Hot News

July 6, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Renault Kwid 2026 के बजट में आती हैं ये 5 कारें, खरीदने से पहले जरूर देखें

हिंदुस्तान में नई Renault Kwid 2026 लॉन्च हो चुकी है. इस अपडेटेड एंट्री-लेवल हैचबैक की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 4.53 लाख रुपये है, जबकि इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 5.61 लाख रुपये तक जाती है. इस बार Renault ने Kwid को सिर्फ Evolution और Climber दो वेरिएंट्स में पेश किया है. अगर आप पहली कार खरीदने की सोच रहे हैं और Renault Kwid 2026 आपको पसंद आई है, तो खरीदने से पहले इसी बजट में मिलने वाली दूसरी कारों को भी जरूर देख सकते हैं. आइए जानते हैं Renault Kwid 2026 के कुछ बेहतरीन ऑप्शन के बारे में. S-Presso इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 3.50 लाख रुपये है. S-Presso का लंबा, बॉक्सी मिनी-SUV जैसा डिजाइन इसे अलग लुक देता है. इसकी ऊंची सीटिंग पोजिशन और बेहतर हेडरूम की वजह से अंदर बैठने का एक्सपीरियंस काफी कम्फर्टेबल रहता है. इसमें 1.0-लीटर K-Series पेट्रोल इंजन दिया गया है. अगर आपका ज्यादातर ट्रेवल शहर के अंदर होता है, तो S-Presso एक बेस्ट ऑप्शन है. Alto K10 इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत सिर्फ 3.70 लाख रुपये है. इसमें वही 1.0-लीटर पेट्रोल इंजन मिलता है जो S-Presso में दिया गया है, लेकिन इसकी लो-स्लंग हैचबैक डिजाइन इसे अलग लुक देती है. आज भले ही SUV का क्रेज ज्यादा हो, लेकिन छोटी फैमिली के लिए हैचबैक कारें अब भी पहली पसंद बनी हुई हैं. यह भी पढ़ें: 2026 Renault Kwid का कौन-सा वेरिएंट है पैसा वसूल? खरीदने से पहले जान लें पूरा फर्क Tata Tiago हाल ही में इसे नए अपडेट्स के साथ पेश किया गया है. इसकी शुरुआती कीमत 4.70 लाख रुपये रखी गई है. इसमें मिलने वाला 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन बेहतर परफॉर्मेंस देता है. वहीं स्पेशियस केबिन और प्रीमियम इंटीरियर इस कार को हटकर बनाता है. अगर आप बजट में एक मजबूत, कम्फर्टेबल  और फीचर-लोडेड हैचबैक चाहते हैं, तो Tata Tiago पर जरूर नजर डाल सकते हैं. Maruti Suzuki Celerio  इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 4.70 लाख रुपये से शुरू होती है. जहां Renault Kwid अपने SUV जैसे लुक से ध्यान खींचती है, वहीं Celerio का सॉफ्ट और राउंडेड डिजाइन सादगी और प्रैक्टिकलिटी पर जोर देता है. Maruti Suzuki Celerio पेट्रोल वेरिएंट में करीब 25 से 26.68 kmpl तक का माइलेज देती है. Maruti Suzuki Wagon R इसका टॉल-बॉय डिजाइन कार में बैठना और बाहर निकलना बेहद आसान बना देता है. वहीं, लेगरूम और बूट स्पेस के मामले में यह Kwid से साफ तौर पर आगे नजर आती है. इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 4.99 लाख रुपये है, जबकि इंजन ऑप्शन में 1.0-लीटर और 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन मौजूद हैं. यह भी पढ़ें: Hyundai Creta, Verna या i20 खरीदने का है प्लान? फटाफट देखें जुलाई में मिलने वाले ये ऑफर्स The post Renault Kwid 2026 के बजट में आती हैं ये 5 कारें, खरीदने से पहले जरूर देखें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

समंदर का नया सिकंदर INS महेंद्रगिरी! उन्नत मिसाइलों और अत्याधुनिक सेंसरों से लैस, ताकत देख कांपेंगे दुश्मन

INS Mahendragiri: समुद्र में अब दुश्मनों को हर चाल का करारा जवाब मिलेगा. चाहे चीन हो या पाकिस्तान या फिर कोई और… हिंदुस्तानीय नौसेना की ताकत अब और बढ़ने जा रही है. अत्याधुनिक स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस महेंद्रगिरी जल्द ही नौसेना के बेड़े में शामिल होने वाला है. अपने नाम की तरह ही यह युद्धपोत शक्ति, साहस और अडिग संकल्प का प्रतीक है. उन्नत स्टील्थ तकनीक, आधुनिक मिसाइल प्रणाली, पनडुब्बी रोधी क्षमता और अत्याधुनिक सेंसरों से लैस महेंद्रगिरी समुद्र में न सिर्फ दुश्मनों के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा बल्कि हिंदुस्तान की समुद्री सुरक्षा को भी नई मजबूती देगा. शक्ति और दृढ़ता का प्रतीक है महेंद्रगिरी इस युद्धपोत का नाम प्रसिद्ध महेंद्रगिरी पर्वत श्रृंखला के नाम पर रखा गया है, जो शक्ति, दृढ़ता और अटूट संकल्प का प्रतीक है. यह पहला हिंदुस्तानीय नौसैनिक युद्धपोत है जिसे महेंद्रगिरी नाम दिया गया है. नौसेना को उम्मीद है कि यह पोत अपनी उत्कृष्ट सेवाओं