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July 17, 2026

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Samay Raina Mystery Girl: समय रैना के साथ दिखी ‘मिस्ट्री गर्ल’ कौन? खुद कॉमेडियन ने खोला राज

समय रैना ने अपने इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर करके सबको बताया कि वायरल तस्वीरों में दिख रही स्त्री कोई और नहीं बल्कि चांदनी आनंद घई हैं. चांदनी, समय के बेस्ट फ्रेंड बलराज सिंह घई की पत्नी हैं. बलराज मुंबई के मशहूर कॉमेडी क्लब ‘द हैबिटेट’ के फाउंडर और होटल कारोबारी हैं. समय रैना और चांदनी की अच्छी दोस्ती है, इसलिए दोनों अक्सर साथ नजर आते हैं. यानी वायरल तस्वीरों का डेटिंग रूमर्स से कोई लेना-देना नहीं था. Samay Raina-Medha Shankr Dating Rumours: मेधा शंकर के साथ डेटिंग की अफवाहें क्यों उड़ रही हैं? समय रैना का नाम पिछले काफी समय से ’12वीं फेल’ फेम मेधा शंकर के साथ जोड़ा जा रहा है. दोनों को कई बार एक साथ स्पॉट किया गया है. हाल ही में वे मुंबई में फिल्म ‘आनंदम’ के प्रीमियर पर भी साथ नजर आए थे. इसके अलावा, सोशल मीडिया पर दोनों की मजेदार बातचीत और एक-दूसरे की पोस्ट पर किए गए कमेंट्स भी खूब वायरल हुए. इतना ही नहीं, समय रैना एक इंटरव्यू में यह भी कह चुके हैं कि उन्हें मेधा शंकर पर क्रश था. हालांकि, अब तक समय और मेधा दोनों ने अपने रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, इसलिए डेटिंग की समाचारों की पुष्टि नहीं हुई है. Samay Raina Supreme Court Case: सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना पर क्यों लगाया 3 लाख का जुर्माना? काम की बात करें तो समय रैना एक कानूनी मुश्किल में फंस गए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने उन पर 3 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है. यह मामला उनके शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ से जुड़ा है. कोर्ट का कहना है कि समय ने दिव्यांग लोगों की मदद करने और उन्हें अपने शो में बुलाने का जो वादा किया था, उसे पूरा नहीं किया. कोर्ट ने इसे आदेश की अनदेखी माना और समय को दो हफ्ते के अंदर यह पैसे जमा करने को कहा है. अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो यह जुर्माना बढ़कर 30 लाख रुपये भी हो सकता है. India’s Got Latent Season 2: कहां देखें इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2? इन सब विवादों के बीच समय रैना का सुपरहिट शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2’ धमाकेदार तरीके से चल रहा है. इस शो के नए एपिसोड हर दूसरे शुक्रवार (Alternate Friday) को शाम 7 बजे आते हैं. मजेदार बात यह है कि फैंस इस शो को यूट्यूब के साथ-साथ नेटफ्लिक्स पर भी एक साथ देख सकते हैं. यह भी पढ़ें: मिस्ट्री गर्ल संग स्पॉट हुए समय रैना, हाथों में हाथ डाले आए नजर, वायरल VIDEO ने बढ़ाईं डेटिंग की चर्चा यह भी पढ़ें: ‘यूथ आइकन कैसे?’ समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद में लगा लाखों का जुर्माना The post Samay Raina Mystery Girl: समय रैना के साथ दिखी ‘मिस्ट्री गर्ल’ कौन? खुद कॉमेडियन ने खोला राज appeared first on Naya Vichar.

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19 दिन से अनशन पर Sonam Wangchuk… लेकिन क्या आपको 16 साल तक भूखी रहने वाली उस महिला की याद है?

