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July 2, 2026

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‘यूजरनेम’ फीचर पर सरकार का एक्शन: WhatsApp के बाद Telegram और Signal को भी भेजा नोटिस

Username Feature: प्रशासन ने Telegram और Signal से उनके ‘यूजरनेम’ फीचर और किसी और का रूप धरने (impersonation) व गलत इस्तेमाल से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी मांगी है. पूछा गया है कि ये मंच धोखाधड़ी और किसी और का रूप धारण करने से जुड़ी चिंताओं को कैसे दूर कर रहे हैं. टेलीग्राम और सिग्नल में पहले से ही ‘यूजरनेम फीचर’ मौजूद हैं. प्रशासन ने पूछा- यूजरनेम फीचर बनाए रखने की अनुमति क्यों दी जानी चाहिए? पीटीआई के अनुसार टेलीग्राम को भेजे गए नोटिस में प्रशासन ने मंच से पूछा है कि उसे ‘यूजरनेम फीचर’ बनाए रखने की अनुमति क्यों दी जानी चाहिए. Government widens scrutiny over ‘username’ feature. After issuing a notice to WhatsApp yesterday, the Ministry of Electronics and IT (MeitY) has now sent notices to Telegram and Signal as well. Both platforms have been asked to explain their ‘username’ feature and its safeguards… pic.twitter.com/JOxC1aD9Bu — ANI (@ANI) July 2, 2026 प्रशासन ने मेटा को जारी किया है नोटिस प्रशासन ने बुधवार को हिंदुस्तान में व्हाट्सऐप के ‘यूजरनेम फीचर’ को लेकर मेटा को नोटिस दिया. साथ ही चेतावनी दी कि जब तक इस मुद्दे पर बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस ‘फीचर’ को पेश नहीं किया जाए. व्हाट्सऐप को भेजे गए नोटिस में प्रशासन ने चिंता जताई थी कि प्रस्तावित ‘यूजरनेम फीचर’ से ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले बढ़ सकते हैं. मेटा को नोटिस भेजकर पूछा गया है कि व्हाट्सऐप के प्रस्तावित ‘फीचर’ को लेकर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और नियमों के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की जाए. व्हाट्सऐप ने यूजरनेम फीचर का किया बचाव व्हाट्सऐप ने एक बयान में इस फीचर का बचाव करते हुए कहा कि इसमें घोटाले और किसी और का रूप धारण करने जैसी घटनाओं को रोकने और उपयोगकर्ता की सुरक्षा के लिए पहले से ही सुरक्षा उपाय मौजूद हैं. हिंदुस्तान में व्हाट्सऐप के लगभग 50 करोड़ उपयोगकर्ता हैं. इस लिहाज से यह इस मंच के लिए एक अहम बाजार है. इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या यहां टेलीग्राम के मुकाबले कहीं ज्यादा है. ये भी पढ़ें: WhatsApp Username फीचर पर प्रशासन सख्त, कंपनी ने बताए नए सुरक्षा उपाय और एंटी-फ्रॉड सिस्टम The post ‘यूजरनेम’ फीचर पर प्रशासन का एक्शन: WhatsApp के बाद Telegram और Signal को भी भेजा नोटिस appeared first on Naya Vichar.

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चिराग ने अमित शाह को दी भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जानकारी, मुलाकात की तस्वीरें शेयर की

