Hot News

June 9, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

घर आया है नन्हा शहजादा? भगवान शिव के इन 14 शक्तिशाली नामों से करें उसके जीवन की खूबसूरत शुरुआत, देखें पूरी लिस्ट

Baby Boy Names: घर पर जब एक बेटे का जन्म होता है तो ऐसे में चारों तरफ एक जश्न का माहौल बन जाता है. सभी इस नन्ही सी जान के पीछे लग जाते हैं. सभी के मन में सिर्फ एक विचार होता है कि इस शिशु को किसी भी तरह की कोई समस्या या फिर परेशानी न हो. माता-पिता के साथ ही पूरा परिवार भी इस शिशु की जरूरतों का ख्याल रखने में जुट जाता है. जब एक शिशु का जन्म होता है तो पूरे परिवार की जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं. इन्हीं जिम्मेदारियों में से एक जिम्मेदारी होती है इसके लिए एक नाम का चुनाव करने की. ऐसे में अगर आप भी अपने बेटे के लिए एक नाम की तलाश कर रहे हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए काफी काम की और मददगार साबित होने वाली है. आज इस आर्टिकल में हम आपको भगवान शिव से प्रेरित नामों की एक लंबी लिस्ट शेयर करने जा रहे हैं और साथ ही इन नामों के अर्थ भी बताने वाले हैं. तो चलिए इस लिस्ट पर डालते हैं एक नजर. भगवान शिव के से प्रेरित नाम और उनके अर्थ रुद्र – इस नाम का अर्थ होता है सबसे शक्तिशाली, जो दुखों का नाश करते हैं और दुष्टों को रुलाते हैं. शंभू – इस नाम का अर्थ होता है आनंद का स्रोत, जो सबका कल्याण और भला करते हैं. भावेश – इस नाम का अर्थ होता है इस पूरे संसार और जगत के स्वामी या राजा. ईशान – इस नाम का अर्थ होता है उत्तर-पूर्व दिशा के स्वामी और ज्ञान देने वाले सर्वोपरि देवता. त्रिशूलिन – इस नाम का अर्थ होता है जिनके हाथ में पवित्र त्रिशूल है, यानी तीनों लोकों के रक्षक. अनिकेत – इस नाम का अर्थ होता है वैरागी, जिनका कोई एक निश्चित घर नहीं है क्योंकि वे पूरे ब्रह्मांड के स्वामी हैं. नंदीश – इस नाम का अर्थ होता है शिव जी के प्रिय वाहन और परम भक्त नंदी के स्वामी. शर्व – इस नाम का अर्थ होता है सब कुछ सहन करने वाले और संसार के कष्टों को दूर करने वाले. व्योमकेश – इस नाम का अर्थ होता है जिनके बाल आकाश की तरह असीम और फैले हुए हैं. महादेव – इस नाम का अर्थ होता है देवताओं के भी देवता, यानी सबसे महान ईश्वर. शिव – इस नाम का अर्थ होता है जो पूरी तरह से परम पवित्र, शांत और कल्याणकारी हैं. त्रिनेत्र – इस नाम का अर्थ होता है तीन आंखों वाले, जो भूत, वर्तमान और भविष्य सब देखते हैं. मृत्युंजय – इस नाम का अर्थ होता है जिन्होंने मृत्यु पर विजय प्राप्त कर ली हो. चंद्रशेखर – इस नाम का अर्थ होता है जिन्होंने अपने सिर पर चंद्रमा को धारण किया हुआ है. ये भी पढ़ें: Baby Names: सभी के दिल में अपनी जगह बना लेंगे आपके बेटे के ये मनमोहक नाम, सुनने वाले भी तारीफ करने से नहीं हटेंगे पीछे The post घर आया है नन्हा शहजादा? भगवान शिव के इन 14 शक्तिशाली नामों से करें उसके जीवन की खूबसूरत शुरुआत, देखें पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Dhamaal 4: खजाना ढूंढने निकली अजय देवगन की पलटन, नए पोस्टर्स देखकर छूट जाएगी हंसी