जोहार. आज 17 जुलाई है. देश की निगाहें इन दिनों लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता Sonam Wangchuk पर टिकी हैं. वे लगातार कई दिनों से अनशन पर हैं. उनका संघर्ष केवल लद्दाख का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और जनभागीदारी का प्रतीक बन चुका है. लेकिन सोनम वांगचुक की यह तपस्या एक ऐसे चेहरे की याद भी दिलाती है, जिसने सिर्फ 19 दिन नहीं, पूरे 16 साल तक अन्न का एक दाना नहीं खाया. उस स्त्री का नाम था- Irom Chanu Sharmila एक अनसुनी कहानी, जिसे चुनावी लोकतंत्र भूल गया आज भी उनका नाम सुनते ही सवाल उठता है- क्या लोकतंत्र में सबसे बड़ा त्याग करने वाला व्यक्ति हमेशा सबसे बड़ा जननेता भी बन पाता है? जब एक गोलीकांड ने बदल दी पूरी जिंदगी 2 नवंबर 2000. मणिपुर के मालोम कस्बे में गोली चली. दस निर्दोष नागरिक मारे गए. इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया. इरोम शर्मिला भी इस घटना से अंदर तक टूट गईं. उन्होंने तय किया कि जब तक सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम (AFSPA) नहीं हटेगा, तब तक वे खाना नहीं खाएंगी. सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम, 1958 (AFSPA) हिंदुस्तान की संसद का एक कानून है, जो हिंदुस्तानीय सशस्त्र बलों को ‘अशांत क्षेत्रों’ में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष अधिकार देता है. यह कोई भावनात्मक फैसला नहीं था. यह एक ऐसा संकल्प था, जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी. एक ऐसी कैद, जहां जेल भी थी और अस्पताल भी अनशन शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. उन पर आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया. फिर शुरू हुआ एक ऐसा सिलसिला, जो पूरे 16 वर्षों तक चलता रहा. हर साल उन्हें रिहा किया जाता और कुछ ही दिनों में दोबारा गिरफ्तार कर लिया जाता. उनका कमरा अस्पताल भी था और जेल भी. वे अपने मुंह से कभी खाना नहीं खाती थीं. डॉक्टर उनकी नाक में डाली गई एक पतली नली के जरिए उन्हें जीवित रखते थे. कल्पना कीजिए… एक दिन नहीं… एक महीना नहीं… एक साल नहीं… पूरे 16 साल तक किसी इंसान ने अपनी इच्छा से एक निवाला तक नहीं खाया. सिर्फ भूख ही नहीं, अकेलापन भी उनका साथी था इरोम शर्मिला ने केवल भोजन नहीं छोड़ा था. उन्होंने त्योहार छोड़े… परिवार छोड़ा… दोस्त छोड़े… सामान्य जीवन छोड़ दिया. सबसे मार्मिक बात यह थी कि उनकी मां भी उनसे मिलने नहीं आती थीं. कारण यह था कि कहीं माँ को देखकर बेटी का संकल्प कमजोर न पड़ जाए. सोचिए, एक मां अपनी बेटी से मिलने की इच्छा को 16 वर्षों तक दबाए रखे- यह त्याग केवल इरोम का नहीं, पूरे परिवार का था. दुनिया ने सलाम किया, लेकिन घर ने साथ नहीं दिया दुनिया भर के मानवाधिकार संगठनों ने इरोम शर्मिला को शांति और अहिंसा की मिसाल बताया. उन्हें ‘आयरन लेडी ऑफ मणिपुर’ कहा गया. उनकी तुलना महात्मा गांधी की अहिंसक लड़ाई से की गई. विदेशी विश्वविद्यालयों में उनके संघर्ष पर शोध हुए. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनका नाम सम्मान से लिया गया. लेकिन उनके अपने लोकतंत्र में कहानी कुछ और थी. 16 साल बाद लगा कि अब संसद से लड़ाई लड़ेंगे अगस्त 2016 में इरोम शर्मिला ने अपना अनशन समाप्त कर दिया. उन्होंने कहा-  ‘सिर्फ विरोध से कानून नहीं बदलेंगे. अब लोकतंत्र के भीतर जाकर बदलाव की कोशिश करनी होगी.’ उन्होंने नेतृत्वक दल बनाया और 2017 के मणिपुर विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया. देश को लगा कि जिस स्त्री ने 16 साल अपना जीवन दांव पर लगाया, जनता उसे सिर-आंखों पर बिठाएगी. लेकिन लोकतंत्र ने कुछ और ही फैसला लिखा था. क्यों हार गईं इरोम शर्मिला? इसका उत्तर केवल नेतृत्व में नहीं, समाज में भी छिपा है. लोग किसी आंदोलन का समर्थन कर सकते हैं, लेकिन चुनाव में वे विकास, जातीय समीकरण, स्थानीय नेतृत्व, पार्टी संगठन, संसाधन और जीतने की संभावना जैसे अनेक पहलुओं को भी देखते हैं. नैतिक सम्मान और चुनावी समर्थन- दोनों हमेशा एक जैसे नहीं होते. इरोम शर्मिला एक महान आंदोलन की प्रतीक थीं, लेकिन उनके पास वह नेतृत्वक संगठन नहीं था, जो चुनाव जिता सके. यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी विडंबना भी है. सोनम वांगचुक के लिए सबसे बड़ा सबक सोनम वांगचुक का आंदोलन अपने संदर्भ और उद्देश्य में अलग है. उनकी तुलना इरोम शर्मिला से करना उचित नहीं होगा. लेकिन इरोम शर्मिला की कहानी एक महत्वपूर्ण सीख जरूर देती है. अहिंसक आंदोलन समाज की अंतरात्मा को जगा सकते हैं. वे प्रशासनों को सोचने पर मजबूर कर सकते हैं. वे इतिहास बदल सकते हैं. लेकिन यह जरूरी नहीं कि वही आंदोलन चुनावी जीत में भी बदल जाए. आखिर में… लोकतंत्र केवल वोटों से नहीं चलता और न ही केवल आंदोलनों से. आंदोलन लोकतंत्र की आत्मा को जीवित रखते हैं, जबकि चुनाव उसकी प्रशासन तय करते हैं. इरोम शर्मिला चुनाव हार गईं, लेकिन उनका संघर्ष हार नहीं गया. आज जब सोनम वांगचुक अपने संकल्प पर डटे हैं, तब इरोम शर्मिला की कहानी हमें याद दिलाती है कि त्याग का मूल्य इतिहास अक्सर समझता है, लेकिन चुनाव हमेशा नहीं. शायद इसलिए कुछ लोग सत्ता नहीं जीतते, वे समय जीत लेते हैं. यह भी पढ़ें : Monsoon Session : क्या राहुल गांधी कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में जान फूकेंगे? दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर से खास इंटरव्यू यह भी पढ़ें : Prashant Kishor : दूसरों की प्रशासन बनाने वाले PK, बांकीपुर उपचुनाव में क्या साबित करना चाहते हैं? The post 19 दिन से अनशन पर Sonam Wangchuk… लेकिन क्या आपको 16 साल तक भूखी रहने वाली उस स्त्री की याद है? appeared first on Naya Vichar.

