकृत प्रवेश:- परीक्षा से संबंधित व्यक्तियों के अलावा अन्य बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित होगा. हथियार और गैजेट:- किसी भी तरह के घातक हथियार, विस्फोटक या एनटीए  द्वारा प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने पर रोक. भीड़ और नारेबाजी:- निर्धारित परिधि में अनावश्यक आवागमन, मजमा लगाने, प्रदर्शन करने या नारेबाजी करने पर पाबंदी. लाउडस्पीकर या किसी भी प्रकार के शोर मचाने वाले यंत्रों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी. यह भी पढ़ें: झारखंड ट्रेजरी घोटाला: 8 मई को बोकारो पहुंचेगी डॉ. अमिताभ की हाई लेवल कमेटी, 6 साल के रिकॉर्ड खंगालने की तैयारी यह भी पढ़ें: IIM कोलकाता सिखाएगा व्यापार के गुर: झारखंड की 50 हजार स्त्री उद्यमियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की तैयारी The post गढ़वा में नीट परीक्षा को लेकर धारा 163 लागू, केंद्रों पर रहेगी कड़ी चौकसी appeared first on Naya Vichar.

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ट्रोलिंग और आर्थिक तंगी के बीच राहुल रॉय के लिए फरिश्ता बने अर्चना पूरन सिंह, फराह खान और सोनू सूद

Rahul Roy: 90 के दशक की सुपरहिट फिल्म Aashiqui से रातों-रात स्टार बने Rahul Roy इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं. हाल ही में कंटेंट क्रिएटर्स के साथ उनकी कुछ रील्स वायरल हुईं, जिन पर सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें जमकर ट्रोल किया. हालांकि, ट्रोलिंग के बीच राहुल रॉय ने अपनी निजी जिंदगी और आर्थिक संघर्षों को लेकर खुलकर बात की, जिसके बाद कई सितारे उनके समर्थन में सामने आए हैं. आर्थिक परेशानियों को लेकर राहुल ने तोड़ी चुप्पी राहुल रॉय ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि वह लंबे समय से आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहे हैं. अभिनेता ने कहा कि उनके ऊपर कुछ पुराने कानूनी मामलों से जुड़ी आर्थिक जिम्मेदारियां हैं, जो उनके ब्रेन स्ट्रोक से पहले की हैं. ऐसे में वह ईमानदारी से सोशल मीडिया रील्स बनाकर कमाई करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने यह भी साफ कहा कि मेहनत करके पैसा कमाने में उन्हें कोई शर्म नहीं है. राहुल ने लिखा कि अगर लोग उनकी सादगी और संघर्ष का मजाक उड़ाते हैं, तो यह उनके व्यक्तित्व को ज्यादा दर्शाता है. फराह खान और अर्चना पूरन सिंह ने दिया साथ राहुल रॉय की पोस्ट सामने आने के बाद कई सितारों ने उनका समर्थन किया. फराह खान ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए हिम्मत बनाए रखने की सलाह दी. वहीं अर्चना पूरन सिंह ने भी सोशल मीडिया पर राहुल के लिए खास संदेश लिखा. अर्चना ने कहा कि उन्हें खुशी है कि राहुल वही काम कर रहे हैं, जिससे उन्हें खुशी मिलती है. उन्होंने राहुल की पुरानी गानों वाली रील्स की तारीफ करते हुए उन्हें ढेर सारा प्यार और ताकत भेजी. ट्रोलर्स को राहुल का जवाब लगातार हो रही आलोचनाओं पर राहुल रॉय ने बेबाक अंदाज में प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अगर कोई सच में उनकी चिंता करता है, तो उसे उनका मजाक उड़ाने के बजाय उन्हें सम्मानजनक काम दिलाने में मदद करनी चाहिए. राहुल ने यह भी कहा कि वह मेहनत से कमाई कर रहे हैं, न कि किसी का मजाक बनाकर. सोनू सूद ने भी बढ़ाया हौसला कुछ वायरल वीडियो में राहुल रॉय को फिल्म Phir Teri Kahani Yaad Aayee के लोकप्रिय गाने ‘तेरे दर पे सनम’ पर डांस करते देखा गया था. इसी को लेकर उन्हें ट्रोल किया गया. हालांकि सोनू सूद ने भी उनका समर्थन करते हुए लिखा, “रॉक करते रहो भाई.” यह भी पढ़ें: 43वें दिन भी मजबूत रही ‘धुरंधर 2’, लगातार बना रही नए रिकॉर्ड The post ट्रोलिंग और आर्थिक तंगी के बीच राहुल रॉय के लिए फरिश्ता बने अर्चना पूरन सिंह, फराह खान और सोनू सूद appeared first on Naya Vichar.

