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July 25, 2026

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रात 11 बजे भी जश्न, फिर हाथों में झाड़ू, Gen-Z ने दिया जिम्मेदारी का संदेश

संवाददाता रांची जश्न के बीच-बीच में ‘वंदे मातरम्’ और ‘हिंदुस्तान माता की जय’ के नारे लगते रहे. फोटो, वीडियो और रील्स का दौर चलता रहा. युवाओं से पूछने पर उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद हमारी मांगों को माना गया है, ऐसे में यह उत्साह और उत्सव मना रहे हैं. टेंट खुला लेकिन जमे रहे लोग प्रोटेस्ट एरिया में भी देर रात तक जमावड़ा लगा रहा। जिस स्टेज से सीजेपी की टीम ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया था, वह टेंट खुल गया लेकिन युवाओं का जमावड़ा लगा रहा. कुछ युवा चर्चा करते नजर आए कि “आज शांति की नींद आएगी.” 200 से ज्यादा युवाओं ने घेरा बनाकर की साफ-सफाई जश्न के बीच जेन-जी (Gen-Z) की एक और तस्वीर सामने आई. करीब 200 से अधिक युवाओं ने समूह बनाकर पूरे प्रोटेस्ट एरिया और आसपास की सड़क पर सफाई अभियान चलाया. हाथों में झाड़ू और कचरे के बैग लेकर युवाओं ने सड़क पर फैला प्लास्टिक, बोतलें और अन्य कचरा उठाया. सफाई के दौरान भी नारेबाजी जारी रही और लोग एक-दूसरे को सफाई के लिए प्रेरित करते रहे. प्रदर्शन में शामिल लॉ की छात्रा आयशा और उनके साथी, फोटो नया विचार “इतने दिनों से आंदोलन चल रहा था. हजारों-लाखों लोग यहां आए, इसलिए गंदगी होना स्वाभाविक है. इसे साफ करना भी हमारी जिम्मेदारी है.” – प्रदर्शन में शामिल लॉ की छात्रा आयशा “हम सिर्फ अपने अधिकारों की बात नहीं करते, बल्कि अपनी जिम्मेदारियां भी निभाते हैं. इसलिए यहां जो भी कचरा था, उसे मिलकर साफ कर रहे हैं.” – शादिल The post रात 11 बजे भी जश्न, फिर हाथों में झाड़ू, Gen-Z ने दिया जिम्मेदारी का संदेश appeared first on Naya Vichar.

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पटना: दंगा फैलाने के आरोप में पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव गिरफ्तार, जानिए क्या है पूरा मामला

Tej Pratap Yadav Arrested : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े पुत्र और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उन्हें शहर में दंगा फैलाने के आरोप में पकड़ा गया है. इस संबंध में गांधी मैदान थाने में केस दर्ज किया गया है. इनके अलावा गांधी मैदान और कोतवाली थाने की पुलिस ने 208 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है. घटना को लेकर गांधी मैदान और कोतवाली थाने में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. पुलिस पर हमला और प्रशासनी कार्य में बाधा डालने का आरोप पुलिस के अनुसार, गांधी मैदान थाने में दर्ज प्राथमिकी में पुलिस पर हमला, पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त करने, प्रशासनी कार्य में बाधा पहुंचाने और थानाध्यक्ष को घायल करने सहित अन्य आरोप लगाए गए हैं. एक प्राथमिकी पुलिस के बयान पर तेजप्रताप यादव के खिलाफ दर्ज की गई है, जबकि दूसरी प्राथमिकी गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्रा के बयान पर दर्ज हुई है. पुलिस का दावा है कि घटना के दौरान थानाध्यक्ष के पैर में चोट लगी. सेंट्रल मॉल से पकड़े गये तेजप्रताप गांधी मैदान इलाके में हंगामा,पथराव और पुलिस वाहन को पलटने, पुलिस पर हमला होने की घटना हुई तो तेजप्रताप यादव को हिरासत में ले लिया गया था. हालांकि वे कुछ देर बाद ही थाना से निकल गये. इसके बाद पुलिस ने उनकी खोजबीन शुरू की तो वे फ्रेजर रोड स्थित सेंट्रल मॉल से पकड़े गये. इसके बाद पुलिस टीम ने उन्हें गुप्त जगह पर रखा है. एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि तेजप्रताप यादव को दंगा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. आगे की प्रक्रिया की जा रही है. 208 अन्य लोगों की गिरफ्तारी, आगे की कार्रवाई जारी पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि तेजप्रताप यादव को दंगा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि मामले में कुल 209 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और सभी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है. इसे भी पढ़ें: दानापुर में आपसी रंजिश में युवक की गोली मारकर हत्या, चचेरे भाइयों पर हत्या का आरोप The post पटना: दंगा फैलाने के आरोप में पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव गिरफ्तार, जानिए क्या है पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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इंटरनेट बंद, मेट्रो बंद…फिर भी नहीं टूटी छात्रों की डिजिटल चेन; जंतर-मंतर प्रदर्शन में Gen-Z का नया हथियार बना बिटचैट

