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July 25, 2026

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T20I में भारत ने रचा इतिहास, एक साल में 9वीं बार बनाया 200+ स्कोर

हिंदुस्तान ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में 5 विकेट पर 219 रन बनाते ही टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और कीर्तिमान अपने नाम कर लिया. टीम इंडिया ने 2026 में नौवीं बार 200 या उससे अधिक का स्कोर बनाया और इस मामले में अपने ही रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. इससे पहले हिंदुस्तान ने 2024 में भी एक कैलेंडर ईयर में 9 बार 200+ का स्कोर बनाया था. कोई भी दूसरी टीम अभी तक इस आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी है. 52वीं बार बनाया 200+ स्कोर इतना ही नहीं, हिंदुस्तान ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 52वीं बार 200 या उससे अधिक का स्कोर बनाया है. इस मामले में टीम इंडिया दुनिया की सबसे सफल टीम है. दूसरे स्थान पर मौजूद दक्षिण अफ्रीका ने अब तक 29 बार 200+ का स्कोर बनाया है, यानी हिंदुस्तान उससे 23 बार आगे निकल चुका है. एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर (T20I) टीम साल 200+ स्कोर हिंदुस्तान 2024 9 हिंदुस्तान 2026 9 हिंदुस्तान 2023 7 जापान 2024 7 ऑस्ट्रिया 2025 7 इंग्लैंड 2022 6 दक्षिण अफ्रीका 2022 6 वेस्टइंडीज 2024 6 ईशान और तिलक ने स्पोर्ट्सी शानदार पारियां दूसरे मैच में हिंदुस्तान की शुरुआत अच्छी नहीं रही. अभिषेक शर्मा 8 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि वैभव सूर्यवंशी 20 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. शुरुआती दो झटकों के बाद ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला और तेजी से रन बटोरे. दोनों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हुई. श्रेयस अय्यर 25 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन ईशान किशन ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखते हुए 81 रन की शानदार पारी स्पोर्ट्सी. उनके बाद तिलक वर्मा ने भी नाबाद 60 रन बनाकर हिंदुस्तान का स्कोर 219/5 तक पहुंचाया. रिंकू सिंह ने 12 रन का योगदान दिया. जिम्बाब्वे के लिए ब्लेसिंग मुजारबानी ने 1, रिचर्ड अंगारावा ने 1, ब्रैड एवंस ने 1 न्यमैन न्यामहुरी ने 1 और ब्रायन बेनेट ने 1 विकेट चटकाए. ये भी पढ़ें: श्रीलंका दौरे के लिए 28 जुलाई को होगा हिंदुस्तानीय टीम का ऐलान, क्या जसप्रीत बुमराह की होगी वापसी? The post T20I में हिंदुस्तान ने रचा इतिहास, एक साल में 9वीं बार बनाया 200+ स्कोर appeared first on Naya Vichar.

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CJP ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की, सरकार ने मान ली छात्रों की सभी मांगें

प्रशासन के साथ बातचीत के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, “हमारी सभी मांगें मान ली गई हैं, इसलिए हम प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि वे तुरंत हट जाएं और शांतिपूर्वक घर लौट जाएं. हम आपको अपनी भविष्य की रणनीति या किसी अन्य मुद्दे के बारे में जानकारी देंगे. लेकिन हम प्रदर्शनकारियों से तुरंत हटने का अनुरोध करते हैं.” तय की गई शर्तों को तय समय-सीमा के भीतर लागू किया जाएगा : सौरव दास केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के सौरव दास ने कहा, “CJP यह घोषणा करता है कि हम अच्छे विश्वास और इस समझ के साथ अपना आंदोलन वापस ले रहे हैं कि तय की गई शर्तों को तय समय-सीमा के भीतर लागू किया जाएगा.” नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP डेलिगेशन से मिलाया हाथ कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा अपना आंदोलन वापस लेने के बाद, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका से हाथ मिलाया. नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा : जेपी नड्डा CJP डेलिगेशन के साथ बातचीत के बारे में जेपी नड्डा ने जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, सौरभ दास और रांका जी के साथ उनकी तीसरे दौर की विस्तृत चर्चा हुई. उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को लेकर चार प्रमुख बिंदुओं का एक लिखित मसौदा लेकर आया था. जिसे प्रशासन ने मान लिया है. मुआवजे के संबंध में नड्डा ने कहा, “प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि हमारी भी सहानुभूति है. हम सभी ने कहा है कि नियमों और विनियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा; जो भी अधिकतम संभव होगा, वह उन्हें दिया जाएगा.” सीजेपी प्रतिनिधिमंडल की मांगें आंदोलन के मामलों पर 4-सूत्रीय लिखित ड्राफ्ट सौंपा गया. बदले या प्रतिशोध की कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाई जाए. पीड़ितों को मुआवजा मिले और 5-सूत्रीय मांग पत्र पर विचार हो. प्रशासन का फैसला आंदोलनकारियों पर कोई नई कार्रवाई या FIR दर्ज नहीं की जाएगी. दिल्ली या बीजेपी शासित राज्यों में दर्ज हो चुकी पुरानी FIRs की प्रतियां प्रतिनिधिमंडल को सौंपी जाएंगी. ये भी पढ़ें: सीजेपी प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा,कहा- राष्ट्रविरोधी ताकतों को रोकने के लिए उठाया ये कदम ये भी पढ़ें: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोनम वांगचुक बोले- यह लोकतंत्र की जीत, अब जवाबदेही से आगे सुधारों का समय ये भी पढ़ें: “कॉकरोच से पंगा न लें”: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी नहीं माने अभिजीत दीपके, अब रख दी ये शर्त ये भी पढ़ें: NEET पेपर लीक से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक: कब-कब, क्या-क्या हुआ? जानिए पूरी टाइमलाइन The post CJP ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की, प्रशासन ने मान ली छात्रों की सभी मांगें appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर, हादसा

