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June 13, 2026

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IND vs AFG: भारत ने जीता टॉस, दो खिलाड़ियों का डेब्यू; 25 ओवर का होगा मैच

IND vs AFG, 1st ODI: हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच पहला वनडे मुकाबला धर्मशाला में स्पोर्ट्सा जा रहा है. बारिश के कारण यह मुकाबला केवल 25-25 ओवर का स्पोर्ट्सा जा रहा है. हिंदुस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया. हिंदुस्तान के लिए दो खिलाड़ियों ने इस मुकाबले में डेब्यू किया है. मैच की शुरुआत 5.45 में होगी. सभी गेंदबाजों को सिर्फ 5 ओवर ही गेंदबाजी करने का मौका मिलेगा. जबकि बैटिंग पावरप्ले 5 ओवर का ही रहेगा. केएल राहुल ने हर्ष दुबे और शुभमन गिल ने गुरनूर बराड़ को डेब्यू कैप दी है. हर्ष दुबे और गुरनूर बराड़ अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट टीम का भी हिस्सा थे, लेकिन उन्हें टेस्ट में मौका नहीं मिला था. अब धर्मशाला में उनका वनडे डेब्यू हुआ है. ऐसी है दोनों टीमों की प्लेइंग-11 हिंदुस्तान: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, केएल राहुल, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, गुरनूर बराड़, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा. अफगानिस्तान: इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मोहम्मद सलीम सफी, एएम गजनफर, ज़िया उर रहमान शरीफी. 🚨 Toss Update from Dharamshala 🚨#TeamIndia have won the toss and elected to bowl in the 1️⃣st ODI. Updates ▶️ https://t.co/lCuohEZYAl #INDvAFG | @IDFCFIRSTBank pic.twitter.com/dFxWa3GRob — BCCI (@BCCI) June 13, 2026 टॉस जीतने के बाद शुभमन गिल ने क्या कहा? ओवरकास्ट परिस्थितियों को देखते हुए हम पहले गेंदबाजी करना चाहते हैं. बारिश का भी भरोसा नहीं है इसलिए उसे भी ध्यान में रखते हुए बाद में बल्लेबाज़ी करना ज्याद सही रहेगा. पिच बल्लेबाज़ी के लिए अच्छी लग रही है. हम अलग-अलग संजोयन आजमाना चाहते हैं. गुरनूर बराड़ और हर्ष दुबे डेब्यू कर रहे हैं. यशस्वी जायसवाल, प्रिंस यादव और कुलदीप यादव मुकाबला नहीं स्पोर्ट्स रहे हैं. यह भी पढ़ें: ‘किसी से भी हार जाओ, लेकिन पाकिस्तान से नहीं’… जेमिमा रोड्रिग्स के बयान ने जीता हिंदुस्तानीयों का दिल The post IND vs AFG: हिंदुस्तान ने जीता टॉस, दो खिलाड़ियों का डेब्यू; 25 ओवर का होगा मैच appeared first on Naya Vichar.

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INDIA गठबंधन में बढ़ी तल्खी! लेफ्ट ने पूछा- राहुल गांधी पीएम मोदी को लगा सकते हैं गले, तो पिनराई विजयन को क्यों नहीं?

