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July 22, 2026

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Bajaj Chetak vs TVS iQube: दोनों में से किसे खरीदने पर कम EMI देनी होगी? देखें कंपैरिजन

बीते कुछ सालों में इंडियन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में बिक्री के मामलों में जबरदस्त उछाल देखने को मिली है. हाल ही में पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी, कॉस्ट ऑफ ऑनरशिप और E20 पेट्रोल के प्रभाव को लेकर आशाकाओं के कारण ज्यादा-से-ज्यादा ग्राहक ईवी की तरफ बढ़ रहे हैं. इसी में TVS iQube और Bajaj Chetak देश में काफी समय से सबसे अधिक सेल होने वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों की सूची में आते हैं. जहां टीवीएस आईक्यूब को डेली अप-डाउन के लिए डिजाइन किया गया सिंपल, व्यवहारिक और बिना किसी तामझाम वाला ई-स्कूटर है, वहीं बजाज चेतक रेट्रो-थीम लुक के लिए पॉपुलर है. यदि आपको दोनों मॉडल पसंद हैं और फाइनेंस पर किसी एक को लेना चाहते हैं, तो तुलना के लिए यह आर्टिकल देखें. Bajaj Chetak vs TVS iQube: EMI कितनी देनी पड़ेगी? यदि आपको दोनों इलेक्ट्रिक गाड़ियां पसंद है और इसे फाइनेंस पर लेने की सोच रहे हैं, तो उसकी सुविधा भी मार्केट में उपलब्ध है. बजाज चेतक और टीवीएस आईक्यूब की EMI तुलना करने के लिए हमने दोनों स्कूटरों के बेस और टॉप वेरिएंट को रखा है. इसके लिए ब्याज दर 9.5 पर्सेंट रखा है, जबकि लोन अमाउंट एक्स शोरूम का 100 प्रतिशत है. इसमें EMI की समय अवधि 24 महीने यानि 2 साल रखी है. मॉडल लोन राशि (एक्स-शोरूम कीमत का 100%) ब्याज दर लोन अवधि हर महीने की EMI बजाज चेतक C2501 ₹95,802 9.5% 24 महीने ₹4,399 बजाज चेतक C3501 ₹1,52,140 9.5% 24 महीने ₹6,985 TVS iQube 2.2 kWh ₹94,434 9.5% 24 महीने ₹4,322 TVS iQube ST 5.3 kWh ₹1,58,834 9.5% 24 महीने ₹7,293 कैलकुलेशन के अनुसार, बजाज चेतक की मंथली EMI वेरिएंट के आधार पर 4,399 रुपये और 6,985 रुपये होगी. वहीं, टीवीएस आईक्यूब की महीने की इएमआई वेरिएंट के आधार पर 4,332 रुपये और 7,293 रुपये होगी.  हालांकि, आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि महीने की EMI कई कारणों पर निर्भर करती है. लोन अमाउंट, ब्याज दर, डाउन पेमेंट और चुने गए अवधि के हिसाब से ही तय होती है. ये भी पढ़ें:Honda Activa रही सबसे आगे, iQube की भी रिकॉर्ड बिक्री, देखें जून 2026 के 10 बेस्ट-सेलिंग स्कूटर्स Bajaj Chetak vs TVS iQube: फीचर्स  आईक्यूब स्मार्टएक्सकनेक्ट जैसे फीचर मिलते हैं, जिसमें 5.2 इंच TFT टचस्क्रीन डिस्प्ले शामिल है, जो 118 से ज्यादा कनेक्टेड फीचर्स देता है. इसमे अलेक्सा इंटीग्रेशन का ऑप्शन भी मिलता है. इसके अलावा टर्न बाय टर्न नेविगेशन, रियल टाइम डिस्प्ले इमप्टी, लाइव ट्रैकिंग और क्रैश अलर्ट जैसे फीचर्स भी हैं. वहीं, बजाज चेतक में ब्लूटूथ कनेक्टिविटी वाली TFT और LCD डैश, टर्न बाय टर्न नेविगेशन, OTA अपडेट्स, हिल होल्ड असिस्ट, मल्टीपल राइड्स मोड, रिवर्स गियर और की-लेस ऑपरेशन जैसे फीचर्स मिलेंगे. Bajaj Chetak vs TVS iQube: रेंज  बजाज चेतक के बेस वेरिएंट (C25) में 2.5 kW का बैटरी मिलता है, जबकि टॉप (C35) में 3.5 kWh बैटरी लगी है. सबसे उच्च वेरिएंट की IDC क्लेम्ड रेंज 135 किलोमीटर बताई जाती है. वहीं, टीवीएस आईक्यूब कुल 5 वेरिएंट्स के साथ आता है. इसके टॉप वेरिएंट में 5.3 kW वाला बैटरी लगाया गया है, जो 212 किलोमीटर रेंज देने की क्षमता रखती है.  ये भी पढ़ें: Simple One इलेक्ट्रिक स्कूटर में क्या-क्या मिलता है? खरीदने से पहले जानें इसका हर एक फीचर The post Bajaj Chetak vs TVS iQube: दोनों में से किसे खरीदने पर कम EMI देनी होगी? देखें कंपैरिजन appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर, स्वास्थ्य

