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August 2, 2026

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अभिजीत दिपके की अमेरिका में पढ़ाई का खर्च कहां से आया? RTI एक्टिविस्ट ने उठाए सवाल, जांच की मांग

सूरत के आरटीआई एक्टिविस्ट अमित तिवारी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दिपके के वित्तीय मामलों की जांच की मांग की है. उन्होंने महाराष्ट्र प्रशासन से उनकी संपत्तियों और आय के स्रोतों की जांच करने की अपील की है. अमित तिवारी का कहना है कि जूनियर इंजीनियर के वेतन से अमेरिका में बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च उठाना कई सवाल खड़े करता है. तीन अलग-अलग जगहों पर दर्ज कराई शिकायत अमित तिवारी ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर तीन संस्थानों में शिकायत की हैं. उन्होंने हिंदुस्तानीय चुनाव आयोग (ECI), केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) और महाराष्ट्र प्रशासन से जांच की मांग की है. कपिल सिब्बल द्वारा दिए गए 1 करोड़ रुपये के फंड को लेकर उन्होंने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) से शिकायत की है और इस पर 18% GST लगाने की मांग की है. मैंने तीन अलग-अलग जगहों पर शिकायत दर्ज कराई है. सीजेपी के खिलाफ ईसीआई में शिकायत की गई है. वहीं, कपिल सिबल की ओर से दिए गए 1 करोड़ रुपये के फंड पर जीएसटी को लेकर सीबीआईसी से जांच की मांग की गई है- अमित तिवारी, आरटीआई एक्टिविस्ट सीजेपी के चंदे और पंजीकरण पर सवाल अमित तिवारी ने आरोप लगाया कि सीजेपी नेतृत्वक दल के रूप में पंजीकृत नहीं है, फिर भी चंदा स्वीकार कर रही है. उन्होंने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए का हवाला देते हुए कहा कि नेतृत्वक गतिविधियां चलाने वाले संगठन को नियमानुसार पंजीकरण कराना चाहिए. अगर कोई संगठन नेतृत्वक दल की तरह काम कर रहा है और चंदा ले रहा है, तो उसे कानून के तहत पंजीकरण कराना जरूरी है. हमने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है- अमित तिवारी, आरटीआई एक्टिविस्ट भगवानराव दिपके की संपत्ति जांच की मांग आरटीआई कार्यकर्ता ने दावा किया कि भगवानराव दिपके महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) में जूनियर इंजीनियर थे. उन्होंने सवाल उठाया कि सीमित वेतन में अमेरिका में बच्चों की पढ़ाई का खर्च कैसे संभव हुआ. उन्होंने इसे संभावित रूप से आय से अधिक संपत्ति का मामला बताते हुए जांच की मांग की है. सीजेपी के आंदोलन और टिप्पणियों पर आपत्ति अमित तिवारी ने सीजेपी के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों की भी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि आंदोलन की शुरुआत नीट पेपर लीक मुद्दे से हुई थी, लेकिन बाद में इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां को लेकर की गई टिप्पणियां भी शामिल हो गईं, जिनके खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है. (इनपुट- एएनआई) Also Read: कावेरी जल विवाद: डीके शिवकुमार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, सुप्रीम कोर्ट पहुंची DMK The post अभिजीत दिपके की अमेरिका में पढ़ाई का खर्च कहां से आया? RTI एक्टिविस्ट ने उठाए सवाल, जांच की मांग appeared first on Naya Vichar.

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TRE-4 के लिए BPSC को भेजा गया प्रस्ताव हुआ वापस, क्या अब होगा आंदोलन? शोभा अहोतकर से लगाई उम्मीद

