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July 10, 2026

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ताइवान के पास फिर दिखी चीन की सैन्य गतिविधि, सीमा के आसपास PLA के विमान और नौसेना जहाज तैनात

China Taiwan Tension : ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ताइवान की सीमा के आसपास पीपल्स लिबरेशन आर्मी के दो विमान, और पीएलए नौसेना के पांच जहाज देखे जाने की पुष्टि की गई है. ताइवान मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X) पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. एएनआई ने रिपोर्ट के हवाले से बताया कि ROC सशस्त्र बलों ने स्थिति पर नजर रखी और जवाबी कार्रवाई की. चाइनीज विमान का ताइवान के ADIZ में प्रवेश यह घटना सप्ताह के आरंभ में हुई कई दिनों तक चली सैन्य घुसपैठ की घटनाओं के बाद घटी है. मंगलवार को, स्थानीय समयानुसार सुबह 6:00 बजे तक, रक्षा मंत्रालय ने अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र के आसपास चीनी विमानों की चार उड़ानें, नौ नौसैनिक पोत और तीन प्रशासनी जहाजों का पता लगाया था. पता लगाए गए चार विमानों में से तीन ने मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश किया. इससे पहले 3 जुलाई को चीन ने कहा था कि उसे उम्मीद है कि अमेरिका ताइवान से जुड़े मुद्दों को अधिक सावधानी के साथ संभालेगा. चेतावनी देते हुए चीन ने कहा था, इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं. चीनी राजदूत की अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत हिंदुस्तान में चीनी राजदूत जू फीहोंग ने कहा कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बातचीत की. जिसमें टकराव को दूर करने, बाधाओं को पार करने और सही रास्ते पर बने रहने की आवश्यकता पर जोर दिया गया. बीजिंग का दावा- ताइवान चीन का अभिन्न अंग ताइवान पर चीन का दावा एक जटिल मुद्दा है जिसकी जड़ें ऐतिहासिक, नेतृत्वक और कानूनी तर्कों में समाई हैं. बीजिंग का दावा है कि ताइवान चीन का अभिन्न अंग है, यह दृष्टिकोण राष्ट्रीय नीति के केंद्र में है. ताइवान पर चीन के दावे का इतिहास हालांकि, ताइवान अपनी एक अलग पहचान बनाए रखता है और अपनी प्रशासन, सेना और वित्तीय स्थिति के साथ स्वतंत्र रूप से कार्य करता है. यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया के अनुसार, ताइवान की स्थिति अंतरराष्ट्रीय बहस का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है. ताइवान पर चीन का दावा 1683 में मिंग राजवंश के वफादार कोक्सिंगा को हराने के बाद किंग राजवंश द्वारा द्वीप पर कब्जा करने से उत्पन्न हुआ है. The post ताइवान के पास फिर दिखी चीन की सैन्य गतिविधि, सीमा के आसपास PLA के विमान और नौसेना जहाज तैनात appeared first on Naya Vichar.

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ग्लोइंग और हेल्दी स्किन के लिए क्यों जरूरी है फेस सीरम? जानिए इसके फायदे