Amit Shah: भरत तिवारी एनकाउंटर और नालंदा जिले के राजगीर में हुई भीड़ द्वारा हत्या का मामला अब देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गया है. लोजपा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है. चिराग पासवान ने अमित शाह को राजगीर में पासवान समाज के दो युवकों की बेदर्दी से हुई हत्या और आरा में पुलिस द्वारा किए गए भरत तिवारी एनकाउंटर की पूरी जानकारी विस्तार से दी. चिराग पासवान ने गृह मंत्री से दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने और पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द सही न्याय दिलाने की अपील की है. भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर मचा है बवाल भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बिहार प्रशासन लगातार चौतरफा दबाव झेल रही है. बिहार पुलिस और राज्य के गृह विभाग की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. इस मामले में नया मोड़ तब आया जब बिहार प्रशासन के अपने ही मंत्री अशोक चौधरी ने पुलिस की कार्रवाई पर सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े कर दिए. उन्होंने यहां तक कह दिया कि जब खुद सीएम सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी के बेहतर इलाज के निर्देश दे दिए थे, तो फिर वहां एसटीएफ (STF) ने उनका एनकाउंटर क्यों और किन परिस्थितियों में किया. आज नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री आदरणीय श्री @AmitShah जी से भेंट कर बिहार के राजगीर में पासवान समाज के दो युवकों की निर्मम हत्या तथा आरा में पुलिस द्वारा भरत तिवारी की हत्या के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित… pic.twitter.com/w1O7BkcVJQ — युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) July 2, 2026 बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें तेजस्वी यादव क्या बोले राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार की एनडीए प्रशासन पर बहुत तीखा जुबानी हमला बोला है. तेजस्वी यादव ने इस केस के मुख्य आरोपी और जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा को पुलिस मुख्यालय से हटाकर नई जिम्मेदारी सौंपे जाने पर भी कड़ा ऐतराज जताया है. उन्होंने पर राज्य प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह इस पूरे संवेदनशील मामले में किसी भी तरह की ठोस कार्रवाई करने के बजाय केवल ऊपरी दिखावा और खानापूर्ति करने में लगी हुई है. पटना में तेजस्वी यादव ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी पुलिस अधिकारी को इतनी जल्दी नई और महत्वपूर्ण पोस्टिंग देना ही यह साबित करता है कि प्रशासन की नीयत साफ नहीं है. इसे भी पढ़ें: बिहार शिक्षा विभाग के अवर सचिव 20000 घूस लेते गिरफ्तार, पटना के गर्दनीबाग में SVU का एक्शन भरत तिवारी केस के आरोपी डीएसपी राजेश शर्मा को मिली नई पोस्टिंग, जानिए इनकी पूरी कहानी The post चिराग ने अमित शाह को दी भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जानकारी, मुलाकात की तस्वीरें शेयर की appeared first on Naya Vichar.

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नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कठोर कैद, गुमला अदालत ने सुनाई सख्त सजा

गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट Gumla News: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में गुमला की अदालत ने दोषी के खिलाफ कड़ा फैसला सुनाते हुए उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. एडीजे-4 संजीव भाटिया की अदालत ने मड़वा पानी निवासी कलिंदर उरांव को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई. अदालत ने सजा के साथ दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यदि दोषी निर्धारित जुर्माना राशि जमा नहीं करता है, तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा. घर में अकेली थी पीड़िता, आरोपी ने किया दुष्कर्म अभियोजन के अनुसार, घटना 29 नवंबर 2023 की है. उस दिन नाबालिग पीड़िता अपने घर में अकेली थी. इसी दौरान आरोपी कलिंदर उरांव उसके घर में घुस गया और जबरन दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. घटना के समय पीड़िता की मां घर पर मौजूद नहीं थीं. आरोपी ने इस स्थिति का फायदा उठाकर अपराध किया. मामले ने पूरे क्षेत्र में गंभीर चिंता पैदा कर दी थी. मां के पहुंचते ही मौके से फरार हुआ आरोपी घटना के दौरान जब पीड़िता की मां घर लौटीं तो उन्होंने देखा कि घर का दरवाजा अंदर से बंद है. उन्होंने दरवाजा खटखटाकर आवाज लगाई. इसके बाद आरोपी ने दरवाजा खोला और मौके से फरार हो गया. घटना के तुरंत बाद पीड़िता और उसके परिजनों ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी. परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. साक्ष्य और गवाहों के आधार पर दोषी करार पुलिस ने जांच के दौरान आवश्यक साक्ष्य जुटाए और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और अन्य साक्ष्यों के माध्यम से आरोपी के खिलाफ अपना पक्ष रखा. सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद एडीजे-4 संजीव भाटिया की अदालत ने कलिंदर उरांव को दोषी माना और उसके खिलाफ 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई. इसे भी पढ़ें: हिमांशु सिंह हत्याकांड के विरोध में शुक्रवार को जमशेदपुर बंद, भाजपा ने किया आह्वान अदालत का सख्त संदेश अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों पर सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है. न्यायालय ने दोषी को कठोर सजा और आर्थिक दंड देकर यह स्पष्ट संदेश दिया कि बच्चों के विरुद्ध होने वाले गंभीर अपराधों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस फैसले से पीड़िता के परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है, वहीं यह निर्णय समाज में ऐसे अपराधों के प्रति कड़ी कानूनी कार्रवाई का भी संकेत माना जा रहा है. इसे भी पढ़ें: गुमला में अब नहीं होगी ब्लड की कमी, सदर अस्पताल ब्लड सेंटर को मिला नया लाइसेंस The post नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कठोर कैद, गुमला अदालत ने सुनाई सख्त सजा appeared first on Naya Vichar.