नयी दिल्ली से संदीप सावर्ण की रिपोर्ट आंदोलन के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से आसपास के इलाके में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगायी, कई मेट्रो स्टेशनों का संचालन प्रभावित हुआ और अलग-अलग रास्तों पर बैरिकेडिंग कर भीड़ की आवाजाही सीमित करने की कोशिश की गयी, मकसद साफ था. बड़ी भीड़ के बीच संचार और समन्वय को मुश्किल बनाना. लेकिन जेन-जी ने इसका भी रास्ता खोज लिया. ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप ने छात्र आंदोलन को दी हवा इंटरनेट बंद होने के बावजूद प्रदर्शनकारियों के बीच बिटचैट नाम का ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप तेजी से चर्चा में आ गया. कई छात्र इसे डाउनलोड कर एक-दूसरे तक संदेश पहुंचाते रहे. आंदोलन के दौरान कई युवाओं के मोबाइल में यह ऐप खुला दिखाई दिया और इसकी मदद से बिना इंटरनेट के लोकेशन, जरूरी सूचना और समूहों के बीच संदेश साझा किये गये. क्या है बिट चैट की खासियत बिटचैट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे चलाने के लिए न इंटरनेट चाहिए, न मोबाइल नेटवर्क और न ही किसी अकाउंट या फोन नंबर की जरूरत होती है. यह ब्लूटुथ मेश टेक्नोलॉजी पर काम करता है. यानी एक मोबाइल दूसरे मोबाइल तक संदेश पहुंचाता है और वही फोन आगे तीसरे फोन तक संदेश भेज देता है. इस तरह हर स्मार्टफोन एक छोटे रिले स्टेशन की तरह काम करता है और संदेश भीड़ के बीच धीरे-धीरे आगे बढ़ता जाता है. ऐप में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन होने का दावा किया जाता है, जिससे संदेश सुरक्षित रहते हैं. “ऐसी तकनीकें नयी नहीं हैं, लेकिन बड़े जनसमूह में इनका उपयोग अब तेजी से बढ़ रहा है. इंटरनेट बंद होने, नेटवर्क फेल होने, प्राकृतिक आपदा, ट्रैकिंग और बड़े आयोजनों में इन्हें उपयोगी माना जाता है. यही कारण है कि जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान भी इस ऐप की चर्चा अचानक बढ़ गयी.” – तकनीकी विशेषज्ञ हरीश कुमार ऑफलाइन ऐप ने छोटी-छोटी टीमों के बीच संपर्क बनाए रखने में मदद की आंदोलन में शामिल छात्रों ने बताया कि इंटरनेट बंद होने के बाद व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म बेअसर हो गये थे. ऐसे में बिटचैट जैसे ऑफलाइन ऐप ने छोटी-छोटी टीमों के बीच संपर्क बनाए रखने में मदद की. हालांकि इसकी प्रभावी दूरी ब्लूटुथ की सीमा पर निर्भर करती है और यह तभी बेहतर काम करता है, जब आसपास पर्याप्त संख्या में ऐप का इस्तेमाल करने वाले लोग मौजूद हों. जंतर-मंतर में इसके इस्तेमाल की समाचारें सामने आने के बाद इस तकनीक को लेकर प्रशासनी एजेंसियों की भी दिलचस्पी बढ़ी. कुछ रिपोर्टों में दुरुपयोग की आशंकाओं के मद्देनजर इसके कुछ ऑनलाइन स्रोतों (रिपॉजिटरी) पर कार्रवाई की चर्चा भी सामने आयी. नई पीढ़ी के लिए संवाद का रास्ता बंद करना आसान नहीं : आयुषी सिंघल प्रदर्शन में शामिल आयुषी सिंघल ने कहा कि जंतर-मंतर का आंदोलन यह भी दिखाकर गया कि आज का युवा केवल सड़कों पर प्रदर्शन करना नहीं जानता, बल्कि तकनीक का इस्तेमाल कर परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना भी जानता है. इंटरनेट बंद हो सकता है, मोबाइल नेटवर्क ठप हो सकता है, लेकिन नई पीढ़ी के लिए संवाद का रास्ता बंद करना अब पहले जितना आसान नहीं रह गया है. यही इस आंदोलन की सबसे अलग और सबसे आधुनिक तस्वीर बनकर सामने आयी. ये भी पढ़ें: सुबह हो गई मामू…जंतर-मंतर पर गूंजा जीत का नारा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद युवाओं ने ऐसे मनाया जश्न The post इंटरनेट बंद, मेट्रो बंद…फिर भी नहीं टूटी छात्रों की डिजिटल चेन; जंतर-मंतर प्रदर्शन में Gen-Z का नया हथियार बना बिटचैट appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं प्रह्लाद जोशी? जिन्हें मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, जानिए उनका राजनीतिक सफर

NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और इसे लेकर देशभर में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उनके इस्तीफे के बाद केंद्र प्रशासन ने वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करते हुए प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी सौंपने की मंजूरी दी है. कौन हैं प्रह्लाद जोशी? प्रह्लाद जोशी हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता हैं और कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. केंद्र प्रशासन में वह पहले से ही उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (Minister of Consumer Affairs, Food and Public Distribution of India) का कार्यभार संभाल रहे हैं. इसके अलावा वह इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) के अध्यक्ष भी हैं. शिक्षा और नेतृत्वक सफर 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा जिले में जन्मे प्रह्लाद जोशी ने कला (Arts) विषय से शिक्षा प्राप्त की. कम उम्र में ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और बाद में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के जरिए सक्रिय नेतृत्व में आए. तीन दशक से अधिक लंबे सार्वजनिक जीवन और संसदीय अनुभव के कारण उन्हें भाजपा के अनुभवी नेताओं में गिना जाता है. चुनौतीपूर्ण समय में मिली नई जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को ऐसे समय शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जब NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. केंद्र प्रशासन परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए कई सुधारों पर काम कर रही है. ऐसे में शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभालना उनके लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है. धर्मेंद्र प्रधान ने क्यों दिया इस्तीफा? धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG 2026 पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. प्रधान के मुताबिक, उन्होंने यह फैसला इसलिए लिया ताकि “राष्ट्रविरोधी ताकतें” इस मुद्दे का फायदा उठाकर भ्रम न फैला सकें. ये भी पढ़ें: सुबह हो गई मामू…जंतर-मंतर पर गूंजा जीत का नारा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद युवाओं ने ऐसे मनाया जश्न The post कौन हैं प्रह्लाद जोशी? जिन्हें मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, जानिए उनका नेतृत्वक सफर appeared first on Naya Vichar.

