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June 13, 2026

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किसने मारा 3 भारतीयों को? ट्रंप और ईरान ने एक दूसरे पर लगाया आरोप, जयशंकर ने US विदेश मंत्री को लगाया फोन

Indian Sailors Death: होर्मुज स्ट्रेट के पास हिंदुस्तानीय नाविकों को ले जा रहे जहाजों पर हुए हमलों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी हो रही है. हिंदुस्तान में ईरान के दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिनमें उन्होंने हिंदुस्तानीय जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ होने का दावा किया था. पलाऊ का झंडा लगे जहाज पर हुए हमले में तीन हिंदुस्तानीयों की मौत हो गई. लेकिन हमलावर कौन है? अमेरिका या ईरान. दोनों ही एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. हिंदुस्तान ने पहले हिंदुस्तान में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया, उसके बाद विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो को फोन लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया.   शनिवार को ईरान के दूतावास ने कहा कि ट्रंप के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और इनका उद्देश्य लोगों का ध्यान हाल में हिंदुस्तानीय नाविकों को लेकर हुए घटनाक्रम से हटाना है. हिंदुस्तान में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में दावा किया कि एक सप्ताह से भी कम समय के भीतर अमेरिका ने तीन हिंदुस्तानीय जहाजों पर हमला किया, जिसमें तीन हिंदुस्तानीय नाविकों की जान चली गई. दूतावास ने अपने पोस्ट में कहा, ‘होर्मुज जलडमरूमध्य में हिंदुस्तानीय जहाज को लेकर ईरान पर लगाया गया अमेरिकी राष्ट्रपति का आरोप पूरी तरह निराधार है. यह जनता का ध्यान उस क्रूर सच्चाई से हटाने की कोशिश है कि अमेरिका ने एक सप्ताह से भी कम समय में तीन हिंदुस्तानीय जहाजों पर हमला किया और तीन निर्दोष हिंदुस्तानीय नाविकों की जान ले ली. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.’ The U.S. president’s accusation against Iran regarding an Indian vessel in the Strait of Hormuz is simply baseless. It is an attempt to divert public attention from the brutal fact that the U.S. has attacked 3 Indian vessels in less than a week and killed 3 innocent Indian… https://t.co/2UiXWAMulM — Iran in India (@Iran_in_India) June 12, 2026 ट्रंप ने ईरान को ठहराया था जिम्मेदार ईरान की प्रतिक्रिया, डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों का जवाब है. उन्होंने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हिंदुस्तानीय नाविकों को ले जा रहे तीन जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ था. इन घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई थी. हालांकि, इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड स्वयं पुष्टि कर चुका था कि संबंधित हमले अमेरिकी नौसैनिक बलों द्वारा किए गए थे. इसी वजह से ट्रंप के बयान पर सवाल भी उठे. ओमान की खाड़ी में हुए हमलों पर ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया ट्रंप के आरोपों से पहले ईरान ने ओमान की खाड़ी में हिंदुस्तानीय नाविकों को लेकर जा रहे वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी हमलों की निंदा की थी. इन हमलों में तीन हिंदुस्तानीय नागरिकों की मौत हुई थी. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इन कार्रवाइयों को क्रूर करार देते हुए अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी करने का आरोप लगाया था.  उनका कहना था कि इस तरह की गतिविधियां वैश्विक शांति और समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका की लगातार जारी सशस्त्र लूट और राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती की नीति का स्पष्ट प्रमाण हैं. हम मारे गए हिंदुस्तानीय नाविकों के परिवारों और उनके मित्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं तथा हिंदुस्तान की जनता और प्रशासन के प्रति अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट करते हैं.’ ये भी पढ़ें:- बेहद करीब… अमेरिका-ईरान के बीच हो सकती है पीस डील! शरीफ, अराघची और ट्रंप ने दिया हिंट ये भी पढ़ें:- बांग्लादेश में IFS अधिकारी की जगह नेता बने राजदूत, दिनेश त्रिवेदी की नियुक्ति से दुनिया को क्या संदेश दे रही हिंदुस्तान प्रशासन? हिंदुस्तान ने अमेरिका के सामने जताया कड़ा विरोध हिंदुस्तान ने भी इस मामले पर अमेरिका के सामने अपना कड़ा विरोध जताया है. पहले हिंदुस्तान में अमेरिकी राजदूत को विदेश मंत्रालय में एक नहीं बल्कि दो-दो बार तलब किया गया. जेसन मीक्स नाम के अधिकारी के समक्ष हिंदुस्तान ने कमर्शियल जहाजों पर हुए हमले को बेहद चिंताजनक बताया. इसके बाद हिंदुस्तानीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मार्को रूबियो को फोन करके हिंदुस्तानीय क्रू मेंबर वाले शिप पर हुए अटैक का मुद्दा उठाया.  सोशल मीडिया एक्स पर डॉ जयशंकर ने लिखा, ‘आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत हुई. मैंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन हिंदुस्तानीय नाविकों की मौत पर हिंदुस्तान की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया. वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह की घातक कार्रवाई उचित नहीं है और इसे किसी भी आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता.’ Spoke to US Secretary of State Marco Rubio this evening. I reiterated India’s strong protest at the attacks by the US Navy in the Gulf that killed three Indian mariners. Such lethal actions against commercial shipping are not justified. — Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 12, 2026 किन तीन हिंदुस्तानीयों की हुई थी मौत? पलाऊ के झंडे वाले कमर्शियल शिप एमटी सेटेबेलो पर शुक्रवार को हमला किया गया था. इसमें 24 हिंदुस्तानीय नाविक सवार थे. हमले के बाद इमरजेंसी कॉल गई थी, उस समय उन सभी को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू करके ओमान ले जाया गया था. लेकिन बाद में समाचार आई कि इस घटना में तीन हिंदुस्तानीयों की मौत हो गई. इनमें हिमाचल प्रदेश के डेक कैडेट आदित्य शर्मा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और आंध्र प्रदेश निवासी चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश शामिल थे. The post किसने मारा 3 हिंदुस्तानीयों को? ट्रंप और ईरान ने एक दूसरे पर लगाया आरोप, जयशंकर ने US विदेश मंत्री को लगाया फोन appeared first on Naya Vichar.

