Hot News

June 29, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

क्या सच में अलग हो रहे हैं आकांक्षा चमोला और गौरव खन्ना? राखी सावंत ने एक शब्द में दिया रिएक्शन

नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो ‘लॉक अप सीजन 2’ के प्रीमियर पर आकांक्षा चमोला ने सबको चौंका दिया. उन्होंने अपने पति और एक्टर गौरव खन्ना से तलाक की बात कही. आकांक्षा ने कहा कि वह और गौरव पिछले एक साल से अलग रह रहे हैं और अब दोनों ने अलग होने का फैसला कर लिया है. उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके बीच कोई बड़ी लड़ाई नहीं है. इस बीच राखी सावंत ने एक्ट्रेस की बातों पर रिएक्ट किया है. Rakhi Sawant Reaction: राखी सावंत का रिएक्शन वायरल इस पूरे मामले पर राखी सावंत ने भी रिएक्शन दिया है. उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पर कमेंट करते हुए सिर्फ एक शब्द लिखा – “झूठी.” साथ में हंसने वाला इमोजी भी लगाया. What Akanksha Chamola Said: आकांक्षा चमोला ने क्या कहा? आकांक्षा ने शो में कहा, “मैं और गौरव तलाक ले रहे हैं. हम पिछले एक साल से अलग रह रहे हैं और यह बात पहले सार्वजनिक नहीं थी.” उन्होंने आगे बताया कि दोनों के बीच अब भी बातचीत होती है, लेकिन दोनों को लगता है कि उनकी जिंदगी की दिशा अलग है और साथ रहना संभव नहीं है. View this post on Instagram A post shared by Gaurav Khanna (@gauravkhannaofficial) गौरव खन्ना ने नहीं दिया कोई बयान इस मामले पर गौरव खन्ना की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. फिलहाल वह ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आ रहे हैं. पहले भी उठ चुकी थीं रिश्ते पर अफवाहें आकांक्षा चमोला पहले भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में रही थी. उन्होंने एकपोस्ट शेयर किया था, जिसका मतलब था कि “जहां रिश्ता जरूरतों पर आधारित होता है, वहां दिल हमेशा टूटता है.” बाद में उन्होंने साफ किया था कि वह पोस्ट उनके शो के प्रमोशन का हिस्सा था और इसका गौरव खन्ना से कोई लेना-देना नहीं था. View this post on Instagram A post shared by Akanksha Chamola (@akankshagkhanna) आकांक्षा और गौरव की शादी आकांक्षा चमोला और गौरव खन्ना ने साल 2016 में शादी की थी. दोनों की मुलाकात एक ऑडिशन के दौरान हुई थी और वहीं से उनकी लव स्टोरी शुरू हुई थी. यह भी पढ़ें– ‘लॉक अप’ में तलाक का खुलासा कर सुर्खियों में आई आकांक्षा चमोला, नहीं जानते तो जानिए गौरव खन्ना की पत्नी कौन हैं यह भी पढ़ें– गौरव और मैं तलाक ले रहे… ‘अनुपमा’ के ‘अनुज’ की टूटी शादी, पत्नी आकांक्षा बोलीं- कपल जैसा फील नहीं होता The post क्या सच में अलग हो रहे हैं आकांक्षा चमोला और गौरव खन्ना? राखी सावंत ने एक शब्द में दिया रिएक्शन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिना CUET के पाएं दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन, लड़कियों को खास फायदा

DU Admission Without CUET UG: दिल्ली यूनिवर्सिटी में कुछ ऐसे कोर्स भी हैं, जिनके लिए CUET UG स्कोर की जरूरत नहीं पड़ती. दिल्ली यूनिवर्सिटी के इन कोर्सेज में 12वीं के आधार पर एडमिशन मिलता है यानी मेरिट के आधार पर एंट्री. अगर आपका भी CUET एग्जाम क्रैक नहीं हुआ है या आप इस बार किसी कारण से ये एंट्रेंस एग्जाम नहीं दे पाए थे लेकिन DU में एडमिशन लेना चाहते हैं तो ये समाचार आपके काम की है. यहां हम आपको बताएंगे कि सीयूईटी यूजी के बिना दिल्ली यूनिवर्सिटी में कैसे एडमिशन ले सकते हैं. स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में ले सकते हैं एडमिशन अगर किसी कारणवश आप दिल्ली यूनिवर्सिटी के रेगुलर कॉलेज में एडमिशन नहीं ले पाए हैं, तो दिल्ली यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (DU SOL) एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. यहां प्रवेश के लिए CUET या किसी अन्य प्रवेश परीक्षा की जरूरत नहीं होती. 