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June 20, 2026

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भरत तिवारी एनकाउंटर की होगी न्यायिक जांच, CM सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला, रिटायर्ड जज करेंगे पड़ताल

CM Samrat On Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले की जांच पटना हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायिक जांच का उद्देश्य घटना के हर पहलू की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करना है. प्रशासन चाहती है कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आए. एनकाउंटर के बाद दर्ज हुई दो FIR भरत तिवारी मुठभेड़ मामले में पुलिस ने दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं. पहली FIR में अवैध हथियार रखने, प्रशासनी कार्य में बाधा पहुंचाने, पुलिस पर फायरिंग करने और आरोपी को संरक्षण देने के आरोप लगाए गए हैं. इस मामले में भरत के पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी को नामजद किया गया है. दूसरी प्राथमिकी सीधे पुलिस मुठभेड़ से संबंधित है. मां ने पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी ने भी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने जगदीशपुर डीएसपी और शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है. उनका आरोप है कि उनके बेटे को सरेंडर करने के बाद गोली मारी गई. हालांकि पुलिस ने अब तक इस आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की है. हाईकोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता रजनीश कुमार ने भी इस मुठभेड़ पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और स्वतंत्र एसआईटी जांच की मांग की है. साथ ही हाईकोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की अपील भी की है. हथियार बरामद करने पहुंची थी पुलिस पुलिस के अनुसार 16 जून को मिली सूचना के आधार पर 17 जून की सुबह भरत तिवारी की गिरफ्तारी और अवैध हथियार बरामद करने के लिए टीम उसके गांव पहुंची थी. एफआईआर में दावा किया गया है कि पुलिस को देखते ही भरत तिवारी उग्र हो गया और पिस्टल से फायर करने की कोशिश की. इसके बाद वह घर की छत पर चढ़ गया और पुलिस टीम पर कई राउंड फायरिंग की. पिता और भाई पर संरक्षण देने का आरोप पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान भरत के पिता और भाई ने उसके पास हथियार होने की जानकारी स्वीकार की थी. इसी आधार पर दोनों को आरोपी बनाया गया है. उन पर अवैध हथियार रखने में सहयोग और संरक्षण देने का आरोप लगाया गया है. पुलिस का दावा- लगातार फायरिंग कर रहा था भरत दूसरी प्राथमिकी के अनुसार, भरत तिवारी हथियार लेकर बधार की ओर भाग रहा था. पुलिस टीम ने पीछा किया तो उसने फिर फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस का दावा है कि कई बार आत्मसमर्पण की चेतावनी देने के बावजूद वह गोली चलाता रहा. एक हाथ में मोबाइल और दूसरे हाथ में पिस्टल लेकर वह पुलिस को चुनौती देता रहा. भरत तिवारी की तस्वीर मुठभेड़ में लगी गोली, अस्पताल में हुई मौत पुलिस के मुताबिक आत्मरक्षा में जवानों ने फायरिंग की. इस दौरान भरत के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा. उसे तुरंत शाहपुर रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटनास्थल से हथियार और कारतूस बरामद पुलिस का दावा है कि घटनास्थल से एक देसी पिस्टल, मैगजीन, दो जिंदा कारतूस और दो खोखे बरामद किए गए. एफआईआर के अनुसार भरत ने 10 से 12 राउंड फायरिंग की थी, जबकि पुलिस ने आत्मरक्षा में पांच राउंड गोली चलाई थी. Also Read: ‘सरेंडर कर चुका था, फिर 5 गोलियां क्यों मारी?’, भरत तिवारी के एनकाउंटर पर मां का छलका दर्द, बोलीं- समाज सेवक था मेरा बेटा The post भरत तिवारी एनकाउंटर की होगी न्यायिक जांच, CM सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला, रिटायर्ड जज करेंगे पड़ताल appeared first on Naya Vichar.