से हिंदुस्तानीय समुद्री इतिहास में एक नई पहचान बनाएगा. महेंद्रगिरी को हिंदुस्तानीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो (Warship Design Bureau) ने स्वदेशी रूप से डिजाइन किया है. इसका निर्माण मुंबई स्थित मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने किया है. यह प्रोजेक्ट 17ए श्रेणी का छठा स्टील्थ फ्रिगेट है, जो हिंदुस्तान की आधुनिक युद्धपोत निर्माण क्षमता को दर्शाता है. The Indian Navy is set to commission its sixth Project 17A indigenous stealth frigate, Mahendragiri (F38), at Visakhapatnam on 11 Jul 26. Named after the majestic Mahendragiri mountain range in the Eastern Ghats, the frigate embodies resilience, strength and unwavering resolve.… pic.twitter.com/wLPEysikRL — ANI (@ANI) July 6, 2026 महेंद्रगिरी युद्धपोत की विशेषताएं महेंद्रगिरी को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है, जिससे यह हिंदुस्तानीय नौसेना के सबसे आधुनिक युद्धपोतों में शामिल हो गया है. उन्नत स्टील्थ तकनीक, जिससे रडार पर इसकी पहचान करना बेहद कठिन होता है. कम रडार सिग्नेचर, जिससे दुश्मन के रडार से बचने की क्षमता बढ़ती है. उच्च स्तर का ऑटोमेशन, जिससे संचालन अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनता है. बेहतर सर्वाइवेबिलिटी, जो युद्ध जैसी परिस्थितियों में इसकी सुरक्षा तय करती है. आधुनिक CODOG (Combined Diesel or Gas) प्रणोदन प्रणाली (Propulsion System), जो जरूरत के अनुसार डीजल या गैस टरबाइन इंजन का उपयोग कर हाई स्पीड और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता प्रदान करती है. अत्याधुनिक हथियारों और सेंसरों से लैस महेंद्रगिरी को आधुनिक हथियारों और उन्नत सेंसर प्रणालियों से सुसज्जित किया गया है. इसमें सतह से सतह (Surface to Surface) मिसाइल प्रणाली लोड है. इसके अलावा सतह से हवा (Surface to Air) मिसाइल प्रणाली भी इसे और घातक बनाती है. अन्य विशेषताओं में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम आधुनिक पनडुब्बी रोधी (Anti Submarine Warfare) प्रणाली एकीकृत युद्ध प्रबंधन प्रणाली (Integrated Combat Management System) इन प्रणालियों की मदद से यह युद्धपोत वायु, समुद्र और पानी के भीतर मौजूद खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकता है. साथ ही दुश्मनों के युद्धपोत की पानी में ही समाधि बना सकता है. 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित महेंद्रगिरी के निर्माण में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है. यह आत्मनिर्भर हिंदुस्तान पहल का मजबूत उदाहरण है. इसके निर्माण में देशभर के अनेक उद्योगों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) ने अहम योगदान दिया है. इससे रोजगार सृजन के साथ हिंदुस्तान के रक्षा औद्योगिक आधार को भी मजबूती मिली है. हिंदुस्तानीय नौसेना की ताकत में होगा बड़ा इजाफा महेंद्रगिरी का कमीशनिंग प्रोजेक्ट 17ए कार्यक्रम की एक बड़ी उपलब्धि है. इसके नौसेना में शामिल होने से हिंदुस्तानीय नौसेना की युद्ध क्षमता, समुद्री सुरक्षा और परिचालन दक्षता में काफी इजाफा होगा. साथ ही हिंदुस्तान स्वदेशी युद्धपोत निर्माण के क्षेत्र में अपनी वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में निभाएगा अहम भूमिका आईएनएस महेंद्रगिरी हिंद महासागर क्षेत्र में हिंदुस्तान की समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती देगा. यह युद्धपोत देश के समुद्री हितों की रक्षा करने के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा. अपने आदर्श वाक्य शक्तिशाली, राजसी, अद्वितीय के अनुरूप महेंद्रगिरी हिंदुस्तानीय नौसेना की नई ताकत बनकर राष्ट्र सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है. (इनपुट- पीटीआई) Also Read: अग्निवीर को मिल सकती है खुशसमाचारीः 4 साल बाद अब 25 प्रतिशत नहीं, 50-75 प्रतिशत तक हो सकती है स्थायी नौकरी The post समंदर का नया सिकंदर INS महेंद्रगिरी! उन्नत मिसाइलों और अत्याधुनिक सेंसरों से लैस, ताकत देख कांपेंगे दुश्मन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पीएम मोदी का इंडोनेशिया में ग्रैंड वेलकम: आसमान में लड़ाकू विमान, जमीन पर राष्ट्रपति ने की अगवानी