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अभिषेक बनर्जी के घर पुलिस-फोर्स की मौजूदगी से हलचल, ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, कोलकाता में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के घर पर अचानक पुलिस की भारी तैनाती देखी गई. कोलकाता पुलिस के कालीघाट और शालबनी थाने की टीम केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ उनके आवास पहुंची. इस कार्रवाई को लेकर इलाके में काफी चर्चा है. हालांकि पुलिस के पहुंचने की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है. VIDEO | Kolkata, West Bengal: A large contingent of police personnel from Kolkata Police’s Kalighat Police Station and Shalboni Police Station, accompanied by central security forces, arrived at the residence of Trinamool Congress MP Abhishek Banerjee. More details are awaited.… pic.twitter.com/LcwV4gxLx0 — Press Trust of India (@PTI_News) June 13, 2026 मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, समाचार मिलने के बाद बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी अभिषेक बनर्जी के घर पर पहुंचीं. यह भी पढ़ें : गिरफ्तारी पर रोक के बाद सीआईडी ऑफिस पहुंचे टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी, जानें पूरा मामला मदन मित्रा के खिलाफ छापेमारी ईडी ने की इस बीच एक अधिकारी ने बताया कि ईडी ने कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस विधायक मदन मित्रा के खिलाफ छापेमारी की है. अधिकारियों ने बताया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती राज्य प्रशासन में मंत्री रहे मित्रा से जुड़े कुल सात परिसरों पर छापेमारी की जा रही है. मित्रा पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की कमरहटी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं. नियुक्ति के बदले नकद और सोना लेने का आरोप है मित्रा ईडी अधिकारियों का आरोप है कि मित्रा ने कमरहटी नगरपालिका समेत कई नगरपालिकाओं में अलग-अलग पदों पर अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति के बदले बिचौलियों के जरिए रिश्वत के रूप में नकद और सोना लिया था. उन्होंने आरोप लगाया कि मित्रा का संबंध ऐसी 125 अवैध नियुक्तियों से जुड़ा हुआ है. मामले में जांच एजेंसी कार्रवाई कर रही है. यह भी पढ़ें : अभिषेक बनर्जी के जबाव से सीआईडी संतुष्ट नहीं, फिर से किया तलब The post अभिषेक बनर्जी के घर पुलिस-फोर्स की मौजूदगी से हलचल, ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर appeared first on Naya Vichar.

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Bharat Bhhagya Viddhaata Collection Day 1: ओपनिंग डे पर पास हुई या फेल? कंगना की फिल्म की कमाई ने चौंकाया

Bharat Bhhagya Viddhaata Box Office Collection Day 1: कंगना रनौत एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी के लिए तैयार हैं. उनकी नई फिल्म ‘हिंदुस्तान भाग्य विधाता’ रिलीज हो गई है. देशभक्ति, साहस और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित इस फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था. हालांकि फिल्म के कलेक्शन को वैसा रिस्पांस नहीं मिला. आइए आपको डे 1 की कमाई बताते हैं. 26/11 मुंबई हमलों की पृष्ठभूमि पर आधारित है कहानी ‘हिंदुस्तान भाग्य विधाता’ का निर्देशन और लेखन मनोज टपाड़िया ने किया है. फिल्म में कंगना रनौत के साथ गिरिजा ओक और स्मिता तांबे भी अहम भूमिकाओं में नजर आई है. ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के अनुसार, ओपनिंग डे पर फिल्म ने 1 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है. फिल्म ने बहुत कम कमाई की. हालांकि वीकेंड पर इसकी कमाई में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. जानें क्या है फिल्म की कहानी? फिल्म की कहानी 2008 के 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान कामा अस्पताल में घटित घटनाओं से प्रेरित है. उस भयावह रात में डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की सुरक्षा की थी. फिल्म विशेष रूप से नर्स अंजलि कुलथे और उनके साथियों की बहादुरी को सामने लाती है, जिन्होंने कई गर्भवती स्त्रीओं और अन्य मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी. ‘इमरजेंसी’ से पीछे रह सकती है फिल्म कंगना रनौत की पिछली फिल्म ‘इमरजेंसी’ से भी ‘हिंदुस्तान भाग्य विधाता’ की तुलना की जा रही है. ‘इमरजेंसी’ ने रिलीज के पहले दिन 2 करोड़ रुपये का कारोबार किया था. ऐसे में ‘हिंदुस्तान भाग्य विधाता’ की ओपनिंग 1 करोड़ रुपये है. ऐसे में इसने कंगना की पिछली रिलीज हुई फिल्म ‘इमरजेंसी’ के पहले दिन के कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है. यह भी पढ़ें- Main Vaapas Aaunga: इम्तियाज अली की फिल्म पर फिदा हुए अनुभव सिन्हा, कहा- यह सिनेमा की सोच बदलने वाली कहानी है The post Bharat Bhhagya Viddhaata Collection Day 1: ओपनिंग डे पर पास हुई या फेल? कंगना की फिल्म की कमाई ने चौंकाया appeared first on Naya Vichar.