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पवनराजे निंबालकर हत्याकांड: 20 साल, 128 गवाह… फिर भी पद्मसिंह पाटिल समेत सभी आरोपी बरी

Pawanraje Nimbalkar Murder Case: महाराष्ट्र की नेतृत्व के चर्चित आपराधिक मामलों में से एक पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काजी की हत्या के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने एनसीपी नेता पद्मसिंह सहित 9 अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है. अदालत ने यह फैसला 20 जून 2026 को सुनाया. कौन थे पवनराजे निंबालकर, जिनकी हत्या से कांप उठा था महाराष्ट्र पवनराजे निंबालकर महाराष्ट्र के उस्मानाबाद (धाराशिव) क्षेत्र के प्रभावशाली नेता थे. उनका अपने क्षेत्र में काफी प्रभाव था. उनका परिवार नेतृत्वक पृष्ठभूमि का था, जिनका अपने क्षेत्र में काफी प्रभाव था. पद्मसिंह पाटिल का क्षेत्र भी उस्मानाबाद ही था. पवनराजे निंबालकर उनके कजिन थे. पवनराजे निंबालकर शुरुआत में पद्मसिंह पाटिल के काफी करीबी माने जाते थे. बाद में दोनों के बीच विवाद हुआ और दोनों अलग-अलग हो गए. उस्मानाबाद क्षेत्र में इन दोनों परिवारों की प्रतिद्वंद्विता प्रसिद्ध है. पवनराजे निंबालकर के साथ 3 जून 2006 को क्या हुआ था? पवनराजे निंबालकर 3 जून 2006 की रात अपने ड्राइवर समद काजी के साथ कार से यात्रा कर रहे थे. नवी मुंबई के पास उनकी कार पर हमला हुआ. हमलावर बाइक और कार पर सवार थे. हमला इतना भयंकर था कि पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर दोनों की ही मौके पर मौत हो गई. इस हत्या को कॉन्ट्रैक्ट किलिंग यानी सुपारी देकर कराई गई हत्या माना गया था. सीबीआई ने की हत्या के मामले की जांच पवनराजे निंबालकर की हत्या के बाद केस की जांच महाराष्ट्र पुलिस ने की, लेकिन यह केस इतना चर्चित था और कई तरह के आरोप लग रहे थे, इसलिए प्रशासन ने जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी. सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में इसे सुनियोजित साजिश के तहत की गई हत्या माना और इसे नेतृत्वक प्रतिस्पर्धा का परिणाम बताया था. इस मामले में सीबीआई ने 2009 में लगभग 5,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी. एजेंसी ने पद्मसिंह पाटिल को हत्या का सूत्रधार बताया था, जिन्होंने नेतृत्वक प्रतिस्पर्धा की वजह से पवनराजे निंबालकर की हत्या करवाई. हत्या के लिए 30 लाख रुपए सुपारी देने की बात भी कही गई थी. सीबीआई ने पद्मसिंह पाटिल सहित 9 लोगों को गिरफ्तार किया था. इनमें शूटर और हत्या की योजना को अंजाम देने वाले लोग शामिल थे. एजेंसी ने 181 गवाहों के बयान और 200 से अधिक दस्तावेजों का हवाला दिया था. पवनराजे निंबालकर केस का महत्व इतना अधिक क्यों? पवनराजे निंबालकर महाराष्ट्र की नेतृत्व के उभरते हुए नेता थे, जबकि उनकी हत्या के आरोपी पद्मसिंह पाटिल उस क्षेत्र के जाने-माने नेतृत्वज्ञ थे. उनकी नेतृत्वक प्रतिस्पर्धा की खूब चर्चा भी होती थी, इसी वजह से इस हत्याकांड का बहुत महत्व था. पद्मसिंह पाटिल महाराष्ट्र में मंत्री और सांसद भी रहे थे. 2019 में उन्होंने एनसीपी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था. अब वे नेतृत्वक रूप से उतने सक्रिय नहीं हैं और उनके बेटे राणा जगजीत सिन्हा पाटिल उस्मानाबाद से विधायक है. ये भी पढ़ें : कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर किया अटैक- वे इजरायल के अंधभक्त हैं, उन्हें सिर्फ मोदानी साम्राज्य की चिंता ईरान-अमेरिका समझौते पर साइन कर ट्रंप ने पाकिस्तान को किया चारों खाने चित्त, ऐसे फेल हुआ शहबाज शरीफ का प्लान? The post पवनराजे निंबालकर हत्याकांड: 20 साल, 128 गवाह… फिर भी पद्मसिंह पाटिल समेत सभी आरोपी बरी appeared first on Naya Vichar.