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जींद से बोले पीएम मोदी : भारत की हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया में सबसे अलग, जानें भाषण की 10 अहम बातें

PM Modi speech : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जींद-सोनीपत हाईड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत जींद की जनता का अभिवादन करते हुए की. उन्होंने कहा कि जींद उनके लिए सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि यादों से जुड़ी एक खास जगह है. उन्होंने बताया कि संगठन के कार्यकर्ता के रूप में जब वह पहली बार जींद आए थे, तब यहां के लोगों ने उन्हें जो स्नेह और सम्मान दिया, उसे वह आज तक नहीं भूले हैं. पीएम ने जींद की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत का भी उल्लेख किया और माता जयंतिया के आशीर्वाद का जिक्र किया. उन्होंने मुर्रा भैंस के दूध, घी, दही और जींद के प्रसिद्ध घेवर को भी याद करते हुए कहा कि यहां का स्वाद आज भी उनकी यादों में बसा हुआ है. हाइड्रोजन ट्रेन से इतिहास में दर्ज हुआ जींद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू होना केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान के लिए बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि जैसे आज भी लोग हिंदुस्तान की पहली ट्रेन को बॉम्बे और ठाणे के बीच चली ट्रेन के रूप में याद करते हैं, उसी तरह भविष्य में जब भी हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र होगा तो जींद, सोनीपत और हरियाणा का नाम भी गर्व के साथ लिया जाएगा. उन्होंने इस उपलब्धि के लिए राज्य प्रशासन, रेलवे और देशवासियों को बधाई दी तथा कहा कि यह हिंदुस्तान की आधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की अपील अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जींद की जनता से एक विशेष आग्रह भी किया. उन्होंने कहा कि वह यहां कुछ मांगने आए हैं और वह मांग है स्वच्छता का संकल्प. पीएम ने लोगों से अपील की कि यदि हर नागरिक यह तय कर ले कि वह गंदगी नहीं फैलाएगा, तो न केवल जींद बल्कि पूरा हरियाणा स्वच्छ बन सकता है. उन्होंने कहा कि स्वच्छता को केवल प्रशासनी अभियान नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की दैनिक आदत बनाना होगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि साफ-सफाई से स्वास्थ्य बेहतर होगा, पर्यटन बढ़ेगा और आने वाली पीढ़ियों को भी स्वच्छ वातावरण मिलेगा. ये भी पढ़ें : PHOTO: हिंदुस्तान की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को PM मोदी ने किया फ्लैग ऑफ, जींद-सोनीपत रूट से हुई शुरुआत हिंदुस्तान की हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया में सबसे अलग प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान की पहली हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सबसे लंबी हाइड्रोजन यात्री ट्रेन है. उन्होंने बताया कि इसकी क्षमता 3,200 हॉर्सपावर है, जबकि अन्य देशों में चल रही हाइड्रोजन ट्रेनें आमतौर पर केवल तीन या चार कोच की होती हैं. हिंदुस्तान ने पहली ही कोशिश में 10 कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेन तैयार कर दुनिया के सामने नई मिसाल पेश की है. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ का उदाहरण है, जिसे हिंदुस्तानीय इंजीनियरों और हिंदुस्तानीय कंपनियों ने विकसित किया है. इसके लिए जींद में विशेष हाइड्रोजन इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया गया है, जिससे भविष्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. रेलवे के आधुनिकीकरण का किया जिक्र प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी प्रशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने का काम भी करती है. उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान में रेलवे के बिजलीकरण की शुरुआत 1925 में हुई थी, लेकिन 2014 तक केवल करीब 30 प्रतिशत रेल नेटवर्क का ही विद्युतीकरण हो पाया था. उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में तेज गति से काम करते हुए अब देश का लगभग पूरा रेल नेटवर्क बिजली से जुड़ चुका है और हरियाणा में रेलवे का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है. उनके अनुसार, इससे ईंधन पर निर्भरता कम हुई है और ऊर्जा संकट के बावजूद रेलवे का संचालन प्रभावित नहीं हुआ. ये भी पढ़ें : देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन: खुद बनाएगी बिजली, किराया सिर्फ ₹5 से शुरू, जानें और क्या है खास स्पोर्ट्स और खिलाड़ियों के लिए बड़े लक्ष्य तय किए प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा की स्पोर्ट्स प्रतिभाओं की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने देश को कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र प्रशासन स्पोर्ट्स इंडस्ट्री और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर लगातार काम कर रही है तथा ‘स्पोर्ट्सो हिंदुस्तान नीति’ के माध्यम से खिलाड़ियों को आर्थिक और तकनीकी सहायता दी जा रही है. पीएम ने हरियाणा के खिलाड़ियों से 2032 और 2036 ओलंपिक को लक्ष्य बनाकर तैयारी करने की अपील की. उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य प्रशासन खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराएंगी ताकि हिंदुस्तान वैश्विक स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन कर सके. बिना खर्ची-पर्ची की नौकरियों का किया जिक्र प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में हरियाणा प्रशासन की भर्ती प्रक्रिया की सराहना की. उन्होंने कहा कि राज्य में बिना खर्ची-पर्ची के प्रशासनी नौकरियां देने की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे युवाओं का भरोसा मजबूत हुआ है. पीएम ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रणाली लागू करना आसान नहीं था, लेकिन प्रशासन ने इसे सफलतापूर्वक लागू किया. इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा के किसानों को इस योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मिली है. उन्होंने कहा कि पारदर्शी शासन, किसानों के कल्याण और विकास कार्यों के दम पर हरियाणा लगातार प्रगति की नई मिसाल कायम कर रहा है. हरियाणा को 14,700 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ हरियाणा को करीब 14,700 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी. इन परियोजनाओं में सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े कार्य शामिल हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र प्रशासन आधुनिक परिवहन, बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार सृजन पर लगातार निवेश कर रही है. हरियाणा कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री के चंडीगढ़ और पंजाब दौरे के दौरान भी लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास प्रस्तावित है. ये भी पढ़ें : मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: जलमार्गों पर हिंदुस्तानीय नाविकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी विकास और आत्मनिर्भर हिंदुस्तान पर दिया जोर अपने पूरे संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर हिंदुस्तान, आधुनिक तकनीक और