INDIA Alliance: केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा- राहुल का नेतृत्वक रवैया INDIA (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) गठबंधन को मजबूत नहीं करता और अक्सर इससे BJP को ही फायदा पहुंचता है. राहुल गांधी ने विजयन को लेकर क्या दिया था बयान? इंडिया गठबंधन की बैठक में राहुल गांधी ने कहा था कि वह केरल में नेतृत्वक प्रतिद्वंद्विता के कारण विजयन को गले नहीं लगाएंगे. पूर्व मुख्यमंत्री विजयन ने राहुल की इस टिप्पणी पर कहा कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन किसे गले लगाता है. विजयन ने कहा, लेकिन हम सबने राहुल गांधी की नरेंद्र मोदी को गले लगाते हुए तस्वीर देखी है. मुझे मोदी को गले लगाने से कोई आपत्ति नहीं है बल्कि राहुल गांधी की टिप्पणियां एक खास नेतृत्वक संदेश देती हैं. इससे राहुल गांधी का नजरिया और ‘इंडिया’ गठबंधन के प्रति उनका दृष्टिकोण पता चलता है. STORY | Rahul Gandhi’s approach does not strengthen INDIA alliance: LoP Pinarayi Vijayan Leader of Opposition in the Kerala Assembly Pinarayi Vijayan on Saturday criticised Congress leader Rahul Gandhi, saying his political approach does not strengthen the INDIA alliance and… pic.twitter.com/qqSijb2vHL — Press Trust of India (@PTI_News) June 13, 2026 अखिलेश और तेजस्वी यादव ने भी राहुल गांधी के बयान पर जताई आपत्ति : विजयन मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI(M)) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस मामले पर विस्तार से चर्चा की जरूरत है और वह अभी इस पर ज्यादा बात नहीं करेंगे. विजयन ने कहा, सिर्फ CPI(M) ही नहीं बल्कि अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं और अन्य बड़े दलों (कांग्रेस को छोड़कर) ने भी बैठक के दौरान आपत्तियां उठाईं और कांग्रेस के रुख के खिलाफ बात की. उन्होंने कहा कि लोग देख सकते हैं कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अब किस स्थिति में है. राहुल गांधी के बयान से बीजेपी को होता है फायदा : विजयने विजयन ने कहा, मौजूदा हालात कांग्रेस के रवैये, खासकर राहुल गांधी के रुख की वजह से बने हैं. असलियत यह है कि इस रवैये से ‘इंडिया’ गठबंधन मजबूत नहीं होता. जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, इससे अक्सर भाजपा को ही फायदा होता है. ऐसे कदमों से राहुल गांधी ऐसी स्थिति बना रहे हैं जिसमें वह असल में भाजपा के हितों को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं. विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान, विजयन और राहुल दोनों ने अपने भाषणों में एक-दूसरे पर निशाना साधा था. ये भी पढ़ें: NEET पेपर लीक पर बिहार से हुंकार भरेंगे राहुल गांधी, इस दिन आएंगे पटना The post INDIA गठबंधन में बढ़ी तल्खी! लेफ्ट ने पूछा- राहुल गांधी पीएम मोदी को लगा सकते हैं गले, तो पिनराई विजयन को क्यों नहीं? appeared first on Naya Vichar.

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अमीषा पटेल ने गदर की ब्लॉकबस्टर सफलता पर तोड़ी चुप्पी, कहा- देखने वालों में धुरंधर 1 और 2 से ज्यादा

सनी देओल और अमीषा पटेल की आइकॉनिक फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ 15 जून को अपनी रिलीज के 25 साल पूरे करने जा रही है. इस खास मौके पर अमीषा पटेल ने फिल्म को सालों से मिल रहे प्यार को लेकर बात की. गदर फिल्म से मिले प्यार पर क्या बोली अमीषा पटेल अमीषा पटेल ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा प्यार पाकिस्तान से मिला. एनडीटीवी संग बात करते हुए एक्ट्रेस ने कहा, “गदर की वजह से मुझे पाकिस्तान में बहुत बड़ा फैनबेस मिला. स्त्रीएं मेरे सेक्रेटरी को फोन करती थीं. किसी तरह नंबर पाने की कोशिश करती और कहती थी, ‘क्या अमीषा जी, आपने पाकिस्तान को रुला दिया, सकीना ने पाकिस्तान को रुला दिया.’ फिर माता-पिता फोन करके कहते थे, ‘हमने अपनी बेटी का नाम सकीना रख दिया है.’ उन्हें गदर बहुत पसंद आई.” गदर के ब्लॉकबस्टर सक्सेस पर क्या बोली अमीषा पटेल अमीषा पटेल ने आगे कहा कि पहले ही दिन से गदर एक जबरदस्त ब्लॉकबस्टर बन गई थी और देश भर के सिंगल-स्क्रीन थिएटर में इसे 100% ओपनिंग मिली थी. उन्होंने कहा कि सिंगल-स्क्रीन थिएटर के दर्शकों ने भी इसे भरपूर प्यार दिया. एक्ट्रेस ने माना कि उस वक्त वह फिल्म के सक्सेस को ठीक से सेलिब्रेट नहीं कर पाई थी, क्योंकि उन्हें अलग अलग फिल्मों के लिए सेट पर जाना पड़ता था. अमीषा ने ‘गदर’ की बॉक्स-ऑफिस लिगेसी पर क्या कहा फ्रैंचाइजी की पॉपुलैरिटी पर बात करते हुए, अमीषा ने कहा कि 25 साल बाद भी गदर और गदर 2 आइकॉनिक बनी हुई हैं. उन्होंने कहा, “हम अब भी आइकॉनिक हैं और हमारा दूसरा पार्ट बॉक्स ऑफिस पर सुनामी की तरह छा गया और वह भी आइकॉनिक बन गया. अगर दोनों को मिला दें, तो ‘गदर 1’ और ‘गदर 2’ को देखने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है, यहां तक कि ‘धुरंधर 1’ और ‘2’ से भी ज्यादा. यह मेरे लिए सौभाग्य और आशीर्वाद की बात है. मैं सिनेमा के इतिहास का हिस्सा हूं. यह भी पढ़ें- Main Vaapas Aaunga Box Office Collection Day 1: ओपनिंग डे पर फिल्म पास हुई या फेल, कलेक्शन देख रह जाएंगे हैरान The post अमीषा पटेल ने गदर की ब्लॉकबस्टर सफलता पर तोड़ी चुप्पी, कहा- देखने वालों में धुरंधर 1 और 2 से ज्यादा appeared first on Naya Vichar.