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LPG के दाम बढ़े, कांग्रेस ने कहा- मोदी की वसूली जारी

कांग्रेस ने शुक्रवार को केंद्र प्रशासन पर तीखा हमला बोला और पीएम मोदी को “Inflation Man Modi” कहा. पार्टी ने आरोप लगाया कि कमर्शियल LPG के दाम बार-बार बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे कारोबारियों पर बोझ बढ़ रहा है. 993 रुपये की बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने कहा कि इससे महंगाई और बढ़ेगी और बिजनेस पर दबाव पड़ेगा. कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि “Inflation Man Modi” फिर सक्रिय हो गए हैं. आज कमर्शियल सिलेंडर ₹993 महंगा हो गया. पार्टी ने आरोप लगाया कि पिछले 4 महीनों में मोदी प्रशासन ने लगातार कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाए हैं. ‘महंगाई मैन मोदी’ का चाबुक फिर चला। आज कमर्शियल सिलेंडर 993 रुपए महंगा हुआ। मोदी ने पिछले 4 महीने में कमर्शियल सिलेंडर के दाम ऐसे बढ़ाए 👇 • 1 मई: ₹993• 1 अप्रैल: ₹218• 7 मार्च: ₹115• 1 मार्च: ₹31• 1 फरवरी: ₹50• 1 जनवरी: ₹111————–टोटल: ₹1,518 जी… — Congress (@INCIndia) May 1, 2026 मोदी की वसूली जारी है : कांग्रेस कांग्रेस ने X पर पोस्ट करते हुए बताया कि 1 जनवरी  से 1 मई के बीच कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम कुल ₹1,518 बढ़ चुके हैं. पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि अभी साल के 8 महीने बाकी हैं और “मोदी की वसूली” जारी है. यह बयान उस समय आया है जब कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹993 बढ़ाकर दिल्ली में 19 किलो सिलेंडर की कीमत ₹3,071.50 कर दी गई है. यह भी पढ़ें : कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम 993 रुपये बढ़े, जानें घरेलू गैस सिलेंडर का हाल The post LPG के दाम बढ़े, कांग्रेस ने कहा- मोदी की वसूली जारी appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी के आरोप पर बीजेपी का जवाब- टीएमसी पहले से ही बना रही है हार के बहाने

ममता बनर्जी के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावालाने का रिएक्शन सामने आया है. उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल आने के बाद साफ दिख रहा है कि पहली बार बंगाल में बीजेपी प्रशासन बना सकती है. टीएमसी को बड़ी हार मिल सकती है. इसी वजह से टीएमसी ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है और तरह-तरह के आरोप लगा रही है. पूनावाला ने कहा कि टीएमसी पहले से ही हार के बहाने बना रही है. वह घबराहट में ऐसा कर रही है. #WATCH | Delhi | On the statement of West Bengal CM Mamata Banerjee, BJP spokesperson Shahzad Poonawala says, “Ever since the exit polls have come and it is becoming clear that for the first time BJP is going to form the government in Bengal and TMC is going to face a huge… pic.twitter.com/jPD3bbpGk6 — ANI (@ANI) May 1, 2026 बीजेपी नेता राम कृपाल यादव ने भी TMC के EVM छेड़छाड़ के आरोपों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने TMC को नकार दिया है और कहीं भी कोई गड़बड़ी नहीं हुई. उन्होंने चुनाव आयोग की तारीफ करते हुए कहा कि उसने पूरी ईमानदारी से काम किया है, नतीजे आने पर सब साफ हो जाएगा. यह भी पढ़ें : बंगाल में ‘वोट लूट’ पर आर-पार, धरने पर बैठीं ममता की मंत्री शशि पांजा, चुनाव आयोग ने दी सफाई, जानें क्या है पूरा मामला #WATCH | Patna, Bihar: On TMC alleging EVM tampering, BJP leader Ram Kripal Yadav says, “…the people of West Bengal have rejected the TMC… there has been no foul play anywhere. The Election Commission has done its duties with utmost devotion and honesty. The results will… pic.twitter.com/t21vTpCusT — ANI (@ANI) May 1, 2026 गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी : ममता बनर्जी दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित भवानीपुर मतगणना केंद्र में ममता बनर्जी  करीब चार घंटे रहीं और रात 12 बजे के बाद बाहर निकलीं. उन्होंने कहा कि मतगणना क्षेत्र में सिर्फ उम्मीदवार या एक एजेंट को ही रहने दिया जाएगा. पारदर्शिता के लिए उन्होंने मीडिया के लिए CCTV लगाने का सुझाव भी दिया. बनर्जी ने कहा कि जनता के वोट पूरी तरह सुरक्षित रहने चाहिए. शिकायत मिलने पर ही वह वहां पहुंचीं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शुरुआत में केंद्रीय बलों ने उन्हें अंदर जाने से रोका. 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. The post ममता बनर्जी के आरोप पर बीजेपी का जवाब- टीएमसी पहले से ही बना रही है हार के बहाने appeared first on Naya Vichar.