सदर अस्पताल समस्तीपुर में शुरू हुई आईसीयू सेवा

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर – मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा दिनांक 22 जुलाई 2026 को वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से गहन चिकित्सा इकाई(आईसीयू) का शुभारंभ सदर अस्पताल समस्तीपुर में किया गया। इस मौके पर सदर अस्पताल के कार्यक्रम स्थल में जिला पदाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा द्वारा उपस्थित होकर आईसीयू सेवा का शुभारंभ किया गया। उक्त आईसीयू व्यवस्था से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा, विशेष चिकित्सा, गहन निगरानी और 24 घंटे जीवन रक्षक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्तमान में 4 आईसीयू बेड और 4 वेंटीलेटर 4 कार्डियक मॉनिटर 04 इंन्फूज़न पंप 01 ई.सी.जी. मशीन . 01 सक्शन मशीन . O2 कंसन्ट्रेटर , थ्रोमोमीटर. बी. पी. मशीन .01 स्थेटोस्कोप 01 बाई पैप. शुगर मशीन, 01 सी पेप मशीन 02 एम्बु बैग इत्यादि की सुविधा सदर अस्पताल समस्तीपुर के आईसीयू में उपलब्ध है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में समस्तीपुर जिले के लिए यह मिल का पत्थर साबित होगा। जिसका उद्देश मरीजों की गंभीर स्थिति पर लगातार नज़र रखना और उन्हें जीवन का खतरा होने पर बचाने से है। इस मौके पर सिविल सर्जन समस्तीपुर, उपाधीक्षक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला लेखा प्रबंधक,जिला एपिडेमियोलॉजीस्ट, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक, जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी, जिला सलाहकार गुणवत्ता यकीन, अस्पताल प्रबंधक सहित सभी स्वास्थ्य कर्मी और मीडियाकर्मी उपस्थित हुए।

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CJP ने सरकार को बातचीत के लिए दिए 2 विकल्प: कहा- जंतर-मंतर आएं या न्यूट्रल जगह चुनें