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मरीजों के प्राइवेट पार्ट का मजाक उड़ाने वाली डॉ सेजल, NEET UG में मिले थे इतने मार्क्स

Dr Sejal Pawar NEET UG Marks: मुंबई के प्रतिष्ठित KEM हॉस्पिटल और सेठ जीएस सुंदरदास मेडिकल कॉलेज की MBBS छात्रा और डॉक्टर सेजल पवार विवादों में घिर गई हैं. विवाद की शुरुआत एक पुराने वीडियो से हुई, जिसमें वह एक कॉमेडी शो के दौरान एनाटॉमी लैब में रखे पुरुष शवों के निजी अंगों की तुलना करने को लेकर मजाक करती नजर आईं. इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों ने इसे शरीर दान करने वालों और मेडिकल नियमो का अपमान बताया. डॉ सेजल पवार (Dr Sejal Pawar) के इस विवादित बयान मामले पर देशभर के मेडिकल छात्रों के संगठन All India Medical Students’ Association (AIMSA) ने भी नाराजगी जताई है. संगठन ने कहा है कि अगर संस्थान की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की गई तो कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं. Dr Sejal Pawar NEET UG Marks: नीट में मिले कितने मार्क्स? डॉक्टर सेजल पवार ने साल 2022 में नीट यूजी परीक्षा क्रैक की थी. उनका जन्म 4 नवंबर 2003 को हुआ है. वो एसटी कैटेगरी की छात्रा हैं. नीट यूजी की परीक्षा में उन्हें 720 में से 406 मार्क्स मिले थे. सोशल मीडिया पर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की रिपोर्ट शेयर की जा रही है. डॉ सेजल को इंग्लिश में 100 में 87 मार्क्स मिले थे. वहीं, फिजिक्स कैमिस्ट्री और बायोलॉजी में 300 में से 190 मार्क्स मिले थे. उन्हें 26 नवंबर 2022 को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिला था. क्या है पूरा मामला? पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कॉमेडियन प्रणीत मोरे के एक शो का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस वीडियो में सेजल पवार मेडिकल कॉलेज की एनाटॉमी लैब से जुड़ा एक किस्सा सुनाती नजर आईं. उन्होंने बताया कि कुछ छात्र मेडिकल शिक्षा और रिसर्च के लिए दान किए गए पुरुष शवों के निजी अंगों को लेकर मजाक करते थे. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे शरीर दान करने वालों के प्रति असम्मानजनक और संवेदनहीन बताया. मामले ने जल्द ही तूल पकड़ लिया और लोगों ने मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े लोगों के व्यवहार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए. विवाद बढ़ने के साथ KEM अस्पताल और KEM MARD का नाम भी चर्चा में आ गया, जिसके बाद संस्थान की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई. यह भी पढ़ें- IIT Kanpur का ये खास कोर्स, हाउस वाइफ और 10वीं पास भी कर सकते हैं अप्लाई  The post मरीजों के प्राइवेट पार्ट का मजाक उड़ाने वाली डॉ सेजल, NEET UG में मिले थे इतने मार्क्स appeared first on Naya Vichar.

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‘किसी से भी हार जाओ, लेकिन पाकिस्तान से नहीं’… जेमिमा रोड्रिग्स के बयान ने जीता भारतीयों का दिल