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Labour Day 2026 पर आया खास Google Doodle, हर वर्कर को दी श्रद्धांजलि, दिखाया असली हीरो कौन है

हर साल 1 मई को मनाया जाने वाला International Labour Day इस बार और भी खास बन गया, जब Google ने एक रंग-बिरंगा Doodle जारी कर दुनियाभर के कामगारों को सम्मान दिया. यह Doodle सिर्फ एक डिजाइन नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की मेहनत का प्रतीक है जो रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाते हैं. इस बार Google ने अपने Doodle के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि समाज की असली ताकत हर छोटे-बड़े काम करने वाले लोगों में छिपी है. Doodle में दिखी हर पेशे की झलक Google के इस खास Doodle में हर अक्षर के जरिए अलग-अलग प्रोफेशन को दर्शाया गया है. कहीं पाइप ठीक करता मजदूर नजर आता है, तो कहीं डॉक्टर एक्स-रे के साथ दिखाया गया है. डिलीवरी बॉय, टेक्नीशियन और खेती से जुड़े लोग भी इसमें शामिल हैं. इस तरह Google ने यह दिखाया कि आधुनिक दुनिया को चलाने में हर सेक्टर का योगदान बराबर है. क्यों खास है Labour Day International Labour Day को मजदूरों और कामगारों के सम्मान में मनाया जाता है. यह दिन उनकी मेहनत, संघर्ष और योगदान को याद करने का मौका देता है. दुनियाभर में यह दिन सार्वजनिक अवकाश के रूप में भी मनाया जाता है और कई देशों में इसे May Day के नाम से जाना जाता है. इतिहास से जुड़ी बड़ी कहानी Labour Day की शुरुआत 19वीं सदी के औद्योगिक दौर से मानी जाती है. उस समय कामगार लंबे समय तक काम करने को मजबूर थे. इसके खिलाफ आवाज उठी और 8 घंटे काम, 8 घंटे आराम और 8 घंटे व्यक्तिगत समय की मांग की गई. यही आंदोलन आगे चलकर इस दिन की पहचान बना. हिंदुस्तान में पहली बार 1923 में चेन्नई में इस दिन को मनाया गया था. 2026 की थीम और आज की चुनौती इस साल Labour Day की थीम है Ensuring a Healthy Psychosocial Working Environment. International Labour Organization के अनुसार आज के समय में काम का दबाव, मानसिक तनाव और वर्क-लाइफ बैलेंस बड़ी चुनौती बन चुके हैं. इसलिए अब सिर्फ काम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित कार्य वातावरण पर भी ध्यान देना जरूरी है. यूजर्स के लिए क्या संदेश Google का यह Doodle सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि एक याद दिलाने वाला संदेश है. यह हमें बताता है कि टेक्नोलॉजी और सुविधाओं के पीछे असली मेहनत इंसानों की है. हर पेशे का सम्मान करना और बेहतर वर्क कल्चर बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है. कामगारों की मेहनत पर टिकी समाज की नींव Labour Day 2026 पर Google का Doodle एक मजबूत संदेश देता है कि समाज की नींव कामगारों की मेहनत पर टिकी है. यह दिन सिर्फ छुट्टी नहीं, बल्कि उन लोगों के प्रति सम्मान जताने का मौका है जो हर दिन दुनिया को आगे बढ़ा रहे हैं. यह भी पढ़ें: AI वर्ल्ड में आया Google का नया सुपरपावर मॉडल, मिलेगा फ्री यूज ऑप्शन The post Labour Day 2026 पर आया खास Google Doodle, हर वर्कर को दी श्रद्धांजलि, दिखाया असली हीरो कौन है appeared first on Naya Vichar.

