Hot News

June 9, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, MP से मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द

Rajya Sabha Election: राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. पार्टी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया है. उनके शपथपत्र में कथित तौर पर अहम जानकारी छिपाने के आरोप के कारण यह फैसला लिया गया है. मध्यप्रदेश विधानसभा के एक अधिकारी के अनुसार बीजेपी उम्मीदवार महेश केवट ने निर्वाचन अधिकारी के सामने शिकायत दर्ज कराई थी कि कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन ने तेलंगाना में लंबित एक आपराधिक मामले की जानकारी अपने शपथपत्र में नहीं दी. इसके बाद दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया. अधिकारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक उम्मीदवारों को अपने खिलाफ लंबित सभी आपराधिक मामलों की जानकारी देना अनिवार्य है. Congress Rajya Sabha nominee Meenakshi Natarajan’s nomination rejected for hiding information about case: MP Assembly official. pic.twitter.com/zayDbd1kBN — Press Trust of India (@PTI_News) June 9, 2026 कांग्रेस ने फैसले पर उठाए सवाल कांग्रेस के मध्य प्रदेश प्रभारी हरिश चौधरी ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्हें केवल अदालत से कारण बताओ नोटिस मिला था और निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार केवल नोटिस मिलने की स्थिति में शपथपत्र में जानकारी देना अनिवार्य नहीं है. कांग्रेस का दावा है कि तकनीकी आधार पर नामांकन खारिज नहीं किया जा सकता. कैलाश विजयवर्गीय ने बताया न्याय की जीत मध्यप्रदेश प्रशासन के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने निर्वाचन अधिकारी के फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत बताया है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया. #WATCH | Bhopal: Madhya Pradesh Minister Kailash Vijayvargiya hints that information about Congress RS candidate Meenakshi Natarajan’s nomination papers containing errors came from Telangana, pointing to a rift within the Congress party. He says, “… We’re getting papers from… https://t.co/8tNSaTmKAt pic.twitter.com/OvXTzsD95H — ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) June 9, 2026 18 जून को होगा मतदान मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है. बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों के रूप में तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को मैदान में उतारा है. वहीं कांग्रेस ने तीसरी सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था. राज्य की तीन रिक्त राज्यसभा सीटों में से दो सीटों पर भाजपा की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, जबकि विधानसभा में संख्या बल के आधार पर तीसरी सीट पर कांग्रेस की स्थिति मजबूत मानी जा रही थी. हालांकि बीजेपी ने तीसरी सीट पर भी उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया. अब नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद नेतृत्वक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. विधानसभा का वर्तमान गणित मध्यप्रदेश विधानसभा की कुल 230 सीटों में फिलहाल 229 सदस्य हैं. इनमें भाजपा के 164 विधायक, कांग्रेस के 64 विधायक और एक विधायक हिंदुस्तान आदिवासी पार्टी का है. दतिया सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र हिंदुस्तानी की सदस्यता समाप्त होने के कारण एक सीट खाली हुआ है. वहीं विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर हाई कोर्ट ने रोक लगा रखी है. यदि तीनों सीटों पर चुनाव होता है तो प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत होगी. The post राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, MP से मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सीएम हेमंत सोरेन का अधिकारियों को निर्देश, हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने में न हो कोई ढिलाई

रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट Jharkhand Cabinet Meeting: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की अपडेट कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जल जीवन मिशन की योजनाओं में तेजी लाने तथा राज्य के प्रत्येक घर तक पाइपलाइन और नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेयजल की उपलब्धता जनजीवन से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जायेगी. जल जीवन मिशन को गति देने का निर्देश मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल संकट की संभावना वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी की जाये. जहां भी पेयजल की समस्या उत्पन्न हो रही है, वहां त्वरित