Face Serum Benefits: आजकल स्किनकेयर रूटीन में फेस सीरम का नाम सबसे ज्यादा सुनने को मिलता है. पहले जहां लोग सिर्फ फेस वॉश और मॉइस्चराइजर तक ही सीमित रहते थे, वहीं अब फेस सीरम भी रोजमर्रा की स्किनकेयर का अहम हिस्सा बन गया है. लेकिन कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर फेस सीरम लगाने से क्या फायदे मिलते हैं.  फेस सीरम हल्के टेक्सचर वाला स्किनकेयर प्रोडक्ट होता है, जिसमें विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और दूसरे एक्टिव इंग्रीडिएंट्स ज्यादा मात्रा में मौजूद होते हैं. यह स्किन की गहराई तक पहुंचकर अलग-अलग स्किन प्रॉब्लम्स पर काम करने में मदद करता है. आइए जानते हैं फेस सीरम (Face Serum Benefits) लगाने के फायदे.  स्किन को गहराई से हाइड्रेट रखने में मदद करता है अगर आपकी स्किन रूखी और बेजान रहती है, तो हाइड्रेटिंग फेस सीरम काफी फायदेमंद (Face Serum Benefits) हो सकता है. इसमें मौजूद हाइड्रेटिंग एलीमेंट्स त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद करते हैं, जिससे चेहरा मुलायम और फ्रेश नजर आता है.  डार्क स्पॉट्स और पिग्मेंटेशन कम करने में मदद विटामिन C, नियासिनामाइड और दूसरे ब्राइटनिंग इंग्रीडिएंट्स वाले सीरम त्वचा की रंगत को बेहतर बनाने और मुंहासों के दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद कर सकते हैं. हालांकि अच्छे रिजल्ट पाने के लिए इन्हें नियमित रूप से इस्तेमाल करना जरूरी है.  PC: AI Generated फेस सीरम लगाने का सही तरीका क्या है? क्लींजिंग: सबसे पहले अपने चेहरे को किसी अच्छे फेस वॉश से साफ करें.  टोनिंग: चेहरा धोने के बाद टोनर या गुलाब जल लगाएं.  सीरम: अब सीरम की सिर्फ 3 से 4 बूंदें चेहरे और गर्दन पर लें. इसे रगड़ना नहीं है, बल्कि उंगलियों से हल्के हाथों से थपथपाते हुए स्किन में एब्जॉर्ब होने दें.  मॉइस्चराइजर: सीरम लगाने के 2 मिनट बाद मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं ताकि सीरम के क्वालिटी स्किन के अंदर ही लॉक हो जाएं.  यह भी पढ़ें: शीशे जैसी चमक और टाइट स्किन चाहिए? घर पर असानी से बनाएं ये टोनर The post ग्लोइंग और हेल्दी स्किन के लिए क्यों जरूरी है फेस सीरम? जानिए इसके फायदे appeared first on Naya Vichar.

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नई Nissan Tekton पर आया दिल? जानें किस वेरिएंट के लिए खर्च करने होंगे कितने रुपये

हिंदुस्तानीय बाजार में नई Nissan Tekton ने एंट्री मार ली है. अगर आप भी इस नई दमदार SUV को खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि आपके बजट में इसका कौन-सा वेरिएंट आएगा. Tekton की शुरुआती कीमत 10.49 लाख रुपये है, जबकि टॉप मॉडल के लिए 18.59 लाख रुपये खर्च करने होंगे. कंपनी ने नई Tekton को 6 ट्रिम लेवल और कुल 12 वेरिएंट्स में पेश किया है. इसकी डिलीवरी 20 जुलाई से शुरू होगी. आइए जानते हैं इसके सभी 12 वेरिएंट्स की कीमत और किस मॉडल में कौन-सा इंजन और गियरबॉक्स ऑप्शन मिलता है. Nissan Tekton के वेरिएंट्स कंपनी ने Nissan Tekton को 6 ट्रिम लेवल में लॉन्च किया गया है, जिसमें- Visia Visia+ Acenta N-Connecta Tekna और Tekna+ शामिल है. दो टर्बो-पेट्रोल इंजन ऑप्शन कंपनी ने इसमें दो टर्बो-पेट्रोल इंजन ऑप्शन दिया है. पहला 1.0-लीटर, 3-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन है, जो 100hp की पावर और 166Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. इस इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स मिलता है. यह इंजन Tekton के शुरुआती चार ट्रिम लेवल में उपलब्ध है. दूसरा ज्यादा पावरफुल 1.3-लीटर, 4-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन है. यह इंजन 163hp की पावर और 280Nm का पीक टॉर्क देता है. इसके साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड DCT ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन मिलता है. 1.3-लीटर इंजन Acenta और इससे ऊपर के वेरिएंट्स में उपलब्ध है. Nissan Tekton की वेरिएंट-वाइज कीमत मैनुअल वेरिएंट्स की कीमत- Visia T160 MT वेरिएंट- 10.49 लाख रुपये Visia+ T160 MT वेरिएंट- 11.14 लाख रुपये Acenta T160 MT वेरिएंट- 11.79 लाख रुपये N-Connecta T160 MT वेरिएंट- 13.69 लाख रुपये Tekna T160 MT वेरिएंट- 15.39 लाख रुपये Tekna+ T160 MT वेरिएंट- 16.49 लाख रुपये है. पावरफुल T280 इंजन वेरिएंट्स की कीमत- Acenta T280 MT वेरिएंट- 14.99 लाख रुपये, N-Connecta T280 MT वेरिएंट- 14.99 लाख रुपये, Tekna T280 MT वेरिएंट- 16.39 लाख रुपये है. ऑटोमैटिक वेरिएंट्स की कीमत Acenta T280 DCT वेरिएंट- 14.99 लाख रुपये, N-Connecta T280 DCT वेरिएंट-16.49 लाख रुपये, Tekna T280 DCT वेरिएंट- 17.79 लाख रुपये और Tekna+ T280 DCT वेरिएंट- 18.59 लाख रुपये है. टॉप वेरिएंट में मिलते हैं ये प्रीमियम फीचर्स Nissan Tekton का टॉप-स्पेक Tekna+ वेरिएंट कई प्रीमियम और एडवांस्ड फीचर्स से लैस है. इसमें 10.1-इंच का फ्री-स्टैंडिंग टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और 10.25-इंच का फुल डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले मिलता है. इसके अलावा SUV में पैनोरमिक सनरूफ, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, वायरलेस फोन चार्जर और पावर्ड टेलगेट जैसे फीचर्स दिए गए हैं. इसके केबिन को प्रीमियम लुक देने के लिए रोज गोल्ड और बरगंडी डुअल-टोन थीम दी गई है, जो इसे Renault Duster से अलग पहचान देती है. सेफ्टी में भी दमदार है Nissan Tekton सेफ्टी के मामले में भी Nissan Tekton मजबूत पैकेज के साथ आती है. SUV को Bharat NCAP क्रैश टेस्ट में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है. इसमें 6 एयरबैग, Level 2 ADAS और 360-डिग्री कैमरा जैसे एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं. ये भी पढ़ें: नई नवेली Nissan Tekton की BNCAP सेफ्टी रेटिंग आई सामने, जानें कितने स्टार मिले The post नई Nissan Tekton पर आया दिल? जानें किस वेरिएंट के लिए खर्च करने होंगे कितने रुपये appeared first on Naya Vichar.