PM Modi Indonesia Visit: जकार्ता हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी के आगमन पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने खुद मौजूद रहकर उनका स्वागत किया. दोनों नेताओं ने बेहद गर्मजोशी के साथ मुलाकात की. इंडोनेशिया की धरती में पहुंचने पर पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट डाला. जिसमें राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो से गर्मजोशी से मुलाकात करते एक फोटो शेयर किया है. पीएम मोदी ने ट्वीट किया, “जकार्ता पहुंच गया हूं. एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के स्वागत करने के अंदाज से मैं बहुत प्रभावित हुआ. 2018 में हमने अपने रिश्तों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुंचाया, जिससे हमारे लोगों को फायदा हुआ है. इस यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो और मैं अलग-अलग क्षेत्रों में इस साझेदारी को और मजबूत करने के लिए बातचीत करेंगे. राष्ट्रपति प्राबोवो और मैं योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर परिसर जाएंगे. इससे हमारे देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध और गहरे होंगे. इंडोनेशिया में रहने के दौरान, मैं हिंदुस्तानीय समुदाय के लोगों से मिलने के लिए भी उत्सुक हूं.” #WATCH | Indonesia offers a grand welcome to PM Narendra Modi as its fighter jets accompany PM’s plane. pic.twitter.com/v2mVDmfsCO — ANI (@ANI) July 6, 2026 सांस्कृतिक कार्यक्रम का उठाया लुत्फ हवाई अड्डे पर औपचारिक स्वागत और गॉर्ड ऑफ ऑनर के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां आयोजित एक विशेष पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी अवलोकन किया. इस कार्यक्रम के जरिए इंडोनेशिया की समृद्ध संस्कृति और हिंदुस्तान के साथ उसके सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों की झलक पेश की गई. 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया की यात्रा पर रहेंगे पीएम मोदी राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया की यात्रा रहेंगे. पीएम मोदी ने कहा, ‘‘2018 में मेरी पहली इंडोनेशिया यात्रा के दौरान हिंदुस्तान और इंडोनेशिया ने द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाया था.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के इस स्तर पर पहुंचने के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा है और यह जनवरी 2025 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति प्राबोवो की हिंदुस्तान यात्रा के बाद हो रही है. इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड की यात्रा पर हैं पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर हैं. 11 जुलाई तक तीन देशों की अपनी यात्रा पर रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा था- ‘‘पूर्वी और दक्षिणी हिंद महासागर में इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया और उसके बाद न्यूजीलैंड की मेरी यात्रा हिंदुस्तान की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, ‘महासागर’ दृष्टिकोण और साथ ही स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के प्रति हमारे नजरिए को और मजबूत करेगी.’’ ये भी पढ़ें: इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का दावा- अमेरिका ही नहीं, हिंदुस्तान भी हमारे साथ The post पीएम मोदी का इंडोनेशिया में ग्रैंड वेलकम: आसमान में लड़ाकू विमान, जमीन पर राष्ट्रपति ने की अगवानी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मुंबई वेदर अपडेट: बादल फटने का अलर्ट, 20 से अधिक ट्रेनें फंसीं; वर्क फ्रॉम होम का ऐलान

Mumbai Weather Update: महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश और भूस्खलन के बाद, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाई लेवल बैठक की. बैठक के बाद उन्होंने कहा- “हमने हालात का जायजा लेने के लिए आज आपदा प्रबंधन की बैठक की. मुंबई में सिर्फ चार दिनों में ही महीने भर की बारिश हो गई है. आज 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है. इसी वजह से हमने आज ‘वर्क फ्रॉम होम’ का ऐलान किया है और लोगों से अपील की है कि वे आज घर से बाहर न निकलें. नासिक और त्र्यंबकेश्वर के बीच बादल फटने का अलर्ट सीएम ने कहा- “मंगलवार को नासिक और त्र्यंबकेश्वर के बीच के इलाके में बादल फटने का अलर्ट है. NDRF और SDTF को उसी हिसाब से फिर से तैनात किया गया है. 