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June 20, 2026

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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर किया अटैक- वे इजरायल के अंधभक्त हैं, उन्हें सिर्फ मोदानी साम्राज्य की चिंता

Jairam Ramesh : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया है और कहा कि उनके द्वारा इजरायल के प्रति अंधभक्ति रखने की वजह से हिंदुस्तान के हितों का नुकसान हो रहा है. ईरान-अमेरिका समझौते के लिए खतरा है इजरायल जयराम रमेश ने कहा कि ईरान-अमेरिका समझौते का पूरी दुनिया में स्वागत किया जा रहा है. यह समझौता विश्व को कई तरह की परेशानियों से बचाएगा, लेकिन इस समझौते को इजरायल से सबसे बड़ा खतरा है, क्योंकि इजरायल लेबनान पर हमला करना बंद नहीं कर रहा है. पश्चिम एशिया में अशांति से पूरे विश्व में अव्यवस्था आ गई है. अमेरिका-ईरान MOU, जिसका दुनिया भर में सावधानी के साथ स्वागत किया गया है, कई खतरों का सामना कर रहा है। इनमें सबसे बड़ा खतरा इजराइल की ओर से है। इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री जैसे शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति ने अभी-अभी पूरे लेबनान को जलाने की बात कही है। लेकिन हमेशा की तरह मोदी… — Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) June 20, 2026 समझौते के बाद भी इजरायल ने लेबनान को दी धमकी जयराम रमेश ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री जैसे शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति ने अभी-अभी पूरे लेबनान को जलाने की बात कही है. उनके इस बयान की पूरे विश्व में निंदा हुई, लेकिन हमेशा की तरह मोदी प्रशासन पूरी तरह चुप है.प्रधानमंत्री की इजराइल के प्रति यही अंधभक्ति हमारे देश के हितों को नुकसान पहुंचा रही है. उन्हें सिर्फ इस बात की चिंता है कि बस किसी तरह मोदानी साम्राज्य के हित सुरक्षित रह जाएं. 17 जून को समझौते पर हुए हस्ताक्षर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पश्चिम एशिया में शांति के लिए एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते के तहत सभी सैन्य गतिविधियों को तुरंत रोकने, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाने पर सहमति बनी है. हालांकि समझौते के बाद इजरायल ने लेबनान पर हमला किया, जिसमें 5 लोगों की मौत हुई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब इस बारे में एक इंटरव्यू के दौरान पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि नेतन्याहू को थोड़ी समझदारी रखनी होगी. वैसे वे वही करते हैं, जो मैं उन्हें कहता हूं. वे मेरी बहुत इज्जत करते हैं, इसलिए मैं चीजों को नियंत्रित कर सकता हूं. ये भी पढ़ें : शिवसेना में फूट पर बोले जयराम रमेश-2/3 मेजॉरिटी के लिए सभी पार्टियों को तोड़ने में जुटे हैं पीएम मोदी-अमित शाह CJP का जंतर-मंतर पर प्लेट-चम्मच के साथ प्रदर्शन, जानिए अभिजीत दिपके की अपील का राज The post कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर किया अटैक- वे इजरायल के अंधभक्त हैं, उन्हें सिर्फ मोदानी साम्राज्य की चिंता appeared first on Naya Vichar.

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तरक्की, सुख और सफलता का राज बताते हैं नीम करोली बाबा के ये अनमोल वचन, एक बार जरूर पढ़ें

Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा 20वीं सदी के प्रसिद्ध संत और आध्यात्मिक गुरु थे. उनके विचार आज भी लाखों लोगों के जीवन को सकारात्मक दिशा देने का काम करते हैं. बाबा का जीवन सादगी, प्रेम, सेवा और करुणा का प्रतीक था. उन्होंने हमेशा लोगों को इंसानियत और ईश्वर के प्रति समर्पण का संदेश दिया. उनके उपदेश केवल आध्यात्मिक जीवन ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में भी सफलता और मानसिक शांति पाने का मार्ग दिखाते हैं. आइए जानते हैं उनके कुछ ऐसे अनमोल विचार, जो जीवन को बेहतर बना सकते हैं. संसार का मोह छोड़ें नीम करोली बाबा का मानना था कि संसार का मोह ही मनुष्य के दुखों का मुख्य कारण है. जब व्यक्ति किसी चीज या रिश्ते से जरूरत से ज्यादा जुड़ जाता है, तो चिंता और दुख बढ़ने लगते हैं. इसलिए जीवन में संतुलन बनाए रखना जरूरी है. सेवा को बनाएं जीवन का हिस्सा बाबा हमेशा निस्वार्थ सेवा पर जोर देते थे. उनका कहना था कि दूसरों की मदद करना और जरूरतमंदों के काम आना सबसे बड़ा धर्म है. सेवा का भाव व्यक्ति को अंदर से मजबूत और संतुष्ट बनाता है. मोह आत्मज्ञान में बनता है बाधा बाबा के अनुसार, जब तक व्यक्ति मोह और अहंकार में फंसा रहता है, तब तक वह अपने वास्तविक स्वरूप को नहीं पहचान पाता. आत्मज्ञान पाने के लिए मन को साफ और स्वतंत्र रखना जरूरी है. हर इंसान में देखें भगवान नीम करोली बाबा का संदेश था कि हर व्यक्ति में ईश्वर का अंश मौजूद है. इसलिए किसी के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए. सभी के प्रति सम्मान और प्रेम का भाव रखना जीवन को सुंदर बनाता है. प्रेम और करुणा का रखें भाव बाबा कहते थे कि सभी से प्रेम करो और सभी की सेवा करो. प्रेम और करुणा ऐसे गुण हैं, जो रिश्तों को मजबूत बनाते हैं और समाज में सकारात्मकता फैलाते हैं. सच बोलें और ईश्वर को याद रखें उनका मानना था कि सत्य का मार्ग हमेशा व्यक्ति को सही दिशा में ले जाता है. ईश्वर का स्मरण और सच्चाई का पालन जीवन में आत्मविश्वास और शांति लाता है. धन के पीछे अंधी दौड़ न लगाएं बाबा ने हमेशा लालच से दूर रहने की सलाह दी. उनका कहना था कि जरूरत से ज्यादा धन की चाह इंसान को मानसिक रूप से अशांत कर सकती है. संतोष और विश्वास ही सच्ची खुशी का आधार हैं. यह भी पढ़ें: आखिर अमीर लोग ऐसा क्या करते हैं जो बाकी लोग नहीं कर पाते? नाम और पैसा कमाना है तो जरूर जान लें The post तरक्की, सुख और सफलता का राज बताते हैं नीम करोली बाबा के ये अनमोल वचन, एक बार जरूर पढ़ें appeared first on Naya Vichar.

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IND vs AFG: अफगानिस्तान ने जीता टॉस, भारत पहले करेगा गेंदबाजी; देखें प्लेइंग-11

IND vs AFG 3rd ODI: हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला शनिवार, 20 जून को चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जा रहा है. अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. अफगानिस्तान की टीम चार बदलाव के साथ इस मुकाबले में उतरी है. वहीं इस मुकाबले में हिंदुस्तानीय टीम तीन बदलाव के साथ उतरी है. दोनों टीमों की प्लेइंग-11 हिंदुस्तान: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जयसवाल, रोहित शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, नीतीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, हर्ष दुबे, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव. अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), दरविश रसूली, मोहम्मद नबी, अजमतुल्लाह उमरजई, राशिद खान, एएम गजनफर, ज़िया उर रहमान शरीफी, फरीद अहमद मलिक. 🚨 Toss update from Chennai 🚨 Afghanistan have won the toss & elected to bat first in the 3rd ODI. Updates ▶️ https://t.co/kHgF4bqTg3#TeamIndia | #INDvAFG | @IDFCFIRSTBank pic.twitter.com/J52qBBAtxm — BCCI (@BCCI) June 20, 2026 टॉस जीतने के बाद अफगानिस्तान के कप्तान ने क्या कहा? अफगानिस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने टॉस के दौरान कहा कि इस समय हिंदुस्तान में काफी गर्मी है और विकेट सूखी तथा सख्त नजर आ रही है. ऐसे में उनकी टीम बल्लेबाजी में अच्छी शुरुआत करना चाहती है और बोर्ड पर बड़ा स्कोर खड़ा करने का लक्ष्य रखेगी. शाहिदी ने कहा कि टीम पिछले दो मुकाबलों से सबक लेते हुए इस मैच में बड़ी साझेदारियां बनाने पर ध्यान देगी. उन्होंने यह भी माना कि गेंदबाजी विभाग में सुधार की जरूरत है और खिलाड़ी उस दिशा में काम कर रहे हैं. अफगान कप्तान ने बताया कि टीम में चार बदलाव किए गए हैं, जिसमें अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी और अजमतुल्लाह उमरजई की वापसी हुई है. यह भी पढ़ें: IND vs AFG 3rd ODI: फ्री में कब, कहां और कैसे देखें तीसरा वनडे? एक क्लिक में जानें पूरी डिटेल The post IND vs AFG: अफगानिस्तान ने जीता टॉस, हिंदुस्तान पहले करेगा गेंदबाजी; देखें प्लेइंग-11 appeared first on Naya Vichar.

