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June 9, 2026

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ममता बनर्जी को तगड़ा झटका, राहत सामग्री चोरी के आरोप में पूर्व मंत्री उज्ज्वल विश्वास गिरफ्तार, भीड़ ने घर पर पत्थर-अंडे फेंके

खास बातें कृष्णानगर से हुई उज्ज्वल की गिरफ्तारी भीड़ का गुस्सा फूटा, जमकर की तोड़फोड़ गहन पूछताछ के बाद हुई पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी Former TMC Minister Ujjal Biswas Arrested: विश्वास ने आरोपों को किया खारिज उज्ज्वल बोले- प्रशासन को लौटाने वाला था सामान नदिया से श्यामू रजक की रिपोर्ट Former TMC Minister Ujjal Biswas Arrested: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें थमने का नाम ही नहीं ले रहीं. एक ओर पार्टी के विधायकों और सांसदों ने बगावत कर रखी है, तो दूसरी तरफ पुलिस टीएमसी नेताओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. नदिया जिले के कल्याणी से बंगाल प्रशासन के पूर्व मंत्री उज्ज्वल विश्वास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. कृष्णानगर से हुई उज्ज्वल की गिरफ्तारी तृणमूल कांग्रेस के बड़े नेता उज्ज्वल विश्वास को मंगलवार की रात को नदिया जिले के कृष्णानगर स्थित उनके आवास से पुलिस ने गिरफ्तार किया. उन पर प्रशासनी राहत सामग्री (जैसे तिरपाल, कंबल आदि) को अवैध रूप से जमा करने का आरोप है. भीड़ का गुस्सा फूटा, जमकर की तोड़फोड़ उनके घर पर भारी मात्रा में प्रशासनी राहत सामग्री बरामद होने की सूचना पर स्थानीय लोगों और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा. उग्र भीड़ ने पूर्व मंत्री के घर पर धावा बोल दिया. जमकर तोड़फोड़ की और उन पर अंडे भी फेंके. इसे भी पढ़ें : गिरफ्तारी से बचने के लिए साड़ियों में छिपे तृणमूल नेता ब्रह्मानंद चक्रवर्ती, ‘कट मनी’ लेने का है आरोप गहन पूछताछ के बाद हुई पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी हंगामा बढ़ता देख कृष्णानगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. स्थानीय लोगों द्वारा लगातार गिरफ्तारी की मांग के बीच पुलिस ने पहले उन्हें हिरासत में लिया. इसके बाद गहन पूछताछ की और घर से भारी मात्रा में राहत सामग्री जब्त करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Former TMC Minister Ujjal Biswas Arrested: विश्वास ने आरोपों को किया खारिज पूर्व मंत्री उज्ज्वल विश्वास ने सभी आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि जो कुछ भी उनके घर से बरामद हुए हैं, वह चीजें उन्हें ईद के त्योहार के लिए मिली थी. चुनाव और अन्य व्यस्तताओं के कारण उसे बांटा नहीं जा सका था. उज्ज्वल बोले- प्रशासन को लौटाने वाला था सामान पूर्व साइंस एंड टेक्नोलॉजी मिनिस्टर विश्वास ने दावा किया कि वह इसे प्रशासन को वापस लौटाने की योजना बना रहे थे. दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने इसे प्रशासनी अनाज और राहत सामग्री की भारी धांधली और भ्रष्टाचार का एक और बड़ा मामला करार दिया है. इसे भी पढ़ें जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद दफ्तर में तोड़फोड़, मिला राहत सामग्री का गुप्त भंडार ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में फूट-फूटकर रोने लगीं ममता बनर्जी! कहा- अपनों की गद्दारी ने कहीं का नहीं छोड़ा यूसुफ पठान पर भड़कीं महुआ मोईत्रा, कहा- अमित शाह के बुलावे पर दिल्ली भागे? शर्म करो, थोड़ी हिम्मत दिखाओ बंगाल में कटमनी पर जगह-जगह बवाल, कूचबिहार में खटिया के नीचे छिपे तृणमूल नेता गिरफ्तार The post ममता बनर्जी को तगड़ा झटका, राहत सामग्री चोरी के आरोप में पूर्व मंत्री उज्ज्वल विश्वास गिरफ्तार, भीड़ ने घर पर पत्थर-अंडे फेंके appeared first on Naya Vichar.