8 जुलाई तक बारिश का जोर बना रहेगा. जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है. मुंबई-गोवा और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे को बहाल करने की कोशिशें चल रही हैं.” भारी बारिश के कारण 20 से अधिक ट्रेनें फंसीं मुंबई और दक्षिण गुजरात में भारी बारिश के बाद पटरियों के जलमग्न होने से सोमवार को पश्चिम रेलवे का परिचालन पूरी तरह चरमरा गया. इसके कारण लंबी दूरी की 20 से अधिक ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा. ट्रेन सेवाओं के निरस्त होने, उनके मार्ग में परिवर्तन तथा विलंब के कारण 40 से अधिक ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई. इसके मद्देनजर रेल प्रशासन ने फंसे हुए यात्रियों की सहायता के लिए राहत कार्य तेज करने के साथ ही मुंबई-अहमदाबाद मुख्य रेलमार्ग पर यातायात बहाल करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं. पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, वसई रोड-विरार और सफाले-पालघर रेलखंडों के बीच भारी जलभराव के कारण ट्रेनों की आवाजाही पर सबसे बुरा असर पड़ा है. रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी संबंधित ट्रेनों की वर्तमान स्थिति की जानकारी जरूर ले लें. मुंबई-पुणे रेल सेवा बाधित, फोटो पीटीआई 17 उड़ानें रद्द और 217 उड़ानें देर भारी बारिश के कारण मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आज सुबह 11:30 बजे तक 17 उड़ानें रद्द कर दी गईं और 217 उड़ानें देर से चलीं. इंडिगो ने कहा- भारी बारिश की वजह से मुंबई और पुणे से आने-जाने वाली उड़ानों पर असर पड़ा है. हम सलाह देते हैं कि एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले आप हमारी वेबसाइट या ऐप पर अपनी उड़ान का स्टेटस चेक कर लें. साथ ही, कृपया यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें, क्योंकि एयरपोर्ट के रास्ते में धीमी गति वाले ट्रैफिक से सड़क मार्ग से यात्रा प्रभावित हो सकती है. ये भी पढ़ें: मुंबई में भारी बारिश-आंधी के बीच हाई टाइड का अलर्ट; उड़ानें प्रभावित, स्कूल-कॉलेज बंद, सीएम फडणवीस ने संभाली कमान The post मुंबई वेदर अपडेट: बादल फटने का अलर्ट, 20 से अधिक ट्रेनें फंसीं; वर्क फ्रॉम होम का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक शुरू, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि और चंपत राय भी पहुंचे

Ayodhya Ram Mandir Trust Meeting: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक दोपहर 3 बजे से शुरू हो गई है. मंदिर से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए ट्रस्ट के पदाधिकारी अयोध्या पहुंच गए हैं. बैठक को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, पुलिस बल की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग कर चारपहिया वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया है. बैठक से पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज राम मंदिर परिसर पहुंचे और बैठक में शामिल हुए. #WATCH | Ayodhya, UP | President of Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, Nritya Gopal Das, departs for the Ram temple to preside over the meeting of the Trust pic.twitter.com/dyqs8p0ZJw — ANI (@ANI) July 6, 2026 चंपत राय भी पहुंचे राम मंदिर अयोध्या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक के लिए चंपत राय भी राम मंदिर पहुंचे. बताया जा रहा है कि यह बैठक मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के बाद ट्रस्ट से चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफ़े पर फ़ैसला लेने के लिए बुलाई गई है. बैठक में होने वाले निर्णयों पर टिकी हर किसी की नजरें सूत्रों के अनुसार, बैठक में राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और वित्तीय मामलों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है. विशेष रूप से मंदिर में चढ़ावे से जुड़े प्रबंधन और हाल के दिनों में उठे आरोपों पर भी चर्चा की संभावना जताई जा रही है, इसके अलावा ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों से जुड़े मामलों को लेकर भी बैठक में समीक्षा की जा सकती है. सभी की नजरें बैठक में होने वाले निर्णयों पर टिकी हुई हैं, जो आगे की दिशा तय कर सकते हैं. यह भी पढ़ें:आगरा डीएम का एक्शन, जिले के सभी अवैध वाटर पार्कों के संचालन पर लगाई रोक The post अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक शुरू, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि और चंपत राय भी पहुंचे appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