BPSC TRE-4 Notification: ‘BPSC TRE-4 का विज्ञापन जारी करो, विज्ञापन नहीं तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो’, यह नारा अभ्यर्थियों की तरफ से लगाया जा रहा है. BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन अब तक जारी नहीं किए जाने की वजह से छात्र नेता दिलीप कुमार और अभ्यर्थी गुस्से में दिखे. उन्होंने विज्ञापन जारी नहीं करने पर महा आंदोलन की चेतावनी दे दी है. छात्र नेता ने क्या कहा? छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा, BPSC TRE-4 के लिए दो साल से सिर्फ ऐलान ही किया जा रहा है. लेकिन अब तक विज्ञापन आया कहां है. बीपीएससी की तरफ से भी कहा जा रहा है कि अधियाचना वापस कर दी गई है. ऐसे में यह कैसी अधियाचना भेजी गई थी कि बीपीएससी ने वापस कर दिया. क्यों वापस की गई अधियाचना? छात्र नेता दिलीप कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि 4-5 दिनों में नोटिफिकेशन जारी हो जाना चाहिए और सभी सब्जेक्ट में सीट रहनी चाहिए . अगर ऐसा नहीं हुआ तो महा आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि अधियाचना में कुछ त्रुटियां थीं, जिसकी वजह से अधियाचना वापस कर दी गई. इस दौरान छात्र नेता दिलीप कुमार ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की योग्यता पर सवाल भी खड़ा किया है. BSSC की नई अध्यक्ष को लेकर क्या बोले? इस दौरान छात्र नेता ने बीएसएससी की नई अध्यक्ष शोभा अहोतकर को लेकर भी बातचीत की. उन्होंने कहा कि अभी तक बीएसएससी का स्थाई अध्यक्ष ही नहीं था. इस वजह से काम करने में दिक्कत हो रही थी. हमने प्रशासन पर प्रेशर डाला और इसके बाद शोभा अहोतकर को बीएसएससी का अध्यक्ष बनाया गया. मैं उन्हें बचपन से जान रहा हूं. वह दरभंगा की एसपी रह चुकीं हैं. उस समय मैं 9वीं या 10वीं क्लास में था. उस समय से ही उनको जान रहा हूं. अब वह क्या करतीं हैं बीएसएससी के अध्यक्ष के रूप में, यह देखना होगा. आगे उन्होंने यह भी कहा, उम्मीद है कि वह कड़क मिजाज की और ईमानदार हैं तो अच्छा काम भी करेंगी. हम एक अच्छी पदाधिकारी के रूप में उन्हें जानते हैं. हम उनसे मिलने जायेंगे. लेकिन इनसे पहले जो चेयरमैन थे वे नहीं मिलते थे, ऐसे में उम्मीद है कि ये हमसे मिलेंगी. साथ ही छात्र नेता ने सीएम सम्राट चौधरी को धन्यवाद दिया और कहा कि उन्होंने एक अच्छी पदाधिकारी को बीएसएससी का अध्यक्ष बनाया है. शोभा अहोतकर से भी उम्मीद है कि वह बीएसएससी को साफ-सुथरा कर देंगी क्योंकि यह कलंकित है. Also Read:बिहार में रेलवे ट्रैक और पुलों की 24 घंटे होगी मॉनिटरिंग, अधिकारियों और कर्मचारियों को किया गया अलर्ट The post TRE-4 के लिए BPSC को भेजा गया प्रस्ताव हुआ वापस, क्या अब होगा आंदोलन? शोभा अहोतकर से लगाई उम्मीद appeared first on Naya Vichar.

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नाग पंचमी कब मनाई जाएगी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Nag Panchami 2026: नाग पंचमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जिसे हर वर्ष सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. यह पर्व नाग देवता और भगवान शिव की आराधना को समर्पित है. वर्ष 2026 में नाग पंचमी तीसरे सावन सोमवार के दिन पड़ रही है, जिससे इस पर्व का धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से नाग देवता और भगवान शिव की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. नाग पंचमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त नाग पंचमी पूजा: 17 अगस्त 2026, सोमवार पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 6:00 बजे से 8:10 बजे तक पंचमी तिथि प्रारंभ: 16 अगस्त 2026, शाम 4:55 बजे पंचमी तिथि समाप्त: 17 अगस्त 2026, शाम 5:00 बजे नाग पंचमी का धार्मिक महत्व भगवान शिव अपने गले में वासुकी नाग को धारण करते हैं. इसलिए नाग पंचमी के दिन भगवान शिव और नाग देवता की संयुक्त पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. मान्यता है कि नाग पंचमी पर नाग देवता की विधिवत पूजा करने तथा शिवलिंग पर जल और कच्चे दूध से अभिषेक करने से कालसर्प दोष और राहु-केतु के अशुभ प्रभावों से राहत मिलने की मान्यता है. साथ ही भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है.  नाग पंचमी पूजा विधि प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें. घर के मंदिर या मुख्य द्वार पर मिट्टी, धातु अथवा चित्र के रूप में नाग देवता की स्थापना करें. नाग देवता तथा शिवलिंग पर जल और कच्चा दूध अर्पित करें. रोली, चंदन, अक्षत, पुष्प, धान का लावा (खील) तथा अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें. पूजा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” तथा “ॐ नवकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नः सर्पः प्रचोदयात्॥” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें. अंत में कपूर या दीपक जलाकर नाग देवता और भगवान शिव की आरती करें तथा परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करें. यह भी पढ़ें: गजानन संकष्टी चतुर्थी आज: जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, आरती, चंद्रोदय का समय The post नाग पंचमी कब मनाई जाएगी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व appeared first on Naya Vichar.

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Ramayana: पहले राजा दशरथ बनने पहुंचे थे ये एक्टर, फिर मेकर्स ने थमा दिया विश्वामित्र का रोल, सामने आई वजह