CJP Protest: सौरव दास ने कहा, “हमने प्रशासन को दो ऑप्शन दिए हैं. या तो प्रशासन के प्रतिनिधि जंतर-मंतर आएं, या फिर जंतर-मंतर के ही पास किसी न्यूट्रल स्थान पर बैठकर बातचीत की जाए. उन्होंने आगे कहा-, हम घर या ऑफिस नहीं जाएंगे.” सुबह से संपर्क कर रही है पुलिस : सौरव दास प्रशासन की ओर से दिए जा रहे बयानों का खंडन करते हुए CJP प्रवक्ता ने बताया, अधिकारी लगातार उनके संपर्क में हैं. उन्होंने कहा, “प्रशासन जो दावा कर रहे हैं, वह सरासर गलत है. 20 तारीख को भी उन्होंने हमसे संपर्क किया था और आज सुबह से भी पुलिस लगातार हमारे पास आ रही है. ऐसे वीडियो भी मौजूद हैं जिनमें पुलिसकर्मी साफ तौर पर हमसे कह रहे हैं कि प्रशासन बातचीत करना चाहती है.” उन्होंने कहा, “हम बातचीत से पीछे नहीं हट रहे हैं, लेकिन प्रशासन को केवल औपचारिकता निभाने के बजाय प्रदर्शनकारियों की जायज मांगों को सुनने और उन्हें मानने के लिए तैयार होना होगा.” राहुल गांधी और सांसदों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा विपक्ष के समर्थन पर सौरव दास ने कहा- हम व्यक्तिगत रूप से राहुल गांधी के संपर्क में नहीं हैं, लेकिन हम उनके शांतिपूर्ण विरोध का स्वागत करते हैं. उन्होंने राहुल गांधी और अन्य सांसदों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा- शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है और जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार अनुचित है. 20 जून से जारी है सीजेपी का प्रदर्शन सीजेपी का प्रदर्शन 20 जून को शुरू हुआ था, जिसमें परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून को सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे. तब से वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल शिफ्ट किए जाने के बाद भी वह अपना अनशन जारी रखे हुए हैं. ये भी पढ़ें: CJP प्रदर्शन के दौरान शबाना आजमी की बिगड़ी तबीयत, चक्कर आने पर वॉलंटियर्स ने पहुंचाई मदद, वीडियो ये भी पढ़ें: C/JP की याचिका पर तत्काल सुनवाई से SC का इनकार, कहा- ‘वीडियो देखने का वक्त नहीं’ The post CJP ने प्रशासन को बातचीत के लिए दिए 2 विकल्प: कहा- जंतर-मंतर आएं या न्यूट्रल जगह चुनें appeared first on Naya Vichar.

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जंतर-मंतर पर सादे कपड़ों में पुलिस पर उठे सवाल, दिल्ली पुलिस ने जारी की नई गाइडलाइन

Jantar Mantar: जंतर-मंतर पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को अब वर्दी पहनकर ही ड्यूटी करनी होगी. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने निर्देश जारी किया है कि प्रदर्शन स्थल पर कोई भी पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में ड्यूटी नहीं करेगा. यह फैसला सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद लिया गया है. मंगलवार को सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें कुछ लोग सादे कपड़ों में प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाते नजर आए. इन वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर जोरदार प्रतिक्रियाएं आईं. CJP ने दिल्ली पुलिस से पूछे सवाल कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिल्ली पुलिस से सवाल किया कि सादे कपड़ों में लाठी लेकर प्रदर्शनकारियों पर हमला करने वाले लोग कौन थे. पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के लिए बाहरी लोगों का इस्तेमाल किया गया और मामले की जांच की मांग की. दिल्ली पुलिस ने दर्ज कीं 10 FIR इधर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों को लेकर दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में 10 एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं. पुलिस के अनुसार, पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में चार एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में तीन मामले दर्ज हुए हैं. इसके अलावा मंदिर मार्ग, बाराखंबा रोड और कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशनों में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने बताया कि सभी मामले प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने, कथित हिंसा और अन्य घटनाओं से जुड़े हैं. इन मामलों की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी. पुलिस का आरोप- प्रदर्शनकारियों ने किया नियमों का उल्लंघन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को नई दिल्ली इलाके में हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने आक्रामक और हिंसक व्यवहार किया. पुलिस के मुताबिक, बार-बार चेतावनी और निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद कुछ लोगों ने क्षेत्र खाली नहीं किया और नियमों का उल्लंघन किया. 250 से ज्यादा वीडियो की जांच कर रही है पुलिस इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कथित हिंसा, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ के मामले में पांच एफआईआर दर्ज की थीं. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि घटनाएं किसी पूर्व नियोजित योजना का हिस्सा थीं या नहीं. प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान के लिए 250 से अधिक वीडियो की जांच की जा रही है. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी है आंदोलन प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जून से आंदोलन जारी है. इसी क्रम में मंगलवार (21 जुलाई) को हजारों छात्र और युवा जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे थे. संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ की रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों के साथ उनकी झड़प हो गई. इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. इस कार्रवाई के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए. हाईकोर्ट ने प्रशासन और दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब दिल्ली हाई कोर्ट ने विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के आरोपों से जुड़ी जनहित याचिकाओं (PIL) पर केंद्र प्रशासन और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने निर्देश दिया कि घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज, बॉडी कैमरा फुटेज और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड तय SOP के अनुसार सुरक्षित रखे जाएं, ताकि जांच के दौरान उनका उपयोग किया जा सके. हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 सितंबर की तारीख तय की है। सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार वहीं, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया. प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ से याचिकाकर्ता के वकील ने पुलिस की कथित बर्बरता से जुड़े वीडियो का हवाला देते हुए जल्द सुनवाई की मांग की. इसपर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि कोर्ट के पास वीडियो देखने का समय नहीं है और याचिकाकर्ता से अदालत का समय बर्बाद नहीं करने को कहा. क्या है पूरा मामला? संसद के मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हजारों छात्र और युवा परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं के विरोध में संसद मार्च निकाल रहे थे. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय की जाए. मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद बल प्रयोग किया गया. Also Read:CJP की याचिका पर तत्काल सुनवाई से SC का इनकार, कहा- ‘वीडियो देखने का वक्त नहीं’ The post जंतर-मंतर पर सादे कपड़ों में पुलिस पर उठे सवाल, दिल्ली पुलिस ने जारी की नई गाइडलाइन appeared first on Naya Vichar.