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710 अंक, AIR 4… बिहार के आयुष ने बताया NEET क्रैक करने का फॉर्मूला

Success Story: (अनुराग प्रधान, पटना) बिहार के नवादा जिले के वारिसलीगंज निवासी आयुष भालोटिया ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने 710 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4 प्राप्त की है. आयुष पिछले दो वर्षों से एलन करियर इंस्टीट्यूट के रेगुलर क्लासरूम छात्र रहे हैं. उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे वारिसलीगंज में खुशी का माहौल है. बचपन से था डॉक्टर बनने का सपना आयुष बताते हैं कि उनका सपना बचपन से डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना था. इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर उन्होंने लगातार मेहनत की. उनका कहना है कि एलन में मिली नियमित पढ़ाई, सही मार्गदर्शन और टेस्ट सिस्टम ने उनके सपने को साकार करने में बड़ी भूमिका निभाई. ‘डेली रिवीजन और मॉक टेस्ट ही मेरी सफलता की चाबी’ नया विचार से बातचीत में अपनी सफलता का राज बताते हुए आयुष ने कहा कि नियमित रिवीजन, मॉक टेस्ट और हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण करना मेरी सफलता की सबसे बड़ी वजह रहा. गलतियों को सुधारते रहना ही बेहतर प्रदर्शन की कुंजी है. उन्होंने कहा कि सिर्फ पढ़ाई करना ही काफी नहीं होता, बल्कि यह समझना भी जरूरी है कि कहां गलती हो रही है और उसे कैसे सुधारा जाए. रोज 7 से 8 घंटे की सेल्फ स्टडी क्लासरूम पढ़ाई के अलावा आयुष रोजाना 7 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे. पढ़ाई के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए वे शतरंज (Chess) स्पोर्ट्सते थे. उनका मानना है कि थोड़े समय का मनोरंजन पढ़ाई में फिर से ऊर्जा भर देता है. भाई की गाइडेंस ने भी निभाई अहम भूमिका आयुष अपनी सफलता का श्रेय अपने बड़े भाई अर्पित भालोटिया को भी देते हैं. अर्पित आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और फिलहाल अमेरिका में पीएचडी कर रहे हैं. आयुष के अनुसार, तैयारी के दौरान भाई की सलाह और मार्गदर्शन ने उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ने में काफी मदद की. परिवार बना सबसे बड़ी ताकत आयुष के पिता सुनील कुमार भालोटिया सीमेंट और स्टील के व्यवसायी हैं. उन्होंने बेटे की पढ़ाई के लिए हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई. वहीं, उनकी मां किरण देवी ने हर मुश्किल समय में उनका हौसला बढ़ाया. आयुष कहते हैं कि यह सफलता सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे परिवार और शिक्षकों की भी है. मेंटल प्रेशर आया, लेकिन हार नहीं मानी NEET जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के दौरान कई बार मानसिक दबाव भी महसूस हुआ. आयुष बताते हैं कि ऐसे समय में परिवार और एलन की फैकल्टी ने उनका मनोबल बढ़ाया. इसी वजह से वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी तैयारी जारी रख सके. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें 10वीं और 12वीं में भी रहे टॉपर आयुष शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं. 10वीं: 96.2% 12वीं: 93.8% अब उन्होंने NEET में देशभर में चौथा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का एक और प्रमाण दिया है. NEET की तैयारी करने वाले छात्रों को दी खास सलाह आयुष का कहना है कि NEET की तैयारी करने वाले छात्रों को सबसे पहले NCERT पर मजबूत पकड़ बनानी चाहिए. उनके अनुसार, नियमित रिवीजन, मॉक टेस्ट को गंभीरता से देना और अपनी गलतियों से सीखना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि धैर्य, अनुशासन और लगातार मेहनत ही किसी भी बड़े एग्जाम में सफलता की असली ‘Key of Success’ है. Also Read: बिहार पंचायत चुनाव 2026: समय पर ही होंगे चुनाव, परिसीमन की वजह से टलने की समाचारों पर मंत्री दीपक प्रकाश ने क्या कहा The post 710 अंक, AIR 4… बिहार के आयुष ने बताया NEET क्रैक करने का फॉर्मूला appeared first on Naya Vichar.