कार्रवाई कर लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाये. उन्होंने जलापूर्ति योजनाओं के रखरखाव और मरम्मत कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया. जल सहियाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने राज्य की जल सहियाओं को समूहवार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में प्लंबर का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिलाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जल सहियाओं को खराब चापाकलों की मरम्मत, सौर ऊर्जा आधारित जलापूर्ति योजनाओं के रखरखाव तथा निगरानी की जिम्मेदारी दी जाये. साथ ही बेहतर कार्य करने वाली जल सहियाओं को सम्मानित और पुरस्कृत करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किये जायें. योजनाओं की हो रियल टाइम मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन बड़ी जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि संवेदकों का वाट्सएप समूह बनाकर प्रतिदिन कार्य प्रगति की जानकारी ली जाये और उसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाये. उन्होंने अधिकारियों को जल जीवन मिशन के लिए बेहतर फ्रेमवर्क तैयार करने, वित्तीय संतुलन के लिए बैकअप प्लान विकसित करने तथा योजनाओं के पूरा होने के बाद शीघ्र उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करने का निर्देश दिया.अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जल जीवन मिशन के तहत दिसंबर 2028 तक राज्य के शत-प्रतिशत ग्रामीण घरों तक पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. बंद चापाकलों का रिचार्ज पीट के रूप में इस्तेमाल मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी शहरी क्षेत्रों जैसी बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण तथा भू-जल स्तर को बनाये रखने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करने का निर्देश दिया.उन्होंने अनुपयोगी हो चुके चापाकलों के बोरिंग को रिचार्ज पीट के रूप में उपयोग करने की बात कही. उन्होंने शॉक पीट बनवाने के लिए भी लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया. इस शॉकपीट में बेकार जल (वेस्ट पानी) संचयन का निर्देश दिया, ताकि भू-जल स्तर को बढ़ाने में मदद मिल सके. प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने की पहल मुख्यमंत्री ने जल गुणवत्ता की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि स्वच्छ पेयजल प्रत्येक नागरिक का अधिकार है. उन्होंने प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करने और प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने वाले समुदायों को प्रशासन की ओर से प्रोत्साहित एवं पुरस्कृत करने का निर्देश दिया. इसे भी पढ़ें: झारखंड में जल, जंगल, जमीन को संरक्षित कर सकती है लैंडस्केप एप्रोच पॉलिसी, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में कामयाब कई योजनाओं की हुई समीक्षा बैठक में जल जीवन मिशन, हर घर जल, जल गुणवत्ता निगरानी, बहु ग्रामीण एवं एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं, नलकूप योजनाएं, स्वच्छ हिंदुस्तान मिशन, व्यक्तिगत शौचालय, ओडीएफ प्लस गांव, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन तथा गोबरधन योजना की विस्तृत समीक्षा की गयी. मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं के प्रभावी संचालन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिये. बैठक में विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद,मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबू इमरान, अतिरिक्त सचिव शशि रंजन समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग के डीटीओ ने निर्धारित गति सीमा में गाड़ी चलाने की अपील की, दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम The post सीएम हेमंत सोरेन का अधिकारियों को निर्देश, हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने में न हो कोई ढिलाई appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार में स्कूल-कॉलेज के समय नहीं चलेंगी कोचिंग क्लास, सीएम सम्राट चौधरी का ऐलान

Bihar Coaching Institutes New Rules: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके कोचिंग संस्थानों के संचालन को लेकर शिक्षा विभाग को निर्देश जारी किया है. इसमें उन्होंने बताया कि प्रशासन का मकसद राज्य की शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पारदर्शिता और पढ़ाई की क्वालिटी को बेहतर बनाना है. कोचिंग संस्थानों को देना होगा छात्रों का पूरा ब्योरा सम्राट चौधरी ने X पर लिखा कि अब बिहार के सभी कोचिंग संस्थानों के लिए यह पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अपने यहां पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राओं की पूरी जानकारी संबंधित जिला प्रशासन को सौंपे. कोई भी कोचिंग