12वीं पास छात्र सीधे आवेदन कर सकते हैं. SOL में बीए (ऑनर्स), बीकॉम (ऑनर्स), बीबीए और बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (BMS) समेत कई लोकप्रिय कोर्स उपलब्ध हैं. खास बात यह है कि DU SOL की डिग्री भी दिल्ली यूनिवर्सिटी की रेगुलर डिग्री के समान मान्य होती है. छात्राएं NCWEB के जरिए ले सकती हैं एडमिशन छात्राओं के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) का नॉन-कॉलेजिएट स्त्री शिक्षा बोर्ड (NCWEB) बेहद शानदार ऑप्शन है. दिल्ली में रहने वाली छात्राएं सीयूईटी दिए बिना 12वीं के बेस्ट फोर सब्जेक्ट्स के मार्क्स के आधार पर यहां एडमिशन ले सकती हैं. NCWEB हर साल कटऑफ लिस्ट जारी करता है. इसमें केवल शनिवार और रविवार को डीयू के रेगुलर कॉलेज (जैसे हंसराज, मिरांडा हाउस) में ही क्लासेज लगती हैं. यहां से छात्राएं BA और BCom जैसे कोर्स में एडमिशन ले सकती हैं. DU NCWEB Admission 2026 Details Check Here DU NCWEB के लिए मास्टर्स कोर्स की लिस्ट शॉर्ट टर्म और फॉरेन लैंग्वेज कोर्स का ऑप्शन दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई नामी कॉलेज (जैसे सेंट स्टीफंस, रामजस, हंसराज और दौलत राम कॉलेज) हर साल पार्ट टाइम और शॉर्ट टर्म सर्टिफिकेट कोर्स (Short Term Course) निकालते हैं. इनमें जर्मन, फ्रेंच, स्पेनिश, चाइनीज जैसी विदेशी भाषाओं और डेटा साइंस या डिजिटल मार्केटिंग जैसे प्रोफेशनल कोर्स शामिल हैं. इनमें एडमिशन के लिए CUET स्कोर की जरूरत नहीं होती. कॉलेज 12वीं के नंबरों के आधार पर मेरिट लिस्ट निकालते हैं. रेगुलर डिग्री के साथ या अलग से ये कोर्स करियर को मजबूत बूस्ट दे सकते हैं. कैसे मिलता है दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन? आमतौर पर दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन CUET UG Score के आधार पर मिलता है. CUET UG रिजल्ट आने के बाद कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS UG 2026) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर लें. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है. इसके लिए छात्रों को ugadmission.uod.ac.in पर जाना होगा. होम पेज पर Bulletin of Information की एक पीडीएफ में आपको डिटेल जानकारी मिल जाएगी. यह भी पढ़ें- दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन पाने के लिए दौड़-भाग शुरू, इस तरह करें रजिस्ट्रेशन The post बिना CUET के पाएं दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन, लड़कियों को खास फायदा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

क्या IPL ने बिगाड़ दी है भारतीय बल्लेबाजों की तकनीक? अश्विन ने किया चौंकाने वाला खुलासा

Ravichandran Ashwin: अश्विन ने कहा कि आईपीएल में रन बनाना और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विदेशी परिस्थितियों में सफल होना दो बिल्कुल अलग बातें हैं. अश्विन ने अपने विश्लेषण में कहा कि हर विकेट आईपीएल की विकेट नहीं होती. उनका मानना है कि हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों ने बेलफास्ट की तेज और सीम मूवमेंट वाली पिचों के अनुसार अपनी बल्लेबाजी में बदलाव नहीं किया, जिसका खामियाजा पूरी टीम को भुगतना पड़ा. Ashwin on India’s defeat against Ireland. – Indian players are accustomed to playing on the ’24-carat’ flat wickets of the IPL, whenever they face tough conditions at the international level, they will struggle significantly. pic.twitter.com/gtGalvmmqs — Indian Cricket 🏏 (@navshar54008403) June 28, 2026 विदेशी परिस्थितियों में नहीं दिखा अनुभव अश्विन ने कहा कि आईपीएल में अधिकतर बल्लेबाजी के अनुकूल पिचें मिलती हैं, जहां खिलाड़ी खुलकर शॉट स्पोर्ट्सते हैं. लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हर देश की परिस्थितियां अलग होती हैं. ऐसे में बल्लेबाजों को धैर्य, तकनीक और मैच की परिस्थितियों के अनुसार स्पोर्ट्सना पड़ता है. उनके अनुसार आयरलैंड के गेंदबाजों ने सीम और स्विंग का बेहतरीन इस्तेमाल किया, जबकि हिंदुस्तानीय बल्लेबाज लगातार बड़े शॉट स्पोर्ट्सने की कोशिश में विकेट गंवाते रहे. आईपीएल प्रदर्शन से नहीं मिलती सफलता की गारंटी अश्विन ने संकेत दिया कि केवल आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल मान लेना सही नहीं है. उन्होंने कहा कि विदेशी परिस्थितियों में तकनीकी मजबूती और परिस्थितियों को समझने की क्षमता कहीं अधिक महत्वपूर्ण होती है. उन्होंने इस हार को युवा खिलाड़ियों के लिए सीख बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार सफल रहने के लिए हर तरह की पिचों पर खुद को साबित करना होगा. हिंदुस्तान के लिए ऐतिहासिक झटका आयररलैंड ने दो मैचों की टी20 सीरीज 2-0 से जीतकर इतिहास रच दिया. यह पहली बार है जब हिंदुस्तान