क्या इस बार बदल जाएंगी पंचायत की सीटें? मंत्री दीपक प्रकाश ने दिया अपडेट

Bihar Panchayat Election 2026: बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर अपडेट आया है. पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा है कि पंचायत चुनाव अपने तय समय पर ही कराए जाएंगे. विभाग की ओर से चुनाव की तैयारियां बिल्कुल तय कार्यक्रम के अनुसार चल रही हैं और इसमें किसी भी तरह की देरी की कोई गुंजाइश नहीं है. इस बार भी चुनाव में आरक्षण रोस्टर का पूरी तरह से पालन किया जाएगा. संभावित उम्मीदवारों और मौजूदा प्रतिनिधियों के लिए राहत की बात यह है कि इस बार सीटों में कोई बड़ा उलटफेर या फेरबदल देखने को नहीं मिलेगा. कोई नया परिसीमन नहीं किया जाएगा पंचायती राज मंत्री ने चुनाव से पहले होने वाले परिसीमन को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है. उन्होंने साफ कहा है कि इस बार चुनाव से पहले पंचायतों का कोई नया परिसीमन नहीं किया जाएगा. इसका मतलब यह हुआ कि सभी पंचायतों और वार्डों की सीमाएं जैसी अभी हैं, वैसी ही रहेंगी और पुरानी सीमाओं के आधार पर ही वोट डाले जाएंगे. परिसीमन न होने के फैसले से चुनावी प्रक्रिया को समय पर पूरा करने में काफी मदद मिलेगी. इस घोषणा के बाद गांवों में नेतृत्वक सरगर्मी बढ़ गई है और भावी उम्मीदवारों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें Bihar Panchayat Election 2026: कब होगा चुनाव इस बार बिहार में हजारों पदों के लिए वोट डाले जाएंगे. चुनावी मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों के लिए मुखिया और सरपंच के 8053 पदों पर मुकाबला होगा. इसके अलावा, सबसे ज्यादा संख्या वार्ड सदस्यों और पंचों की होगी, जिनके लिए 109635 पदों पर चुनाव कराए जाएंगे. पंचायत समिति के 11085 और जिला परिषद के 1160 पदों के लिए भी प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाएंगे. प्रशासन की तैयारियों को देखते हुए यह लगभग तय माना जा रहा है कि इस साल नवंबर या दिसंबर के महीने में चुनाव संपन्न करा लिए जाएंगे. अब नजरें राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी होने वाली आधिकारिक तारीखों और नोटिफिकेशन पर टिकी हैं. इसे भी पढ़ें: बिहार के इस जिले में 130 करोड़ की लागत से बनेगा नया बाइपास, यूपी और सबेया एयरपोर्ट जाना होगा आसान बिहार में फेल होने के कगार पर यह योजना, 10 साल में नहीं बदला हाल, प्रशासन ने मांगी अंतिम रिपोर्ट The post क्या इस बार बदल जाएंगी पंचायत की सीटें? मंत्री दीपक प्रकाश ने दिया अपडेट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

E20 पेट्रोल को लेकर Mahindra ने दूर किया कन्फ्यूजन, पुरानी और नई गाड़ियों पर कही ये बात

देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं. इसी बीच महिंद्रा ने इस मामले पर अपनी बात साफ कर दी है. कंपनी ने अपने ऑफिसियल सोशल मीडिया अकाउंट पर बयान जारी किया है. साथ ही, एक कस्टमर को भेजे गए कस्टमर केयर ईमेल में भी E20 पेट्रोल से जुड़ी जरूरी डिटेल दी है. महिंद्रा का कहना है कि उसके सभी E20-कम्प्लायंट पेट्रोल गाड़ियों को इस फ्यूल के साथ अच्छी तरह टेस्ट किया गया है. कंपनी ने यह भी समझाया है कि अगर आपके पास पुरानी महिंद्रा पेट्रोल कार है या नई, तो E20 पेट्रोल यूज करने के नियम अलग हो सकते हैं. Official statement on E20 fuel compliance#Mahindra #MahindraAutomotive #MahindraSUVs #E20Fuel pic.twitter.com/aKu39VsWXx — Mahindra Automotive (@Mahindra_Auto) July 5, 2026 E20 पेट्रोल को लेकर महिंद्रा ने क्या कहा? एक कस्टमर के सवाल का जवाब देते हुए Mahindra Customer Care ने कहा है कि Mahindra के इंजन मौजूदा पेट्रोल मानकों के पूरी तरह अनुरूप हैं और हमारी सभी गाड़ियां E20 फ्यूल पर सेफ तरीके से चलाई जा सकती हैं. दिलचस्प बात यह है कि कंपनी का यह बयान उसके पहले जारी किए गए पब्लिक नोट से एक कदम आगे माना जा रहा है. पहले महिंद्रा ने सिर्फ E20-कंप्लायंट गाड़ियों का जिक्र किया था. महिंद्रा कस्टमर केयर का जवाब (Photo: Adarsh Tomar/X) लेकिन अब कंपनी ने साफ कहा है कि उनकी सभी गाड़ियां E20 फ्यूल के साथ सेफ हैं. इसके अलावा, ईमेल में यह भी बताया गया कि 1 अप्रैल 2025 के बाद बानी गाड़ियों को E20 फ्यूल के लिए विशेष रूप से कैलिब्रेट किया गया है. कंपनी का दावा है कि इन नए मॉडलों को इस तरह