Dhamaal 4: मशहूर कॉमेडी फ्रेंचाइजी ‘धमाल’ का नया भाग यानी ‘धमाल 4’ जल्द ही आने वाला है. फिल्म के मेकर्स ने इसके नए और मजेदार कैरेक्टर पोस्टर्स जारी किए हैं, जिन्हें देखकर साफ लग रहा है कि इस बार भी फिल्म में जबरदस्त कॉमेडी, पागलपन और हंसी का तड़का देखने को मिलेगा. इस फिल्म में अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी, जावेद जाफरी और संजय मिश्रा जैसे बड़े कलाकार मिलकर सबको हंसाएंगे. सभी पोस्टर्स यहां: View this post on Instagram A post shared by Anand Pandit Motion Pictures (@anandpanditmotionpictures) खजाने की तलाश और ‘W’ का चक्कर View this post on Instagram A post shared by Anand Pandit Motion Pictures (@anandpanditmotionpictures) सुपरस्टार अजय देवगन ने सोशल मीडिया पर फिल्म का एक पोस्टर शेयर किया है. इस पोस्टर में अजय देवगन और संजय मिश्रा एक पहाड़ पर चढ़ते दिख रहे हैं और उनके हाथ में एक नक्शा है. अजय देवगन ने लिखा है कि इन दोनों का एक ही लक्ष्य है, सोने का खजाना पाना. मजेदार बात यह है कि नक्शे पर ‘W’ आकार का पहाड़ बना है और लिखा है कि 100 साल पुराना खजाने का नक्शा दोबारा मिल गया है. आपको याद होगा कि पहली ‘धमाल’ फिल्म में भी सब ‘W’ के नीचे छिपे पैसों के पीछे भागे थे. बदल गई है फिल्म की रिलीज डेट पहले यह फिल्म 17 जुलाई 2026 को आने वाली थी. लेकिन उसी दिन हॉलीवुड के बहुत बड़े डायरेक्टर क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘The Odyssey’ भी रिलीज हो रही है. हॉलीवुड की फिल्म से टक्कर से बचने के लिए ‘धमाल 4’ के मेकर्स ने समझदारी दिखाई और अपनी फिल्म को एक हफ्ता पहले खिसका लिया. अब ‘धमाल 4’ सिनेमाघरों में 10 जुलाई 2026 को रिलीज होगी, ताकि लोग बिना किसी रुकावट के इस मजेदार फिल्म को एंजॉय कर सकें. यह भी पढ़ें: South Theater Releases This Week: 8 से 14 जून तक बड़े पर्दे पर छाएगा साउथ सिनेमा, रिलीज होंगी ये 7 नई फिल्में The post Dhamaal 4: खजाना ढूंढने निकली अजय देवगन की पलटन, नए पोस्टर्स देखकर छूट जाएगी हंसी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

महुआ मोईत्रा को ‘इश्क करो पार्टी’ में शामिल होने का ऑफर! जस्टिस काटजू और टीएमसी सांसद के वार-पलटवार का क्या है सच?

खास बातें ‘वैलेंटाइन डे’ का मजाक नहीं, गंभीर जन-संघर्ष है : जस्टिस काटजू नफरत के खिलाफ ‘इश्क’ का हथियार महुआ बीजेपी में चली जाएं तो हैरानी नहीं होगी : काटजू आरामदेह नौकरी के लिए छिपकर संघी बनने वाले… : मोईत्रा बिना सिर-पैर के दावों के लिए डांट भी लगायी जस्टिस काटजू ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को बताया बेवकूफ Justice Markandey Katju Ishq Karo Party: हिंदुस्तान की नेतृत्व में सोशल मीडिया के दौर ने अब पारंपरिक तौर-तरीकों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है. हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर हुए डिजिटल विरोध प्रदर्शन के बाद, देश में एक और अनोखी और अजीबोगरीब एंट्री हुई है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने आधिकारिक तौर पर इश्क करो पार्टी (IKP) नाम से नया नेतृत्वक मोर्चा खोल दिया है. समाचार है कि जस्टिस काटजू ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) में विद्रोह के बीच, कृष्णानगर की फायरब्रांड सांसद महुआ मोईत्रा (Mahua Moitra) को अपनी पार्टी में शामिल होने का ऑफर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि महुआ मोईत्रा ने इस पर ऐसा पलटवार कर दिया है. ‘वैलेंटाइन डे’ का मजाक नहीं, गंभीर जन-संघर्ष है : जस्टिस काटजू जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X) पर ‘इश्क करो पार्टी’ के गठन का उद्देश्य साफ करते हुए विरोधियों पर तीखे तंज कसे हैं. उन्होंने लिखा- लोग शायद इस अनोखे नाम को देखकर इसे कोई मजाक समझें या लड़के-लड़कियों के बीच रोमांस को बढ़ावा देने वाला ‘वैलेंटाइन डे’ जैसा कोई आयोजन मान लें. लेकिन यह पूरी तरह से उनकी गलतफहमी है. इसे भी पढ़ें : मार्कंडेय काट्जू का दावा- बीजेपी में शामिल हो सकती हैं महुआ मोईत्रा, सागरिका और सायोनी घोष नफरत के खिलाफ ‘इश्क’ का हथियार पूर्व जज ने बताया कि देश को इस समय गरीबी, बच्चों में कुपोषण और बेरोजगारी जैसी भयानक समस्याओं से मुक्त कराने के लिए जनता की अटूट एकजुटता की जरूरत है. उन्होंने लिखा- हमें जाति, धर्म, नस्ल और रंग से ऊपर उठकर अपने देश के सभी लोगों के लिए प्यार (इश्क) रखना होगा. ‘मेक लव, नॉट वार’ (प्यार करो, जंग नहीं) के इसी सिद्धांत पर यह पार्टी काम करेगी. इसके चेयरमैन प्रिंसटन (यूएसए) में रहने वाले इरफान अली हैं और मैं इसका संरक्षक हूं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें महुआ बीजेपी में चली जाएं तो हैरानी नहीं होगी : काटजू मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि जस्टिस काटजू ने कहा है कि अगर टीएमसी में चल रही भयंकर टूट के बीच महुआ मोईत्रा खुद को बचाने के लिए हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) ज्वाइन कर लेती हैं, तो इसमें किसी को कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए. कथित तौर पर इसके तुरंत बाद उन्होंने एक स्क्रीनशॉट साझा करते हुए महुआ और वरिष्ठ पत्रकार मृणाल पांडे को नफरत की नेतृत्व छोड़ने और ‘इश्क करो पार्टी’ से जुड़ने के लिए ishqkaroparty@gmail.com पर मेल करने का निमंत्रण दे दिया. आरामदेह नौकरी के लिए छिपकर संघी बनने वाले… : मोईत्रा रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि ममता बनर्जी की सबसे वफादार नेता के रूप में जानी जाने वाली महुआ मोईत्रा ने जस्टिस काटजू की धज्जियां उड़ाने में देरी नहीं की. उन्होंने करारा जवाब देते हुए कहा- सर मार्कंडेय काटजू, पूरे सम्मान के साथ मैं आपको सही करना चाहूंगी. आपके जैसे कई लोगों के उलट, जिन्हें रिटायरमेंट के बाद प्रशासन से कोई आरामदेह और मलाईदार नौकरी (Post-Retirement Plum Posting) पाने के लिए चुपके-चुपके ‘संघी’ बनने की जरूरत पड़ती है, मैंने अपने मकसद पर भरोसे के कारण अपनी पूरी जवानी और शानदार कॉर्पोरेट करियर का त्याग किया है. इसे भी पढ़ें : जस्टिस काटजू ने TMC की स्त्री सांसदों को बताया ‘मैकबेथ की चुड़ैल’, महुआ मोईत्रा ने किया करारा पलटवार Justice Markandey Katju Ishq Karo Party: बिना सिर-पैर के दावों के लिए डांट भी लगायी इतना ही नहीं, महुआ मोईत्रा ने कड़े लहजे में जस्टिस काटजू को नसीहत देते हुए लिखा- जब हमारी पार्टी TMC इतने संवेदनशील और कठिन दौर से गुजर रही है, तब कृपा करके बिना किसी ठोस आधार के ऐसे भ्रामक दावे करना बंद करें. हालांकि, जस्टिस काटजू या महुआ मोईत्रा के सोशल मीडिया अकाउंट्स (फेसबुक और एक्स) पर ऐसा कोई पोस्ट नहीं किया गया है. जस्टिस काटजू ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को बताया बेवकूफ जस्टिस काटजू ने इस दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने सीजेपी द्वारा नीट (NEET) पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को मूर्खतापूर्ण बताया. कहा कि एक मंत्री के हटने से व्यवस्था नहीं बदलेगी, उसके स्थान पर दूसरा मंत्री आ जायेगा. इसे भी पढ़ें Video : फ्लाइट में महुआ मोइत्रा के खिलाफ लगे ‘चोर-चोर’ के नारे, TMC सांसद ने दर्ज कराई शिकायत बंगाल में एसआईआर के मुद्दे पर महुआ मोईत्रा ने फिर चुनाव आयोग पर बोला हमला The post महुआ मोईत्रा को ‘इश्क करो पार्टी’ में शामिल होने का ऑफर! जस्टिस काटजू और टीएमसी सांसद के वार-पलटवार का क्या है सच? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