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’16 साल बाद सच की जीत हुई’, IPL के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने भारत लौटने का किया ऐलान

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के संस्थापक और पूर्व चेयरमैन ललित मोदी को 2009 आईपीएल साउथ अफ्रीका विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) मामले में कानूनी राहत मिली है. SAFEMA अपीलीय ट्रिब्यूनल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकांश निष्कर्षों और उन पर लगाए गए दंड को खारिज कर दिया है. इस फैसले के बाद ललित मोदी ने कहा कि 16 साल से जिस बात को वह कहते आ रहे थे, आखिरकार वही सच साबित हुई. उन्होंने यह भी ऐलान किया कि वह इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में हिंदुस्तान लौटने की योजना बना रहे हैं. फैसले के बाद ललित मोदी ने क्या कहा? फैसले के बाद ललित मोदी ने कहा कि 16 साल तक मैंने लड़ाई लड़ी. मैं लगातार जो कहता रहा, वही आखिरकार सच साबित हुआ. मुझे हमेशा IPL और हिंदुस्तानीय क्रिकेट के हित की चिंता थी. अब वह अध्याय खत्म हो गया है और मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना चाहता हूं. उन्होंने आगे कहा कि वह इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में हिंदुस्तान लौटेंगे. मोदी ने बताया कि उनकी बेटी अक्टूबर में शिशु को जन्म देने वाली है और उसके बाद वह हिंदुस्तान आने की योजना बना रहे हैं. क्या था पूरा मामला? साल 2009 में लोकसभा चुनाव के कारण सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने से IPL के दूसरे सीजन को हिंदुस्तान से दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट करना पड़ा था. इसके बाद ED ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन का मामला दर्ज किया. आरोप था कि टूर्नामेंट के आयोजन के लिए दक्षिण अफ्रीका भेजी गई रकम के लिए RBI की आवश्यक मंजूरी नहीं ली गई थी. 2011 में नोटिस जारी हुए और 2018 में ED ने BCCI, ललित मोदी समेत कई अधिकारियों पर जुर्माना लगाया था. ट्रिब्यूनल ने क्या कहा? SAFEMA अपीलीय ट्रिब्यूनल ने ED के मुख्य तर्क को खारिज करते हुए कहा कि IPL 2009 से जुड़े विदेशी भुगतान करंट अकाउंट ट्रांजैक्शन थे, न कि कैपिटल अकाउंट ट्रांजैक्शन. इसलिए इन्हें ED ने जिस आधार पर चुनौती दी थी, वह टिकाऊ नहीं था. ट्रिब्यूनल ने यह भी माना कि ललित मोदी BCCI की FEMA अनुपालना (Compliance) के लिए जिम्मेदार नहीं थे और उनके खिलाफ लगाए गए प्रमुख दंड को रद्द कर दिया. हालांकि BCCI पर कुछ सीमित जुर्माना बरकरार रखा गया और कुछ मामलों में उसे कम किया गया. ये भी पढ़ें: IPL 2009 केस में ललित मोदी को राहत, ट्रिब्यूनल ने पलटा फैसला The post ’16 साल बाद सच की जीत हुई’, IPL के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने हिंदुस्तान लौटने का किया ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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सदन में अखिलेश यादव और के केसी वेणुगोपाल के बीच बहस: सपा प्रमुख ने पूछा, क्या सरकार-कांग्रेस में हो गया समझौता?