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समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट की समीक्षा के लिए समिति गठन को शुभेंदु अधिकारी कैबिनेट की मंजूरी

West Bengal Cabinet: पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मसौदा विधेयक (ड्राफ्ट) की समीक्षा के लिए समिति के गठन को शुभेंदु अधिकारी प्रशासन की कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बृहस्पतिवार को कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों को यह जानकारी दी. जस्टिस रंजना देसाई की कमेटी 4 सप्ताह में देगी रिपोर्ट अग्निमित्रा पॉल ने कैबिनेट की बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि बंगाल के लिए यूसीसी विधेयक के मसौदे की समीक्षा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति को 4 सप्ताह का समय दिया गया है. The post समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट की समीक्षा के लिए समिति गठन को शुभेंदु अधिकारी कैबिनेट की मंजूरी appeared first on Naya Vichar.

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9 साल बाद श्रीलंका में टेस्ट खेलेगी टीम इंडिया; सीरीज की घोषणा, देखें शेड्यूल

India vs Sri Lanka Test Series: एसएलसी ने बताया- श्रीलंका और हिंदुस्तान के बीच दो टेस्ट मैच की शृंखला 15 से 27 अगस्त के बीच गॉल और कोलंबो में स्पोर्ट्सी जाएगी. यह सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है. 9 साल बाद श्रीलंका में टेस्ट सीरीज स्पोर्ट्सेगी टीम इंडिया श्रीलंकाई स्पिनर अपनी घरेलू पिच पर हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों के लिए एक और कड़ी चुनौती पेश करेंगे. हिंदुस्तान ने पिछली बार 2017 में टेस्ट शृंखला के लिए श्रीलंका का दौरा किया था जिसमें उसने 3-0 से जीत हासिल की थी. हिंदुस्तान-श्रीलंका टेस्ट सीरीज का शेड्यूल पहला टेस्ट: 15 अगस्त से गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा.दूसरा टेस्ट: 23 अगस्त से कोलंबो के एसएससी में होगा. Mark your calendars 🗓️ Presenting #TeamIndia‘s schedule for the two-match Test series against Sri Lanka, starting August 15 🙌#SLvIND pic.twitter.com/FoUEaUb3Qe — BCCI (@BCCI) July 2, 2026 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब अब तक नहीं जीत पाया हिंदुस्तान हिंदुस्तान दो बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचा है लेकिन कभी खिताब नहीं जीत पाया. हिंदुस्तानीय टीम अभी तालिका में पांचवें स्थान पर है जबकि श्रीलंका छठे स्थान पर है. नवंबर-दिसंबर में न्यूजीलैंड का दौरा करेगी टीम इंडिया हिंदुस्तान इस साल नवंबर-दिसंबर में दो मैच की टेस्ट शृंखला के लिए न्यूजीलैंड का दौरा भी करेगा. हिंदुस्तान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू शृंखला जीतने से पहले इंग्लैंड में 2-2 से ड्रॉ स्पोर्ट्सकर शुभमन गिल की कप्तानी के दौर की अच्छी शुरुआत की थी. हालांकि पिछले साल दक्षिण अफ्रीका ने हिंदुस्तान को उसी की सरजमीं पर बुरी तरह हराया था जिससे बल्लेबाजों की स्पिन स्पोर्ट्सने की क्षमता पर गंभीर सवाल उठे थे. ये भी पढ़ें: स्त्री टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होकर भी मालामाल होगी टीम इंडिया, जानें कितना मिलेगा इनाम The post 9 साल बाद श्रीलंका में टेस्ट स्पोर्ट्सेगी टीम इंडिया; सीरीज की घोषणा, देखें शेड्यूल appeared first on Naya Vichar.