नितेश तिवारी की ‘रामायण’ का ट्रेलर रिलीज हो चुका है. मोस्ट अवेटेड फिल्म दिवाली 2026 पर रिलीज होगी. इसमें रामायण के किरदार में रणबीर कपूर नजर आएंगे. यश रावण बने हैं और साई पल्लवी ने माता सीता का रोल निभाया है. वहीं राजा दशरथ का किरदार अरुण गोविल निभा रहे हैं. ऐसे में क्या आप जानते हैं कि अभिनेता अजिंक्य देव ने पहले दशरथ के रोल के लिए ऑडिशन दिया था, लेकिन उन्हें आखिरकार विश्वामित्र का किरदार मिला. Ajinkya Deo Auditioned For Role Of King Dashrath: अजिंक्य देव ने राजा दशरथ के रोल के लिए दिया था ऑडिशन मिड-डे से बातचीत में अजिंक्य देव ने बताया, “शुरुआत में मैंने ‘रामायण’ के लिए ऑडिशन दिया था और उस वक्त मुझे राजा दशरथ के रोल के लिए टेस्ट किया गया था. ये करीब तीन साल पहले की बात है, लेकिन जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ी, अरुण गोविल जी इस किरदार से जुड़ गए. मेरे हिसाब से उनसे बेहतर दशरथ कोई नहीं हो सकता था. इसके बाद मेकर्स ने मुझे विश्वामित्र का रोल ऑफर किया, जिसे मैंने बिना देर किए स्वीकार कर लिया, क्योंकि मुझे पता था कि ‘रामायण’ में इस किरदार की कितनी अहमियत है.” Ajinkya Deo On Vishwamitra Role: अजिंक्य देव को ऐसे मिला विश्वामित्र का रोल उन्होंने आगे कहा, “इसके बाद मेरे कई लुक टेस्ट हुए और हर बार चीजें बेहतर होती गईं. मेकर्स भी मेरे लुक से काफी खुश थे. इतना बड़ा और प्रभावशाली किरदार मिलना मेरे लिए बेहद खास अनुभव था. जैसा कि ‘प्रथम संकल्प’ ट्रेलर लॉन्च के दौरान भी कहा गया था, इस फिल्म के मुख्य किरदारों का चुनाव खुद भगवान की इच्छा से हुआ है.” Ajinkya Deo Happy Playing Role Of Vishwamitra: विश्वामित्र का किरदार निभाकर खुश हैं अजिंक्य देव एक्टर ने आगे बताया, “सच कहूं तो ये रोल मेरे पास अपने आप आया. मैं तो किसी और किरदार के लिए ऑडिशन दे रहा था, लेकिन आखिर में मुझे विश्वामित्र का रोल मिला. अब लगता है कि यही किरदार मेरी पर्सनैलिटी के हिसाब से सबसे ज्यादा फिट बैठता था और मेरे लिए यही सही चुनाव था.” VFX वाले सीन्स करने पर क्या बोले अजिंक्य देव उन्होंने यह भी खुलासा किया कि शूटिंग शुरू होने से पहले उन्होंने कई वर्कशॉप्स अटेंड की थीं. VFX वाले सीन्स की शूटिंग को याद करते हुए उन्होंने कहा, “शुरुआत में इस तरह की शूटिंग की आदत डालना आसान नहीं था. कई जगह तय मार्कर्स लगे होते थे और बिल्कुल उसी जगह रुकना पड़ता था, क्योंकि बाद में पूरी विजुअल दुनिया VFX के जरिए तैयार की जानी थी. इसलिए शुरुआत में थोड़ा मुश्किल जरूर लगा, लेकिन धीरे-धीरे सब समझ आने लगा.” ये भी पढ़ें: मॉडर्न साड़ी, सैलून स्टाइल बाल…. रामायण में लारा दत्ता का कैकेयी लुक देख भड़के नेटिजन्स The post Ramayana: पहले राजा दशरथ बनने पहुंचे थे ये एक्टर, फिर मेकर्स ने थमा दिया विश्वामित्र का रोल, सामने आई वजह appeared first on Naya Vichar.

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प्रेम के लिए बदला धर्म, शाहजहां बनी प्रतीक्षा यादव,बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में की शादी

UP News: जौनपुर की रहने वाली शाहजहां बानो ने प्रेम को अपना जीवनसाथी चुनते हुए धर्म परिवर्तन किया और प्रतीक्षा यादव बन गईं. इसके बाद उन्होंने बरेली स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में प्रतापगढ़ निवासी पवन यादव के साथ वैदिक रीति-रिवाज से सात फेरे लिए. विवाह के बाद उन्होंने सनातन धर्म अपनाने को अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया. अगस्त्य मुनि आश्रम में पूरी हुई धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया जानकारी के अनुसार, जौनपुर के नाहरमऊ गांव निवासी समीउल्ला की बेटी शाहजहां बानो शनिवार को अपने प्रेमी पवन यादव के साथ बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचीं. यहां आचार्य केके शंखधार ने दोनों के जन्म और शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच की. दोनों के बालिग होने की पुष्टि के बाद धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कराई गई. गंगाजल से आचमन कराने के बाद शाहजहां का नया नाम प्रतीक्षा यादव रखा गया और फिर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों का विवाह संपन्न कराया गया. दोनों जिलों के बीच सिर्फ 12 किलोमीटर की दूरी विवाह के बाद दंपति ने बताया कि भले ही उनके जिले अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों गांवों के बीच केवल 12 किलोमीटर की दूरी है. लेकिन दोनों काफी समय से एक दूसरे को चाहते है | समय के साथ उनका प्रेम संबंध गहरा होता गया. प्रतीक्षा ने बताया कि वह बीए पास हैं, जबकि पवन यादव लखनऊ में टूर एंड ट्रेवल्स का व्यवसाय करते हैं. अब दोनों साथ मिलकर नया जीवन शुरू करेंगे. दो साल पहले अधूरी रह गई थी शादी आचार्य केके शंखधार ने बताया कि वर्ष 2024 में भी दोनों विवाह के उद्देश्य से आश्रम पहुंचे थे. उस समय शाहजहां बानो ने अपने भाई को बुलाने की बात कही थी ताकि परिवार की मौजूदगी में शादी हो सके. छोटी बहन की शादी के बाद निभाया अपना वादा आचार्य के अनुसार, भाई ने उस समय शाहजहां से कहा था कि यदि वह दूसरे धर्म में विवाह करेंगी तो छोटी बहन की शादी में परेशानी आ सकती है. इसके बाद दोनों वापस लौट गए थे. बाद में छोटी बहन का निकाह होने के बाद शाहजहां ने परिवार को अपने फैसले की जानकारी दी और अपने वादे के मुताबिक दोबारा आश्रम पहुंचकर धर्म परिवर्तन के बाद पवन यादव से विवाह कर लिया. Also Read: यूपी का रहस्यमयी गांव, जहां खुदाई में निकलते हैं शिवलिंग जैसे पत्थर, सदियों पुरानी मान्यता और भगवान शिव की आस्था का अनोखा केंद्र The post प्रेम के लिए बदला धर्म, शाहजहां बनी प्रतीक्षा यादव,बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में की शादी appeared first on Naya Vichar.