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गिरिडीह के हरलाडीह से मिसिर बेसरा का सहयोगी 25 लाख ईनामी नक्सली अजय महतो गिरफ्तार, 100 से अधिक मामले दर्ज

Giridih Naxal Arrest: गिरिडीह पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में दशकों की सबसे बड़ी सफलता हाथ लगी है. लाल आतंक का चेहरा माने जाने वाले कुख्यात नक्सली और मिसिर बेसरा का सहयोगी अजय महतो उर्फ टाइगर उर्फ बासुदेव को बीती रात हरलाडीह से गिरफ्तार कर लिया गया. अजय महतो गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव का रहने वाला है. झारखंड प्रशासन ने उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. करमू मांझी के घर से की गई गिरफ्तारी एसपी डॉ बिमल कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर हरलाडीह में करमू मांझी के घर पर छापेमारी की. इसी दौरान पुलिस ने घर में छिपे बैठे टाइगर को दबोच लिया. छापेमारी के दौरान इसके साथ मौजूद 2 अन्य नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया गया है. तीनों से पुलिस की विशेष टीम पूछताछ कर रही है. पारसनाथ का जोनल कमांडर, 100 से अधिक मामले दर्ज अजय महतो उर्फ टाइगर भाकपा माओवादी का स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य और पारसनाथ इलाके का जोनल कमांडर रहा है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इसके ऊपर हत्या, लूट, लेवी वसूली, पुलिस पार्टी पर हमला, ईआईडी ब्लास्ट और प्रशासनी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के 100 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं. टाइगर ने गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के सीमावर्ती इलाकों में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है. पुलिस पर घात लगाकर हमला, रोड निर्माण में लगे वाहनों को फूंकना और ठेकेदारों से रंगदारी मांगना इसकी पहचान बन गई थी. झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल और ओडिशा की पुलिस भी लंबे समय से इसकी तलाश कर रही थी. इसे भी पढ़ें: 3000 जवानों को चकमा देकर कोल्हान के जंगलों में फरार हुआ नक्सली मिसिर बेसरा देशद्रोह का मुकदमा चलाने की तैयारी गिरिडीह उपायुक्त पहले ही अजय महतो समेत 12 नक्सलियों के खिलाफ देशद्रोह और यूएपीए एक्ट के तहत मुकदमा चलाने की अनुशंसा राज्य प्रशासन से कर चुके हैं. गृह विभाग से स्वीकृति भी मिल चुकी है. गिरफ्तारी के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि टाइगर की गिरफ्तारी से नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा है. पुलिस आने वाले दिनों में सघन अभियान चलाकर बचे हुए नक्सलियों को भी गिरफ्तार करेगी. इसे भी पढ़ें: रातभर झाड़ियों में छिपे रहे कोबरा जवान, सुबह घर के बाहर से ऐसे दबोचा गया नक्सली रविंद्र गंझू The post गिरिडीह के हरलाडीह से मिसिर बेसरा का सहयोगी 25 लाख ईनामी नक्सली अजय महतो गिरफ्तार, 100 से अधिक मामले दर्ज appeared first on Naya Vichar.

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मुजफ्फरपुर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट: प्रिंसिपल की जुबानी सुनिए कैसे हुआ हादसा और बेहोश हो गयीं स्कूली छात्राएं

Muzaffarpur Gas Pipeline Blast: मुशहरी थाना क्षेत्र में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया. नाला निर्माण के दौरान पीएनजी की पाइपलाइन फट गयी, जिससे गैस रिसाव होने लगा. गैस की चपेट में आने से पांच छात्राएं बेहोश हो गयीं. जिस स्कूल के सामने की गैस पाइप फटी, उसके प्रधानाध्यापक स्वामी सुधीर ने पूरी घटना बतायी है. आइए आपको प्रिंसिपल की जुबानी इस पूरी घटना को बताते हैं… प्रिंसिपल ने कहा, जब गैस पाइप फटा पूरा क्लाउडी हो गया था, गैस का अंधेरा हो गया। बहुत मात्रा में गैस था। उस समय शिशु को अगर छोड़ देते तो अभी मेरे पास पांच बच्चा जो क्रिटिकल कंडीशन में है, हो सकता था कि 20-21 बच्चा बेहोश हो जाता। अफरातफरी मच जाता। गैस की जब मात्रा हल्की कम हुई तब सारे बच्चों को मैंने रिलीज किया। इसी क्रम में साइकिल लेने तक में कुछ बच्चियां बेहोश हो गयीं. हादसे के दौरान जो आवाज हुआ, वो साउंड कोई सामान्य नहीं था। ऐसा लगा जैसे कहीं बम फट गया हो. अभी शिशु लोग ठीक हैं। ये घटना 11:40 से 11:45 के बीच का है. यह भी पढे़ं: मुजफ्फरपुर के रोहुआ में गैस पाइप लाइन फटी, 5 छात्राएं बेहोश, अस्पताल में भर्ती, स्कूल की छुट्टी मौके पर मौजूद लोगों ने क्या कहा? View on Instagram हादसे की जांच शुरू पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. यह पता लगाया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं और पाइपलाइन कैसे क्षतिग्रस्त हुई. प्रशासन ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. The post मुजफ्फरपुर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट: प्रिंसिपल की जुबानी सुनिए कैसे हुआ हादसा और बेहोश हो गयीं स्कूली छात्राएं appeared first on Naya Vichar.