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ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार, जानिए भारत से कौन-कौन होंगे शामिल

Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की राजकीय अंतिम संस्कार पर दुनिया भर से लोग ईरान आने वाले हैं. अंतिम विदाई समारोह में हिंदुस्तान से भी प्रतिनिधि शामिल होंगे. विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन खामेनेई के अंतिम संस्कार में हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व करेंगे. दोनों नेता 3 जुलाई को ईरान रवाना होंगे और अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. इसके अलावा पीडीपी सुप्रीमो महबूबा मुफ्ती, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद भी कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं. बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी को भी ईरान की ओर से निमंत्रण मिला है. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि नकवी ईरान जाएंगे या नहीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला था निमंत्रण ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण दिया था. लेकिन अपने व्यस्त शेड्यूल के कारण पीएम मोदी अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पा रहे हैं. हालांकि, हिंदुस्तान प्रशासन ने प्रतिनिधित्व के लिए विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा और राज्यपाल सैयद अता हसनैन को भेजने का फैसला किया गया. गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि अंतिम संस्कार में हिंदुस्तान का उच्च-स्तरीय प्रतिनिधित्व दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मजबूत करेगा. मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा हिंदुस्तान और ईरान के बीच नेतृत्वक, आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है. मुख्तार अब्बास नकवी को भी मिला निमंत्रण ईरान ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को भी अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा है. नकवी ने निमंत्रण मिलने की पुष्टि भी की है, लेकिन यह साफ नहीं किया कि वह कार्यक्रम में शामिल होंगे या नहीं. ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के निदेशक मोहसिन कुम्मी ने भेजे गए निमंत्रण पत्र में हिंदुस्तान और ईरान के गहरे ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों का जिक्र करते हुए नकवी को हिंदुस्तान के विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होने का आग्रह किया है. कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे खुर्शिद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होंगे. उन्होंने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वह इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे. खुर्शीद ने कहा- मैं पार्टी की ओर से ईरान जा रहा हूं और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होऊंगा. #WATCH | Delhi | Congress leader Salman Khurshid to attend the state funeral ceremony of Supreme Leader Ayatollah Seyyed Ali Khamenei in Iran He says, “I am representing the party and will attend the state funeral ceremony of Supreme Leader Ayatollah Seyyed Ali Khamenei…” pic.twitter.com/61muEOBgIG — ANI (@ANI) July 2, 2026 महबूबा मुफ्ती भी जाएंगी ईरान पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को भी ईरान प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार में शामिल होने का आधिकारिक निमंत्रण मिला है. उन्होंने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि यह उनके लिए सम्मान की बात है और वह अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम श्रद्धांजलि देने ईरान जाएंगी. 5 से 9 जुलाई तक होंगे अंतिम संस्कार के कार्यक्रम अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 5 से 9 जुलाई तक आयोजित किए जाएंगे. 5, 6 और 7 जुलाई को तेहरान और कोम में श्रद्धांजलि सभाएं होंगी, जबकि 9 जुलाई को मशहद शहर में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. खामेनेई करीब तीन दशक तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे. उनका निधन 28 फरवरी को ईरान पर हुए इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले में हुआ था. Also Read: हिंदुस्तान-जापान दोस्ती और भरोसे का नया अध्याय शुरू, डिफेंस से लेकर AI तक कई अहम समझौतों पर मुहर The post ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार, जानिए हिंदुस्तान से कौन-कौन होंगे शामिल appeared first on Naya Vichar.

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अब सिर्फ 7kg केबिन बैग के साथ मिलेगा सस्ता फ्लाइट टिकट, जानिए किसे होगा फायदा