Jemimah Rodrigues: स्त्री टी20 विश्व कप 2026 में हिंदुस्तानीय टीम अपने अभियान की शुरुआत चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ करने जा रही है. इस हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले हिंदुस्तानीय बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स ने एक बड़ा बयान दिया है. जेमिमा ने कहा कि हिंदुस्तान में क्रिकेट प्रेमियों की भावनाएं इस मुकाबले से इतनी गहराई से जुड़ी हैं कि लोग किसी भी टीम से हार बर्दाश्त कर सकते हैं, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ हार नहीं. जियोस्टार से बात करते हुए जेमिमा ने क्या कहा? जियोस्टार से बातचीत में जेमिमा ने हिंदुस्तान-पाकिस्तान मुकाबले के दबाव और उसके महत्व को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपना पहला हिंदुस्तान-पाकिस्तान मैच स्पोर्ट्सा था, तब कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम को इस मुकाबले की अहमियत समझाई थी. 🚨🗣️JEMIMAH RODRIGUES: “LOSE TO ANYONE, BUT NOT PAKISTAN” 🇮🇳🇵🇰 Even my building watchman says, ‘Lose to anyone, but not against Pakistan.’ That’s the kind of pressure because people love cricket and this rivalry.” [@timesofindia] pic.twitter.com/JqqXPVZU0z — TheWicketReport (@WicketReport) June 13, 2026 जेमिमा ने कहा, “मुझे अपना पहला हिंदुस्तान-पाकिस्तान मैच अच्छी तरह याद है. उस समय हरमन दी ने ड्रेसिंग रूम में हमसे कहा था कि इस मुकाबले के दबाव को नजरअंदाज मत करो. हम जानते हैं कि हिंदुस्तान-पाकिस्तान मैच का इतिहास क्या रहा है और फैंस की उम्मीदें कितनी बड़ी होती हैं.” ‘वॉचमैन भी कहता है पाकिस्तान से मत हारना’ हिंदुस्तानीय बल्लेबाज ने एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया. उन्होंने कहा, “मेरी बिल्डिंग का वॉचमैन भी मुझसे कहता है कि किसी से भी हार जाना, लेकिन पाकिस्तान से मत हारना. यही इस मुकाबले का जुनून और दबाव है. लोग क्रिकेट से प्यार करते हैं और उन्हें हिंदुस्तान-पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता बेहद पसंद है.” हिंदुस्तानीय टीम का लक्ष्य ट्रॉफी जीतना है हालांकि जेमिमा का कहना है कि टीम का फोकस सिर्फ पाकिस्तान को हराने तक सीमित नहीं है. हिंदुस्तानीय टीम का असली लक्ष्य विश्व कप ट्रॉफी जीतना है. उन्होंने बताया कि खिलाड़ी लगातार खुद को उस पल की कल्पना कराते हैं जब वे विश्व कप की ट्रॉफी उठाएंगे. जेमिमा ने कहा, “हम एक टीम के रूप में अक्सर खुद को विश्व कप ट्रॉफी के साथ देखते हैं. यह हमारी सोच और तैयारी का हिस्सा बन चुका है. हमारा मानना है कि अगर आप किसी लक्ष्य को लगातार अपने सामने रखते हैं, तो आप उसी दिशा में आगे बढ़ने लगते हैं.” दबाव वाली परिस्थिति में स्पोर्ट्सने पर ध्यान दिया टूर्नामेंट की तैयारियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि टीम ने दबाव वाली परिस्थितियों में स्पोर्ट्सने पर खास ध्यान दिया है. अभ्यास सत्रों के दौरान खिलाड़ियों को जानबूझकर कठिन हालात में रखा गया ताकि बड़े मुकाबलों में वे मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार रहें. यह भी पढ़ें: स्त्री टी20 वर्ल्ड कप में हिंदुस्तान-पाकिस्तान का महामुकाबला, जानें कब, कहां और कैसे देखें मैच The post ‘किसी से भी हार जाओ, लेकिन पाकिस्तान से नहीं’… जेमिमा रोड्रिग्स के बयान ने जीता हिंदुस्तानीयों का दिल appeared first on Naya Vichar.

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नालंदा में छह साल में 1,994 मौतें, अंधेरे में खड़े ट्रक-ट्रैक्टर बन रहे जानलेवा, दोपहिया चालक सबसे ज्यादा प्रभावित