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Mahindra Bolero Neo हुई महंगी, खरीदने से पहले जान लें किस वेरिएंट पर कितना बढ़ा दाम

महिंद्रा ने इस महीने से अपनी पॉपुलर SUV Mahindra Bolero Neo की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है. अब इस SUV का हर वेरिएंट पहले से महंगा हो गया है और कीमत में 30,500 रुपये तक का इजाफा किया गया है. यह बढ़ोतरी महिंद्रा की उस नई प्राइस रिविजन का हिस्सा है, जिसके तहत इससे पहले Thar और XUV 3XO की कीमतें भी बढ़ाई जा चुकी हैं. ऐसे में अगर आप Bolero Neo खरीदने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो आइए जान लेते हैं कि किस वेरिएंट की कीमत में कितनी बढ़ोतरी हुई है. Mahindra Bolero Neo: किस वेरिएंट की कीमत कितनी बढ़ी? कंपनी ने एंट्री-लेवल N4 Diesel Turbo की कीमत में 14,500 रुपये की बढ़ोतरी की है. वहीं N8 Diesel Turbo अब 19,000 रुपये महंगा हो गया है. इसके अलावा N10 (R) और N10 (O) Diesel Turbo वेरिएंट की कीमत में 29,500 रुपये का इजाफा हुआ है. सबसे बड़ा झटका टॉप मॉडल N11 Diesel Turbo खरीदने वालों को लगा है. इसकी कीमत में 30,500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो सभी डीजल टर्बो वेरिएंट्स में सबसे ज्यादा है. दिलचस्प बात यह है कि सबसे कम और सबसे ज्यादा कीमत बढ़ने वाले वेरिएंट के बीच 16,000 रुपये का अंतर है. ये भी पढ़ें: नई Toyota Hilux की पहली झलक आई सामने, टीजर में दिखा दमदार नया लुक Mahindra Bolero Neo: इंजन और पावर कीमत बढ़ने के बावजूद Mahindra ने Bolero Neo में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया है. यानी न तो इसके फीचर्स में कोई नया अपडेट मिला है और न ही इंजन में. इसमें पहले की तरह ही 1.5-लीटर, 3-सिलेंडर टर्बो-डीजल इंजन मिलता है, जो 100 bhp की पावर और 260 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स दिया गया है, जो पावर को रियर व्हील्स तक पहुंचाता है. Mahindra Bolero Neo: फीचर्स इसमें 7-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है. हालांकि, इसमें Apple CarPlay और Android Auto का सपोर्ट नहीं दिया गया है. SUV में रिवर्स पार्किंग कैमरा, क्रूज कंट्रोल, महिंद्रा का BlueSense कनेक्टिविटी ऐप और स्टीयरिंग पर ऑडियो कंट्रोल जैसे फीचर्स भी मौजूद हैं. छोटे-मोटे सामान रखने के लिए ड्राइवर सीट के नीचे अंडर-सीट स्टोरेज ट्रे भी दी गई है. वहीं, यह 4 मीटर से छोटी SUV 7-सीटर लेआउट के साथ आती है, जिसमें सबसे पीछे की दो सीटें साइड-फेसिंग जंप सीट्स के रूप में दी गई हैं. ये भी पढ़ें: Tata Motors ने फिर मारी बाजी! Mahindra को पीछे छोड़ बनी देश की नंबर-2 कार कंपनी, Punch और Nexon ने पलटा स्पोर्ट्स The post Mahindra Bolero Neo हुई महंगी, खरीदने से पहले जान लें किस वेरिएंट पर कितना बढ़ा दाम appeared first on Naya Vichar.

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FIFA World Cup 2026 Final: भारत में कहां और कैसे देखें लाइव मुकाबला? जानें पूरी डिटेल