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कावेरी जल विवाद: डीके शिवकुमार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, सुप्रीम कोर्ट पहुंची DMK

Cauvery Water Dispute: कावेरी जल बंटवारे को लेकर बढ़ते विवाद के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार रविवार को बेंगलुरु में सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे. बैठक में राज्य की कानूनी और नेतृत्वक रणनीति तय करने पर चर्चा होगी. इसमें सभी नेतृत्वक दलों के नेता, कावेरी बेसिन क्षेत्र के केंद्रीय मंत्री, सांसद और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. CWRC के आदेश के बाद बढ़ा विवाद यह बैठक कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) के उस निर्देश के बाद बुलाई गई है, जिसमें तमिलनाडु के लिए 15 दिनों तक रोजाना 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने को कहा गया है. आदेश के विरोध में कर्नाटक के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए हैं. बीजेपी, किसान संगठनों और कन्नड़ समर्थकों ने तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का विरोध किया है. प्रदर्शनकारियों ने राज्य प्रशासन से कर्नाटक के जल हितों की रक्षा करने की मांग की है. मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा है कि राज्य अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए सभी कानूनी और संवैधानिक विकल्पों का इस्तेमाल करेगा. डीएमके ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका कावेरी जल विवाद को लेकर डीएमके ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पार्टी ने अदालत से कर्नाटक को तत्काल पानी छोड़ने का निर्देश देने की मांग की है. याचिका में मांग की गई है कि कर्नाटक प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के 2018 के फैसले और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) और कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) के आदेशों का पालन करे. डीएमके की प्रमुख मांगें कर्नाटक को प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने के निर्देश का पालन करना चाहिए. पानी की कमी को पूरा करने के लिए अतिरिक्त जल प्रवाह सुनिश्चित किया जाए. कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण को जल निकासी की निगरानी करने का निर्देश दिया जाए. कावेरी विवाद पर कर्नाटक BJP अध्यक्ष की तमिलनाडु CM से अपील कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कावेरी जल विवाद को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय को पत्र लिखा है. उन्होंने दोनों राज्यों से आपसी सहयोग और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की. विजयेंद्र ने कहा कि कावेरी कर्नाटक और तमिलनाडु के करोड़ों लोगों की जीवनरेखा है. उन्होंने मेकेदातु परियोजना का समर्थन करने की भी अपील की और कहा कि इससे बेंगलुरु की पेयजल जरूरतें पूरी हो सकती हैं, जबकि तमिलनाडु के हितों का भी ध्यान रखा जा सकता है. उन्होंने दोनों राज्यों के ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया. कावेरी विवाद क्या है? कावेरी जल विवाद कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के बीच नदी के पानी के बंटवारे को लेकर दशकों पुराना विवाद है. इसमें कर्नाटक और तमिलनाडु मुख्य पक्षकार हैं. खासकर कम बारिश वाले वर्षों में पानी के बंटवारे को लेकर दोनों राज्यों के बीच तनाव काफी बढ़ जाता है. Also Read: केरल में बारिश का कहर: बाढ़-भूस्खलन से 6 की मौत, कई जिलों में हालात गंभीर The post कावेरी जल विवाद: डीके शिवकुमार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, सुप्रीम कोर्ट पहुंची DMK appeared first on Naya Vichar.

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केरल में बारिश का कहर: बाढ़-भूस्खलन से 6 की मौत, कई जिलों में हालात गंभीर