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अयातुल्ला खामेनेई सुपुर्द-ए-खाक: अंतिम संस्कार में शामिल हुए 43 मिलियन से अधिक लोग

Khamenei Funeral Ceremonies: खामेनेई ने करीब 37 वर्ष तक ईरान पर शासन किया. उनकी अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों में 28 फरवरी को मौत हो गई थी. उन्हें उनके गृहनगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया. अंतिम संस्कार समारोह में 43 मिलियन से अधिक लोग शामिल हुए ईरान की प्रशासनी मीडिया प्रेस टीवी ने फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के हवाले से बताया खामेनेई के अंतिम संस्कार में 4.1 करोड़ से लेकर 4.3 करोड़ (41-43 मिलियन) लोग शामिल हुए. मशहद शहर में दफनाए जाने वाले दूसरे शासक बने खामेनेई खामेनेई ईरान के दूसरे ऐसे शासक हैं जिन्हें मशहद शहर में दफनाया गया. इससे पहले 1747 में नादिर शाह को इसी शहर में दफनाया गया था. करीब 11 वर्ष तक सत्ता में रहे नादिर शाह की 1747 में हत्या कर दी गई थी. 5 शहरों में 6 दिनों तक चली अंतिम विदाई अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा शनिवार 4 जुलाई को शुरू हुई थी. जो 5 शहरों (तेहरान, कोम, नजफ, कर्बला और मश्हद) में 6 दिनों तक चली. इस दौरान अधिकारियों ने ईरान की राजधानी तेहरान और अन्य शहरों में सड़कों, हवाई क्षेत्र और अन्य गतिविधियों को बंद कर दिया था. ये भी पढ़ें: अमेरिका मुर्दाबाद के नारों के साथ सुपुर्द-ए-खाक हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई, ईरान के भविष्य पर दुनिया की नजरें The post अयातुल्ला खामेनेई सुपुर्द-ए-खाक: अंतिम संस्कार में शामिल हुए 43 मिलियन से अधिक लोग appeared first on Naya Vichar.