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धर्मेंद्र की बीमारी के दौरान पैपराजी पर क्यों भड़के थे सनी देओल? अब बॉबी देओल ने बताई पूरी वजह

दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र के निधन को कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन देओल परिवार आज भी उस दर्द से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाया है. उनके बेटे और एक्टर बॉबी देओल ने अपने पिता को याद करते हुए बेहद भावुक बातें कही. इसके अलावा उन्होंने उस वक्त सनी देओल के पैपराजी पर गुस्सा होने की वजह भी बताई. दरअसल, जब धर्मेंद्र की तबीयत बेहद खराब थी, तब कुछ पैपराजी लगातार उनकी हालत को कवर कर रहे थे. उस दौरान सनी का एक वीडियो काफी वायरल हुआ था, जिसमें वह मीडिया के व्यवहार पर नाराज नजर आए थे. अब बॉबी देओल ने इस पूरे मामले पर खुलकर बात की है. बॉबी देओल बोले- लोग सिर्फ वीडियो बनाना चाहते हैं जूम को दिए इंटरव्यू में बॉबी देओल ने कहा कि यह सिर्फ उनके परिवार के साथ नहीं, बल्कि आम लोगों के साथ भी होता है. बॉबी ने कहा, “मैं इस मुद्दे पर ज्यादा बात नहीं करना चाहता, क्योंकि ये सिर्फ मेरे परिवार के साथ नहीं हो रहा. दुनिया में बहुत से लोग ऐसी चीजों से गुजरते हैं. लेकिन क्योंकि हमारा परिवार फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा है, इसलिए लोग ज्यादा नोटिस करते हैं.” उन्होंने आगे कहा, “आजकल जब किसी के साथ कुछ गलत होता है, तो लोग सबसे पहले वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर डालना चाहते हैं. वो ये नहीं देखते कि सामने वाला इंसान या उसका परिवार किस दर्द से गुजर रहा है. मुझे लगता है लोगों को यह समझने की जरूरत है. जब वो समझेंगे, तब शायद सिर्फ रील्स और वीडियो बनाने के पीछे भागना बंद करेंगे.” View this post on Instagram A post shared by Bobby Deol (@iambobbydeol) पिता को याद कर भावुक हुए बॉबी देओल इंटरव्यू के दौरान बॉबी देओल अपने पिता धर्मेंद्र को याद कर काफी भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कहा, “जिंदगी ऐसी ही होती है, चीजें होती रहती हैं और आप कभी उनके लिए तैयार नहीं होते. यह समय हमारे लिए मुश्किल रहा, लेकिन मैं आज भी खुद को पॉजिटिव महसूस करता हूं. मुझे आज भी पापा की ऊर्जा और उनका प्यार महसूस होता है.” बॉबी ने आगे कहा, “माता-पिता को खोना हर किसी के लिए मुश्किल होता है. हर इंसान उस दर्द से अपने तरीके से गुजरता है. लेकिन मुझे हमेशा लगता है कि मेरे पापा मेरे आसपास हैं, मेरे अंदर हैं. अभी भी वो मुझे देख रहे हैं और मुझ पर गर्व कर रहे हैं. शायद उनकी वही ऊर्जा मुझे लगातार मेहनत करने की ताकत देती है.” 89 साल की उम्र में हुआ था धर्मेंद्र का निधन बॉलीवुड के ही-मैन धर्मेंद्र का नवंबर 2025 में 89 साल की उम्र में निधन हो गया था. वह अपने 90वें जन्मदिन से कुछ हफ्ते पहले इस दुनिया को अलविदा कह गए थे. उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनका निधन हुआ था. View this post on Instagram A post shared by Bobby Deol (@iambobbydeol) यह भी पढ़ें– मैं वापस आऊंगा: फिल्म के कम कलेक्शन पर बोले इम्तियाज अली, कहा- यह स्टार-ड्रिवन फिल्म नहीं है यह भी पढ़ें– बॉलीवुड के ये चेहरे अब साउथ फिल्मों में आएंगे नजर, फैंस को मिलेगा नया सरप्राइज, देखें कौन हैं ये स्टार्स The post धर्मेंद्र की बीमारी के दौरान पैपराजी पर क्यों भड़के थे सनी देओल? अब बॉबी देओल ने बताई पूरी वजह appeared first on Naya Vichar.