संस्थान अब बच्चों का ब्योरा छिपा नहीं सकेगा. इससे व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहेगी. राज्य में विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कोचिंग संचालन को लेकर शिक्षा विभाग को निम्न महत्वपूर्ण निर्देश दिये गये हैं। • सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों का विवरण संबंधित जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। • स्कूलों एवं… — Samrat Choudhary (@samrat4bjp) June 9, 2026 स्कूल और कॉलेज के समय कोचिंग चलाने पर रोक छात्रों के स्कूल और कॉलेज न छूटें, इसके लिए प्रशासन ने समय को लेकर सख्त रुख अपनाया है. निर्देश में साफ कहा गया है कि स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाई के लिए जो समय तय है, उस दौरान कोई भी कोचिंग संस्थान अपनी क्लास नहीं चला सकेगा. यह नियम उन छात्रों पर लागू नहीं होगा जो अपनी स्कूली या कॉलेज की रेगुलर पढ़ाई पूरी कर चुके हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें शिक्षा विभाग बनाएगा नियमावली इस पूरी व्यवस्था को जमीन पर सही तरीके से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को एक नई और मजबूत नियमावली तैयार करने का आदेश दिया है. प्रशासन का कहना है कि वे बिहार की शिक्षा व्यवस्था में कड़ा अनुशासन और बच्चों को बेहतरीन शिक्षा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. इसे भी पढ़ें: बिहार में जमीन नपवाना हुआ दोगुना महंगा, सासामूसा चीनी मिल फिर चलेगी, सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला अब 30 दिनों में मिलेगी फैक्ट्री खोलने की मंजूरी, बिहार में लागू हुआ सिंगल विंडो सिस्टम The post बिहार में स्कूल-कॉलेज के समय नहीं चलेंगी कोचिंग क्लास, सीएम सम्राट चौधरी का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रुतुराज के शतक के बाद गेंदबाजों का कमाल, भारत ए ने श्रीलंका को 8 रन से हराया

SL-A vs IND-A: ट्राई नेशन सीरीज में हिंदुस्तान ए ने जीत के साथ शुरुआत कर दी है. हिंदुस्तान ए ने श्रीलंका को 8 रनों से हराकर पहली जीत हासिल की है. हिंदुस्तानीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 277 रन बनाए. जबाव में लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम 269 रन पर सिमट गई. रंगिरी दांबुला अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम, दांबुला में स्पोर्ट्से गए मुकाबले में हिंदुस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. पहले बल्लेबाजी करते हुए हिंदुस्तान की शुरुआत अच्छी नहीं रही. प्रभसिमरन सिंह 2 और वैभव सूर्यवंशी 14 रन बनाकर आउट हो गए. उसके बाद प्रियांश आर्य और रुतुराज गायकवाड़ के अर्धशतकीय साझेदारी हुई. प्रियांश 32 रन बनाकर रन आउट हो गए. रुतुराज और तिलक की 150 रन की साझेदारी तीन विकेट गंवाने के बाद उपकप्तान रुतुराज और कप्तान तिलक वर्मा ने चौथे विकेट के लिए 150 रन की साझेदारी की. इस साझेदारी भी हिंदुस्तानीय टीम मजबूत स्थिति में पहुंच गई. रुतुराज गायकवाड़ ने 114 गेंदों का सामना करते हुए 101 रन की पारी स्पोर्ट्सी. वहीं तिलक वर्मा 60 रन बनाकर आउट हो गए. अंत में आयुष बदोनी ने 24 और सुर्यंश शेडगे ने 26 रन की पारी स्पोर्ट्सी. इन बल्लेबाजों की मदद से हिंदुस्तान ने 50 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 277 रन बनाए. श्रीलंका ए के लिए शिराज ने 2 विकेट चटकाए. श्रीलंका की बेहतरीन शुरुआत 278 रनों का पीछा करते हुए श्रीलंका के ओपनर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला और अविष्का फर्नांडो के बीच पहले विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुआ. डिकवेला 47 और अविष्का 45 रन बनाकर आउट हो गए. उसके बाद नुवानिदु फर्नाडो 8 रन बनाकर आउट हो गए. यहां से फिर सदीरा समराविक्रमा और सहान अराछिगे ने पारी को संभाला. दोनों ने चौथे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी की. समराविक्रमा 46 रन बनाकर चलते बने. अराछिगे की कप्तानी पारी के बावजूद मिली हार वहीं एक छोर अराछिगे मौजूद रहे और अपना अर्धशतक पूरा किया. इसके बाद रविंदु फर्नाडो और चमिका करुणारत्ना भी जल्दी आउट हो गए. 262 के स्कोर पर अराछिगे 74 रन बनाकर आउट हुए. यहां से टीम को जीत के लिए 16 रन की जरूरत थी, लेकिन हिंदुस्तानीय गेंदबाजों ने 269 रन पर श्रीलंका की पारी को समेट दिया और 8 रन से जीत हासिल कर ली. हिंदुस्तान ए के लिए अरशद खान ने 2, अनुकूल रॉय ने 2, आयुष बदोनी ने 2, विप्रज निगम ने 2 विकेट चटकाए. यह भी पढ़ें: 100वें लिस्ट-ए मैच को रुतुराज गायकवाड़ ने बनाया यादगार, श्रीलंका ए के खिलाफ जड़ा शानदार शतक The post रुतुराज के शतक के बाद गेंदबाजों का कमाल, हिंदुस्तान ए ने श्रीलंका को 8 रन से हराया appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

गया जी: रातभर चली शादी की रस्में, विदाई से पहले नकदी-जेवर ले फरार हुई दुल्हन, जानें फिर क्या हुआ?