बिहारशरीफ से कंचन की रिपोर्टBihar Sharif News : नालंदा जिले में सड़क दुर्घटनाएं अब केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि जनसुरक्षा का गंभीर मुद्दा बन चुकी हैं. जिले में पिछले छह वर्षों (2020-2025) के दौरान 2,589 सड़क हादसों में 1,994 लोगों की जान चली गई. यानी औसतन हर वर्ष 431 दुर्घटनाएं और 332 मौतें हुईं. आंकड़े बताते हैं कि जिले में लगभग हर दूसरे दिन एक व्यक्ति सड़क हादसे में जान गंवा रहा है. सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार नालंदा में प्रतिवर्ष होने वाली कुल दुर्घटनाओं में करीब 4 से 5 प्रतिशत हादसे राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर बिना पार्किंग लाइट, इंडिकेटर अथवा रिफ्लेक्टर के खड़े वाहनों के कारण होते हैं. एनएच-20, एनएच-82, एनएस-33 और पटना-सरमेरा मार्ग पर रात के समय सड़क किनारे खड़े ट्रक, ट्रैक्टर और अन्य भारी वाहन दोपहिया चालकों के लिए मौत का जाल बन रहे हैं. अंधेरे में इन वाहनों की पहचान नहीं होने के कारण बाइक और स्कूटी चालक सीधे उनसे टकरा जाते हैं. 2025 में फिर बढ़ा हादसों का ग्राफ जिला पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में 484 सड़क दुर्घटनाओं में 377 लोगों की मौत हुई थी. वर्ष 2021 में 437 दुर्घटनाओं में 367, वर्ष 2022 में 424 दुर्घटनाओं में 349 तथा वर्ष 2023 में 368 दुर्घटनाओं में 289 लोगों की जान गई. वर्ष 2024 में 398 हादसों में 286 मौतें दर्ज की गईं. हालांकि 2025 में एक बार फिर दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ गया और 478 हादसों में 326 लोगों की मौत हो गई. सड़क सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली कई दुर्घटनाएं रिकॉर्ड तक नहीं पहुंच पातीं, इसलिए वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है. हर 100 दुर्घटनाओं पर 77 मौतें नालंदा के सड़क हादसों की सबसे चिंताजनक तस्वीर मौतों का अनुपात है. छह वर्षों में 2,589 दुर्घटनाओं में 1,994 लोगों की मौत हुई, यानी हर 100 हादसों पर लगभग 77 लोगों की जान चली गई. विशेषज्ञों के अनुसार हेलमेट नहीं पहनना, सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करना, तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना, सड़क किनारे खड़े वाहनों से टकराव तथा दुर्घटना के बाद समय पर इलाज नहीं मिलना इसकी प्रमुख वजहें हैं. एनएच-20 और एनएच-82 सबसे संवेदनशील बिहारशरीफ-पटना मार्ग (एनएच-20) और राजगीर-गया मार्ग (एनएच-82) जिले के सबसे संवेदनशील मार्गों में शामिल हैं. इन सड़कों पर रात में खड़े भारी वाहनों से दुर्घटना की आशंका सबसे अधिक रहती है. इसके अलावा एनएस-33 (जहानाबाद-बिहारशरीफ मार्ग) और पटना-सरमेरा मार्ग पर भी लगातार गंभीर हादसे हो रहे हैं. बिहारशरीफ शहर के बाजार क्षेत्रों में अव्यवस्थित पार्किंग और सड़क किनारे वाहनों के खड़े रहने से यातायात बाधित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है. पांच माह में आधा दर्जन बड़े हादसे पिछले पांच महीनों के दौरान जिले में कई ऐसी दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें दो या उससे अधिक लोगों की मौत हुई. चंडी थाना क्षेत्र के सालेहपुर मोड़ के पास हुई दुर्घटना में दो इंजीनियरिंग छात्रों की जान चली गई. धरमपुर में पांच वाहनों की टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हुई. दीपनगर थाना क्षेत्र में ट्रक और ऑटो की भिड़ंत में तीन छात्रों की जान गई. वहीं 17 जनवरी 2026 को जहानाबाद-बिहारशरीफ मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे. जून और दिसंबर सबसे खतरनाक महीने छह वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि जून और दिसंबर महीने सड़क हादसों के लिहाज से सबसे अधिक संवेदनशील रहे हैं. वर्ष 2020 में दिसंबर में 57 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 53 लोगों की मौत हुई थी. जून 2020 में 52 हादसों में 41 लोगों की जान गई थी. वर्ष 2025 में भी मई, जून और दिसंबर सबसे अधिक दुर्घटनाओं वाले महीने रहे. विशेषज्ञों के अनुसार कोहरा, कम दृश्यता, त्योहारों और शादी-विवाह के मौसम में बढ़ी आवाजाही तथा ओवरस्पीडिंग दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा देती है. आईआरएडी से होगी वैज्ञानिक निगरानी दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान और रोकथाम के लिए नालंदा जिले में इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस (आईआरएडी) प्रणाली लागू की गई है. इसके तहत पुलिस मोबाइल एप के माध्यम से दुर्घटनाओं का पूरा विवरण दर्ज करती है. बाद में विशेषज्ञ संस्थान इन आंकड़ों का विश्लेषण कर दुर्घटना-प्रवण स्थलों की पहचान करते हैं और सुधारात्मक उपाय सुझाते हैं. क्या कहते हैं अधिकारी मो. खुर्शीद आलम, डीएसपी (यातायात), नालंदा ने कहा कि बेगूसराय की सड़क दुर्घटना बेहद दुखद थी. उस घटना से सबक लेते हुए नालंदा में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है. राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर दिन-रात पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है तथा अवैध पार्किंग करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. वर्ष में तीन या उससे अधिक दुर्घटनाओं वाले मार्गों और ब्लैक स्पॉट की पहचान कर संबंधित सड़क निर्माण एजेंसियों को सुधारात्मक उपाय करने का निर्देश दिया गया है, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके. छह वर्षों का रिकॉर्ड वर्ष दुर्घटनाएं मौतें2020 484 3772021 437 3672022 424 3492023 368 2892024 398 2862025 478 326कुल 2,589 1,994 केवल चालान नहीं, स्थायी समाधान जरूरी विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल चालान अभियान पर्याप्त नहीं है. राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य मार्गों पर अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई, सभी भारी वाहनों पर रिफ्लेक्टर और पार्किंग लाइट की अनिवार्यता, ब्लैक स्पॉट का सुधार, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और दुर्घटना के बाद त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना समय की मांग है. तेजी से विकसित हो रहे नालंदा जिले में सड़क सुरक्षा अब प्रशासन और समाज दोनों के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुकी है. Also Read : शांति नगर में जलजमाव से ‘अशांति’, शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान, बढ़ा बीमारी का खतरा The post नालंदा में छह साल में 1,994 मौतें, अंधेरे में खड़े ट्रक-ट्रैक्टर बन रहे जानलेवा, दोपहिया चालक सबसे ज्यादा प्रभावित appeared first on Naya Vichar.