लोकसभा की कार्यवाही जब दोपहर 12 बजे शुरू हुई, तो विपक्षी सांसद जोरदार हंगामा कर रहे थे. अखिलेश यादव सहित सपा के दूसरे सांसद भी अपनी बात रखना चाह रहे थे, लेकिन अध्यक्ष ने कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल को बोलने का मौका दिया. उसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू बोलने लगे. इस पर अखिलेश यादव नाराज होकर अपने सांसदों के साथ बाहर जाने के लिए मुड़े. इस पर अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें टोका और कहा, “अखिलेश जी, आपने भी बोलने के लिए कहा था, बोलिए.” इस पर अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, “क्या बोलें? आपने (वेणुगोपाल और रिजीजू) को बोलने का मौका दिया.” समझौता कर लिया क्या आपने? : अखिलेश नाराज अखिलेश ने आगे कहा, “समझौता कर लिया आपने क्या?” इस पर केसी वेणुगोपाल ने पलटवार करते हुए कहा, “आप ऐसा कैसे कह सकते हैं?” अखिलेश ने आगे कहा, “इस्तीफे का क्या है, जब चाहेंगे ले लेंगे. सदन के बाहर ले लेंगे. यह मुद्दा समाजवादी पार्टी, कांग्रेस या बीजेपी का नहीं है. यह युवाओं और छात्रों का मुद्दा है. क्या आप बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे? आप सदन में युवाओं के लिए आवाज क्यों नहीं उठा सकते?” नीट पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सदन में भारी हंगामा नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा की बैठक दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और इस मुद्दे पर विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग भी की. उन्होंने कहा कि सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन कर रहे “छात्रों के खिलाफ जिस तरह प्रशासन की ओर से बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की गई, उससे पूरा देश दुखी है.” उन्होंने कहा, “हमारी मांग बहुत स्पष्ट है कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए. अगर आप स्वीकार करते हैं तो हमारे कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराएं.” प्रशासन नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार : रिजीजू विपक्ष की मांग पर रिजीजू ने कहा, “प्रशासन नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है. हमने पहले दिन से यह बात कही है। लेकिन चर्चा नियम के तहत होती है. चर्चा कब होनी है, कितनी लंबी होनी है और किस नियम के तहत होनी है, इसका निर्णय अध्यक्ष (बिरला) सभी दलों के नेताओं से बात करके लेंगे.” अखिलेश यादव ने कहा- पीएम मोदी को सदन में देना चाहिए जवाब समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सदन में बयान देना चाहिए. ये भी पढ़ें: स्त्री सांसदों से अमर्यादित व्यवहार करना पड़ा भारी: कल्याण बनर्जी पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित The post सदन में अखिलेश यादव और के केसी वेणुगोपाल के बीच बहस: सपा प्रमुख ने पूछा, क्या प्रशासन-कांग्रेस में हो गया समझौता? appeared first on Naya Vichar.

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महिला सांसदों से अमर्यादित व्यवहार करना पड़ा भारी: कल्याण बनर्जी पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित

Kalyan Banerjee Suspended: संसदीय कार्य एवं कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बुधवार को सदन में कल्याण बनर्जी के निलंबन का प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी. स्पीकर को मिली थी लिखित शिकायत कार्रवाई के समय सदन की अध्यक्षता कर रहे टीडीपी (TDP) सांसद केपी कृष्णा प्रसाद टेन्नेटी ने लोकसभा को सूचित किया कि अध्यक्ष (स्पीकर) को कल्याण बनर्जी के कथित व्यवहार और भाषा को लेकर एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी. कल्याण बनर्जी के खिलाफ क्या लगाया गया आरोप? कल्याण बनर्जी पर संसद के कामकाज के दौरान अनुचित व्यवहार करने, स्त्री विरोधी लहजे में एनसीपी (NCP) सदस्यों का अपमान करने और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के खिलाफ मौखिक रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप है. ‘आदतन अपराधी’ हैं बनर्जी: काकोली घोष दस्तीदार बारासात से सांसद और एनसीपी प्रतिनिधि काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर उन्हें संसद से निष्कासित करने की मांग की थी. दस्तीदार ने अपनी शिकायत में 28 मई, 2026 के एक पिछले मामले का भी हवाला दिया था. संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए काकोली घोष दस्तीदार ने कल्याण बनर्जी को आदतन अपराधी करार दिया. उन्होंने कहा: “जो व्यक्ति संसद जैसी पवित्र जगह पर बार-बार स्त्री सांसदों का अपमान करता है, अशिष्ट भाषा का प्रयोग करता है और धमकाता है, उसे किसी भी कीमत पर छूट नहीं मिलनी चाहिए. ऐसे आचरण के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होना बेहद जरूरी है.” ये भी पढ़ें: जंतर-मंतर पर पुलिस की कार्रवाई, बच्ची के सामने पिता को उठाया; पत्नी बोलीं- सर, बच्ची रो रही है The post स्त्री सांसदों से अमर्यादित व्यवहार करना पड़ा भारी: कल्याण बनर्जी पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित appeared first on Naya Vichar.