तालाब में डू”बने से छठी के छात्र की मौ”त, आ’क्रो”शित लोगों ने श”व रखकर सड़क जा’म की

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। सरायरंजन थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव स्थित एक विद्यालय के समीप शनिवार दोपहर तालाब में डूबने से छठी कक्षा के एक छात्र की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने छात्र का शव सरायरंजन बाजार चौक पर रखकर सड़क जाम कर दिया और घटना की उच्चस्तरीय जांच के साथ मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की। मृतक की पहचान सरायरंजन नगर पंचायत के द्वारीकापुर वार्ड संख्या-4 निवासी विमल राय के 10 वर्षीय पुत्र पिंटू कुमार के रूप में हुई है। वह छठी कक्षा का छात्र था। घटना कल्याणपुर गांव के वार्ड संख्या-7 स्थित विद्यालय के निकट एक तालाब में हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिंटू कुमार शनिवार को प्रतिदिन की तरह विद्यालय पढ़ने गया था। विद्यालय परिसर के समीप स्थित तालाब के पास वह पैर धोने गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बाद में उसे तालाब से बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए और उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घटनास्थल पर जुट गए। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने छात्र के शव को सरायरंजन बाजार चौक पर रखकर सड़क जाम कर दिया। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। उनका कहना था कि जब विद्यालय चारदीवारी से घिरा हुआ है, तब छात्र विद्यालय परिसर से बाहर कैसे निकल गया। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही मृतक के आश्रित परिवार को प्रशासनी सहायता और उचित मुआवजा देने की भी मांग की। सड़क जाम की सूचना मिलते ही सरायरंजन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों और परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद स्थिति सामान्य करने की कोशिश की गई। इस दौरान घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुटी रही। सरायरंजन थानाध्यक्ष धनंजय कुमार सिंह ने बताया कि छात्र की मौत के मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।   इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक मासूम छात्र की असमय मौत से गांव में शोक का माहौल है। वहीं, ग्रामीणों की मांग है कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विद्यालयों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए तथा जलाशयों के निकट आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