ट्यून किया गया है कि E20 पेट्रोल के साथ बेहतर एक्सेलरेशन और बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी मिल सके. माइलेज और पिकअप में आ सकता है मामूली फर्क कंपनी का यह भी कहना है कि ड्राइविंग स्टाइल और सड़क की सिचुएशन के हिसाब से एक्सेलेरेशन या माइलेज में हल्का-फुल्का अंतर महसूस हो सकता है. महिंद्रा की यह सफाई अन्य ऑटो कंपनियों के रुख से भी मेल खाती है. कंपनियों का कहना है कि E20 पेट्रोल में E10 के मुकाबले ऊर्जा (Energy Content) थोड़ी कम होती है. इसकी वजह से माइलेज में मामूली कमी आ सकती है. E20-कम्प्लायंट गाड़ियों पर क्या बोलीं देश की टॉप कार कंपनियां? महिंद्रा ने यह जानकारी ऐसे समय में शेयर की है, जब सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर कई तरह की बातें और दावे वायरल हो रहे हैं. इसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में टोयोटा, मारुति सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प और हुंडई के अधिकारियों ने भी कहा कि उनके E20-कम्प्लायंट गाड़ियां इस फ्यूल के साथ सेफ तरीके से चल सकते हैं. यह भी पढ़ें: 2023 से पहले बनी गाड़ियों के लिए भी सेफ है E20 पेट्रोल, बोले Maruti के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल हिंदुस्तानी The post E20 पेट्रोल को लेकर Mahindra ने दूर किया कन्फ्यूजन, पुरानी और नई गाड़ियों पर कही ये बात appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अग्निवीर वायु भर्ती Intake 2027 के लिए आवेदन शुरू, 550 रुपये फीस, जानें कैसे करें अप्लाई

Agniveer Vayu Recruitment Intake 2027: हिंदुस्तानीय वायु सेना (Indian Air Force) में नौकरी करने का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी समाचार है. एयरफोर्स ने अग्निवीर वायु इनटेक 02/2027 भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. इच्छुक उम्मीदवार 6 जुलाई 2026 से 26 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में स्वीकार किए जाएंगे. इसके लिए उम्मीदवारों को हिंदुस्तानीय वायु सेना की आधिकारिक वेबसाइट indianairforce.nic.in पर जाकर फॉर्म भरना होगा. अग्निवीर वायु भर्ती में Intake क्या है? हिंदुस्तानीय वायु सेना (IAF) में अग्निवीर वायु के पद पर भर्ती के लिए जो चयन प्रक्रिया आयोजित की जाती है, उसे ही भर्ती इनटेक (Recruitment Intake) कहा जाता है. ‘इनटेक’ (Intake) का मतलब “बैच” या “भर्ती सत्र” (Batch/Session) होता है. Agniveer Vayu Important Dates: इन तारीखों का रखें ध्यान कार्यक्रम तारीख आवेदन शुरू 06 जुलाई 2026 आवेदन की अंतिम तिथि 26 जुलाई 2026 फीस जमा करने की अंतिम तिथि 26 जुलाई 2026 परीक्षा तिथि 22-23 सितंबर 2026 एग्जाम सिटी परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड परीक्षा से 24-48 घंटे पहले Agniveer Vayu Eligibility: कौन कर सकता है अप्लाई? साइंस स्ट्रीम के उम्मीदवारों के लिए 10+2 में गणित, भौतिकी और अंग्रेजी विषय होना जरूरी है. कुल 50 प्रतिशत अंक और अंग्रेजी में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए. इसके अलावा संबंधित ट्रेड में 3 वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा या 2 वर्षीय वोकेशनल कोर्स करने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं. अन्य विषयों के उम्मीदवारों के लिए 10+2 में कम से कम 50 प्रतिशत कुल अंक और अंग्रेजी में 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं. दो वर्षीय वोकेशनल कोर्स करने वाले अभ्यर्थी भी पात्र हैं. Agniveer Vayu Recruitment Intake 2027 Notification Check Here Agniveer Vayu Age Limit: कितनी चाहिए आयु? Agniveer Vayu में आवेदन करने वाले उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 17.5 वर्ष और अधिकतम आयु 22 वर्ष होनी चाहिए. उम्मीदवार का जन्म 1 जुलाई 2005 से 1 जनवरी 2010 के बीच होना चाहिए. आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी. अग्निवीर वायु के लिए ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन सबसे पहले हिंदुस्तानीय वायु सेना की आधिकारिक वेबसाइट indianairforce.nic.in पर जाएं. Agniveer Vayu Intake 02/2027 Recruitment लिंक पर क्लिक करें. नए उम्मीदवार हैं तो पहले रजिस्ट्रेशन करें और फिर लॉगिन करें. आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें. फोटो, हस्ताक्षर और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें. ऑनलाइन