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टीम इंडिया की बढ़ी टेंशन, इंग्लैंड सीरीज से बाहर हुए हार्दिक पांड्या; विराट कोहली की फिटनेस पर भी सस्पेंस बरकरार

Hardik Pandya Ruled out of England Series: इंग्लैंड के खिलाफ आगामी टी20 और वनडे सीरीज से पहले हिंदुस्तानीय टीम को बड़ा झटका लगा है. स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या चोट के कारण सीरीज से बाहर हो गए हैं. एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पांड्या पूरी इंग्लैंड सीरीज में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच सीरीज की शुरुआत 1 जुलाई से होगी. दौरे पर दोनों टीमों के बीच पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले स्पोर्ट्से जाएंगे, जिसके बाद तीन मैचों की वनडे सीरीज होगी. वनडे सीरीज जुलाई के अंत तक चलेगी. विराट कोहली की फिटनेस पर भी सस्पेंस बरकरार दूसरी ओर, अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली की फिटनेस को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. कोहली आईपीएल 2026 के फाइनल के दौरान हैमस्ट्रिंग चोट का शिकार हो गए थे. इसी वजह से वह फिलहाल मैदान से दूर हैं. रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड सीरीज से पहले 26 जून को उनका फिटनेस टेस्ट होना है, जिसके बाद ही उनकी उपलब्धता पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. आईपीएल में भी चोट से जूझते रहे हार्दिक हार्दिक पांड्या को पैर में खिंचाव (लेग स्ट्रेन) की समस्या हुई है. इससे पहले आईपीएल 2026 के दौरान वह पीठ में ऐंठन (बैक स्पाज्म) के कारण मुंबई इंडियंस के 14 में से चार मुकाबले नहीं स्पोर्ट्स पाए थे. उनका प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था. मुंबई इंडियंस अंक तालिका में निचले आधे हिस्से में रही, जबकि हार्दिक ने 10 पारियों में 206 रन बनाए. इस दौरान उनका औसत 22.88 और स्ट्राइक रेट 138.25 रहा. गेंदबाजी में भी वह केवल चार विकेट ही हासिल कर सके. अफगानिस्तान सीरीज से भी हुए बाहर हार्दिक मौजूदा अफगानिस्तान के खिलाफ जारी तीन मैचों की वनडे सीरीज का भी हिस्सा नहीं हैं. सूत्रों के अनुसार, अफगानिस्तान सीरीज से पहले उन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) द्वारा फिट घोषित कर दिया गया था और उन्होंने रवाना होने से दो दिन पहले अपनी फिटनेस रिपोर्ट भी बीसीसीआई को सौंप दी थी. हालांकि, अंतिम ट्रेनिंग सत्र के बाद उनकी फिटनेस को लेकर फिर से समस्या सामने आई. वनडे टीम का ऐलान जल्द बीसीसीआई इंग्लैंड दौरे के लिए हिंदुस्तान की टी20 टीम की घोषणा कर चुका है, जबकि वनडे टीम का ऐलान जल्द किया जा सकता है. अब सभी की नजरें विराट कोहली की फिटनेस रिपोर्ट और वनडे टीम चयन पर टिकी हुई हैं. यह भी पढ़ें: ‘खाली बर्तन ही तो आवाज करते हैं…’ श्रीसंत की चुनौती के बाद हरभजन सिंह का करारा पलटवार; VIDEO The post टीम इंडिया की बढ़ी टेंशन, इंग्लैंड सीरीज से बाहर हुए हार्दिक पांड्या; विराट कोहली की फिटनेस पर भी सस्पेंस बरकरार appeared first on Naya Vichar.

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LPG KYC : 30 जून तक करा लें बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, वरना रुक जाएगा रसोई गैस का पैसा