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10वीं बार बैकफुट पर मोदी सरकार, 12 साल के कार्यकाल की वो बड़ी घटनाएं, जब आंदोलन जीता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की प्रशासन को अपने कार्यकाल के 12 वर्षों में कम से कम 9 बार बैकफुट पर आना पड़ा. नीट पेपर लीक 2026 मामले में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा 10वां मामला है, जब मोदी प्रशासन को शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांग रहे आंदोलनकारियों की मांग माननी पड़ी है. वर्ष 2014 से लेकर अब तक जिन राष्ट्रीय नीतियों, विधेयकों और अध्यादेशों पर मोदी प्रशासन को भारी विरोध या नेतृत्वक-सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ा और अपने फैसले में बदलाव, संशोधन या पूर्ण वापसी करनी पड़ी है, उसकी पूरी लिस्ट यहां देखें. 1. तीन कृषि कानून (Farm Laws Repeal – 2021) मुद्दा : प्रशासन ने कृषि क्षेत्र में सुधार के उद्देश्य से 2020 में तीन नये कृषि कानून लागू किये थे. बैकफुट पर आने का कारण : पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत देशभर के किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर एक साल से अधिक समय तक ऐतिहासिक आंदोलन किया. नतीजा : नवंबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की. 2. भूमि अधिग्रहण अध्यादेश (Land Acquisition Ordinance – 2015) मुद्दा : मोदी प्रशासन अपने पहले कार्यकाल (वर्ष 2014-15) में वर्ष 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन के लिए एक अध्यादेश लेकर आयी थी, ताकि बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण आसान हो सके. बैकफुट पर आने का कारण : विपक्ष और किसान संगठनों ने इसे ‘किसान विरोधी’ और ‘उद्योगपति समर्थक’ बताकर देशभर में जोरदार विरोध किया. नतीजा : प्रशासन को इस अध्यादेश को बार-बार जारी करने के बाद अंततः वापस लेना पड़ा और पुराने कानून को ही लागू रहने दिया गया. ये भी पढ़ें: धर्मतला हिंसा में 7 FIR दर्ज, शुभेंदु अधिकारी बोले – ऐसी सजा देंगे कि 3 पीढ़ियां नहीं भूलेंगी 3. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) लेटरल एंट्री (Lateral Entry Rollback – 2024) मुद्दा : अगस्त 2024 में UPSC ने बिना आरक्षण लागू किये ब्यूरोक्रेसी में सीधे संयुक्त सचिव और निदेशक स्तर के 45 पदों पर भर्ती का विज्ञापन निकाला था. बैकफुट पर आने का कारण : विपक्षी दलों के साथ-साथ NDA के सहयोगी दलों (जैसे जदयू और लोजपा) ने SC, ST और OBC के लिए आरक्षण न होने पर सख्त ऐतराज जताया. नतीजा : प्रशासन ने तुरंत कदम पीछे खींचते हुए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के जरिये UPSC को इस विज्ञापन को रद्द करने का निर्देश दिया. 4. वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill – 2024) मुद्दा : प्रशासन वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और नियमों में बदलाव के लिए संसद में वक्फ संशोधन विधेयक लेकर आयी. बैकफुट पर आने का कारण : मुस्लिम संगठनों, विपक्षी दलों और सहयोगी दलों के भारी दबाव के कारण प्रशासन संसद में इसे सीधे पास कराने की स्थिति में नहीं रही. नतीजा : प्रशासन ने विधेयक को पारित कराने की बजाय विस्तृत समीक्षा के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने का निर्णय लिया. ये भी पढ़ें: सीजेपी प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा,कहा- राष्ट्रविरोधी ताकतों को रोकने के लिए उठाया ये कदम 5. ब्रॉडकास्टिंग सर्विसेज बिल ड्राफ्ट (Broadcasting Services Bill – 2024) मुद्दा : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स, यूट्यूबर्स और OTT प्लेटफॉर्म्स को विनियमित करने के लिए एक मसौदा (ड्राफ्ट) विधेयक तैयार किया था. बैकफुट पर आने का कारण : स्वतंत्र पत्रकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और डिजिटल राइट्स ग्रुप्स ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी और निजता पर हमला करार दिया. नतीजा : विवाद बढ़ता देख मंत्रालय ने मसौदे को पूरी तरह से वापस ले लिया और नये सिरे से परामर्श करने की बात कही. 6. नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) पर सफाई (2019-2020) मुद्दा : नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) पारित होने के बाद देशभर में राष्ट्रव्यापी NRC लागू करने को लेकर चर्चाएं तेज हो गयीं थीं. बैकफुट पर आने का कारण : दिल्ली चुनाव के बीच शाहीन बाग में इसके खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू हुआ. शाहीन बाग के साथ-साथ असम और पूर्वोत्तर में भी विरोध और सामाजिक तनाव का माहौल बन गया. नतीजा : गृह मंत्रालय और प्रधानमंत्री ने संसद व सार्वजनिक मंचों से स्पष्टीकरण दिया कि राष्ट्रीय स्तर पर NRC लागू करने की फिलहाल कोई योजना या खाका नहीं है. 7. पुरानी पेंशन योजना (OPS) बनाम यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS – 2024) मुद्दा : न्यू पेंशन स्कीम (NPS) को लेकर केंद्र और राज्य प्रशासन के कर्मचारियों का लंबे समय से विरोध चल रहा था. कई राज्यों में यह चुनाव का मुख्य मुद्दा बन गया था. बैकफुट पर आने का कारण : प्रशासनी कर्मचारियों का लगातार दबाव और चुनावी नुकसान का डर. नतीजा : प्रशासन ने NPS में सुधार करते हुए एकीकृत पेंशन योजना (UPS) को मंजूरी दी, जिसमें अंतिम आहरित वेतन के 50 प्रतिशत की गारंटीकृत पेंशन का प्रावधान किया गया. 8. अग्निपथ योजना में रियायतें (Agnipath Scheme Adjustments – 2022) मुद्दा : सेना में 4 साल की शॉर्ट टर्म कमिशनिंग यानी अल्पकालिक भर्ती के लिए ‘अग्निपथ योजना’ शुरू की गयी थी. बैकफुट पर आने का कारण : बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना समेत देश के कई राज्यों में युवाओं ने हिंसक प्रदर्शन किये. रेल-सड़क यातायात ठप कर दिया. नतीजा : प्रशासन ने योजना रद्द तो नहीं की, लेकिन पहले बैच के लिए आयु सीमा 21 से बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी. CAPF और असम राइफल्स में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण व छूट का ऐलान किया. 9. शिक्षा और विश्वविद्यालय संबंधी नीतियां (Education Sector Rollbacks) मुद्दा : दिल्ली विश्वविद्यालय फॉर ईयर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP – 2014). बैकफुट पर आने का कारण : मोदी प्रशासन के सत्ता में आते ही छात्र संगठन ABVP और अध्यापकों ने दिल्ली विश्वविद्यालय फॉर ईयर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP – 2014) के विरोध में जबर्दस्त प्रदर्शन किया. नतीजा : उच्च शिक्षण संस्थानों के नये नियमों UGC इक्विटी रूल्स / दिशा-निर्देश पर विभिन्न वर्गों और छात्रों के विरोध के बाद प्रशासन को पुनर्विचार या समीक्षा का रुख अपनाना पड़ा. 4 वर्षीय पाठ्यक्रम को रद्द कर 3 वर्षीय मॉडल लागू किया गया. 10. नीट पेपर लीक 2026 (NEET UG Paper Leak 2026) मुद्दा : मेडिकल में एडमिशन के लिए होने वाले एंट्रेंस टेस्ट NEET UG 2026 के पेपर