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डर्टी पॉलिटिक्स के शिकार हुए बांग्लादेश के खिलाड़ी, टी20 वर्ल्ड कप पर लिटन दास का खुलासा

Litton Das: टी20 वर्ल्ड कप 2026 को खत्म हुए तीन महीने से हो चुके हैं. इस बार टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी हिंदुस्तान और श्रीलंका ने संयुक्त रूप से की थी. इस वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की टीम हिस्सा नहीं लिया था. अब बांग्लादेश के कप्तान लिटन दास ने इस पूरे मामले पर बड़ा बयान दिया है. मोहम्मद यूनूस की अगुवाई वाली अंतरिम प्रशासन के इशारे पर हम लोग वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले सके थे. एक इंटरव्यू में लिटन दास ने कहा कि खिलाड़ियों को निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा दिखाया गया, जबकि वास्तविकता इससे अलग थी. उनके मुताबिक, खिलाड़ियों और अधिकारियों के बीच बैठक जरूर हुई थी, लेकिन फैसले पहले ही तय किए जा चुके थे. सुरक्षा चिंताओं के तर्क पर उठाए सवाल लिटन दास ने हिंदुस्तान में सुरक्षा को लेकर जताई गई चिंताओं पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी खिलाड़ी पहले भी पाकिस्तान का दौरा कर चुके हैं, जहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी होती है और खिलाड़ियों के कमरों के बाहर हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. लिटन ने कहा कि जब टीम ऐसे माहौल में क्रिकेट स्पोर्ट्स सकती है, तो हिंदुस्तान में स्पोर्ट्सने को लेकर सुरक्षा का मुद्दा उनकी समझ से परे था. उनके मुताबिक, खिलाड़ियों की प्राथमिकता सिर्फ क्रिकेट स्पोर्ट्सना और विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लेना था. Superstar Bangladesh batsman and T20 Captain Litton Das slams Muhammad Yunus for not letting them play the T20 World Cup “They told us there was no safety in that country (India). We told them, we have played in Pakistan too. They used to stand outside the room with guns. What… pic.twitter.com/MKhu5I9wOz — Sensei Kraken Zero (@YearOfTheKraken) June 8, 2026 ‘खिलाड़ियों की राय निर्णायक नहीं थी’ बांग्लादेश कप्तान ने संकेत दिया कि खिलाड़ियों की राय ली गई थी, लेकिन उसका अंतिम फैसले पर कोई खास असर नहीं पड़ा. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बताया गया कि हिंदुस्तान में सुरक्षा संबंधी चिंताएं हैं, जबकि अधिकांश खिलाड़ी मैदान पर उतरने के पक्ष में थे. जब उनसे उन दावों के बारे में पूछा गया कि खिलाड़ियों ने खुद हिंदुस्तान में स्पोर्ट्सने की इच्छा नहीं जताई थी, तो लिटन ने व्यंग्यात्मक अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने कहा कि सत्ता में रहने और सत्ता से बाहर होने के बाद लोगों के बयान बदल जाते हैं. स्कॉटलैंड को मिला था मौका गौरतलब है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 हिंदुस्तान और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में आयोजित किया गया था. टूर्नामेंट से पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया था. बाद में टीम ने प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को मौका मिला. यह भी पढ़ें: युजवेंद्र चहल सड़क पर मांगने लगे भीख? वायरल वीडियो की सच्चाई जानकर रह जाएंगे हैरान The post डर्टी पॉलिटिक्स के शिकार हुए बांग्लादेश के खिलाड़ी, टी20 वर्ल्ड कप पर लिटन दास का खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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खान सर को कोर्ट से राहत, 20 जून तक नहीं होगी गिरफ्तारी, अदालत ने रखी शर्त