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प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, राष्ट्रपति ने स्वीकार किया धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है. जोशी को उपभोक्ता मामलों के मंत्री के तौर पर अपनी जिम्मेदारी के अलावा शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है. प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने दिया निर्देश राष्ट्रपति भवन की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति ने प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है. इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री जोशी को उनकी अपनी जिम्मेदारियों के अलावा शिक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपा जाए. छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद प्रधान ने दिया इस्तीफा NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देश भर में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. अपने इस्तीफे के पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वे सदैव देश की प्रजातांत्रिक शक्ति और युवाओं की आकांक्षाओं का सम्मान करते आए हैं. पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से वे व्यथित थे. ये भी पढ़ें: सीजेपी प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा,कहा- राष्ट्रविरोधी ताकतों को रोकने के लिए उठाया ये कदम ये भी पढ़ें: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोनम वांगचुक बोले- यह लोकतंत्र की जीत, अब जवाबदेही से आगे सुधारों का समय ये भी पढ़ें: “कॉकरोच से पंगा न लें”: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी नहीं माने अभिजीत दीपके, अब रख दी ये शर्त ये भी पढ़ें: NEET पेपर लीक से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक: कब-कब, क्या-क्या हुआ? जानिए पूरी टाइमलाइन The post प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, राष्ट्रपति ने स्वीकार किया धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा appeared first on Naya Vichar.

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टीम इंडिया का धमाकेदार प्रदर्शन, जिम्बाब्वे को 90 रन से हराकर सीरीज पर किया कब्जा

हिंदुस्तान ने दूसरे टी20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 90 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है. इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज भी अपने नाम कर ली. हिंदुस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 219 रन बनाए. 220 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम हिंदुस्तानीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और निर्धारित 20 ओवर में 129 रन ही बना सकी. ईशान और तिलक ने स्पोर्ट्सी तूफानी पारियां टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए हिंदुस्तान की शुरुआत अच्छी नहीं रही. अभिषेक शर्मा सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि वैभव सूर्यवंशी 20 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला और तेजी से रन बटोरे. दोनों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हुई. श्रेयस अय्यर 25 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 81 रन की तूफानी पारी स्पोर्ट्सी. इसके बाद तिलक वर्मा ने नाबाद 60 रन बनाकर टीम इंडिया को 20 ओवर में 5 विकेट पर 219 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया. रिंकू सिंह ने 12 रन का योगदान दिया. जिम्बाब्वे की ओर से ब्लेसिंग मुजारबानी, रिचर्ड नगारावा, ब्रैड इवांस, न्यामुरी न्यामहुरी और ब्रायन बेनेट ने एक-एक विकेट लिया. हिंदुस्तानीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी जिम्बाब्वे 220 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही. बेन करन सिर्फ 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, जबकि डिओन मेयर्स भी 12 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद ब्रायन बेनेट ने 32 रन बनाकर कुछ संघर्ष किया, लेकिन वह भी बड़ी पारी नहीं स्पोर्ट्स सके. मध्यक्रम में रायन बर्ल ने 20 रन, तडिवनाशे मारुमानी ने 24 रन और ब्रैड इवांस ने 19 रन का योगदान दिया। इनके अलावा जिम्बाब्वे का कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका। पूरी टीम 20 ओवर में 129 रन पर सिमट गई और हिंदुस्तान ने मुकाबला 90 रन से अपने नाम कर लिया. अभिषेक ने चटकाए 3 विकेट हिंदुस्तानीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया. अभिषेक शर्मा सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 3 विकेट झटके. यश ठाकुर और प्रिंस यादव ने 2-2 विकेट लिए, जबकि रवि बिश्नोई, तिलक वर्मा और शिवम दुबे ने 1-1 विकेट अपने नाम किया. ये भी पढ़ें: T20I में हिंदुस्तान ने रचा इतिहास, एक साल में 9वीं बार बनाया 200+ स्कोर The post टीम इंडिया का धमाकेदार प्रदर्शन, जिम्बाब्वे को 90 रन से हराकर सीरीज पर किया कब्जा appeared first on Naya Vichar.