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भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच की मांग तेज, घर पर लग रहा नेताओं का जमावड़ा

Bharat Tiwari Encounter : (मिथिलेश्वर प्रसाद सिन्हा) भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए चर्चित पुलिस एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद अब मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. घटना के बाद से ही परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, वहीं अब इस मुद्दे पर सियासी हलचल भी तेज हो गई है. खास बात यह है कि विपक्ष के साथ-साथ सत्तापक्ष के नेता भी पीड़ित परिवार के समर्थन में सामने आ रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. परिजनों से मिले विधान पार्षद सोनू राय, निष्पक्ष जांच की उठाई मांग भोजपुर-बक्सर क्षेत्र के विधान पार्षद सोनू राय बिलौटी गांव पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी. उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया. पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना देते विधान पार्षद सोनू राय पूर्व विधायक भाई दिनेश ने उठाए सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग इसी कड़ी में जगदीशपुर के पूर्व विधायक भाई दिनेश भी पीड़ित परिवार से मिलने बिलौटी पहुंचे. उन्होंने मृतक के पिता समेत अन्य परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की. भाई दिनेश ने कहा कि बिना निष्पक्ष जांच के किसी व्यक्ति की जान जाना बेहद गंभीर और निंदनीय है. उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की. इस दौरान उनके साथ लाल बहादुर सिंह, रोहित कुमार सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे. मृतक के पिताजी को सन्तवना देते जगदीशपुर के पूर्व बिधायक भाई दिनेश भाजपा नेता ऋतुराज सिन्हा ने जताया शोक, कहा-दोषी बख्शे नहीं जाएंगे भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि भरत भूषण तिवारी की मौत से पूरा क्षेत्र मर्माहत है और लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने अपने बयान में कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की मृत्यु का नहीं, बल्कि आम जनता के कानून और न्याय व्यवस्था पर भरोसे से भी जुड़ा है. उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशासन इस मामले में निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करेगी और दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा. सांकेतिक तस्वीर NH-922 जाम कर ग्रामीणों का विरोध, न्याय की मांग तेज घटना के विरोध में ग्रामीणों ने बिलौटी गांव के पास NH-922 को जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए गए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई. Also Read: भरत तिवारी के एनकाउंटर के साथ दफन हो गए कई राज, घर-परिवार का क्या है माहौल, जानिए पूरी रिपोर्ट गांव में बढ़ती हलचल, एक ही मांग-न्याय फिलहाल बिलौटी गांव में माहौल पूरी तरह गरम है. विभिन्न नेतृत्वक दलों के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता लगातार पीड़ित परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं. हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है-आखिर इस घटना की सच्चाई क्या है? और एक ही मांग-पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय मिले. अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करता है. Also Read: भरत तिवारी एनकाउंटर केस में अब NHRC की एंट्री, पिता-भाई समेत 14 पर FIR दर्ज Also Read: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले का संज्ञान लें मुख्यमंत्री, पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने उठाई मुआवजा और न्याय की मांग The post भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच की मांग तेज, घर पर लग रहा नेताओं का जमावड़ा appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में निलंबित CO और राजस्व अधिकारियों को भी करना होगा काम, सरकार ने सौंपी नई जिम्मेदारी