Khan Sir Controversy: खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक खान सर उर्फ फैसल खान को पटना के प्रधान जिला जज की अदालत ने मंगलवार को अंतरिम राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर 20 जून तक के लिए रोक लगा दी है. अदालत ने फैसल खान को यह आदेश दिया है कि वे पुलिस को जांच में मदद करेंगे. पुलिस जब भी उन्हें बुलायेगी, हाजिर होना होगा. दूसरी ओर खान ग्लोबल स्टडीज के गार्ड चुनचुन कुमार के साथ मारपीट कर सिर फोड़ने के मामले में दर्ज केस में अभियुक्त बनाये गये ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दी है. वकील ने अदालत में बताया निर्दोष प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रुपेश देव की अदालत में खान सर की ओर से मामले में दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर करीब एक घंटे तक सुनवाई हुई. इस दौरान बहस करते हुए खान सर के वकील अरविंद कुमार मऊआर ने अपने मुवक्किल को निर्दोष बताते हुए उन्हें अग्रिम जमानत देने की प्रार्थना की. लेकिन प्रशासन की ओर से लोक अभियोजक राजेश कुमार ने विरोध किया. अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद केस डायरी और खान सर के आपराधिक इतिहास की भी मांग पुलिस से की. अग्रिम जमानत नहीं मिलने के बाद वकील अरविंद कुमार मऊआर ने अंतरिम राहत देने की प्रार्थना की. जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर 20 जून तक के लिए रोक लगा दी. फैसल खान, उनके दो गार्ड प्रमोद कुमार व तालेबर सिंह के खिलाफ में पुलिस के बयान पर केस दर्ज किया गया है. यह मामला कोचिंग संस्थान के बाहर एक फायरिंग का वीडियो वायरल होने से जुड़ा है. 4 जून को कदमकुआं थाना में कांड संख्या 418/2026 दर्ज किया है. ज्ञान बिंदु के निदेशक की जमानत याचिका कर दी गयी खारिज खान ग्लोबल स्टडीज के गार्ड के साथ मारपीट करने के मामले में अभियुक्त बनाये गये ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका पर प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत में सुनवाई हुई. इस दौरान रौशन आनंद के वकील राघव कुमार ने उन्हें जमानत दिये जाने की प्रार्थना की और अपने मुवक्किल को निर्दोष बताया. साथ ही उन्होंने अदालत में यह कहा कि इस मामले में धारा 109 लागू नहीं होती है. पीड़ित को लगी चोट साधारण है. रौशन आनंद के वकील के दिये गये तर्क को अदालत ने सही नहीं माना और उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें पुलिस की केस डायरी क्या खान सर के अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करा पायेगी अदालत ने पुलिस को फैसल खान पर लगे आरोपों को लेकर केस डायरी भेजने का आदेश दिया है. पुलिस के पास 10-12 दिन का समय है. इस दौरान फैसल खान पर लगे आरोपों के संबंधित सबूतों और गवाहों के बयान जुटा लेना होगा. पुलिस डायरी में साक्ष्य मजबूत नहीं होंगे तो खान सर की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर हो सकती है. प्राथमिकी में पुलिस ने बताया है कि दोनों गार्ड प्रमोद कुमार और तालेबर सिंह ने बयान में कहा है कि खान सर के ही कहने पर उन्होंने फायरिंग की थी. यह आदेश खान सर ने दिया था या नहीं, इसे पुलिस कैसे सिद्ध करेगी? पुलिस के पास केवल दोनों गार्ड के बयान हैं. इसके अलावा कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है. गार्ड बयान से मुकर सकते हैं. पुलिस इस केस में और भी गवाहों के नाम जोड़ सकती है. इसे भी पढ़ें: अब 30 दिनों में मिलेगी फैक्ट्री खोलने की मंजूरी, बिहार में लागू हुआ सिंगल विंडो सिस्टम पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर समेत 32 जिलों में कल बिगड़ा रहेगा मौसम का हाल, IMD ने जारी किया डबल अलर्ट The post खान सर को कोर्ट से राहत, 20 जून तक नहीं होगी गिरफ्तारी, अदालत ने रखी शर्त appeared first on Naya Vichar.

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मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, कांग्रेस बोली- ‘सीट चोरी’, EC दफ्तर के बाहर हंगामा, लोकतंत्र की हत्या का आरोप