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भागी-भागी पद्मपुकुर पहुंचीं ममता बनर्जी, कहा- पुलिस ने मुझ पर हमला किया, जानें पूरा मामला

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में कोलकाता पुलिस के साथ हुई झड़प के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक स्त्री पुलिसकर्मी को कथित तौर पर धक्का देती नजर आयीं. वीडियो सामने आने के बाद एक नया नेतृत्वक विवाद खड़ा हो गया. नया विचार इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता. दूसरी तरफ, ममता बनर्जी ने दावा किया कि पुलिस ने उन पर हमला किया. उनकी पार्टी के नेताओं को गिरफ्तार कर लिया. पद्मपुकुर से मौलाली तक रैली की थी तैयारी कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी गुट की तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) को नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर प्रस्तावित मार्च की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद पुलिस ने पद्मपुकुर में तृणमूल कांग्रेस समर्थकों को वहां से हटाने की कार्रवाई की और यह घटना हुई. ममता बनर्जी गुट की छात्र परिषद ने पद्मपुकुर से सीआईटी रोड होते हुए मौलाली तक रैली निकालने का प्रस्ताव रखा था. डोरिना क्रॉसिंग पर हुई हिंसा के बाद परमिशन कैंसल पार्टी नेताओं ने दावा किया कि कोलकाता पुलिस ने पहले रैली की अनुमति दे दी थी, लेकिन बाद में इसी मुद्दे पर वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा शुक्रवार को किये गये प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा का हवाला देते हुए अनुमति रद्द कर दी. ये भी पढ़ें: नीट पेपर लीक 2026: कलकत्ता हाईकोर्ट में बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट, दोषी पाये जाने पर 10 साल जेल और 10 करोड़ का जुर्माना प्रियंका अधिकारी को पुलिस ने भेजा ई-मेल तृणमूल कांग्रेस खेमे के अनुसार, छात्र परिषद की नेता प्रियंका अधिकारी को शनिवार को पुलिस की ओर से ई-मेल मिला, जिसमें बताया गया कि पिछले दिन हुई अशांति के मद्देनजर रैली की अनुमति रद्द की जाती है. इसके बाद गुट ने तुरंत कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया. अदालत ने अवकाश के दिन विशेष सुनवाई की, लेकिन टीएमसीपी को राहत देने से इनकार कर दिया. पद्मपुकुर में पुलिस के साथ हुई टीएमसी नेताओं की धक्का-मुक्की अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने पद्मपुकुर में एकत्र समर्थकों को हटाना शुरू किया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गयी और धक्का-मुक्की हुई. पुलिस, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं- कुणाल घोष, बैश्वानर चटर्जी और कई अन्य नेताओं व समर्थकों को हिरासत में लेकर जेल वैन से वहां से ले गयी. ये भी पढ़ें: धर्मतला हिंसा में 7 FIR दर्ज, शुभेंदु अधिकारी बोले – ऐसी सजा देंगे कि 3 पीढ़ियां नहीं भूलेंगी पुलिस के साथ ममता बनर्जी की हुई नोकझोंक पार्टी के नेताओं को हिरासत में लिये जाने की जानकारी मिलने के तुरंत बाद ममता बनर्जी वरिष्ठ पार्टी नेता डेरेक ओ ब्रायन के साथ पद्मपुकुर पहुंचीं. वह पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत करती नजर आयीं. इस दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी नोकझोंक भी हुई, क्योंकि पुलिस मार्च को आगे बढ़ने से रोक रही थी. ममता का आरोप- पुलिस ने मुझ पर हमला किया ममता बनर्जी ने कहा- उन्होंने (पुलिस ने) मुझ पर भी हमला किया. यह लोकतंत्र नहीं है. हम यहां छात्रों के आंदोलन के समर्थन में आये हैं. हमारे विधायक और कई अन्य नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है. हमारे साउंड सिस्टम के तार काट दिये गये हैं. मैं यहां एकजुटता जताने आयी हूं. हमारे लोगों ने कोई बाधा पैदा नहीं की, लेकिन इस प्रशासन का दमन सभी सीमाएं पार कर चुका है. ये भी पढ़ें: सेबाश्रय घोटाले पर CM शुभेंदु अधिकारी- चिटिंगबाज भाईपो एक बार जेल गया तो बाहर नहीं निकलेगा, CID-STF जांच के आदेश दिये स्त्री पुलिसकर्मी को धक्का देती दिखीं ममता बनर्जी पुलिस और ममता बनर्जी के बीच इस दौरान हुई नोकझोंक के समय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. इस वीडियो में ममता बनर्जी एक स्त्री पुलिसकर्मी को कथित तौर पर धक्का देती नजर आ रही हैं. कुछ देर तक प्रदर्शन स्थल पर रहने के बाद ममता बनर्जी बिना हेलमेट पहने स्कूटर की पिछली सीट पर बैठकर वहां से अपने आवास लौट गयीं. The post भागी-भागी पद्मपुकुर पहुंचीं ममता बनर्जी, कहा- पुलिस ने मुझ पर हमला किया, जानें पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हुआ सारनाथ, PM मोदी बोले- हर भारतीय के लिए गर्व का पल