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Citroen e C3: कीमत और परफॉर्मेंस का बैलेंस

हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक कारों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और इसी सेगमेंट में Citroen ने अपनी एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक हैचबैक e C3 पेश की है. यह कार खासतौर पर शहर में रोजाना इस्तेमाल के लिए डिजाइन की गई है और कम बजट में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का अनुभव देने का दावा करती है. डिजाइन और पोजिशनिंग Citroen e C3 हैचबैक डिजाइन पर आधारित है लेकिन इसकी ऊंची स्टांस इसे मिनी-SUV जैसा लुक देती है. यह कॉम्पैक्ट साइज में आती है, जिससे ट्रैफिक और छोटी दूरी की ड्राइविंग में आसानी होती है. बैटरी और परफॉर्मेंस इसमें 29.2 kWh बैटरी पैक दिया गया है. कंपनी का दावा है कि यह 320 किमी (MIDC) तक की रेंज देती है, हालांकि रियल-वर्ल्ड में यह लगभग 200–220 किमी तक सीमित रहती है. इलेक्ट्रिक मोटर 57 PS पावर और 143 Nm टॉर्क जेनरेट करती है. 0 से 60 किमी/घंटा की स्पीड यह सिर्फ 6.8 सेकंड में पकड़ लेती है, जो शहर की ड्राइविंग के लिए काफी रिस्पॉन्सिव है. चार्जिंग ऑप्शन e C3 DC फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है, जिससे 10% से 80% बैटरी सिर्फ 57 मिनट में चार्ज हो जाती है. वहीं घर पर रेगुलर सॉकेट से फुल चार्ज होने में लगभग 10.5 घंटे लगते हैं. यानी आप इसे रातभर चार्ज कर सकते हैं या फास्ट चार्जर से जल्दी टॉप-अप कर सकते हैं. फीचर्स और इंटीरियर कार में 10.24-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट डिस्प्ले और MyCitroën ऐप कनेक्टिविटी मिलती है. इसमें मैनुअल AC, एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और इलेक्ट्रिक मिरर जैसे बेसिक लेकिन उपयोगी फीचर्स दिए गए हैं. स्पेस और कम्फर्ट Citroen अपने सॉफ्ट सस्पेंशन और राइड कम्फर्ट के लिए जानी जाती है. e C3 में 315 लीटर का बूट स्पेस और 170 मिमी ग्राउंड क्लीयरेंस है, जिससे खराब सड़कों पर भी ड्राइविंग आसान हो जाती है. सेफ्टी और सीमाएं सुरक्षा के लिहाज से इसमें डुअल एयरबैग्स, ABS with EBD और रियर पार्किंग सेंसर दिए गए हैं. हालांकि Global NCAP टेस्ट में इसे 0-स्टार रेटिंग मिली है, जो सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर सकती है. वेरिएंट्स और कीमत e C3 Live, Feel और Shine वेरिएंट्स में उपलब्ध है. कीमत इसे बजट EV सेगमेंट में रखती है, जिससे यह पहली बार इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों के लिए आकर्षक विकल्प बनती है. प्रैक्टिकल ऑप्शन हो सकती है यह कार Citroen e C3 हाई परफॉर्मेंस या लग्जरी फीचर्स पर फोकस नहीं करती. इसका मकसद है सस्ती, आरामदायक और सिंपल इलेक्ट्रिक कार देना. अगर आपकी जरूरत शहर में रोजाना की ड्राइविंग है तो यह कार एक प्रैक्टिकल ऑप्शन हो सकती है, लेकिन सुरक्षा को लेकर सोच-समझकर फैसला लेना जरूरी है. यह भी पढ़ें: पेट्रोल की टेंशन को कहें टाटा, सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कारों पर डालें नजर, किराये पर उठाएं बैटरी The post Citroen e C3: कीमत और परफॉर्मेंस का बैलेंस appeared first on Naya Vichar.

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