Bihar Revenue Department Order: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ बिहार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. बैठक में अधिकारियों के खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई. इसके बाद जांच प्रक्रिया में तेजी लाने और लंबित मामलों के निपटारे के निर्देश दिए गए. 70 अधिकारियों पर चल रही विभागीय कार्रवाई विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी समेत कुल 70 पदाधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई चल रही है. इनमें 23 मामलों में जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जबकि 47 मामलों की रिपोर्ट अब भी लंबित है. 17 अधिकारी निलंबित, 11 रिश्वत लेते पकड़े गए विभाग में फिलहाल 17 अधिकारी निलंबित हैं. इनमें 11 अधिकारी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए थे. प्रशासन का मानना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. निलंबित अधिकारियों को नहीं मिलेगी खाली बैठने की छूट बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि निलंबित अंचल और राजस्व अधिकारियों को खाली नहीं बैठाया जाएगा. मुख्यालय वाले प्रमंडलों के अधीन उनसे विशेष भू-सर्वेक्षण का काम लिया जाएगा. विभाग का मानना है कि इससे मानव संसाधन का बेहतर उपयोग हो सकेगा. लापरवाह एडीएम को अंतिम चेतावनी जिन अपर समाहर्ताओं (एडीएम) ने समय पर जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी है, उन्हें एक सप्ताह की अंतिम मोहलत दी जाएगी. निर्धारित समय में रिपोर्ट नहीं देने पर उनके खिलाफ अनुशासनहीनता की कार्रवाई की अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग से की जाएगी. बचाव पक्ष नहीं रखने वाले अधिकारियों को अखबार के जरिए नोटिस बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र गठित हो चुका है और तीन बार याद दिलाने के बावजूद उन्होंने अपना बचाव पक्ष प्रस्तुत नहीं किया है, उन्हें अंतिम अवसर दिया जाएगा. इसके लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर सूचना दी जाएगी. निगरानी मामलों की फाइलों की होगी अलग पहचान विभाग ने निगरानी और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की फाइलों को अलग पहचान देने का भी निर्णय लिया है. अब ऐसी संचिकाओं को अलग रंग की फ्लाई लीफ में रखा जाएगा, ताकि उनकी त्वरित पहचान हो सके और कार्रवाई में तेजी लाई जा सके. सचिव के हस्ताक्षर से जारी हुई कार्यवाही बैठक की आधिकारिक कार्यवाही विभागीय सचिव जय सिंह के हस्ताक्षर से जारी की गई है. विभाग का कहना है कि लंबित मामलों का जल्द निपटारा और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है. Also Read: पटना में जमीन खरीदना हुआ महंगा, लागू हुआ नया सर्किल रेट, बोरिंग रोड और गांधी मैदान में 2.5 करोड़ रुपये कट्ठा The post बिहार में निलंबित CO और राजस्व अधिकारियों को भी करना होगा काम, प्रशासन ने सौंपी नई जिम्मेदारी appeared first on Naya Vichar.

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लोहरदगा: ट्रक ने स्कूटी सवार तीन भाई-बहनों को रौंदा, दो की मौके पर मौत

लोहरदगा से गोपी कृष्णा कुंवर की रिपोर्ट Lohardaga Accident News: लोहरदगा-गुमला मुख्य पथ पर मिशन चौक के पास शुक्रवार देर रात एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ. दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार दो बहनों की मौत हो गई, जबकि उनका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल की रांची ले जाने के क्रम में मौत हो गई.  विवाह समारोह में जा रहे थे तीनों भाई-बहन  मिली जानकारी के अनुसार, शहरी क्षेत्र के बरवाटोली निवासी स्व मुकेश साहू के बेटे रोहित कुमार साहू अपनी बहनों सपना कुमारी और सृष्टि कुमारी के साथ स्कूटी से सेन्हा रोड स्थित तेली धर्मशाला में आयोजित एक विवाह समारोह में शामिल होने जा रहे थे. इसी दौरान मिशन चौक के पास सेन्हा की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार बॉक्साइट ट्रक ने स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया.  स्थानीय लोगों ने बचाव कर पहुंचाया अस्पताल  हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया. आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल तीनों को ट्रक के नीचे से निकालकर सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने सपना कुमारी और सृष्टि कुमारी को मृत घोषित कर दिया. वहीं गंभीर रूप से घायल रोहित कुमार साहू को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स भेज दिया गया लेकिन उसकी रास्ते में ही मौत हो गई.  पुलिस ने ट्रक जब्त कर शुरू की जांच  सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी. हादसे के बाद बरवाटोली सहित पूरे शहर में शोक का माहौल है. मृतक भाई-बहन एक ही परिवार के थे और विवाह समारोह में शामिल होने जा रहे थे. यह भी पढ़ें: नया विचार प्रतिभा सम्मान: जमशेदपुर के टॉपर्स के बीच पहुंचे प्रशासनिक दिग्गज, DC ने दिया सफलता का मंत्र यह भी पढ़ें: Bokaro: विवाहिता की मौत के बाद हंगामा, मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर लगाया हत्या का आरोप यह भी पढ़ें: Bokaro: न OTP आया न ही लिंक दबाया, फिर भी 1.92 लाख गंवाया, अब लगाने पड़ रहे थाने के चक्कर The post लोहरदगा: ट्रक ने स्कूटी सवार तीन भाई-बहनों को रौंदा, दो की मौके पर मौत appeared first on Naya Vichar.