Gaya Ji News (अजीत कुमार की रिपोर्ट): बिहार के गया जी जिले से एक ऐसी अनोखी और हैरान कर देने वाली शादी का मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है. यहां बेलागंज थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में शहनाई तो बजी, सात फेरे भी हुए, दूल्हे ने दुल्हन की मांग भी भरी, लेकिन सुबह विदाई की बेला आते-आते जो हुआ उसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. शादी के कुछ ही घंटे बाद नई-नवेली दुल्हन अपने पूरे परिवार के साथ अचानक गायब हो गई. अब इस अजब-गजब ‘मैरिज और धोखे’ की कहानी की चर्चा पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई है. राजस्थान से आई थी बारात पूरी कहानी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है. दरअसल, राजस्थान के टोंक जिला के रहने वाले संजय पटवा सोमवार की रात बड़े अरमानों के साथ सेहरा सजाकर, बारात लेकर गया जी के दरियापुर गांव पहुंचे थे. शादी वाले घर में बारातियों का स्वागत हुआ. रस्में शुरू हुईं और दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें भी खाईं. पीड़ित दूल्हे का आरोप है कि शादी के फेरों से ठीक पहले दोनों पक्षों के बीच तयशुदा मोटी रकम का लेन-देन हुआ था. दूल्हे राजा ने अपनी होने वाली दुल्हनिया को बड़े चाव से सोने का मंगलसूत्र, अंगूठी, चांदी की पायल, ढोलना सहित शादी के कीमती कपड़े और भारी-भरकम सामग्रियां भेंट की थीं. ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे रुपये बात सिर्फ गहनों और कपड़ों तक ही सीमित नहीं रही. दूल्हे पक्ष की ओर से दुल्हन परिवार के बताए गए एक मोबाइल नंबर पर बकायदा 1 लाख 10 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी किए गए थे. सोमवार की पूरी रात हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह की सभी रस्में बड़े ही धूमधाम से संपन्न हुईं. दोनों पक्षों की आपसी सहमति से मंगलवार की सुबह दुल्हन की विदाई का मुहूर्त तय किया गया था. शादी की रस्में खत्म होने के बाद थक-हारकर दूल्हा और उसके साथ आए मेहमान गांव में ही एक निर्धारित जगह पर आराम करने चले गए, ताकि सुबह उठकर नई दुल्हन को विदा करा सकें. सुबह लगा मिला बड़ा ताला असली ‘क्लाइमेक्स’ मंगलवार की सुबह देखने को मिला. सुबह जब विदाई की तैयारियां शुरू हुईं और दूल्हा पक्ष के लोग दुल्हन को लेने उसके घर की तरफ बढ़े, तो स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें एक ऐसी समाचार दी कि दूल्हे के पैरों तले जमीन ही खिसक गई. ग्रामीणों ने बताया कि दुल्हन के पूरे घर में बड़ा सा ताला लटका हुआ है. जब दूल्हा और उसके परिजन भागते हुए मौके पर पहुंचे, तो देखा कि घर के सभी सदस्य, रिश्तेदार और खुद दुल्हन कीमती गहने और कैश समेटकर गायब हो चुके थे. इसके बाद शादी की खुशियां पल भर में हंगामे और सन्नाटे में बदल गईं. दूल्हे ने दर्ज कराई शिकायत चारों तरफ ठगे जाने का अहसास होने पर पीड़ित दूल्हे ने तुरंत पुलिस की इमरजेंसी हेल्पलाइन डायल 112 पर कॉल करके इस बड़ी धोखाधड़ी की सूचना दी. इसके बाद पीड़ित दूल्हा और उसके परिजन सीधे बेलागंज थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई. इस दिलचस्प और हैरान करने वाले मामले पर बेलागंज के थानाध्यक्ष सुनील कुमार द्विवेदी ने बताया कि पीड़ित दूल्हे की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है. पुलिस मामले की हर एंगल से गहराई से जांच कर रही है. जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. Also Read: नदरपुर में 17 जून को पैक्स चुनाव, अध्यक्ष पद पर 4 प्रत्याशी मैदान में, 11 जून को नाम वापसी The post गया जी: रातभर चली शादी की रस्में, विदाई से पहले नकदी-जेवर ले फरार हुई दुल्हन, जानें फिर क्या हुआ? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

समन छोड़ दिल्ली भागे अभिषेक बनर्जी, ममता के आवास पहुंची सीआईडी, ‘साइन-गेट’ में बुरे फंसे टीएमसी के नंबर-2 नेता

खास बातें 24 घंटे के अल्टीमेटम वाला समन क्या वो ‘साइन-गेट’ घोटाला? सीआईडी की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश? बीमारी का बहाना और नेतृत्व में सक्रियता CID at Mamata Banerjee Residence: पूरी तरह अलग-थलग पड़े बुआ-भतीजे प्रवर्तन निदेशालय ने भी भेजा समन CID at Mamata Banerjee Residence: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी हार के बाद बगावत का तूफान ममता बनर्जी के घर की चौखट तक पहुंच गया है. विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर वाले संगीन मामले (Signature Forgery Case) की जांच कर रही राज्य की आपराधिक जांच शाखा (CID) की हाई-प्रोफाइल टीम कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आधिकारिक आवास पहुंची. यह कार्रवाई तब हुई, जब टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) सीआईडी के समन पर हाजिर होने की दिल्ली चले गये. 