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Video: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर मिलते ही जंतर-मंतर पर शुरू हुआ जश्न

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अभिजीत दिपके ने कहा, “यह इस्तीफा इस बात का सबूत है कि अगर आप लोग डरते नहीं हैं, अगर आप लोग इस प्रशासन के सामने झुकते नहीं हैं, तो हम किसी का भी इस्तीफा ले सकते हैं.” जंतर-मंतर पर छात्र मना रहे जश्न धर्मेंद्र प्रधान के अपने पद से इस्तीफा देने के बाद जंतर-मंतर पर छात्र जश्न मनाने लगे हैं. CJP के अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने अपने समर्थक छात्रों को प्रधान के इस्तीफे की जानकारी दी. जैसे ही दीपके ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है, इस बात को सुनते ही छात्र जश्न मनाने लगे. छात्र संगठन परीक्षा प्रणाली में सुधार, नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जून से प्रदर्शन कर रहा है और प्रधान का इस्तीफा उसकी प्रमुख मांगों में शामिल था. युवाओं का शांतिपूर्ण संघर्ष बेकार नहीं जाएगा : सीजेपी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से लिखा, “मैंने पहले ही कहा था कि युवाओं का शांतिपूर्ण संघर्ष बेकार नहीं जाएगा.” छात्रों के प्रदर्शन का राष्ट्रविरोधी ताकतें लाभ न उठाएं, इसलिए दिया इस्तीफा : प्रधान धर्मेंद्र प्रधान ने अपने त्यागपत्र में लिखा, ‘‘पिछले 10 दिन का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है.’’ ‘‘जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्रविरोधी ताकतें लाभ न उठाएं, देश की एकता बनी रहे, हिंदुस्तान के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, हमारे शिशु अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर ध्यान केंद्रित करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को भेज दिया है.’’ – धर्मेंद्र प्रधान The post Video: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की समाचार मिलते ही जंतर-मंतर पर शुरू हुआ जश्न appeared first on Naya Vichar.

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NEET पेपर लीक से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक: कब-कब, क्या-क्या हुआ? जानिए पूरी टाइमलाइन