Heavy Rain: केरल में भारी बारिश ने कई इलाकों में हालात गंभीर कर दिए. लगातार बारिश के कारण इडुक्की, कोट्टायम, पथनमथिट्टा समेत कई जिलों में भूस्खलन, जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन गई. नदियों और बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है. मुख्यमंत्री ऑफिस की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक छह लोगों की मौत हुई है. वहीं कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. इडुक्की और कोट्टायम में भूस्खलन से गई जानें इडुक्की जिले के कुदयाथूर के पास अदूरमाला इलाके में भूस्खलन का मलबा एक घर पर गिर गया, जिसमें 65 साल की एक स्त्री की मौत हो गई. उनके परिवार के अन्य सदस्यों को स्थानीय लोगों ने बचा लिया. उन्हें फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं, इडुक्की के वागामोन क्षेत्र में हुए भूस्खलन में प्रभाकरण नायर नाम के शख्स की मौत हो गई. वह अपने रिश्तेदार के घर में सो रहे थे, तभी मलबा गिरने से उनकी जान चली गई. कन्नूर का बारिश से बुरा हाल कन्नूर में भारी बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़ गए हैं. प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने बचाव अभियान तेज कर दिया है. सुरक्षा के को लेकर 500 से अधिक लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. 65 राहत शिविरों में 1,465 लोगों ने ली शरण बारिश से प्रभावित लोगों के लिए राज्यभर में राहत शिविर बनाए गए हैं. प्रशासन के अनुसार, अब तक 65 राहत शिविरों में 1,465 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया है. एनडीआरएफ, अग्निशमन एवं बचाव सेवा, पुलिस, तटरक्षक बल और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं. छह लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है. बारिश से 17 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने बताया कि राज्य में बारिश और भूस्खलन से बड़ी संख्या में घरों को नुकसान पहुंचा है. प्रशासन के अनुसार 17 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं. 127 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है. प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास कार्य जारी हैं. कई इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित इडुक्की जिले के कई हिस्सों में भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं सामने आईं. उप्पुथारा में भूस्खलन के कारण सड़क किनारे खड़ी पुलिस जीप क्षतिग्रस्त हो गई. कोच्चि-धनुष्कोडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर चेय्यापारा के पास भूस्खलन के बाद यातायात प्रभावित हुआ. वहीं, वंडिपेरियार क्षेत्र में जलभराव के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-183 पर आवाजाही बाधित रही. कोट्टायम और पथनमथिट्टा में भी बाढ़ का असर कोट्टायम जिले के एराट्टुपेट्टा, कांजीरापल्ली, कूट्टिकल, एरुमेली और पाला क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बाढ़ आ गई. कई रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में पानी भर गया. टीकोय गांव में भूस्खलन से चार मकान क्षतिग्रस्त हुए, हालांकि सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया. पथनमथिट्टा जिले के पहाड़ी इलाकों में भी कई जगहों पर भूस्खलन की सूचना मिली. रन्नी क्षेत्र में बाढ़ के कारण कई घरों और दुकानों में पानी भर गया. कई जिलों में बांधों के गेट खोले गए लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने कई जिलों के बांधों के गेट खोल दिए. तिरुवनंतपुरम, पथनमथिट्टा, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर और कन्नूर जिलों में जलस्तर की निगरानी की जा रही है. इसके अलावा एर्नाकुलम, अलाप्पुझा, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड के तटीय इलाकों में समुद्री पानी घुसने की घटनाएं भी सामने आईं. आईएमडी ने जारी किया रेड अलर्ट हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने केरल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है. रेड अलर्ट वाले जिलों में पथनमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड शामिल हैं. वहीं एर्नाकुलम, त्रिशूर और पलक्कड़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. Also Read: मौसम : 7 अगस्त तक इन राज्यों में होगी भारी बारिश, बिहार-झारखंड में भी अलर्ट The post केरल में बारिश का कहर: बाढ़-भूस्खलन से 6 की मौत, कई जिलों में हालात गंभीर appeared first on Naya Vichar.

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CWG 2026 India Medal List: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने जीते कितने मेडल? देखें पूरी लिस्ट