Meenakshi Natarajan Nomination Cancelled: मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने से सियासी बवाल छिड़ गया है. कांग्रेस नेताओं ने इस फैसले को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है. मंगलवार को पार्टी ने इसके खिलाफ चुनाव आयोग के सामने विरोध दर्ज कराया और मामले को अदालत में ले जाने की बात कही है. मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली स्थित चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचा और नामांकन रद्द किए जाने के फैसले पर आपत्ति जताई. पार्टी का आरोप है कि उन्हें अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं दिया गया. कांग्रेस का कहना है कि जिस सीट पर उसकी जीत की संभावना मजबूत थी, उसी सीट पर उसके उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया गया. सचिन पायलट ने उठाए सवाल कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि देश के लोकतांत्रिक इतिहास में ऐसा शायद ही कभी हुआ हो कि बिना स्पष्ट कारण बताए किसी उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया जाए. उन्होंने दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ न तो कोई FIR दर्ज है और न ही कोई चार्जशीट दाखिल हुई है. पायलट ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई जानबूझकर की गई है और चुनाव आयोग उनकी शिकायत सुनने को तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को अदालत में चुनौती देगी और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करेगी. VIDEO | Rajya Sabha Polls: Congress leaders reach the ECI office in Delhi to submit application against the cancellation of nomination of Meenakshi Natarajan for Rajya Sabha from Madhya Pradesh. Congress leader Sachin Pilot (@SachinPilot) says, “Never in the democratic history… pic.twitter.com/vKUdbCJch9 — Press Trust of India (@PTI_News) June 9, 2026 मीनाक्षी नटराजन ने लगाया ‘सीट चोरी’ का आरोप कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने भी नामांकन रद्द किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जब बीजेपी ने संख्या बल पूरी तरह अपने पक्ष में न होने के बावजूद तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारा तभी से उन्हें आशंका होने लगी थी कि नेतृत्वक दबाव बनाया जाएगा. हमें समझ आने लगा था कि वे लोकतंत्र और संविधान की आवाज दबाने की नेतृत्व कर रहे हैं. जो बात पहले वोट की चोरी तक सीमित थी, वह अब सीट की चोरी बन गई है. नटराजन ने कहा कि उनके वकीलों ने निर्वाचन अधिकारी के सामने अपनी दलीलें रखीं, लेकिन उन्हें ठीक से नहीं सुना गया और फैसला सुना दिया गया. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक उम्मीदवारी का मामला नहीं है, देश में हालात गंभीर हैं. हम इसे चुनौती देंगे. VIDEO | Rajya Sabha Polls: As her nomination was cancelled in Madhya Pradesh, Congress leader Meenakshi Natarajan says, “When the number of members was not adequate, and the BJP fielded third candidate, it all started from there, and we started to understand that they are doing… pic.twitter.com/cmhViTdb76 — Press Trust of India (@PTI_News) June 9, 2026 किस आधार पर हुआ नटराजन का नामांकन निरस्त? मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीट के लिए 18 जून को चुनाव होना है. सोमवार को नामांकन की आखिरी तारीख थी जबकि आज नामांकन पत्रों की जांच की गई. बीजेपी प्रत्याशी महेश केवट के अधिवक्ता संकेत गुप्ता ने विधानसभा में मीडिया से बातचीत में कहा कि तेलंगाना की एक अदालत में नटराजन के खिलाफ एक आपराधिक मामला लंबित है और शपथपत्र में इसका जिक्र नहीं है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के मुताबिक शपथपत्र में सभी आपराधिक मामलों का उल्लेख किया जाना जरूरी है लेकिन नटराजन ने जानबूझकर इसे छुपाया. गुप्ता ने कहा कि निर्वाचन अधिकारी ने इसी आधार पर नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया है. वहीं, राज्य प्रशासन के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसे न्याय की जीत बताया और कहा कि भाजपा ने संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी. भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने इस मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला बता रही है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर झटका बताया है. तन्खा ने कहा कि उन्होंने खुद नटराजन के नामांकन पत्र और शपथपत्र की जांच की है. उनके मुताबिक, दस्तावेजों में ऐसी कोई जानकारी नहीं छिपाई गई थी, जिसका खुलासा कानून के तहत करना अनिवार्य हो. उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ न तो कोई प्राथमिकी (FIR) दर्ज थी और न ही कोई आपराधिक मुकदमा लंबित था. ऐसे में जानकारी छिपाने के आरोप का कोई आधार नहीं बनता. नटराजन को मिला का धारा 223 के तहत नोटिस- कांग्रेस कांग्रेस नेता के अनुसार नटराजन को केवल दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 223 के तहत एक नोटिस मिला था. इस नोटिस में एक आवेदक ने दावा किया था कि उसे और अन्य लोगों को 10 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए. तन्खा ने बताया कि नटराजन ने उस नोटिस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा था कि उनका उस मामले से कोई संबंध नहीं है और उन्हें इस तरह का नोटिस भेजा ही नहीं जाना चाहिए था. विवेक तन्खा ने सवाल उठाया कि जब नटराजन के खिलाफ कोई अपराध दर्ज नहीं था, कोई प्राथमिकी नहीं थी और कोई न्यायिक मामला लंबित नहीं था, तो आखिर किस आधार पर यह माना गया कि उन्होंने महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई है. Also Read: राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द The post मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, कांग्रेस बोली- ‘सीट चोरी’, EC दफ्तर के बाहर हंगामा, लोकतंत्र की हत्या का आरोप appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड की सड़कों पर दौड़ रहे जर्जर एंबुलेंस, सांसत में मरीजों की जान