को आयरलैंड के खिलाफ किसी द्विपक्षीय टी20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा. दूसरे मुकाबले में हिंदुस्तान 155 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 153 रन ही बना सका और एक रन से मैच हार गया. इसके साथ ही हिंदुस्तान की लगातार टी20 द्विपक्षीय सीरीज में अजेय रहने की लंबी श्रृंखला भी समाप्त हो गई. अश्विन ने युवा खिलाड़ियों को दी सलाह अश्विन का मानना है कि इस हार को केवल एक खराब दिन मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उनके अनुसार टीम इंडिया और खासकर युवा बल्लेबाजों को यह समझना होगा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता का रास्ता परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने से होकर गुजरता है. आईपीएल की सफलता उपयोगी जरूर है, लेकिन विदेशी पिचों पर संयम, तकनीक और मैच जागरूकता ही असली पहचान बनाती है. इसे भी पढ़े- सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आइसलैंड क्रिकेट का पोस्ट, गौतम गंभीर को लेकर कही ये बड़ी बात The post क्या IPL ने बिगाड़ दी है हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों की तकनीक? अश्विन ने किया चौंकाने वाला खुलासा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सांसद नीतीश कुमार अचानक बॉडीगार्ड्स के साथ पहुंचे JDU ऑफिस, जानिए पूरा मामला

Nitish Kumar: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद नीतीश कुमार सुरक्षाकर्मियों के साथ अचानक जेडीयू ऑफिस पहुंचे. कई बार देखा गया है कि वे जेडीयू नेताओं के साथ ही ऑफिस पहुंचते हैं. लेकिन इस बार काफी समय बाद अकेले ही जेडीयू कार्यालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने ऑफिस में हो रहे कामकाज को घूम-घूमकर देखा. कुछ लोगों से बातें कीं और इसके बाद ऑफिस से निकल गए. इससे पहले भी अचानक ऑफिस पहुंचे थे सांसद यह पहली बार नहीं है जब इस तरह से नीतीश कुमार अचानक ही जेडीयू ऑफिस पहुंचे हो. बल्कि इससे पहले भी कई बार इस तरह का वाकया देखने के लिए मिला है. इस तरह से देखा गया कि नीतीश कुमार भले ही बिहार के मुख्यमंत्री अब नहीं रहे हो, लेकिन पार्टी से जुड़े कामकाज को लेकर वे लगातार एक्टिव हैं और देखरेख कर रहे हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें 21 जून को हुई बैठक में हुए थे शामिल इससे पहले 21 जून को नीतीश कुमार जेडीयू ऑफिस पहुंचे थे. यहां वे राष्ट्रीय परिषद की बैठक में शामिल हुए थे. जेडीयू की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में नीतीश कुमार को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई थी. बैठक को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा था, 2025 का जनादेश बिहार के विकास के लिए मिला है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि वे भले राज्यसभा चले गए हो लेकिन राज्य के विकास के लिए उनका मार्गदर्शन जारी रहेगा. आज ऑफिस में हो रहे कामकाज को देखा 21 जून को नीतीश कुमार के जेडीयू ऑफिस पहुंचने पर उन पर फूलों की बारिश की गई थी. पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का हुजूम इस दौरान उमड़ पड़ा था. साथ ही कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह भी देखा गया था. ऐसे में वह लगातार एक्शन मोड में हैं और आज उन्होंने जेडीयू ऑफिस में कैसे, क्या कुछ काम हो रहा, इसके बारे में जानकारी ली. Also Read: मुकेश सहनी को पुलिस ने किया ‘हाउस अरेस्ट’, VIP सुप्रीमो बोले- यह लोकतंत्र पर हमला The post सांसद नीतीश कुमार अचानक बॉडीगार्ड्स के साथ पहुंचे JDU ऑफिस, जानिए पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Anti-Social Activities Bill: पेश होगा ‘गुंडा निवारण बिल’, ‘समाजविरोधी’ कहे जायेंगे ये काम, पकड़े जाने पर मिलेगी सजा