CWG 2026 India medals list: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है. 23 जुलाई से 2 अगस्त तक स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित हो रहे इस स्पोर्ट्स महाकुंभ में हिंदुस्तान के 122 एथलीट पदक और पोडियम की दौड़ में उतरे. हिंदुस्तानीय दल ने अब तक 39 पदक अपने नाम कर लिए हैं, जिसमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं. हिंदुस्तान ने इस बार आठ प्रमुख स्पोर्ट्सों में अपनी चुनौती पेश की, जिनमें एथलेटिक्स, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, बाउल्स, बॉक्सिंग, जूडो, तैराकी, ट्रैक साइक्लिंग और वेटलिफ्टिंग शामिल हैं. इसके अलावा हिंदुस्तान ने पांच पैरा स्पोर्ट्सों में भी भाग लिया, जिनमें पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग, पैरा स्विमिंग, पैरा ट्रैक साइक्लिंग और 3×3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल शामिल हैं. CWG 2026: हिंदुस्तान के पदक विजेता क्र.सं. खिलाड़ी स्पर्धा स्पोर्ट्स पदक 1 झंडू कुमार पुरुष हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग कांस्य 2 ऋषिकांत सिंह पुरुष 60 किग्रा भारोत्तोलन रजत 3 मीराबाई चानू स्त्री 48 किग्रा भारोत्तोलन स्वर्ण 4 राजा मुथुपांडी पुरुष 65 किग्रा भारोत्तोलन रजत 5 ज्ञानेश्वरी यादव स्त्री 53 किग्रा भारोत्तोलन रजत 6 बिंदियारानी देवी स्त्री 58 किग्रा भारोत्तोलन कांस्य 7 शर्मिला धांकर स्त्री शॉट पुट F57 पैरा एथलेटिक्स स्वर्ण 8 सर्वेश कुशारे पुरुष हाई जंप एथलेटिक्स रजत 9 शिल्पा के. शैला स्त्री शॉट पुट F57 पैरा एथलेटिक्स कांस्य 10 वल्लूरी अजय बाबू पुरुष 79 किग्रा भारोत्तोलन रजत 11 हरजिंदर कौर स्त्री 69 किग्रा भारोत्तोलन रजत 12 गुलवीर सिंह पुरुष 10000 मीटर एथलेटिक्स रजत 13 मुरली श्रीशंकर पुरुष लंबी कूद एथलेटिक्स रजत 14 दिलीप गावित पुरुष 100 मीटर T47 पैरा एथलेटिक्स स्वर्ण 15 मोहम्मद बासिल पुरुष 100 मीटर T47 पैरा एथलेटिक्स रजत 16 लवप्रीत सिंह पुरुष +110 किग्रा भारोत्तोलन रजत 17 सीमा कालीरमना स्त्री डिस्कस थ्रो एथलेटिक्स कांस्य 18 अस्मिता डे स्त्री -48 किग्रा जूडो स्वर्ण 19 हर्ष सिंह पुरुष -60 किग्रा जूडो स्वर्ण 20 यामिनी मौर्या स्त्री -57 किग्रा जूडो रजत 21 तेजस्विन शंकर पुरुष डेकाथलॉन एथलेटिक्स कांस्य 22 यश वीर सिंह पुरुष भाला फेंक एथलेटिक्स कांस्य 23 नीरज चोपड़ा पुरुष भाला फेंक एथलेटिक्स रजत 24 प्रीति पवार स्त्री 54 किग्रा बॉक्सिंग स्वर्ण 25 प्रवीण चित्रवेल पुरुष ट्रिपल जंप एथलेटिक्स रजत 26 सेल्वा प्रभु पुरुष ट्रिपल जंप एथलेटिक्स कांस्य 27 जैस्मिन लांबोरिया स्त्री 57 किग्रा बॉक्सिंग स्वर्ण 28 जदुमणि सिंह पुरुष 55 किग्रा बॉक्सिंग रजत 29 शुभम जुयाल पुरुष शॉट पुट F57 पैरा एथलेटिक्स रजत 30 सोमन राणा पुरुष शॉट पुट F57 पैरा एथलेटिक्स स्वर्ण 31 उन्नति शर्मा स्त्री -63 किग्रा जूडो कांस्य 32 साक्षी चौधरी स्त्री 51 किग्रा बॉक्सिंग स्वर्ण 33 प्रिया घंघास स्त्री 60 किग्रा बॉक्सिंग स्वर्ण 34 अरुंधति चौधरी स्त्री 70 किग्रा बॉक्सिंग स्वर्ण 35 लवलीना बोरगोहेन स्त्री 75 किग्रा बॉक्सिंग रजत 36 सचिन सिवाच पुरुष 60 किग्रा बॉक्सिंग स्वर्ण 37 अंकुश पंघाल पुरुष 80 किग्रा बॉक्सिंग स्वर्ण 38 नरेंद्र बरवाल पुरुष +90 किग्रा बॉक्सिंग रजत 39 गुलवीर सिंह पुरुष 5000 मीटर एथलेटिक्स कांस्य बॉक्सिंग में हिंदुस्तान का ऐतिहासिक प्रदर्शन ग्लासगो गेम्स में हिंदुस्तानीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते और खूब सुर्खियां बटोरीं. यह बॉक्सिंग में हिंदुस्तान का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन था, जिसमें रिकॉर्ड सात स्वर्ण और तीन रजत पदक शामिल रहे. ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने भी स्त्रीओं के 75 किलोग्राम भारवर्ग में बेहतरीन स्पोर्ट्स दिखाते हुए रजत पदक जीता, जो हिंदुस्तानीय मुक्केबाजी अभियान की एक बहुत बड़ी उपलब्धि रही. पैरा पावरलिफ्टिंग में झंडू कुमार ने खोला हिंदुस्तान का खाता पैरा पावरलिफ्टिंग में झंडू कुमार ने हिंदुस्तान को ग्लासगो 2026 के पदक तालिका में जगह दिलाई. उन्होंने कांस्य पदक जीतकर हिंदुस्तानीय दल का खाता खोला और देश को शुरुआती सफलता दिलाई. मीराबाई चानू तीसरी बार बनीं चैंपियन वेटलिफ्टिंग (भारोत्तोलन) के स्पोर्ट्स में हिंदुस्तान की मशहूर खिलाड़ी मीराबाई चानू ने एक बार फिर कमाल कर दिखाया है. उन्होंने ग्लासगो में हिंदुस्तान को पहला स्वर्ण (गोल्ड) पदक दिलाया है. इसके साथ ही, उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार चैंपियन बनने का बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. इससे पहले, पुरुष खिलाड़ियों में वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह ने 60 किलोग्राम भार वर्ग में रजत (सिल्वर) पदक जीतकर इतिहास रच दिया. उन्होंने स्नैच राउंड में नया गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया. खास बात यह है कि वह ग्लासगो 2026 में पदक जीतने वाले पहले सामान्य (सक्षम) हिंदुस्तानीय खिलाड़ी बने हैं. जूडो में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने रचा नया अध्याय जूडो में हिंदुस्तान को ऐतिहासिक सफलता मिली. अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स इतिहास में जूडो में हिंदुस्तान का पहला स्वर्ण पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया. इसके कुछ ही समय बाद हर्ष सिंह ने भी स्वर्ण पदक जीतकर हिंदुस्तानीय जूडो अभियान को और मजबूत किया. CWG 2026: स्पोर्ट्स के अनुसार हिंदुस्तान की पदक तालिका स्पोर्ट्स (Sport) स्वर्ण (Gold) रजत (Silver) कांस्य (Bronze) कुल (Total) एथलेटिक्स 0 5 5 10 पैरा एथलेटिक्स 3 2 1 6 जूडो 2 1 1 4 भारोत्तोलन (Weightlifting) 1 6 1 8 पैरा पावरलिफ्टिंग 0 0 1 1 मुक्केबाजी / बॉक्सिंग 7 3 0 10 कुल 13 17 9 39 एथलेटिक्स में तेजस्विनी और गुलवीर ने बनाया रिकॉर्ड एथलेटिक्स में भी हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों ने यादगार प्रदर्शन किया. तेजस्विनी शंकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स में डेकाथलॉन पदक जीतने वाले पहले हिंदुस्तानीय एथलीट बनकर इतिहास रच दिया. उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया. वहीं गुलवीर सिंह ने एथलेटिक्स में हिंदुस्तान के लिए अनोखी उपलब्धि दर्ज की. उन्होंने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत और 5,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता. वह कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही संस्करण में एथलेटिक्स में दो पदक जीतने वाले पहले हिंदुस्तानीय बने. हिंदुस्तान की नजर अब पदकों की संख्या बढ़ाने पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों ने कई स्पोर्ट्सों में अपनी क्षमता साबित की है. रिकॉर्ड प्रदर्शन करने वाले मुक्केबाजों से लेकर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करने वाले जूडो और एथलेटिक्स खिलाड़ियों तक, हिंदुस्तान का अभियान अब तक बेहद प्रभावशाली रहा है. 39 पदकों के साथ हिंदुस्तान पदक तालिका में मजबूत स्थिति में है और प्रतियोगिता के अंतिम चरण में देश को कुछ और पदकों की उम्मीद है. इसे भी पढ़े- 130 Kmph का तेज गेंदबाज कैसे बना जैवलिन चैंपियन? रुमेश थरंगा के करियर की हैरान कर देने वाली कहानी The post CWG 2026 India Medal List: कॉमनवेल्थ गेम्स में हिंदुस्तान ने जीते कितने मेडल? देखें पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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ट्रंप ने टाला ईरान पर हमला, कहा- खाड़ी देशों के कहने पर रोकी सैन्य कार्रवाई