रांची से विपिन सिंह की रिपोर्ट Ranchi News: झारखंड में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली डॉयल 108 एंबुलेंस सेवा गंभीर संकट से गुजर रही है. राज्यभर में संचालित बड़ी संख्या में एंबुलेंस जर्जर हो चुकी हैं और कई वाहन सड़कों पर चलने योग्य भी नहीं रह गये हैं. जिन वाहनों के भरोसे गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी है, वही अब मरीजों की सुरक्षा के लिए चिंता का कारण बन रहे हैं. 1.5 लाख किमी से अधिक चल चुकी हैं अधिकतर एंबुलेंस स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बेड़े में शामिल अधिकांश एंबुलेंस आठ वर्ष से अधिक पुरानी हो चुकी हैं और 1.5 लाख किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय कर चुकी हैं. कई वाहन तो 2.5 लाख किलोमीटर से अधिक चल चुके हैं. लगातार उपयोग और समय पर प्रतिस्थापन नहीं होने से इनकी स्थिति बेहद खराब हो गयी है. अनफिट वाहनों की पहचान का निर्देश स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सक्रियता बढ़ा दी है. अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने खराब और सेवा देने में असमर्थ एंबुलेंसों को कंडम घोषित कर उनकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है. इसके लिए निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं को पत्र लिखकर जिलों में संचालित अनफिट वाहनों की पहचान करने को कहा गया है. प्रत्येक जिले में सिविल सर्जन की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जायेगी. यह समिति एंबुलेंसों की स्थिति की समीक्षा करेगी और उपयोग के योग्य नहीं रहने वाले वाहनों की रिपोर्ट तैयार कर निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं को सौंपेगी. जीवन रक्षक उपकरण भी हो चुके हैं खराब समस्या केवल वाहनों तक सीमित नहीं है. एंबुलेंस में लगे कई जीवन रक्षक उपकरण भी जर्जर हो चुके हैं. डिफाइब्रिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, महत्वपूर्ण संकेत मॉनिटर और स्ट्रेचर जैसे उपकरणों की कार्यक्षमता भी प्रभावित हुई है. नियमित रखरखाव और कैलिब्रेशन के अभाव में कई उपकरण अपेक्षित रूप से काम नहीं कर पा रहे हैं. ऐसी स्थिति में गंभीर मरीजों को समय पर और प्रभावी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि आपातकालीन सेवाओं में उपकरणों की गुणवत्ता उतनी ही महत्वपूर्ण होती है, जितनी एंबुलेंस की उपलब्धता. 2017 में शुरू हुई थी 108 सेवा झारखंड में डॉयल 108 इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा की शुरुआत 15 नवंबर 2017 को की गयी थी. उस समय स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी के कार्यकाल में इस योजना को शुरू किया गया था. इसका उद्देश्य दुर्घटना और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना था. शुरुआती वर्षों में इस सेवा ने हजारों मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी, लेकिन समय के साथ वाहनों के पुराने होने और संख्या में वृद्धि नहीं होने से व्यवस्था पर दबाव बढ़ता चला गया. 207 एंबुलेंस हो चुकी हैं कंडम स्वास्थ्य विभाग को दी गयी जानकारी के अनुसार 108 सेवा के तहत संचालित कुल 440 एंबुलेंसों में से 207 एंबुलेंस ऐसी हैं, जिन्हें कंडम घोषित करने की आवश्यकता है. इन वाहनों की आयु आठ वर्ष से अधिक हो चुकी है और ये निर्धारित सीमा से कहीं अधिक दूरी तय कर चुकी हैं. साल 2004-05 में सदर अस्पतालों और निचले स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों के लिए खरीदी गयी कई टाटा सूमो एंबुलेंस तथा अन्य चिकित्सा वाहन अब मरम्मत के लायक भी नहीं बचे हैं. इनके रखरखाव पर लगातार खर्च होने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं. 237 नई एंबुलेंस की खरीद अंतिम चरण में राज्य प्रशासन पुराने और अनफिट वाहनों को बदलने की तैयारी में जुटी हुई है. पहले 30 और अब अतिरिक्त 207 एंबुलेंसों की खरीद प्रक्रिया चल रही है. इस तरह कुल 237 नई एंबुलेंस बेड़े में शामिल की जानी हैं. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है और इसी महीने के अंत तक चयनित कंपनी को मंजूरी दी जा सकती है. नई एंबुलेंस पहले की तुलना में अधिक आधुनिक और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस होंगी. इसे भी पढ़ें: झारखंड के लाखों प्रशासनी कर्मचारियों को हेमंत प्रशासन तोहफा, 60% हो गया DA मरीजों को मिलेगी बेहतर और सुरक्षित सेवा खराब और कंडम एंबुलेंसों को सेवा से बाहर करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को केवल सुरक्षित और प्रभावी एंबुलेंस सेवाएं ही मिलें. आपातकालीन परिस्थितियों में कुछ मिनटों की देरी भी किसी मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है. ऐसे में एंबुलेंस व्यवस्था को मजबूत करना स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हो गया है. इसे भी पढ़ें: रांची में 10 जून से शुरू होगा झारखंड प्रीमियर लीग, स्टेडियम में एंट्री फ्री The post झारखंड की सड़कों पर दौड़ रहे जर्जर एंबुलेंस, सांसत में मरीजों की जान appeared first on Naya Vichar.

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युजवेंद्र चहल सड़क पर मांगने लगे भीख? वायरल वीडियो की सच्चाई जानकर रह जाएंगे हैरान