IndiGo Lite Fare : अगर आप अक्सर कम सामान के साथ हवाई यात्रा करते हैं, तो अब आपकी फ्लाइट पहले से सस्ती हो सकती है. देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन IndiGo ने IndiGo Lite नाम से नया किराया (Fare) लॉन्च किया है. यह उन यात्रियों के लिए है जो सिर्फ 7 किलोग्राम तक का केबिन बैग लेकर सफर करते हैं और उन्हें चेक-इन लगेज की जरूरत नहीं होती. एयरलाइन का मानना है कि इससे ऐसे यात्रियों को कम कीमत पर टिकट मिल सकेगा, जो केवल छोटे ट्रिप या बिजनेस यात्रा करते हैं. IndiGo Lite Fare क्या है? IndiGo Lite एक नया टिकट विकल्प है जिसमें यात्री केवल 7 किलोग्राम तक का केबिन बैग अपने साथ ले जा सकते हैं. इस किराए में चेक-इन बैगेज शामिल नहीं होगा. यानी अगर आपके पास बड़ा सूटकेस है, तो उसके लिए अलग से शुल्क देना पड़ सकता है. इसका उद्देश्य उन यात्रियों को कम कीमत पर टिकट उपलब्ध कराना है जिन्हें बड़े सामान की जरूरत नहीं होती. IndiGo ने यह नया प्लान क्यों शुरू किया? हवाई यात्रा करने वाले सभी यात्रियों की जरूरत एक जैसी नहीं होती. एक दिन की बिजनेस ट्रिप करते हैं. वीकेंड ट्रैवल पर जाते हैं. केवल लैपटॉप बैग या छोटा बैकपैक लेकर चलते हैं. ऐसे यात्रियों के लिए चेक-इन बैग की सुविधा जरूरी नहीं होती. इसी वजह से IndiGo ने कम कीमत वाला Lite Fare पेश किया है. Air India भी ला चुकी है ऐसा प्लान IndiGo से पहले Air India ने भी Basic Economy Fare शुरू किया था. इस प्लान में यात्रियों को मुफ्त भोजन जैसी कुछ सुविधाएं नहीं मिलतीं, लेकिन टिकट की कीमत कम रहती है.इससे साफ है कि हिंदुस्तानीय एयरलाइंस अब यात्रियों की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग किराए के विकल्प पेश कर रही हैं. IndiGo Lite Fare से किसे सबसे ज्यादा फायदा होगा? यह प्लान खास तौर पर इन यात्रियों के लिए फायदेमंद हो सकता है. बिजनेस ट्रैवलर्स. स्टूडेंट्स. वीकेंड ट्रिप करने वाले लोग. अकेले यात्रा करने वाले यात्री. कम सामान लेकर उड़ान भरने वाले लोग. अगर आपके पास केवल एक छोटा बैग है, तो यह किराया आपके लिए पैसे बचाने का विकल्प बन सकता है. किन यात्रियों को नुकसान हो सकता है? परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं. लंबी छुट्टी पर जा रहे हैं. ज्यादा सामान लेकर चलते हैं. तो Lite Fare आपके लिए फायदेमंद नहीं हो सकता. ऐसी स्थिति में अलग से चेक-इन बैग जोड़ने का शुल्क देना पड़ सकता है, जिससे कुल खर्च बढ़ सकता है. केबिन बैग और चेक-इन बैग में क्या अंतर है? विशेषता केबिन बैग चेक-इन बैग क्या होता है छोटा बैग जिसे यात्री अपने साथ विमान में ले जाता है बड़ा बैग जिसे एयरलाइन काउंटर पर जमा किया जाता है कहां रखा जाता है सीट के ऊपर केबिन या सीट के नीचे विमान के कार्गो होल्ड में सामान्य वजन सीमा 7 किलोग्राम लगभग 15 किलोग्राम (टिकट के अनुसार अलग हो सकती है) किस तरह का सामान लैपटॉप, दवाइयां, दस्तावेज, पावर बैंक कपड़े, जूते, बड़े सामान लिक्विड नियम 100ml तक की बोतल बड़े कंटेनर रखे जा सकते हैं धारदार वस्तुएं अनुमति नहीं पैक करके रखी जा सकती हैं IndiGo Lite टिकट बुक करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें अगर आपके पास 7kg से ज्यादा सामान है तो पहले ही बैगेज नियम जांच लें. टिकट बुक करते समय Lite Fare और Regular Fare की कीमत की तुलना करें. अगर बाद में चेक-इन बैग जोड़ेंगे, तो अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है. यात्रा से पहले एयरलाइन की बैगेज पॉलिसी जरूर पढ़ें. क्या हिंदुस्तान में Low-Cost Air Travel का नया दौर शुरू हो रहा है? एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में एयरलाइंस यात्रियों को उनकी जरूरत के अनुसार अलग-अलग सेवाएं चुनने का विकल्प देंगी. यानी. केवल सीट. सीट + बैगेज. सीट + बैगेज + भोजन. इस तरह यात्री केवल उन्हीं सुविधाओं के लिए भुगतान करेंगे जिनका वे वास्तव में उपयोग करते हैं. Also Read : ₹49 से एयरपोर्ट टैक्सी, फ्लाइट और कैब एक साथ बुक करें, IndiGo की नयी सर्विस The post अब सिर्फ 7kg केबिन बैग के साथ मिलेगा सस्ता फ्लाइट टिकट, जानिए किसे होगा फायदा appeared first on Naya Vichar.