Iran US Conflict: ईरान पर अमेरिका ने फिलहाल हमला टाल दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान और मिडिल ईस्ट मध्य पूर्व के कुछ देशों की आग्रह पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को रोकने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष एक संभावित समझौते पर सहमत हो गए हैं और यदि जल्द अंतिम समझौता हो जाता है तो हमले की जरूरत नहीं पड़ेगी. ट्रंप ने समझौते की प्रमुख शर्तें बताईं ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि प्रस्तावित समझौते में दो अहम बिंदु शामिल हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और पूरी तरह खोला जाएगा. ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े खतरे को समाप्त किया जाएगा. अमेरिका, ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है. हमारी सैन्य ताकत और क्षमता का स्तर ऐसा है जो दूसरे विश्व युद्ध के बाद से कभी नहीं देखा गया. इसके बावजूद, ईरान और मिडिल ईस्ट के दूसरे देशों ने हमसे किसी भी हमले को रोकने के लिए कहा है, क्योंकि एक समझौते की रूपरेखा पर सहमति बन गई है. इस समझौते में होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को तुरंत और पूरी तरह से खोलना और ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करना शामिल होगा. इस अनुरोध को मानते हुए, मैंने दुनिया के भविष्य के फायदे और एक सफल और समृद्ध ईरान के अस्तित्व के लिए हमले को रद्द करने का फैसला किया है, बशर्ते कि जल्द ही कोई समझौता हो सके. इज़राइल भी इस प्रतिबद्धता में मेरे साथ है. सभी लोग काम पर लग जाएं और इसे पूरा करें- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप Iran US Conflict बोले ट्रंप- समझौता हुआ तो हमला नहीं होगा ट्रंप ने कहा कि ईरान और क्षेत्र के अन्य देशों ने अमेरिका से सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की थी. उन्होंने आगे कहा कि विश्व की स्थिरता और समृद्ध ईरान के हित में उन्होंने हमले को रद्द करने पर सहमति दी है, लेकिन यह तभी संभव होगा जब समझौता जल्द पूरा हो जाए. इजरायल के समर्थन का भी किया दावा ट्रंप ने दावा किया कि इजरायल भी इस समझौते को अंतिम रूप देने के प्रयासों में अमेरिका का साथ देने को तैयार है. उनका कहना है कि इससे पिछले पांच महीनों से जारी संघर्ष को समाप्त करने का रास्ता खुल सकता है. हालांकि, इस मुद्दे पर इजरायल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ईरान ने दी कड़ी चेतावनी दूसरी ओर, ईरान ने साफ कहा है कि यदि अमेरिका ने नए हमले किए तो उसका जवाब भी सख्त होगा. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत के दौरान कहा कि ईरान किसी भी आक्रामक कार्रवाई का निर्णायक जवाब देगा. ईरान किसी भी आक्रामकता का निर्णायक जवाब देगा और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ाने वाली किसी भी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेगा- ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास जारी अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच दोनों पक्षों की ओर से कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं. अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रस्तावित समझौता कब और किन शर्तों के साथ अंतिम रूप लेता है. Also Read: अमेरिका के इडाहो में फास्ट-फूड आउटलेट पर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत, हमलावर भी ढेर The post ट्रंप ने टाला ईरान पर हमला, कहा- खाड़ी देशों के कहने पर रोकी सैन्य कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