इंटरमीडिएट और स्नातक ट्रेंड सहायक आचार्य परीक्षा के 16,113 आवेदन रद्द, 22 जून को एग्जाम

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट Ranchi News: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने झारखंड इंटरमीडिएट एवं स्नातक प्रशिक्षित विशेष शिक्षा सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के लिए आवेदन करने वाले 16,113 अभ्यर्थियों के ऑनलाइन आवेदन रद्द कर दिये हैं. आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया को निर्धारित तरीके से पूरा नहीं करने के कारण यह कार्रवाई की गयी है. आयोग ने इस संबंध में विस्तृत सूचना अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी जारी कर दी है. 15,936 अभ्यर्थियों ने पूरा नहीं किया आवेदन जेएसएससी द्वारा जारी सूचना के अनुसार, कुल 15,936 ऐसे अभ्यर्थियों के आवेदन रद्द किये गये हैं, जिन्होंने केवल प्रारंभिक चरण यानी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी की थी, लेकिन आवेदन के अन्य आवश्यक चरणों को पूरा नहीं किया. इसके कारण उनके आवेदन अमान्य घोषित कर दिये गये. इसके अलावा 177 ऐसे अभ्यर्थी भी हैं, जिन्होंने प्रारंभिक चरण की प्रक्रिया पूरी कर ली थी, लेकिन निर्धारित परीक्षा शुल्क का भुगतान नहीं किया. शुल्क जमा नहीं करने के कारण उनके आवेदन भी निरस्त कर दिये गये. 24 फरवरी 2026 तक लिये गये थे आवेदन आयोग ने बताया कि झारखंड इंटरमीडिएट एवं स्नातक प्रशिक्षित विशेष शिक्षा सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2025 (विज्ञापन संख्या-08/2025) के लिए 14 दिसंबर 2025 से 24 फरवरी 2026 की मध्यरात्रि तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये गये थे. निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद यह कार्रवाई की गयी है. 22 जून से शुरू होगी प्रतियोगिता परीक्षा जेएसएससी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन 22 जून से 24 जून 2026 तक किया जायेगा. परीक्षा का आयोजन रांची जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) केंद्रों पर किया जायेगा. आयोग के परीक्षा नियंत्रक की ओर से इस संबंध में सूचना जारी की गयी है. मोबाइल और ई-मेल पर मिलेगी परीक्षा तिथि की जानकारी आयोग ने कहा है कि प्रत्येक अभ्यर्थी को उसकी परीक्षा तिथि की जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी पर एसएमएस और मेल के माध्यम से भेजी जायेगी. अभ्यर्थियों को सलाह दी गयी है कि वे अपने मोबाइल और ई-मेल को नियमित रूप से देखते रहें, ताकि परीक्षा से संबंधित किसी भी सूचना से वंचित न रहें. 17 जून से डाउनलोड कर सकेंगे एडमिट कार्ड प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी 17 जून 2026 से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे. इसके लिए आयोग की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर आवेदन में दर्ज ई-मेल आईडी अथवा पंजीकरण (आवेदन) संख्या और जन्म तिथि की मदद से एडमिट कार्ड प्राप्त किया जा सकेगा. इसे भी पढ़ें: निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी के नामांकन में तकनीकी गड़बड़ी, होल्ड पर रखा गया परीक्षा केंद्र पर ले जानी होगी अतिरिक्त प्रति और दो फोटो आयोग ने सभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिया है कि वे परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र की एक अतिरिक्त प्रति और दो पासपोर्ट आकार की फोटो अपने साथ अवश्य लेकर जायें. इसके अलावा अभ्यर्थियों को सलाह दी गयी है कि वे परीक्षा से संबंधित ताजा अपडेट और आवश्यक सूचनाओं के लिए आयोग की वेबसाइट को नियमित अंतराल पर देखते रहें. इसे भी पढ़ें: बोकारो में नाबालिग के साथ दुष्कर्म, वीडियो बनाकर कर रहा था ब्लैकमेल, दो नाबालिग हिरासत में The post इंटरमीडिएट और स्नातक ट्रेंड सहायक आचार्य परीक्षा के 16,113 आवेदन रद्द, 22 जून को एग्जाम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय सिर्फ फीचर्स पर मत जाएं, ये 5 छिपी हुई सच्चाइयां पहले जरूर जान लें

हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक स्कूटर का मार्केट 2026 तक काफी तेजी से बढ़ चुका है. कीमतें भी काफी फैल चुकी हैं. लगभग 80,000 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये से भी ऊपर तक जाती हैं. देखने में इतने सारे ऑप्शन अच्छे लगते हैं, लेकिन इसी वजह से बैटरी क्वालिटी, असली रेंज और सर्विस का फर्क भी काफी बड़ा हो जाता है. ये सारी ऐसी चीजें हैं जो लोग खरीदते वक्त अक्सर इग्नोर कर देते हैं. अगर आप इस साल इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने का सोच रहे हैं, तो कुछ ऐसी बातें हैं जो बाद में आपको चौंका सकती हैं. आइए जानते हैं उन बातों को. ब्रोशर में जो रेंज दी जाती है, असल में उतनी रेंज नहीं मिलती हिंदुस्तान में जो भी इलेक्ट्रिक स्कूटर मिलता है, उसकी रेंज आमतौर पर ARAI के IDC टेस्ट से तय होती है. लेकिन ये टेस्ट असल रोड कंडीशन जैसा बिल्कुल नहीं होता. इसमें स्कूटर को लैब में कम स्पीड, बिना ट्रैफिक, बिना पिलियन और बिल्कुल सही मौसम में चलाया जाता है. असल जिंदगी में जब आप उसे गर्मी, ट्रैफिक और कभी-कभी पीछे बैठी सवारी के साथ चलाते हैं, तो रेंज काफी कम हो जाती है. मतलब अगर स्कूटर 120 km की रेंज बताता है, तो रोजमर्रा में आपको करीब 75 से 90 km ही मिलती है. बैटरी वारंटी की शर्तें सभी में समान नहीं होतीं अक्सर लोग ‘3 साल की बैटरी वारंटी’ सुनकर समझ लेते हैं कि अब सब कवर हो गया, लेकिन असल में कहानी थोड़ी अलग होती है. ज्यादातर कंपनियां सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट होने पर ही बैटरी कवर करती हैं. यानी अगर बैटरी जल्दी कमजोर हो जाए लेकिन पूरी तरह खराब न हो, तो आपको क्लेम नहीं मिलता. कुछ ब्रांड्स एक कैपेसिटी लिमिट रखते हैं, जैसे 70% बैटरी हेल्थ. लेकिन अगर आपकी बैटरी 2 साल में 70% से नीचे, मान लीजिए 68% पर आ जाए, तो भी टेक्निकल वजहों से क्लेम रिजेक्ट हो सकता है. इसलिए कार खरीदने से पहले सिर्फ वारंटी का नाम मत देखिए, बल्कि बैटरी वारंटी डॉक्यूमेंट जरूर मांगिए. उसे ध्यान से पढ़िए कि किन हालात में आपको कवर मिलेगा और किन में नहीं. यह भी पढ़ें: सिर्फ बैटरी बदलिए और निकल पड़िए, ये हैं हिंदुस्तान की 5 सबसे शानदार स्वैपेबल बैटरी इलेक्ट्रिक स्कूटर आपका घर रातभर चार्जिंग के लिए शयद तैयार न हो ये बात बहुत सारे लोगों को खरीदने के बाद समझ आती है. ज्यादातर इलेक्ट्रिक स्कूटर के साथ एक पोर्टेबल चार्जर मिलता है जो 15-amp वाले नॉर्मल सॉकेट में चलता है. लेकिन असली सवाल ये है कि आपका घर इसे रोजाना आराम से संभाल पाएगा या नहीं. ये पूरी तरह आपके घर की वायरिंग की लाइफ, बिजली विभाग से मिले लोड और आपकी सोसाइटी के नियमों पर डिपेंड करता है. खासकर टियर-2 शहरों की पुरानी अपार्टमेंट बिल्डिंग्स में अक्सर पुरानी वायरिंग या शेयर मीटरिंग होती है, जो रात भर एक्स्ट्रा लोड के लिए बनी ही नहीं होती. कई स्कूटर चार्जर को सही अर्थिंग वाले सॉकेट की भी जरूरत होती है. अगर अर्थिंग सही नहीं है तो MCB ट्रिप हो सकता है या चार्जिंग बीच-बीच में रुक-रुक कर एरर देने लगती है. इसलिए स्कूटर खरीदने से पहले अपनी सोसाइटी से जरूर पूछ लें कि EV चार्जिंग की परमिशन है या नहीं. साथ ही ये भी कन्फर्म कर लें कि आपके घर में कौन सा सॉकेट चार्जर के लिए सही रहेगा. आपके इलाके में कितने सर्विस सेंटर मौजूद हैं, यह जरूर चेक करें इलेक्ट्रिक स्कूटर के सर्विस सेंटर अभी भी ज्यादातर बड़े शहरों (metros) और कुछ चुनिंदा शहरों तक ही सीमित हैं. अगर आप टियर-2 या टियर-3 शहर में रहते हैं, तो जरा ब्रांड की वेबसाइट खोलकर देखिए कि आपके घर के आसपास कितने सर्विस पॉइंट्स सच में मौजूद हैं. कई बार दूरी इतनी ज्यादा निकल आती है कि छोटी समस्या के लिए भी काफी परेशानी हो जाती है. अगर कंपनी बंद हो जाए तो कनेक्टेड फीचर्स बंद हो सकते हैं आज 2026 में लगभग हर इलेक्ट्रिक स्कूटर में स्मार्टफोन कनेक्टिविटी मिलती है. जैसे ऐप से लॉक/अनलॉक करना, GPS ट्रैकिंग, रिमोट डायग्नोस्टिक्स और राइड डेटा देखना. लेकिन ये सारी सुविधाएं सिर्फ तब तक काम करती हैं जब तक कंपनी अपने सर्वर चालू रखे और समय-समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट देती रहे. 2021 से 2023 के बीच लॉन्च हुई कई EV स्टार्टअप कंपनियां बाद में बंद हो गईं या उन्होंने अपने ऐप अपडेट करना छोड़ दिया. नतीजा ये हुआ कि कई ग्राहकों के स्कूटर में कनेक्टेड फीचर्स काम करना बंद हो गए. सॉफ्टवेयर की दिक्कतें भी ठीक नहीं हो पाईं. इसलिए स्कूटर खरीदने से पहले ये जरूर देखना चाहिए कि ब्रांड कितने समय से बाजार में है, उनके ऐप का आखिरी अपडेट कब आया था और अगर मॉडल बंद हो जाए तो कंपनी सर्विस और सपोर्ट कितनी देर तक देगी. यह भी पढ़ें: ग्रॉसरी से लेकर रोजमर्रा के सामान तक, ये 5 इलेक्ट्रिक स्कूटर्स आते हैं बड़ी डिग्गी के साथ The post इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय सिर्फ फीचर्स पर मत जाएं, ये 5 छिपी हुई सच्चाइयां पहले जरूर जान लें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CUET UG की आंसर की जारी, यहां डायरेक्ट लिंक से करें चेक