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मेलबर्न पहुंचे पीएम मोदी: बोले भारत-ऑस्ट्रेलिया का.. एजेंडा ODI जैसा, फैसले T20 जैसे और साझेदारी टेस्ट मैच जैसी

PM Modi MCG Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन दिवसीय ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड विजिट किया. जहां उनके साथ ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज भी मौजूद थे. क्रिकेट के मैदान पर इन दोनों टीमों के बीच का ऐतिहासिक और रोमांचक मुकाबला किसी भी स्पोर्ट्स प्रेमी के लिए आकर्षण का केंद्र होता है. क्रिकेट से इनके चाहने वाले एक खास भावनात्मक लगाव रखते हैं. ऐसे में दोनों देशों के पीएम का एमसीजी दौरा स्पोर्ट्स के माध्यम से द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की तरह देखा जा रहा है. हिंदुस्तान-ऑस्ट्रेलिया की मीटिंग क्रिकेट जैसी: PM मोदी पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, जब हम मेलबर्न में हैं तो क्रिकेट की बात न करना ठीक वैसा ही होगा, जैसे टॉस के बाद स्पोर्ट्स ही शुरू न करना. उन्होंने इसके महत्व पर बात करते हुए कहा कि क्रिकेट हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया की अपनी डिप्लोमैटिक भाषा है, इसलिए दोनों देशों की मीटिंग भी क्रिकेट जैसी लगती है. एजेंडा वनडे जैसा फोकस्ड, फैसले टी20 जैसे तेज और पैर्टरशिप टेस्ट मैच जितनी लंबी और गहरी है. बढ़ेंगी स्पोर्ट्स में निवेश की संभावनाएं प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आने वाले वर्षों में हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया दोनों देश राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्स व ओलंपिक की मेजबानी करने वाले हैं. ऐसे में दोनों देशों के बीच स्पोर्ट्स सहयोग तो बढ़ेगा ही. साथ ही स्पोर्ट्स में निवेश की भी संभावनाएं बढ़ेंगी. MCG आने को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी हिंदुस्तानीय के मन में दो भावनाएं एक साथ आती हैं. एक हिंदुस्तान-ऑस्ट्रेलिया मैच का रोमांच, और दूसरा दोनों देशों में क्रिकेट केवल एक स्पोर्ट्स नहीं, बल्कि एक साझा जूनून है. ये भी पढ़ें : पीएम मोदी का ऑस्ट्रेलिया दौरा : अल्बनीज के बाद विपक्षी नेता से मुलाकात, द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा The post मेलबर्न पहुंचे पीएम मोदी: बोले हिंदुस्तान-ऑस्ट्रेलिया का.. एजेंडा ODI जैसा, फैसले T20 जैसे और साझेदारी टेस्ट मैच जैसी appeared first on Naya Vichar.

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राइफल, आधा किलो सोना समेत करोड़ों की संपत्ति की मालकिन हैं RJD कैंडिडेट रेखा गुप्ता, जानिए हलफनामे में और क्या-क्या