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भगवान शिव के ये 14 नाम बेटे को देंगे यूनिक पहचान, जानें खूबसूरत अर्थ

Baby Boy Names: जब घर में बेटे का जन्म होता है, तो परिवार की खुशियां दोगुनी हो जाती हैं. शिशु के आने के बाद सबसे पहले जिस बात पर चर्चा शुरू होती है, वह उसका नाम होता है. हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके शिशु का नाम अलग, प्यारा और अच्छे अर्थ वाला हो. अगर आप भी अपने बेटे के लिए ऐसा नाम ढूंढ रहे हैं, जो मॉडर्न होने के साथ हिंदुस्तानीय संस्कृति से भी जुड़ा हो, तो भगवान शिव के नामों से बेहतर ऑप्शन शायद ही कोई हो. शिव जी के कई नाम ऐसे हैं जो सुनने में बेहद खूबसूरत लगते हैं और उनके अर्थ भी काफी खास होते हैं. आइए जानते हैं भगवान शिव के 14 ऐसे नाम, जो आपके बेटे के लिए एक बेहतरीन पसंद बन सकते हैं. क्यों पसंद किए जाते हैं भगवान शिव से जुड़े नाम? Pc- freepik भगवान शिव के नाम आज भी लोगों के बीच काफी पसंद किए जाते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ये नाम सुनने में अच्छे लगते हैं और इनके अर्थ भी बेहद खास होते हैं. कई माता-पिता अपने शिशु का नाम भगवान शिव से जुड़ा रखना पसंद करते हैं, क्योंकि ये नाम सकारात्मकता, अच्छाई और अच्छे संस्कारों का प्रतीक माने जाते हैं. साथ ही, शिव जी के कई नाम छोटे, यूनिक और मॉडर्न हैं, इसलिए आज की पीढ़ी के माता-पिता भी इन्हें काफी पसंद कर रहे हैं. बेटे के लिए भगवान शिव के 12 सुंदर नाम और उनके अर्थ नाम अर्थ अक्षज भगवान शिव का एक नाम, अटूट और मजबूत अव्युक्त स्पष्ट और बुद्धिमान आर्यव सम्मान और श्रेष्ठता से जुड़ा नाम देवांश ईश्वर का अंश कियान ईश्वर की कृपा से मिला उपहार निर्वाण शांति और संतुलन का प्रतीक ओजस ऊर्जा और उत्साह से भरपूर प्रियांश सबसे प्रिय हिस्सा शिवाय भगवान शिव से जुड़ा आधुनिक नाम शिवांश भगवान शिव का अंश व्योम आकाश जैसा विशाल युवान युवा और ऊर्जावान ऋत्विक विद्वान और समझदार ईशान ज्ञान और बुद्धि का स्वामी यह भी पढ़ें: बेटे के लिए ढूंढ रहे हैं एक मॉडर्न और संस्कारी नाम? ये 25 ऑप्शन जीत लेंगे आपका दिल, हर कोई करेगा जमकर तारीफ The post भगवान शिव के ये 14 नाम बेटे को देंगे यूनिक पहचान, जानें खूबसूरत अर्थ appeared first on Naya Vichar.

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Hero Splendor में है, लेकिन R15 में नहीं! आखिर क्यों खत्म हो रहा है किक स्टार्ट का दौर?