Dharmendra Pradhan : NEET-UG 2026 पेपर लीक ने सिर्फ एक परीक्षा पर सवाल नहीं खड़े किए, बल्कि देश की पूरी परीक्षा व्यवस्था को बहस के केंद्र में ला दिया. लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले ने देखते ही देखते राष्ट्रीय छात्र आंदोलन का रूप ले लिया. पेपर लीक की समाचारों और परीक्षा रद्द होने के बाद 20 से ज्यादा छात्रों के आत्महत्या करने की समाचारें भी सामने आईं, जिससे पूरे देश में गुस्सा और बढ़ गया. 20 जून को शुरू हुआ CJP का आंदोलन धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर का अभियान बन गया. इस दौरान भूख हड़ताल, संसद मार्च, पुलिस कार्रवाई, विपक्ष का समर्थन और प्रशासन के साथ बातचीत हुई. आखिरकार 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया. जानिए इस पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन. ये भी पढ़ें : सीजेपी प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा 3 मई: NEET-UG 2026 का पेपर लीक 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा का पेपर बड़े पैमाने पर लीक होने का दावा सामने आया. जांच में पता चला कि व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर एक डिजिटल गेस पेपर वायरल हुआ था, जिसके 140 सवाल असली परीक्षा से मेल खाते थे. इस खुलासे के बाद देशभर में छात्रों ने परीक्षा रद्द करने और निष्पक्ष जांच की मांग शुरू कर दी. 12 मई: NTA ने परीक्षा रद्द की लगातार बढ़ते विवाद और जांच के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया. बाद में 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई. इसी दौरान कई राज्यों में छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. ये भी पढ़ें : CJP Protest Live : धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल, CJP लगातार कर रही थी पद छोड़ने की मांग 20 जून: जंतर-मंतर से शुरू हुआ CJP का आंदोलन 20 जून को Cockroach Janata Party (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन शुरू किया. इस आंदोलन का नेतृत्व अभिजीत दीपके कर रहे थे. संगठन की मुख्य मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, परीक्षा व्यवस्था में सुधार हो और पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो. 28 जून: सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक आंदोलन के समर्थन में आए और 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठ गए. उनके जुड़ने के बाद आंदोलन को देशभर में और ज्यादा समर्थन मिलने लगा. बाद में AISA के कई छात्र नेता भी भूख हड़ताल में शामिल हुए. 18 जुलाई: पुलिस ने वांगचुक को अस्पताल पहुंचाया 18 जुलाई को पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया. उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मेडिकल निगरानी में रखा गया. इसके बावजूद आंदोलन जारी रहा और प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ती गई. 20 जुलाई: संसद मार्च और पुलिस कार्रवाई 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के दिन CJP ने ‘संसद चलो’ मार्च का आह्वान किया. देशभर से हजारों छात्र दिल्ली पहुंचे. संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की, आंसू गैस छोड़ी और लाठीचार्ज किया. कई वीडियो सामने आए, जिनमें छात्रों पर बल प्रयोग होता दिखाई दिया. इस कार्रवाई के बाद देशभर में बहस तेज हो गई. इसी दौरान संसद का मानसून सत्र भी विपक्ष के हंगामे के कारण बार-बार बाधित होता रहा. आंदोलन को मिला कई बड़ी हस्तियों का समर्थन पुलिस कार्रवाई के बाद आंदोलन को कई नेतृत्वक दलों के साथ-साथ फिल्म जगत की हस्तियों का भी समर्थन मिला. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी ने छात्रों का पक्ष रखा. वहीं सलमान खान, अनुपम खेर, नसीरुद्दीन शाह, प्रकाश राज समेत कई चर्चित हस्तियों ने भी आंदोलन के समर्थन में बयान दिए. इससे प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया. View on Instagram 20 जुलाई: संसद का मानसून सत्र शुरू, विपक्ष ने किया प्रशासन पर हमला धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का हंगामा जारी रहा. इससे सीजेपी के प्रदर्शन को और मजबूती मिली. इसके ठीक बाद राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अखिलेश यादव सहित कई सांसद पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंच गए थे. जहां से पुलिस ने कार्रवाई की और सभी सांसदों को हिरासत में ले लिया गया. 23 जुलाई: सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल केंद्र प्रशासन से लिखित आश्वासन मिलने के बाद 23 जुलाई को सोनम वांगचुक ने 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी. हालांकि CJP ने साफ कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं हो जातीं. RSS प्रमुख ने कहा- बच्चों से बातचीत जरूरी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने 25 जुलाई को एक बयान दिया. जिसमें उन्होंने कहा कि छात्रों को आदेश देने के बजाय प्रशासन को उनसे बातचीक करनी चाहिए. View on Instagram 25 जुलाई: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लगातार 36 दिनों तक चले आंदोलन, विपक्ष के दबाव और देशभर में बढ़ते विरोध के बीच 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया. इसे CJP की पहली और सबसे बड़ी मांग पूरी होने के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि संगठन ने कहा है कि आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है. अब उनकी मांग है कि परीक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार किए जाएं, पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा मिले और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच हो. हालांकि जंतर-मंतर सहित देश भर में छात्र और सीजेपी समर्थक जश्न मनाते नजर आ रहे हैं. The post NEET पेपर लीक से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक: कब-कब, क्या-क्या हुआ? जानिए पूरी टाइमलाइन appeared first on Naya Vichar.