FIFA World Cup 2026 Final Live Telecast: फीफा वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच अपने चरम पर है. खिताबी मुकाबले में स्पेन और अर्जेंटीना आमने-सामने होंगे. जानें कब और कहां देखें यह महामुकाबला. दोनों टीमों के पास स्टार खिलाड़ियों से सजी मजबूत स्क्वॉड है, ऐसे में फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है. स्पेन की नजर दूसरी वर्ल्ड कप ट्रॉफी पर स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को हराकर फाइनल में जगह बनाई. यह 16 साल बाद उसका पहला वर्ल्ड कप फाइनल होगा. इससे पहले स्पेन ने 2010 में पहली बार विश्व कप खिताब जीता था. अब टीम दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम करने के लक्ष्य के साथ उतरेगी. स्पेन की सबसे बड़ी उम्मीद युवा स्टार लमिन यमाल पर होगी. टूर्नामेंट में अपने शानदार प्रदर्शन से उन्होंने दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों का ध्यान आकर्षित किया है. उनकी रफ्तार, रचनात्मकता और गोल करने की क्षमता फाइनल में स्पेन के लिए अहम साबित हो सकती है. इतिहास रचने से सिर्फ एक कदम दूर मेसी की अर्जेंटीना मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को मात देकर फाइनल में प्रवेश किया. टीम लगातार दूसरे वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंची है और अब उसकी नजर 1962 के बाद पहली बार किसी टीम द्वारा लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने के कारनामे को दोहराने पर है. अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी एक बार फिर टीम की अगुवाई करेंगे. पिछले वर्ल्ड कप में खिताबी जीत दिलाने वाले मेसी के अनुभव और नेतृत्व पर पूरी टीम की नजर होगी. क्या अर्जेंटीना रचेगा इतिहास? अगर अर्जेंटीना फाइनल में जीत हासिल करता है, तो वह वर्ल्ड कप इतिहास में लगातार दो बार खिताब जीतने वाली केवल दूसरी टीम बन जाएगी. इससे पहले यह उपलब्धि सिर्फ ब्राजील ने हासिल की थी, जिसने 1958 और 1962 में लगातार वर्ल्ड कप जीते थे. मैच विवरण: स्पेन बनाम अर्जेंटीना विवरण जानकारी फाइनल मैच स्पेन बनाम अर्जेंटीना तारीख (हिंदुस्तान में) 20 जुलाई 2026 समय (हिंदुस्तानीय समयानुसार) रात 12:30 बजे स्थान मेटलाइफ स्टेडियम (न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम), अमेरिका दर्शक क्षमता लगभग 80,500 हिंदुस्तान में कहां देख सकेंगे लाइव मुकाबला? हिंदुस्तान में फुटबॉल प्रशंसक वर्ल्ड कप 2026 फाइनल को टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे. लाइव स्ट्रीमिंग के लिए ZEE5 पर मुकाबला उपलब्ध होगा. जियो यूजर्स जिओ टीवी ऐप के जरिए डीडी स्पोर्ट्स फीड का आनंद ले सकेंगे. टेलीविजन पर मुकाबला DD Sports, Unite8 Sports और Unite8 Sports HD चैनलों पर प्रसारित किया जाएगा. अर्जेंटीना और स्पेन में से कौन मारेगा बाजी? स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाला यह मुकाबला सिर्फ एक खिताबी जंग नहीं बल्कि दो अलग-अलग फुटबॉल विरासतों की टक्कर होगी. अर्जेंटीना जहां अपने स्वर्णिम दौर को आगे बढ़ाना चाहेगा, वहीं स्पेन नई पीढ़ी के दम पर विश्व फुटबॉल में अपनी वापसी दर्ज कराना चाहेगा. अब पूरी दुनिया की नजर न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम पर होगी, जहां तय होगा कि 2026 का विश्व चैंपियन कौन बनेगा. इसे भी पढ़े- FIFA World Cup 2026 Final: अर्जेंटीना के राष्ट्रपति ने क्यों बनाई दूरी? जानिए कारण The post FIFA World Cup 2026 Final: हिंदुस्तान में कहां और कैसे देखें लाइव मुकाबला? जानें पूरी डिटेल appeared first on Naya Vichar.

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आईलाइनर बार-बार हो जाता है खराब ? ये आसान ट्रिक आएगी आपके काम

Easy Eye Makeup Tricks: आंखों का मेकअप चेहरे की खूबसूरती को और निखार देता है. लेकिन हर किसी के लिए आईलाइनर की सीधी लाइन बनाना या बिना फैलाए मस्कारा लगाना आसान नहीं होता है. कई बार आईलाइनर टेढ़ा हो जाता है, तो कभी मस्कारा पलकों की जगह त्वचा पर लग जाता है. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है. घर में मौजूद कुछ छोटी-छोटी चीजें आपके इस काम को बहुत आसान बना सकती हैं. आइए जानते हैं ऐसे आसान मेकअप हैक्स, जिनकी मदद से आप बिना किसी परेशानी के सुंदर आई मेकअप कर सकती हैं. कांटे वाली चम्मच से बनाएं परफेक्ट विंग्ड आईलाइनर अगर आपको विंग्ड आईलाइनर बनाना मुश्किल लगता है, तो कांटे वाली चम्मच आपकी मदद कर सकती है. सबसे पहले चेहरा और आंखों के आसपास की जगह साफ कर लें. अब एक साफ कांटे वाली चम्मच लें और उसे आंख के बाहरी हिस्से पर हल्का तिरछा रखें. इसके किनारे को गाइड की तरह इस्तेमाल करते हुए आईलाइनर लगाएं. इससे दोनों आंखों पर एक जैसी और साफ विंग बनाना आसान हो जाता है. मस्कारा लगाते समय कार्ड का करें इस्तेमाल मस्कारा लगाते समय कई बार यह पलकों से निकलकर आंखों के ऊपर लग जाता है, जिससे पूरा मेकअप खराब दिखने लगता है. इससे बचने के लिए एक मोटा कार्ड या साफ कागज लें. इसे ऊपरी पलकों के पीछे रखें और फिर आराम से मस्कारा लगाएं. अगर मस्कारा ज्यादा भी लगेगा, तो वह कार्ड पर लगेगा और आपकी त्वचा साफ रहेगी. चम्मच से करें आसान आई मेकअप अगर आपको आईशैडो या विंग्ड आईलाइनर सही आकार में लगाना मुश्किल लगता है, तो एक साधारण चम्मच आपके काम आ सकती है. चम्मच के हैंडल को आंख के बाहरी कोने के पास तिरछा रखें और उसके गोल हिस्से को पलकों के ऊपर टिकाएं. अब उसी किनारे को देखकर आईलाइनर या आईशैडो लगाएं. इससे दोनों आंखों का शेप एक जैसा दिखेगा और मेकअप भी ज्यादा साफ नजर आएगा. इन बातों का भी रखें ध्यान आई मेकअप करने से पहले हमेशा साफ ब्रश और साफ मेकअप प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें. किसी और का आई मेकअप सामान शेयर करने से बचें. मेकअप करने से पहले हाथ अच्छी तरह धो लें और अगर आंखों में जलन या किसी तरह की परेशानी हो, तो मेकअप करने से बचें. इससे आंखें सुरक्षित रहेंगी और मेकअप भी अच्छा लगेगा. यह भी पढ़ें: क्लासी लुक चाहिए तो अपनाएं Old Money Fashion, हर उम्र की स्त्रीओं पर लगेगा शानदार The post आईलाइनर बार-बार हो जाता है खराब ? ये आसान ट्रिक आएगी आपके काम appeared first on Naya Vichar.