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बेहद करीब… अमेरिका-ईरान के बीच हो सकती है पीस डील! शरीफ, अराघची और ट्रंप ने दिया हिंट

US Iran Peace Deal: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के संभावित शांति समझौते को लेकर बड़ा दावा किया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का कहना है कि दोनों देशों के बीच शांति समझौते का अंतिम और सहमतिपूर्ण मसौदा तैयार हो चुका है. हालांकि अब तक न तो वॉशिंगटन और न ही तेहरान ने आधिकारिक तौर पर किसी अंतिम समझौते की पुष्टि की है, लेकिन ईरान के विदेश मंत्री ने जरूर कहा कि हम इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के काफी करीब हैं. उनके इस सोशल पोस्ट मीडिया पोस्ट को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी शेयर किया.  शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से मध्यस्थता की कोशिशों में शामिल रहा है. उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर की वार्ताओं से कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया था, जिसके बाद कतर और अन्य मध्य-पूर्वी देशों ने भी बातचीत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. शहबाज शरीफ ने ‘भ्रामक प्रचार’ का भी किया जिक्र अपने बयान में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ ताकतें इस संभावित समझौते को विफल करने की कोशिश कर रही हैं और इसके लिए लगातार गलत जानकारियां फैलाई जा रही हैं. उन्होंने लिखा, ‘पाकिस्तान की ओर से जारी गहन मध्यस्थता प्रयासों के बीच हम उन भ्रामक अभियानों से पूरी तरह अवगत हैं जिनका उद्देश्य शांति समझौते को नुकसान पहुंचाना है. इन अफवाहों और शोर-शराबे से अलग हटकर हम यह पुष्टि कर सकते हैं कि समझौते का अंतिम और दोनों पक्षों द्वारा स्वीकार्य मसौदा तैयार हो चुका है. अब पाकिस्तान दोनों देशों के साथ मिलकर अगले कदमों को अंतिम रूप देने में जुटा है. शांति पहले कभी इतनी करीब नहीं थी जितनी आज है.’ Amid ongoing intense mediation efforts by Pakistan, we are fully aware of incessant misinformation campaign being waged by those who want to sabotage the peace deal. Setting aside the noise, we can confirm that a final, agreed upon text of the peace deal has been reached and… — Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) June 12, 2026 ईरानी विदेश मंत्री बोले- अटकलों से बचें ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने मीडिया से संयम बरतने की अपील की है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ अपने अंतिम चरण के बेहद करीब पहुंच चुका है, लेकिन इसके औपचारिक रूप से पूरा होने से पहले इसकी शर्तों को लेकर अटकलें लगाना उचित नहीं होगा. अराघची ने कहा, ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पहले कभी इतना करीब नहीं था. अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया पूरी होने तक मीडिया को इसके विषय-वस्तु पर अनुमान लगाने से बचना चाहिए. हमारी पारदर्शी और जिम्मेदार नीति के तहत समझौते की सभी जानकारियां उचित समय पर सार्वजनिक की जाएंगी.’ अब्बास अराघची की इस पोस्ट को डोनाल्ड ट्रंप ने भी शेयर किया. US President Donald Trump shared Iranian Foreign Minister Abbas Araghchi’s X post which said Tehran and Washington have “never been closer” to signing a memorandum of understanding, urging media outlets to refrain from speculating about its content. pic.twitter.com/GXuG0gg2ks — Iran International English (@IranIntl_En) June 12, 2026 जिनेवा में हस्ताक्षर की समाचारें आईं सामने इससे पहले सीएनएन ने कई राजनयिक सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि अमेरिका और ईरान के बीच तैयार किया गया ज्ञापन स्विट्जरलैंड के जिनेवा में हस्ताक्षर के लिए रखा जा सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित समझौते में हस्ताक्षर होते ही लेबनान समेत सभी मोर्चों पर 60 दिनों का युद्धविराम लागू करने का प्रावधान है. इसके अलावा ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर किसी तरह का टोल शुल्क नहीं लगाया जाएगा. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ऊर्जा आपूर्ति, व्यावसायिक जहाजों और समुद्री यातायात की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी तथा समझौते पर हस्ताक्षर के 30 दिनों के भीतर समुद्री गतिविधियां धीरे-धीरे संघर्ष से पहले के स्तर पर लौट आएंगी. प्रतिबंधों में राहत और बंदरगाहों पर ढील का भी प्रस्ताव सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित व्यवस्था में ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील और सीमित आर्थिक राहत का भी प्रावधान शामिल है. एक राजनयिक सूत्र ने बताया कि यह राहत समझौते की प्रगति और दोनों पक्षों की सकारात्मक भागीदारी के आधार पर दी जाएगी. हालांकि इसके लिए अभी तक कोई स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं की गई है. ईरान ने अंतिम समझौते की समाचारों को बताया गलत हालांकि, जहां पाकिस्तान समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की बात कर रहा है, वहीं ईरान ने ऐसी समाचारों से इनकार किया है. ईरानी प्रशासनी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया संघर्ष समाप्त करने को लेकर अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है. उन्होंने साफ किया कि वार्ता जारी है और समझौते के पूरा होने संबंधी समाचारें सही नहीं हैं. ये भी पढ़ें:- पाकिस्तान और हुआ कंगाल, गरीबों की संख्या बढ़कर 7 करोड़ पहुंची ये भी पढ़ें:- ट्रंप ने कहा- हिंदुस्तानीय जहाजों पर हमले बर्दाश्त नहीं, ईरान पर लगाया ड्रोन अटैक का आरोप ट्रंप ने भी रिपोर्टों को किया खारिज अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर उन समाचारों को खारिज किया, जिनमें समझौता तय हो जाने की बात कही गई थी. ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने प्रस्तावित समझौते की शर्तों को गलत तरीके से पेश किया है और बातचीत के दौरान ईमानदारी नहीं दिखाई. उन्होंने लिखा, ‘ईरान ने जो बातें मीडिया में लीक की हैं, उनका लिखित रूप से तय हुई शर्तों से कोई संबंध नहीं है. उनकी ओर से जारी बयान और समझौते को लेकर किए गए दावे सच्चाई से बिल्कुल मेल नहीं खाते. ऐसे लोगों के साथ बातचीत करना बेहद कठिन है क्योंकि वे सद्भावना के साथ व्यवहार नहीं करते.’ फिलहाल आधिकारिक पुष्टि का इंतजार अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान की ओर से सामने आए अलग-अलग बयानों के बीच स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. पाकिस्तान जहां समझौते के अंतिम मसौदे के तैयार होने का दावा कर रहा है, वहीं ईरान और अमेरिका की ओर से अभी तक औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है. ऐसे में दुनिया की निगाहें अब उन संभावित अगले कदमों पर टिकी