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Patna Student Protest: डाकबंगला चौराहे पर डटे छात्र, समझाने पहुंचे DM-SSP, भारी पुलिस बल के साथ CRPF और BSF तैनात

Patna Student Protest: पटना के डाकबंगला चौराहे पर माहौल नाजुक बना हुआ है. नीट पेपर लीक, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के बैनर तले निकाला गया लोकभवन मार्च उग्र रूप ले चुका है. प्रदर्शनकारी छात्र डाकबंगला चौराहे पर डटे हुए हैं और लगातार प्रशासन व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं. मौके की गंभीरता को देखते हुए पटना के डीएम और एसएसपी खुद मोर्चे पर मौजूद हैं. उनके साथ बिहार पुलिस, CRPF और BSF के जवान तैनात हैं. वरिष्ठ अधिकारी छात्रों को लगातार समझाने और आंदोलन खत्म करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन छात्र अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं और पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. गांधी मैदान से शुरू हुआ प्रदर्शन, पुलिस ने जेपी गोलंबर पर रोका इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत बुधवार को गांधी मैदान के गेट से हुई, जहां पटना विश्वविद्यालय समेत बिहार के विभिन्न कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राएं एकत्र हुए थे. छात्र लोकभवन की ओर मार्च निकालने के लिए जैसे ही आगे बढ़े, पुलिस ने गांधी मैदान और जेपी गोलंबर के पास मजबूत बैरिकेडिंग कर दी. प्रशासन ने छात्रों को आगे बढ़ने से मना करते हुए वापस लौटने के लिए कहा, लेकिन आक्रोशित छात्र बैरिकेड्स हटाकर जबरन आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे. वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज से भड़का प्रदर्शन जब छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे तो स्थिति बेकाबू हो गई और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई. हालात संभालने के लिए पुलिस ने सबसे पहले वाटर कैनन का प्रयोग किया. इसके बावजूद जब छात्र पीछे नहीं हटे, तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ने की कोशिश की. इस कार्रवाई के बाद छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया और वे आगे बढ़ते हुए डाकबंगला चौराहे पर जमा हो गए. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें छात्रों के गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग आइसा के पदाधिकारियों और प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त सजा और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार खत्म करने की मांग को लेकर पूरी तरह शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे. छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनकी जायज आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग किया. वहीं पुलिस प्रशासन का तर्क है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा घेरा टूटने से रोकने के लिए यह कदम उठाना पड़ा. फिलहाल डाकबंगला चौराहे पर गतिरोध जारी है और सुरक्षा बल अलर्ट मोड पर हैं. इसे भी पढ़ें: Patna Student Protest : पटना में पुलिस ने छात्रों पर किया लाठीचार्ज, प्रदर्शन में IG की एस्कॉर्ट गाड़ी पर हमला, शीशे तोड़े The post Patna Student Protest: डाकबंगला चौराहे पर डटे छात्र, समझाने पहुंचे DM-SSP, भारी पुलिस बल के साथ CRPF और BSF तैनात appeared first on Naya Vichar.