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₹30000 डाउन पेमेंट पर Bajaj GoGo इलेक्ट्रिक सवारी ऑटो लाएं घर, जानें कितनी देनी पड़ेगी EMI

इंडियन ऑटोमोबाइल मार्केट में अब कई कंपनियां सवारी ऑटो को भी इलेक्ट्रिक सेगमेंट में लगातार लॉन्च कर रही हैं. इस सूची में मोस्ट पॉपुलर कंपनी बजाज का नाम भी शामिल है, जिसकी GoGo इलेक्ट्रिक ऑटो सड़कों पर चल रही है. यदि आप भी एक ऑटो चालक हैं और आपको डेली सवारी ढोने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ी चाहिए, तो Bajaj GoGo आपके लिए एक बढ़िया ऑप्शन बन सकती है. इस इलेक्ट्रिक ऑटो को सिर्फ 30 हजार डाउन पेमेंट देकर भी घर ला सकते हैं. चलिए इसका प्लान और मंथली EMI के बारे में हम जानकारी देते हैं. इसके अलावा इस गाड़ी की खासियत भी बताएंगे.  Bajaj GoGo की कीमत कितनी है? कोई भी गाड़ी लेने से पहले उसकी कीमत के बारे में अच्छी तरह से जान लेना जरूरी होता है, ताकि आप अपने हिसाब से बजट बना सकें. बजाज कंपनी की गोगो (Bajaj GoGo P7012) इलेक्ट्रिक ऑटो की स्टार्टिंग एक्स शोरूम प्राइस (दिल्ली) 3.83 रुपए है. वहीं, RTO और इंश्योरेंस के बाद इसकी कीमत बढ़ जाएगी. बतौर ऑटो चालक एक बार में इतना अमाउंट देना ईजी नहीं है. ऐसे में आप इसे डाउन पेमेंट देकर लोन के रूप में खरीद सकते हैं. पहली बार में 30 हजार फाइनेंस बैंक को देने के बाद आपको फिर तय ब्याज दर के हिसाब से EMI देनी होगी.  30 हजार डाउन पेमेंट के बाद कितनी EMI बनेगी? ट्रकदेखो के अनुसार, Bajaj GoGo P7012 12.1 kWh/Electric ऑटो की एक्स शोरूम कीमत (दिल्ली) 3,83,004 लाख रुपए है और आप 30,000 डाउन पेमेंट कर रहे हैं. उसके बाद बाकी बचे रकम 3,53,004 को लोन के रूप में लेना पड़ेगा. यदि फाइनेंशियल बैंक यह लोन 8 प्रतिशत ब्याज दर पर 60 महीने (5 साल) अवधि के लिए ऑफर करती है, तो आपको हरेक मंथ EMI 7,158 रुपए बनेगी. वहीं, 72 महीने के लिए लेते हैं, तो इएमआई घटकर 6,189 और 84 माह यानि 7 साल का प्लान लेने पर 5,502 रुपए देने होंगे. आप अपने बजट और कमाई के हिसाब से प्लान का चयन कर सकते हैं.  Bajaj GoGo की खासियत क्या है? बजाज गोगो के परफॉर्मेंस पर नजर डालें, तो इसका P7012 वेरिएंट 50 kmph टॉप स्पीड, 4 ड्राइव मोड (इको, पावर, पार्क और क्लाइंब असिस्ट) और सर्टिफाइड रेंज 250 किलोमीटर है. इसमें 12.1 kWh का बैटरी लगा है, जो 40 nm टॉर्क जेनरेट करता है. ऑन बोर्ड चार्ज सपोर्ट है और 4 घंटे 30 मिनट में फुल चार्ज करता है. सेफ्टी के तौर पर फ्रंट और रियर दोनों में ड्रम ब्रेक, रिजेनरेटिव ब्रेकिंग, रेडियल ट्यूबलेस टायर और LED लाइटिंग (फ्रंट एंड रियर) मिलेंगे.  Bajaj GoGo में क्या फीचर्स मिलेंगे? फीचर्स की बात करें, तो इसमें आपको प्रीमियम ड्यूअल टोन अपहोल्स्ट्री सीट, डिजिटल डिस्प्ले LCD क्लस्टर, ग्लब बॉक्स, केबिन लाइट, यूएसबी टायप ए मोबाईल चार्जर, एडवांस PSM मोटर और 2-स्पीड AMT बेहतर ड्राइविंग एक्सपिरियंस के लिए दिया गया है. पढ़ें: Electric Scooter खरीदने जा रहे हैं? पहले जानिए कौन-सी बैटरी है सबसे भरोसेमंद, वरना बाद में होगा बड़ा नुकसान The post ₹30000 डाउन पेमेंट पर Bajaj GoGo इलेक्ट्रिक सवारी ऑटो लाएं घर, जानें कितनी देनी पड़ेगी EMI appeared first on Naya Vichar.

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