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शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, गया जी के इन स्कूलों पर लगेगा ताला, 1 लाख का जुर्माना भी, 3 दिन में होगी कार्रवाई

गया जी से हरिबंश कुमार की रिपोर्टBihar Education department: बिहार के शिक्षा विभाग के द्वारा बिना मान्यता चलाए जा रहे निजी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है. इसी कड़ी में गया जी में बिना मान्यता चल रहे निजी विद्यालयों पर शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है. जिला शिक्षा कार्यालय ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को तीन दिनों के भीतर ऐसे स्कूलों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. साथ ही अभिभावकों को भी चेतावनी दी गई है कि वे अपने बच्चों का नामांकन केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही कराएं. 3 दिन में होगी पहचान जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एसएसए) गौरव राज ने जिले के सभी बीईओ को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अपने-अपने प्रखंड क्षेत्रों में बिना मान्यता संचालित निजी विद्यालयों की पहचान कर उनकी सूची जल्द उपलब्ध कराई जाए. शिक्षा विभाग का कहना है कि जिले में गुणवत्तापूर्ण और मानक आधारित शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है. गलत स्कूल में नामांकन पड़ा तो हो सकती है परेशानी शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही कराएं. बिना मान्यता या अवैध रूप से संचालित स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य पर असर पड़ सकता है. विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने को कहा है. RTE कानून के तहत बिना मान्यता स्कूल चलाना अपराध जारी निर्देश में कहा गया है कि बच्चों का निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 तथा बिहार राज्य बच्चों की निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली 2011 के अनुसार सक्षम प्राधिकारी से मान्यता प्राप्त किए बिना किसी भी विद्यालय की स्थापना या संचालन नहीं किया जा सकता. अधिनियम की धारा 18 और 19 के तहत बिना मान्यता विद्यालय चलाना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है. 10 जून के बाद खत्म हुई मोहलत शिक्षा विभाग ने बताया कि निजी विद्यालयों को मान्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 जून 2026 निर्धारित की गई थी. इसके बाद भी बिना मान्यता संचालित होने वाले विद्यालय पूरी तरह गैरकानूनी माने जाएंगे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. ₹1 लाख जुर्माना और रोजाना ₹10 हजार की अतिरिक्त पेनाल्टी नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या संस्था पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा यदि निर्धारित समय के बाद भी विद्यालय का संचालन जारी रहता है तो प्रतिदिन 10 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी वसूला जा सकता है. शिक्षा विभाग ने इसे लेकर सख्त चेतावनी जारी की है गया जी में सिर्फ 648 निजी स्कूल मान्यता प्राप्त जिला शिक्षा विभाग के अनुसार गया जी जिले में ज्ञानदीप पोर्टल पर 648 निजी विद्यालय पंजीकृत हैं, जो आरटीई के दायरे में आते हैं. वहीं मान्यता प्राप्त करने के लिए इ-संबंधन पोर्टल पर निर्धारित समय सीमा के भीतर 32 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं. विभाग अब सभी आवेदनों की प्रक्रिया पूरी करने के साथ-साथ अवैध स्कूलों की पहचान में जुट गया है. Also Read: Gaya News. देवी-देवताओं की आरती-पूजा में शामिल होकर श्रद्धालु प्राप्त कर रहे आशीर्वाद  The post शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, गया जी के इन स्कूलों पर लगेगा ताला, 1 लाख का जुर्माना भी, 3 दिन में होगी कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

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भागलपुर से सीधे अहमदाबाद जाने का सपना होगा पूरा, नवंबर से चल सकती है अमृत भारत एक्सप्रेस

भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट. Amrit Bharat Express:बिहार के रेल यात्रियों, खासकर भागलपुर और आसपास के जिलों के लोगों के लिए राहत भरी समाचार है. पटना-अहमदाबाद अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस का विस्तार अब भागलपुर तक किए जाने की तैयारी चल रही है. पूर्व रेलवे मुख्यालय कोलकाता ने इस संबंध में मालदा डिवीजन से फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी थी, जिसे भेज दिया गया है. यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हुईं तो नवंबर 2026 से भागलपुर से अहमदाबाद के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू हो सकती है. भागलपुर को मिलेगी अहमदाबाद की पहली सीधी ट्रेन अहमदाबाद देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक शहरों में शामिल है. बड़ी संख्या में बिहार के लोग रोजगार, व्यवसाय और शिक्षा के लिए गुजरात जाते हैं. अभी भागलपुर के यात्रियों को अहमदाबाद जाने के लिए पटना या अन्य स्टेशनों से ट्रेन पकड़नी पड़ती है. अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस के विस्तार के बाद यह परेशानी खत्म हो जाएगी. रेलवे मुख्यालय तक पहुंची फिजिबिलिटी रिपोर्ट पूर्व रेलवे मुख्यालय ने ट्रेन विस्तार की संभावना को लेकर मालदा मंडल से रिपोर्ट मांगी थी. मालदा डिवीजन ने भागलपुर के रेल अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर अपनी फिजिबिलिटी रिपोर्ट मुख्यालय को सौंप दी है. अब रेलवे बोर्ड और मुख्यालय स्तर पर अंतिम निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. शुक्रवार को चलेगी ट्रेन, शाम 4:30 बजे होगा प्रस्थान मौजूदा समय में पटना-अहमदाबाद अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस सप्ताह में एक दिन, शुक्रवार को संचालित होती है. प्रस्ताव के अनुसार ट्रेन शुक्रवार सुबह करीब 6:25 बजे भागलपुर पहुंचेगी और शाम 4:30 बजे भागलपुर से अहमदाबाद के लिए रवाना होगी. यह ट्रेन 22 कोचों वाली होगी और इसके सभी कोच स्लीपर श्रेणी के हैं. तेजी से बन रही सेंटिंग लाइन रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के रैक की पार्किंग, सफाई और मेंटेनेंस को ध्यान में रखते हुए सेंटिंग लाइन का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है. करीब 800 मीटर लंबी इस लाइन का काम अगस्त-सितंबर तक पूरा होने की संभावना है. इसके बाद अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस के रैक को भी यहां रखा जा सकेगा. रेलवे अधिकारियों ने जताया भरोसा पूर्व रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक डॉ. उदय शंकर झा के अनुसार पटना-अहमदाबाद अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस का भागलपुर तक विस्तार करने की दिशा में तैयारी चल रही है. मालदा डिवीजन से फिजिबिलिटी रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है और नवंबर से ट्रेन संचालन की संभावना पर काम किया जा रहा है. Also Read: Also Read: RJD MLC बोले- राबड़ी देवी डायमंड ज्वेलरी नहीं पहनतीं, सिंगर को हीरे का कंगन गिफ्ट करने के बाद JDU ने की ED जांच की मांग The post भागलपुर से सीधे अहमदाबाद जाने का सपना होगा पूरा, नवंबर से चल सकती है अमृत हिंदुस्तान एक्सप्रेस appeared first on Naya Vichar.

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चारा घोटाला: 38 लाख के गहने लौटाने के आदेश पर झारखंड हाईकोर्ट की रोक, SB सिन्हा के बेटे को नोटिस

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट Jharkhand High Court, रांची : झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने चारा घोटाले से जुड़े एक बेहद अहम मामले पर सुनवाई की. अदालत ने चारा घोटाले के आरोपी दिवंगत एसबी सिन्हा के घर से जब्त किए गए 38 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी जेवरात को उनके परिजनों को वापस लौटाने संबंधी निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली सीबीआई (CBI) की याचिका पर सुनवाई की. मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई का पक्ष सुनने के बाद निचली अदालत के उस आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है, जिसमें जेवरात को छोड़ने की बात कही गई थी. इसके साथ ही माननीय अदालत ने इस मामले में प्रतिवादी और स्वर्गीय एसबी सिन्हा के बेटे रवि सिन्हा समेत अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. 2018 में मिल चुकी है सजा झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रार्थी सीबीआई की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक हिंदुस्तानी ने कड़ा पक्ष रखा. उन्होंने अदालत को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिवादी रवि सिन्हा चारा घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक रहे स्वर्गीय एसबी सिन्हा के पुत्र हैं. रवि सिन्हा को चारा घोटाले के आरसी-68/96 मामले में वर्ष 2018 में ही सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है, जिसके खिलाफ उनकी अपील फिलहाल उच्च न्यायालय में लंबित है. अधिवक्ता ने बताया कि इसी मामले के अनुसंधान के दौरान 13 मई और 14 मई 1999 को एसबी सिन्हा के ठिकानों पर की गई छापेमारी में सीबीआई ने 38 लाख रुपये के बहुमूल्य गहने जब्त किए थे. मामले के मुख्य आरोपी एसबी सिन्हा का निधन वर्ष 1999 में और उनकी पत्नी रमा सिन्हा का निधन वर्ष 2011 में हो चुका है. Also Read: शिक्षा के क्षेत्र में पूर्वी सिंहभूम बना झारखंड का नंबर वन, मई 2026 की रैंकिंग में हासिल किया पहला स्थान मां ने जीवनभर नहीं किया दावा सीबीआई के अधिवक्ता ने कोर्ट को एक बेहद महत्वपूर्ण कानूनी पहलू से अवगत कराते हुए कहा कि स्वर्गीय एसबी सिन्हा की पत्नी रमा सिन्हा ने अपने पूरे जीवनकाल में इन जब्त जेवरात पर कभी अपना हक नहीं जताया और न ही इसे अपना ‘स्त्रीधन’ बताकर इसकी वापसी का कोई दावा पेश किया. लेकिन उनके निधन के लंबे समय बाद, वर्ष 2024 में उनके बेटे रवि सिन्हा ने सीबीआई की विशेष अदालत में एक याचिका दायर कर दी. रवि सिन्हा ने दावा किया कि जब्त किए गए गहने उनकी मां के ‘स्त्रीधन’ थे, इसलिए इन्हें परिवार को वापस सौंप दिया जाना चाहिए. निचली अदालत ने दे दिया था गहने छोड़ने का आदेश सीबीआई ने निचली अदालत के फैसले पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट को बताया कि रवि सिन्हा ने विशेष अदालत में अपने इस बड़े दावे के समर्थन में कोई भी ठोस कागजात, रसीद या वैध दस्तावेज पेश नहीं किया था. इसके बावजूद, निचली अदालत ने उनके आवेदन को स्वीकार करते हुए जब्त जेवरात को मुक्त करने का आदेश जारी कर दिया. सीबीआई ने इसी आदेश को मनमाना और त्रुटिपूर्ण बताते हुए हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर कर चुनौती दी थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने निचली अदालत के आदेश पर रोक लगा दी है और मामले की अगली जांच शुरू कर दी है. Also Read: धनबाद के सदर अस्पताल की पैथोलॉजी ‘बीमार’, मरीजों को घंटों करना पड़ रहा इंतजार The post चारा घोटाला: 38 लाख के गहने लौटाने के आदेश पर झारखंड हाईकोर्ट की रोक, SB सिन्हा के बेटे को नोटिस appeared first on Naya Vichar.