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वीकेंड पर सस्ते में देखिए भारत भाग्य विधाता, टिकट खरीदते ही मिलेगा Buy 1 Get 1 Free का ऑफर

फिल्ममेकर मनोज तापड़िया की फिल्म ‘हिंदुस्तान भाग्य विधाता’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से अच्छे रिव्यू मिले. हालांकि टिकट खिड़की पर इसे संघर्ष करना पड़ा. कंगना रनौत की एतिहासिक ड्रामा ने पहले दिन 1 करोड़ की कमाई की. ऐसे में मेकर्स ने वीकेंड में धमाकेदार कमाई करने के लिए बाय 1 गेट वन का ऑफर निकाल दिया है. बाय 1 गेट वन ऑफर में देखें हिंदुस्तान भाग्य विधाता मेकर्स ने फिल्म हिंदुस्तान भाग्य विधाता का एक पोस्टर शेयर किया. जिसमें लिखा, ”अगर आप आतंकवादियों के नाम जानते हैं, लेकिन उन हीरो के बारे में नहीं, जिन्होंने 400 हिंदुस्तानीयों की जान बचाई, तो यह फिल्म आपके लिए है. #BharatBhhagyaViddhaata उन बहादुर लोगों को सलाम करता है, जो आतंकवाद और बेगुनाह लोगों की जान के बीच ढाल बनकर खड़े रहे. इन हीरो, देश और इतिहास के लिए…’Buy 1 Get 1 Free’ टिकट लें और एक ऐसी कहानी देखें जिसे हर हिंदुस्तानीय को जानना चाहिए. अभी अपने टिकट बुक करें.” हिंदुस्तान भाग्य विधाता में मौजूद हैं ये स्टार्स ‘हिंदुस्तान भाग्य विधाता’ को मनोज तापड़िया ने लिखा और डायरेक्ट किया है और इसे कंगना रनौत ने को-प्रोड्यूस किया है. इस फिल्म को डॉ. जयंतीलाल गाडा के पेन स्टूडियोज ने पेश किया है. कंगना के अलावा, इसमें ईशा डे, गिरिजा ओक और स्मिता तांबे भी हैं. क्या है फिल्म की कहानी सच्ची घटनाओं पर आधारित यह फिल्म उन मेडिकल स्टाफ की बहादुरी से प्रेरित है, जिन्होंने 2008 में मुंबई के कामा हॉस्पिटल में हुए हमलों के दौरान मरीजों की जान बचाई थी. इसमें खास तौर पर नर्स अंजलि कुल्थे की बहादुरी को दिखाया गया है, जिन्होंने 20 गर्भवती स्त्रीओं की जान बचाने में मदद की थी. एएनआई से बात करते हुए कंगना ने इस फिल्म को 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान बहादुरी की एक अनकही कहानी बताया, जो उन हेल्थकेयर वर्कर्स पर केंद्रित है जिन्होंने गोलियों, अफ़रा-तफरी और खतरे के बावजूद मरीजो की सेवा जारी रखी. यह भी पढ़ें- Main Vaapas Aaunga Box Office Collection Day 1: ओपनिंग डे पर फिल्म पास हुई या फेल, कलेक्शन देख रह जाएंगे हैरान The post वीकेंड पर सस्ते में देखिए हिंदुस्तान भाग्य विधाता, टिकट खरीदते ही मिलेगा Buy 1 Get 1 Free का ऑफर appeared first on Naya Vichar.