माध्यम से आवेदन शुल्क का भुगतान करें. सभी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म सबमिट करें. भविष्य के लिए आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें. Agniveer Vayu एप्लीकेशन फीस अग्निवीर वायु भर्ती के लिए सभी वर्गों के उम्मीदवारों को 550 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा. इसके साथ लागू GST भी देना होगा. फीस का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, IMPS, मोबाइल वॉलेट या अन्य ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है. यह भी पढ़ें- बिहार पुलिस में SI की वैकेंसी, इस दिन से करें आवेदन The post अग्निवीर वायु भर्ती Intake 2027 के लिए आवेदन शुरू, 550 रुपये फीस, जानें कैसे करें अप्लाई appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जुलाई 2026 का पहला प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा? यहां जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Pradosh Vrat 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है. इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है और व्रत रखा जाता है. प्रदोष व्रत जिस वार को पड़ता है, उसी के आधार पर उसका नाम रखा जाता है. चूंकि इस वर्ष आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रविवार को पड़ रही है, इसलिए इसे रवि प्रदोष व्रत या भानु प्रदोष व्रत कहा जाएगा. प्रदोष व्रत जुलाई 2026: शुभ मुहूर्त प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा सूर्यास्त के समय, यानी प्रदोष काल में की जाती है. पंचांग के अनुसार समय इस प्रकार है: त्रयोदशी तिथि आरंभ: 12 जुलाई 2026, सुबह 02:04 बजे से त्रयोदशी तिथि समाप्त: 12 जुलाई 2026, रात्रि 10:29 बजे तक प्रदोष काल पूजा मुहूर्त: शाम 07:22 बजे से रात 09:24 बजे तक प्रदोष व्रत की सरल पूजा विधि सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें तथा भगवान शिव के समक्ष दीपक जलाएं. दिनभर निराहार या फलाहार रहकर व्रत का पालन करें. इस दौरान मन ही मन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते रहें और तामसिक विचारों से दूर रहें. शाम को सूर्यास्त से पहले दोबारा स्नान करें और पूजा स्थल पर गंगाजल का छिड़काव करें. इसके बाद उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें. शिवलिंग पर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल) से अभिषेक करें. फिर चंदन का तिलक लगाएं और बेलपत्र, भांग, धतूरा, सफेद फूल तथा अक्षत अर्पित करें. इसके बाद भगवान शिव को मिठाई और फलों का भोग लगाएं. फिर शिव चालीसा और प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें. अंत में कपूर या दीपक से भगवान शिव की आरती करें. पूजा संपन्न होने के बाद प्रसाद वितरित करें और जल अथवा पारण सामग्री ग्रहण कर व्रत का पारण करें. रवि प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति रवि प्रदोष व्रत रखता है, उसकी कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है. भगवान भोलेनाथ की कृपा से जीवन के अनेक संकट दूर होते हैं और पितृ दोष का प्रभाव कम होता. साथ ही, सुख-समृद्धि और यश की प्राप्ति भी होती है. यह भी पढ़ें: Rath Yatra 2026: भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा क्यों निकाली जाती है? जानें इसके पीछे की धार्मिक मान्यता और महत्व The post जुलाई 2026 का पहला प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा? यहां जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अदालती आदेश पर सील हुआ चांदना स्कूल, छात्रों ने बीईईओ को घंटों बनाया बंधक

देवघर से अजय यादव और लक्ष्मण चौधरी की रिपोर्ट Chandna Middle School Sealed: झारखंड के देवघर जिले के सोनारायठाढ़ी प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चांदना में जमीन विवाद का असर अब बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने लगा है. न्यायालय के आदेश पर रविवार को विद्यालय परिसर को सील कर दिया गया. सोमवार की सुबह जब छात्र-छात्राएं रोज की तरह स्कूल पहुंचे तो मुख्य गेट पर ताला लटका देखकर हैरान रह गए. स्कूल बंद मिलने से छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने विद्यालय के बाहर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. छात्रों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा जल्द से जल्द विद्यालय खोलने की मांग की. स्कूल पहुंचने पर बीईईओ को