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त्योहारी सीजन से पहले कंपनियां बढ़ाएंगी दाम! टूथपेस्ट से लेकर पेंट और टायर तक हो सकते हैं महंगे

त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले आम लोगों की जेब पर एक और दबाव बढ़ सकता है. देश की कई बड़ी कंज्यूमर कंपनियां आने वाले महीनों में अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह कच्चे माल और फ्यूल की बढ़ती लागत है. कंपनियों का कहना है कि लंबे समय से बढ़ रही लागत की वजह से अब कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया है. इसका असर टूथपेस्ट, डिटर्जेंट, नमक, चाय, पेंट, टायर और दूसरे रोजमर्रा के सामान पर देखने को मिल सकता है. किन कंपनियों ने बढ़ाए या बढ़ाने के दिए संकेत? कई कंपनियों ने अपनी तिमाही नतीजों के दौरान कीमतें बढ़ाने की जानकारी दी है. कंपनी अब तक की बढ़ोतरी आगे का प्लान एशियन पेंट्स करीब 7% दाम बढ़ाए दूसरी तिमाही से 8-9% तक प्राइस ग्रोथ की उम्मीद हिंदुस्तान यूनिलीवर औसतन 5% बढ़ोतरी होम केयर समेत कई प्रोडक्ट्स में और बढ़ोतरी संभव टाटा कंज्यूमर नमक में करीब 7% बढ़ोतरी, चाय भी महंगी लागत बढ़ी तो और कीमतें बढ़ सकती हैं डाबर इंडिया करीब 4% बढ़ोतरी जरूरत पड़ने पर दूसरी बार भी दाम बढ़ाए जा सकते हैं सीट जून में मजबूत प्राइस हाइक जुलाई-अगस्त तक बढ़ोतरी जारी रखने की योजना इसके अलावा डोडला डेयरी और हैवेल्स जैसी कंपनियों ने भी कीमतें बढ़ाने की बात कही है. हैवेल्स ने कुछ प्रोडक्ट्स के दाम 8% तक बढ़ा दिए हैं. आखिर दाम क्यों बढ़ रहे हैं? कंपनियों का कहना है कि पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी तनाव की वजह से कच्चे तेल और उससे जुड़े कच्चे माल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. इससे मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ गई है. हिंदुस्तान यूनिलीवर के मुख्य वित्त अधिकारी निरंजन गुप्ता ने कहा कि क्रूड से जुड़े इनपुट महंगे होने के कारण कंपनी अलग-अलग कैटेगरी में संतुलित तरीके से कीमतें बढ़ा रही है. ग्राहकों पर कितना असर पड़ सकता है? अगस्त से नवंबर तक का समय कंपनियों के लिए सबसे अहम बिक्री सीजन माना जाता है. खासकर दिवाली के दौरान कई कंपनियों की सालाना बिक्री का बड़ा हिस्सा आता है. ऐसे में कंपनियों को उम्मीद है कि मजबूत मांग के बीच बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों तक पहुंचाया जा सकेगा. हालांकि अब यह भी देखने वाली बात होगी कि कीमतें बढ़ने के बाद खरीदारी पर कितना असर पड़ता है. महंगाई और RBI की नजर किस पर है? जून में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) करीब डेढ़ साल बाद पहली बार हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4% लक्ष्य से ऊपर पहुंच गई. हालांकि यह अभी भी RBI के 2% से 6% के दायरे में है. केंद्रीय बैंक का अनुमान है कि मार्च 2027 तक खत्म होने वाले वित्त वर्ष में औसत महंगाई 5.1% रह सकती है. वित्त मंत्रालय ने भी चेतावनी दी है कि अब महंगाई सिर्फ खाने-पीने की चीजों तक सीमित नहीं है. वैश्विक ईंधन कीमतें और मौसम से जुड़ी चुनौतियां दूसरे कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की कीमतों पर भी असर डाल रही हैं. फिलहाल कंपनियों का कहना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में मांग बनी हुई है. जून में रिटेल बिक्री भी पिछले साल के मुकाबले 6% बढ़ी. लेकिन अगर आने वाले महीनों में मानसून उम्मीद से कमजोर रहता है और लागत ऊंची बनी रहती है, तो आम लोगों को रोजमर्रा के खर्च में और बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है. ये भी पढ़ें: पटना में 75 पैसे सस्ता हुआ पेट्रोल, नोएडा में बढ़े दाम, जानें 2 अगस्त के ताजा रेट The post त्योहारी सीजन से पहले कंपनियां बढ़ाएंगी दाम! टूथपेस्ट से लेकर पेंट और टायर तक हो सकते हैं महंगे appeared first on Naya Vichar.

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