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सीजेपी प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा,कहा- राष्ट्रविरोधी ताकतों को रोकने के लिए उठाया ये कदम

छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच बड़ी समाचार है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में लिखा, “यह सुनिश्चित करने के लिए कि जंतर-मंतर और देश भर के हालात का फायदा देश-विरोधी तत्व न उठा सकें, देश एकजुट रहे, और हिंदुस्तान के छात्र कानूनी पेचीदगियों में न फंसें बल्कि अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दें, मैंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है.” युवाओं का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे : प्रधान अपने इस्तीफे के पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वे सदैव देश की प्रजातांत्रिक शक्ति और युवाओं की आकांक्षाओं का सम्मान करते आए हैं. पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से वे व्यथित थे. “देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है. जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, उसका राष्ट्रविरोधी ताकतें लाभ न उठाएं, देश की एकता बनी रहे और हिंदुस्तान के किसी भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, इसी बात को ध्यान में रखते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है.” प्रधान ने NEET-UG परीक्षा पर दी सफाई इस्तीफे पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने संपन्न हुई NEET-UG परीक्षा के पूरे घटनाक्रम का ब्योरा भी साझा किया. 3 मई 2026 की परीक्षा में गड़बड़ी: 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितता सामने आने पर प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी, परीक्षा रद्द की और पुन: परीक्षा आयोजित की. इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-Based Test) मोड में कराने का फैसला लिया गया. 21 जून को दोबारा परीक्षा: केंद्र, राज्य प्रशासनों और जिला प्रशासन के सहयोग से 21 जून 2026 को 20 लाख से अधिक छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की गई. 16 जुलाई के परिणाम: 16 जुलाई को घोषित नतीजों में गरीब पृष्ठभूमि से आने वाले कई मेधावी छात्रों को सफलता मिली. कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की : धर्मेंद्र प्रधान धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पहले ही दिन से उन्होंने इस पूरी परिस्थिति की जिम्मेदारी ली थी और संकल्प लिया था कि किसी भी मेधावी छात्र का नुकसान परीक्षा माफिया के कारण नहीं होने देंगे. हालांकि, उन्होंने अफसोस जताया कि कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने और बाधा डालने की कोशिश की, जिससे उनका मन व्यथित हुआ. प्रधानमंत्री और सहयोगियों का जताया आभार धर्मेंद्र प्रधान ने पिछले चार दशकों से अधिक समय से शिक्षा सुधारों और छात्रों के हित में अपने समर्पण का जिक्र किया. उन्होंने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की. इसके अलावा, उन्होंने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का भी आभार माना. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी और भगवान श्री जगन्नाथ जी के आशीर्वाद से वे भविष्य में भी हिंदुस्तान माता, ओडिशा की जनता तथा युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए समर्पित रहेंगे. The post सीजेपी प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा,कहा- राष्ट्रविरोधी ताकतों को रोकने के लिए उठाया ये कदम appeared first on Naya Vichar.

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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का डीपफेक वीडियो वायरल, दर्ज कराया FIR

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का एक डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है, जिसके खिलाफ मंत्री पीयूष गोयल ने एफआईआर दर्ज कराया है.इस संबंध में पीयूष गोयल ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट लिखा है जिसमें उन्होंने यह बताया है कि संसद के बाहर मीडिया से उनकी बातचीत का एक डीपफेक वीडियो बनाकर वायरल किया जा रहा है. पीयूष गोयल ने अपने पोस्ट में लिखा है कि यह मिस इंफार्मेशन फैलाने की कोशिश है और इसके लिए AI का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. देखें, केंद्रीय मंत्री पीयूल गोयल ने क्या दिया था बयान View on Instagram पीयूष गोयल ने कहा सख्त कानूनी कार्रवाई होगी सोशल मीडिया में डीपफेक वीडियो वायरल होने के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार सुबह प्रातः 4:35 बजे,दिल्ली के चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई है. मंत्री ने जानकारी दी है कि इस फर्जी वीडियो को बनाने, प्रसारित करने या जानबूझकर बढ़ावा देने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जनता को गुमराह करने के लिए एआई का इस प्रकार का गैर-जिम्मेदाराना और दुर्भावनापूर्ण दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करने की अपील मंत्री पीयूष गोयल ने सबसे यह आग्रह किया है कि किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सोर्स पर ही भरोसा करें. बिना पुष्ट जानकारी के किसी वीडियो को शेयर करके भ्रामक समाचारों को ना फैलाएं. इससे समाज में दुर्भावना फैलती है. उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि हिंदुस्तान के जागरूक और तकनीकी समझ रखने वाले नागरिक, विशेषकर हमारे युवा, ऐसे डीपफेक वीडियो से बचेंगे. ये भी पढ़ें : छात्र आंदोलन की बीच संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- युवाओं को डिक्टेशन नहीं डिस्कशन की जरूरत The post केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का डीपफेक वीडियो वायरल, दर्ज कराया FIR appeared first on Naya Vichar.