LPG KYC : अगर आप भी घर में रसोई गैस (LPG) सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं और प्रशासन से मिलने वाली सब्सिडी का लाभ लेते हैं, तो यह समाचार आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. केंद्र प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपनी बायोमेट्रिक पहचान (अंगूठे या चेहरे का निशान देकर वेरिफिकेशन) की प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें मिलने वाली सब्सिडी 30 जून के बाद रोक दी जाएगी. यह नियम उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों समेत उन सभी सामान्य ग्राहकों पर लागू होगा जो सब्सिडी के हकदार हैं. तय तारीख चूकने पर होगा बड़ा नुकसान प्रशासन के नए नियमों के मुताबिक, जो लोग 30 जून की समय-सीमा (डेडलाइन) तक अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं करा पाएंगे, उनकी सब्सिडी पर तुरंत रोक लगा दी जाएगी. अगर कोई व्यक्ति इस आखिरी तारीख के बाद अपना वेरिफिकेशन कराता है, तो उसे सिर्फ आगे आने वाले सिलेंडरों पर ही सब्सिडी दी जाएगी. बीच के महीनों में (डेडलाइन बीतने और वेरिफिकेशन कराने के बीच का समय) उसने जितने भी सिलेंडर खरीदे होंगे, उन पर मिलने वाला सब्सिडी का पैसा हमेशा के लिए डूब जाएगा. यानी प्रशासन उस छूटे हुए समय का कोई भी पुराना भुगतान (एरियर) नहीं करेगी. राज्यों और तेल कंपनियों को सख्त निर्देश पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी ताजा सर्कुलर में इंडियन ऑयल, बीपीसीएल (BPCL) और एचपीसीएल (HPCL) जैसी प्रमुख तेल कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने कहा है कि वे उन सभी उपभोक्ताओं की सूची राज्य प्रशासनों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझा करें, जिन्हें राज्य प्रशासन की तरफ से भी अतिरिक्त सब्सिडी दी जाती है. गैस सप्लाई नहीं रुकेगी, लेकिन… प्रशासन ने नियमों में स्पष्ट किया है कि केवल बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन न होने की वजह से किसी भी ग्राहक की गैस सप्लाई (सिलेंडर की डिलीवरी) नहीं रोकी जानी चाहिए. हालांकि, ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक कुछ इलाकों में गैस डीलर्स अनौपचारिक रूप से ऐसे ग्राहकों की बुकिंग में देरी कर रहे हैं ताकि लोग जल्द से जल्द अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें. किसे कितना मिलता है फायदा? वर्तमान में प्रशासन की अलग-अलग योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभ इस प्रकार हैं: योजना / श्रेणी मिलने वाली सब्सिडी का लाभ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना प्रशासन प्रति सिलेंडर ₹300 की सीधी छूट देती है. अन्य पात्र घरेलू उपभोक्ता जिन लोगों ने सब्सिडी नहीं छोड़ी है, उनके बैंक खातों में एक तय छोटी राशि भेजी जाती है. तेलंगाना प्रशासन की विशेष योजना राज्य में पात्र परिवारों के लिए गैस सिलेंडर की कीमत ₹500 तय की गई है, बाकी का खर्च राज्य प्रशासन उठाती है. Also Read : 8th Pay Commission : रेलवे कर्मचारियों की मांग, पे-लेवल के हिसाब से अलग-अलग हो ‘फिटमेंट फैक्टर’; देखें संभावित सैलरी लिस्ट The post LPG KYC : 30 जून तक करा लें बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, वरना रुक जाएगा रसोई गैस का पैसा appeared first on Naya Vichar.

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राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने रायरंगपुर में किया 47,600 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ

रायरंगपुर से राजेश की रिपोर्ट Two Years Of Odisha Government: ओडिशा प्रशासन के दो साल पूरे होने के अवसर पर शनिवार को मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में आयोजित ‘विकास रा धारा, ओडिशा सारा’ कार्यक्रम ऐतिहासिक बन गया. इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक साथ मंच पर मौजूद रहे और राज्य के विकास से जुड़ी 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. कार्यक्रम में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति और कई केंद्रीय व राज्य स्तरीय नेता भी उपस्थित रहे. एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर ओडिशा पहुंचे. हिंदुस्तानीय वायु सेना के एमआई-17 हेलिकॉप्टर से वह पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा वायु सेना अड्डे से मयूरभंज जिले के पहाड़पुर हेलीपैड पहुंचे. वहां राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और अन्य गणमान्य लोगों ने उनका स्वागत किया. इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ पहाड़पुर गांव पहुंचे. यह गांव राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ससुराल है. इस दौरान राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ने यहां विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. इसे एक दुर्लभ अवसर माना जा रहा है, क्योंकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहाड़पुर में एक साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लिया. पवित्र उपवन संथाली जाहेरा और हो जाहेरा में की पूजा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहाड़पुर स्थित पवित्र उपवन संथाली जाहेरा और हो जाहेरा का भी दौरा किया. दोनों नेताओं ने यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की और प्रार्थना की. इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने वहां लगाए गए पौधों का भी अवलोकन किया. आदिवासी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े इस स्थल पर दोनों नेताओं की मौजूदगी को विशेष महत्व का माना जा रहा है. इससे आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने का संदेश भी गया. 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ रायरंगपुर में आयोजित ‘विकास रा धारा, ओडिशा सारा’ कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त रूप से 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया. इन परियोजनाओं में बुनियादी ढांचा, परिवहन, ऊर्जा, सिंचाई और अन्य विकास कार्यों से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं. इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और दोनों नेताओं का स्वागत किया. पीएम मोदी ने राष्ट्रपति को दी जन्मदिन की बधाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का ये अवसर इसलिए भी विशेष है कि मयूरभंज की धरती पर पली-बढ़ी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हमारे साथ यहां उपस्थित हैं. आज उनका जन्मदिन भी है. मैं उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं. ओडिशा की बेटी आज देश के इतने बड़े पद पर पहुंची है और हम सब का मार्गदर्शन कर रही है। ये हमारे लिए गर्व की बात है. पीएम मोदी ने बताई डबल इंजन प्रशासन की खासियत ओडिशा की जनता को डबल इंजन प्रशासन में विकास यात्रा की बधाई और शुभकामनाएं देता हूं. ओडिशा प्रशासन पिछले 2 सालों में इन सभी विभूतियों के सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात पुरुषार्थ कर रही है. डबल इंजन प्रशासन की डबल विशेषता ये है कि वो खुद जनता तक पहुंचती है. हमारा प्रयास है कि सामान्य नागरिक को किसी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें. मोहन चरण माझी ने गिनाईं प्रशासन की उपलब्धियां कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र प्रशासन ने अपने 12 वर्ष पूरे किए हैं और ये वर्ष देश के लिए बेमिसाल रहे हैं. उन्होंने कहा, “मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने अभूतपूर्व प्रगति की है. हमारी राज्य प्रशासन भी पिछले दो वर्षों से जनता के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि कम समय में ही राज्य प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं. उन्होंने स्त्रीओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई ‘सुभद्रा योजना’ और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लागू की गई ‘आयुष्मान योजना’ का विशेष रूप से उल्लेख किया. इसे भी पढ़ें: मोदी पर फिल्म बनी तो हीरो कहां से लाएगा हॉलीवुड? डोनाल्ड ट्रंप का दिलचस्प बयान विकास और आदिवासी संस्कृति के सम्मान का बना प्रतीक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और अधिक खास बना दिया. एक ओर जहां हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत हुई, वहीं दूसरी ओर आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को सम्मान देने का संदेश भी सामने आया. ओडिशा प्रशासन के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम विकास और सांस्कृतिक विरासत के समन्वय का प्रतीक बनकर उभरा. इसे भी पढ़ें: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर किया अटैक- वे इजरायल के अंधभक्त हैं, उन्हें सिर्फ मोदानी साम्राज्य की चिंता The post राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने रायरंगपुर में किया 47,600 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ appeared first on Naya Vichar.

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पार्टनर से कुछ समय की दूरी क्यों है जरूरी? Micro Privacy का नया ट्रेंड समझिए