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पटना में सदाकत आश्रम के बाहर भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प, चले लाठी-डंडे, पुलिस ने संभाला मोर्चा

Patna News: NEET पेपर लीक मामले को लेकर नेतृत्वक घमासान के बीच राजधानी पटना स्थित सदाकत आश्रम (कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय) के बाहर बुधवार को बड़ा हंगामा हुआ. भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई. इस दौरान दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे और पत्थर चले, जिससे स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई. नुकसान और अफरा-तफरी अचानक हुए पथराव और लाठीचार्ज में दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ता घायल हो गए. घटना के बाद सदाकत आश्रम के बाहर सड़क पर लाठी-डंडे और पत्थर बिखरे दिखे, वहीं वहां खड़ी कई गाड़ियों के शीशे टूट गए. घटना के काफी देर बाद तक दोनों दलों के समर्थक मौके पर डटे रहे और एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते रहे. Also Read: NEET पेपर लीक : पटना में गाड़ियों पर चढ़कर प्रदर्शन करते रहे छात्र, नीचे पुलिस समझाने की कोशिश करती रही The post पटना में सदाकत आश्रम के बाहर भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प, चले लाठी-डंडे, पुलिस ने संभाला मोर्चा appeared first on Naya Vichar.

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घर की डाइनिंग टेबल कहीं गलत दिशा में तो नहीं? जानें सही जगह

Vastu Tips for Dining Table: घर का डाइनिंग एरिया सिर्फ खाने की जगह नहीं होता, बल्कि यह परिवार के साथ समय बिताने और रिश्तों को मजबूत करने का भी स्थान माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर डाइनिंग टेबल सही दिशा में रखी जाए तो घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है, परिवार के सदस्यों के बीच तालमेल बढ़ता है और सुख-समृद्धि का वास होता है. आइए जानते हैं कि डाइनिंग टेबल रखने की सही दिशा और उससे जुड़े कुछ आसान वास्तु नियम क्या हैं. Vastu Tips for Dining Table: डाइनिंग टेबल रखने की सही दिशा वास्तु शास्त्र के अनुसार, डाइनिंग टेबल के लिए पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा सबसे शुभ मानी जाती है. माना जाता है कि इस दिशा में भोजन करने से परिवार में प्रेम और आपसी समझ बढ़ती है. इसके अलावा पूर्व दिशा भी अच्छी मानी जाती है, क्योंकि इस ओर मुख करके भोजन करना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है. अगर आपके घर का लेआउट अलग है, तो कोशिश करें कि डाइनिंग एरिया रसोई के पास हो. इससे घर में सुविधा भी रहती है और वास्तु के अनुसार भी यह अच्छा माना जाता है. किस दिशा में बैठकर खाना खाना चाहिए? वास्तु के अनुसार भोजन करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना शुभ माना जाता है. पूर्व दिशा की ओर मुख करके खाने से एनर्जी और हेल्थ बेहतर रहने की मान्यता है. उत्तर दिशा की ओर मुख करके भोजन करने से सकारात्मक सोच और मानसिक शांति बनी रहती है. दक्षिण दिशा की ओर मुख करके नियमित भोजन करने से बचने की सलाह दी जाती है. डाइनिंग टेबल का आकार कैसा होना चाहिए? वास्तु के अनुसार आयताकार (Rectangular) या वर्गाकार (Square) डाइनिंग टेबल सबसे बेहतर मानी जाती है. ये आकार संतुलन और स्थिरता का प्रतीक माने जाते हैं. बहुत ज्यादा अनियमित आकार या नुकीले किनारों वाली टेबल से बचना बेहतर माना जाता है. अगर टेबल के किनारे गोल हों तो यह और भी अच्छा माना जाता है, क्योंकि इससे चोट लगने का खतरा भी कम रहता है. Vastu Tips for Dining Table: इन गलतियों से करें बचाव डाइनिंग टेबल को मुख्य दरवाजे के बिल्कुल सामने न रखें. बीम के ठीक नीचे डाइनिंग टेबल रखने से बचें. टूटी या हिलने वाली कुर्सियों का इस्तेमाल न करें. डाइनिंग टेबल पर बेकार का सामान जमा करके न रखें. भोजन करते समय टीवी या मोबाइल पर पूरा ध्यान लगाने की बजाय परिवार के साथ समय बिताने की कोशिश करें. यह भी पढ़ें: घर में एक से ज्यादा झाड़ू रखना शुभ है या नहीं? जानें सच The post घर की डाइनिंग टेबल कहीं गलत दिशा में तो नहीं? जानें सही जगह appeared first on Naya Vichar.

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