Rekha Gupta Property: बांकीपुर उपचुनाव को लेकर 30 जुलाई को वोट डाले जायेंगे. इस बीच आरजेडी कैंडिडेट रेखा गुप्ता और बीजेपी के कैंडिडेट अभिषेक कुमार ने गुरुवार को नामांकन किया. नामांकन के दौरान उन्होंने हलफनामे में पूरी संपत्ति की जानकारी दी. आरजेडी कैंडिडेट रेखा गुप्ता के हलफनामे के मुताबिक, वह गहने की शौकीन हैं और उनके पास एनपी बोर राइफल भी है. रेखा गुप्ता पर आपराधिक मामले भी दर्ज रेखा गुप्ता ने हलफनामे में यह भी जानकारी दी कि उन पर कोतवाली थाने में आपराधिक मामले दर्ज हैं. वह विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग से स्नातक पास हैं. कंकड़बाग में व्यावसायिक और बाकरगंज के दलदली रोड में आवासीय भवन के अलावा बिहटा में कुल 5.46 करोड़ की अचल संपत्ति है. जबकि हाथ में 80 हजार कैश सहित कुल 81.61 लाख चल संपत्ति है. सोने-चांदी समेत करोड़ों की संपत्ति राजद प्रत्याशी ने यह भी बताया कि उनके पास 500 ग्राम सोना है, जिसकी कीमत 67.32 लाख और डेढ़ किलो चांदी है, जिसकी कीमत 3.67 लाख है. साथ ही 90 हजार रुपये की एनपी बोर राइफल है. उन पर 2.79 करोड़ का बैंक लोन है. उनके पति रंजय कुमार के पास भी रिवॉल्वर है. उनके पास 100 ग्राम सोने के जेवरात के अलावा वह स्टोन भी पहनते हैं. हाथ में 1.20 लाख कैश सहित 53.82 लाख चल संपत्ति है. साथ ही उनके पास 1.19 करोड़ की अचल संपत्ति है. इसके अलावा उनके ऊपर 46.68 लाख का कर्ज है. तीन प्रत्याशियों के बीच टक्कर की संभावना बांकीपुर उपचुनाव में इस बार त्रिकोणिय मुकाबला माना जा रहा है. आरजेडी और बीजेपी के साथ प्रशांत किशोर की टक्कर हो सकती है. प्रशांत किशोर 11 जुलाई को नॉमिनेशन करेंगे. लेकिन इससे पहले नेतृत्वक पारा भी पूरी तरह से चढ़ा हुआ है. एनडीए की बात करें तो, बीजेपी प्रत्याशी ने ही कोई चुनौती नहीं होने की बात कही. साथ ही मंत्री अशोक चौधरी ने भी कहा था, हमारी टक्कर आरजेडी से हो सकती है लेकिन प्रशांत किशोर से नहीं. रेखा गुप्ता ने किया था जीत का दावा नामांकन करने के बाद रेखा गुप्ता ने 40 साल का रिकॉर्ड तोड़ने का दावा किया था. उन्होंने कहा था, इस बार 40 साल का रिकॉर्ड टूटेगा. राजद को परास्त करने की कोशिश को गई थी. लेकिन अब हम बांकीपुर से इतिहास लिखेंगे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा, मैं आश्वस्त करती हूं, एक बार बस आशीर्वाद दीजिए. आपके उम्मीदों पर खरी उतर कर दिखाऊंगी. साथ ही चुनाव में चुनौती के सवाल पर उन्होंने कहा, जनता ही सबसे बड़ी चुनौती है. Also Read: बिहार के इन 17 जिलों में आज गरज-चमक के साथ होगी भारी बारिश, IMD ने जारी किया डबल अलर्ट The post राइफल, आधा किलो सोना समेत करोड़ों की संपत्ति की मालकिन हैं RJD कैंडिडेट रेखा गुप्ता, जानिए हलफनामे में और क्या-क्या appeared first on Naya Vichar.

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कोलकाता पुलिस में 26 साल बाद महिला को मिली ये जिम्मेदारी, दो पुलिस स्टेशनों में महिला ओसी तैनात

West Bengal Police: कोलकाता : भाजपा स्त्रीओं की सुरक्षा के संदेश के साथ सत्ता में आई. शुभेंदु प्रशासन उस सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक के बाद एक कदम उठा रही है. हालांकि, इस बार राज्य प्रशासन ने इस फेरबदल में स्त्री सशक्तिकरण का संदेश भी दिया. लंबे समय बाद कोलकाता के दो पुलिस थानों में स्त्री पुलिस अधिकारी नियुक्त की गईं. पिछले 15 वर्षों में केवल स्त्री पुलिस थानों में ही स्त्री पुलिस अधिकारी देखी गई थीं. दोनों थानों का जिम्मा स्त्रीओं के हाथ इस बार राज्य प्रशासन ने मुख्य पुलिस थाने में भी एक स्त्री निरीक्षक को पुलिस अधिकारी नियुक्त करके जनता को चौंका दिया. एक तरफ, सरशुना पुलिस स्टेशन की नई कार्यवाहक अधिकारी रूपा सिंह हैं. वे टॉलीगंज स्त्री पुलिस स्टेशन की कार्यवाहक अधिकारी थीं. वहीं दूसरी तरफ, चमेली मुखर्जी को सिंथी पुलिस स्टेशन का कार्यवाहक अधिकारी बनाया गया है. वे उल्टोडांगा स्त्री पुलिस स्टेशन की कार्यवाहक अधिकारी थीं. अंतिम बार 2010 में मिला था जिम्मा वामपंथी शासन के दौरान कोलकाता पुलिस के मुख्य पुलिस स्टेशन का प्रभार आखिरी बार 2010 में किसी स्त्री इंस्पेक्टर को दिया गया था. तृणमूल शासन के दौरान कई स्त्री पुलिस स्टेशन थे, लेकिन किसी भी स्त्री को मुख्य पुलिस स्टेशन का प्रभार नहीं दिया गया था. गुरुवार को कोलकाता पुलिस के 33 पुलिस स्टेशनों के अधिकारियों का तबादला इंस्पेक्टर के पद पर कर दिया गया. यह फैसला पुलिस आयुक्त ने लिया. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ममता प्रशासन ने स्त्री थाने तक स्त्री को रखा सिमित हाल ही में, प्रशासन ने कोलकाता पुलिस के अंतर्गत आने वाले पुलिस थानों में स्त्री सहायता केंद्र शुरू किए हैं. वहां स्त्री अधिकारियों की जिम्मेदारियों पर प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जाते हैं. यह पहल इसलिए की गई है, ताकि स्त्रीओं को किसी भी परिस्थिति में एक पुलिस थाने से दूसरे पुलिस थाने जाने की आवश्यकता न पड़े. तृणमूल के शासनकाल में कोलकाता में पहला पूरी तरह से स्त्री पुलिस स्टेशन बनाया गया था. Also Read: तृणमूल कांग्रेस के तीन खाते फ्रीज, 19 खातों पर ED की नजर The post कोलकाता पुलिस में 26 साल बाद स्त्री को मिली ये जिम्मेदारी, दो पुलिस स्टेशनों में स्त्री ओसी तैनात appeared first on Naya Vichar.