CUET UG Answer Key 2026 जारी हो गई है. सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स के लिए यह बहुत जरूरी अपडेट है. इस परीक्षा में शामिल होने वाले सभी कैंडिडेट्स अब अपनी आंसर की आसानी से ऑनलाइन चेक कर सकते हैं. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने इसे अपनी ऑफिशियल वेबसाइट cuet.nta.nic.in पर जारी किया है. स्टूडेंट्स अपने सेट के अनुसार आंसर की डाउनलोड करके अपने जवाबों का मिलान कर सकते हैं और यह अंदाजा लगा सकते हैं कि उनके कितने मार्क्स बन सकते हैं. इस बार CUET UG परीक्षा का आयोजन 11 मई से 31 मई 2026 के बीच किया गया था. इसके बाद कुछ री शेड्यूल्ड एग्जाम 06 और 07 जून 2026 को भी हुए. एडमिट कार्ड 02 जून 2026 को जारी किया गया था और अब 09 जून 2026 को आंसर की भी जारी कर दी गई है. अब सभी स्टूडेंट्स रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं जो जल्द ही NTA की तरफ से घोषित किया जाएगा. CUET UG Answer Key 2026 ऐसे करें चेक सबसे पहले आपको NTA CUET की ऑफिशियल वेबसाइट cuet.nta.nic.in पर जाना होगा. वेबसाइट के होमपेज पर आपको CUET UG Answer Key 2026 का लिंक दिखाई देगा. उस लिंक पर क्लिक करने के बाद आपको अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि डालनी होगी. इसके बाद आपकी लॉगिन डिटेल्स ओपन हो जाएंगी और आपकी आंसर की स्क्रीन पर दिख जाएगी. अब आप अपने प्रश्न पत्र के सेट के अनुसार उत्तरों का मिलान कर सकते हैं. चाहें तो आप इसे डाउनलोड करके भविष्य के लिए सेव भी कर सकते हैं. CUET UG Answer Key 2026 यहां डायरेक्ट लिंक से चेक करें. CUET UG 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 03 जनवरी 2026 से शुरू की गई थी और इच्छुक उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए 04 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते थे. आवेदन करने के बाद उम्मीदवारों को 07 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन फीस जमा करने का मौका दिया गया था. The post CUET UG की आंसर की जारी, यहां डायरेक्ट लिंक से करें चेक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी के नामांकन में तकनीकी गड़बड़ी, होल्ड पर रखा गया