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मौसम: कई राज्यों में पहुंचा मॉनसून, अगले 2 दिन इन इलाकों में होगी भारी बारिश

Weather Forecast : मौसम विभाग ने प्रेस रिलीज जारी करके बताया कि मैदानी पश्चिम बंगाल (कोलकाता, हावड़ा, हुगली वाला इलाका) में 16 से 18 जून के दौरान, झारखंड और ओडिशा में 14 से 18 जून तक जबकि बिहार में 14 से 18 जून के बीच कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. विभाग के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 13 से 18 जून के दौरान जबकि छत्तीसगढ़ में 13 से 18 जून तक कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है. इन राज्यों में भी बारिश की संभावना 13 से 18 जून के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में, 14 से 18 जून के दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जबकि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 13 से 18 जून तक छिटपुट बारिश होने के आसार हैं. इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 जून और 18 जून, पश्चिमी राजस्थान में 13 से 17 जून जबकि पूर्वी राजस्थान में 13 से 18 जून के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश दर्ज की जा सकती है. पूरा प्रेस रिलीज देखने के लिए यहां क्लिक करें. दिल्ली का मौसम कैसा रहेगा मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली में 13 से 15 जून के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. 13 जून को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा और हल्की बारिश या बूंदाबांदी के साथ गरज-चमक होने की संभावना है. इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. 14 जून को भी मौसम आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है और दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. राजस्थान में आंधी व बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य के अनेक भागों में आंधी व बारिश हो सकती है. 13 जून को बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर व जोधपुर संभाग के कुछ भागों में 60-70 किलोमीटर (किमी) प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी. विभाग के मुताबिक, साथ ही कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना हैृ विभाग ने बताया कि वहीं राज्य के कुछ भागों में आंधी व बारिश 14 से 16 जून को भी जारी रहने की संभावना है. पश्चिम बंगाल का कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पुरुलिया जिले के कुछ हिस्सों को छोड़कर पश्चिम बंगाल के अधिकतर हिस्सों में पहुंच चुका है. इससे लोगों को गर्म और उमस भरे मौसम से राहत मिली है. विभाग ने बताया कि हवा के अनुकूल पैटर्न और बंगाल की खाड़ी से आ रही प्रबल नमी के कारण दक्षिण बंगाल में बारिश और गरज के साथ बौछार के अलावा राज्य के उत्तरी हिस्से के उप-हिमालयी जिलों (दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी वाला इलाका) में भारी बारिश की संभावना 15 जून तक बनी रहेगी. यह भी पढ़ें : 12,13, 14,15,16,17 और 18 जून तक भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट दक्षिण-पश्चिम मॉनसून झारखंड पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने 12 जून को झारखंड में दस्तक दी और राज्य के 24 में से नौ जिलों में इसका प्रभाव दिखाई दिया. मौसम केंद्र रांची ने बताया कि 13 जून सुबह साढ़े आठ बजे से अगले 24 घंटों के लिए राज्य के 20 जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका के मद्देनजर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है. विभाग ने बताया कि 13 जून को सुबह साढ़े आठ बजे से 12 जिलों के लिए भी ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ओडिशा पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने 12 जून को उत्तरी ओडिशा के कुछ हिस्सों में दस्तक दी. विभाग ने बताया कि अगले दो-तीन दिनों में मॉनसून के ओडिशा के अन्य हिस्सों में पहुंचने के लिए हालात अनुकूल हैं. आईएमडी ने एक बुलेटिन में कहा कि शनिवार यानी 13 जून को नबरंगपुर, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और गजपति के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है. बुलेटिन में इन जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है. The post मौसम: कई राज्यों में पहुंचा मॉनसून, अगले 2 दिन इन इलाकों में होगी भारी बारिश appeared first on Naya Vichar.