Yuzvendra Chahal Beggar Video: हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के अनुभवी स्पिनर युजवेंद्र चहल एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं. इस बार वजह उनका क्रिकेट प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक वायरल वीडियो है, जिसमें वह सड़क किनारे बैठकर भीख मांगते नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आते ही कई फैंस हैरान रह गए, लेकिन इसकी असली कहानी कुछ और ही है. वायरल वीडियो का सच क्या है? दरअसल, यह वीडियो किसी वास्तविक घटना का नहीं बल्कि एक मजेदार सोशल मीडिया रील का हिस्सा है. चहल ने पूर्व हिंदुस्तानीय ओपनर शिखर धवन के साथ मिलकर यह कॉमेडी वीडियो बनाया है, जिसे दोनों खिलाड़ियों ने इंस्टाग्राम पर साझा किया. वीडियो में चहल सड़क किनारे बैठकर भिखारी की भूमिका निभाते दिखाई देते हैं. तभी वहां पहुंचने वाले शिखर धवन मजाकिया अंदाज में उनसे कहते हैं, “शर्म नहीं आती, रोड पर बैठकर पैसे मांगते हो?” इस पर चहल तुरंत जवाब देते हैं, “तो आपके 10 रुपये के लिए मैं ऑफिस खोल लूं?” दोनों खिलाड़ियों की यह नोकझोंक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. View this post on Instagram A post shared by Shikhar Dhawan (@shikhardofficial) फैंस को खूब पसंद आ रहा मजाकिया अंदाज चहल और धवन अक्सर अपने हल्के-फुल्के अंदाज के लिए जाने जाते हैं. दोनों पहले भी कई मजेदार वीडियो और रील्स के जरिए फैंस का मनोरंजन कर चुके हैं. यही वजह है कि उनका नया वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है. IPL 2026 में पंजाब किंग्स के लिए स्पोर्ट्से थे चहल हाल ही में समाप्त हुए आईपीएल 2026 में युजवेंद्र चहल पंजाब किंग्स का हिस्सा थे. हालांकि यह सीजन उनके लिए बहुत यादगार नहीं रहा. उन्होंने 14 मैचों में 12 विकेट हासिल किए, लेकिन अपने अनुभव के अनुरूप बड़ा प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे. टीम इंडिया में वापसी का इंतजार युजवेंद्र चहल लंबे समय से हिंदुस्तानीय टीम से बाहर चल रहे हैं. उन्होंने हिंदुस्तान के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला अगस्त 2023 में स्पोर्ट्सा था. इसके बाद से चयनकर्ताओं ने उन्हें मौका नहीं दिया है. चहल के अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड पर नजर डालें तो उन्होंने हिंदुस्तान के लिए 72 वनडे और 80 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच स्पोर्ट्से हैं. वनडे में उनके नाम 121 विकेट दर्ज हैं, जबकि टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 96 विकेट हासिल किए हैं. सीमित ओवरों के क्रिकेट में वह हिंदुस्तान के सबसे सफल स्पिनरों में गिने जाते हैं. यह भी पढ़ें: कप्तानी से इस्तीफा और फिर संन्यास! बेन स्टोक्स को लेकर सामने आई बड़ी रिपोर्ट The post युजवेंद्र चहल सड़क पर मांगने लगे भीख? वायरल वीडियो की सच्चाई जानकर रह जाएंगे हैरान appeared first on Naya Vichar.

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रांची में 10 जून से शुरू होगा झारखंड प्रीमियर लीग, स्टेडियम में एंट्री फ्री

रांची से प्रियंका सिंह की रिपोर्ट Jharkhand Premier League: झारखंड की राजधानी रांची एक बार फिर क्रिकेट के बड़े आयोजन का गवाह बनने जा रहा है. 10 जून से झारखंड प्रीमियर लीग (जेपीएल) की शुरुआत होने जा रही है, जो 23 जून तक चलेगी. रांची के धुर्वा स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में यह टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा, जहां राज्य के युवा और प्रतिभाशाली क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर मिलेगा. दर्शकों के लिए बड़ी राहत इस बार टूर्नामेंट की सबसे खास बात यह है कि जेएससीए ने दर्शकों के लिए स्टेडियम में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा है. क्रिकेट प्रेमियों को किसी भी प्रकार का टिकट शुल्क नहीं देना होगा. जेएससीए अध्यक्ष अजय नाथ शाह देव ने लोगों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करें और घरेलू क्रिकेट को प्रोत्साहित करें. 6 टीमों के बीच कड़ा मुकाबला इस लीग में कुल 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें रांची टाइटंस, जमशेदपुर स्टीलर्स, छोटा नागपुर रॉयल्स, कोयलंचल सुपर किंग्स, धनबाद डायमंड्स और संथाल स्ट्राइकर्स शामिल हैं. ये सभी टीमें 14 दिनों तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में एक-दूसरे को कड़ी चुनौती देंगी. हर टीम अपने संतुलित संयोजन और युवा खिलाड़ियों के दम पर जीत की कोशिश करेगी. 27 मैचों का रोमांचक शेड्यूल टूर्नामेंट में कुल 24 लीग मैच स्पोर्ट्से जाएंगे, जबकि मिलाकर 27 मुकाबलों का आयोजन होगा. लीग स्टेज के बाद शीर्ष प्रदर्शन करने वाली टीमें नॉकआउट चरण में प्रवेश करेंगी, जहां से फाइनल तक का सफर तय किया जाएगा. ग्रैंड फिनाले 23 जून को स्पोर्ट्सा जाएगा, जिसमें खिताब के लिए दो सर्वश्रेष्ठ टीमें आमने-सामने होंगी. प्रसारण और दर्शकों की पहुंच झारखंड प्रीमियर लीग के सभी मुकाबलों का सीधा प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स टीवी चैनल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा. इससे राज्य के बाहर और देशभर के क्रिकेट प्रेमी भी इस टूर्नामेंट का आनंद ले सकेंगे. डिजिटल प्रसारण के कारण युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की संभावना भी बढ़ेगी. इसे भी पढ़ें: स्त्री टी20 वर्ल्ड कप से पहले हरमनप्रीत कौर ने भरी हुंकार, कहा- ट्रॉफी जीतने के लिए हैं तैयार स्थानीय क्रिकेट को मिलेगा बढ़ावा यह लीग झारखंड के क्रिकेट ढांचे के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इससे न केवल खिलाड़ियों को प्रदर्शन का मंच मिलेगा, बल्कि राज्य में स्पोर्ट्स संस्कृति को भी मजबूती मिलेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने में मदद मिलेगी. इसे भी पढ़ें: झारखंड के लाखों प्रशासनी कर्मचारियों को हेमंत प्रशासन तोहफा, 60% हो गया DA The post रांची में 10 जून से शुरू होगा झारखंड प्रीमियर लीग, स्टेडियम में एंट्री फ्री appeared first on Naya Vichar.