मुख्य बातें आज पेश होगा बलात्कार विरोधी विधेयक बंगाल की पवित्र भूमि पर कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं किसे कहा जायेगा असामाजिक गतिविधि ‘गुंडे’ किसे समझा जाना चाहिए कैसे काम करेगा यह विधेयक सजा से संबंधित नियम Anti-Social Activities Bill: कोलकाता : शुभेंदु अधिकारी प्रशासन असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कानून लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. सोमवार को विधानसभा में गैंगस्टर विरोधी विधेयक पेश किया जा रहा है. इसका उद्देश्य सुरक्षा बढ़ाना, शांति और व्यवस्था बनाए रखना है. गुजरात और उत्तर प्रदेश के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी भाजपा प्रशासन असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कानून लाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है. विधेयक में समाज के लिए खतरनाक और हिंसक व्यक्ति को भी गुंडा के रूप में उल्लेख किया गया है. आज पेश होगा बलात्कार विरोधी विधेयक इस विधेयक के साथ ही, सोमवार को ‘पश्चिम बंगाल लोक व्यवस्था रखरखाव अधिनियम, 1972’ में संशोधन विधेयक भी पेश किया जाएगा. अब इसका नाम ‘पश्चिम बंगाल जन सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक, 2026’ होगा. इसका उद्देश्य सुरक्षा बढ़ाना, शांति और व्यवस्था बनाए रखना और असामाजिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से रोकना और नियंत्रित करना है. बंगाल की पवित्र भूमि पर कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं सत्ता में आने के बाद, शुभेंदु अधिकारी ने संकेत दिया है कि असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कानून लाए जाएंगे. उन्होंने कहा- गुंडों का दमन किया जाएगा. हम गुंडों की संपत्तियां भी जब्त करेंगे. ऋषि अरबिंदो और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमि पर कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं की जाएगी. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भूमि पर कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं की जाएगी. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें किसे कहा जायेगा असामाजिक गतिविधि जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से…आम जनता या उनके किसी वर्ग में दहशत, खतरा, भय या असुरक्षा पैदा करती हैं या पैदा करने की संभावना रखती हैं. मानव जीवन, व्यक्ति या संपत्ति को गंभीर खतरा पैदा करती हैं. व्यवस्था या शांति भंग करती हैं. किसी भी अधिकार या वैध व्यवसाय, व्यापार, पेशे या आजीविका में बाधा उत्पन्न करती हैं. किसी को भी अचल या चल संपत्ति से अवैध रूप से बेदखल करती हैं. सार्वजनिक या निजी संपत्ति को महत्वपूर्ण नुकसान पहुंचाती हैं या खनन, उत्खनन, रेत निष्कर्षण, वन संसाधनों या वन्यजीवों से संबंधित कोई भी अवैध गतिविधि करती हैं, जिससे प्रशासनी खजाने को भारी नुकसान होता है. ‘गुंडे’ किसे समझा जाना चाहिए ऐसा व्यक्ति जो स्वयं या किसी दल, गिरोह या सिंडिकेट के सदस्य या नेता के रूप में नियमित रूप से असामाजिक गतिविधियों को अंजाम देता है, अंजाम देने का प्रयास करता है, उकसाता है, बढ़ावा देता है, वित्तपोषण करता है या उनमें सहायता करता है. ऐसा व्यक्ति जिस पर हिंदुस्तानीय दंड संहिता, 2023 की धारा 111 या 112 के तहत दंडनीय अपराध का आरोप है. ऐसा व्यक्ति जो शस्त्र अधिनियम, 1959, मादक पदार्थ अधिनियम, 1985, अनैतिक तस्करी (रोकथाम) अधिनियम, 1956 या विस्फोटक अधिनियम, 1908 के तहत दंडनीय अपराध को अंजाम देता है, अंजाम देने का प्रयास करता है, उसमें सहायता करता है, उसे बढ़ावा देता है या उसका वित्तपोषण करता है. कैसे काम करेगा यह विधेयक किसी संदिग्ध को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस अधीक्षक या उनके रैंक के किसी अधिकारी की रिपोर्ट आवश्यक होगी. उस रिपोर्ट के आधार पर राज्य प्रशासन गिरफ्तारी का आदेश दे सकती है. यदि किसी व्यक्ति को पिछले 7 वर्षों में कम से कम एक बार किसी अपराध के लिए अदालत में दोषी ठहराया गया हो, या उस पर कम से कम 3 अलग-अलग मामलों में आरोप लगाया गया हो, जो एक ही घटना से संबंधित न हों, तो उसे भी गिरफ्तार किया जा सकता है. यदि मुख्य पुलिस अधिकारी या मुख्यमंत्री गिरफ्तारी का आदेश देते हैं, तो आरोपी व्यक्ति के खिलाफ सबूत तुरंत राज्य के उप प्रशासनी अधिकारी को सूचित किए जाने चाहिए. सलाहकार बोर्ड दस्तावेजों की समीक्षा करेगा और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त जानकारी भी मांग सकता है. यदि बंदी चाहे या बोर्ड आवश्यक समझे, तो उसका बयान भी सुना जाएगा. इस कानून के तहत, अपराधों को सीधे गिरफ्तारी योग्य और गैर-जमानती माना जाएगा. सजा से संबंधित नियम आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को 3 वर्ष तक की कैद और जुर्माना हो सकता है. हिरासत में लिए गए या क्षेत्र छोड़ने का आदेश प्राप्त व्यक्ति को शरण देने या छिपाने वाले किसी भी व्यक्ति को 2 वर्ष तक की कैद और जुर्माना हो सकता है. Also Read: भ्रष्ट लोग जेल जाने के डर से छोड़ रहे तृणमूल, कल्याण बनर्जी का बागी नेताओं पर हमला The post Anti-Social Activities Bill: पेश होगा ‘गुंडा निवारण बिल’, ‘समाजविरोधी’ कहे जायेंगे ये काम, पकड़े जाने पर मिलेगी सजा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राम मंदिर फंड विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने किया तत्काल सुनवाई से इनकार

अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे में कथित गड़बड़ी और पैसों के दुरुपयोग की जांच सीबीआई से कराने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया, रजिस्ट्री ने कहा है कि मामला कोर्ट की छुट्टियों के बाद ही सूचीबद्ध होगा. उन्होंने चिंता जताई कि तब तक मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वह रजिस्ट्री के समक्ष एक पत्र देकर मामले की तत्काल सुनवाई की जरूरत बताए. अदालत ने कहा कि ऐसा पत्र मिलने के बाद वह जल्द सुनवाई की मांग पर विचार कर सकती है. फिलहाल कोर्ट ने तत्काल कोई आदेश जारी नहीं किया है. Alleged Ram Mandir donation embezzlement case | The Supreme Court has advised the petitioner seeking a CBI probe into the alleged embezzlement of donations made to the Ayodhya Ram Mandir to submit a letter before the Courts’ registry mentioning the urgency for an urgent hearing… pic.twitter.com/45ohQoilTo — ANI (@ANI) June 29, 2026 The post राम मंदिर फंड विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने किया तत्काल सुनवाई से इनकार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

क्या मेसी को मैदान में किया गया ‘KISS’? वायरल वीडियो की सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे आप

Messi Viral Kiss Video: सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि फीफा वर्ल्ड कप के दौरान एक स्त्री प्रशंसक सुरक्षा घेरा तोड़कर मैदान में पहुंची और अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी के गाल पर किस कर लिया. हालांकि, फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह भ्रामक निकला. जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह वायरल वीडियो एआई (AI) की मदद से तैयार किया गया है, जिसमें कई दृश्य त्रुटियां (visual glitches) साफ तौर पर देखी जा सकती हैं. A dramatic scene unfolded at the ongoing FIFA World Cup as an excited fan breached security and ran onto the pitch just to hug Lionel Messi. The Argentine superstar appeared calm as security quickly intervened and escorted the fan away. pic.twitter.com/5nGSFnazoA — Dami’ Adenuga (@DAMIADENUGA) June 28, 2026 क्या है वायरल दावा सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि फीफा वर्ल्ड कप के दौरान अर्जेंटीना का मैच चल रहा था. वीडियो में एक स्त्री प्रशंसक सुरक्षा घेरा तोड़कर मैदान में पहुंचती है और सीधे लियोनेल मेसी के पास जाकर उन्हें किस कर देती है. इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मी मैदान में पहुंचते हैं और स्त्री को वहां से बाहर ले जाते हैं. वीडियो को इस दावे के साथ साझा किया जा रहा है कि यह घटना अर्जेंटीना और जॉर्डन के बीच स्पोर्ट्से गए फीफा वर्ल्ड कप मुकाबले के दौरान हुई थी. पड़ताल में क्या सामने आया वायरल वीडियो की पड़ताल में सामने आया कि यह किसी वास्तविक मैच का फुटेज नहीं, बल्कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से तैयार किया गया वीडियो है. इसकी सबसे बड़ी पहचान लियोनेल मेसी की जर्सी है, जिसमें एक ही वीडियो के दौरान जर्सी नंबर 20 से बदलकर 10 हो जाता है. किसी आधिकारिक मैच में खिलाड़ी की जर्सी का नंबर इस तरह बदलना संभव नहीं है. इसके अलावा वीडियो में खिलाड़ियों की बॉडी मूवमेंट, दर्शकों की प्रतिक्रियाएं और सुरक्षा कर्मियों की गतिविधियां भी कई जगह अस्वाभाविक और असंगत दिखाई देती हैं, जो AI-जनरेटेड कंटेंट की ओर इशारा करती हैं. मैदान में घुसने की घटना का कोई रिकॉर्ड नहीं वायरल वीडियो में किए गए दावे की पुष्टि किसी भी आधिकारिक या विश्वसनीय स्रोत से नहीं होती. अर्जेंटीना और जॉर्डन के मैच के दौरान किसी प्रशंसक के सुरक्षा घेरा तोड़कर मैदान में पहुंचने या लियोनेल मेसी को गले लगाने की घटना का कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है. इसके