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वर्ल्ड कप के सबसे बेहतरीन गोलकीपर कौन? यहां देखें गोल्डन ग्लव विजेताओं की पूरी सूची

FIFA World Cup 2026: अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में स्पोर्ट्से जा रहे फीफा वर्ल्ड कप 2026 में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर एक बार फिर अपनी टीमों की उम्मीदों का भार संभालते नजर आ रहे हैं. फुटबॉल में गोल करने वाले खिलाड़ी जितनी सुर्खियां बटोरते हैं, उतनी ही अहम भूमिका गोलकीपरों की भी होती है. यही वजह है कि फीफा विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर को विशेष सम्मान दिया जाता है. इस पुरस्कार की शुरुआत 1994 विश्व कप से हुई थी और तब इसे महान सोवियत गोलकीपर लेव याशिन के सम्मान में लेव याशिन अवॉर्ड कहा जाता था. 2010 में इसका नाम बदलकर गोल्डन ग्लव अवॉर्ड कर दिया गया, जो आज भी विश्व कप के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर को दिया जाता है. गोलकीपरों का सबसे बड़ा व्यक्तिगत सम्मान विश्व कप इतिहास में कई दिग्गज गोलकीपर इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को अपने नाम कर चुके हैं. 1994 में बेल्जियम के मिशेल प्रुधोम इस अवॉर्ड के पहले विजेता बने. इसके बाद 1998 में फ्रांस के फैबियन बार्थेज़, 2002 में जर्मनी के ओलिवर कान और 2006 में इटली के जियानलुइजी बुफोन ने अपनी शानदार गोलकीपिंग से यह सम्मान जीता. ओलिवर कान 2002 विश्व कप में गोलकीपर होते हुए गोल्डन बॉल जीतने वाले इकलौते खिलाड़ी भी बने. गोल्डन ग्लव युग की शुरुआत 2010 विश्व कप से इस पुरस्कार का नाम बदलकर गोल्डन ग्लव कर दिया गया. इसके पहले विजेता स्पेन के महान गोलकीपर इकर कैसिलास बने, जिन्होंने स्पेन को उसके इतिहास का पहला विश्व कप खिताब जिताने में अहम योगदान दिया. 2014 में जर्मनी के मैनुएल नोयर ने अपनी बेहतरीन गोलकीपिंग और आक्रामक शैली से यह सम्मान जीता. चार साल बाद 2018 विश्व कप में बेल्जियम के थिबाउट कोर्टुआ को सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर चुना गया. 2022 कतर विश्व कप में अर्जेंटीना के एमिलियानो मार्टिनेज ने कई अहम मौकों पर शानदार बचाव किए. फाइनल में फ्रांस के खिलाफ उनके प्रदर्शन ने अर्जेंटीना को 36 साल बाद विश्व चैंपियन बनने में मदद की. इसी शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें गोल्डन ग्लव अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. वर्ल्ड कप के गोल्डन ग्लव विजेता वर्ष विजेता गोलकीपर देश क्लीन शीट 1994 मिशेल प्रुधोम बेल्जियम 2 1998 फैबियन बार्थेज़ फ्रांस 5 2002 ओलिवर कान जर्मनी 5 2006 जियानलुइजी बुफोन इटली 5 2010 इकर कैसिलास स्पेन 5 2014 मैनुएल नोयर जर्मनी 4 2018 थिबाउट कोर्टुआ बेल्जियम 3 2022 एमिलियानो मार्टिनेज अर्जेंटीना 3 2026 में इन गोलकीपरों पर रहेंगी नजरें वर्ल्ड कप 2026 में अर्जेंटीना के एमिलियानो मार्टिनेज अपने खिताब का बचाव करने उतरेंगे. वहीं फ्रांस के माइक मेन्यां, इटली के जियानलुइजी डोनारुम्मा, ब्राजील के एलिसन बेकर और मोरक्को के यासीन बोनो जैसे स्टार गोलकीपर भी गोल्डन ग्लव के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं. ऐसे में इस बार भी सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर बनने की जंग काफी दिलचस्प रहने वाली है. यह भी पढ़ें: फीफा वर्ल्ड कप में साउथ कोरिया का बड़ा धमाका, चेकिया को 2-1 से हराया, ह्वांग इन-बिओम बने हीरो The post वर्ल्ड कप के सबसे बेहतरीन गोलकीपर कौन? यहां देखें गोल्डन ग्लव विजेताओं की पूरी सूची appeared first on Naya Vichar.

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13 जून की टॉप 20 खबरें: भारतीय जहाजों पर हमले से ट्रंप नाराज, ममता को खुली चुनौती! 19 सांसद बोले- हम ही असली TMC