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916 करोड़ की लागत से डबल होगी 56 किमी रेल लाइन, ठाकुरगंज-सिलीगुड़ी रूट को मिली मंजूरी

Thakurganj Siliguri Double Rail Line Project: ठाकुरगंज-सिलीगुड़ी रेलखंड के विकास को लेकर बड़ी मंजूरी मिली है. हिंदुस्तान प्रशासन के रेल मंत्रालय ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अंतर्गत आने वाली इस रेल परियोजना को स्वीकृति दे दी है. अब इस रेलखंड पर दूसरी रेल लाइन बिछाई जाएगी, जिससे ट्रेनों का संचालन और बेहतर हो सकेगा. रेल मंत्रालय की मंजूरी के बाद करीब 56.41 किलोमीटर लंबे ठाकुरगंज-सिलीगुड़ी रेलखंड पर डबल लाइन का निर्माण किया जाएगा. इस परियोजना के लिए केंद्र प्रशासन ने 916.18 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी. रेलवे बोर्ड ने जारी किया पत्र रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने पर जोर रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इस परियोजना का मकसद रेल नेटवर्क को मजबूत करना, ट्रेनों के संचालन को तेज बनाना और पूर्वोत्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और बेहतर करना है. डबल लाइन बनने से इस रूट पर ट्रेनों के परिचालन में आने वाली बाधाएं कम होंगी और यात्रियों को भी इसका लाभ मिलेगा. रेलवे बोर्ड ने जारी किया स्वीकृति पत्र इस परियोजना को लेकर रेलवे बोर्ड के निदेशक गति शक्ति दीपक सिंह ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मालीगांव स्थित मुख्यालय को स्वीकृति पत्र जारी किया है. इसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. रेल मंत्रालय की ओर से जारी स्वीकृति के अनुसार परियोजना की कुल लागत 916.18 करोड़ रुपये तय की गई है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें इसमें सिविल कामों पर 671.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके अलावा अन्य मदों के लिए 149.69 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं. इलेक्ट्रिसिटी काम, टीआरडी और जनरेटर से जुड़े कामों पर 94.94 करोड़ रुपये खर्च होंगे. रेलवे की ओर से अब आगे की प्रक्रिया पूरी कर परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा. इसे भी पढ़ें: अब 30 दिनों में मिलेगी फैक्ट्री खोलने की मंजूरी, बिहार में लागू हुआ सिंगल विंडो सिस्टम पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर समेत 32 जिलों में कल बिगड़ा रहेगा मौसम का हाल, IMD ने जारी किया डबल अलर्ट The post 916 करोड़ की लागत से डबल होगी 56 किमी रेल लाइन, ठाकुरगंज-सिलीगुड़ी रूट को मिली मंजूरी appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में दुग्ध क्रांति की तैयारी, हावड़ा में 650 करोड़ का प्लांट लगायेगा अमूल, अमित शाह करेंगे शिलान्यास

इसे भी पढ़ें औद्योगिक विकास की दिशा में एक कदम GCMMF के साथ हुई थी सीएम शुभेंदु अधिकारी की बैठक Amul Dairy Plant in Howrah: प्लांट की उत्पादन क्षमता पर एक नजर हजारों लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा कोलकाता से शिव कुमार राउत की रिपोर्ट Amul Dairy Plant in Howrah: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद औद्योगिक निवेश को नयी गति मिलने जा रही है. देश की प्रमुख डेयरी कंपनी अमूल हावड़ा के सांकराइल स्थित फूड पार्क में लगभग 650 करोड़ रुपए की लागत से अपना पहला पूर्ण स्वामित्व वाला अत्याधुनिक डेयरी प्लांट स्थापित करने जा रही है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास 13 जून को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों होने की संभावना है. औद्योगिक विकास की दिशा में एक कदम समारोह में बड़ी संख्या में विशिष्ट अतिथि और दुग्ध उत्पादक किसानों के शामिल होने की संभावना है. राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में यह सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है. GCMMF के साथ हुई थी सीएम शुभेंदु अधिकारी की बैठक हाल ही में पश्चिम बंगाल के सचिवालय नबान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (जीसीएमएमएफ) के प्रबंध निदेशक जयन मेहता और अमूल डेयरी के प्रमुख अमित व्यास की बैठक हुई थी. इसके बाद इस परियोजना को अंतिम रूप दिया गया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Amul Dairy Plant in Howrah: प्लांट की उत्पादन क्षमता पर एक नजर हावड़ा के इस संयंत्र में प्रतिदिन 10 लाख किलोग्राम दही, लस्सी और छाछ का उत्पादन किया जायेगा. इसे देश के सबसे बड़े डेयरी उत्पादन केंद्रों में शामिल करने की योजना है. प्लांट का निर्माण गुजरात की एक कंपनी 2 चरणों में करेगी. अमूल भविष्य में उत्तर बंगाल में भी डेयरी कारोबार का विस्तार करेगा. अमूल के निवेश से बंगाल के दुग्ध उद्योग को नयी मजबूती मिलेगी. हजारों लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा इस बड़े निवेश से पश्चिम बंगाल में डेयरी इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा. किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा और हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर सृजित होंगे. राज्य में औद्योगिक निवेश के नये दौर की शुरुआत के रूप में इस परियोजना को काफी अहम माना जा रहा है. इसे भी पढ़ें 19 हजार करोड़ के निवेश का रोडमैप तैयार, पूर्वी हिंदुस्तान का लॉजिस्टिक्स हब बनेगा बंगाल हमें बाबर, हुमायूं की परवाह नहीं, शमिक भट्टाचार्य बोले- बंगाल को चाहिए निवेश व रोजगार पश्चिम बंगाल में तेज होगी औद्योगिकीकरण की रफ्तार, भूमि के लिए बनेगी नयी नीति बंगाल की स्त्रीओं को मिलेंगे 36000 रुपए, जानिए पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका The post बंगाल में दुग्ध क्रांति की तैयारी, हावड़ा में 650 करोड़ का प्लांट लगायेगा अमूल, अमित शाह करेंगे शिलान्यास appeared first on Naya Vichar.