Micro Privacy in Relationship: डिजिटल दौर में रिश्तों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. आज ज्यादातर कपल्स दिनभर चैट, कॉल और सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं. कई बार यह जुड़ाव इतना बढ़ जाता है कि पार्टनर एक-दूसरे की हर गतिविधि जानना चाहते हैं. फोन चेक करना, पासवर्ड शेयर करना या हर समय अपडेट मांगना कुछ लोगों के लिए सामान्य बात बन चुकी है. लेकिन क्या किसी रिश्ते में हर समय एक-दूसरे की जिंदगी में दखल देना सही है? यही सवाल ‘माइक्रो प्राइवेसी’ की जरूरत को सामने लाता है. क्या है माइक्रो प्राइवेसी? माइक्रो प्राइवेसी का मतलब है रिश्ते में रहते हुए भी अपनी एक छोटी-सी निजी दुनिया को बनाए रखना. इसमें अपने लिए समय निकालना, व्यक्तिगत रुचियों को महत्व देना और कुछ निजी भावनाओं या आदतों को अपने तक सीमित रखना शामिल है. इसका मतलब रिश्ते में दूरी बनाना नहीं, बल्कि संतुलन बनाए रखना है. रिश्ते में भरोसा मजबूत करती है किसी भी रिश्ते की नींव भरोसे पर टिकी होती है. जब पार्टनर एक-दूसरे को हर समय निगरानी में रखने की कोशिश करते हैं, तो असहजता और तनाव बढ़ सकता है. वहीं, जब दोनों एक-दूसरे को निजी स्पेस देते हैं, तो विश्वास अपने आप मजबूत होता है और रिश्ते में सहजता बनी रहती है. अपनी पहचान बनाए रखने में मददगार अक्सर लोग रिश्ते में आने के बाद अपनी पसंद, शौक और व्यक्तिगत रुचियों को पीछे छोड़ देते हैं. माइक्रो प्राइवेसी व्यक्ति को अपनी पहचान बनाए रखने का अवसर देती है. इससे वह अपने विकास पर भी ध्यान दे पाता है और आत्मविश्वास बढ़ता है. मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी लगातार किसी के साथ जुड़े रहने और हर बात साझा करने का दबाव मानसिक थकान पैदा कर सकता है. अपने लिए थोड़ा समय निकालना व्यक्ति को मानसिक रूप से तरोताजा रखता है. इससे तनाव कम होता है और भावनाओं को बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलता है. कम होते हैं अनावश्यक विवाद जब रिश्ते में दोनों लोगों को अपनी-अपनी सीमाओं और स्पेस का सम्मान मिलता है, तो छोटी-छोटी बातों पर होने वाले झगड़े भी कम हो जाते हैं. इससे रिश्ते में संतुलन, सम्मान और समझ बढ़ती है, जो लंबे समय तक रिश्ते को मजबूत बनाए रखने में मदद करती है. रिश्ते में प्यार और साथ जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी एक-दूसरे की व्यक्तिगत सीमाओं का सम्मान करना भी है. माइक्रो प्राइवेसी इसी संतुलन को बनाए रखने का एक स्वस्थ तरीका है. यह भी पढ़ें: पत्नी से बार-बार हो रहा है झगड़ा? ये 4 छोटे बदलाव बचा सकते हैं आपका रिश्ता The post पार्टनर से कुछ समय की दूरी क्यों है जरूरी? Micro Privacy का नया ट्रेंड समझिए appeared first on Naya Vichar.

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90 साल की उम्र में दी परीक्षा, बेगूसराय के आचार्य सीताराम साहू ने पेश की मिसाल

90 Year Old Man In Exam centre: सीखने की कोई उम्र नहीं होती, इस बात को बिहार के बेगूसराय जिले के आचार्य सीताराम साहू ने साबित किया है. आचार्य सीताराम साहू 90 साल के है और उम्र के इस पड़ाव में उन्होंने जीडी कॉलेज में IGNOU की संस्कृत के श्रीमद्भागवत गीता अध्याय की परीक्षा में भाग लिया. शिक्षा और डिग्री पाने के प्रति उनके इस जुनून को देखकर लोग चौंक गए. बेगूसराय के रहने वाले आचार्य सीताराम साहू ने जीडी कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) की संस्कृत विषय से संबंधित ‘श्रीमद्भागवत गीता अध्याय’ की परीक्षा में हिस्सा लिया. परीक्षा केंद्र पर उन्हें देखकर छात्र, शिक्षक और अन्य लोग हैरान रह गए. शिक्षा के प्रति जुनून बना प्रेरणा 90 वर्ष की उम्र में परीक्षा देने पहुंचे आचार्य साहू का कहना है कि ज्ञान अर्जित करने की कोई सीमा नहीं होती. उनका मानना है कि व्यक्ति को जीवनभर सीखते रहना चाहिए. यही सोच उन्हें इस उम्र में भी पढ़ाई और परीक्षा देने के लिए प्रेरित करती है. युवाओं के लिए संदेश आचार्य सीताराम साहू की यह पहल युवाओं के लिए भी एक बड़ा संदेश है. अक्सर विद्यार्थी छोटी-छोटी कठिनाइयों के कारण पढ़ाई छोड़ने का विचार कर लेते हैं, लेकिन 90 वर्ष की उम्र में परीक्षा देने वाले आचार्य साहू यह बताते हैं कि यदि सीखने की इच्छा हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती. लोगों ने की सराहना परीक्षा केंद्र पर मौजूद लोगों ने आचार्य साहू के जज्बे की जमकर सराहना की. उनका कहना है कि शिक्षा के प्रति ऐसा समर्पण समाज के लिए प्रेरणादायक है. आचार्य साहू की यह कहानी साबित करती है कि सीखने और आगे बढ़ने की कोई निर्धारित उम्र नहीं होती. यह भी पढ़ें- सिर्फ BA English के दम पर Amazon में जॉब, Influencer ने बताया पूरा रोडमैप The post 90 साल की उम्र में दी परीक्षा, बेगूसराय के आचार्य सीताराम साहू ने पेश की मिसाल appeared first on Naya Vichar.