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रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की तैयारी में कांग्रेस, क्या है पूरा मामला?

Privilege Motion against Rajnath Singh: केसी वेणुगोपाल ने रक्षा मंत्री पर संसद और देश की जनता को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है. वेणुगोपाल ने बीजेपी प्रशासन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि इनके लिए ‘देशभक्ति’ और ‘रामभक्ति’ सिर्फ नेतृत्वक फायदे के हथियार और खोखले जुमले हैं. संसद में बोला गया सरासर झूठ : वेणुगोपाल कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने रक्षा मंत्री के बयानों में विरोधाभास का दावा करते हुए कहा, “रक्षा मंत्री ने पहले संसद में ऑन रिकॉर्ड कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में कोई भी जवान घायल तक नहीं हुआ. लेकिन अब कहा जा रहा है कि हमारे 6 जवान शहीद हो गए. यह साफ तौर पर देश और सदन को गुमराह करने वाला बयान है, सरासर झूठ है. रक्षा मंत्री संसद जैसी पवित्र जगह पर झूठ कैसे बोल सकते हैं?” #WATCH | Delhi | On moving Privilege Motion against Defence Minister Rajnath Singh on his statement on Operation Sindoor, Congress General Secretary (Organisation) and MP K.C. Venugopal says, “…Defence Minister said in Parliament that no jawan was even hurt in Operation… pic.twitter.com/Hx5nMKti5F — ANI (@ANI) July 2, 2026 शहीदों के परिवारों और सेना का घोर अपमान : वेणुगोपाल केंद्र प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि जुलाई 2025 में प्रशासन ने दावा किया था कि कोई हिंदुस्तानीय सैनिक शहीद नहीं हुआ, और अब एक साल बाद सेना 6 जवानों की शहादत की घोषणा कर रही है. उन्होंने इसे सेना और शहीदों के परिवारों का घोर अपमान बताया. वीर जवानों की शहादत को प्रशासन ने छिपाया : वेणुगोपाल केसी वेणुगोपाल ने कहा- “हमारे वीर जवानों ने दुश्मनों से देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, लेकिन खुद को राष्ट्रवादी कहने वाली प्रशासन ने उनकी शहादत को छिपाया और देश से झूठ बोला. देश की जनता को जवानों की बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान से अनभिज्ञ रखना बेहद शर्मनाक है.” विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई की मांग वेणुगोपाल ने संसदीय नियमों का हवाला देते हुए कहा कि यह स्थापित नियम है कि यदि कोई मंत्री सदन से जानकारी छिपाता है या गुमराह करता है, तो यह विशेषाधिकार का उल्लंघन और सदन की अवमानना है. इसी आधार पर उन्होंने माननीय लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपकर रक्षा मंत्री के खिलाफ तुरंत विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया है. ये भी पढ़ें: महुआ मोईत्रा पर हमले से लेकर मिड-डे मील विवाद तक, बंगाली डिश से सियासी हथियार बना ‘अंडा’ The post रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की तैयारी में कांग्रेस, क्या है पूरा मामला? appeared first on Naya Vichar.