उत्तर प्रदेश के वाराणसी के पास स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कर लिया गया है. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबित, दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित यूनेस्को विश्व धरोहर समिति के 48वें सत्र में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया. इसके साथ ही सारनाथ हिंदुस्तान का 45वां विश्व धरोहर स्थल बन गया है. यूनेस्को ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए इसे हिंदुस्तान की नई विश्व धरोहर बताया. भगवान बुद्ध के पहले उपदेश की धरती को मिली वैश्विक पहचान सारनाथ बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र तीर्थस्थल माना जाता है. यहीं भगवान गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश देकर ‘धर्मचक्र प्रवर्तन’ किया था. यही कारण है कि दुनिया भर से लाखों बौद्ध श्रद्धालु हर साल यहां दर्शन के लिए आते हैं. यूनेस्को की सूची में शामिल होने से इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थल की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी. भगवान गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश देकर ‘धर्मचक्र प्रवर्तन’ किया था. यही कारण है कि दुनिया भर से लाखों बौद्ध श्रद्धालु हर साल यहां दर्शन के लिए आते हैं. पीएम मोदी बोले- हर हिंदुस्तानीय के लिए गर्व और सम्मान का क्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि सारनाथ का भगवान बुद्ध से गहरा संबंध है, जिनका ज्ञान, करुणा और सद्भाव का संदेश पूरी मानवता को प्रेरित करता है. उन्होंने कहा कि यह सम्मान हिंदुस्तान की समृद्ध सभ्यतागत और आध्यात्मिक विरासत का उत्सव है और इससे दुनिया भर के अधिक लोग सारनाथ आकर बुद्ध के आदर्शों से जुड़ेंगे. लंबे प्रयासों के बाद मिली सफलता केंद्र प्रशासन ने 2025-26 के नामांकन चक्र के तहत सारनाथ का प्रस्ताव यूनेस्को को भेजा था. केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी इसकी जानकारी संसद में दी थी. अब यूनेस्को की मुहर लगने के बाद सारनाथ न सिर्फ हिंदुस्तान बल्कि पूरी दुनिया की साझा सांस्कृतिक धरोहर बन गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पर्यटन, स्थानीय रोजगार और बौद्ध विरासत के संरक्षण को नई गति मिलेगी. The post यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हुआ सारनाथ, PM मोदी बोले- हर हिंदुस्तानीय के लिए गर्व का पल appeared first on Naya Vichar.

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सुबह हो गई मामू…जंतर-मंतर पर गूंजा जीत का नारा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद युवाओं ने ऐसे मनाया जश्न