24 घंटे के अल्टीमेटम वाला समन सीआईडी अब अभिषेक बनर्जी को और अधिक समय देने के मूड में बिल्कुल नहीं है. यही वजह है कि सोमवार देर रात उनके कालीघाट स्थित घर पर तीसरा और अंतिम ‘24 घंटे का अल्टीमेटम’ वाला समन तामील करा दिया है, जिसने टीएमसी के बचे-कुचे खेमे में भारी दहशत पैदा कर दी है. क्या वो ‘साइन-गेट’ घोटाला? इस पूरे कानूनी और नेतृत्वक ड्रामे की शुरुआत बेहद गोपनीय दस्तावेज के फर्जीवाड़े से जुड़ी है. इसकी पूरी क्रोनोलॉजी चौंकाने वाली है. विधानसभा चुनाव में शिकस्त के बाद 19 मई 2026 को तृणमूल कांग्रेस ने विधानसभा सचिवालय को एक आधिकारिक प्रस्ताव पत्र सौंपा था. इस पत्र के जरिये वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) मनोनीत करने की मांग की गयी थी. इस विवाद में अभिषेक बनर्जी की भूमिका सबसे संदिग्ध मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने खुद राष्ट्रीय महासचिव होने के नाते 70 विधायकों के हस्ताक्षर वाला यह आधिकारिक पत्र विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस को फॉरवर्ड (अग्रसारित) किया था. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और बागी गुट के प्रमुख रीतब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस पत्र में 10 से अधिक विधायकों के नाम केवल ब्लॉक लेटर्स (अंग्रेजी के बड़े अक्षरों) में लिखे गये थे. विशेषज्ञों की मौजूदगी में हुई जांच के दौरान अरूप रॉय, बहारुल इस्लाम और सुभाशीष दास सहित 3 बागी विधायकों ने सीआईडी के सामने ऑन-कैमरा बयान दिया कि इस पत्र पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं. इसे भी पढ़ें : अभिषेक बनर्जी के ‘शांतिनिकेतन’ पर फिर CID की दस्तक, बंद मिला दरवाजा, जाली हस्ताक्षर मामले में बढ़ा सस्पेंस सीआईडी की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश? सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को 1 जून को पहली बार भवानी भवन (मुख्यालय) में हाजिर होने का समन भेजा था. तब अभिषेक ने ‘खराब स्वास्थ्य’ का हवाला देकर 2 सप्ताह का समय मांगा था. इसके बाद उन्हें 8 जून (सोमवार) को हाजिर होने का दूसरा समन मिला. जांच में सहयोग की बजाय वह शनिवार शाम को ही दिल्ली चले गये. सोमवार को ममता बनर्जी के साथ दिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब में इंडिया (INDIA) गठबंधन की बैठक में शामिल हुए. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बीमारी का बहाना और नेतृत्व में सक्रियता अभिषेक के इस रवैये से सीआईडी अधिकारी नाराज हैं. उनका कहना है कि व्यक्ति खुद को बीमार बताकर जांच में शामिल होने से इनकार कर रहा है, वह दिल्ली में नेतृत्वक बैठकों में पूरी तरह सक्रिय है. इसके बाद सीआईडी की टीम सीधे हरीश मुखर्जी रोड स्थित उनके ‘शांतिनिकेतन’ आवास और कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के घर पहुंची और तीसरा नोटिस थमा दिया. CID at Mamata Banerjee Residence: पूरी तरह अलग-थलग पड़े बुआ-भतीजे अभिषेक बनर्जी के लिए मुश्किलें केवल सीआईडी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि केंद्र और राज्य की सभी एजेंसियों ने एक साथ उनके खिलाफ चक्रव्यूह तैयार कर दिया है. कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद कोलकाता पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर सालों से लगे वीआईपी पुलिस कियोस्क, बख्तरबंद गाड़ियां, स्कैनर मशीनें और सुरक्षा घेरे को पूरी तरह से हटा दिया था. इसे भी पढ़ें : सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ायी अभिषेक बनर्जी की टेंशन, भवानीपुर थाने में केस दर्ज, दीदी के बाद मुश्किल में ‘भाईपो’! प्रवर्तन निदेशालय ने भी भेजा समन अभिषेक बनर्जी ने सीआईडी केस के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच में दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा (No Coercive Action) की गुहार लगायी, तो प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले (Primary Teachers Recruitment Scam) में उन्हें नया समन जारी कर 15 जून को कोलकाता जोनल ऑफिस में तलब कर लिया. इसे भी पढ़ें मुश्किल में ममता बनर्जी और अभिषेक, ‘दीदी’ पर सिलीगुड़ी और ‘भाईपो’ पर भवानीपुर में शिकायत, जानें क्या है पूरा मामला अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा की बढ़ी मुश्किलें, 2 PAN कार्ड, 2 पिता और 2 देशों की नागरिकता? बंगाल चुनाव 2026 में हार के बाद ‘कॉकरोच’ के सहारे ममता-अभिषेक! वायरल CJP का किया समर्थन कोलकाता के टेंगरा टीएमसी कार्यालय में मिले 300 वोटर और आधार कार्ड, बीजेपी का आरोप- वोट लूटने की थी साजिश The post समन छोड़ दिल्ली भागे अभिषेक बनर्जी, ममता के आवास पहुंची सीआईडी, ‘साइन-गेट’ में बुरे फंसे टीएमसी के नंबर-2 नेता appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹68,940 तक पहुंच सकती है