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बांकीपुर से चुनाव लड़ेंगे प्रशांत किशोर? बीजेपी के गढ़ में देंगे चुनौती

Prashant Kishor: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक इसका आधिकारिक ऐलान 5 जुलाई को एक प्रेस कांफ्रेंस में किया जाएगा. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में इस सीट पर बीजेपी नेता नितिन नवीन ने बड़े अंतर से जीत हासिल की थी. हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद नितिन नवीन ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद यह सीट खाली हो गई थी. अभी नितिन नवीन राज्यसभा सदस्य हैं. बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को वोटिंग होगी और परिणाम 3 अगस्त को घोषित किया जाएगा. पिछले महीने ही दे दिए थे चुनाव लड़ने के संकेत प्रशांत किशोर ने पिछले महीने ही यह इशारा कर दिया था कि अगर उनकी पार्टी जन सुराज उन्हें उम्मीदवार बनाती है, तो वह चुनाव लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे. तब पीके ने कहा था कि अगर उनके खुद मैदान में उतरने से बीजेपी का यह सबसे मजबूत किला टूट सकता है, तो वह इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि बांकीपुर सीट पिछले 40 से 45 सालों से बीजेपी का एक अटूट गढ़ रही है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहली बड़ी परीक्षा- पीके प्रशांत किशोर ने कहा था कि यह उपचुनाव मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व और बिहार की नई एनडीए प्रशासन के कामकाज की पहली सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा साबित होने वाला है. बीजेपी ने भी तक इस सीट के लिए अपने किसी उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है. यह सीट बीजेपी का पारंपरिक गढ़ रही है, इसलिए इसे जीतना पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का बड़ा सवाल बन चुका है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें पिछले चुनाव के आंकड़ें पिछले चुनाव के आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी के नितिन नवीन को कुल 98299 वोट मिले थे. उनका मतदान का प्रतिशत 62.66 था. आरजेडी की रेखा कुमारी 46363 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थीं. जन सुराज पार्टी की तरफ से वंदना कुमारी मैदान में थीं, जिन्हें केवल 7717 वोट ही मिल पाए थे. इनके अलावा नोटा के पक्ष में 1464 वोट पड़े थे, आम आदमी पार्टी के पंकज कुमार को 790 वोट और निर्दलीय उम्मीदवार रवि कुमार को 666 वोट मिले थे. बाकी बचे अन्य 7 उम्मीदवारों को मिलाकर कुल 1586 वोट हासिल हुए थे. इसे भी पढ़ें: बिहार शिक्षा विभाग के अवर सचिव 20000 घूस लेते गिरफ्तार, पटना के गर्दनीबाग में SVU का एक्शन The post बांकीपुर से चुनाव लड़ेंगे प्रशांत किशोर? बीजेपी के गढ़ में देंगे चुनौती appeared first on Naya Vichar.

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440 करोड़ पर किसका हक? कलकत्ता हाईकोर्ट ने बैंक से मांगी TMC के खातों की जानकारी