नई दिल्ली से संदीप सावर्ण की रिपोर्ट सुबह हो गई मामू…मंच से जैसे ही यह आवाज गूंजी, जंतर-मंतर पर मौजूद हजारों युवाओं का जोश चरम पर पहुंच गया. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की समाचार के बाद आंदोलन का माहौल विरोध से जश्न में बदल गया. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के इस एक वाक्य ने पूरे धरनास्थल को नारों, तालियों और उत्साह से भर दिया. कोई एक-दूसरे को मेलोडी चॉकलेट खिलाता नजर आया तो कोई राष्ट्रध्वज लहराते हुए यह देश के युवाओं की जीत है के नारे लगा रहा था. दिनभर गुस्से की जगह उम्मीद और जीत के एहसास ने ले ली, हालांकि आंदोलनकारी लगातार यह भी कहते रहे कि उनकी अन्य मांगों पर फैसला होने तक संघर्ष जारी रहेगा. अभिजीत के एक वाक्य ने बदल दिया माहौल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुष्टि होते ही अभिजीत दीपके मंच पर पहुंचे. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “सुबह हो गई मामू.” बस फिर क्या था. पूरा जंतर-मंतर “छात्र एकता जिंदाबाद”, “युवा शक्ति जिंदाबाद” और “इंकलाब जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा. कई छात्र इसे आंदोलन का सबसे यादगार पल बताते नजर आए. स्पाइडर मैन मास्क के साथ युवा (फोटो- नया विचार) हेलमेट पहनकर पहुंचे युवा, लगाए अलग अंदाज में नारे कुछ युवा हेलमेट पहनकर प्रदर्शन में पहुंचे. उनका कहना था कि जंतर-मंतर की आवाज सत्ता तक पहुंची है. इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने स्पोर्ट्स जगत से जुड़े मुद्दों पर भी प्रतीकात्मक नारे लगाए और जवाबदेही की मांग की. चंडीगढ़ से पहुंचे विराट कोहली के फैंस ने लगे हाथ इंडियन क्रिकेट को बचाने के लिए गौतम गंभीर के इस्तीफे की भी मांग कर दी. चाय की केतली लेकर हुई मिमिक्री कुछ युवाओं ने हाथों में चाय की केतली लेकर प्रधानमंत्री की शैली की मिमिक्री की. आसपास मौजूद लोगों ने इसे कैमरों में कैद किया. पूरे समय पुलिस यह सुनिश्चित करती रही कि माहौल शांतिपूर्ण बना रहे. मेलोडी चॉकलेट बांटकर मनाई खुशी इस्तीफे की समाचार मिलते ही युवाओं ने एक-दूसरे को मेलोडी चॉकलेट और मिठाइयां खिलाईं. कई छात्र इसे “मेहनत और एकजुटता की मिठास” बताते नजर आए. उत्साह के बीच पुलिस की अपील भी जारी रही संभावित भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की भी बड़ी तैनाती रही. पुलिस लगातार माइक से लोगों से शांति बनाए रखने और कार्यक्रम समाप्त होने पर घर लौटने की अपील करती रही. हालांकि देर शाम तक बड़ी संख्या में युवा जंतर-मंतर पर मौजूद रहे. जंतर-मंतर पर युवाओं की शक्ति (फोटो- सोशल मीडिया) उत्सव के बीच जिम्मेदारी की मिसाल जश्न के बाद कई छात्र हाथों में झाड़ू लेकर पूरे धरनास्थल की सफाई करते नजर आए. उन्होंने प्लास्टिक की बोतलें, पोस्टर और अन्य कचरा इकट्ठा कर डस्टबिन में डाला. छात्रों का कहना था कि आंदोलन केवल व्यवस्था बदलने का नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक होने का भी संदेश है. शाम 6 बजे तक के प्रमुख अपडेट धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल. “सुबह हो गई मामू…” पूरे दिन का सबसे चर्चित नारा बना. मेलोडी चॉकलेट बांटकर युवाओं ने खुशी जताई. स्पाइडरमैन की वेशभूषा और चाय की केतली के साथ प्रतीकात्मक प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहे. विभिन्न राज्यों से आए छात्र, अभिभावक और युवा पेशेवर बड़ी संख्या में मौजूद रहे. पुलिस और अर्धसैनिक बल पूरे दिन सुरक्षा व्यवस्था संभालते रहे. कुछ युवाओं द्वारा बैरिकेडिंग पर चढ़ने की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरती. कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने स्वयं सफाई अभियान चलाकर सकारात्मक संदेश दिया. ये भी पढ़ें: CJP ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की, प्रशासन ने मान ली छात्रों की सभी मांगें The post सुबह हो गई मामू…जंतर-मंतर पर गूंजा जीत का नारा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद युवाओं ने ऐसे मनाया जश्न appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Band: सुबह शांत, दोपहर हिंसा, शाम इस्तीफा, बिहार बंद में दिनभर क्या-क्या हुआ