अलावा, इस कथित घटना से जुड़ा कोई स्वतंत्र वीडियो, फोटो या आधिकारिक बयान भी सामने नहीं आया, जिससे स्पष्ट होता है कि वायरल दावा वास्तविक नहीं है. एआई कंटेंट की पहचान कैसे करें आजकल एआई (AI) तकनीक से तैयार वीडियो इतने वास्तविक लगते हैं कि उनमें फर्क करना मुश्किल हो गया है. इसलिए, किसी भी वायरल वीडियो पर आँख मूंदकर विश्वास करने के बजाय उसके स्रोत की जाँच करें, आधिकारिक पुष्टि देखें और वीडियो में दिख रही किसी भी अजीब या असामान्य गतिविधि पर ध्यान ज़रूर दें. जर्सी नंबर में हेरफेर वायरल वीडियो की सबसे बड़ी तकनीकी गड़बड़ी लियोनेल मेसी की जर्सी है. वीडियो में मेसी की जर्सी का नंबर अचानक ’20’ से ’10’ में बदलते हुए दिखाई देता है, जो यह साबित करता है कि इसे AI के जरिए ‘मॉर्फ’ किया गया है. वास्तविक फुटेज में ऐसी तकनीकी गलतियां संभव नहीं हैं. इसे भी पढ़े- युवा फुटबॉल खिलाड़ी यिमवर्ट बेरोटेरान का भूकंप में दर्दनाक निधन, 18 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा The post क्या मेसी को मैदान में किया गया ‘KISS’? वायरल वीडियो की सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे आप appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पुणे मर्डर : ‘बैठने का इशारा’ और सिया की सुरक्षा का प्लान, क्राइम सीन री-क्रिएशन में हुआ ये खुलासा

पुणे ग्रामीण पुलिस रविवार (28 जून) को सिया गोयल को लेकर लोहागढ़ किला पहुंची, जो अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की कथित हत्या की आरोपी है. हत्या के वक्त उसके साथ उसका प्रेमी भी मौजूद था. पुलिस ने 18 जून को हुई वारदात से पहले की पूरी घटनाओं को समझने के लिए क्राइम सीन री-क्रिएशन किया. कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार सुबह करीब 6:30 बजे शुरू हुआ क्राइम सीन री-क्रिएशन लगभग तीन घंटे तक चला. क्या सिया और चेतन के बीच कोई फिक्स ‘सिग्नल’ था? इस दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले. जांच में यह भी सामने आया कि 25 वर्षीय केतन अग्रवाल को कथित तौर पर खाई में धक्का देने से पहले सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी के बीच एक फिक्स ‘सिग्नल’ था, जिसकी जानकारी अब पुलिस जुटा रही है. पुलिस ने 20 वर्षीय सिया गोयल और 22 वर्षीय चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों ने मिलकर साजिश रची और पुणे के किले में केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देकर उसकी हत्या की. मामले की जांच जारी है और पुलिस साजिश से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है. क्राइम सीन री-क्रिएशन क्यों किया पुलिस ने? हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में पुणे ग्रामीण के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस संदीप सिंह गिल ने बताया कि आरोपी को लोहागढ़ किले ले जाकर पूरी घटना को दोबारा दोहराया गया. पुलिस ने उस रास्ते की जांच की, जहां से सभी गए थे. साथ ही, घटना के समय कौन कहां खड़ा था और वारदात किस तरह हुई, इसकी भी पुष्टि की गई. पुलिस ने यह क्राइम सीन री-क्रिएशन इसलिए किया ताकि केतन अग्रवाल की मौत से पहले की घटनाओं की सही तस्वीर सामने आ सके. साथ ही, यह भी पता लगाया जा सके कि वारदात कैसे हुई? इसमें आरोपियों की क्या भूमिका थी? पुलिस अब चेतन चौधरी को भी अलग से लोहागढ़ किले ले जाकर क्राइम सीन री-क्रिएशन कराएगी. सिया गोयल ने चेतन को किया इशारा क्राइम सीन री-क्रिएशन के दौरान केतन अग्रवाल की लंबाई और वजन के बराबर एक डमी का इस्तेमाल किया गया. जांच के दौरान सिया गोयल ने कथित तौर पर बताया कि उसने बैठकर चेतन चौधरी को इशारा दिया था. पुलिस के अनुसार, योजना के तहत सिया के बैठते ही चेतन को आगे बढ़कर अनजान केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देना था. जांच एजेंसियां इस कथित ‘सिग्नल’ को साजिश की अहम कड़ी मान रही हैं. यह भी पढ़ें : पुणे मर्डर : रास्ते में रुकी कैब, डिक्की खुली और बढ़ गया सस्पेंस; ड्राइवर ने बताई पूरी कहानी पुलिस जांच के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने पहले से एक सिग्नल तय कर रखा था. योजना के तहत सिया गोयल को या तो पानी पीने के बहाने बैठना था या फिर जूते के फीते बांधने का नाटक करना था. इसी हरकत को चेतन चौधरी के लिए इशारे के तौर पर इस्तेमाल किया जाना था, जिसके