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10 जुलाई को बदले आपके शहर के पेट्रोल-डीजल के रेट या नहीं? यहां देखें पूरी लिस्ट

Petrol Diesel Price Today 10 July 2026: शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को प्रशासनी तेल कंपनियों IOCL, BPCL और HPCL ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है.  आज पेट्रोल के रेट क्या हैं? आज पेट्रोल की कीमतें अधिकांश शहरों में स्थिर हैं, हालांकि कुछ जगहों पर मामूली बदलाव देखने को मिला है. मुंबई में पेट्रोल ₹111.21 प्रति लीटर, दिल्ली में ₹102.12, कोलकाता में ₹113.51, चेन्नई में ₹107.94 और हैदराबाद में ₹115.73 प्रति लीटर बिक रहा है. पेट्रोल रेट टेबल: शहर 10 जुलाई (₹/लीटर) 9 जुलाई (₹/लीटर) बदलाव पटना 113.37 113.37 0.00 भागलपुर 113.94 114.37 -0.43 दरभंगा 113.94 114.16 -0.22 गया 113.93 114.31 -0.38 मुजफ्फरपुर 113.94 114.10 -0.16 रांची 105.17 106.19 -1.02 देवघर 105.66 104.99 +0.67 धनबाद 105.36 105.35 +0.01 जमशेदपुर  105.17 105.28 -0.11 लखनऊ 101.86 101.86 0.00 नोएडा 101.89 101.96 -0.07 गुरुग्राम 102.97 102.97 0.00 दिल्ली 102.12 102.12 0.00 कोलकाता 113.51 113.51 0.00 मुंबई 111.21 111.21 0.00 चेन्नई 107.94 107.77 +0.17 बेंगलुरु 110.44 111.68 -1.24 भोपाल 114.36 114.57 -0.21 हैदराबाद 115.73 115.73 0.00 डीजल की कीमतों में क्या हुआ? डीजल के दामों में भी आज कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. मुंबई में डीजल ₹97.83 प्रति लीटर, दिल्ली में ₹95.20, कोलकाता में ₹99.82, चेन्नई में ₹99.71 और हैदराबाद में ₹103.82 प्रति लीटर बिक रहा है. कुछ शहरों में मामूली बढ़ोतरी या गिरावट जरूर दर्ज की गई है, लेकिन ज्यादातर जगहों पर कीमतें पहले जैसी ही बनी हुई हैं. डीजल रेट टेबल: शहर 10 जुलाई (₹/लीटर) 9 जुलाई (₹/लीटर) बदलाव पटना 99.36 99.36 0.00 भागलपुर 99.90 100.30 -0.40 दरभंगा 99.89 100.10 -0.21 गया 99.91 100.26 -0.35 मुजफ्फरपुर 99.89 100.05 -0.16 रांची 100.41 101.31 -0.90 देवघर 100.79 100.21 +0.58 धनबाद 100.56 100.55 +0.01 जमशेदपुर  100.41 100.48 -0.07 लखनऊ 95.36 95.36 0.00 नोएडा 95.37 95.44 -0.07 गुरुग्राम 95.64 95.64 0.00 दिल्ली 95.20 95.20 0.00 कोलकाता 99.82 99.82 0.00 मुंबई 97.83 97.83 0.00 चेन्नई 99.71 99.55 +0.16 बेंगलुरु 98.39 99.56 -1.17 भोपाल 99.48 99.64 -0.16 हैदराबाद 103.82 103.82 0.00 ये भी पढ़ें: रांची से पटना तक पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें आपके शहर का भाव The post 10 जुलाई को बदले आपके शहर के पेट्रोल-डीजल के रेट या नहीं? यहां देखें पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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ओरांव जनजातीय परंपरा पर फैसला, सुप्रीम कोर्ट ने कहा – भतीजी के पति को ‘घर-दामाद’ के तौर पर नहीं अपना सकते