Bihar Band: नीट पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को छात्र संगठनों और वामपंथी दलों द्वारा बुलाया गया बिहार बंद दिन भर भारी हंगामे, हिंसा और सियासी हलचल का केंद्र बना रहा. सुबह के भारी पुलिस पहरे से शुरू हुआ यह आंदोलन दोपहर होते-होते राज्य के कई हिस्सों में उग्र हो गया, वहीं शाम ढलते-ढलते नेतृत्वक घटनाक्रम के साथ एक अलग मोड़ पर खत्म हुआ. सुबह 6:00 से 10:00 बजे: राज्यभर में हाई अलर्ट, 70 हजार जवान तैनात और शांतिपूर्ण शुरुआत सुबह तड़के से ही पूरे बिहार में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई थी. पटना, औरंगाबाद और बेगूसराय समेत कई जिलों में एहतियातन स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए थे. पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर राज्यभर में लगभग 70 हजार पुलिसकर्मियों और केंद्रीय बलों (CISF, BSF, SSB, CRPF) को तैनात किया गया. पटना के डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर और गांधी मैदान जैसे संवेदनशील इलाकों में खुद एसएसपी फ्लैग मार्च करते नजर आए. शुरुआती घंटों में जनजीवन सामान्य रहा और सड़कों पर यातायात सुचारू रूप से चलता दिखा. सुबह 10:00 से दोपहर 1:00 बजे: सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, आरा में रोकी गई ट्रेन दोपहर होते-होते छात्र संगठनों और वामपंथी कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा. राजधानी पटना के डाकबंगला चौराहे पर हजारों छात्र इकट्ठा हो गए और प्रशासन विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी. भोजपुर के आरा रेलवे स्टेशन पर बंद समर्थकों ने प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर पहुंचकर पटना-बक्सर पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया और ट्रैक पर प्रदर्शन किया. आरा में ही आरपीएफ अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की घटनाएं हुईं, तो शिवहर और मधेपुरा में भी प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़कों को जाम कर दिया. दोपहर 1:00 से शाम 4:00 बजे: कई जिलों में भड़की हिंसा, पथराव में दो एसपी समेत कई अफसर घायल दोपहर बाद कई जिलों में प्रदर्शन अचानक हिंसक रूप लेने लगा. सीवान में उग्र भीड़ ने पुलिस पर जमकर पथराव किया, जिसमें सीवान एसपी पूरन कुमार झा घायल हो गए. हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और करीब 10 राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी. सीतामढ़ी के शंकर चौक पर हुए पथराव में एसपी अमित रंजन के पैर में चोट आई और एक एसआई समेत 13 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए. छपरा में प्रदर्शनकारियों के पथराव से सदर बीडीओ दृष्टि पांडेय घायल हो गईं और एक पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया गया. बेतिया और भागलपुर में भी पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ के बाद लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ा गया. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, डाकबंगला पर जश्न दोपहर 2:18 मिनट पर समाचार आई की केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस समाचार के सामने आते ही पटना के डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने ‘जीत गए’ के नारे लगाते हुए जश्न मनाया. हालांकि, कई जगहों पर इसके बावजूद छिटपुट विरोध जारी रहा. पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात रखकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लिया. एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों में इंटरनेट की स्पीड धीमी कर दी गई और उपद्रवियों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है. इसे भी पढ़ें: Bihar Band: पटना, भागलपुर, छपरा, सीतामढ़ी समेत बिहार के इन जिलों में हिंसक हुआ प्रदर्शन, एसपी को भी लगी चोट The post Bihar Band: सुबह शांत, दोपहर हिंसा, शाम इस्तीफा, बिहार बंद में दिनभर क्या-क्या हुआ appeared first on Naya Vichar.

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