रांची से आनंद मोहन की रिपोर्ट Rajya Sabha Election: झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव के बीच निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी के नामांकन पत्र में तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है. इसके बाद उनकी उम्मीदवारी को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है. मामले को केंद्रीय चुनाव आयोग के पास भेज दिया गया है, जहां से प्राप्त दिशा-निर्देश के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. कांग्रेस ने जताई आपत्ति परिमल नथवानी के नामांकन पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है. नामांकन को होल्ड किए जाने के बाद परिमल नथवानी अपने वकील के साथ विधानसभा पहुंचे. भाजपा के विधायक भी विधानसभा पहुंचे हैं. आठ जून को दाखिल किया था नामांकन परिमल नथवानी ने सोमवार, आठ जून 2026 को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था. उन्हें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के करीब 20 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. नामांकन के दौरान उनके समर्थक विधायक भी मौजूद रहे. गौरव बल्लभ के नाम की चर्चा के बीच मिला समर्थन राज्यसभा चुनाव के लिए एनडीए की ओर से पहले गौरव बल्लभ को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा चल रही थी. हालांकि, बाद में परिमल नथवानी के मैदान में आने के बाद गठबंधन के विधायकों ने उनके पक्ष में समर्थन जताया. इसके बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया. बैद्यनाथ राम और प्रणव झा ने भी किया नामांकन राज्यसभा चुनाव के लिए अन्य प्रत्याशियों ने भी सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से बैद्यनाथ राम तथा कांग्रेस की ओर से प्रणव झा ने उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन प्रस्तुत किया. तीनों प्रत्याशियों ने दो-दो सेटों में अपने नामांकन पत्र जमा किए. केंद्रीय चुनाव आयोग से मांगा गया मार्गदर्शन परिमल नथवानी के नामांकन पत्र में पाई गई तकनीकी त्रुटि को देखते हुए मामले को केंद्रीय चुनाव आयोग के पास भेजा गया है. चुनाव अधिकारियों की ओर से आयोग के निर्देश मिलने के बाद ही उनकी उम्मीदवारी को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. फिलहाल नामांकन को लंबित रखा गया है. इसे भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव: बीजेपी के लोग ‘नोटों से भरी थैली’ लेकर पहुंच रहे हैं विधायकों के पास, कांग्रेस का आरोप आठ जून थी नामांकन की अंतिम तिथि राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि आठ जून 2026 निर्धारित की गई थी. राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव के तहत 18 जून 2026 को मतदान कराया जाएगा. इसके बाद मतगणना की प्रक्रिया पूरी कर विजयी उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी. इसे भी पढ़ें: सुदेश महतो ने नामधारी से मिलने के लिए घुमाया काफिला, पुराने दिनों को याद कर भावुक हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष The post निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी के नामांकन में तकनीकी गड़बड़ी, होल्ड पर रखा गया appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंगाल पर चढ़ने लगा भगवा रंग, सचिवालय ‘नबान्न’ की बदल रही तस्वीर