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गुमला में बारात से लौट रही कार पेड़ से टकराई, दूल्हे के पिता समेत दो की मौत

गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट  Gumla Accident News : गुमला के पालकोट थाना क्षेत्र अंतर्गत काली मंदिर के पास शनिवार की सुबह भीषण सड़क हादसा हुआ. हादसे में दूल्हे के पिता समेत दो लोगों की मौत हो गई. जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए. दुर्घटना उस समय हुई जब बारात से लौट रही एक ब्रेजा कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई. मृतकों में दूल्हे के पिता कलेश्वर साहू और रिश्तेदार दीनबन्धु साहू है. इसमें मृतक कलेश्वर साहू घाघरा प्रखंड के पंचायत सेवक हैं.  कैसे हुई घटना ? जानकारी के अनुसार बसिया प्रखंड के लोंगा गांव से गुरुवार की रात बारात कुम्हारी गांव गई थी. शनिवार की सुबह करीब 6 बजे से 7 बजे के बीच बारात लौटने के दौरान पालकोट प्रखंड के काली मंदिर के पास चालक को झपकी आ गई. जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई. एक घायल की इलाज के दौरान मौत, चार घायल हादसा इतना भीषण था कि वाहन चला रहे कलेश्वर साहू (लोंगा, बसिया निवासी) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. दुर्घटना में दीनबंधु साहू (सिल्ली, बसिया) गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया था, लेकिन भरनो के पास रास्ते में ही उनकी मौत हो गई. वहीं बालमुकुंद साहू (75 वर्ष, लोंगा), मनोज ठाकुर (55 वर्ष, कलिंगा), रामदरस पांडेय (53 वर्ष, लोंगा) और संदीप साहू (28 वर्ष, मकुंदा नरकोपी) घायल हैं. घायलों का इलाज जारी, पुलिस जांच में जुटी सभी घायलों का इलाज सदर अस्पताल गुमला में चल रहा है. घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पालकोट पहुंचाया गया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को अपने कब्जे में ले लिया. पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है. इधर घर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया. यह भी पढ़ें: नया विचार प्रतिभा सम्मान: जमशेदपुर के टॉपर्स के बीच पहुंचे प्रशासनिक दिग्गज, DC ने दिया सफलता का मंत्र यह भी पढ़ें: Bokaro: विवाहिता की मौत के बाद हंगामा, मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर लगाया हत्या का आरोप The post गुमला में बारात से लौट रही कार पेड़ से टकराई, दूल्हे के पिता समेत दो की मौत appeared first on Naya Vichar.

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पटना में नीट परीक्षा से पहले ट्रैफिक बदलाव, इन रास्तों पर वाहनों की एंट्री बैन, जानिए वैकल्पिक रूट

पटना से नितिश सिंह की रिपोर्टPatna NEET Exam: पटना नीट परीक्षा के दौरान कुम्हरार बापू परीक्षा केंद्र की ओर किसी भी व्यावसायिक वाहन जैसे ई-रिक्शा, टेंपो, पिकअप और बस के जाने पर रोक रहेगी. यह व्यवस्था परीक्षा के दिन सुबह से लेकर परीक्षा समाप्ति तक लागू रहेगी. निजी वाहन और बाइक को अनुमति प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निजी वाहन और बाइक को परीक्षा केंद्र तक जाने की अनुमति होगी. इससे परीक्षार्थियों को सुविधा मिलेगी और ट्रैफिक दबाव भी नियंत्रित रहेगा. धनुकी मोड़ पर उतारने होंगे परीक्षार्थी व्यावसायिक वाहनों से आने वाले परीक्षार्थियों को धनुकी मोड़ पर उतारा जाएगा. वहां से उन्हें परीक्षा केंद्र तक पैदल जाना होगा. यह व्यवस्था जाम की समस्या को रोकने के लिए लागू की गई है. वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई प्रशासन ने ऑटो, ई-रिक्शा और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट तय किए हैं. धनुकी मोड़, जीरो माइल, न्यू बाईपास, भूतनाथ रोड और ओल्ड बाईपास सहित कई मार्गों को ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है. भारी वाहनों के लिए भी रूट डायवर्जन करबिगहिया, मोइनुल हक स्टेडियम और जीपीओ-चिरैयाटांड़ क्षेत्र से आने वाले भारी वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं ताकि परीक्षा के दौरान ट्रैफिक बाधित न हो. ट्रायल निरीक्षण के दौरान सख्ती के निर्देश शनिवार को सिटी एसपी परिचय कुमार ने परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर ट्रायल व्यवस्था का निरीक्षण किया. उन्होंने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए. पुलिस ने की सहयोग की अपील पटना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने परीक्षार्थियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे बदले हुए रूट प्लान को ध्यान में रखकर ही घर से निकलें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें. ALSO READ: पटना के नौबतपुर गैंगरेप कांड में मेडिकल जांच पूरी, मुख्य आरोपी समेत दर्जनभर फरार The post पटना में नीट परीक्षा से पहले ट्रैफिक बदलाव, इन रास्तों पर वाहनों की एंट्री बैन, जानिए वैकल्पिक रूट appeared first on Naya Vichar.