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कप्तानी से इस्तीफा और फिर संन्यास! बेन स्टोक्स को लेकर सामने आई बड़ी रिपोर्ट

Ben Stokes: इंग्लैंड टेस्ट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स का अंतरराष्ट्रीय करियर खतरे में पड़ता नजर आ रहा है. नाइटक्लब विवाद को लेकर इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) की जांच का सामना कर रहे स्टोक्स अब कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने पर विचार कर रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 35 वर्षीय स्टोक्स के सामने कप्तानी छोड़ने, क्रिकेट से ब्रेक लेने या फिर पूरी तरह संन्यास लेने का विकल्प मौजूद हैं. क्या है पूरा मामला? यह विवाद न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड की जीत के बाद शुरू हुआ. रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार सुबह लंदन के किंग्स रोड स्थित ‘रेक्स रूम्स’ नाइटक्लब में इंग्लैंड के खिलाड़ी और रग्बी क्लब सारासेन्स के कुछ खिलाड़ी मौजूद थे. इसी दौरान गस एटकिंसन और सारासेन्स अकादमी के एक खिलाड़ी के बीच विवाद हो गया. मामला तब बढ़ गया जब कथित तौर पर एटकिंसन को निशाना बनाकर मारा गया मुक्का ECB के एक सुरक्षा कर्मी को लग गया. इस घटना में सुरक्षा कर्मी घायल हो गया और उसे टांके लगवाने पड़े. हालांकि स्टोक्स और एटकिंसन दोनों को कोई चोट नहीं आई. कप्तानी छोड़ने का विकल्प दिया गया? रिपोर्ट के मुताबिक ECB ने बेन स्टोक्स को कप्तानी अपने तरीके से छोड़ने का विकल्प दिया है, जबकि वह खिलाड़ी के रूप में टेस्ट क्रिकेट स्पोर्ट्सना जारी रख सकते हैं. हालांकि अगर स्टोक्स खुद पद नहीं छोड़ते हैं, तो जांच पूरी होने के बाद बोर्ड अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत उन्हें कप्तानी से हटा भी सकता है. नाइटक्लब विवाद ने स्टोक्स की नेतृत्व क्षमता और टीम अनुशासन को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. संन्यास पर भी कर रहे विचार ईएसपीएन क्रिकइंफो की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि स्टोक्स अपने 15 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर को समाप्त करने पर भी गंभीरता से विचार कर रहे हैं. फिलहाल वह सिर्फ टेस्ट क्रिकेट स्पोर्ट्सते हैं. बताया जा रहा है कि हाल के समय में उनकी और मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम की सोच में भी दूरी आई है. दूसरे टेस्ट से बाहर रह सकते हैं स्टोक्स और एटकिंसन रिपोर्ट्स के अनुसार, स्टोक्स और एटकिंसन 17 जून से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट मैच में उपलब्ध नहीं होंगे. हालांकि ECB ने अभी अंतिम फैसला नहीं सुनाया है, लेकिन जांच पूरी होने तक दोनों खिलाड़ियों की स्थिति पर नजर बनी हुई है. इस विवाद के इंग्लैंड क्रिकेट में बड़ा भूचाल ला दिया है. यह भी पढ़ें: 6 फीट 5 इंच लंबा, 125 किलो वजन; बेन स्टोक्स विवाद में सामने आया रग्बी खिलाड़ी का नाम The post कप्तानी से इस्तीफा और फिर संन्यास! बेन स्टोक्स को लेकर सामने आई बड़ी रिपोर्ट appeared first on Naya Vichar.

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