खास बातें पूरी तरह बदल जायेगा Nabanna भवन का रंग West Bengal Secretariat Nabanna Colour Change: नबान्न सभागार की रंगाई शुरू डेढ़ दशक तक नीले-सफेद रंग में रंगा था सचिवालय सिर्फ सौंदर्यीकरण का प्रतीक नहीं है सचिवालय का नया रंग कोलकाता से शिव कुमार राउत की रिपोर्ट West Bengal Secretariat Nabanna Colour Change: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब प्रशासनिक गलियारों में भी बदलाव दिखाई देने लगा है. वर्षों तक नीले-सफेद रंग में रंगा सचिवालय ‘नबान्न’ अब भगवा और सफेद रंग में रंगने लगा है. मंगलवार को शुभ मुहूर्त में नबान्न परिसर में भगवा रंग की पहली परत चढ़ायी गयी. इसे प्रशासन के बदलते नेतृत्वक और प्रशासनिक दृष्टिकोण का प्रतीक माना जा रहा है. पूरी तरह बदल जायेगा Nabanna भवन का रंग पश्चिम बंगाल में नयी प्रशासन के गठन के बाद प्रशासनिक कार्यशैली के साथ-साथ सचिवालय की तस्वीर भी बदलने लगी है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में प्रशासन तेजी से फैसले ले रही है और केंद्र के साथ समन्वय स्थापित कर रही है, तो नबान्न भवन का रंग-रूप भी बदलने लगा है. West Bengal Secretariat Nabanna Colour Change: नबान्न सभागार की रंगाई शुरू पूरे सचिवालय भवन को भगवा रंग में रंगने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से औपचारिक निविदा अभी जारी नहीं की गयी है, लेकिन नबान्न सभागार को भगवा और सफेद रंग से रंगने का काम तेजी से चल रहा है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें डेढ़ दशक तक नीले-सफेद रंग में रंगा था सचिवालय डेढ़ दशक तक ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस प्रशासन के दौरान नबान्न सहित अन्य प्रशासनी इमारतों और सार्वजनिक स्थलों को नीले और सफेद रंग में रंगा गया था. माना जाता था कि यह रंग तत्कालीन मुख्यमंत्री की पहचान बन चुकी नीली पाढ़ वाली सफेद साड़ी से प्रेरित था. ममता बनर्जी के शासनकाल में सड़क के डिवाइडर का भी नीले और सफेद रंग में रंगे थे. सिर्फ सौंदर्यीकरण का प्रतीक नहीं है सचिवालय का नया रंग विशेषज्ञों का एक वर्ग मानता है कि किसी प्रशासनिक भवन को नेतृत्वक रंगों से जोड़ने की बजाय उसे तटस्थ और गरिमामयी स्वरूप दिया जाना चाहिए, ताकि वह पेशेवर और निष्पक्ष सचिवालय की छवि पेश करे. नबान्न का रंग परिवर्तन केवल सौंदर्यीकरण का मामला नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन के बाद बदलती नेतृत्वक संस्कृति और नयी प्रशासनिक सोच का भी प्रतीक माना जा रहा है. इसे भी पढ़ें नबान्न से लोक भवन तक हलचल, राज्यपाल से मिले शुभेंदु अधिकारी, मंत्रिमंडल विस्तार या घुसपैठियों पर एक्शन? हालोंग फॉरेस्ट बंगले का नया डिजाइन नबान्न को सौंपा गया छात्र समाज का ‘नबान्न अभियान’ आज, पुलिस ने नहीं दी अनुमति, सुरक्षा में तैनात रहेंगे 8000 जवान नौ अगस्त को फिर नबान्न अभियान, पुलिस सतर्क The post बंगाल पर चढ़ने लगा भगवा रंग, सचिवालय ‘नबान्न’ की बदल रही तस्वीर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

दलित ईसाइयों को SC दर्जा देने की मांग तेज, BRS और YSRCP ने न्यायमूर्ति बालाकृष्णन आयोग के सामने रखा पक्ष

Dalit Christians SC Status Demand: दलित ईसाइयों को अनुसूचित जाति (एससी) का दर्जा देने की मांग एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है. इसी मुद्दे को लेकर हिंदुस्तान राष्ट्र समिति (बीआरएस) और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने न्यायमूर्ति के.जी. बालाकृष्णन आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखा है. बीआरएस प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से की मुलाकात मंगलवार को नई दिल्ली में बीआरएस के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय जांच आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति के.जी. बालाकृष्णन से मुलाकात की. बैठक के दौरान पार्टी नेताओं ने दलित ईसाइयों को एससी श्रेणी में शामिल करने की मांग करते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा में पार्टी के उपनेता वद्दिराजू रविचंद्र, पूर्व मंत्री कोप्पुला ईश्वर, बीआरएस के महासचिव आर.एस. प्रवीण कुमार और पूर्व निगम अध्यक्ष राजीव सागर समेत कई नेता शामिल थे. ఢిల్లీలోని జాతీయ విచారణ కమిషన్ చైర్మన్ జస్టిస్ కె.జి. బాలకృష్ణన్‌తో బీఆర్ఎస్ పార్టీ ప్రతినిధుల బృందం సమావేశం ముగిసింది. దళిత క్రిస్టియన్‌లకు ఎస్సీ హోదా కల్పించాలనే ప్రధాన డిమాండ్‌పై ఈ సమావేశం జరిగింది. ఈ అంశానికి సంబంధించిన పూర్తి వివరాలతో కూడిన నివేదికను కమిషన్ చైర్మన్‌కు… pic.twitter.com/9IuLEIevOh — BRS Party (@BRSparty) June 9, 2026 इससे पहले वाईएसआरसीपी भी पहुंची थी आयोग के पास बीआरएस से पहले वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद मद्दिला गुरुमूर्ति भी पार्टी प्रतिनिधियों के साथ आयोग की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति बालाकृष्णन से मिले थे. उन्होंने संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के तहत अनुसूचित जाति मूल के ईसाइयों को शामिल करने की मांग वाला विस्तृत ज्ञापन आयोग को सौंपा था. अपने पत्र में गुरुमूर्ति ने लिखा, ‘मैं समानता, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और वास्तविक भेदभाव-रहित व्यवस्था जैसे संवैधानिक सिद्धांतों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अनुसूचित जाति मूल के ईसाइयों को संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के दायरे में शामिल करने का आग्रह करता हूं.’ आंध्र प्रदेश विधानसभा के प्रस्ताव का भी दिया हवाला गुरुमूर्ति ने अपने ज्ञापन में 24 मार्च 2023 को आंध्र प्रदेश विधानसभा द्वारा पारित सर्वसम्मत प्रस्ताव का भी उल्लेख किया. उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी और वाईएसआरसीपी प्रशासन ने माना था कि दलित ईसाई आज भी सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं. पत्र में कहा गया, ‘आंध्र प्रदेश विधानसभा ने 24 मार्च 2023 को सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया था कि दलित ईसाई उसी स्तर तक सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से वंचित हैं, जिस स्तर तक हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म मानने वाले अनुसूचित जाति समुदाय हैं. इसलिए उन्हें भी एससी सूची में शामिल किया जाना चाहिए.’ ये भी पढ़ें:- सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सहमति से बने शारीरिक संबंध चरित्रहीनता का प्रमाण नहीं ये भी पढ़ें:- राज्यसभा चुनाव: बीजेपी के लोग ‘नोटों से भरी थैली’ लेकर पहुंच रहे हैं विधायकों के पास, कांग्रेस का आरोप धर्म परिवर्तन से खत्म नहीं होती सामाजिक चुनौतियां: गुरुमूर्ति गुरुमूर्ति ने आयोग के सामने यह तर्क भी रखा कि दलित ईसाइयों को एससी सूची से बाहर रखना धर्म आधारित वर्गीकरण के समान है. उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन होने भर से जातिगत भेदभाव और सामाजिक पिछड़ापन समाप्त नहीं हो जाता. उन्होंने यह भी कहा कि समान सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद दलित ईसाइयों को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत मिलने वाले कानूनी संरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता. संविधान के अनुच्छेद 341 का किया उल्लेख अपने ज्ञापन में सांसद ने संविधान के अनुच्छेद 341(2) का भी हवाला दिया. उन्होंने कहा कि यह प्रावधान संसद को किसी समुदाय को अनुसूचित जाति सूची में शामिल करने का अधिकार देता है. गुरुमूर्ति ने आयोग से आग्रह किया कि मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों और संवैधानिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर सकारात्मक सिफारिश की जाए. The post दलित ईसाइयों को SC दर्जा देने की मांग तेज, BRS और YSRCP ने न्यायमूर्ति बालाकृष्णन आयोग के सामने रखा पक्ष appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