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साहिबगंज में प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन, 400 से अधिक छात्र हुए सम्मानित

साहिबगंज से सानू दत्ता की रिपोर्ट  Naya Vichar Pratibha Samman 2026: नया विचार द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह शनिवार को साहेबगंज में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया. समारोह में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 400 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक शामिल हुए. छात्रों का सुबह से ही पहुंचना शुरू नया विचार प्रतिभा सम्मान समारोह को लेकर सुबह से ही छात्रों का पहुंचना शुरू हो गया था. बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पहले से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके थे. वहीं जिन विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था, वे स्थल पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण कर रहे थे.  कार्यक्रम में आए हुए छात्र और अभिभावक अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त सतीश चंद्र, सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान, आरडीडीई दुर्गानंद झा, एसडीओ अमर जॉन, जिला शिक्षा अधीक्षक कुमार हर्ष, नगर परिषद के विशेष पदाधिकारी अभिषेक कुमार, नया विचार के स्थानीय संपादक डॉ. आलोक कुमार तथा यूनिट मैनेजर देवाशीष ठाकुर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. अतिथियों ने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना बनाए रखने का संदेश दिया. मेधावी छात्रों का हुआ सम्मान मेधावी छात्रों का हुआ सम्मान उत्साह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम कार्यक्रम को लेकर छात्रों में खास उत्साह देखा जा रहा था. कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं थी, जिसने माहौल को और भी आकर्षक बना दिया.  स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां सम्मान से उत्साहित हुए छात्रों ने कहा  साहिबगंज में नया विचार प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आगाज. एसपी अमित कुमार सिंह समेत गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जा रहा है.#Sahibganj #PratibhaSamman #PrabhatKhabarjharkhand pic.twitter.com/59VVSZ1o0U — Naya Vichar Jharkhand (@jharkhand_pk) June 20, 2026 सम्मानित होने के बाद छात्र-छात्राओं ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि मंच पर जाने से पहले उन्हें थोड़ी घबराहट महसूस हो रही थी, लेकिन सम्मान प्राप्त करने का उत्साह उससे कहीं अधिक था. विद्यार्थियों ने कहा कि जिले के वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य अतिथियों के हाथों सम्मानित होना उनके लिए गर्व का क्षण है. उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा. छात्रों ने बताया कि उनकी मेहनत को मिली यह पहचान उन्हें भविष्य में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का हौसला देगी. साथ ही वे अपनी उपलब्धियों से माता-पिता, शिक्षकों और जिले का नाम रोशन करने का प्रयास करते रहेंगे. कार्यक्रम का संचालन नया विचार के चीफ रिपोर्टर संजीत मंडल ने किया. अंत में सभी ने प्रेरणादायक गीत “हम होंगे कामयाब” के साथ समारोह का समापन किया. यह भी पढ़ें: नया विचार प्रतिभा सम्मान: जमशेदपुर के टॉपर्स के बीच पहुंचे प्रशासनिक दिग्गज, DC ने दिया सफलता का मंत्र यह भी पढ़ें: Bokaro: विवाहिता की मौत के बाद हंगामा, मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर लगाया हत्या का आरोप The post साहिबगंज में नया विचार प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन, 400 से अधिक छात्र हुए सम्मानित appeared first on Naya Vichar.

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