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असम में 18+ का नहीं बनेगा आधार कार्ड? असम सरकार ने अवैध प्रवासियों पर नकेल के लिए लिया फैसला

Assam Illegal Immigrants: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि मंत्रिमंडल ने अवैध प्रवासियों को आधार कार्ड हासिल करने से रोकने के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को यह कार्ड जारी नहीं करने का फैसला किया है. मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि असाधारण मामलों में आधार कार्ड जारी करने की अनुमति के लिए जिला आयुक्त को राज्य प्रशासन को प्रस्ताव भेजना होगा. सीएम ने बताया- 18 वर्ष से कम आयु वाले लोगों को आधार कार्ड जारी किए जाते रहेंगे. आवेदक आधार कार्ड के लिए पात्र है या नहीं? प्रशासन इसपर करेगी फैसला मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इसके बाद प्रशासन यह फैसला करेगी कि आवेदक आधार कार्ड के लिए पात्र है या नहीं. राज्य में आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया ऐसी स्थिति में पहुंच गई है जहां लगभग सभी पात्र लोगों को आधार कार्ड जारी किए जा चुके हैं. उन्होंने कहा, कुछ जिलों में यह आंकड़ा 100 प्रतिशत से भी अधिक हो गया है और हमें यह पता लगाना होगा कि ये लोग कौन हैं जो अतिरिक्त आधार कार्ड बनवा रहे हैं. शर्मा ने कहा कि यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है कि किसी भी अवैध बांग्लादेशी को आधार कार्ड न मिले. Guwahati, Assam | Chief Minister Himanta Biswa Sarma says, “The Assam cabinet has decided not to provide Aadhar cards to any person above 18 years… ST, SC, Tea Garden people will get an Aadhar card till March 2027… The Assam cabinet has approved a Guwahati Satellite City… pic.twitter.com/wmhonV86vH — ANI (@ANI) June 13, 2026 1 अप्रैल 2027 से पूरी तरह लागू चाय बागान समुदाय और अनुसूचित जनजातियों के लोगों को हालांकि आधार कार्ड जारी किए जाते रहेंगे क्योंकि इनमें से कई लोगों को अब तक आधार कार्ड नहीं मिले हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, हालांकि, एक अप्रैल, 2027 से यह रोक पूरी तरह लागू हो जाएगी और उस तारीख से इन समुदायों के भी 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को आधार कार्ड जारी नहीं किए जाएंगे. हिमंता बिस्वा सरमा ने पहले ही दिया था संकेत शर्मा ने पहले कहा था कि राज्य प्रशासन आधार कार्ड जारी करने के मामले में बहुत सख्ती बरतेगी और असम में यह दस्तावेज हासिल करना आसान नहीं होगा. उन्होंने पिछले साल कहा था कि असम प्रशासन बांग्लादेश से अवैध आव्रजन पर रोक लगाने के अपने प्रयासों के तहत वयस्कों को आधार कार्ड जारी करने के लिए कड़े नियम बनाने पर विचार कर रही है. ये भी पढ़ें: जोरहाट विमान हादसा: वायुसेना का AN-32 क्रैश, 5 जवानों ने गंवाई जान; एयरफोर्स ने दिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश The post असम में 18+ का नहीं बनेगा आधार कार्ड? असम प्रशासन ने अवैध प्रवासियों पर नकेल के लिए लिया फैसला appeared first on Naya Vichar.

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रामगढ़ के अरगड्डा में अवैध खनन बना काल, कोयला खोदने के दौरान चार लोगों की मौत