बाद उसे कथित तौर पर अगला कदम उठाना था. सिया गोयल का बैठना उसकी सुरक्षा की गारंटी थी? जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल का बैठना सिर्फ इशारा देने के लिए नहीं था, बल्कि उसकी अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखकर भी यह योजना बनाई गई थी. अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों को डर था कि अगर चेतन चौधरी केतन को धक्का दे और गिरते समय वह सिया को पकड़ने की कोशिश करे, तो सिया भी खाई में गिर सकती थी. इसलिए कथित तौर पर ऐसा सिग्नल चुना गया, जिससे वारदात के वक्त सिया केतन की पहुंच से दूर रहे. The post पुणे मर्डर : ‘बैठने का इशारा’ और सिया की सुरक्षा का प्लान, क्राइम सीन री-क्रिएशन में हुआ ये खुलासा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मुकेश सहनी को पुलिस ने किया ‘हाउस अरेस्ट’, VIP सुप्रीमो बोले- यह लोकतंत्र पर हमला

Mukesh Sahani House Arrest: विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के सुप्रीमो मुकेश सहनी से जुड़ी समाचार है. पुलिस ने उन्हें ‘हाउस अरेस्ट’ कर लिया है. साथ ही शाहजहांपुर जाने पर पाबंदी लगाने पर उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है. मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश प्रशासन और प्रशासन पर अन्य गंभीर आरोप भी लगाए हैं. मुकेश सहनी ने कहा, उन्हें शाहजहांपुर और अन्य जनपदों के प्रस्तावित दौरे से रोकना यह ‘अघोषित आपातकाल’ जैसी स्थिति को दर्शाता है. पुलिस अधीक्षक की तरफ से जारी लेटर में क्या निर्देश दिया गया? पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर के लेटर के आधार पर यह निर्देश दिया गया कि मुकेश सहनी के जनपद भ्रमण से ‘कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका’ है, जिसके चलते उन्हें लखनऊ में ही रोके जाने की बात कही गई है और उनके आवागमन पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. मुकेश सहनी ने यह भी लगाया आरोप इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वीआईपी प्रमुख ने कहा कि प्रशासन जनता के चुने हुए और जनहित में कार्य करने वाले नेताओं की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हो रहा है और प्रशासन असहमति की आवाजों से भयभीत है. बिहार की अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें मुकेश सहनी ने कहा, प्रशासन अब लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा रही है, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र पर हमला है. यदि किसी जनप्रतिनिधि को अपने कार्यक्रम में जाने से रोका जाता है तो यह स्पष्ट करता है कि प्रशासन चर्चा और संवाद से भाग रही है. हक और अधिकार की लड़ाई को रोकने की कोशिश का आरोप उन्होंने आगे कहा कि निषाद समाज के हक, अधिकार और आरक्षण की लड़ाई को रोकने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे आंदोलन कमजोर नहीं होगा. निषाद समाज अब जाग चुका है और अपने सम्मान और अधिकारों की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की कार्रवाई से जनता में असंतोष बढ़ेगा और पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी. Also Read: बिहार को जल्द मिलेगी 15 हजार करोड़ की सौगात, यहां होगा NH, बाइपास और पुलों का निर्माण The post मुकेश सहनी को पुलिस ने किया ‘हाउस अरेस्ट’, VIP सुप्रीमो बोले- यह लोकतंत्र पर हमला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पलामू: 10 दिन में एक ही परिवार के 5 लोगों की गई जान, ओझा का दिया भभूत खाने का शक

पलामू से चंद्रशेखर सिंह/ रामनरेश तिवारी की रिपोर्ट  Palamu Family Death Case : पलामू जिले के पड़वा प्रखंड के सिक्का गांव में अज्ञात बीमारी से कोहराम मचा हुआ है. रविवार की मध्य रात्रि के बाद मृतक कुलदीप महतो के रांची स्थित रिम्स में इलाजरत बेटे नकुल महतो उम्र करीब 20 वर्ष की भी मौत हो गई. परिवार में पांचवीं मौत है. मालूम हो कि शनिवार की देर रात रांची रिम्स में इलाजरत पुत्रवधू श्वेता देवी उम्र करीब 28 वर्ष की मौत हो गई थी. इस रहस्यमयी बीमारी से पीड़ित एक ही परिवार में यह पांचवीं मौत है. अधिकारियों ने परिवार के बाकी एक सदस्य मृतक कुलदीप महतो की पत्नी लाखो उर्फ लाखी देवी (52 वर्ष) रांची रिम्स में इलाज चल रहा है. अंधविश्वास के फेर में उजड़ रहा कुनबा इस दुखद घटना के पीछे अंधविश्वास का एक बड़ा पहलू सामने