8th Pay Commission : केंद्र प्रशासन के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं एक बार फिर बहुत तेज हो गई हैं. विभिन्न कर्मचारी संगठनों की ओर से नए वेतन ढांचे में ‘फिटमेंट फैक्टर’ (Fitment Factor) को बढ़ाने की मांग लगातार की जा रही है. अगर प्रशासन कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग को स्वीकार कर लेती है और अधिकतम प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर 3.83 को मंजूरी देती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) मौजूदा ₹18,000 से बढ़कर सीधे ₹68,940 तक पहुंच सकता है. क्या होता है फिटमेंट फैक्टर ? फिटमेंट फैक्टर एक तरह का गणितीय गुणक (Multiplier) होता है. इसी के आधार पर कर्मचारियों की पुरानी बेसिक सैलरी और पेंशन को नए सैलरी स्ट्रक्चर (वेतनमान) में बदला जाता है. सरल भाषा में कहें तो नया वेतन आयोग लागू होने पर आपकी सैलरी कितनी बढ़ेगी, यह पूरी तरह इसी फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करता है. पिछले वेतन आयोग (7th Pay Commission) में प्रशासन ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया था. इसके कारण कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गई थी. 8वें वेतन आयोग के लिए अलग-अलग संगठनों की मांग देश के अलग-अलग कर्मचारी यूनियनों और एक्सपर्ट्स ने अपनी-अपनी तरफ से फिटमेंट फैक्टर के सुझाव दिए हैं. एक्सपर्ट्स का अनुमान: 1.92 ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC): 3.00 फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन (FNPO): 3.25 नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM): 3.83 (सबसे बड़ी मांग) फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से कितनी बढ़ सकती है सैलरी ? अगर मौजूदा न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) ₹18,000 को बेस माना जाए, तो अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर न्यूनतम सैलरी का गणित कुछ ऐसा दिखेगा. स्तावित फिटमेंट फैक्टर संभावित न्यूनतम बेसिक सैलरी (प्रति महीना) 1.92 (एक्सपर्ट्स का अनुमान) ₹34,560 2.57 (7वें वेतन आयोग जैसा ही रहा तो) ₹46,260 2.86 (J&K कर्मचारी समिति का निचला स्तर) ₹51,480 3.00 (AITUC की मांग) ₹54,000 3.25 (FNPO की मांग) ₹58,500 3.68 (J&K कर्मचारी समिति का ऊपरी स्तर) ₹66,240 3.83 (NC-JCM की मांग) ₹68,940 (करीब 283% की बंपर वृद्धि) सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, भत्ते भी होंगे डबल! फिटमेंट फैक्टर बढ़ने का फायदा सिर्फ मूल वेतन (Basic Pay) तक सीमित नहीं रहता. जब बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो उसके साथ जुड़े अन्य भत्तों का ग्राफ भी ऊपर जाता है. HRA में बढ़ोतरी: हाउस रेंट अलाउंस (HRA) सीधे बेसिक सैलरी के प्रतिशत पर तय होता है, इसलिए इसमें बड़ा उछाल आएगा. DA का मर्जर: नया वेतन आयोग लागू होते ही मौजूदा महंगाई भत्ता (DA) मूल वेतन में जोड़ दिया (समाहित कर दिया) जाएगा. इसके बाद नए सैलरी स्ट्रक्चर के आधार पर डीए की गणना शून्य (0) से दोबारा शुरू होगी. ट्रैवल अलाउंस: ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) और अन्य दूसरे भत्तों की भी नए सिरे से समीक्षा की जाएगी. Also Read : सोने की कीमतों में फिर आई तेजी, चांदी हुई सुस्त; जानें 9 जून को आपके शहर में क्या हैं सोने-चांदी के भाव The post 8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹68,940 तक पहुंच सकती है appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Batwara 1947 vs Awarapan 2: 14 अगस्त को बॉक्स ऑफिस पर महाक्लैश, सनी देओल-इमरान हाशमी भिड़ेंगे