आज के कई नई बाइक्स और स्कूटर्स में किक स्टार्ट क्यों नहीं मिलता? कभी बैटरी बैठ जाए तो क्या होगा? यह सवाल आज भी लाखों हिंदुस्तानीय टू-व्हीलर खरीदारों के मन में आता है. एक समय था जब लगभग हर मोटरसाइकिल और स्कूटर में किक स्टार्ट आम फीचर हुआ करता था, लेकिन अब बाजार में आने वाले ज्यादातर नए मॉडल केवल सेल्फ स्टार्ट के साथ ही उपलब्ध हैं. इसके पीछे सिर्फ डिजाइन का बदलाव नहीं, बल्कि आधुनिक इंजन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और ग्राहकों की बदलती जरूरतें भी बड़ी वजह हैं. EFI टेक्नोलॉजी ने बदल दिया पूरा स्पोर्ट्स पुराने जमाने की बाइक और स्कूटर कार्ब्यूरेटर सिस्टम पर काम करते थे. ऐसे वाहनों में इंजन को किक मारकर आसानी से स्टार्ट किया जा सकता था. लेकिन अब ज्यादातर टू-व्हीलर्स में इलेक्ट्रॉनिक फ्यूल इंजेक्शन (EFI) सिस्टम आता है. इसमें फ्यूल पंप, सेंसर और ECU जैसे इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स होते हैं, जिन्हें काम करने के लिए बैटरी से पर्याप्त पावर चाहिए होती है. अगर बैटरी पूरी तरह डिस्चार्ज हो जाए तो केवल किक मारने से इंजन स्टार्ट नहीं हो पाता. यही वजह है कि कई कंपनियां किक स्टार्ट मैकेनिज्म को हटाकर पूरी तरह सेल्फ स्टार्ट सिस्टम पर फोकस कर रही हैं. यह भी पढ़ें: Plug-in Hybrid vs Strong Hybrid: हिंदुस्तान में कौन-सी कार टेक्नोलॉजी है ज्यादा समझदारी? बेहतर बैटरी और स्टार्टर मोटर ने घटाई जरूरत आज के टू-व्हीलर्स में मेंटेनेंस-फ्री बैटरियां और ज्यादा भरोसेमंद स्टार्टर मोटर दी जाती हैं. पहले बैटरी जल्दी खराब हो जाती थी, इसलिए किक स्टार्ट बैकअप जरूरी माना जाता था. अब आधुनिक बैटरियां ज्यादा समय तक चलती हैं और इलेक्ट्रिकल सिस्टम भी काफी एडवांस हो चुके हैं. यही कारण है कि कंपनियां मानती हैं कि ज्यादातर ग्राहकों को अब किक स्टार्ट की जरूरत महसूस नहीं होती. डिजाइन और वजन कम करने पर भी है जोर नई स्पोर्ट्स बाइक, प्रीमियम स्कूटर और एडवेंचर मोटरसाइकिलों में हर किलो वजन और हर इंच जगह मायने रखती है. किक स्टार्ट लगाने के लिए अतिरिक्त लीवर, गियर और मैकेनिकल पार्ट्स की जरूरत होती है. इससे वाहन का वजन बढ़ता है और डिजाइन भी प्रभावित हो सकता है. इसी वजह से Yamaha R15, TVS Apache, Bajaj Pulsar NS200 और Royal Enfield Classic 350 जैसे मॉडल अब बिना किक स्टार्ट के आते हैं. किन बाइक्स में आज भी मिलता है किक स्टार्ट? हालांकि किक स्टार्ट पूरी तरह गायब नहीं हुआ है. बजट और कम्यूटर सेगमेंट में कई मॉडल अभी भी ड्यूल स्टार्ट सिस्टम के साथ आते हैं. Hero Splendor Plus, Hero HF Deluxe, Honda Shine 125, Honda SP125 और Bajaj Pulsar 125 जैसी मोटरसाइकिलों में किक स्टार्ट का विकल्प मिलता है. स्कूटर सेगमेंट में Honda Activa 6G, TVS Jupiter 110, Suzuki Access 125 और Yamaha RayZR 125 Fi Hybrid के कुछ वेरिएंट्स में भी यह सुविधा मौजूद है. इन वाहनों को खासतौर पर ऐसे ग्राहकों के लिए डिजाइन किया जाता है जो अतिरिक्त भरोसेमंद स्टार्टिंग विकल्प चाहते हैं. किन स्कूटर और बाइक्स में नहीं मिलता किक स्टार्ट? प्रीमियम और परफॉर्मेंस सेगमेंट में किक स्टार्ट लगभग खत्म हो चुका है. Hero Xtreme 125R, TVS Raider 125, TVS Apache RTR 160 4V, Yamaha R15 V4, Bajaj Pulsar NS200 और Royal Enfield Classic 350 जैसे मॉडल केवल सेल्फ स्टार्ट के साथ आते हैं. स्कूटर सेगमेंट में TVS Ntorq 125 और Yamaha Aerox 155 जैसे मॉडल भी बिना किक स्टार्ट उपलब्ध हैं. वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में किक स्टार्ट का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि उनमें इंजन नहीं बल्कि इलेक्ट्रिक मोटर होती है. Ola S1 Pro, Ather 450X और TVS iQube जैसे ईवी पूरी तरह डिजिटल स्टार्ट सिस्टम पर निर्भर करते हैं. क्या भविष्य में पूरी तरह खत्म हो जाएगा किक स्टार्ट? ऑटो इंडस्ट्री जिस तेजी से इलेक्ट्रॉनिक और स्मार्ट टेक्नोलॉजी की तरफ बढ़ रही है, उसे देखते हुए किक स्टार्ट का इस्तेमाल आने वाले वर्षों में और कम हो सकता है. हालांकि ग्रामीण इलाकों और कम्यूटर सेगमेंट में इसकी मांग अभी भी बनी हुई है. यही वजह है कि कुछ कंपनियां बजट मॉडल्स में इसे बनाए हुए हैं. लेकिन प्रीमियम और नई पीढ़ी के टू-व्हीलर्स में किक स्टार्ट अब धीरे-धीरे इतिहास बनता जा रहा है. यह भी पढ़ें: इन 4 नंबरों में छिपी है टायर की पूरी कुंडली, 1 मिनट में जानें बदलने का सही समय The post Hero Splendor में है, लेकिन R15 में नहीं! आखिर क्यों खत्म हो रहा है किक स्टार्ट का दौर? appeared first on Naya Vichar.