आया है. पिता कुलदीप महतो और बेटी बबीता कुमारी की मौत के बाद परिवार के अन्य बीमार सदस्य आधुनिक इलाज कराने के बजाय झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े थे. इसी ओझा-गुणी के फेर में आकर वे बार-बार डॉक्टरों को चकमा देकर अस्पताल से भाग रहे थे. समय पर सही इलाज न मिलने और झाड़-फूंक में वक्त बर्बाद होने के कारण बीमारी बढ़ती गई. जिसके चलते एक-एक कर चार लोगों की जान चली गई. गांव के लोगों ने बताया कि प्रभावित परिवार ओझा-गुनी पर विश्वास करता था. छह माह पहले परिवार के लोग एक सदस्य के बीमार पड़ने पर ओझा के पास गए थे. वहां उसने उनको भभूत दिया और कहा कि इसे खाने पर बीमारी ठीक हो जाएगी. इसके बाद उक्त परिवार के सदस्य बीमार होने पर घर में उपलब्ध सरसों तेल में भभूत मिलाकर खाते थे. कुलदीप महतो ने कुछ दिन पहले ही सरसों का तेल पेरवाया था. कुलदीप महतो का घर आखिर कौन सी बीमारी ले रही जान उठ रहे सवाल सिक्का गांव में एक के बाद एक चार मौतों से इलाके में दहशत है. पिता कुलदीप महतो की मौत 19 जून की मध्य रात्रि और बेटी बबीता कुमारी की 20 जून की सुबह करीब 8 बजे मौत हो गई थी. एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने और दोनों शवों का पोस्टमार्टम होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग बीमारी का स्पष्ट पता नहीं लगा पाया है. स्थानीय लोगों का सवाल है कि एक सप्ताह बाद भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्यों नहीं आई. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ श्रवण कुमार मेहता ने बताया कि काफी प्रयास के बाद पीड़ितों को रांची रिम्स भिजवाया गया है. वे इलाज से क्यों कतरा रहे हैं और अस्पताल से क्यों भाग रहे थे. यह प्रबंधन के समझ से परे है. एमएमसीएच में फोरेंसिक जांच की सुविधा नहीं इस रहस्यमयी बीमारी का पता न चल पाने की सबसे बड़ी वजह एमएमसीएच मेदिनीनगर में संसाधनों की कमी है. अस्पताल में फोरेंसिक जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है. यही कारण है कि मृतकों के सटीक कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है. स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों का कहना है कि फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा.  कब हुई किसकी मौत ?  19 जून को परिवार के मुखिया कुलदीप महतो की रात में अचानक मौत हो गई थी. 20 जून अगले ही दिन सुबह करीब आठ बजे बेटी बबीता कुमारी ने भी दम तोड़ दिया. 26 जून शुक्रवार की रात इलाज के दौरान नाबालिग बेटी इंदु कुमारी (16 वर्ष) की मौत हो गई थी. 27 जून शनिवार की देर शाम कुलदीप महतो की पुत्रवधू श्वेता देवी (28 वर्ष) की भी इलाज के दौरान मौत हो गई. 20 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीम गई थी सिक्का गांव  19 जून की मध्य रात्रि में कुलदीप महतो और 20 जून को सुबह बेटी बबीता कुमारी की मौत की सूचना के बाद से स्वास्थ्य विभाग की टीम सिक्का गांव गई थी. लेकिन मृतक के अन्य चार पीड़ित परिवार घर पर नहीं मिले थे. जिसे बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा चैनपुर से रेस्क्यू कर एमएमसीएच में भर्ती कराया गया था. लेकिन सभी पीड़ित सदस्य अस्पताल से भाग गए थे. ग्रामीणों के अनुसार कुलदीप महतो और बेटी बबीता कुमारी के दाह संस्कार में शामिल हुए थे. लेकिन इसके फिर गांव से भाग कर कहां चले गए इसका कोई पता नहीं चल पा रहा था. इसी बीच शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम को पता चला कि पीड़ित परिवार लेस्लीगंज के पूर्णाडीह में हैं. इसके बाद चारों पीड़ित परिवार को मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच में भर्ती कराया गया. जहां देर रात नाबालिक इंदु कुमारी की मौत हो गई. दूसरे दिन शनिवार की देर शाम श्वेता देवी की भी मौत हो गई. इसके बाद अन्य दो सदस्यों लाखो उर्फ लाखी देवी और नकुल महतो को रांची रिम्स पहुंचाया गया था. जहां इलाज के दौरान रविवार की मध्य रात्रि नकुल महतो भी दम तोड़ दिया. ये भी पढ़ें: साहिबगंज: राजमहल में भाइयों के बीच हुआ जमीन विवाद, मारपीट में बुजुर्ग की मौत ये भी पढ़ें: साहिबगंज सड़क हादसा: फरक्का से लौट रहे एक ही परिवार के 3 लोगों की ट्रेलर की चपेट में आने से मौत The post पलामू: 10 दिन में एक ही परिवार के 5 लोगों की गई जान, ओझा का दिया भभूत खाने का शक appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top