Batwara 1947 vs Awarapan 2:बॉलीवुड एक्टर सनी देओल और प्रीति जिंटा की मोस्ट अवेटेड पीरियड ड्रामा ‘बंटवारा 1947’ जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार है. मेकर्स ने फिल्म की रिलीज डेट के साथ इसका पहला लुक भी जारी कर दिया है. मूवी की टक्कर इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 से होगी. इस दिन रिलीज होगी बंटवारा 1947 सनी देओल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर बंटवारा 1947 का मोशन पोस्टर शेयर किया. जिसके कैप्शन में लिखा, नफरत और डर के दौर में उन्होंने साहस को चुना… #बंटवारा1947 14 अगस्त 2026 से सिनेमाघरों में देखें. फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी कर रहे हैं, जबकि इसे आमिर खान प्रोड्यूस कर रहे हैं. स्टारकास्ट की बात करें तो फिल्म में सनी देओल और प्रीति जिंटा के अलावा करण देओल, अली फजल और शबाना आजमी जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे. बंटवारा 1947 में क्या दिखाया जाएगा पोस्टर को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि फिल्म हिंदुस्तान-पाकिस्तान विभाजन के दौर की दर्दनाक और भावनात्मक कहानी को बड़े पैमाने पर पेश करने वाली है. फर्स्ट लुक में उस समय के डर, अफरा-तफरी और बिछड़ने के दर्द को बेहद प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया है. फिल्म एक और वजह से खास है. करीब 23 साल बाद सनी देओल और प्रीति जिंटा की जोड़ी फिर से बड़े पर्दे पर साथ दिखाई देगी. इससे पहले दोनों 2003 में रिलीज हुई ‘द हीरो: लव स्टोरी ऑफ ए स्पाई’ में नजर आए थे. बंटवारा 1947 की आवारापन 2 संग होगी टक्कर बंटवारा 1947 जिस दिन रिलीज हो रही है, उसी दिन इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ भी सिनेमाघरों में दस्तक देगी. ऐसे में स्वतंत्रता दिवस वीकेंड पर दो बड़ी फिल्मों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल सकता है. हाल ही में मेकर्स ने फिल्म का एक पोस्टर शेयर करते हुए अनाउंस किया था कि यह 14 अगस्त, 2026 को आएगी. कैप्शन में लिखा था, पुराने फैंस जानते हैं कि ये कहानी का अंत नहीं है…वो तुम्हारे लिए वापस आया है. 14 अगस्त को सिनेमाघरों में…. #Awarapan2 #ShivamReturns #ItsAWrap यह भी पढ़ें- जब लड़कों से मिले गिफ्ट्स की कीमत देखती थी अनुष्का शर्मा, हिसाब लगाकर करती ये काम The post Batwara 1947 vs Awarapan 2: 14 अगस्त को बॉक्स ऑफिस पर महाक्लैश, सनी देओल-इमरान हाशमी भिड़ेंगे appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार के इस जिले में 32 एकड़ में बनेगा एक्वा पार्क, सम्राट चौधरी 15 जून को करेंगे शिलान्यास

Bihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 15 जून को भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड की नवादावेन पंचायत पहुंचेंगे. यहां वे बाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में बनने वाले इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क का शिलान्यास करेंगे. इसके बाद मुख्यमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. अधिकारियों को मिला जिम्मा दौरे को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने कई अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है. कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को नियमित रूप से स्थल का निरीक्षण करने और तैयारियों की निगरानी करने का निर्देश दिया है. 32 एकड़ में बनेगा आधुनिक एक्वा पार्क नवादावेन स्थित बाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क बनाया जाएगा. करीब 31.20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पार्क 32 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा. इस परियोजना का उद्देश्य बिहार में मत्स्य उत्पादन को नई ऊंचाई देना है. बनेगी राष्ट्रीय स्तर की मछली प्रजनन इकाई इस परियोजना के तहत एक आधुनिक कॉर्प हेचरी यानी मछली प्रजनन केंद्र भी बनाया जाएगा. यहां बेहतर गुणवत्ता वाले मत्स्य बीज तैयार किए जाएंगे. अधिकारियों का कहना है कि इससे बिहार के मत्स्य पालकों को काफी लाभ मिलेगा और राज्य की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी. केंद्र और राज्य प्रशासन मिलकर करेंगी खर्च परियोजना को केंद्र और राज्य प्रशासन मिलकर पूरा करेंगी. इसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र प्रशासन और 40 प्रतिशत राशि राज्य प्रशासन देगी. केंद्र प्रशासन करीब 18.72 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जबकि राज्य प्रशासन लगभग 12.48 करोड़ रुपये का योगदान देगी. मत्स्य पालन के साथ पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क सिर्फ मत्स्य उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा. इससे एक्वा टूरिज्म यानी जल कृषि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. लोग यहां आधुनिक मत्स्य पालन की तकनीकों को देख सकेंगे. इससे क्षेत्र में नई आर्थिक गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद है. स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार परियोजना के शुरू होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. साथ ही मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को बेहतर सुविधाएं और तकनीकी सहायता मिलेगी. प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना ग्रामीण वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी. बिहार को मिलेगी नई पहचान अधिकारियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद बिहार देश के प्रमुख मत्स्य बीज उत्पादक राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा. इससे राज्य में मत्स्य उद्योग का विस्तार होगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. Also Read: IRCTC घोटाला केस में कोर्ट ने टाला फैसला, अब इस दिन होगी सुनवाई, लालू परिवार ने लोअर कोर्ट के आदेश को दी है चुनौती The post बिहार के इस जिले में 32 एकड़ में बनेगा एक्वा पार्क, सम्राट चौधरी 15 जून को करेंगे शिलान्यास appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जब हनुमान जी ने तोड़ा था शनि देव का घमंड, जानिए अद्भुत पौराणिक कथा

Hanuman Ji And Shani Dev Ki Katha: पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार हनुमान जी प्रभु श्रीराम के ध्यान में पूरी तरह लीन थे. उसी समय शनि देव अपने सामर्थ्य के अभिमान में हनुमान जी को चुनौती देने पहुंच गए. शनि देव को अपनी शक्ति और प्रभाव पर अत्यधिक गर्व था. उनका मानना था कि तीनों लोकों में कोई भी उनकी दृष्टि और प्रभाव से बच नहीं सकता. हनुमान जी को ध्यानमग्न देखकर शनि देव ने उन्हें ललकारना शुरू किया. उन्होंने कहा, “ऐ वानर! आंखें खोल और देख, तेरे सामने कौन खड़ा है. मैं तेरे सुख और शांति को समाप्त करने आया हूं” हनुमान जी की विनम्रता ने बढ़ाया शनि का क्रोध शनिदेव के बार-बार ललकारने और ध्यान भंग करने के प्रयासों के बाद जब हनुमान जी ने अपनी आंखें खोलीं, तो उन्होंने अत्यंत शांत और विनम्र स्वर में पूछा, ‘महाराज, आप कौन हैं? यह सुनकर शनि देव का अहंकार और बढ़ गया. उन्होंने कहा, “मैं शनि देव हूं. मेरे नाम से देवता और मनुष्य तक भयभीत रहते हैं. आज मैं तुम्हारी राशि में प्रवेश करने जा रहा हूं, यदि रोक सकते हो तो रोक लो. हनुमान जी ने विनम्रता से उत्तर दिया, “शनिदेव, मुझे प्रभु श्रीराम का ध्यान करने दें. आप किसी और स्थान पर जाकर अपना पराक्रम दिखाइए” जब शनि देव ने हनुमान जी को दी चुनौती हनुमान जी पुनः ध्यान में बैठ गए, लेकिन शनि देव शांत नहीं हुए. उन्होंने आगे बढ़कर हनुमान जी की बांह पकड़ ली और उन्हें अपनी ओर खींचने लगे. हनुमान जी ने पहले धैर्य रखा, लेकिन जब शनि देव बार-बार उन्हें परेशान करने लगे तो उन्होंने अपनी विशाल पूंछ से शनि देव को कसकर लपेट लिया. इसके बाद भी शनि देव का अहंकार कम नहीं हुआ. फिर उन्होंने यहां तक कह दिया कि “तुम तो क्या, तुम्हारे श्रीराम भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते” पूंछ में बांधकर कराया अपनी शक्ति का अहसास प्रभु श्रीराम के प्रति अपमानजनक शब्द सुनकर हनुमान जी का क्रोध जाग उठा. उन्होंने अपनी पूंछ में लिपटे शनि देव को पर्वतों, चट्टानों और वृक्षों से रगड़ना शुरू कर दिया. कुछ ही समय में शनि देव का अभिमान चूर-चूर हो गया. उनके शरीर पर चोटें लग गईं और वे पीड़ा से व्याकुल हो उठे. उन्होंने कई देवी-देवताओं से सहायता की गुहार लगाई, लेकिन कोई भी उनकी मदद के लिए नहीं आया. शनि देव ने मांगी क्षमा शनि देव ने हनुमान जी से अंततः क्षमा याचना की. शनिदेव ने कहा, “वानरराज, मुझे मेरी उद्दंडता का फल मिल चुका है. कृपया मुझे क्षमा करें. मैं भविष्य में कभी आपका अपमान नहीं करूंगा. हनुमान जी ने उन्हें मुक्त करते हुए कहा, केवल मेरी ही नहीं, मेरे भक्तों की छाया से भी दूर रहना होगा. शनि देव ने यह वचन स्वीकार कर लिया. क्यों की जाती है शनि दोष में हनुमान जी की पूजा? इसी घटना के बाद से यह मान्यता प्रचलित हुई कि जो व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति के साथ हनुमान जी की आराधना करता है, उस पर शनि देव की कठोर दृष्टि का प्रभाव कम हो जाता है. यही कारण है कि साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष के समय हनुमान चालीसा का पाठ, सुंदरकांड का पाठ और हनुमान जी की पूजा विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है. यह भी पढ़ें: हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार से पहले मृत सुहागिन स्त्री को सजाया क्यों जाता है? जानें रहस्य The post जब हनुमान जी ने तोड़ा था शनि देव का घमंड, जानिए अद्भुत पौराणिक कथा appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top