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ब्रह्मपुत्र पर चीन बना रहा है तेजी से बड़ा डैम, जानें भारत की टेंशन क्यों बढ़ी

चीन ने तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो नदी में दुनिया का सबसे बड़ा हाइड्रोइलेक्ट्रिक बांध बनाना शुरू कर दिया है, जो हिंदुस्तान की सीमा से करीब 50 किलोमीटर दूर है. इस बड़े प्रोजेक्ट को लेकर हिंदुस्तान में चिंता बढ़ गई. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदुस्तानीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समीक्षा की गई खुफिया जानकारी और सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि हाल के महीनों में निर्माण कार्य की रफ्तार तेज हुई है, जबकि हिंदुस्तान लंबे समय से इन बड़े बांधों के सीमापार नदियों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताता रहा है. यारलुंग त्सांगपो नदी तिब्बत से निकलती है और अरुणाचल प्रदेश में हिंदुस्तान में प्रवेश करने के बाद सियांग नदी कहलाती है. इसके बाद यह असम में ब्रह्मपुत्र बन जाती है. इन नदी पर लाखों लोगों हिंदुस्तान में निर्भर करते हैं. मामले से जुड़े अधिकारियों के हवाले से एनडीटीवी ने समाचार दी है कि हिंदुस्तान प्रशासन इस प्रोजेक्ट पर बारीकी से नजर रखे हुए है. इसे तिब्बत में चीन के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के अहम हिस्सों में से एक माना जा रहा है. इस बांध की वजह से हिंदुस्तान क्यों है चिंतित हिंदुस्तान में अधिकारी और विशेषज्ञ इस बात को लेकर लगातार चिंता जता रहे हैं कि ऐसे बड़े बांधों से नदी के नीचे वाले हिस्सों पर असर देखने को मिल सकता है. उनका कहना है कि डैम बना जाता है तो पानी के प्राकृतिक बहाव में बदलाव आ सकता है. यही नहीं गाद (sediment) का प्रवाह प्रभावित हो सकता है, पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है. यह भी पढ़ें : ब्रह्मपुत्र पर चीन का शिकंजा? हिंदुस्तान के लिए सूखा या बाढ़ की तबाही बांध के नीचे के हिस्सों पर असर के अलावा इसका रणनीतिक पहलू भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. विशेषज्ञों का कहना है कि नदी के ऊपरी हिस्से में बड़े बांध बनने से चीन को अतिरिक्त रणनीतिक बढ़त मिल सकती है, क्योंकि किसी भी विवाद की स्थिति में बीजिंग इस क्षेत्र में पानी के बहाव को कंट्रोल करने की क्षमता हासिल कर सकता है. हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर चीन ने क्या कहा? चीन का कहना है कि उसके हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट सिर्फ बिजली उत्पादन के लिए हैं और इससे हिंदुस्तान जैसे नीचे बसे देशों को कोई नुकसान नहीं होगा. लेकिन हिंदुस्तान इस दावे पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर रहा है और किसी भी तरह की स्थिति को लेकर सतर्कता बरत रहा है. पिछले साल (2025) संसद में पूछे गए सवालों के जवाब में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा था कि प्रशासन ने मेगा डैम के निर्माण शुरू होने से जुड़ी रिपोर्टों को संज्ञान में लिया है. इस पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है. सिंह ने कहा कि प्रशासन इस प्रस्तावित मेगा डैम पर पिछले कई दशकों से नजर रखे हुए है और इसके हर डेवलपमेंट की लगातार ट्रैकिंग की जा रही है. The post ब्रह्मपुत्र पर चीन बना रहा है तेजी से बड़ा डैम, जानें हिंदुस्तान की टेंशन क्यों बढ़ी appeared first on Naya Vichar.

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