Supreme Court Oraon Tribal Inheritance : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ओरांव आदिवासी समुदाय में विरासत से जुड़ी पारंपरिक प्रथाओं के मामले में एक अहम फैसले में कहा कि मान्यता प्राप्त पारंपरिक कानून के तहत कोई चाचा-ससुर अपनी भतीजी के पति को ‘घर-दामाद’ (घर में रहने वाला दामाद) के तौर पर शामिल नहीं कर सकता. जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि प्रचलित पारंपरिक कानून में ऐसी कोई बात साबित नहीं हुई है कि कोई चाचा-ससुर अपनी भतीजी के पति को अपना घर-दामाद बना सके. पैतृक संपत्ति पर शुरू हुआ विवाद  बेंच ने ट्रायल कोर्ट, पहली अपीलीय अदालत और झारखंड हाइकोर्ट के उन फैसलों को रद्द कर दिया, जिनमें चाचा-ससुर द्वारा घर-दामाद रखने की व्यवस्था को सही ठहराया गया था. यह विवाद सुखू ओरांव की पुश्तैनी संपत्ति को लेकर शुरू हुआ, जिनके तीन बेटे हैं – घुंगरू, लेदुरा और भौला. लेदुरा की मौत बिना किसी संतान के हो गयी, जबकि भौला की मौत के समय उनकी एक बेटी बुधैन है. वादी बेजला ओरांव (धुंगरू का बेटा) ने दावा किया कि सबसे करीबी पुरुष रिश्तेदार होने के नाते, लेदुरा और भौला की मौत के बाद संपत्ति उसे विरासत में मिली. वहीं, प्रतिवादियों का तर्क था कि बुधैन के पति पुनाई को लेदुरा ने घर-दामाद के तौर पर रखा था. सुप्रीम कोर्ट का फैसला  अपीलकर्ता-वादी के तर्क में दम पाते हुए जस्टिस करोल के फैसले में कहा गया कि प्रतिवादी यह साबित करने में विफल रहे कि कथित “घर-दामाद” व्यवस्था लागू रीति-रिवाज की शर्तों को पूरा करती थी. ट्रायल कोर्ट के फैसले  ट्रायल कोर्ट ने घर-दामाद वाली व्यवस्था की वैधता के बारे में प्रतिवादियों की दलील को मानते हुए मुकदमा खारिज कर दिया. पहली अपीलीय अदालत ने इस फैसले को बरकरार रखा, जबकि झारखंड हाइकोर्ट ने दूसरी अपील भी खारिज की. हालांकि उसने कानून का एक अहम सवाल तय किया था कि क्या ओरांव पारंपरिक कानून के तहत चाचा-ससुर को घर-दामाद रखने का अधिकार है. इसके बाद वादी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. वादी ने दिया तर्क  सुप्रीम कोर्ट के सामने वादी ने तर्क दिया कि निचली अदालतों ने गलत फैसला सुनाया है, क्योंकि रिकॉर्ड में ऐसी कोई पारंपरिक प्रथा नहीं है, जो चाचा-ससुर द्वारा घर-दामाद रखने की व्यवस्था को मंजूरी देती हो. लेडुरा और भौला की मृत्यु के बाद संपत्ति का उत्तराधिकार पाने का हकदार केवल सबसे करीबी पुरुष रिश्तेदार यानी वे खुद ही हैं. ये भी पढ़ें: Supreme Court : संविधान पीठ के फैसले का दूरगामी असर ये भी पढ़ें: Palamu में अपराधियों का तांडव, ट्रांसपोर्टेशन और कंस्ट्रक्शन कंपनियों पर आफत The post ओरांव जनजातीय परंपरा पर फैसला, सुप्रीम कोर्ट ने कहा – भतीजी के पति को ‘घर-दामाद’ के तौर पर नहीं अपना सकते appeared first on Naya Vichar.