खास बातें 8 जुलाई को होगी अगली सुनवाई अंतरात्मा को झकझोर देंगे पुलिस के रिकॉर्ड : तुषार मेहता बैंक अकाउंट्स को संचालित करने का अधिकार किसका? खाते फ्रीज करने की क्या जल्दबाजी थी? : हाईकोर्ट TMC Fund War: कोर्ट रूम में सिंघवी बनाम कौल क्या है पूरा मामला? TMC Fund War: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दोनों धड़ों के बीच ‘असली तृणमूल कौन’ की लड़ाई का एक बड़ा केंद्र बैंक खातों में जमा करोड़ों रुपए भी हैं. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले धड़े की याचिका पर सुनवाई की, जिसमें पार्टी के 3 बैंक खातों से लेन-देन पर लगी रोक (Debit Freeze) को चुनौती दी गयी है. 8 जुलाई को होगी अगली सुनवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने संबंधित निजी बैंक के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 7 जुलाई तक इन 3 खातों में जमा सटीक राशि की पूरी जानकारी अदालत के समक्ष पेश करें. इसके साथ ही अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई के लिए तय कर दी है. अंतरात्मा को झकझोर देंगे पुलिस के रिकॉर्ड : तुषार मेहता बिधाननगर पुलिस का पक्ष रखने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में पेश हुए देश के सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कोर्ट से अनुरोध किया कि वह फिलहाल कुछ दिनों तक इस मामले में कोई भी अंतरिम राहत या आदेश पारित न करे. मेहता ने पीठ को आश्वस्त करते हुए कहा कि पुलिस ने शुरुआती जांच पूरी कर ली है. वे अगली सुनवाई में ऐसे पुख्ता रिकॉर्ड कोर्ट के सामने रखेंगे, जिससे यह साबित हो जायेगा कि पैसे का बड़े पैमाने पर गबन (Embezzlement) किया जा रहा था. पुलिस के रिकॉर्ड अंतरात्मा को झकझोर देंगे. इसे भी पढ़ें : किसको लगा 440 करोड़ का झटका! तृणमूल कांग्रेस के 3 बैंक खातों से पैसे निकालने पर लगी रोक बैंक अकाउंट्स को संचालित करने का अधिकार किसका? वर्तमान में मुख्य कानूनी सवाल यह है कि तृणमूल कांग्रेस के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों में से किसे इन खातों को संचालित करने का कानूनी अधिकार है. जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि अदालत इस विकल्प पर भी विचार कर रही है कि क्या इस कानूनी विवाद के लंबित रहने तक इन तीनों खातों को संयुक्त विशेष अधिकारियों (Joint Special Officers – जो अदालत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश होंगे) के माध्यम से संचालित करने की अनुमति दी जा सकती है? बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें खाते फ्रीज करने की क्या जल्दबाजी थी? : हाईकोर्ट सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले की टाइमलाइन पर गौर किया. कोर्ट ने कहा कि बिधाननगर पुलिस के साइबर अपराध थाने में 18 जून को शाम 6 बजे प्राथमिकी (FIR) दर्ज हुई और अगले ही दिन 19 जून को बैंक ने ममता गुट को लिखित सूचना दे दी कि उनके खातों से धन निकासी पर रोक लगा दी गयी है. इस पर न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने पूछा कि ऐसी क्या जल्दबाजी थी और जांच एजेंसी के पास शुरुआती तौर पर ऐसे क्या पुख्ता सबूत थे कि तुरंत खातों को फ्रीज कर दिया गया? TMC Fund War: कोर्ट रूम में सिंघवी बनाम कौल ममता के वकील ने तुरंत पैसे निकालने की अनुमति मांगी : ममता बनर्जी खेमे की तरफ से कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि किसी सक्रिय नेतृत्वक दल के खातों पर पूरी तरह रोक लगाकर उसे पंगु बनाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया और समान अवसर (Level Playing Field) के सिद्धांत के खिलाफ है. यह कदम मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. सिंघवी ने स्वीकार किया कि विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की हार हुई है. उनके सदस्यों की संख्या घटी है, लेकिन प्रशासनी मशीनरी का इस्तेमाल करके हारने वाली पार्टी को इस तरह पंगु नहीं किया जा सकता. उन्होंने खातों से तुरंत पैसे निकालने की अंतरिम अनुमति मांगी. रीतब्रत के वकील ने याचिका की वैधता पर उठाये सवाल : बागी विधायकों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील नीरज किशन कौल ने इस याचिका की वैधता (Maintainability) पर ही सवाल उठा दिये. कौल ने कहा कि पार्टी की एक नयी राष्ट्रीय समिति नियुक्त की जा चुकी है. इसलिए ममता गुट को इन खातों के संचालन की मांग करने का कोई कानूनी हक ही नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी गुट पार्टी की छवि खराब करने के लिए इन खातों के जरिये गैर-कानूनी वित्तीय लेन-देन करने की फिराक में था, जिसकी जांच पुलिस कर रही है. क्या है पूरा मामला? पूरा विवाद तब शुरू हुआ, जब रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी धड़े के विधायकों ने बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के साइबर अपराध थाने में शिकायत दर्ज करायी. बागी विधायकों ने आरोप लगाया है कि इन 3 बैंक खातों में जमा लगभग 440 करोड़ रुपए का स्रोत संदिग्ध है और यह राशि कट मनी, घोटालों और जनता के पैसों के दुरुपयोग से अर्जित की गयी हो सकती है, जिसकी विस्तृत जांच जरूरी है. इसे भी पढ़ें तृणमूल कांग्रेस का विवाद और गहराया, ममता बनर्जी गुट की डोला सेन ने बागियों के खिलाफ पुलिस में की शिकायत बंगाल में ‘40 करोड़’ वाला ब्लास्ट! महुआ मोईत्रा पर भड़कीं शताब्दी रॉय, दी कोर्ट में घसीटने की धमकी The post 440 करोड़ पर किसका हक? कलकत्ता हाईकोर्ट ने बैंक से मांगी TMC के खातों की जानकारी appeared first on Naya Vichar.

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