1. ट्रंप ने कहा- हिंदुस्तानीय जहाजों पर हमले बर्दाश्त नहीं, ईरान पर लगाया ड्रोन अटैक का आरोप Trump on Ship Attack: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (12 जून) को ईरान पर होर्मुज से निकलने वाले हिंदुस्तानीय जहाजों पर ड्रोन हमला करने का आरोप लगाया और कहा कि यह ‘पूरी तरह से अस्वीकार्य’ है. इस हफ्ते ओमान के तट के नजदीक हिंदुस्तानीय चालक दल सदस्य वाले तीन जहाजों पर हमले हुए इनमें से एक हमले में बुधवार को तीन हिंदुस्तानीय नाविकों की मौत हो गई. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 2. अमेरिकी नौसेना के हमले में 3 हिंदुस्तानीयों की मौत से हिंदुस्तान नाराज, अमेरिकी दूतावास के प्रभारी को तलब कर जताया विरोध Ministry of External Affairs : होर्मुज स्ट्रेट के पास सेटेबेलो जहाज पर हुए हमले में 3 हिंदुस्तानीयों की मौत पर हिंदुस्तान ने यह कहा है कि चाहे क्षेत्रीय संघर्ष कुछ भी हो, व्यापारिक जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. अमेरिकी नौसेना द्वारा कमर्शियल जहाजों पर किए गए हमले का हिंदुस्तान ने कड़ा विरोध भी किया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 3. राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला-कंप्रोमाइज्ड पीएम हिंदुस्तान माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते Compromised PM : ओमान तट पर अमेरिकी नौसेना द्वारा एक कमर्शियल जहाज पर किए गए हमले में 3 हिंदुस्तानीयों की मौत पर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर जोरदार हमला किया है और उन्हें दबाव के आगे झुकने वाला कंप्रोमाइज्ड पीएम बताया है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 4. राज्यसभा चुनाव : सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के अपील को किया खारिज, बोलीं नेता-यह लोकतंत्र और संविधान के लिए झटका Supreme Court : मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि किसी उम्मीदवार का नामांकन निर्वाचन अधिकारी द्वारा निरस्त किए जाने के बाद उसके पास चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई अन्य उपाय नहीं होता. सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन से यह भी पूछा कि क्या वह ऐसा कोई फैसला दिखा सकती हैं, जिसमें अदालत ने इस प्रकार के मामलों में हस्तक्षेप किया हो. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 5. ममता बनर्जी को खुली चुनौती! 19 सांसदों का दावा- हम हैं असली TMC, ओम बिरला से मांगेंगे मान्यता TMC Rebels: टीएमसी के भीतर बढ़ती बगावत अब खुलकर सामने आने लगी है. वायरल हुए एक हस्ताक्षरित पत्र से उन सांसदों की तस्वीर साफ होती दिख रही है जो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व को चुनौती दे रहे हैं. लोकसभा में टीएमसी के 28 सांसद हैं और बागी गुट का दावा है कि उनके साथ 19 सांसदों का समर्थन है, जो दल-बदल विरोधी कानून के तहत आवश्यक दो-तिहाई संख्या से अधिक है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 6. टाटा मोटर्स को फिर बंगाल लायेंगे शुभेंदु अधिकारी, मोदी को बताया परंपराओं के साथ विकास करनेवाला पीएम Suvendu Adhikari: विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मोदी प्रशासन की 12 वर्ष की उपलब्धियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि इस 12 वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, नये एयरपोर्ट बनाने से लेकर नये आईआईटी और एआईआईएमएस संस्थान बने. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 7. 15 जून को भोजपुर आएंगे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मसाढ़ में 31 करोड़ की एक्वा पार्क परियोजना का करेंगे शिलान्यास Arrah News: भोजपुर के मसाढ़ गांव में 15 जून को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 31.20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले समेकित एक्वा पार्क का शिलान्यास करेंगे. 32 एकड़ में बनने वाली इस परियोजना में 17 आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इससे मत्स्य पालन, जलकृषि पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 8. विकास के नए मानक गढ़ रहा बिहार, 20 साल में 13 गुना बढ़ी आय, गरीबी घटाने में देश में बना नंबर-1 Bihar Government: पिछले दो दशकों में बिहार ने विकास के कई अहम मानकों पर बड़ी छलांग लगाई है. योजना एवं विकास विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में प्रति व्यक्ति आय 13 गुना बढ़ी है, बहुआयामी गरीबी में देश में सबसे तेज कमी आई है और मानव विकास सूचकांक (HDI) में भी बिहार का सुधार राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 9. पटना के प्राइवेट स्कूलों के लिए नया आदेश, 30 जून तक वेबसाइट पर डालनी होगी ये पूरी जानकारी, नहीं तो होगी कार्रवाई Patna Private School News: पटना के प्राइवेट स्कूलों को 30 जून तक अपनी वेबसाइट पर शिक्षकों, फीस, छात्रों की संख्या, परिवहन और मान्यता से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी. शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 10. धनबाद के सदर अस्पताल की पैथोलॉजी ‘बीमार’, मरीजों को घंटों करना पड़ रहा इंतजार Dhanbad News: धनबाद सदर अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में कर्मचारियों की कमी से मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. ब्लड जांच और रिपोर्ट मिलने में देरी से कई मरीज ओपीडी का समय चूक रहे हैं. मोबाइल पर रिपोर्ट भेजने की सुविधा भी फिलहाल बंद पड़ी है. इससे जुड़ी समाचार नीचे पढ़ें. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 11. राष्ट्रपति ने बोकारो के जवान को दिया ‘शौर्य चक्र’, कश्मीर में 25 मीटर की दूरी से ढेर किया था आतंकी Bokaro News: बोकारो के सीआरपीएफ जवान सद्दाम हुसैन को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया है. जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में आतंकवादी को ढेर करने वाले जांबाज का बोकारो में भव्य स्वागत हुआ है. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 12. खाद्य वस्तुओं और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से मई में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 3.93% पर पहुंची; आरबीआई ने भी बढ़ाया अनुमान Retail Inflation : मई में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 3.93% पर पहुंची! खाद्य वस्तुओं और ईंधन के महंगे होने से आम जनता पर बढ़ा बोझ. जानिए आरबीआई (RBI) के नए अनुमान और क्या है पूरा गणित. यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट 13. होर्मुज स्ट्रेट से कितना कमाता था ईरान? अगर युद्ध विराम के बाद खुला रास्ता, तो अब जहाजों से कैसे वसूलेगा ‘टोल टैक्स’ Strait Of Hormuz : क्या होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाएगा ईरान? जानिए प्रति बैरल $1 शुल्क वसूलने के इस प्लान, ईरान की अरबों की कमाई

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