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पटना में पुलिस-छात्रों में पथराव से तनाव, एग्जीबिशन रोड बना प्रदर्शन का केंद्र, 100 से अधिक हिरासत में

पटना से आनंद सिंह कौशिक की रिपोर्ट बिहार बंद के दौरान पटना के एग्जीबिशन रोड इलाके में स्थिति सबसे ज्यादा तनावपूर्ण बनी हुई है. पूरे एग्जीबिशन रोड पर बड़ी संख्या में छात्र जुट गए हैं. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच पथराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है. गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में बढ़ा टकराव NEET पेपर लीक मामले समेत विभिन्न मांगों को लेकर बुलाए गए बिहार बंद के दौरान राजधानी पटना में छात्र आंदोलन उग्र हो गया. गांधी मैदान और आसपास के क्षेत्रों में छात्रों और पुलिस के बीच कई दौर तक झड़प हुई. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और कई छात्रों को हिरासत में लिया गया. पुलिस और छात्रों के बीच कई जगह आमना-सामना हिंसक झड़प के दौरान गांधी मैदान थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है. प्रदर्शनकारियों ने गांधी मैदान गेट नंबर-10 के पास यातायात पुलिस पोस्ट को भी नुकसान पहुंचाया. कई जगह पुलिस और छात्रों के बीच आमने-सामने की स्थिति बनी रही. डाकबंगला और प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित डाकबंगला चौराहा समेत पटना के कई प्रमुख इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र जुटे. पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया. तनाव के कारण गांधी मैदान, एग्जीबिशन रोड और आसपास के रास्तों पर यातायात प्रभावित रहा. सुरक्षा के लिए तैनात किए गए अर्द्धसैनिक बल छात्र आंदोलन को देखते हुए गांधी मैदान, जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा, एग्जीबिशन रोड, आयकर गोलंबर, सचिवालय और अन्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. बिहार पुलिस के साथ सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और एसएसबी के जवानों को भी तैनात किया गया है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटा प्रशासन पटना पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पूरे घटनाक्रम की निगरानी लगातार की जा रही है. The post पटना में पुलिस-छात्रों में पथराव से तनाव, एग्जीबिशन रोड बना प्रदर्शन का केंद्र, 100 से अधिक हिरासत में appeared first on Naya Vichar.

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Honda ZR-V की भारत में एंट्री, सिर्फ 7.9 सेकंड में पकड़ती है 100 km/h की स्पीड, जानें कीमत-खासियत