छात्रों ने घेर लिया विद्यालय बंद होने की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग की ओर से प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) अमिताभ झा को मौके पर भेजा गया. जैसे ही वे विद्यालय पहुंचे, वहां मौजूद आक्रोशित छात्रों और अभिभावकों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया. आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बीईईओ को काफी देर तक जाने नहीं दिया और उन्हें बंधक बनाकर रखा. इस दौरान छात्रों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की. स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी रही और मौके पर भारी भीड़ जुट गई. प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि जमीन विवाद में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसका समाधान प्रशासन को तत्काल निकालना चाहिए. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद कराया मुक्त बीईईओ को घेरने की सूचना मिलते ही सोनारायठाढ़ी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. थाना प्रभारी रोहित दांगी पुलिस बल के साथ विद्यालय पहुंचे और काफी समझाने-बुझाने के बाद बीईईओ को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला. मौके पर सोनारायठाढ़ी की बीडीओ नीलम कुमारी भी मौजूद रहीं. प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों और अभिभावकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया. पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई. हालांकि इस दौरान कुछ समय के लिए विद्यालय के सामने सड़क पर जाम की स्थिति भी बनी रही, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा. 250 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ा असर बीईईओ अमिताभ झा ने बताया कि न्यायालय के आदेश के कारण विद्यालय को सील किया गया है, जिससे लगभग 250 विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हुई है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी विभाग के वरीय अधिकारियों को दे दी गई है. विभाग का प्रयास है कि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो और जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग निकटवर्ती विद्यालय से चांदना स्कूल के विद्यार्थियों को टैग करने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है. इससे विद्यार्थियों की कक्षाएं नियमित रूप से संचालित की जा सकेंगी और उनका शैक्षणिक सत्र प्रभावित नहीं होगा. मंगलवार से दूसरे विद्यालय में होगी पढ़ाई जिला शिक्षा अधीक्षक मधुकर कुमार ने बताया कि चांदना विद्यालय के छात्रों को मंगलवार तक नजदीकी विद्यालय से टैग कर दिया जाएगा. इसके बाद सभी छात्र उसी विद्यालय में नियमित रूप से पढ़ाई कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि विभाग बच्चों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है और किसी भी कीमत पर उनकी शिक्षा बाधित नहीं होने दी जाएगी. हाईकोर्ट में अपील की तैयारी जिला शिक्षा अधीक्षक ने यह भी बताया कि न्यायालय के आदेश के संबंध में कानूनी विशेषज्ञों से राय ली जा रही है. यदि आवश्यक हुआ तो आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय की उपयुक्त पीठ में अपील दायर की जाएगी. विभाग का उद्देश्य विद्यालय को दोबारा संचालित कराना और छात्रों को उनके पुराने विद्यालय में पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराना है. इसे भी पढ़ें: झारखंड हाईकोर्ट ने शिव शंकर शर्मा की रिव्यू याचिका खारिज की, 50 हजार का जुर्माना बरकरार बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की तैयारी में जुटा शिक्षा विभाग फिलहाल शिक्षा विभाग वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने की तैयारी में जुटा है, जबकि प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जमीन विवाद के समाधान की दिशा में भी आवश्यक कदम उठा रहा है. इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि किसी कानूनी विवाद का सबसे बड़ा असर आखिरकार उन बच्चों पर पड़ता है, जिनका उससे कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं होता. इसे भी पढ़ें: गया-हावड़ा एक्सप्रेस में हुड़दंगियों की दबंगई! झारखंड की स्त्री दरोगा, पति और शिशु की कर दी पिटाई The post अदालती आदेश पर सील हुआ चांदना स्कूल, छात्रों ने बीईईओ को घंटों बनाया बंधक appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top