गिद्दी से अजय कुमार की रिपोर्ट Ramgarh News: झारखंड के रामगढ़ जिले के अरगड्डा क्षेत्र में शनिवार को अवैध कोयला खनन एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ. खदान के अंदर ऑक्सीजन की कमी और संभावित गैस रिसाव के कारण चार लोगों की मौत हो गयी. इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है, वहीं अवैध खनन पर प्रशासन और संबंधित प्रबंधन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं. सुबह खदान में गये थे चार युवक जानकारी के अनुसार, टोंगी गांव के रहने वाले देवा और डब्ल्यू शनिवार सुबह करीब 8.30 बजे अवैध रूप से कोयला निकालने के लिए खदान के अंदर गये थे. इसके कुछ देर बाद सिरका बुथबाजार के किशोर और आशीष भी उसी माइंस में प्रवेश कर गये. काफी देर तक बाहर नहीं निकलने पर ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई. सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीम घटना की जानकारी मिलने के बाद कुजू पुलिस और नयीसराय माइंस रेस्क्यू की टीम सुबह करीब 11 बजे घटनास्थल पर पहुंची. मौके पर अग्निशामक वाहन और मेडिकल टीम को भी तैनात किया गया. रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद चारों युवकों को खदान से बाहर निकाला गया. अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित खदान से बाहर निकालने के बाद सभी को तत्काल इलाज के लिए रामगढ़ सदर अस्पताल भेजा गया. हालांकि अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है. ऑक्सीजन की कमी या गैस रिसाव नयीसराय माइंस रेस्क्यू टीम के सदस्य विकास कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में खदान के अंदर ऑक्सीजन की कमी हादसे का मुख्य कारण प्रतीत हो रहा है. हालांकि स्थानीय लोगों और कुछ जानकारों का कहना है कि गैस रिसाव की वजह से भी चारों युवक अचेत हो सकते हैं. वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा. इसे भी पढ़ें: यात्रीगण कृपया ध्यान दें! चक्रधरपुर रेल मंडल में 14 जून तक कई ट्रेनें रहेंगी रद्द अवैध खनन पर फिर उठे सवाल इस दर्दनाक घटना ने कोयलांचल क्षेत्र में जारी अवैध खनन की गंभीर समस्या को एक बार फिर उजागर कर दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार चल रहा है, लेकिन इसे रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बावजूद पुलिस, प्रशासन और संबंधित प्रबंधन की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं. लोगों का मानना है कि यदि समय रहते अवैध खनन पर सख्ती नहीं की गयी, तो ऐसे हादसे आगे भी कई परिवारों को उजाड़ सकते हैं. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग में जल संसाधन विभाग के सात लेखा कर्मियों का तबादला, एक जिले के भीतर ही स्थानांतरण पर उठे सवाल The post रामगढ़ के अरगड्डा में अवैध खनन बना काल, कोयला खोदने के दौरान चार लोगों की मौत appeared first on Naya Vichar.

बिहार, समस्तीपुर

सीएसबीसी सिपाही भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु समस्तीपुर मंडल से परीक्षा विशेष ट्रेनों का परिचालन

मधुबनी, मुजफ्फरपुर एवं बेतिया से पटना के लिए 14 जून को चलेंगी चार विशेष ट्रेनें, परीक्षार्थियों को मिलेगी आवागमन में सुविधा नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर- केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल एवं चलंत दस्ता सिपाही पदों हेतु आयोजित लिखित प्रतियोगिता परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल द्वारा दिनांक 14 जून 2026 को मंडल के विभिन्न स्टेशनों से पटना (पाटलिपुत्र) के लिए परीक्षा विशेष ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि उक्त परीक्षा 14 जून 2026 को दो पालियों में आयोजित की जा रही है। समस्तीपुर मंडल क्षेत्राधिकार अंतर्गत परीक्षा केंद्र मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया तथा सुपौल जिलों में निर्धारित किए गए हैं। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के आवागमन की संभावना को देखते हुए रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनों के परिचालन का निर्णय लिया गया है। परीक्षार्थियों की सुविधा हेतु निम्नलिखित परीक्षा विशेष ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा— 1. मधुबनी – पाटलिपुत्र परीक्षा विशेष ट्रेन यह विशेष ट्रेन दिनांक 14 जून 2026 को मधुबनी से दोपहर 13:00 बजे प्रस्थान करेगी तथा दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर एवं हाजीपुर होते हुए पाटलिपुत्र पहुंचेगी। 2. बेतिया – पाटलिपुत्र परीक्षा विशेष ट्रेन (प्रथम फेरा) यह विशेष ट्रेन बेतिया से दोपहर 13:00 बजे प्रस्थान करेगी तथा बेतिया–मुजफ्फरपुर–हाजीपुर मार्ग से होकर पाटलिपुत्र पहुंचेगी। 3. बेतिया – पाटलिपुत्र परीक्षा विशेष ट्रेन (द्वितीय फेरा) परीक्षार्थियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए बेतिया से एक अन्य विशेष ट्रेन सायं 18:00 बजे चलाई जाएगी, जो मुजफ्फरपुर एवं हाजीपुर होते हुए पाटलिपुत्र पहुंचेगी। 4. मुजफ्फरपुर – पाटलिपुत्र परीक्षा विशेष ट्रेन यह विशेष ट्रेन मुजफ्फरपुर से सायं 18:00 बजे प्रस्थान करेगी तथा हाजीपुर होते हुए पाटलिपुत्र पहुंचेगी।

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