Honda Cars India ने अपनी लाइनअप का आगे बढ़ाते हुए नई Honda ZR-V को हिंदुस्तानीय बाजार में लॉन्च कर दिया है. यह SUV हिंदुस्तान में CBU (Completely Built Unit) के तौर पर आई है. कंपनी ने इसकी कीमत 47.99 लाख रुपये रखी है. खास बात यह है कि फिलहाल यह हिंदुस्तान में बिकने वाली होंडा की सबसे महंगी कार बन गई है. स्टाइलिश और कर्वी डिजाइन के साथ आने वाली Honda ZR-V में दमदार स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पावरट्रेन दिया गया है. आइए डिटेल में जानते हैं कि नई Honda ZR-V में हमें क्या खास देखने को मिलता है. Honda ZR-V: एक्सटीरियर Honda ZR-V का डिजाइन ट्रेडिशनल SUV जैसा बॉक्सी नहीं है. इसकी जगह यह एक स्टाइलिश क्रॉसओवर लुक के साथ आती है. इसमें स्मूद कर्व्स और नीचे की ओर झुका हुआ स्पोर्टी स्टांस देखने को मिलता है. फ्रंट में छोटी लेकिन स्टाइलिश ग्रिल दी गई है, जिसमें मोटे वर्टिकल स्लैट्स हैं. दोनों तरफ स्लिम फुल-एलईडी हेडलाइट्स दी गई हैं. वहीं LED DRLs और सीक्वेंशियल टर्न इंडिकेटर्स इसकी प्रीमियम अपील को और बढ़ाते हैं. फ्रंट बंपर में एयर कर्टेन और चौड़ा एयर इनटेक दिया गया है, जो लुक के साथ-साथ एयरोडायनामिक्स को भी बेहतर बनाता है. वहीं बोनट पर हल्की-फुल्की क्रीज और कट्स इसे स्टाइलिश बनाते हैं. साइड से देखने पर ZR-V का लंबा व्हीलबेस, हल्की ढलान वाली रूफलाइन और मजबूत शोल्डर लाइन इसे काफी स्टाइलिश बनाती है. व्हील आर्च और साइड सिल्स पर बॉडी कलर क्लैडिंग दी गई है. SUV में 18 इंच के डायमंड-कट अलॉय व्हील्स दिए गए हैं. पीछे की तरफ इसमें स्लिम LED टेललाइट्स, रूफ स्पॉइलर, गनमेटल स्किड गार्निश और ड्यूल एग्जॉस्ट फिनिशर्स दिए गए हैं. Photo: Honda Car India Honda ZR-V: फीचर्स इसमें 9-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है, जो शार्प डिस्प्ले के साथ आता है. इसमें वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto का सपोर्ट मिलता है. इसमें 12-स्पीकर वाला Bose साउंड सिस्टम दिया गया है. अगर आप लंबी ड्राइव पर म्यूजिक सुनना पसंद करते हैं, तो यह फीचर काफी काम आएगा. 10.2-इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले मिलता है, जिसमें हाइब्रिड सिस्टम की डिटेल्स, ADAS फीचर्स और कार से जुड़ी जरूरी डिटेल्स एक ही जगह दिखाई देती है. जेस्चर कंट्रोल वाला पावर्ड टेलगेट दिया गया है. यानी अगर आपके दोनों हाथ सामान से भरे हों, तब भी सिर्फ पैर के इशारे से बूट खोला जा सकता है. इसमें ड्यूल-जोन ऑटोमैटिक एसी मिलता है, जिससे आगे बैठे ड्राइवर और पैसेंजर अपनी-अपनी पसंद के हिसाब से अलग-अलग टेम्परेचर सेट कर सकते हैं. वायरलेस फोन चार्जर भी दिया गया है. इससे लंबे सफर के दौरान बिना चार्जिंग केबल लगाए ही फोन आसानी से चार्ज किया जा सकता है. केबिन में एम्बिएंट लाइटिंग दी गई है, जो रात के समय इंटीरियर को प्रीमियम लुक देती है. ड्राइवर सीट 8-वे पावर एडजस्टेबल है. यानी सीट को अपनी सुविधा के हिसाब से आसानी से एडजस्ट किया जा सकता है. सामने वाली पैसेंजर सीट 4-वे पावर एडजस्टेबल है. इसमें की-लेस एंट्री की सुविधा मिलती है. यानी चाबी निकाले बिना ही कार को लॉक और अनलॉक किया जा सकता है. टिल्ट और टेलीस्कोपिक स्टीयरिंग दिया गया है. इसकी मदद से ड्राइवर अपनी सुविधा के हिसाब से स्टीयरिंग की ऊंचाई और दूरी एडजस्ट कर सकता है. पीछे बैठे पैसेंजर्स के लिए रियर AC वेंट्स दिए गए हैं. Honda ZR-V: सेफ्टी फीचर्स इसमें 8 एयरबैग, लेवल-2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम), 360 डिग्री कैमरा, आगे और पीछे पार्किंग सेंसर और चारों पहियों पर डिस्क ब्रेक दिए गए हैं. इसके अलावा SUV में हिल स्टार्ट असिस्ट और हिल डिसेंट कंट्रोल जैसे फीचर्स भी मिलते हैं. ये ढलान और चढ़ाई पर ड्राइविंग को आसान बनाते हैं. इसमें इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, ऑटो होल्ड, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, ट्रैक्शन कंट्रोल और बच्चों की सीट को सेफ तरीके से लगाने के लिए ISOFIX चाइल्ड सीट एंकरेज भी दिया गया है. Honda ZR-V: पावरट्रेन  Honda ZR-V में 2.0-लीटर का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड e:HEV सिस्टम दिया गया है, जो नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर के साथ आता है. दोनों मिलकर 181 bhp की पावर और 315 Nm का टॉर्क जनरेट करते हैं. इसकी मदद से यह SUV सिर्फ 7.9 सेकंड में 0 से 100 km/h की स्पीड पकड़ लेती है.  Honda का दावा है कि ZR-V एक लीटर फ्यूल में 22.80 किलोमीटर तक चल सकती है. ये भी पढ़ें: 2026 Maruti Brezza खरीदने से पहले जान लें इसका माइलेज, सामने आए ARAI के आंकड़े The post Honda ZR-V की हिंदुस्तान में एंट्री, सिर्फ 7.9 सेकंड में पकड़ती है 100 km/h की स्पीड, जानें कीमत-खासियत appeared first on Naya Vichar.

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