किसने मारा 3 भारतीयों को? ट्रंप और ईरान ने एक दूसरे पर लगाया आरोप, जयशंकर ने US विदेश मंत्री को लगाया फोन
Indian Sailors Death: होर्मुज स्ट्रेट के पास हिंदुस्तानीय नाविकों को ले जा रहे जहाजों पर हुए हमलों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी हो रही है. हिंदुस्तान में ईरान के दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिनमें उन्होंने हिंदुस्तानीय जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ होने का दावा किया था. पलाऊ का झंडा लगे जहाज पर हुए हमले में तीन हिंदुस्तानीयों की मौत हो गई. लेकिन हमलावर कौन है? अमेरिका या ईरान. दोनों ही एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. हिंदुस्तान ने पहले हिंदुस्तान में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया, उसके बाद विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो को फोन लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया. शनिवार को ईरान के दूतावास ने कहा कि ट्रंप के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और इनका उद्देश्य लोगों का ध्यान हाल में हिंदुस्तानीय नाविकों को लेकर हुए घटनाक्रम से हटाना है. हिंदुस्तान में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में दावा किया कि एक सप्ताह से भी कम समय के भीतर अमेरिका ने तीन हिंदुस्तानीय जहाजों पर हमला किया, जिसमें तीन हिंदुस्तानीय नाविकों की जान चली गई. दूतावास ने अपने पोस्ट में कहा, ‘होर्मुज जलडमरूमध्य में हिंदुस्तानीय जहाज को लेकर ईरान पर लगाया गया अमेरिकी राष्ट्रपति का आरोप पूरी तरह निराधार है. यह जनता का ध्यान उस क्रूर सच्चाई से हटाने की कोशिश है कि अमेरिका ने एक सप्ताह से भी कम समय में तीन हिंदुस्तानीय जहाजों पर हमला किया और तीन निर्दोष हिंदुस्तानीय नाविकों की जान ले ली. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.’ The U.S. president’s accusation against Iran regarding an Indian vessel in the Strait of Hormuz is simply baseless. It is an attempt to divert public attention from the brutal fact that the U.S. has attacked 3 Indian vessels in less than a week and killed 3 innocent Indian… https://t.co/2UiXWAMulM — Iran in India (@Iran_in_India) June 12, 2026 ट्रंप ने ईरान को ठहराया था जिम्मेदार ईरान की प्रतिक्रिया, डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों का जवाब है. उन्होंने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हिंदुस्तानीय नाविकों को ले जा रहे तीन जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ था. इन घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई थी. हालांकि, इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड स्वयं पुष्टि कर चुका था कि संबंधित हमले अमेरिकी नौसैनिक बलों द्वारा किए गए थे. इसी वजह से ट्रंप के बयान पर सवाल भी उठे. ओमान की खाड़ी में हुए हमलों पर ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया ट्रंप के आरोपों से पहले ईरान ने ओमान की खाड़ी में हिंदुस्तानीय नाविकों को लेकर जा रहे वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी हमलों की निंदा की थी. इन हमलों में तीन हिंदुस्तानीय नागरिकों की मौत हुई थी. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इन कार्रवाइयों को क्रूर करार देते हुए अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी करने का आरोप लगाया था. उनका कहना था कि इस तरह की गतिविधियां वैश्विक शांति और समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका की लगातार जारी सशस्त्र लूट और राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती की नीति का स्पष्ट प्रमाण हैं. हम मारे गए हिंदुस्तानीय नाविकों के परिवारों और उनके मित्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं तथा हिंदुस्तान की जनता और प्रशासन के प्रति अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट करते हैं.’ ये भी पढ़ें:- बेहद करीब… अमेरिका-ईरान के बीच हो सकती है पीस डील! शरीफ, अराघची और ट्रंप ने दिया हिंट ये भी पढ़ें:- बांग्लादेश में IFS अधिकारी की जगह नेता बने राजदूत, दिनेश त्रिवेदी की नियुक्ति से दुनिया को क्या संदेश दे रही हिंदुस्तान प्रशासन? हिंदुस्तान ने अमेरिका के सामने जताया कड़ा विरोध हिंदुस्तान ने भी इस मामले पर अमेरिका के सामने अपना कड़ा विरोध जताया है. पहले हिंदुस्तान में अमेरिकी राजदूत को विदेश मंत्रालय में एक नहीं बल्कि दो-दो बार तलब किया गया. जेसन मीक्स नाम के अधिकारी के समक्ष हिंदुस्तान ने कमर्शियल जहाजों पर हुए हमले को बेहद चिंताजनक बताया. इसके बाद हिंदुस्तानीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मार्को रूबियो को फोन करके हिंदुस्तानीय क्रू मेंबर वाले शिप पर हुए अटैक का मुद्दा उठाया. सोशल मीडिया एक्स पर डॉ जयशंकर ने लिखा, ‘आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत हुई. मैंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन हिंदुस्तानीय नाविकों की मौत पर हिंदुस्तान की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया. वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह की घातक कार्रवाई उचित नहीं है और इसे किसी भी आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता.’ Spoke to US Secretary of State Marco Rubio this evening. I reiterated India’s strong protest at the attacks by the US Navy in the Gulf that killed three Indian mariners. Such lethal actions against commercial shipping are not justified. — Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 12, 2026 किन तीन हिंदुस्तानीयों की हुई थी मौत? पलाऊ के झंडे वाले कमर्शियल शिप एमटी सेटेबेलो पर शुक्रवार को हमला किया गया था. इसमें 24 हिंदुस्तानीय नाविक सवार थे. हमले के बाद इमरजेंसी कॉल गई थी, उस समय उन सभी को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू करके ओमान ले जाया गया था. लेकिन बाद में समाचार आई कि इस घटना में तीन हिंदुस्तानीयों की मौत हो गई. इनमें हिमाचल प्रदेश के डेक कैडेट आदित्य शर्मा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और आंध्र प्रदेश निवासी चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश शामिल थे. The post किसने मारा 3 हिंदुस्तानीयों को? ट्रंप और ईरान ने एक दूसरे पर लगाया आरोप, जयशंकर ने US विदेश मंत्री को लगाया फोन appeared first on Naya Vichar.