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क्या बच्चों के सामने पैरेंट्स का झगड़ना सही है? जानें इनका असर

Parenting Tips: घर का माहौल बच्चों की परवरिश में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है. शिशु सिर्फ बातें सुनकर ही नहीं, बल्कि अपने माता-पिता के व्यवहार को देखकर भी बहुत कुछ सीखते हैं. ऐसे में अगर घर में अक्सर लड़ाई-झगड़े होते हैं और शिशु उन्हें देखते या सुनते हैं, तो इसका असर उनके मानसिक और भावनात्मक विकास पर पड़ सकता है. हर पति-पत्नी के बीच कभी न कभी मतभेद होना सामान्य बात है, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि उन मतभेदों को बच्चों के सामने कैसे संभाला जाए.  बच्चों पर पड़ सकता है इमोशनल इम्पैक्ट  जब शिशु अपने माता-पिता को ऊंची आवाज में बहस करते या लड़ते हुए देखते हैं, तो वे डर, इनसिक्योरिटी और स्ट्रेस महसूस कर सकते हैं. छोटे बच्चों को कई बार यह समझ नहीं आता कि आखिर क्या हो रहा है, इसलिए वे खुद को ही इस झगड़े की वजह मानने लगते हैं. इससे उनका सेल्फ कॉन्फिडेंस भी लो हो सकता है.  व्यवहार में आ सकते हैं बदलाव घर का तनाव बच्चों के व्यवहार में भी नजर आने लगता है. कुछ शिशु पहले से ज्यादा चुप हो जाते हैं, जबकि कुछ जिद्दी व्यवहार करने लगते हैं. पढ़ाई में मन न लगना, दोस्तों से दूरी बनाना या छोटी-छोटी बातों पर रोना भी ऐसे माहौल का असर हो सकता है.  रिश्तों को लेकर बदल सकती है सोच शिशु अपने माता-पिता को देखकर ही रिश्तों को समझना शुरू करते हैं. अगर वे हमेशा झगड़े और स्ट्रेस का माहौल देखते हैं, तो उनके मन में यह धारणा बन सकती है कि हर रिश्ते में इसी तरह बात होती है. आगे चलकर यह उनकी दोस्ती, पारिवारिक रिश्तों और वैवाहिक जीवन को भी प्रभावित कर सकता है.  क्या बच्चों के सामने कभी बहस नहीं करनी चाहिए? झगड़ा होना किसी भी रिश्ते का सामान्य हिस्सा है. जरूरी यह नहीं कि कभी बहस न हो, बल्कि यह है कि बहस का तरीका कैसा हो. अगर माता-पिता शांत रहकर अपनी बात रखें, एक-दूसरे का सम्मान करें और बाद में मिलकर समस्या का समाधान निकालें, तो शिशु यह सीखते हैं कि मतभेद भी समझदारी (Parenting Tips) से सुलझाए जा सकते हैं.  अगर झगड़ा हो जाए तो क्या करें? अगर किसी वजह से बच्चों के सामने बहस हो गई है, तो बाद में उनसे सामान्य तरीके से बात करें. उन्हें यह भरोसा दें कि वे सेफ हैं और यह झगड़ा उनकी वजह से नहीं हुआ. साथ ही, बच्चों के सामने एक-दूसरे से सामान्य व्यवहार करें ताकि उनके मन में डर की भावना न रहे.  यह भी पढ़ें: पढ़ाई में सबसे आगे रहेगा आपका बच्चा, बस अपनाएं ये 6 आसान आदतें The post क्या बच्चों के सामने पैरेंट्स का झगड़ना सही है? जानें इनका असर appeared first on Naya Vichar.

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