IRCTC घोटाला केस में कोर्ट ने टाला फैसला, अब इस दिन होगी सुनवाई, लालू परिवार ने लोअर कोर्ट के आदेश को दी है चुनौती

IRCTC Scam Case: IRCTC होटल टेंडर और उससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मंगलवार को बड़ा फैसला आने की उम्मीद थी. दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट को लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला सुनाना था. हालांकि अदालत ने अपना आदेश 16 जुलाई तक के लिए टाल दिया. अब इस मामले पर सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं. ED की चार्जशीट के बाद बढ़ी थी हलचल इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहले ही चार्जशीट दाखिल कर रखी है. जांच एजेंसी का दावा है कि मामले में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं. आरोप तय होने की स्थिति में लालू परिवार की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. पिछली सुनवाई 6 मई को हुई थी. उस दिन भी फैसला सुरक्षित रख लिया गया था. हाईकोर्ट पहुंचा लालू परिवार जानकारी के अनुसार, लालू परिवार ने निचली अदालत के उस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए गए थे. वहीं, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत में इस याचिका का विरोध किया है. CBI का कहना है कि जांच के दौरान मिले दस्तावेज और साक्ष्य आरोपों को मजबूत करते हैं. क्या है पूरा IRCTC होटल टेंडर मामला? यह मामला उस दौर का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे. आरोप है कि रांची और पुरी स्थित IRCTC होटलों के टेंडर आवंटन में अनियमितताएं हुईं. जांच एजेंसियों का दावा है कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया. कुछ प्राइवेट कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया. इसके बदले कथित तौर पर लाभार्थियों को आर्थिक फायदा मिला. इसी आधार पर CBI और ED ने जांच शुरू की थी. कोर्ट की टिप्पणी ने बढ़ाई थी मुश्किलें निचली अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि टेंडर प्रक्रिया में हुई कथित साजिश की जानकारी लालू यादव को थी. अदालत ने यह भी माना था कि इस मामले में उनके हस्तक्षेप और परिवार को लाभ पहुंचने के आरोपों की जांच जरूरी है. इसी आधार पर कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई थी. 16 आरोपी और कई कंपनियां जांच के घेरे में IRCTC होटल टेंडर मामले में कुल 16 व्यक्ति और कंपनियां आरोपी हैं. इनमें लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत कई कारोबारी और निजी कंपनियां शामिल हैं. मामला होटल टेंडर आवंटन में कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े भ्रष्टाचार व मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़ा है. Also Read: खान सर को राहत, लेकिन रौशन आनंद को नहीं मिली जमानत, कोर्ट ने याचिका की खारिज The post IRCTC घोटाला केस में कोर्ट ने टाला फैसला, अब इस दिन होगी सुनवाई, लालू परिवार ने लोअर कोर्ट के आदेश को दी है चुनौती appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top